राज काज

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Published / 2026-05-22 22:49:12
झारखंड कैबिनेट की बैठक 27 को

  • झारखंड कैबिनेट की बैठक 27 मई को, लिए जाएंगे महत्वपूर्ण निर्णय

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 27 मई को राज्य मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक शाम 4 बजे से प्रोजेक्ट भवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में शुरू होगी।

मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग की ओर से बैठक की आधिकारिक सूचना जारी कर दी गई है। बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है।

Published / 2026-05-22 22:24:45
झारखंड : अब 20 जून से घर-घर पहुंचेगी चुनाव आयोग की टीम!

  • 20 जून से घर-घर पहुंचेगी चुनाव आयोग की टीम!
  • झारखंड में हर वोटर का होगा बड़ा सत्यापन

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत 20 जून से होगी। राज्यभर में करीब 50 हजार कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाएंगे। निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि प्रक्रिया में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 20 जून से शुरू होने जा रही है। इस प्रक्रिया को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने जानकारी दी कि आम जनता के लिए दो महत्वपूर्ण तारीखें जानना जरूरी हैं। एन्यूमरेशन की प्रक्रिया 20 जून से 29 जुलाई तक चलेगी।

 जिसके दौरान मतदाताओं के नाम का सत्यापन किया जाएगा और उन्हें एन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे भरकर हस्ताक्षर के साथ जमा करना होगा। उन्होंने बताया कि पूरे झारखंड में इस कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए निर्वाचन आयोग ने व्यापक तैयारी की है।

इसमें सीईओ कार्यालय, 5 डिविजनल कमिश्नर, 44 डीईओ, 81 ईआरओ, करीब 32 हजार बीएलओ और लगभग 4 हजार बीएलओ सुपरवाइजर सहित करीब 50 हजार कर्मियों की तैनाती की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि टीम राज्य के हर कोने और सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचेगी। प्रत्येक बीएलओ को लगभग 1200 मतदाताओं के सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है।

Published / 2026-05-22 22:21:02
NCRB रिपोर्ट ने पकडी जेल में कर्मचारियों की कमी

  • जेल से भागना मुश्किल नहीं! 
  • झारखंड की जेलों को लेकर NCRB रिपोर्ट में सामने आई कर्मचारियों की कमी

टीम एबीएन, रांची । झारखंड की जेल व्यवस्था गंभीर स्टाफ संकट से जूझ रही है। यहां भी कर्मचारियों की भारी कमी है। राजधानी रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में भी कर्मियों की कमी बनी हुई है। जबकि यहां वीवीआईपी से लेकर नामी अपराधी तक सजा काट रहे हैं। 

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की प्रिजन स्टैटिस्टिक्स ऑफ इंडिया 2024 रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि राज्य की जेलों में स्वीकृत पदों के मुकाबले करीब 63 प्रतिशत पद खाली हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण जेल प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था और सुधारात्मक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।

32 जेलों में 1,713 पद खाली

रिपोर्ट के अनुसार राज्य की 32 जेलों में कुल 2,721 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्ष 2024 में केवल 1,008 कर्मचारी ही कार्यरत पाए गए। यानी 1,713 पद रिक्त हैं। स्थिति यह है कि एक जेलकर्मी को औसतन तीन कर्मचारियों का काम संभालना पड़ रहा है।

अधिकारियों पर बढ़ा काम का दबाव

जेल अधिकारियों पर भी काम का अत्यधिक दबाव है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 816 जेल अधिकारी औसतन 19 कैदियों की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। कर्मचारियों की कमी का असर जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर साफ दिखाई दे रहा है।

मेडिकल व्यवस्था की हालत चिंताजनक

राज्य की जेलों में बंद 16,201 कैदियों के लिए केवल 81 मेडिकल स्टाफ मौजूद हैं। ऐसे में कैदियों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बन गया है।

जेलर और सहायक जेलर के पदों में भारी कमी

जेलर और सहायक जेलर के पदों में भी भारी कमी सामने आई है। 29 स्वीकृत जेलर पदों के मुकाबले केवल 6 जेलर कार्यरत हैं, जबकि 67 सहायक जेलर पदों में भी सिर्फ 6 अधिकारी तैनात हैं।

सुधारात्मक गतिविधियां हो रहीं प्रभावित

विशेषज्ञों का कहना है कि स्टाफ की कमी का सीधा असर जेलों में चलने वाली सुधारात्मक गतिविधियों पर पड़ रहा है। कैदियों की शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। रिपोर्ट में सामाजिक कार्यकर्ताओं और मनोवैज्ञानिकों की नियुक्ति की जरूरत भी बताई गई है।

हाईकोर्ट ने भी जताई चिंता

इस मामले पर झारखंड हाईकोर्ट भी चिंता जता चुका है। अदालत ने राज्य सरकार से जेलों में खाली पदों और लंबित नियुक्तियों की स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। सरकार ने कोर्ट को बताया था कि सहायक जेलर, वार्डन और मेडिकल स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया जारी है।

Published / 2026-05-21 17:57:06
झारखंड : पुलिस सेवा में बड़ा फेरबदल, कई अधिकारी-पदाधिकारी बदले

गृह विभाग ने जारी की नई अधिसूचना, छह डीएसपी का ट्रांसफर आदेश रद्द, टाइपिंग में हुआ सुधार, त्रुटियां हुईं दूर 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों के तबादलों और पदस्थापना को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की है। विभाग द्वारा जारी की गयी गयी अधिसूचना (संख्या-2125 से 2134) के तहत, पूर्व में जारी अधिसूचना संख्या-2096 में हुई कई गंभीर टाइपिंग त्रुटियों को सुधारा गया है। 

इस सुधार के तहत कई डीएसपी के पदस्थापन में बदलाव और संशोधन किया गया है ताकि अधिकारियों के नाम और उनकी पोस्टिंग को लेकर किसी भी प्रकार का भ्रम न रहे और स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सके। उल्लेखनीय है कि सरकार ने बुधवार की दोपहर 201 डीएसपी रैंक के अधिकारियों का ट्रांसफर पोस्टिंग किया था, जिसके बाद 201 की जगह 192 डीएसपी रैंक के अधिकारियों का ही मूवमेंट आॅडर निकला था। 

इन 6 अधिकारियों की पदस्थापना के आदेश को किया गया विलोपित 

पूर्व में जारी अधिसूचना के स्तंभ-4 में हुई टाइपिंग की गलतियों के कारण गृह विभाग ने निम्नलिखित छह अधिकारियों के नाम के आगे अंकित पदस्थापना को फिलहाल के लिए विलोपित कर दिया है। 

  1. प्रभात कुमार बेक: (क्रमांक 138) : डीएसपी, वायरलेस रांची 
  2. अशोक कुमार राम: (क्रमांक 112) : डीएसपी विशेष शाखा, झारखंड 
  3. नीरज कुमार सिंह: (क्रमांक 158) : डीएसपी जैप-8, लेस्लीगंज 
  4. मनोज कुमार: (क्रमांक 110/199) : डीएसपी विशेष शाखा, टीटीएस जमशेदपुर 
  5. प्रदीप कुमार-3: (क्रमांक 143) : डीएसपी जैप-3, गोविन्दपुर 
  6. सुशील कुमार-2: (क्रमांक 153) : डीएसपी जैप-7, हजारीबाग 

टाइपिंग की गलतियों में सुधार और नयी पोस्टिंग के आदेश 

विभाग ने पूर्व के आदेशों में नामों और क्रमांकों की गलतियों को दूर करते हुए निम्नलिखित नए निर्देश जारी किए हैं। 

  1. अशोक कुमार सिंह: क्रमांक-105 पर त्रुटिवश अंकित नाम आलोक कुमार सिंह के स्थान पर अब इसे अशोक कुमार सिंह पढ़ा जायेगा। 
  2. कुमुद सिन्हा: क्रमांक-170 पर त्रुटिवश अंकित नाम को संशोधित कर अब कुमुद सिन्हा पढ़ा जायेगा। 
  3. सुशील कुमार-2: क्रमांक-51 पर अंकित नाम के स्थान पर अब सही रूप में सुशील कुमार-2 पढ़ा जायेगा। 
  4. प्रदीप कुमार-3: क्रमांक-55 पर अंकित नाम के स्थान पर अब प्रदीप कुमार-3 पढ़ा जायेगा। 
  5. दीपाली नायक का ट्रांसफर: क्रमांक-114 पर अंकित श्रीमती दीपाली नायक के वर्तमान पदस्थापन में संशोधन करते हुए उन्हें अब डीएसपी जैप-10, होटवार, रांची में पदस्थापित किया गया है। 
  6. ज्ञान रंजन की नयी पोस्टिंग: क्रमांक-33 पर अंकित ज्ञान रंजन के वर्तमान पदस्थापन में सुधार किया गया है। अब उन्हें विशेष शाखा के स्थान पर डीएसपी झारखंड जगुआर, रांची के पद पर तैनात किया गया है। 

दो महिला  डीएसपी और एक अन्य अधिकारी की पोस्टिंग रहेगी यथावत 

  1. पूजा कुमारी-2: पूजा कुमारी-2 का अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी लोहरदगा के पद पर किया गया पदस्थापन रद्द कर दिया गया है। अगले आदेश तक वे डीएसपी अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी), झारखंड के पद पर कार्य करेंगी। 
  2. श्रद्धा केरकेट्टा: श्रद्धा केरकेट्टा का अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) लोहरदगा से अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) में किया गया तबादला आदेश निरस्त कर दिया गया है। वे अपने पूर्व पद पर यथावत बनी रहेंगी। 
  3. अमर कुमार पाण्डेय: रांची के डीएसपी (मुख्यालय-1) अमर कुमार पाण्डेय का झारखंड जगुआर, रांची में किया गया स्थानांतरण रद्द कर दिया गया है। वे भी अपने वर्तमान पद(डीएसपी मुख्यालय-1, रांची) पर ही बने रहेंगे।

Published / 2026-05-20 18:13:33
रांची : राजधानी के तीनों फ्लाईओवरों को जल्द हाईटेक बनाने की तैयारी

  • रांची : राजधानी के तीनों फ्लाईओवरों को जल्द हाईटेक बनाने की तैयारी
  • रांची के 3 फ्लाईओवर जल्द होंगे हाईटेक, तेज रफ्तार वाहनों पर लगेगी लगाम

टीम एबीएन, रांची। राजधानी के पर बने फ्लाईओवरों पर जल्द ही हाईटेक सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाने की तैयारी चल रही है। ट्रैफिक पुलिस शहर में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं, तेज रफ्तार वाहनों और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए रातू रोड, कांटाटोली और सिरमटोली फ्लाईओवर पर अत्याधुनिक कैमरे लगाने की योजना बना रही है। 

हालांकि कैमरे कब तक लगाये जायेंगे, इसकी आधिकारिक समय-सीमा तय नहीं हुई है। लेकिन पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस दिशा में तैयारी शुरू कर दी गयी है और जल्द ही योजना को अमलीजामा पहनाया जायेगा।

ट्रैफिक एसपी ने बताया कि फ्लाईओवरों पर लगने वाले हाईटेक कैमरे सिर्फ वाहनों की निगरानी ही नहीं करेंगे, बल्कि ओवरस्पीडिंग, ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखेंगे। कैमरों की मदद से दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाने और अपराधियों की पहचान करने में भी आसानी होगी। 

शहर में लगातार बढ़ रही अपराध की घटनाओं पर अंकुश लगायी जा सकती है। पुलिस तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने में जुटी है। कैमरे लगने के बाद फ्लाईओवरों पर बेलगाम रफ्तार पर लगाम लगने के साथ-साथ अपराधियों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा सकेगी।

Published / 2026-05-19 17:24:28
गवर्नर से मिलकर देवेंद्रनाथ महतो ने की होटवार जेल पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग

  • गवर्नर से मिलकर देवेंद्रनाथ महतो ने की होटवार जेल पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग
  • जेएलकेएम नेता देवेन्द्र नाथ महतो होटवार जेल यौन शोषण प्रकरण मामले पर राज्यपाल से की मुलाकात
  • होटवार जेल प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच हो, कैदियों को मिले नियमानुसार हक-अधिकार एवं मूलभूत सुविधाएं : देवेंद्रनाथ महतो

टीम एबीएन, रांची। होटवार जेल यौन शोषण मामला तूल पकड़ता जा रहा है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर रांची स्थित होटवार केंद्रीय कारा में बंद महिला कैदी के गर्भवती होने की घटना की उच्चस्तरीय न्यायिक एवं निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही जेलों में कैदियों को नियमानुसार मूलभूत सुविधाएं, सुरक्षा एवं सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित कराने की मांग उठायी गयी।

ज्ञापन के माध्यम से देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि यदि महिला कैदी के गर्भवती होने की खबर सत्य है, तो यह जेल प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था एवं महिला सम्मान पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। जेल जैसी उच्च सुरक्षा वाली जगह में ऐसी घटना होना अत्यंत चिंताजनक है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि जेल में बंद व्यक्ति अपराधी हो सकते हैं, परंतु वे भी संविधान प्रदत्त मानवीय अधिकारों एवं सम्मानजनक जीवन के अधिकारी हैं। जेल मैनुअल एवं सरकारी नियमों के अनुरूप कैदियों को पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, समय पर स्वास्थ्य सुविधा एवं अन्य मूलभूत अधिकार उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए मामले को संवेदनशील बताते हुए उचित स्तर पर परीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित विभाग को अवगत कराने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहते हुए न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है।

जेएलकेएम ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई, महिला बंदियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली सुदृढ़ करने, तथा जेलों में कैदियों के हक-अधिकार एवं मूलभूत सुविधाएं तत्काल सुनिश्चित की जायें। ज्ञापन सौंपने में प्रतिनिधिमंडल में जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो, संगठन महासचिव मनीष कुमार साहू, संजीव रंजन प्रसाद, कलेश्वर बड़ाईक, फूलेश्वर बैठा थे।

Published / 2026-05-18 18:29:10
झारखंड : 336 अभ्यर्थियों को सीएम ने सौंपा नियुक्ति पत्र

  • झारखंड : 336 अभ्यर्थियों को सीएम ने सौंपा नियुक्ति पत्र
  • सीएम हेमंत सोरेन ने 336 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, 
  • बोले- जल्द होंगी हजारों नयी भर्तियां

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित कार्यक्रम में 319 शिक्षकों और 17 महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आने वाले दो से चार महीनों में हजारों नयी नियुक्तियां करने जा रही है।

शिक्षा विभाग में तेज हुई नियुक्ति प्रक्रिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बनने के बाद से ही मानव संसाधन के क्षेत्र में नियुक्ति प्रक्रिया को तेजी दी गयी है। उन्होंने बताया कि पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में करीब 9 हजार शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। नियुक्ति पत्र पाने वाले सभी अभ्यर्थी इंटर और स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार केवल रोजगार देने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि झारखंड के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए नियुक्तियां कर रही है।

शिक्षा और कुपोषण पर सरकार का फोकस

हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय योजना का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। 

उन्होंने कहा कि वर्षों से कुपोषण झारखंड के लिए एक बड़ी चुनौती रहा है। अब सरकार का लक्ष्य राज्य को इस समस्या से बाहर निकालना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है और महिला पर्यवेक्षिकाओं की इसमें अहम भूमिका होगी।

स्वस्थ और शिक्षित पीढ़ी तैयार करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि आने वाली पीढ़ी स्वस्थ, शिक्षित और आत्मनिर्भर बने। इसके लिए शिक्षा, पोषण और रोजगार के क्षेत्र में लगातार काम किया जा रहा है। कार्यक्रम में संजय प्रसाद यादव, राधाकृष्ण किशोर समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।

Published / 2026-05-14 20:49:23
झारखंड में ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 लागू करने की तैयारी तेज

विकास आयुक्त ने दिये विस्तृत निर्देश 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार के विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को उनके कार्यालय कक्ष में ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 के क्रियान्वयन हेतु गठित कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी। बैठक में राज्य में ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। 

बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अबू इमरान, नगर विकास विभाग के सचिव सुनील कुमार, पर्यावरण विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीक पी, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव राजीव लोचन बक्शी, पंचायती राज विभाग की निदेशक राजेश्वरी बी, नगर आयुक्त सुशांत गौरव तथा सूडा के निदेशक सूरज कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य के सभी जिलों के उपायुक्त भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े। 

बैठक में बताया गया कि भारत सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू किए गए ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026 को शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में प्रभावी ढंग से लागू किया जायेगा। इसके क्रियान्वयन एवं मॉनीटरिंग के लिए राज्य स्तर पर गठित कोर कमेटी की यह पहली बैठक थी। 

विकास आयुक्त ने सभी संबंधित विभागों को विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर उसे धरातल पर लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में यह सुनिश्चित किया जाये कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल 2026 के अनुरूप कार्य व्यवस्थित तरीके से संचालित हो रहा है या नहीं। 

उन्होंने उपायुक्तों को पंचायत स्तर पर कचरा पृथक्करण (सेग्रीगेशन) के लिए स्थल चिह्नित करने तथा वहां प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की योजना तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रत्येक जिले में दो से तीन क्लस्टर विकसित करने की बात कही, जहां वैज्ञानिक तरीके से कचरे की डंपिंग और प्रोसेसिंग की जा सके। 

विकास आयुक्त ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए थर्ड पार्टी एजेंसी को जोड़े जाने का सुझाव देते हुए कहा कि एजेंसी घरों से कचरा एकत्र कर उसे प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाये। उन्होंने पंचायतों की जवाबदेही तय करने तथा पंचायत स्तर से कचरा संग्रहण कर उसे सेग्रीगेशन प्लांट तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया। 

बैठक में उन्होंने निर्देश दिया कि 50 से 60 किलोमीटर के दायरे में सेंटर पॉइंट बनाकर कचरा प्रोसेसिंग की व्यवस्था की जाये। प्रोसेसिंग का दायित्व जिला परिषद को भी दिए जाने की बात कही गई। गांव स्तर पर कचरा संग्रहण के लिए ट्राई-साइकिल के उपयोग पर बल देते हुए उन्होंने एक मानक डिजाइन वाला ई-रिक्शा विकसित करने का निर्देश दिया, जिसमें चार अलग-अलग डिब्बे हों ताकि विभिन्न प्रकार के कचरे को अलग-अलग रखा जा सके। इसके लिए विस्तृत एसओपी तैयार करने का भी निर्देश दिया गया। 

विकास आयुक्त ने सभी जिलों को अपने-अपने डंप साइट की सफाई सुनिश्चित करने तथा खाली भूमि पर वृक्षारोपण की योजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कई जिलों में भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रोसेसिंग प्लांट शुरू नहीं हो पा रहे हैं, इसलिए जहां भूमि की कमी है वहां भूमि उपलब्ध कराई जाए और आवश्यकता पड़ने पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अपनायी जाये। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि कचरा प्रोसेसिंग प्लांट आबादी वाले क्षेत्रों, अस्पतालों और जलापूर्ति स्रोतों से दूर स्थापित किये जायें ताकि लोगों के स्वास्थ्य पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। 

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