एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है। वहां के अस्पतालों से आ रही तस्वीरें पड़ोसी देशों की भी टेंशन बढ़ा रही हैं। सरकार की एक टॉप अथॉरिटी ने जो आंकड़े पेश किए हैं वे चौंकाने वाले हैं। अथॉरिटी के अनुसार चीन के सरकारी आंकड़ों में संक्रमित मरीजों की संख्या छिपाई जा रही है।
अथॉरिटी ने आशंका जताई है कि एक दिन में तीन करोड़ से अधिक मामले सामने आए हों। दुनिया में यह आंकड़ा एक दिन में सर्वाधिक है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सचिवों (स्वास्थ्य) को 27 दिसंबर को देश भर में सभी स्वास्थ्य सुविधाओं (चिन्हित उडश्कऊ-समर्पित स्वास्थ्य सुविधाओं सहित) में मॉक ड्रिल आयोजित करने के संबंध में पत्र लिखा है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है। शनिवार को स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि चीन, जापान, हांगकांग, बैंकॉक और दक्षिण कोरिया से भारत आने वाले लोगों का कोरोना टेस्ट अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा, इसको लेकर जल्द ही विस्तृत आदेश जारी किया जायेगा।
चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, हांगकांग और थाईलैंड से आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए विमानन मंत्रालय का एक आदेश जारी हुआ है। इसके तहत वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति घोषित करने के लिए एयर सुविधा फॉर्म भरना अनिवार्य कर दिया गया है।
टीम एबीएन, रांची। 19 दिसंबर को विपक्ष के हंगामे साथ शुरू हुई झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही 23 दिसंबर को सौहार्दपूर्ण माहौल में अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गयी। सेकंड सेशन में कुल 37 गैर सरकारी संकल्पों पर सवाल-जवाब के बीच भाजपा विधायक अनंत ओझा के अभिस्ताव को वोटिंग करा कर अस्वीकृत कर दिया है।
दरअसल, भाजपा विधायक अनंत ओझा ने सवाल उठाया था कि संथाल परगना के साहिबगंज, पाकुड़, गोड्डा, दुमका और जामताड़ा जिला में बांग्लादेशी घुसपैठ के कारण डेमोग्राफी बदल रही है। इसलिए संथाल में एनआरसी कराने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा जाना चाहिए। जवाब में संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि गोड्डा को छोड़कर संथाल के सभी जिले पश्चिम बंगाल से जुड़े हैं। संथाल का कोई भी जिला बांग्लादेश की सीमा से नहीं लगता है।
कांग्रेस की दीपिका पांडे और प्रदीप यादव ने भी इसपर सवाल खड़े किये और कहा कि भाजपा के लोग तनाव पैदा करने वाले सवाल उठाते हैं। हालांकि प्रभारी मंत्री ने कहा कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए साहिबगंज में एक टीम भी है। उन्होंने कहा कि अगर कोई बांग्लादेशी घुसपैठ है तो उसकी जानकारी दी जाये। इस मसले पर सदन में काफी हो हल्ला हुआ। जब अनंत ओझा ने अभिस्ताव वापस नहीं लिया तो स्पीकर ने वोटिंग करवाकर उसे अस्वीकृत कराया।
गैर सरकारी संकल्प के तहत आजसू विधायक लंबोदर महतो ने कुड़मी जाति को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने की मांग की। जबकि भाजपा विधायक मनीष जयसवाल ने हजारीबाग में प्रस्तावित हवाई अड्डा के लिए लंबे समय से जमीन चिह्नित नहीं होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इस हवाई अड्डा के लिए केंद्र सरकार की तरफ से 36 करोड़ रु स्वीकृत किए जा चुके हैं। हवाई अड्डा को साल 2024 तक बनाने का लक्ष्य है। जवाब में संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि जमीन चिन्हित करने के लिए जिला को आदेश चला गया है। इसके लिए 310 एकड़ जमीन की जरूरत है। मनीष जायसवाल ने कहा कि अगर कमेटी बना दी जाएगी तो जमीन चिह्नित करने में सुविधा होगी। प्रभारी मंत्री ने कहा कि इस दिशा में 31 मार्च तक काम पूरा करने की कोशिश की जायेगी।
भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने घरों में काम करने वाली कामगारों के हित का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि घरेलू कामगारों को कई यातनाएं झेलनी पड़ती है। कई बार यौन शोषण के मामले भी सामने आते हैं। उनके लिए एक राज्यस्तरीय कानून बनाया जाना चाहिए। जवाब में मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि ऐसे मामलों के लिए हेल्पलाइन की व्यवस्था है। हमारे राज्य में श्रम न्यायालय भी है। उन्होंने कहा कि कानून को लेकर विचार किया जायेगा।
बोकारो से भाजपा विधायक बिरंची नारायण ने हवाई अड्डा के संचालन में आ रही बाधा का मामला उठाया। इस पर संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि वह खुद बोकारो में आकर व्यवस्था का जायजा लेंगे। सुदेश महतो ने राज्य में जातीय जनगणना कराने की मांग की। उनके प्रश्नों को लंबोदर महतो ने उठाया। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य बिहार में सर्वदलीय बैठक कर सभी जाति और धर्म के लोगों की गिनती कराने की सहमति बनी है। इसका खर्च भी वहां कि राज्य सरकार वहन करेगी। झारखंड में जाति जनगणना न होने से लोगों के अधिकार सुनिश्चित होंगे। लेकिन जवाब में संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि कोविड महामारी अभी खत्म नहीं हुई और उन्होंने अधिकारियों को विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर चल रहे निगरानी उपायों को मजबूत करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ने आज स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे और रसद की तैयारियों सहित देश में कोविड-19 की स्थिति का आकलन करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपनाये जा रहे निगरानी उपायों को विशेषकर हवाई हड्डों पर मजबूत करें। उन्होंने ट्वीट किया कि कोविड-19 के खिलाफ जन स्वास्थ्य प्रतिक्रिया की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। परीक्षण में तेजी लाने, जीनोम सीक्वेंसिंग और कोविड बुनियादी ढांचे की परिचालन तत्परता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही कोविड के लिए उचित व्यवहार का पालन करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
यह बैठक कुछ देशों में कोविड-19 मामलों में वृद्धि को देखते हुई बुलाई गई। बैठक में टीकाकरण अभियान की स्थिति और नए कोविड-19 प्रकारों के उद्भव और देश के लिए उनके सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभावों का आकलन करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक श्री मोदी ने अधिकारियों से किसी भी तरह की लापरवाही ना बरतने को लेकर आगाह किया और कोरोना मामलों की कड़ी निगरानी की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया कि सभी स्तरों पर उपकरणों, प्रक्रियाओं और मानव संसाधनों के मामले में तैयारी उच्च स्तर की होनी चाहिए। उन्होंने राज्यों को आॅक्सीजन सिलेंडर, पीएसए संयंत्रों, वेंटिलेटर और मानव संसाधन सहित अस्पताल के बुनियादी ढांचे से संबंधित कोविड विशिष्ट सुविधाओं का लेखाजोखा करने की सलाह दी।
उन्होंने यह भी आग्रह किया कि एहतियाती खुराक को विशेष रूप से कमजोर और बुजुर्ग समूहों के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को बताया कि दवाओं, टीकों और अस्पताल के बिस्तरों के संबंध में पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और कीमतों की नियमित निगरानी की सलाह दी। उल्लेखनीय है कि पिछले छह हफ्तों से वैश्विक स्तर पर रोजाना औसतन 5.9 लाख मामले सामने आये हैं।
टीम एबीएन, पलामू/ रांची। जिला उद्यान पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार आज कौवाखोह में स्ट्रोबेरी की खेती का अवलोकन किया। उन्होंने स्ट्रोबेरी के किसानों को खेती को विस्तार देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सरकार के उद्यान विभाग की और से किसानों के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है, जिसका लाभ लेकर किसान आत्मनिर्भर बन अपने घर की स्थिति को सुदृढ़ कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि खेती के कार्य को व्यापार की तरह लेकर किसान अपनी आय को दोगुनी-तीन गुणी कर सकते।
उन्होंने कहा कि उद्यानिकी फसलों में स्ट्रॉबेरी के साथ-साथ मिर्चा, बैगन, बंध गोभी, फूल गोभी, टमाटर, नेनुआ, कद्दू, खीरा आदि सब्जियों की खेती कर किसान अच्छी आमदनी कर सकते हैं। साथ ही कृषि के साथ-साथ किसान पशुपालन, मछली पालन बकरी पालन, मुर्गी पालन इत्यादि कार्यों को खेती के साथ समावेशित कर अपनी आय को अधिक-से- अधिक बढ़ा सकते हैं। उन्होंने किसानों को पारंपरिक खेती से अलग वैकल्पिक खेती करने को लेकर किसानों को प्रेरित किया।
बता दें कि हरिहरगंज के कौवाखोह को में डेढ़ दर्जन से अधिक किसानों द्वारा 50 एकड़ से अधिक की भूमि पर स्ट्रॉबेरी की खेती की जा रही है। इसके साथ-साथ समय-समय पर किसानों द्वारा सब्जियों का उत्पादन कर अच्छी आमदनी किया जा रहा है। उद्यान पदाधिकारी ने किसानों को प्रोत्साहित किया और उद्यान विभाग की ओर से किसानों को मिलने वाली योजनाओं का लाभ भी देने का भरोसा दिया।
टीम एबीएन, रांची। निदेशक पर्यटन, श्रीमती अंजलि यादव (भाप्रसे) की अध्यक्षता में आज होटल बिरसा विहार में झारखण्ड पर्यटन विभाग की झारखंड पर्यटक व्यापार पंजीकरण नियम के अंतिम प्रारूप को तैयार करने हेतु समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में निदेशक पर्यटन ने वहां उपस्थित राज्य के सभी स्टेक धारक, ट्रैवल एजेंट, एफजेसीसीआई अध्यक्ष, यात्रा और व्यापार उद्योग के स्टकेधारक, परिवहन सेवा प्रदाता, होटल व्यवसाइयों को पर्यटन क्षेत्र से संबधित सभी आवश्यक निर्देश दिये। निदेशक पर्यटन ने कहा कि विभाग राज्य में पर्यावरण पर्यटन के क्षेत्र में कई सार्थक पहल शुरू करने जा रहा है, जिसमें राज्य के बहुत से पर्यटन स्थल शामिल होंगे।
पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की सहजता के लिए आवासीय सुविधाओं को सुगम स्वरुप दिया जायेगा। बैठक में राज्य के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की सहभागिता देखने को मिली। झारखण्ड प्रदेश में साहसिक पर्यटन के बढ़ावे पर चर्चा हुई, जिसमें अधिकांश भूमि स्थलों वाले पर्यटन स्थलों को शामिल किया जायेगा। पंजीकरण नियम विनियमन पर बैठक में आये सभी सदस्यों से उनका मत लिया गया जो कि, भविष्य में विभाग के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। बैठक में पर्यटन विभाग की ओर से अवर सचिव श्री संतोष कुमार चौबे उपस्थित थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया दुनिया के कुछ हिस्सों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को लेकर शुक्रवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। मंडाविया ने भारत की तैयारियों पर गुरुवार को राज्यसभा में स्वत: संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि हम लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। चीन और भारत के बीच कोई सीधी उड़ान नहीं है, लेकिन लोग दूसरे रास्तों से आते हैं।
भारत में प्रवेश न करे कोई अज्ञात वैरिएंट : उन्होंने कहा कि ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि वायरस का कोई अज्ञात वैरिएंट भारत में प्रवेश न करे और साथ ही यात्रा करने में कोई बाधा न हो। चीन और कुछ अन्य देशों में कोविड मामलों में वृद्धि देखी गयी है। इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को आत्मसंतुष्टता के प्रति आगाह किया। कड़ी निगरानी का आह्वान किया और निर्देश दिया कि चल रहे निगरानी उपायों, विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर इसे मजबूत किया जाये।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में कोविड के हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। इस बैठक में कोरोना की मौजूदा स्थिति को लेकर चर्चा हुई। पीएम मोदी द्वारा बुलाई गई इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया, नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत नीति आयोग के अधिकारी भी मौजूद रहे। मीटिंग करीब दो घंटे तक चली।
बताते चलें कि ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट बीएफ-07 ने चीन में तबाही मचा रखी है। चीन के अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बता दें कि कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बुधवार को ही विश्वभर में तेजी से बढ़ते कोविड-19 के ताजा मामलों को देखते हुए एक समीक्षा बैठक की थी। इसके बाद उन्होंने लोगों को कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के नियमों का पालन करने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने और टीकाकरण को लगातार जारी रखने की सलाह दी थी।
मांडविया ने अधिकारियों को सजग रहने और निगरानी तंत्र को मजबूत करने का निर्देश भी दिया था। उन्होंने एक ट्वीट में कहा था, कुछ देशों में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर आज विशेषज्ञों और अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। कोविड अभी खत्म नहीं हुआ है। मैंने सभी संबंधित लोगों को सजग रहने और निगरानी बढ़ाने के लिए कहा है। हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। पिछले कुछ दिनों से चीन सहित कई अन्य देशों में कोविड-19 संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने गुरुवार को कहा कि भारत न केवल दुनिया का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक देश बन गया है बल्कि यह चीनी का सबसे बड़ा निर्यातक भी बन गया है। श्री तोमर ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि देश में औसतन सालाना एक लाख 40 हजार करोड़ टन चीनी का उत्पादन होता है।
चीनी उद्योग से करीब पांच करोड़ किसान और पांच करोड़ मजदूर जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि पहले देश में चीनी का उत्पादन महंगा था जिसके कारण इसके निर्यात पर सरकार को सब्सिडी देनी पड़ती थी। इसके लिए 18000 करोड़ रुपये दिये गये थे। अब बड़े पैमाने पर चीनी उत्पादन होने से सब्सिडी देने की जरूरत नहीं रह गयी है। चीनी मिले मुनाफे में आ गयी हैं।
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