एबीएन सेंट्रल डेस्क। आग या तेजाब पीड़ित को समय पर इलाज दिलाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। इसके लिए नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स को जिम्मेदारी दी गयी है। राज्य सरकारों की तरफ से भेजे गये डॉक्टरों व नर्सों को एम्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर जिला अस्पतालों तक में जले के शिकार पीड़ितों को प्राथमिक उपचार मिल सके।
देश के अधिकांश सरकारी अस्पतालों में इस तरह की विशेषज्ञता नहीं होने के कारण अक्सर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है, जिसके चलते रोगी दिव्यांगता का शिकार होता है या फिर उसकी मौत का जोखिम भी बढ़ जाता है। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिला से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भी आग या तेजाब पीड़ितों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। राज्य सरकारों से सूची मिलने के बाद इन कर्मचारियों की जानकारी एम्स के साथ साझा की जा रही है।
2019 में आग से 23,000 की मौत : द लैसेंट पब्लिक हेल्थ मेडिकल जर्नल के मुताबिक साल 2019 में देश में 23 हजार से अधिक लोगों की मौत आग में झुलसने की वजह से हुई हैं जो वैश्विक मृत्यु दर का लगभग 20% है। एम्स के ही डॉक्टरों का कहना है कि इन घटनाओं में पीड़ितों के आगे काफी चुनौतियां रहती हैं।
साथ ही व्यावसायिक रूप से अक्षम और सामाजिक रूप से बाहर भी रखे जाते हैं। एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उनके यहां अलग अलग राज्यों से डॉक्टर व नर्स आ रहे हैं जिन्हें सबसे पहले वे थ्रीडी मॉडल के सहारे आग पीड़ितों की मरहम पट्टी करना सिखा रहे हैं।
अब तक करीब दो बैच यहां प्रशिक्षण ले चुके हैं। तीसरा बैच आठ फरवरी से प्रशिक्षण लेने जा रहा है। मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं, भारत में हर साल करीब 70 लाख लोग जलने से घायल होते हैं जिनमें से 1.4 लाख लोगों की मौत हो जाती है। साथ ही 2.4 लाख लोग दिव्यांगता के शिकार हो रहे हैं। इसके पीछे मुख्य वजह समय पर प्राथमिक उपचार न मिलना है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हर साल लगभग 2,65,000 मौतें अकेले आग से होती हैं। इनमें से अधिकांश मौतें दक्षिण पूर्व एशिया क्षेत्र के देशों में होती है जिनमें भारत का स्थान प्रमुख है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली दौरे पर हैं। दिल्ली में वह लगातार बड़े नेताओं से मिल रहे हैं। इसके अलावा कई कार्यक्रमों में भी शिरकत कर रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। दोनों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए इस मुलाकात की जानकारी दी। उन्होंने इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट करते हुए जानकारी दी कि अरविंद केजरीवाल से मुलाकात के दौरान झारखंड और दिल्ली से जुड़े विकास के विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट करते हुए हेमंत सोरेन से मुलाकात की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मुलाकात के दौरान देश के कई सार्थक मुद्दों पर चर्चा हुई। बता दें कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने झारखंड भवन जाकर हेमंत सोरेन से मुलाकात की है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत ने भूकंप की मार झेल रहे तुर्की को भूकंप राहत सामग्री की पहली खेप भेज दी है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से की गई घोषणा के कुछ घंटों बाद ही भारत ने भूकंप राहत सामग्री की पहली खेप तुर्की को भारतीय वायु सेना के विमान से भेजी है। दरअसल, तुर्की और सीरिया में घातक भूकंपों के कारण अब तक 4,000 से अधिक लोग मारे गये हैं।
बीते दिन तुर्की में 7.8, 7.6 और 6.0 तीव्रता के लगातार तीन विनाशकारी भूकंप आये थे।
भारत की ओर से भेजी राहत सामग्री की खेप में एक विशेषज्ञ राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल खोज और बचाव दल शामिल है। इसमें पुरुष और महिला दोनों कर्मी, अत्यधिक कुशल डॉग स्क्वॉड, चिकित्सा से जुड़ी चीजें, उन्नत ड्रिलिंग उपकरण और सहायता प्रयासों के लिए आवश्यक अन्य महत्वपूर्ण उपकरण शामिल थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने यह जानकारी दी।
एबीएन सेंट्रल रक डेस्क। मंगलवार को सीएम हेमंत सोरेन ने दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उमके साथ झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, झारखंड से मुख्य सचिव सुखदेव सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
सीएम ने केंद्र से पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत आवास प्लस में निबंधित 8,37,222 परिवारों को घर उपलब्ध कराने का आग्रह किया। मुलाकात के दौरान सीएम ने कहा कि रजिस्टर्ड लाभुक गरीब हैं और उन्हें घर दिलाना जरूरी है। उन्होंने गिरिराज सिंह से इस मामले में जल्द को फैसल लेने का आग्रह किया है।
सीएम हेमंत सोरेन ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह से 15वें वित्त आयोग के तहत झारखंड की बकाए राशि देने का अनुरोध किया है। सीएम ने इससे पहले एक नवंपर को केंद्रीय मंत्रालय को पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने पीएम आवास योजना प्लस में रजिस्टर्ड परिवारों को आवास मुहैया कराने की बात कही थी।
पत्र के मध्यम से मुख्यमंत्री ने कहा थि कि पीएम आवास प्लस के अन्तर्गत राज्य के लिए सूचीबद्ध 10,35,895 परिवारों में से वित्तीय वर्ष 2021-22 में मात्र 4,03,504 इकाई का भौतिक लक्ष्य दिया गया था। अभी भी 6,32,391 योग्य परिवारों को आवास का लाभ नहीं मिल सका है। केंद्रीय मंत्री को लिखे पत्र में सीएम ने लिखा था कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय पीएम आवास प्लस में निबंधित परिवारों में से 2,03,061 परिवारों को सूची से हटाया गया है। इनमें से अधिकतम परिवार ऐसे हैं जो आवास की पात्रता रखते हैं लेकिन वर्ष 2019 से पूर्व स्थानीय कर्मियों द्वारा गलत एंट्री करने के कारण इन परिवारों को आवास से वंचित होना पड़ रहा है।
टीम एबीएन, रांची। मनी-लांड्रिंग के दो अलग-अलग मामलों में चल रही जांच के क्रम में ईडी ने पूछताछ में साहिबगंज के उपायुक्त रामनिवास यादव व जामताड़ा से कांग्रेस के विधायक डॉ इरफान अंसारी आज ईडी कार्यालय पर बुलाया है। इसी क्रम में डॉ इरफान अंसारी अपनी लाल गाड़ी से ईडी दफ्तर पहुंचे जहां ईडी कार्यालय के सामने मीडिया का जमावड़ा था।
मीडिया के लोगों ने जब उनके इस पूरे मामले पर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि उनके ऊपर लगाए गए सारे आरोप निराधार है। इसके साथ ही इरफान अंसारी ने दावा किया कि मुझे ईडी के पास से वापस आने दीजिए उसके बाद विस्तृत तौर पर बताऊंगा की वह मुझसे क्या जानना चाहती है। डॉ इरफान अंसारी से राज्य में चल रही हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार को गिराने की साजिश रचने के मामले में पूछताछ होनी है।
ईडी कार्यालय में प्रवेश से पहले इरफान अंसारी ने कहा कि उनपर लगाए गए आरोप निराधार हैं। जिस सरकार को हमलोगों ने बनाया उसे हम क्यों गिराएंगे। इरफान ने आगे कहा कि जिनको भी मुझसे नफरत है उनसे मैं कहना चाहता हूं कि नफरत छोड़ो और भारत जोड़ो का काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने मेरे ऊपर इतना घिनौना इल्जाम ल गाया उन्होंने देखा कि हाईकोर्ट मेरे साथ था। साथी विधायक अनूप सिंह द्वारा इरफान अंसारी को मास्टमाइंड बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनको सद्बुद्धि मिले। लेकिन हां उनपर लगाये गये सरकार गिराने के आरोप गलत हैं।
बता दें कि इसी सरकार गिराने की साजिश रचने के मामले में ही 7 फरवरी को खिजरी के विधायक राजेश कच्छप व 8 फरवरी को कोलेबिरा के विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी से ईडी पूछताछ करेगी। इससे पहले तीनों विधायकों से ईडी 13, 16 व 17 जनवरी को पूछताछ के लिए समन भेज चुकी थी।
इस समय तीनों ने ईडी से दो-दो हफ्ते का समय मांगा था। वहीं 1000 करोड़ के अवैध खनन मामले में ईडी ने पूछताछ के लिए साहिबगंज के उपायुक्त रामनिवास यादव को भी बुलाया है। बता दें कि इरफान अंसारी, राजेश कच्छप व नमन विक्सल कोंगाड़ी को 30 जुलाई 2022 को कोलकाता में 49 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया था और उनपर आरोप लगा कि वह असम के मुख्यमंत्री हिमंत विस्वा सरमा के साथ मिलकर झारखंड की सरकार गिराने की साजिश मामले में शामिल हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में 3 हजार से ज्यादा शिक्षकों की नियुक्ति पर पेंच फंस सकता है। इन नियुक्तियों के अधर में लटकने की आहट आने लगी है। आपको बता दें कि इन शिक्षकों के पदों पर जो नियुक्ति की प्रक्रिया के लिए आदेश जारी किया गया है उसमें सभी वर्गों के लिए आरक्षित सीटों की व्यवस्था तो की गई है लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कोटे के लिए इसमें कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के कॉलम का जिक्र नहीं होने की वजह से यह भर्ती प्रक्रिया रद्द हो सकती है।
झारखंड में 80 उत्कृष्ट और 325 आदर्श विद्यालयों के लिए 3000 के करीब शिक्षकों की नियुक्ति होनी है और इसे लेकर झारखंड शिक्षा परियोजना शिप की तरफ से प्रदेश के सभी जिलों में पत्र भेजा गया है। इसी पत्र में सभी वर्गों के लिए आरक्षण का कॉलम तो बनाया गया है लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का कॉलम इसमें है ही नहीं।
बता दें कि इस अधिसूचना में बताया गया है कि नियुक्ति संविदा पर होनी है। इसके साथ ही विद्यालयों में स्वीकृत पद के आवश्यकता के अनुसार भी रिक्त पदों पर शिक्षकों का चयन होना है। इसके लिए विज्ञापन जारी करने के लिए जिले को फॉर्मेट भी भेजा गया है। इसमें नियुक्ति की योग्यता वैसी ही है जैसी सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए होती है।
बता दें कि इस पूरी प्रक्रिया में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आरक्षण को लेकर निर्देशन नहीं और जिलेवार आरक्षण की समीक्षा की वजह से इस नियुक्ति के अटकने की संभावना ज्यादा है। बता दें कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी और छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित होने से बचाने के लिए उत्कृष्ट और आदर्श विद्यालयों में कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति की घोषणा की गई है।
वहीं इसको लेकर बताया जा रहा है कि जिला रोस्टर में आर्थिक रूप से कमजरो वर्ग के आरक्षण को लेकर फिलहाल कोई निर्देश नहीं है ऐसे में इसे इसमें शामिल नहीं किया गया है। आपको बता दें कि यही पेंच है जिसकी वजह से यह भर्ती प्रक्रिया खटाई में पड़ सकती है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री ग्रामीण विकास विभाग गिरिराज सिंह से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अन्तर्गत आवास प्लस में निबंधित 8, 37, 222 परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निबंधित सभी लाभुक गरीब हैं और उन्हें आवास उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से इस मामले में जल्द निर्णय लेकर गरीबों के लिए आवास स्वीकृत करने का अनुरोध किया।
राशि निर्गत करने और मनरेगा पर चर्चा
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय मंत्री से 15वें वित्त आयोग के तहत झारखण्ड का बकाया राशि को निर्गत करने का आग्रह किया। साथ ही, केन्द्रीय बजट 2023 -23 में मनरेगा के तहत राशि में की गई कटौती पर चर्चा की।
पूर्व में भी मुख्यमंत्री ने किया था आग्रह
मुख्यमंत्री ने इससे पूर्व प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अन्तर्गत आवास प्लस में निबंधित परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लिए केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को नवंबर 2022 में पत्र लिखा था। पत्र के मध्यम से मुख्यमंत्री ने बताया था आवास प्लस अन्तर्गत झारखण्ड राज्य के लिए सूचीबद्ध 10,35,895 परिवारों में से वित्तीय वर्ष 2021-22 में मात्र 4,03,504 इकाई का भौतिक लक्ष्य दिया गया था। अभी भी 6,32,391 योग्य परिवारों को आवास का लाभ नहीं मिल सका है।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भी आवास प्लस में निबंधित परिवारों में से 2,03,061 परिवारों को सूची से हटाया गया है। इनमें से अधिकतम परिवार ऐसे हैं जो आवास की पात्रता रखते हैं लेकिन वर्ष 2019 से पूर्व स्थानीय कर्मियों द्वारा गलत इन्ट्री करने के कारण इन परिवारों को आवास से वंचित होना पड़ रहा है। आवास प्लस योजना के अन्तर्गत झारखण्ड राज्य के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में 6,32,391 का भौतिक लक्ष्य आवंटित किया जाय। आवास प्लस से ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा हटाये गये 2,03,061 परिवारों को जाँचोपरान्त सत्यापन करने की सुविधा उपलब्ध करायी जाय।
वहीं दूसरी ओर, ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने भी ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार को इस संबंध में जनवरी 2023 में पत्र लिख प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण अन्तर्गत आवास प्लस में निबंधित परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का आग्रह किया था।
इस अवसर पर मंत्री ग्रामीण विकास विभाग श्री आलमगीर आलम, मुख्य सचिव, झारखण्ड श्री सुखदेव सिंह, सचिव ग्रामीण विकास विभाग, भारत सरकार, श्री शैलेश कुमार सिंह, सचिव, भूमि संसाधन विभाग, भारत सरकार श्री अजय तिर्की, वित्त सचिव, झारखण्ड श्री अजय कुमार सिंह, रेजिडेंट कमिश्नर श्री एमआर मीणा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे एवं अन्य अधिकारी मौजूद थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। तुर्की में आये भयानक भूकंप पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया। पीएम मोदी ने कहा कि तुर्की में भूकंप के कारण मृत्यु और संपत्ति के नुकसान से दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। भारत तुर्की के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और इस त्रासदी से निपटने के लिए हर संभव सहायता देने को तैयार है।
बता दें कि तुर्की और सीरिया में सोमवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.8 थी। जिसमें दोनों देशों मे अब तक मरने वालों की संख्या 195 हो गयी है। तुर्की में अब तक 76, जबकि सीरिया में 42 लोगों के मारे जाने की खबर है। मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
जर्मन रिसर्च सेंटर के मुताबिक, भूकंप 10 किलोमीटर (6.2 मील) की गहराई में आया है और इसका केंद्र गाजियांटेप शहर के पास था। दोनों देशों में कई जगहों पर सैकड़ों इमारतें गिर गईं मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है।
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