एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय बजट से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि वह मध्यम वर्ग के दबाव से वाकिफ हैं। उन्होंने यह भी याद किया कि मौजूदा सरकार ने उन पर कोई नया कर (टैक्स) नहीं लगाया है। सीतारमण 1 फरवरी को लोकसभा में 2023-24 के लिए केंद्रीय बजट पेश करेंगी। उम्मीद है कि सरकार आयकर सीमा बढ़ाएगी और मध्यम वर्ग के करदाताओं के अलावा अन्य लोगों को राहत देगी।
आरएसएस के मुखपत्र पाञ्चजन्य द्वारा आयोजित एक समारोह में केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि मैं भी मध्यम वर्ग से ताल्लुक रखती हूं, इसलिए मैं मध्यम वर्ग की परेशानियों को समझ सकती हूं। मंत्री ने यहां मौजूद श्रोताओं को याद दिलाया कि मौजूदा केंद्र सरकार ने मध्यम वर्ग पर कोई नया कर नहीं लगाया है। उन्होंने हा कि पांच लाख तक की आय आयकर मुक्त है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए 27 शहरों में मेट्रो रेल नेटवर्क विकसित करने और 100 स्मार्ट सिटी बनाने जैसे कई उपाय किये हैं। वित्त मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार मध्यम वर्ग के लिए और अधिक कर सकती है, क्योंकि इसकी आबादी बढ़ रही है और अब यह काफी बड़ी हो गयी है।
उन्होंने कहा कि मैं उनकी (मध्यम वर्ग) समस्याओं को भलीभांति समझती हूं। सरकार ने उनके लिए बहुत कुछ किया है और वह आगे ऐसा करना जारी रखेगी। सीतारमण ने कहा कि सरकार 2020 से प्रत्येक बजट में पूंजीगत व्यय पर परिव्यय बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिए इसे 35 फीसदी से बढ़ाकर 7.5 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के सभी सरकारी स्कूल सोमवार से खुल जायेंगे। पहले की तरह विद्यार्थियों को स्कूल में मध्याह्न भोजन भी मिलेगा। ठंड की वजह से चार जनवरी को स्कूलों को बंद करने की घोषणा की गयी थी।
उल्लेखनीय है कि केजी से पांचवीं तक भीषण ठंड को देखते हुए झारखंड सरकार ने सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को 14 जनवरी तक के लिए बंद कर दिया था। आदेश के अनुसार, केजी से पांचवीं तक के सारे स्कूल 14 जनवरी तक बंद किए गये थे। हालांकि, इस दौरान शिक्षकों की छुट्टी नहीं की गयी थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार 2023-24 के आम बजट की तैयारी में लगी है। आने वाली 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मता सीतारमण अपने कार्यकाल का पांचवा आम बजट पेश करेंगी। केंद्रीय बजट में हर साल कई सामानों (वस्तुओं) और सेवाओं पर लगने वाले टैक्स को लेकर भी बदलाव की घोषणा की जाती है।
यही कारण है कि बजट की घोषणा के बाद कई बार कुछ सामानों की कीमतों में गिरावट आती हैं तो वहीं अगर बजट में जिन सामान और सेवाओं पर लगने वाले टैक्स को बढ़ाया जाता है तो उनकी कीमतों में इजाफा होता है। इस साल बजट के बाद कई सामानों के महंगे होने आशंका है। इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बार के आम बजट के बाद करीब 35 या उससे अधिक सामानों के भाव बढ़ने वाले हैं क्योंकि इन पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को बढ़ाने पर सरकार विचार कर रही है।
अगर इस पर फैसला होता है और केंद्र की ओर से इन सामानों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई जाती है तो ये सामान बजट के बाद महंगे हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार इन वस्तुओं का आयात घटाने और देश में ही इन सामानों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कस्टम ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान कर सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि इस फैसले से सरकार की मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट को भी बढ़ावा मिल सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक जिन सामानों पर कस्टम्स ड्यूटी बढ़ाने पर सरकार विचार कर रही है, उनमें प्राइवेट जेट, हेलीकॉप्टर, कई महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, प्लास्टिक के सामान, ज्वैलरी, हाई-ग्लॉस पेपर और विटामिन आदि शामिल हैं। वहीं, कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने बीते महीने ही विभिन्न मंत्रालयों से उन गैर-जरूरी वस्तुओं की लिस्ट बनाने को कहा था, जिनपर कस्टम ड्यूटी बढ़ायी जा सकती है।
रिपोर्ट की मानें तो केंद्र सरकार को उम्मीद है कि अगर इन सामानों पर कस्टम ड्यूटी को बढ़ाया जायेगा तो देश में इनके आयात में कमी आ सकती है, इससे दो फायदे होने की उम्मीद है- एक, देश को अपना चालू खाता घाटा कम करने में मदद मिल सकती है। दूसरा, इन सामानों के देश में ही उत्पादन अधिक होने की संभावना है।
इससे सरकार का मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट भी मजबूत हो सकता है। बता दें, वित्त वर्ष 2023 की सितंबर तिमाही में देश का चालू खाता घाटा बढ़कर बीते 9 सालों के हाई लेवर था, यानी 4.4 प्रतिशत पर पहुंच गया था। बता दें कि 1 फरवरी को पेश होने वाला बजट 2024 के आम चुनाव से पहले मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार आगामी वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बजट बनाने की तैयारियों में जुटी है, लेकिन चालू वित्त वर्ष में राज्य के सालाना बजट की मात्र 44.19 प्रतिशत राशि ही खर्च हो पाई है। जानकार बताते हैं कि ढाई-तीन महीने के भीतर 56 फीसदी राशि खर्च कर पाना किसी हाल में मुमकिन नहीं है।
पिछले महीने इस मुद्दे पर हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सभी विभागों को योजना मद की राशि के उपयोग में तेजी लाने का निर्देश दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद योजनाओं को धरातल पर उतारने की रफ्तार में खास तेजी नहीं आ पायी है।
झारखंड सरकार के पास 31 दिसंबर तक विभिन्न विभागों में खर्च की गई राशि का जो रिकॉर्ड कंपाइल किया गया है, उसके मुताबिक मात्र चार विभाग ऐसे हैं, जिन्होंने वित्तीय वर्ष की तीन तिमाही में 50 फीसदी से ज्यादा की रकम खर्च की है। चालू वित्तीय वर्ष के लिए राज्य का योजना बजट कुल 57 हजार 259 करोड़ है। इसमें से अब तक मात्र 25 हजार 350 करोड़ 52 लाख रुपये खर्च किये जा सके हैं।
राज्य में इस साल मॉनसून की बेरुखी के कारण गंभीर सूखे की स्थिति रही और ऐसे में कृषि विभाग की ओर से सबसे ज्यादा सक्रियता की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन हालात बिल्कुल उलट हैं। कृषि विभाग विभिन्न योजनाओं की राशि में खर्च करने में सबसे फिसड्डी विभागों में रहा। कृषि योजनाओं के सरकार ने बजट में कुल 3600 करोड़ की राशि अलॉकेट की थी।
31 दिसंबर तक विभाग मात्र 464.78 करोड़ रुपये यानी 12.91 फीसदी रकम ही खर्च कर पाया। सबसे ज्यादा हैरान करने वाला आंकड़ा गृह एवं आपदा प्रबंधन विभाग का है। इस विभाग ने योजना मद में कुल लक्ष्य की मात्र 4.49 फीसदी राशि खर्च की है। इसी तरह पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने 22.90, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग ने 27.70, ग्रामीण विकास ने 33.67, खाद्य आपूर्ति विभाग ने 30.04 और शहरी विकास एवं आवास विभाग ने 23.91 फीसदी राशि खर्च की है।
सबसे बेहतरीन प्रदर्शन ऊर्जा विभाग का रहा है, जिसने 31 दिसंबर तक 96.22 फीसदी राशि खर्च की है। महिला बाल विकास ने 71.54 और आदिवासी कल्याण विभाग ने 67.10 फीसदी राशि खर्च की है। सड़क निर्माण विभाग ने 51.52 और स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने 53.73 फीसदी राशि राशि खर्च की है।
इस बीच सरकार ने नये साल के बजट की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सरकार ने पिछले साल की तरह इस बार भी लोगों से सुझाव आमंत्रित किये हैं। इसके लिए सरकार ने हमिन कर बजट नामक एक मोबाइल ऐप भी लांच किया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सीडीएस जनरल अनिल चौहान और तीन सेवा प्रमुखों- सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी और नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने शनिवार को सातवें सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस पर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर माल्यार्पण किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उत्तराखंड के देहरादून छावनी में सातवें सशस्त्र बल भूतपूर्व सैनिक दिवस समारोह में शामिल होंगे।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक सिंह इसके बाद देहरादून के ही जसवंत मैदान में पूर्व सैनिकों की एक रैली को भी संबोधित करेंगे। इसके अलावा सिंह भारतीय सेना और क्लॉ ग्लोबल की संयुक्त खेल पहल सोल ऑफ स्टील एल्पाइन चैलेंज की भी शुरुआत करेंगे और देहरादून में कार रैली को हरी झंडी दिखायेंगे।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक राजनाथ सिंह शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा भारत के सशस्त्र बलों की समर्पित सेवा के प्रति कृतज्ञता जताने के लिए निर्मित शौर्य स्थल देश को समर्पित करेंगे।
उल्लेखनीय है कि सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस प्रथम भारतीय कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल केएम करियप्पा की सेवाओं की मान्यता और सम्मान में मनाया जाता है। वो 14 जनवरी 1953 को सेना से सेवानिवृत्त हुए थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान करने के लिए 325 ब्लॉक-स्तरीय मॉडल स्कूलों में छात्रों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने का फैसला किया है। एक अधिकारी ने बीते गुरुवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि कौशल आधारित प्रशिक्षण राज्य भर के 80 उत्कृष्ट विद्यालयों में भी लागू किया जाएगा।
सीएम के निर्देश पर तैयार किया गया प्रस्ताव
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार किया गया है और मार्च से राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इसे शुरू किया जायेगा। विज्ञप्ति के अनुसार पहल के तहत, कृषि, सूचना प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी-सक्षम सेवाओं, परिधान और श्रृंगार (मेकअप) और होम फर्निशिंग, मीडिया और मनोरंजन, पर्यटन और आतिथ्य, सौंदर्य और कल्याण, बहु-कौशल, इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर तथा खुदरा और स्वास्थ्य सेवा जैसे 11 ट्रेड में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
काम के दौरान की जा रही है प्रशिक्षण की व्यवस्था
मिली जानकारी के मुताबिक राज्य स्तरीय प्रतिष्ठानों और संबंधित व्यापार से जुड़े संस्थानों में औद्योगिक क्षेत्र के दौरे के माध्यम से काम के दौरान (आॅन-जॉब) प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है ताकि छात्रों को उनकी रुचि के अनुसार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। टाटा समूह के स्वामित्व वाली एअर इंडिया ने शुक्रवार को कहा कि वह इस महीने राष्ट्रीय राजधानी में हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण कुछ घरेलू उड़ानों को रद्द करेगी और कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को पुनर्निर्धारित करेगी। एयरलाइन के अनुसार, भारतीय वायुसेना द्वारा गणतंत्र दिवस की तैयारियों के मद्देनजर, हवाई क्षेत्र को 74 वें गणतंत्र दिवस तक एक सप्ताह के लिए प्रतिदिन लगभग तीन घंटे के लिए प्रतिबंधित किया जायेगा।
नोटिस टू एयरमेन (एनओटीएएम) 19-24 जनवरी और 26 जनवरी को सुबह के समय के लिए जारी किया गया है। बयान में कहा गया है कि जहां तक अंतरराष्ट्रीय परिचालन का संबंध है, एअर इंडिया या तो उसे एक घंटे के साथ विलंबित करेगी या आगे बढ़ायेगी।
इसके कारण, पांच स्टेशनों से अंतरराष्ट्रीय उड़ान परिचालन एलएचआर (लंदन), आईएडी (डलेस), ईडब्ल्यूआर (नेवार्क), केटीएम (काठमांडू) और बीकेके (बैंकॉक) से प्रभावित होगा। बयान में कहा गया है कि इस अवधि के दौरान किसी भी अंतरराष्ट्रीय उड़ान का परिचालन रद्द नहीं किया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को स्वामी विवेकानंद को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनके विचार और आदर्श देशवासियों का हमेशा मार्गदर्शन करते रहेंगे। उन्होंने ट्वीट किया कि स्वामी विवेकानंद को उनकी जयंती पर सादर नमन। उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, आध्यात्मिकता और कर्मठता के लिए सदैव प्रेरित करता है। उनके महान विचार और आदर्श देशवासियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
स्वामी विवेकानंद की जयंती "राष्ट्रीय युवा दिवस" के रूप में मनाई जाती है। धानमंत्री मोदी आज शाम लगभग चार बजे कर्नाटक के हुब्बल्लि में 26वें राष्ट्रीय युवा महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। इस वर्ष महोत्सव का विषय "विकसित युवा-विकसित भारत" है। ये कार्यक्रम राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित किया जाता है जो स्वामी विवेकानंद की जंयती पर उनके विचारों, शिक्षा और योगदान को याद करने के लिए मनाया जाता है।
राष्ट्र के प्रतिभावान युवाओं को सशक्त और राष्ट्र निर्माण की ओर प्रेरित करना महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य है। इसके तहत एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना के अनुरूप देश की विविधतापूर्ण संस्कृति को एक मंच पर लाया जाता है।
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