एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन-अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना के नये केसों में इजाफे के साथ ही भारत में भी महामारी को लेकर फिर अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कोरोना के हालात की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। बताया गया है कि यह बैठक दोपहर बाद होगी।
आंकड़ों के मुताबिक, भारत में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.80 प्रतिशत है। देश में अभी तक कुल 4,41,42,432 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है। स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 220.03 खुराक दी जा चुकी हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में संक्रमण से एक और मरीज की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 5,30,681 हो गयी है। कोरोना वायरस संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 3,402 रह गयी है, जो कुल मामलों का 0.01 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में छह मामलों की कमी दर्ज की गयी है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन 8,533.89 करोड़ का द्वितीय अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित हो गया। जब वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव वाद-विवाद पर सरकार की ओर से जवाब देने के लिए खड़े हुए तो मुख्य विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने सदन से वॉक आउट कर दिया। वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि सरकार अपने वित्तीय प्रबंधन से अतिरिक्त राशि की व्यवस्था करेगी। इसका राजकोष पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
वित्त मंत्री ने अनुपूरक बजट लाने की वजह भी बतायी। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने गरीबों को 100 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया है। इसके लिए 2,737 करोड़ का उपबंध किया गया है। इसके अलावा साबित्री बाई फुले योजना, आंगनबाड़ी सेविकाओं के मानदेय में हुए इजाफे, बिजली आपूर्ति के बकाये भुगतान के लिए राशि की जरूरत है। उन्होंने विभागवार राशि का ब्यौरा दिया। वित्त मंत्री ने कहा कि प्री-मैट्रिक छात्रवृति के लिए 250 करोड़ और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति के लिए 205 करोड़ का उपबंध किया गया है।
अनुपूरक बजट पर वाद-विवाद के दौरान बजट की जरूरत पर चर्चा से ज्यादा अन्य राजनीतिक मुद्दों पर जमकर खींचतान हुई। भाजपा विधायक भानू प्रताप शाही ने हाई कोर्ट में नियोजन नीति रद्द होने का मामला उठाया। उन्होंने पूछा कि अब सरकार किस नीति को तहत नियोजन देगी। उन्होंने कहा कि 23 मार्च को सदन में खुद मुख्यमंत्री ने कहा था कि खतियान आधारित स्थानीय नीति कोर्ट में रद्द हो जायेगी। लेकिन, जैसे ही ईडी का नोटिस आया तो उन्हें 1932 याद आ गया। सरकार की मंशा ठीक होती तो उस विधेयक पर चर्चा होती। सरकार ने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया।
वहीं, झामुमो विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि नियोजन नीति को रद्द कराने में बाहरियों ने साजिश रची। सीपी सिंह ने कहा कि अभी तक मूल बजट की 40 प्रतिशत राशि भी खर्च नहीं हुई है। उन्होंने ग्रीन कार्ड होल्डर को चार माह से राशन नहीं मिलने का मामला उठाया। प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार ने गरीबों के लिए 100 यूनिट मुफ्त बिजली का प्रावधान किया है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में मीटर नहीं लगने के कारण इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है। वाद विवाद में नेहा शिल्पी तिर्की और अमित यादव ने भी अपना पक्ष रखा। जवाब में वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि वह जानते हैं कि खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी होती है।
दूसरी तरफ इसको लेकर कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने गढ़वा, रांची, जमशेदपुर, गिरिडीह समेत अन्य जिलों में हुई कार्रवाई का जिक्र किया। वित्त मंत्री ने कहा कि हरा कार्ड पर अनाज नहीं मिल रहा है। यह बिल्कुल सही बात है। इसकी वजह यह है कि एफसीआई से अपने दर पर चावल मांगा गया था। अब टेंडर करके अलग से चावल खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्डधारियों को उनके हिस्से का बकाया चावल भी मुहैया कराया जायेगा।
शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही दिनभर चलती रही। हंगामा के बाबजूद सदन में सभी विधायी कार्य निपटाने में विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो सफल रहे। इन सबके बीच भोजनावकाश के बाद सदन में अनुपूरक बजट पास किया गया। स्पीकर रविंद्र नाथ महतो ने सदन की कार्यवाही पिछली दो दिनों की अपेक्षा आज अच्छे ढंग से चलाने पर खुशी जताई है। मीडिया कर्मियों से बात करते हुए स्पीकर ने कहा की उम्मीद करते हैं कि सदन की कार्यवाही ऐसे ही आगे भी चलता रहेगी। इधर, वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने अनुपूरक बजट पास होने पर खुशी जताते हुए कहा कि यह विधायी प्रावधान है और वार्षिक बजट के अलावा यदि कोई वित्तीय आवश्यकता होती है तो सरकार सप्लीमेंट्री बजट सदन में लाती है। इसी के तहत यह लाया गया है। विपक्ष के द्वारा उठाए जा रहे सवाल पर रामेश्वर उरांव ने जवाब देते हुए कहा कि यह हर सरकार में परंपरा रही है इसलिए इस पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में वर्तमान राज्य सरकार के 03 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 दिसंबर 2022 को आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान राज्य सरकार के 03 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष में आगामी 29 दिसंबर को आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को डीबीटी के माध्यम से लाभ पहुंचाया जाना सुनिश्चित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि झारखंड के भूमिहीन तथा सूखाग्रस्त प्रभावित 10 लाख किसान परिवारों को सूखा राहत राशि का लाभ, प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत स्कूलों में अध्ययनरत 25 लाख छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति की राशि का लाभ तथा सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से आच्छादित 5 लाख 60 हजार बच्चियों को सहायता राशि का लाभ डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचाया जायेगा। उक्त अवसर पर 1200 करोड़ रुपये राशि का वितरण किया जाना सुनिश्चित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राज्य के सभी वर्ग समुदाय के लोगों को उनका हक-अधिकार देने का काम कर रही है। राज्य गठन के बाद से ही हमारी सरकार ने झारखंडवासियों के सभी समस्याओं के निदान का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में पहली बार "आपके-अधिकार-आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम संचालित की गई है। इन कार्यक्रमों का मकसद ही यही है कि आदिवासी, दलित, शोषित, वंचित सहित सभी वर्गों को उनका हक-अधिकार उनके गांव-घर में ही उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जा सके।
लाभुकों का रजिस्ट्रेशन, वेरीफिकेशन एवं तकनीकी पहलुओं की पूर्ण तैयारी सुनिश्चित करें : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों निर्देशित किया कि सूखा राहत योजना, सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना एवं प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के लाभुकों को डीबीटी के माध्यम से राशि का हस्तांतरण किये जाने हेतु लाभुकों का रजिस्ट्रेशन, वेरीफिकेशन तथा वित्तीय एवं तकनीकी पहलुओं पर सभी आवश्यक तैयारी 26 दिसंबर 2022 तक निश्चित रूप से पूर्ण कर ली जाए ताकि 29 दिसंबर 2022 को राज्य सरकार द्वारा बटन दबाकर डीबीटी के माध्यम से राशि का हस्तांतरण में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो एवं राशि तत्काल लाभुकों के खाता में अंतरित हो जाये।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग द्वारा उक्त अवसर पर शुभारंभ किए जाने वाले "प्रगति पोर्टल" से संबंधित सभी आवश्यक तैयारी ससमय पूर्ण कर ली जाये। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि 29 दिसंबर को स्पोर्ट्स इंटीग्रेटेड पोर्टल का शुभारंभ किया जाना है। इस पोर्टल के शुभारंभ होने से राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को राज्य सरकार की खेल नीति का पूरा लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पोर्ट्स इंटीग्रेटेड पोर्टल की व्यवस्था एवं उसकी तकनीकी बारीकियों की पूरी जांच सुनिश्चित कर लें ताकि पोर्टल शुभारंभ होने के बाद साइट में किसी तरह की असुविधा खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों को न हो।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उक्त अवसर पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग अंतर्गत कई मॉडल स्कूल आॅफ एक्सीलेंस का उद्घाटन राज्य सरकार द्वारा किया जाना सुनिश्चित किया गया है इस निमित्त आवश्यक तैयारी ससमय पूर्ण कर ली जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉन्चिंग आॅफ पोर्टल फॉर मॉनिटरिंग इंफ्रा प्रोजेक्ट्स का भी पूर्ण तैयारी रखें।
झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) में आयोजित होगा मुख्य समारोह : बैठक में मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य सरकार के 03 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में दिनांक 29 दिसंबर 2022 को झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) स्थित नये सभागार में आयोजित मुख्य समारोह के सफलतापूर्वक आयोजन हेतु एक आयोजन-सह-समन्वय समिति का गठन की जाये। उक्त समिति द्वारा मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम, डायस प्लान, आमंत्रित महानुभावों की सूची सहित कार्यक्रम के आयोजन हेतु सभी बिंदुओं पर आवश्यक तैयारी ससमय सुनिश्चित की जायेगी। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि इस अवसर पर राज्य के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे तथा सभी जिले आॅनलाइन माध्यम से मुख्य समारोह से जुड़े रहेंगे।
बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, आपदा प्रबंधन-सह-योजना विभाग के सचिव अमिताभ कौशल, कृषि विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव के रवि कुमार, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव के श्रीनिवासन, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग के सचिव विप्रा भाल सहित संबंधित विभाग के निदेशक एवं अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की वर्तमान महागठबंधन सरकार के तीन साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की।
टीम एबीएन, हजारीबाग। माननीय सांसद हजारीबाग सह अध्यक्ष वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति श्री जयंत सिन्हा जी हजारीबाग संसदीय क्षेत्र में रेल सेवाओं को बढ़ावा देने हेतु सदैव प्रयासरत रहे हैं। वे समय-समय पर माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी से मुलाकात कर हजारीबाग से जुड़े रेल कार्यों पर उनका ध्यान आकृष्ट करवाते रहते हैं। उनका प्रयास क्षेत्रवासियों को रेल संबंधी हर बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाना है।
हम सभी अवगत हैं कि रांची-कोडरमा रेलखंड का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। जयंत सिन्हा लगातार इस परियोजना से जुड़े हुए हैं और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। कल इस रेलखंड के सांकी-सिधवार सेक्शन का स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अब इस रूट पर किसी भी ट्रेन का संचालन हो सकेगा। रांची-कोडरमा रेलखंड शुरू होने से हजारीबाग व रामगढ़ समेत आसपास के जिलों के लाखों लोग लाभान्वित होंगे।
श्री सिन्हा ने आज माननीय रेल मंत्री जी से मुलाकात कर इस परियोजना पर विस्तृत चर्चा की व उन्हें इसके उद्घाटन के लिए निमंत्रण दिया। उन्होंने कुछ समय पूर्व भी रेल मंत्री जी से मुलाकात कर उन्हें हजारीबाग व रामगढ़ वासियों की ओर से रांची-कोडरमा रेलखंड का हजारीबाग, झारखंड पधारकर उद्घाटन करने हेतु आमंत्रण दिया था। श्री सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में 2019 में हजारीबाग टाउन रेलवे स्टेशन पर कोच अनुरक्षण डिपो को स्वीकृति दिलवाई थी। इसके फर्स्ट फेज के लिए टेंडर निकल गए हैं। अगले 18 महीने में यह काम पूरा होगा। इसके निर्माण से हजारीबाग से लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन आसान होगा।
सांसद ने कहा कि रांची-कोडरमा रेलखंड के निर्माण से बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार का सृजन होगा। अब रांची से बरकाकाना का सफर 1 घंटे में पूरा होगा और पटना जाने में 60 किमी की दूरी भी कम होगी। हजारीबाग व रामगढ़ समेत आसपास के जिलों के यात्रियों को सुविधा व राहत मिलने वाली है। हजारीबाग लोकसभा में हम रेल सेवाओं को निरंतर बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों की ओर से इस कार्य हेतु प्रधानमंत्री जी व रेल मंत्री जी को धन्यवाद दिया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और उपराष्ट्रपि जगदीप धखड़ के साथ दोपहर का भोजन किया। इस दौरान उन्हें बाजरे के व्यंजन परोसे गए। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स से लिखा है, साल 2023 को हम अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष के रूप में चिह्नित करने की तैयारी कर रहे हैं। हमें संसद में दोपहर के भोजन में बाजरे के व्यंजन परोसे गये। इसमें पार्टी लाइन से हटकर सभी की भागीदारी देखकर अच्छा लगा।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री करीब चालीस मिनट तक रहे। भोजन करने के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी के साथ कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा बैठे थे। कृषि राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि हमने ज्वार बाजरा और रागी से बनी रोटी और मिठाई सहित व्यंजन तैयार किए, जिसके लिए विशेष रूप से कर्नाटक से शेफ लाए गए थे। मुझे खुशी हुई कि प्रधानमंत्री ने वास्तव में यहां अपने भोजन का आनंद लिया। आज जो व्यंजन बनाए गए, उनमें बाजरा से बनी खिचड़ी, रागी डोसा, रागी रोटी, ज्वार की रोटी, हल्दी की सब्जी, बाजरा, चूरमा शामिल थे। मीठे व्यंजनों में बाजरा खीर, बाजरा केक आदि शामिल थे। इससे पहले मंगलवार को भाजपा संसदीय दल की बैठक के दौरान भी प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष 2023 मनाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने बाजरे से चल रहे पोषण अभइयान को बढ़ावा देने के तरीके भी सुझाये।
प्रधानमंत्री मोदी की पहल संयुक्त राष्ट्र ने अगले साल 2023 को अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष घोषित किया है। भारत सरकार ने अप्रैल 2018 में बाजरा को पोषक अनाज के रूप में अधिसूचित किया था। सरकार ने पोषण मिशन अभियान में बाजरा को शामिल किया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएमएस) के तहत 14 राज्यों के 212 जिलों में बाजरा को पोष्टिक अनाज के रूप में लागू किया जा रहा है। एशिया और अफ्रीका बाजरा फसलों के प्रमुख उत्पादन और खपत केंद्र हैं। भारत, नाइजर, सूडान और नाइजीरिया बाजरा के प्रमुख उत्पादक देश हैं।
भाजपा बाजरा का प्रमुख उत्पादक देश है। देश के अधिकांश राज्यों में एक या उससे अधिक बाजरा की फसल की प्रजातियां उगाई जाती हैं, जिनमें ज्वार, बाजरा, रागी, छोटे बाजरा के साथ कंगनी, कुटकी या छोटा बाजरा, कोडोन, गंगोरा, ब्राउन टॉप शामिल हैं। बीते पांच वर्षों के दौरान देश ने 2020-21 में सबसे अधिक18 मिलियन टन बाजरा का उत्पादन किया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन पक्ष और विपक्ष का जोरदार हंगामा देखने को मिला। हंगामे के बीच राज्य सरकार ने तीन विधेयक वापस लिये। जिसमें 9 सितंबर 2021 को सभा द्वारा पारित झारखंड वित्त विधेयक 2021, 24 मार्च 2022 को सभा द्वारा पारित झारखंड राज्य कृषि उपज और पशुधन विपणन (संवर्धन और सुविधा) विधेयक 2022 और 3 अगस्त 2022 को सभा द्वारा पारित झारखंड कराधान अधिनियमों की बकाया राशि का समाधान विधेयक 2022 शामिल है। गौरतलब है कि इन विधेयकों को कतिपय त्रुटियों के कारण राज्यपाल ने वापस कर दिया था।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस से राजभवन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में 40 सदस्य सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। बताते चलें कि फिलहाल झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र भी चल रहा है। इसी दौरान सभी विधायक इकट्ठा हुए थे।
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