राज काज

View All
Published / 2023-01-31 18:12:00
गुलामी के प्रतीकों से मुक्ति दिलाने को सरकार प्रयासरत : द्रौपदी मुर्मू

  • पढ़ें आम बजट पर राष्ट्रपति के अभिभाषण की 10 मुख्य बातें... 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। संसद के बजट सत्र की आज शुरूआत हो गई। बजट सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने आतंकवाद, इंफ्रास्ट्रक्चर, मेड इन इंडिया, ग्रीन ग्रोथ जैसे मुद्दों पर बात की और कहा कि यह सरकार बिना डरे काम कर रही है। राष्ट्रपति ने सर्जिकल स्ट्राइक, आतंकवाद पर सख्ती और आर्टिकल 370 हटाने जैसे अहम फैसलों का जिक्र किया। राष्ट्रपति ने देश की जनता का आभार जताया कि उन्होंने लगातार दो कार्यकाल स्थायी सरकार चुनी। आइए जानते हैं कि राष्ट्रपति के भाषण की 10 बड़ी बातें : - 

  1. ग्रीन ग्रोथ पर सरकार का ध्यान : राष्ट्रपति  द्रौपदी  मुर्मू ने अपने अभिभाषण में कहा कि  भारत ने उस सोच को बदला है, जो प्रगति और प्रकृति को परस्पर विरोधी मानती थी। मेरी सरकार ग्रीन ग्रोथ पर ध्यान दे रही है और पूरे विश्व को मिशन लाइफ से जोड़ने पर बल दे रही है।  
  2. एविएशन सेक्टर में तेजी से बढ़ रहा : राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि देश का एविएशन सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज भारत दुनिया का तीसरा बड़ा एविएशन बाजार बन चुका है। इसमें उड़ान योजना की बड़ी भूमिका है, जिससे क्षेत्रीय उड़ानों को बढ़ावा मिल रहा है।  
  3. पंच-प्रेरणा से आगे बढ़ रहा देश : राष्ट्रपति ने कहा कि आजादी के अमृतकाल में देश पंच प्रेरणा से आगे बढ़ रहा है। जिसमें गुलामी के हर निशान, हर मानसिकता से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसके तहत ही राजपथ अब कर्तव्य पथ बन चुका है। मुगल गार्डन अब अमृत उद्यान के नाम से जाना जायेगा।  
  4. मेड इन इंडिया का मिल रहा फायदा : राष्ट्रपति ने कहा कि मेड इन इंडिया अभियान और आत्मनिर्भर भारत अभियान का फायदा मिलना शुरू हो गया है। देश में मैन्युफैक्चरिंग की क्षमता बढ़ रही है और बड़ी बड़ी कंपनियां भारत आ रही हैं। हमारा रक्षा निर्यात छह गुना हो गया है। आईएनएस विक्रांत के रूप में पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट नौसेना में शामिल हुआ।  
  5. डिजिटल व्यवस्था पर जोर : राष्ट्रपति ने कहा कि मेरी सरकार ने बीते सालों में डिजिटल इंडिया के तौर पर पारदर्शी व्यवस्था तैयार की है। 300 से ज्यादा योजनाओं के करीब 27 लाख करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंचे हैं। सरकारी कामों में टेंडर और खरीद के लिए ई-मार्केट प्लेस की व्यवस्था है। कैश लेस व्यवस्था में पारदर्शिता आयी। 
  6. सुभाष चंद्र बोस, आजाद हिंद फौज को दिया सम्मान : राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार ने सुभाष चंद्र बोस और आजाद  हिंद फौज को सम्मान दिया है। नेताजी के नाम पर भव्य म्यूजियम का उद्घाटन किया है। परमवीर चक्र विजेताओं के नामों पर अंडमान निकोबार के द्वीपों का नामकरण किया गया है। राष्ट्रपति ने कहा कि एक तरफ हम शंकराचार्ज, भगवान बसेश्वर, गुरुनानक देव जी के बताये रास्तों पर चल रहे हैं, वहीं तकनीक में भी भारत हब बनता जा रहा है।  
  7. महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता : राष्ट्रपति ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की सफलता आज  हम देख रहे हैं। देश में पहली बार महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में ज्यादा हुई है। महिलाओं के स्वास्थ्य में भी सुधार हुआ है। आज किसी भी  कार्यक्षेत्र में महिलाओं के लिए कोई बंदिश नहीं है। हमारी सरकार में मातृत्व अवकाश को बढ़ाया गया है। मुद्रा योजना की 70 फीसदी लाभार्थी महिलाएं हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि तीन लाख महिला किसानों को पीएम किसान योजना के तहत 54 हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए। महिला सशक्तिकरण मेरी सरकार की हर योजना का आधार है। सरकार ने कोरोना महामारी के दौरान देश के गरीब कल्याण को प्राथमिकता में रखा। सरकार ने सुनिश्चित किया कि कोई भी गरीब भूखा ना सोये।  
  8. इंफ्रास्ट्रक्चर  विकास पर फोकस : राष्ट्रपति ने कहा कि बीते आठ सालों में देश में मेट्रो नेटवर्क तीन गुना से ज्यादा बढ़ा है। देश के 27 शहरों में मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना पर काम हो रहा है। साथ ही देश में 100 से ज्यादा नए वाटरवे, देश के ट्रांसपोर्ट सेक्टर का कायाकल्प करेंगे।  पीएम ग्राम सड़क योजना में नौ वर्षों में सड़कों का नेटवर्क दोगुना हो गया। देश की 99 प्रतिशत बस्तियां सड़क मार्ग से जुड़ चुकी हैं। 
  9. सैन्य रूप से सक्षम बनने पर जोर : राष्ट्रपति ने कहा कि भारत अपनी सैन्य शक्ति को आधुनिक बनाने पर जोर दे रहा है। आतंकवाद को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। हर मंच पर भारत की आवाज गंभीरता से सुनी जा रही है।  
  10. स्टार्टअप हब बना भारत : भारतीय युवा आज इनोवेशन की ताकत  दिखा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि देश में स्टार्टअप की संख्या 90 हजार के पार हो गई है। अग्निवीर योजना से सरकार को लाभ होगा।

Published / 2023-01-31 11:05:43
आज जमशेदपुर-कोलकाता के बीच हवाई सेवा का शुभारंभ करेंगे सीएम

टीम एबीएन, जमशेदपुर/ रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मंगलवार को जमशेदपुर से सिटी ऑफ जॉय कोलकाता के बीच हवाई सेवा का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री सुबह करीब 10 बजे जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट पहुंच जाएंगे। साथ ही जमशेदपुर झारखंड का दूसरा शहर बन जायेगा, जहां से विमानों की व्यावसायिक उड़ान शुरू हो जायेगी। अभी हवाई यात्रा के लिए लोगों को रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट की सेवा लेनी पड़ती है।जमशेदपुर से कोलकाता और भुवनेश्वर दोनों शहरों के लिए हवाई सेवा शुरू हो रही है।

जमशेदपुर से कोलकाता का किराया 1,999 रुपये रखा गया है। इंडियावन एयर ने 9 सीटर विमान चलाने का फैसला किया है। 31 जनवरी 2023 को सुबह 11:30 बजे विमान जमशेदपुर से उड़ान भरेगा और 12:35 बजे यात्रियों को कोलकाता पहुंचा देगा। यही विमान दोपहर 1:25 बजे कोलकाता एयरपोर्ट से उड़ान भरेगा और 2:30 बजे जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट पहुंचा देगा। जमशेदपुर-कोलकाता विमान सेवा का शुभारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सुबह 9:45 बजे पूर्वी सिंहभूम के जिला मुख्यालय जमशेदपुर स्थित सर्किट हाउस से सड़क मार्ग से रवाना होंगे। वह 9:55 बजे सोनारी एयरपोर्ट पहुंच जायेंगे। 

यहां पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे और जमशेदपुर-कोलकाता विमान सेवा का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री 10:30 बजे सोनारी हवाई अड्डा से सड़क मार्ग से प्रस्थान कर जाएंगे। जमशेदपुर-कोलकाता हवाई सेवा का शुभारंभ करने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 10:45 बजे जुगसलाई पहुंच जाएंगे। यहां पर वह जुगसलाई ओवरब्रिज के उद्घाटन कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। 

यहां से मुख्यमंत्री कदमा स्थित डीबीएमएस स्कूल सभागार पहुंचेंगे। स्कूल सभागार में सूबे के मुखिया सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम की संयुक्त समीक्षा बैठक में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री 31 जनवरी की शाम 5:30 बजे रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास लौटेंगे। लेकिन, इसके पहले वह जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित गोपालपुर मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। यहां से वह सोनारी एयरपोर्ट चले जायेंगे। वहां से हेलिकॉप्टर से हेमंत सोरेन रांची स्थित स्टेट हैंगर पहुंचेंगे। वहां से सड़क मार्ग से मुख्यमंत्री आवास पहुंचेंगे।

Published / 2023-01-31 10:49:09
झारखंड : अब अभिवादन के लिए आधिकारिक रूप से प्रयोग होगा "जोहार"

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में अब आधिकारिक रूप से जोहार शब्द का उपयोग अभिवादन के लिए किया जायेगा। इस बाबत विभागीय पत्र जारी कर दिया गया है। सरकार के प्रधान सचिव द्वारा सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त, विभागाध्यक्ष और सभी उपायुक्त को भेजे गये पत्र में विस्तार से निर्देश जारी किये गये हैं।

विभागीय पत्र में झारखंड की पहचान जनजातीय बाहुल्य राज्य होने का कारण बताते हुए सरकारी कार्यक्रमों में जोहार शब्द का इस्तेमाल अभिवादन में करने को कहा गया है। सरकार के द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि झारखंड राज्य की संस्कृति में जोहार बोलकर अभिवादन किये जाने की परंपरा है, जो इस राज्य की विशिष्ट संस्कृति एवं समृद्ध परंपरा को प्रतिबिंबित करता है। राज्य सरकार ने इसे ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों एवं सरकारी समारोहों में अभिवादन हेतु जोहार शब्द उपयोग करने का निर्णय लिया है।

हेमंत सरकार के आने के बाद झारखंड में सरकारी कार्यक्रम में अतिथियों को पुष्पगुच्छ देने की परंपरा को खत्म करने की घोषणा की गई थी। इसकी शुरुआत सरकार के कई कार्यक्रमों के दौरान खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने करते हुए पदाधिकारियों से इसे अमल में लाने को कहा था। 

अब यह सरकारी रिकॉर्ड में आ चुका है और राज्य सरकार ने 25-7-2019 को जारी पत्रांक 946 को संशोधित करते हुए सभी प्रकार के राजकीय कार्यक्रमों या सरकारी समारोहों में गणमान्य अतिथियों के स्वागत के लिए पुष्पगुच्छ/ अकेला पुष्प का उपयोग नहीं करने का फैसला लिया गया है। पुष्पगुच्छ के स्थान पर सरकारी कार्यक्रमों में पौधा/ पुस्तक/ शॉल, मोमेंटो देकर स्वागत किया जा सकता है।

Published / 2023-01-31 10:37:19
आज वित्त मंत्री सीतारमण पेश करेंगी आर्थिक सर्वेक्षण, कल आम बजट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। संसद का बजट सत्र मंगलवार यानी आज से शुरू होगा। बजट सत्र दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से शुरू होगा। इस सत्र में मोदी सरकार एक फरवरी को अपने दूसरे कार्यकाल का अंतिम पूर्ण बजट पेश करेगी। सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद द्रौपदी मुर्मु पहली बार सेंट्रल हॉल में संसद के दोनों सदनों को संबोधित करेंगी। इसके तत्काल बाद मंगलवार को ही आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जायेगा।

सत्र के पहले हिस्से में 13 फरवरी तक संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण और आम बजट पर चर्चा होगी। इस दौरान प्रधानमंत्री अभिभाषण पर होने वाली चर्चा का जवाब देंगे। पहले हिस्से में संसद के दोनों सदनों में कोई विधेयक पेश या पारित नहीं किया जायेगा। विधायी कार्य 13 मार्च से छह अप्रैल तक चलने वाले दूसरे हिस्से के दौरान निपटाये जायेंगे। सत्र के दूसरे हिस्से में ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पर होने वाली चर्चा का जवाब देंगी।संसद का यह सत्र भी हंगामेदार रह सकता है।

 सरकार की प्राथमिकता राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और वित्त बिल समेत अन्य बिलों को पारित कराने की रहेगी तो विपक्ष विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार को घेरेगा। 13 फरवरी तक चलने वाले बजट सत्र के पहले हिस्से में दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण और आम बजट पर चर्चा होगी। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभिभाषण पर होने वाली चर्चा का जवाब देंगे। सरकार की बजटीय अभ्यास से जुड़े चार बिलों समेत करीब 36 बिल पेश करने की योजना है। 6 अप्रैल तक चलने वाले बजट सत्र के दौरान 27 बैठकें होंगी।

आम बजट पर सबकी निगाहें
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के अंतिम पूर्ण बजट पर देश भर की निगाहें टिकी हैं। चूंकि इसी साल जम्मू-कश्मीर सहित दस राज्यों में विधानसभा और अगले साल लोकसभा चुनाव हैं। ऐसे में लोगों को बजट से राहत मिलने की उम्मीद है। हमेशा की तरह मध्य वर्ग कर राहत की बाट जोह रहा है। जबकि अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न क्षेत्र भी बजट के जरिए राहत की उम्मीद पाले बैठे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आम बजट के जरिए सरकार चुनावी राज्यों के लिए कई अहम घोषणाएं कर सकती हैं।

लोगों की निगाहें आम बजट से ठीक एक दिन पहले पेश होने वाले आर्थिक सर्वेक्षण पर है। आर्थिक सर्वेक्षण से देश में अर्थव्यवस्था की स्थिति का पता चलता है। विशेषज्ञ इसी के आधार पर आम बजट के प्रावधानों के संदर्भ में अंदाजा लगाते हैं।

Published / 2023-01-30 23:28:23
1932 आधारित खतियान की समीक्षा करे राज्य सरकार : राज्यपाल

  • राज्यपाल ने लौटाया 1932 का खतियान आधारित स्थानीय नीति बिल

टीम एबीएन, रांची। हेमंत सरकार को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, राज्यपाल रमेश बैस ने लोगों के अधिवास की स्थिति निर्धारित करने के लिए 1932 के भूमि रिकॉर्ड के इस्तेमाल के प्रस्ताव वाला विधेयक समीक्षा के लिए बीते रविवार को हेमंत सरकार को लौटा दिया है। राजभवन के एक बयान में यह जानकारी दी गयी।

यह संविधान और उच्चतम न्यायालय के आदेशों व निर्देशों के अनुसार होना चाहिए। राज्यपाल ने कहा है कि यह संविधान और उच्चतम न्यायालय के आदेशों और निर्देशों के अनुसार होना चाहिए। कहा है कि सरकार इस विधेयक की वैधानिकता की गंभीरता से समीक्षा करे कि यह संविधान और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप हो। राज्यपाल ने लिखा है कि इस मामले में विधि विभाग ने भी सवाल उठाया था। विधेयक के प्रावधान सुप्रीम कोर्ट और झारखंड हाई कोर्ट द्वारा पारित कई फैसलों के अनुरूप नहीं है।

राज्यपाल ने लिखा है कि एवीएस नरसिम्हा राव एवं अन्य बनाम आंध्र प्रदेश एवं अन्य (एआईआर 1970 सुप्रीम कोर्ट 422) में भी स्पष्ट व्याख्या की गई है कि नियोजन के मामले में किसी भी प्रकार की शर्तें लगाने का अधिकार सिर्फ संसद को है। इस प्रकार यह विधेयक संविधान के प्रावधान और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विपरीत है।

गौरतलब है कि पिछले साल 11 नवंबर को विधानसभा के एक विशेष सत्र में झारखंड के स्थानीय व्यक्तियों की परिभाषा और ऐसे स्थानीय व्यक्तियों के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक और अन्य लाभों का विस्तार करने संबंधी विधेयक, 2022 को ध्वनि मत से पारित किया गया था। इसे मंजूरी के लिए राज्यपाल को भेजा गया था। साथ ही इसे राष्ट्रपति की सहमति के लिए भेजने का अनुरोध किया था।

Published / 2023-01-30 23:10:34
भारतीयों के लिए रिकॉर्ड संख्या में वीजा जारी करेगा अमेरिकी दूतावास

  • भारतीयों का अमेरिका जाना होगा आसान

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में अमेरिकी दूतावास और इसके वाणिज्य दूतावासों ने इस वर्ष भारतीयों के लिए रिकॉर्ड संख्या में वीजा संसाधित करने की योजना बनायी है। मुंबई के महावाणिज्य दूत जॉन बलार्ड ने वीजा की करीब-करीब हर श्रेणी में बड़ी संख्या में आवेदन लंबित होने के मुद्दे पर उक्त टिप्पणी की है।

फिलहाल, कार्य वीजा के लिए आवेदन करने वाले भारतीयों की प्रतीक्षा अवधि 60 और 280 दिनों के बीच की है, जबकि यात्री वीजा के लिए यह अवधि करीब एक से डेढ़ साल है। विदेश मंत्रालय ने कई मौकों पर अमेरिकी अधिकारियों के साथ वीजा संबंधित मामलों में देरी का मुद्दा उठाया है और साथ ही सभी श्रेणियों में भारतीय यात्रियों के लिए वीजा जारी करने को आसान करने से संबंधित मुद्दे भी उठाये हैं।

बलार्ड ने बताया कि दूतावास ने पिछले साल 1,25,000 से अधिक छात्र वीजा का निपटान किया था, जो भारतीयों के लिए एक रिकॉर्ड संख्या है तथा उम्मीद है कि इस साल और भी अधिक भारतीय छात्र वीजा के लिए आवेदन करेंगे। अमेरिकी अधिकारी ने यह भी बताया कि दूतावास वीजा संसाधित करने को लेकर महामारी के पहले वाले स्तर पर तकरीबन पहुंच गया है और उम्मीद है कि इस साल इस स्तर को पार कर लेगा।

बलार्ड ने कहा कि बीते साल आठ लाख से ज्यादा वीजा आवेदनों का निपटारा किया गया था। उन्होंने कहा कि दूतावास सिर्फ एक श्रेणी में लंबित आवेदनों की संख्या को कम करना चाहता है और यह श्रेणी पहली बार बी1 और बी2 पर्यटन व कारोबारी वीजा के लिए आवेदन करने वालों की है।

उन्होंने कहा कि मने पूरे भारत में हाल में बी1/बी2 वीजा के ढाई लाख आवेदकों को समय दिया है और हमारे पास दर्जनों अधिकारी हैं जो दुनिया भर में स्थित हमारे दूतावासों और वाशिंगटन से आये हैं। वे खासकर पहली बार बी1/बी2 श्रेणी में आवेदन करने वाले आवेदकों के साक्षात्कार में हमारी मदद करेंगे।

उन्होंने कहा कि वीजा का नवीनीकरण कराने के लिए आवेदक ई-मेल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं और दूतावास ने पहली बार आवेदन करने वाले आवदेकों के साक्षात्कार के लिए विशेष व्यवस्था की है। बलार्ड ने कहा कि वीजा को लेकर प्रतीक्षा अवधि में कमी लाने के लिए काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हमारे सारे महावाणिज्य दूतावास हाल में शनिवार को भी खुले थे और हम ऐसा फरवरी तथा मार्च में भी करेंगे तथा हमारे पास गर्मियों के अंत तक कर्मचारियों की पूर्ण संख्या होगी। हम प्रतीक्षा अवधि कम करने के लिए और अधिक पहल करेंगे। हम उम्मीद कर रहे हैं कि इन पहलों के जरिये हम इस साल रिकॉर्ड संख्या में वीजा संसाधित करें।

बलार्ड ने कहा कि वीजा की किसी भी श्रेणी में वीजा जारी करना या इससे इनकार करना आवेदक पर और इस बात पर निर्भर करता है कि वह किस श्रेणी में आवेदन कर रहा है।

Published / 2023-01-30 17:40:32
राष्ट्रीय महिला आयोग के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करेंगी राष्ट्रपति

एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को मंगलवार राष्ट्रीय महिला आयोग के 31वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करेंगी।केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सोमवार को यहां बताया कि राष्ट्रीय महिला आयोग अपने स्थापना दिवस के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। कार्यक्रम का विषय सशक्त नारी सशक्त भारत है। इसका उद्देश्य उन महिलाओं की सफलता का सम्मान करना है, जिन्होंने अपनी जीवन-यात्रा में उत्कृष्टता प्राप्त की और अमिट छाप छोड़ी है। 

इस अवसर पर केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी और राज्यमंत्री डॉ मुंजपरा महेन्द्रभाई भी उपस्थित होंगे। समारोह में राष्ट्रीय महिला आयोग, राज्य महिला आयोगों, दूतावासों, विधि समुदाय के दिग्गज, महिला और बाल विकास विभागों के अधिकारी, विधायक, विश्वविद्यालयों-कॉलेजों की फैकल्टी और छात्र, पुलिस विभाग, सेना और अर्ध सैन्य बलों के अधिकारी, राष्ट्रीय और राज्य विधिक सेवाओं के अधिकारी, राष्ट्रीय महिला आयोग की सलाहकार समिति के सदस्य, आयोग के पूर्व-अध्यक्ष और सदस्य तथा गैर-सरकारी संगठन शामिल होंगे।

समारोह के दूसरे दिन, उन विशिष्ट महिलाओं के साथ एक समूह चर्चा आयोजित की जायेगी, जिन्होंने अनेक लोगों को प्रेरणा और सशक्तीकरण का मार्ग दिखाया है। इस चर्चा के माध्यम से आयोग का उद्देश्य एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से संबंधित महिलाओं की निर्णय लेने और नेतृत्व की भूमिकाओं में लैंगिक समानता पर ध्यान केंद्रित करने विविध विचारों का आदान-प्रदान हो सके।

Published / 2023-01-29 18:59:15
आम बजट से नागरिकों-महिलाओं को क्या है उम्मीद

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय बजट को लेकर केंद्र सरकार की तैयारी पूरी हो चुकी है वहीं दूसरी तरफ झारखंड के लोग भी बजट को लेकर काफी आशान्वित हैं। वहीं, जनता की उम्मीदों को लेकर एक्सपर्ट्स भी अपनी राय दे रहे हैं। एक्सपर्ट हरिश्वर दयाल के मुताबिक यह बजट आगामी चुनाव को देखते हुए लाया जा सकता है क्योंकि साल 2024 में लोकसभा चुनाव होने हैं इसीलिए वोटर्स को इंटैक्ट रखने के लिए राहत दी जा सकती। 

उन्होंने बताया कि कोविड-19 की वजह से अर्थव्यवस्था काफी ज्यादा प्रभावित हुई थी और धीरे-धीरे व्यवस्था पटरी पर लौट रही है इसीलिए ज्यादा कुछ रियायत देने की जरूरत नहीं लेकिन सरकारों की अपनी-अपनी प्राथमिकताएं भी होती है उसके आधार पर बजट तैयार किया जाता है। वरिष्ठ नागरिकों को बजट से काफी ज्यादा उम्मीद है। उनका मानना है कि बजट में सीनियर सिटीजन के लिए भी अलग से कुछ प्रावधान किए जाने चाहिए। 

किचन से लेकर ज्वेलरी, ज्वेलरी से लेकर शिक्षण केंद्र में महिलाएं बजट के प्रावधानों की उम्मीद लगाए बैठे हैं। वहीं, महिलाएं भी बजट को लेकर काफी आशान्वित हैं लेकिन उनका सीधे तौर पर कहना है कि बजट में महंगाई पर कंट्रोल किया जाना चाहिए क्योंकि तमाम चीजें बेलगाम हो गई। इधर, जॉब से रिटायर हुए लोग इनकम टैक्स रिबेट में छूट की चाह रखते हैं।  

रांची के किसान इस बार के आम बजट से खेती के उपक्रम में रियायत की उम्मीद लगाये बैठे हैं। किसान अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बजट में अच्छे खासे प्रावधान की चाह रखते हैं। व्यपारी वर्ग इस बार बजट से ज्यादा उम्मीदें लगाए बैठा है। चेंबर आफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। माइनिंग को लेकर कुछ प्रावधान लाने की जरूरत है. नॉन परफोर्मिंग असेट (एनपीए) पर ध्यान देने की जरूरत है। पर्यटन सेक्टर में भी ध्यान देना चाहिए।

Page 208 of 350

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse