एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार ने जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर के सहकारिता सोसाइटी के गठन को बुधवार को स्वीकृति प्रदान कर दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की यहां हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
जैविक उत्पादों के लिए यह सोसाइटी बहुराज्यीय सहकारिता सोसाइटी अधिनियम 2002 के तहत गठित की जायेगी। इसे बढ़ावा देने के लिए वाणिज्य मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, स्वास्थ्य मंत्रालय और सम्बद्ध विभागों का सहयोग लिया जायेगा। इससे सहकारिता क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। पिछले कुछ समय से जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर के सहकारिता सोसाइटी के गठन की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
प्राथमिक कृषि साख सहयोग समिति, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के महासंघ, बहुराज्यीय सहकारिता समितियां और किसान उत्पादक संगठन इसके सदस्य हो सकते हैं। इन सहकारिता समितियों के बोर्ड में निर्वाचित प्रतिनिधि होंगे। सहकारिता समितियां जैविक उत्पादों के विश्वसनीय जैविक उत्पाद होने का प्रमाणपत्र जारी कर सकेंगे। इससे जैविक उत्पादों की मांग को घरेलू और वैश्विक स्तर पर पूरा किया जा सकेगा। इससे अंतत: सहकारिता से जुड़े किसानों को उनके उत्पादों को उचित कीमत मिलने से फायदा होगा।
इस व्यवस्था से उचित कीमत पर वस्तुओं का परीक्षण प्रमाणिकरण तथा बड़े पैमाने पर मार्केटिंग की सुविधा का लाभ मिल सकेगा। इससे किसानों को जैविक उत्पादों के भंडारण, छटाई, ब्रांडिंग, पैकेजिंग तथा कई अन्य कार्यों के लिए संस्थागत सहायता मिल सकेगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अब दूर-दराज बैठे लोग भी अपने पसंदीदा प्रत्याशी को वोट दे सकेंगे। देश के किसी भी हिस्से में रहने वाले मतदाता अपने निर्वाचन क्षेत्र में होने वाले चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग कर पाएंगे। ये सबकुछ संभव हो पायेगा आरवीएम के जरिये। अब आप सोच रहे होंगे कि ये आरवीएम है क्या? ये कैसे काम करेगा और कब से चुनाव आयोग इसे लागू करेगा? इवीएम और आरवीएम में अंतर क्या है? आइये समझते हैं...
आरवीएम का मतलब रिमोट वोटिंग मशीन है। 29 दिसंबर 2022 को चुनाव आयोग ने इसके बारे में मीडिया को बताया था। ये ऐसी मशीन है, जिसकी मदद से प्रवासी नागरिक बिना गृह राज्य आये अपना वोट डाल सकते हैं। आसान शब्दों में समझें तो अगर आप उत्तर प्रदेश के कानपुर में पैदा हुए और आपको किसी कारण केरल या देश के किसी दूसरे राज्य में रहना पड़ रहा है। ऐसे में वोटिंग के समय आमतौर पर आप अपने गृहराज्य नहीं जा पाते हैं। इसके चलते आप वोट भी नहीं डाल पाते। अब आरवीएम ऐसे लोगों को अपने मताधिकार के प्रयोग का मौका देगा। आरवीएम स्टेशन पर निवार्चन क्षेत्रों की जानकारी होगी। जैसे ही निर्वाचन क्षेत्र को चुनेंगे सभी उम्मीदवारों की सूची सामने आ जायेगी। इसके जरिए आप जहां हैं, वहीं से अपने मताधिकार का प्रयोग कर पायेंगे।
चुनाव आयोग ने देश की सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों को रिमोट वोटिंग सिस्टम की लीगल, प्रशासनिक और तकनीकी पहलुओं की जानकारी देने के लिए दिसंबर में ही पत्र लिखा था। आयोग ने 31 जनवरी तक पार्टियों से इस पर फीडबैक भी मांगा है। जल्द ही इसका ट्रायल भी होगा। रिमोट मतदाताओं को एक तय समय में रिमोट वोटिंग के लिए आॅनलाइन या आॅफलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद चुनाव आयोग की टीम रिमोट मतदाताओं से मिली जानकारी को उनके गृह निर्वाचन क्षेत्र में वेरिफाई करवायेगी। इसके बाद रिमोट वोटर्स के लिए मतदान के समय रिमोट वोटिंग सेंटर स्थापित किये जायेंगे।
मतदान केंद्र पर वोट डालने वाले के वोटर आईडीकार्ड को आरवीएम पर मतपत्र प्रदर्शित करने के लिए स्कैन किया जायेगा। इसके बाद मतदाता को आरवीएम पर अपनी पसंद के प्रत्याशी के लिए वोट करने का मौका मिल जायेगा। वोटिंग के बाद वोट रिमोट कंट्रोल यूनिट में राज्य कोड, निर्वाचन क्षेत्र संख्या और उम्मीदवार संख्या के साथ दर्ज किया जायेगा। वीवीपीएटी राज्य और निर्वाचन क्षेत्र कोड के अलावा उम्मीदवार का नाम, प्रतीक और क्रम संख्या जैसे विवरण के साथ पर्ची प्रिंट करेगा। मतगणना के दौरान आरवीएम की रिमोट कंट्रोल यूनिट उम्मीदवारों के क्रम में प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के कुल मतों को पेश करेगी। मतगणना के लिए नतीजे गृह राज्य में रिटर्निंग अधिकारियों के साथ शेयर किए जायेंगे।
टीम एबीएन, साहिबगंज/ रांची। भारत में क्रूज टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 13 जनवरी को दुनिया का सबसे लंबा रिवर क्रूज का पीएम मोदी बनारस से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ये क्रूज 23 जनवरी को साहिबगंज पहुंचेगा। यहां पर्यटक रात्रि विश्राम करेंगे। क्रूज के पर्यटकों के लिए साहिबगंज में सांस्कृत कार्यक्रम आयोजित किये जाने की भी योजना है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पीएम मोदी मध्य प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का शुभारंभ करेंगे। दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन इंदौर के ब्रिलियंट क्नेंशन सेंटर में होगा। पीएम मोदी वर्चुअली इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी अपना संबोधन भी देंगे। शुभारंभ सत्र में सूरीनाम के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी एवं गुयाना के राष्ट्रपति डा. मोहम्मद इरफान अली का संबोधन भी होगा।
प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान भी समिट को संबोधित करेंगे। उनके अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का भी वर्चुअल संबोधन होगा।
11 और 12 जनवरी को होने वाले इस समिट में 84 देशों के 447 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अलावा, इसमें सभी जी-20 के प्रतिनिधि, 5 हजार से ज्यादा उद्योगपति और प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। समिट के पहले दिन दोपहर दो बजे से एग्रीकल्चर, फूड एंड डेयरी प्रोसेसिंग, फार्मास्युटिकल और हेल्थ केयर, नेचुरल गैस एंड पेट्रो केमिकल्स सेक्टर में अवसर, रिन्यूवल एनर्जी विषय पर सत्र आयोजित होंगे। दोपहर तीन बजे से टेक्सटाइल और गारमेंट विषय पर विशेष सत्र भी होगा।
शाम चार से साढ़े 5 बजे तक आईटी, पर्यटन, लॉजिस्टिक एंड वेयर-हाउसिंग, अर्बन एरिया में इंफ्रा-स्ट्रक्चर डेवलपमेंट विषय पर सत्र होंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भू-धंसाव की चपेट में आये जोशीमठ में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आज शुरू होगी। शासन के आदेश के बावजूद मंगलवार को भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू नहीं हो पायी थी। जिला प्रशासन की टीम लाव-लश्कर के साथ भवन तोड़ने पहुंची तो प्रभावित लोग विरोध में उतर आये। ऐसे में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई बुधवार तक के लिए टाल दी गयी। इसे लेकर दिनभर अफरातफरी का माहौल रहा।
जोशीमठ में मंगलवार को होटल माउंट व्यू और मलारी इन को ध्वस्त किया जाना था, लेकिन होटल स्वामियों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि आर्थिक मूल्यांकन नहीं किया गया, साथ ही नोटिस तक नहीं दिये गये। विरोध बढ़ने पर प्रशासन को कदम पीछे खींचने पड़े। हालांकि अधिकारियों का कहना कुछ और ही है। सचिव आपदा प्रबंधन डॉ रंजीत सिन्हा ने कहा कि ऊंचे भवनों को तोड़ने के लिए क्रेन की आवश्यकता है, जो वहां नहीं मिल पाई। इसलिए देहरादून से क्रेन भेजी गयी है, जो बुधवार को वहां पहुंच जायेगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया पहल के तहत कोच उत्पादन की प्रशंसा की और कहा है कि यह 130 करोड़ भारतीयों की आत्मनिर्भर बनने की ताकत और कौशल को दर्शाता है।
रेल मंत्रालय के एक ट्वीट का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय रेल कोच उत्पादन में 91.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, यह एक उत्कृष्ट प्रवृत्ति है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्कृष्ट प्रवृत्ति, 130 करोड़ भारतीयों की ताकत और कौशल के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने का संकल्प दर्शाती है। रेल मंत्रालय ने 2014-15 और 2021-22 के बीच कोच उत्पादन के आंकड़ों का हवाला दिया।
पीएम मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा की अगुवाई वाली सरकार मई 2014 से सत्ता में है। रेल मंत्रालय ने ट्वीट किया, भारतीय रेलवे कोच उत्पादन : मेक इन इंडिया पहल का एक प्रमाण।
टीम एबीएन, रांची। दिल्ली में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में झारखंड सहित 16 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों का चयन हुआ है। झारखंड की झांकी के प्रारूप को चयन प्रक्रिया में पदाधिकारियों द्वारा सराहा गया। नई दिल्ली में 19 जनवरी तक सभी चयनित राज्यों की झांकी को तैयार कर लेना है एवं पूरे परिधान के साथ 23 जनवरी को इनका रिहर्सल भी करा लिया जाना है।
नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर निकलने वाली झांकियों में झारखंड की झांकी का चयन होना राज्य के लिए गर्व की बात है। यहां के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने इस दिशा में काफी मेहनत से कार्य किया है। झारखंड सरकार द्वारा देवघर स्थित बाबा धाम परिसर के प्रारूप को काफी बेहतर ढंग से दिखाया गया, साथ ही देवघर में हो रहे विकास कार्यों को भी इसमें दर्शाया गया ह। वहीं यहां की प्राचीन कला एवं धरती आबा बिरसा मुंडा के बारे में भी जानकारी दी गयी, जिसके फलस्वरूप झारखण्ड की झांकी का चयन हुआ।
झारखंड की झांकी में देवघर स्थित वैद्यनाथ धाम परिसर का प्रारूप प्रदर्शित किया जा रहा है। साथ ही झांकी के आगे भगवान बिरसा मुण्डा को दर्शाया गया है। झांकी के साइड पैनल पर झारखंड की आदिवासी कला सोहराई पेंटिंग दर्शायी जायेगी। पाईका कलाकार इसके साथ नृत्य करेंगे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष शिव शंकर उरांव अध्यक्ष ने अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष हर्ष चौहान और सदस्य अनंत नायक से मिलकर झारखंड के साहेबगंज के बोरियो थाना अंतर्गत आदिवासी महिला की नृशंस हत्या की जांच हेतु प्रदेश भाजपा द्वारा अनुशंसित 21 सदस्यीय टीम द्वारा तैयार किये गये जांच प्रतिवेदन को सौंपा।
साथ ही इस विषय पर गंभीरता से विचार करने हेतु निवेदन किया। इस 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्षता का दायित्व भी श्री शिव शंकर उरांव को ही सौंपा गया है।
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