टीम एबीएन, रांची। कोयला मंत्रालय में कामॅर्शियल माइनिंग के तहत छठे दौर की प्रक्रिया के तहत 27 फरवरी से कोल ब्लॉक की नीलामी के लिए बोली लगायी जायेगी। देशभर के 11 राज्यों के 141 कोल ब्लॉक की नीलामी के लिए निविदा तीन नवंबर 2022 को जारी की गयी थी।
इसमें झारखंड के 17 कोल ब्लॉक शामिल थे। पर देशभर के कुल 36 कोल ब्लॉक के लिए 96 बिडर्स आये, जिसमें तकनीकी रूप से 27 कोल ब्लॉक ही ऐसे थे, जिसमें एक से अधिक बिडर आये थे। इनके बीच 27 फरवरी से बोली लगायी जायेगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा का बजट सत्र 27 फरवरी से शुरू हो रहा है है। पर 24 मार्च को विधानसभा की कार्यवाही स्थगित होगी। छुट्टी की सरकारी कैलेंडर में भूलवश 24 मार्च को अवकाश नहीं है, लेकिन इस दिन सरहुल है। इसे देख विधानसभा पूर्व घोषित कार्यक्रम में फेरबदल करेगा।
27 फरवरी को सदन आहूत होने के पहले दिन कार्यमंत्रणा समिति की बैठक होगी। इस बैठक में 24 को सत्र स्थगित रखने के फैसले पर आधिकारिक मुहर लगेगी। संसदीय कार्यमंत्री आलमगीर आलम ने इस बाबत कहा है कि 24 को सरहुल को देखते हुए कार्यवाही आगे बढ़ायी जायेगी। इस पर सत्र के पहले दिन फैसला हो जायेगा। सूचना के मुताबिक 25 मार्च, शनिवार या फिर 27 मार्च, सोमवार को कार्यवाही एक दिन के लिए बढ़ायी जा सकती है।
टीम एबीएन, रांची। ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम की गिरफ्तारी से शासन-प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। पूजा सिंघल के बाद दूसरे बड़े रसूखदार अधिकारी भ्रष्टाचार मामले में पकड़ा गया है। इससे फिर झारखंड शर्मसार हुआ है। विधायक सरयू राय ने कहा कि राज्य में कई ऐसे वीरेंद्र राम हैं, जिनपर कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
फिलहाल, चीफ इंजीनियर रिमांड पर है और ईडी उनसे पूछताछ कर रही है। वहीं, ग्रामीण विभाग ने गिरफ्तार चीफ इंजीनियर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी है। ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा है कि जल्द ही इस संबंध में चिठ्ठी निकल जायेगी। गौरतलब है कि ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम के 24 ठिकानों पर 2 दिनों तक इडी की छापेमारी के बाद गुरुवार को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद वीरेंद्र राम को ईडी ने 5 दिनों के रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर भ्रष्टाचार को लेकर झारखंड सुर्खियों में है। विधायक सरयू राय ने वीरेंद्र राम की गिरफ्तारी पर कहा कि राज्य सरकार में कई और भ्रष्ट अधिकारी है, जिन्हें चिन्हित कर सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी की एक सीमा होती है, जो उसके तहत कार्रवाई करती है। लेकिन एसीबी को लगातार भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए। राज्य में एसीबी को जिस तरह से लचर कर दी गयी है, उससे लगता है कि राजनीतिक मोलभाव के कारण एसीबी कार्रवाई नहीं कर रही है। कभी जांच पूरी हो जाती है तो कार्रवाई नहीं होती।
एसीबी सिर्फ खानापूर्ति को लेकर कार्रवाई करती है। सरयू राय ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों को खाद पानी कहां से मिलता है। सरकार सजग रहे तो कोई भ्रष्ट नहीं हो सकता है। इन भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से राजनेताओं पर भी आक्षेप लगने लगता है।
माले विधायक विनोद सिंह ने कहा है राज्य में भ्रष्टाचार व्यप्त है। इससे इंकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि निविदा फाइनल करने में 6 से 8 महीने लग जाते हैं। इसके पीछे सिर्फ बारगेन पॉलिसी है।
टेंडर होने के बाद भी वर्क आर्डर मिलने में देरी होती है। यह भ्रष्टाचार नहीं तो और क्या है। उन्होंने कहा कि लोक सेवक और जनसेवक सभी का 2 वर्षों पर संपत्तियों की जांच होनी चाहिए।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा बजट सत्र की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। यह सत्र 27 फरवरी से 24 मार्च तक चलेगा। सत्र के संचालन को लेकर स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने सीएम समेत सभी दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद अधिकारियों के साथ ही हाईलेबल मीटिंग की। इस दौरान सत्र के सुचारू रूप से संचालन को लेकर कई फैसले लिये गये।
स्पीकर ने कहा कि सदन में उनके आसन की ऊंचाई की वजह से सीएम समेत कई माननीयों से फेस टू फेस मुखातिब होने में दिक्कत होती थी। इसको ध्यान में रखते हुए टेबल की ऊंचाई को कम कर दिया गया है। बैठक में स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि सदन के भीतर गुंबद की ऊंचाई काफी है।
इसके अलावा गुंबद में शीशे से नक्काशी की गई है जिसके टूटने की आशंका बनी रहती है। इसकी वजह से माननीयों को खतरा हो सकता है। इसको ध्यान में रखते हुए गुंबद के नीचे नेटिंग करने को कहा गया है। जब स्पीकर से यह पूछा गया कि मीटिंग के दौरान भाजपा और आजसू का कोई भी प्रतिनिधि क्यों नहीं आया तो उन्होंने इसपर कोई जवाब नहीं दिया।
स्पीकर ने कहा कि 24 मार्च को सरहुल पर्व की बात सामने आ रही है, लेकिन उस दिन सरकारी छुट्टी वाले कैलेंडर में इसका जिक्र नहीं है। लिहाजा, बोर्ड की परीक्षा की तिथि में भी बदलाव की बात सामने आ रही है। स्पीकर ने कहा कि 24 मार्च को ही बजट सत्र का अंतिम कार्यदिवस है। लिहाजा, राज्यपाल के अभिभाषण के बाद कार्यमंत्रणा की बैठक में 24 मार्च के मसले पर चर्चा कर कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा। स्पीकर ने कहा कि 24 मार्च की कार्यवाही को 25 मार्च के दिन शिफ्ट किया जा सकता है।
स्पीकर ने कहा कि विधानसभा से पारित कई विधेयक इस वजह से राजभवन ने लौटाये हैं क्योंकि संबंधित विधेयक के अंग्रेजी और हिंदी रूपांतरण में एकरूपता नहीं थी। इसपर नाराजगी जताते हुए स्पीकर ने कहा कि जो ग्रामर सचिवालय के अधिकारी पढ़ते हैं, वहीं ग्रामर राजभवन के अधिकारी भी पढ़ते हैं। फिर किसी भी विधेयक के हिन्दी और अंग्रेजी अनुवाद में गलतियां कैसे हो रही हैं।
स्पीकर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आगे से ऐसा नहीं होना चाहिए। स्पीकर ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि विधेयकों के सदन पटल पर रखे जाने से पहले उसकी प्रति सात दिन पूर्व विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध कराना है।
अगर किसी विधेयक में संशोधन लाना है तो मूल अधिनियम और अद्यतन संशोधन की प्रति भी विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध कराना होगा। स्पीकर ने कहा कि माननीयों की शिकायत रहती है कि विधेयक की कॉपी उन्हें ससमय नहीं मिलती है, ताकि वह अध्ययन कर उसकी खामियों पर प्रकाश डाल सकें।
टीम एबीएन, रांची। ग्रामीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को वीरेंद्र राम को अशोक नगर स्थित घर से ईडी की टीम एजेंसी के जोनल कार्यालय लेकर पहुंची थी, जहां ईडी के जॉइंट डायरेक्टर सहित कई अधिकारियों ने वीरेंद्र राम से पूछताछ की। पूछताछ के बाद देर रात विनोद राम को गिरफ्तार कर लिया गया।
शाम करीब 4 बजे ईडी की टीम वीरेंद्र राम को अपने साथ लेकर उनके अशोक नगर स्थित आवास से सीधे एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी के जोनल कार्यालय पहुंची। जहां उनसे पूछताछ शुरू की गयी थी। पूछताछ के दौरान वीरेंद्र राम अपनी काली कमाई को लेकर कोई सटीक जवाब एजेंसी को नहीं दे पाये, जिसके बाद वीरेंद्र राम को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया।
गौरतलब है कि मंगलवार की तड़के सुबह वीरेंद्र राम के रांची, दिल्ली, जमशेदपुर और बिहार के सिवान में 24 ठिकानों पर ईडी की टीम ने एक साथ छापेमारी शुरू की थी। वीरेंद्र राम के घर पर 24 घंटे तक ईडी ने छापेमारी की कार्रवाई चली।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय स्वच्छ-गंगा मिशन (एनएमसीजी) के तहत बुधवार को पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में क्रियान्वित की जाने वाली कुल नौ परियोजनाओं को मंजूरी दी गयी, जिन पर कुल 1278 करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान है।
इन परियोजनाओं में सात गंगा बेसिन में प्रदूषण कम करने की परियोजनाएं हैं और दो नदी घाट के विकास कार्य से संबंधित हैं। इन परियोजनाओं को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार एनएमसीजी के महानिदेशक जी अशोक कुमार की अध्यक्षता में एनएमसीजी की कार्यकारी समिति की 47वीं बैठक में मंजूरी दी गयी।
नमामि गंगे अभियान की कार्य समिति ने पश्चिम बंगाल में चकदहा नगर निगम में दैनिक 1.3 करोड़ लीटर क्षमता के सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) और 30 लाख लीटर क्षमता के विकेन्द्रीकृत एसटीपी के निर्माण के लिए 123 करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं।
उत्तर प्रदेश में, प्रयागराज में सलोरी एसटीपी की सीवेज उपचार क्षमता की क्षमता दैनिक 4.3 करोड़ लीटर और बढ़ाकर 13 नालों को मोड़ने की तीन परियोजना के लिए 422 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गयी है।
उत्तर प्रदेश के लिए मंजूर एक और परियोजना के तहत मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर में 8 स्थानों पर स्थित बनाये गये वेटलैंड सिस्टम के विकास द्वारा के जरिए काली पूर्व नदी के पुनरोद्धार के काम के लिए 95.47 करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं।
बिहार में सारण में अटल घाट मांझी घाट के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये तथा लखीसराय कस्बे में दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (1.09 करोड़ लीटर और 1.066 करोड़ लीटर दैनिक क्षमता) के विकास के लिए 94.12 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गयी है।
मध्य प्रदेश में इंदौर में कहन और सरस्वती नदियों में प्रदूषण कम करने के लिए 511 करोड़ रुपये की लागत वाली एक प्रमुख परियोजना को स्वीकृति दी गयी है।
विज्ञप्ति के अनुसार केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा औद्योगिक प्रदूषण की निगरानी के लिए गंगा बेसिन (पीआईएएस) पर प्रदूषण आविष्कार, आकलन और निगरानी नाम की परियोजना के लिए 114.42 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची में जी-20 की बैठक दो मार्च को होने वाली है। इस बैठक को लेकर लंबे समय से तैयारी की जा रही है। जी-20 के 60 डेलीगेट इस बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। इस बैठक को लेकर शहर के साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सड़क के किनारे लगने वाले ठेलों को भी बंद कर दिया गया है।
रांची में दो-तीन मार्च को जी-20 की बैठक प्रस्तावित है। बैठक में शामिल जी-20 देशों के प्रतिनिधि पतरातू डैम का आनंद लेने भी जा सकते हैं। ऐसे में पर्यटन निदेशालय, झारखंड ने पतरातू लेक रिसोर्ट को 11 दिनों तक आम लोगों के लिए बंद रखने का फैसला किया है।
जी-20 समिट को देखते रामगढ़ जिला स्थित पतरातू लेक रिसोर्ट को 22 फरवरी से चार मार्च तक बंद रखा जायेगा। इस अवधि में आम लोगों के लिए लेक रिसोर्ट एरिया पूरी तरह से बंद रहेगा। इसके जरिये लेक रिसोर्ट की साफ सफाई, सुंदरीकरण और अन्य कार्यों को दुरूस्त रखा जायेगा, ताकि यहां आने पर राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय अतिथियों को पतरातू लेक का भरपूर आनंद मिल सके।
टीम एबीएन, कोडरमा/ रांची। कोडरमा में ब्लू स्टोन के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई संपन्न हो गयी है। झरीटांड़ और इंदरवा जंगल के तकरीबन 10 एकड़ के भूभाग पर फैले तकरीबन 200 खदानों को प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस बलों की मौजूदगी के बीच मिट्टी और पत्थर का भराव दिया है।
अवैध खनन में इस्तेमाल किये जाने वाले मशीनों और उपकरणों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया है। इसके अलावा कुछ जनरेटर मशीनों को जब्त कर लाया गया है। अभियान का नेतृत्व कर रहे वाइल्डलाइफ के डीएफओ अवनीश रंजन ने बताया कि कई वर्षों से आसपास के लोग ब्लूस्टोन का अवैध उत्खनन कर रहे थे, जिससे जंगल के साथ-साथ वन्य प्राणियों को ही नुकसान पहुंच रहा था। ऐसे में यह कार्रवाई जरूरी थी।
दूसरी तरफ उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि अवैध खनन को लेकर राज्य सरकार सख्त है और राज्य सरकार के दिशा निर्देश पर ही यह बड़ी कार्रवाई की गयी है। उन्होंने कहा कि जंगल के बीचो बीच जिस तरह से अवैध उत्खनन किया जा रहा था, वह मानवीय दृष्टिकोण से कहीं भी उचित नहीं है और इन तंग खदानों में अक्सर दुर्घटनाएं भी होती रहती है. ऐसे में खदानों को भराव किया गया है। उन्होंने बताया कि चिह्नित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी।
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