एबीएन सोशल डेस्क। झारखंड राज्य हिन्दू धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष जयशंकर पाठक ने ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथ यात्रा महोत्सव में चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष एन एन पांडेय, प्रथम सेवक सह उपाध्यक्ष ठाकुर सुधांशु नाथ शाहदेव, सचिव प्रसन्न कुमार, सदस्य कमल ठाकुर, गोपाल उपाध्याय रहे। अध्यक्ष जयशंकर पाठक ने कहा रथ यात्रा महोत्सव के प्रचार प्रसार पर जोर दिया जाये।
उन्हें बताया गया कि 10 दिनों का रथ मेला को लेकर विधि व्यवस्था, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था, खोया पाया मंच, वॉच टावर, बैरिकेटिं, सीसीटीवी कैमरे लगाने, सुरक्षा कर्मी की व्यवस्था, स्वच्छ कर्मी की व्यवस्था, लाइट की व्यवस्था, पूरे मेले ड्रोन कैमरा माध्यम से निगरानी रखी जायेगी।
पुलिस बल की तैनाती मुख्य मंदिर और मौसी बड़ी मंदिर में, चलंत शौचालय की व्यवस्था, अग्नि शमन की व्यवस्था आदि विषयों पर अध्यक्ष जी से विस्तार पूर्वक चर्चा की साथ ही मंदिर के आसपास अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने मंदिर की सुंदरता और संस्कृति को अक्षुण रखने की बात कही और मंदिर की आयोजन की शुभकामनाएं दी।
टीम एबीएन, रांची। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी), मेसरा 15 जुलाई, 2026 को अपना 72वां स्थापना दिवस मनाने जा रहा है। यह अवसर शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, नवाचार और राष्ट्र-निर्माण की दिशा में संस्थान की गौरवशाली यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
स्थापना दिवस समारोह से पूर्व, बीआईटी मेसरा ने आगामी कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी साझा करने तथा संस्थान की समृद्ध विरासत, बढ़ती वैश्विक पूर्व छात्र सहभागिता, शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान पहलों और परिसर के बुनियादी ढांचे में हुए हालिया विकास पर प्रकाश डालने के लिए लालपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रो श्रद्धा शिवानी, डीन, एलुमनाई एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध; डॉ विशाल एच शाह, एसोसिएट डायरेक्टर, एलुमनाई रिलेशंस; सुश्री दीपिका दीप, एसोसिएट डायरेक्टर, प्लेसमेंट्स एवं आउटरीच; और डॉ मृणाल पाठक, समन्वयक, मीडिया सेल, बीआईटी मेसरा ने प्रवक्ताओं के रूप में मीडिया को संबोधित किया।
स्थापना दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथियों, पूर्व छात्रों, संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों और अन्य हितधारकों का एक प्रतिष्ठित समागम होगा। टेगा इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मदन मोहन मोहनका और आईआईटी भुवनेश्वर के निदेशक प्रो श्रीपद करमलकर विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।
इस अवसर पर 1986, 1996 और 2001 बैच के पूर्व छात्रों का पुनर्मिलन भी आयोजित किया जायेगा, जो बीआईटी के पूर्व छात्रों की विभिन्न पीढ़ियों को अपनी मातृसंस्था से पुन: जुड़ने और संस्थान की गौरवशाली विरासत का उत्सव मनाने के लिए एक मंच प्रदान करेगा। संस्थान के प्रतिष्ठित पूर्व छात्रों को उनकी उपलब्धियों और योगदान के लिए विभिन्न पुरस्कार श्रेणियों में सम्मानित किया जायेगा। कई पुरस्कार विजेता अपना सम्मान प्राप्त करने के लिए समारोह में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे।
समारोह का एक अन्य प्रमुख आकर्षण रिसर्च कोलोक्वियम का ग्रैंड फिनाले होगा, जहां चयनित प्रतिभागी विशिष्ट अतिथियों एवं गणमान्यजनों के समक्ष अपने शोध प्रस्तुत करेंगे और शीर्ष पुरस्कारों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। यह पहल अनुसंधान, अंत:विषय सहयोग और नवाचार की सुदृढ़ संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रति बीआईटी मेसरा की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
प्रेस वार्ता के दौरान, प्रवक्ताओं ने इंजीनियरिंग शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में बीआईटी मेसरा के दीर्घकालिक योगदान के साथ-साथ उद्योग-अकादमिक साझेदारी को मजबूत करने और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप पेशेवरों को तैयार करने के लिए संस्थान द्वारा किये जा रहे निरंतर प्रयासों पर प्रकाश डाला।
उन्होंने वर्ष 2025-26 के दौरान संस्थान की वैश्विक पूर्व छात्र सहभागिता और अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग में हुई उल्लेखनीय वृद्धि की भी जानकारी दी। पिछले वर्ष के दौरान, बीआईटी मेसरा ने लगभग 250 पूर्व छात्रों की भागीदारी वाले तीन प्रमुख पुनर्मिलन कार्यक्रमों की मेजबानी की और संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित ग्लोबल एलुमनाई मीट के माध्यम से अपनी वैश्विक पहुंच को और मजबूत किया।
बीआईटी मेसरा एलुमनाई एसोसिएशन-नॉर्थ अमेरिका के सहयोग से संस्थान ने अमेरिका के अग्रणी विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग की संभावनाओं का पता लगाया और एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। संस्थान के कुलपति और डीन, एलुमनाई एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध को बीआईटी मान-ना बोर्ड के पदेन सदस्यों के रूप में भी शामिल किया गया।
बीआईटी मेसरा ने संयुक्त अनुसंधान, शैक्षणिक कार्यक्रमों, डॉक्टरेट मार्गदर्शन और संकाय आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी खड़गपुर के साथ एक रणनीतिक समझौते पर भी हस्ताक्षर किये। पूर्व छात्रों और कॉपोर्रेट भागीदारों के सहयोग से संस्थान में कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा और अनुसंधान पहलों को गति मिली है।
इनमें मदन मोहन मोहनका सेंटर, एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज द्वारा समर्थित इलेक्ट्रिक व्हीकल लैब और एप्लाइड डेटा साइंस सुविधाएं तथा 2003 बैच के सहयोग से स्थापित प्रयोगशालाएं, सज्जन अग्रवाल के सहयोग से परिसर के नेटवर्क और अनुसंधान एवं विकास संबंधी उन्नयन, तथा रामा मारदा फाउंडेशन द्वारा समर्थित विभिन्न पहल शामिल हैं।
शैक्षणिक प्रतिभाओं को आकर्षित करने, प्रोत्साहित करने और सम्मानित करने के उद्देश्य से नए फैकल्टी चेयर्स भी स्थापित किये गये हैं। हमारे वैश्विक पूर्व छात्र समुदाय, कॉर्पोरेट भागीदारों और बीआईटी मेसरा के नेतृत्व के बीच उल्लेखनीय समन्वय संस्थान को वैश्विक शैक्षणिक उत्कृष्टता के एक नए युग की ओर अग्रसर कर रहा है।
उन्नत प्रयोगशालाओं, अनुसंधान केंद्रों और अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय साझेदारियों के विकास हेतु किए गए उदार योगदान यह सुनिश्चित करने में सहायक होंगे कि हमारे विद्यार्थी और संकाय सदस्य प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बने रहें, प्रो श्रद्धा शिवानी, डीन, एलुमनाई एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध, बीआईटी मेसरा ने कहा।
72वां स्थापना दिवस समारोह उन लोगों, उपलब्धियों और मूल्यों को सम्मानित करेगा, जिन्होंने बीआईटी मेसरा की यात्रा को आकार दिया है।
साथ ही, यह शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता और वैश्विक सहयोग के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को पुन: सुदृढ़ करेगा। यह आयोजन संस्थान की गौरवशाली विरासत पर चिंतन करने तथा आने वाले वर्षों में उसके निरंतर विकास और प्रभाव की दिशा निर्धारित करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद से उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। विदित हो कि हाल ही में राज्यसभा सांसद के घुटने का प्रत्यारोपण हुआ है।
टीम एबीएन, रांची/ नयी दिल्ली। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से एक आत्मीय मुलाकात की। इस मुलाकात की जानकारी स्वास्थ्य मंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा की है। मुलाकात के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष से क्या बातचीत हुई इरफान अंसारी ने यह भी बताया।
उन्होंने कहा- मेरे कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने (मल्लिकार्जुन खड़गे) कहा कि जनता की सेवा इसी समर्पण के साथ जारी रखें और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में मिलकर झारखंड के विकास की नयी इबारत लिखें। मैंने उन्हें एशिया के सबसे बड़े फकटर-2 अस्पताल के निर्माण सहित स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे ऐतिहासिक बदलावों की जानकारी दी।
यह परियोजना झारखंड सरकार की दूरदर्शी सोच की एक लंबी लकीर खींचेगी, जिससे राज्य की जनता को विश्वस्तरीय उपचार अपने ही प्रदेश में मिलेगा और बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। खड़गे का आशीर्वाद और मार्गदर्शन मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो जनसेवा के इस संकल्प को और मजबूत करता है।
टीम एबीएन, रांची। डीजीपी तदाशा मिश्र रथयात्रा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए रांची के ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर पहुंचीं। रथ यात्रा से संबंधित सुरक्षा व्यवस्था का उन्होंने जायजा लिया। मेला परिसर का भी निरीक्षण किया गया। मंदिर परिसर में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और मंदिर कमेटी से जुड़े लोग भी मौजूद थे।
रथ यात्रा और रथ मेला को लेकर किस तरह की तैयारी की गयी है उसका डीजीपी ने जायजा लिया। रांची ररढ सिटी एसपी सहित कई पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद थे। जगन्नाथ मंदिर से लेकर मौसी बड़ी तक की व्यवस्था का उन्होंने निरीक्षण किया।
16 जून से शुरू रथ मेले की शुरूआत हो रही है। मेले को लेकर झारखंड पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। निरीक्षण के दौरान डीजीपी तदाशा मिश्रा ने अधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिये।
टीम एबीएन, रांची। रांची के धुर्वा में 16 जुलाई से शुरू हो रहे जगन्नाथपुर रथ में लेकर तैयारियां जोरों पर है। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने आज 400 साल पुरांने रथ मेले की तैयारियों का निरिक्षण किया।
इस दौरांन प्रशासन के अधिकारी, रांची की मेयर और सामाजिक संगठनों के सदस्य भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान 10 दिनों तक चलने वाले रथ मेले की साफ सफाई, सुरक्षा और शौचालय समेत दूसरी जरूरतों और व्यवस्था का जायजा लिया गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क (नई दिल्ली)। दिल्ली के होटल ताज पैलेस में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन-2026 के दौरान झारखंड सरकार ने राज्य के डिजिटल परिवर्तन को गति देने तथा झारखंड को सार्वजनिक प्रशासन आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया।
राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत इस विजन का उद्देश्य शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग एवं नागरिक सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करते हुए पारदर्शी, त्वरित, जवाबदेह एवं डेटा आधारित निर्णय प्रणाली विकसित करना है, ताकि आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी एवं सुलभ सरकारी सेवाएं उपलब्ध करायी जा सकें।
मौके पर राज्य सरकार ने प्रस्तावित झारखंड कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) नीति 2026-2031 की रूपरेखा भी प्रस्तुत की। इस नीति के माध्यम से शासन, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, खनन, पर्यावरण संरक्षण तथा आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान विकसित किये जायेंगे। साथ ही डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जिम्मेदार तकनीकी उपयोग को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जायेगी।
सुशासन को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। यह एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विभिन्न सरकारी योजनाओं, आधारभूत संरचना परियोजनाओं तथा विभागीय कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करेगी। इसके साथ ही बहुभाषी डिजिटल प्लेटफॉर्म, व्हाट्सएप आधारित नागरिक सेवाएं, डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली तथा पंचायत स्तर तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने की योजना भी प्रस्तुत की गई।
परामर्श बैठक में तीन प्रमुख एआई आधारित पहलों—मुख्यमंत्री डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म, हेल्थ एंड न्यूट्रिशन विजिलेंस सिस्टम तथा क्रिटिकल मिनरल्स एडमिनिस्ट्रेशन सिस्टम पर विशेष बल दिया गया। इन पहलों के माध्यम से शासन, स्वास्थ्य सेवाओं एवं खनिज प्रशासन को आधुनिक डेटा विश्लेषण तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाया जायेगा।
मौके पर राज्य सरकार ने दीर्घकालिक डिजिटल विकास की दिशा में स्टेट एआई मिशन, झारखंड एआई क्लाउड, एआई इनोवेशन हब, एआई पार्क, एआई इनोवेशन जोन, सेंटर आॅफ एक्सीलेंस तथा एक समेकित स्टार्टअप एवं स्किलिंग इकोसिस्टम विकसित करने की भी घोषणा की। इन पहलों के माध्यम से अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता तथा उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
इस व्यापक डिजिटल परिवर्तन को गति देने के लिए राज्य सरकार ने आगामी पांच वर्षों में 1,150 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है। यह निवेश एआई अवसंरचना के विकास, डिजिटल क्षमताओं के विस्तार, नवाचार को प्रोत्साहन तथा विभिन्न विभागों में एआई के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगा।
बैठक में रांची में प्रस्तावित 100.97 एकड़ के आईटी पार्क की भी जानकारी साझा की गई, जिसे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स एवं नवाचार आधारित उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जायेगा। विजन-2050 के अंतर्गत राज्य सरकार का लक्ष्य 10,000 करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित करना, 50 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करना, 1,000 से अधिक एआई स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना तथा एक लाख से अधिक एआई आधारित रोजगार के अवसर सृजित करना है।
रोडमैप में एआई शिक्षा, उन्नत कौशल विकास, शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी तथा सरकारी अधिकारियों एवं युवाओं के क्षमता निर्माण पर भी विशेष बल दिया गया है, ताकि राज्य में भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार किया जा सके।
मौके पर प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थानों, निवेशकों एवं उद्योग जगत से झारखंड के साथ साझेदारी करते हुए एआई आधारित सुशासन, डिजिटल अवसंरचना, नवाचार कार्यक्रमों तथा सेंटर आॅफ एक्सीलेंस के विकास में सहयोग प्रदान करने की अपेक्षा की गयी।
विजन-2050 के माध्यम से झारखंड को निवेश के लिए आकर्षक, तकनीक आधारित एवं भविष्य उन्मुख डिजिटल अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने की रणनीति प्रस्तुत की गयी है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार, प्रभावी नीतिगत सुधार एवं रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से नागरिक केंद्रित सुशासन को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए झारखंड को डिजिटल गवर्नेंस एवं प्रौद्योगिकी आधारित विकास के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली/रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बैठक में उपस्थित सभी हितधारकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार तकनीकी नवाचारों को अपनाने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित सुशासन को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि झारखंड अपनी पारंपरिक ज्ञान-सम्पदा और स्थानीय बुद्धिमत्ता का आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ समन्वय कर विकास का एक नया एवं समावेशी मॉडल स्थापित करेगा।
झारखंड को प्रौद्योगिकी आधारित विकास का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने विजन 2050 पर आयोजित राष्ट्रीय हितधारक परामर्श के दौरान वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) बैठकों की अध्यक्षता की। इन बैठकों का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित सुशासन, डिजिटल अवसंरचना, नवाचार, क्लाउड तकनीक तथा भविष्य के लिए सक्षम मानव संसाधन विकसित करने हेतु रणनीतिक साझेदारी स्थापित करना रहा।
इस परामर्श में Google, Oracle, Microsoft, IBM, AWS, Salesforce, Techstar, Leah AI, Mamsys सहित कई अग्रणी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा झारखंड में उभरती तकनीकों के माध्यम से शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
Google के प्रतिनिधि लोकेश लोहिया के साथ हुई बैठक में एआई आधारित सुशासन, स्मार्ट हेल्थकेयर, आपातकालीन सेवाओं, भाषा आधारित एआई समाधान तथा डिजिटल स्किलिंग पर चर्चा हुई। कंपनी ने राज्य के 3 से 4 लाख K-12 शिक्षकों के लिए तीन माह का एआई प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रम संचालित करने का प्रस्ताव दिया। साथ ही, झारखंड सरकार और Google के बीच स्टेटमेंट ऑफ इंटेंट (SoI) पर हस्ताक्षर करने का प्रस्ताव भी रखा गया। बैठक में एआई आधारित एम्बुलेंस प्रबंधन एवं एकीकृत स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म विकसित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
Oracle के सीनियर डायरेक्टर (डेटा प्लेटफॉर्म) तौसीफ सिद्दीकी ने राज्य के एआई, क्लाउड एवं डिजिटल स्किलिंग इकोसिस्टम को सशक्त बनाने में साझेदारी की इच्छा व्यक्त की। कंपनी ने उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण, प्रमाणन, कार्यबल विकास, नवाचार एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों पर सहयोग का प्रस्ताव रखा।
Microsoft के सीटीओ (इंडिया) केशरी अस्थाना के साथ बैठक में सभी सरकारी विभागों के डेटा को एकीकृत करने वाले एआई संचालित डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के विकास पर चर्चा हुई। इसके माध्यम से साक्ष्य-आधारित निर्णय, विभागीय प्रक्रियाओं का स्वचालन तथा डेटा गवर्नेंस को मजबूत करने पर बल दिया गया। साथ ही लो-कोड प्लेटफॉर्म के उपयोग से सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण को गति देने पर भी विचार हुआ।
IBM के सीनियर एडवाइजर तल्लीन कुमार ने खनन, स्वास्थ्य, बैंकिंग एवं साइबर सुरक्षा क्षेत्रों के लिए एआई आधारित समाधान प्रस्तुत किए। कंपनी ने बुद्धिमान डेटा एनालिटिक्स, खनन निगरानी, सुरक्षित डेटा साझाकरण तथा राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप एआई समाधान विकसित करने के लिए नि:शुल्क प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC) का प्रस्ताव दिया।
SaaS के साथ हुई चर्चा में एआई आधारित एनालिटिक्स, हाइब्रिड क्लाउड, साइबर सुरक्षा एवं इंटेलिजेंट डेटा प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, लीकेज कम करने, सेवा वितरण को बेहतर बनाने तथा प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रमों के जरिए संस्थागत क्षमता निर्माण पर विचार-विमर्श हुआ।
AWS के प्रिंसिपल एआई स्पेशलिस्ट सचिन पुनयानी के साथ हुई बैठक में सुरक्षित क्लाउड अवसंरचना, एआई आधारित डेटा एकीकरण, डिजिटल गवर्नेंस, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT), शिक्षा तथा केंद्रीकृत निर्णय समर्थन डैशबोर्ड विकसित करने पर चर्चा हुई। कंपनी ने राज्य में एआई आधारित सुशासन समाधान प्रदर्शित करने के लिए नि:शुल्क प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC) की भी पेशकश की।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव अविनाश कुमार एवं झारखंड सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने उद्योग प्रतिनिधियों के सुझावों एवं प्रश्नों का विस्तार से उत्तर दिया। राष्ट्रीय हितधारक परामर्श के अंतर्गत आयोजित इन B2G बैठकों ने यह स्पष्ट किया कि वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियाँ झारखंड के साथ दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करने के प्रति उत्साहित हैं।
राज्य सरकार भी नवाचार, डिजिटल अवसंरचना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुशासन और कौशल विकास के माध्यम से झारखंड को देश के अग्रणी डिजिटल एवं निवेश गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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