टीम एबीएन, रांची। अब झारखंड में कुआं, तालाब या नाला आदि में भी डूबने से मृत्यु होने पर परिवारों को इसका लाभ मिल सकेगा क्योंकि कैबिनेट की स्वीकृति के बाद हेमंत सरकार ने इस संबंध में नियम में संशोधन करते हुए संकल्प जारी कर दिया है।
राज्य सरकार द्वारा राज्य की विशिष्ट स्थानीय आपदाओं में पानी में डूबने की घटना को राज्य की विशिष्ट स्थानीय आपदा घोषित करने से केंद्रीय गृह मंत्रालय के आपदा प्रबंधन प्रभाग द्वारा 10 अक्टूबर 2022 द्वारा जारी मापदंड की संशोधित सूची के अनुसार सहायता राशि दी जायेगी।
कुआं, तालाब या नाले में डूबने से किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उपायुक्त द्वारा घटना की प्रशासनिक जांच करायी जायेगी और मृतक के मृत्यु प्रमाण पत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्राथमिकी व प्रशासनिक जांच प्रतिवेदन के आधार पर मृतक के परिवार को अनुग्रह राशि के भुगतान के संबंध में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार निर्णय लेगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा सभा के बजट सत्र में भोजनावकाश के बाद विपक्ष के बहिष्कार के बीच सदन ने एससी, एसटी, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण की अनुदान मांग गोधनी मसीह भजन प्रदान करें।
अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री चम्पई सोरेन ने कहा कि सबसे पहले राज्य की सामाजिक और बुनियादी व्यवस्था को मजबूत करना है। ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को शहरों में शिक्षा ग्रहण में परेशानी नहीं हो, इसको ध्यान में रखकर रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग, दुमका, देवघर, चाईबासा, गोड्डा में बहुमंजिला छात्रावास का निर्माण कराया जायेगा।
एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यकों के लिए संचालित छात्रावास में रसोइया और सफाईकर्मी की नियुक्ति की जायेगी। साथ ही सरकार छात्रावास में रहने वाले छात्र छात्राओं के लिए भोजन की भी व्यवस्था करेगी। हर छात्रावास में लाइब्रेरी का निर्माण किया जायेगा। आदिवासी संस्कृति कलाकेंद्र की व्यवस्था की जायेगी।
वहीं एससी, ओबीसी बहुल गांवों में धार्मिक स्थल और शमसान घाटों की घेराबन्दी करवाई जायेगी। वहीं अनुदान मांग पर कटौती प्रस्ताव लाते हुए भाजपा विधायक केदार हाजरा ने कहा कि केंद्र सरकार ने एससी, एसटी और ओबीसी का बजट तीन गुणा बढ़ाया।
आदिवासी समाज का गौरव बढ़े, इसको ध्यान में रखकर मोदी सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को आदिवासी गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाया। 10 हजार पोषण सखियों को नौकरी से हटाया।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों को निलंबन से मुक्त किया है। जितेंद्र मुंडा तत्कालीन अंचल अधिकारी गमहरिया को आरोप से मुक्त किया है।
अरुण कुमार खलको तत्कालीन अवर निर्वाचन अधिकारी कोडरमा को संच्यामक प्रभाव से दो वेतन वृद्धि का दंड अधिरोपित आरोपित किया है। झारखंड प्रशासनिक सेवा तृतीय बैच के अधिकारी श्री अनिल कुमार सिंह तत्कालीन अंचल अधिकारी देवघर को निलंबन से मुक्त किया है।
वहीं तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रभारी अंचलाधिकारी सरिया जिला गिरिडीह श्री शशि भूषण वर्मा को भी निलंबन से मुक्त किया है। इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने अधिसूचना निर्गत की है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का को ईडी ने दोबारा समन भेजकर 27 मार्च को पूछताछ के लिए बुलाया है। इससे पहले आइएएस एक्का को ईडी ने समन भेजकर 15 मार्च को बुलाया था।
एक्का ने ईडी को पत्र भेजकर विधानसभा सत्र का हवाला देते हुए 24 मार्च के बाद बुलाने का आग्रह किया था। जांच एजेंसी एक्का से यह जानने की कोशिश कर सकती है कि विशाल चौधरी से उनका क्या संबंध है। क्या दोनों के बीच पैसों का लेनदेन भी हुआ है।
पिछले साल 24 मई को ईडी ने विशाल चौधरी के अशोक नगर स्थित आवास पर छापा मारा था। इस दौरान चौधरी ने अपना मोबाइल फोन कचरे में फेंक दिया था।
एक्का झारखंड के तीसरे आईएएस अधिकारी हैं, जिनसे ईडी पूछताछ करेगी। इससे पहले पूजा सिंघल और साहिबगंज डीसी रामनिवास यादव से ईडी पूछताछ कर चुकी है।
एक्का सीएम के प्रधान सचिव रहे हैं। उनके पास सूचना एवं जनसंपर्क, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी था। वीडियो जारी होने के तत्काल बाद उन्हें सभी पदों से हटाकर पंचायती राज विभाग का प्रधान सचिव बना दिया गया था।
टीम एबीएन, रांची। पोस्टल पेंशनर्स एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि पोस्टमैनों के बकाये भुगतान को लेकर 20 मार्च को झारखंड के सभी मंडलों में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जायेगा।
एसोसिएशन के सचिव एमजेड खान ने कहा कि पेंशनर्स के मेडिकल क्लेम के भुगतान को लेकर उनके नेतृत्व में एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल 27 फरवरी को दिल्ली में सहायक डायरेक्टर जनरल सीजीएचएस डॉ विनोद शर्मा से मिला था।
सीजीएचएस रांची की स्थिति से अवगत कराया गया और ज्ञापन दिया गया था। उन्होंने आश्वासन दिया और कहा कि एक माह के अंदर पेंशनर्स के मेडिकल क्लेम की मंजूरी पर कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सचिवालय सहित सभी सरकारी कार्यालयों में एक अप्रैल 2023 की तिथि से फिर से बायोमेट्रिक हाजिरी को अनिवार्य कर दिया गया है। इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार राजभाषा विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। कोरोना की वजह से 11 मार्च 2020 से एहतियातन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था को अस्थायी तौर पर अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।
इस अवधि में सभी सरकारी कर्मियों द्वारा पूर्व की व्यवस्था के तहत उपस्थिति पंजी में मैनुअल उपस्थिति दर्ज किया जाना अनिवार्य किया गया है। 10 फरवरी 2023 को स्वास्थ्य चिकित्सा तथा परिवार कल्याण विभाग की ओर से राज्य में कोविड-19 का संक्रमण नगण्य होने के संबंधित रिपोर्ट देने के बाद बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने की निर्धारित प्रक्रिया प्रारंभ करने का मंतव्य दिया गया है। सरकार ने सम्यक विचार करने के बाद आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली एक अप्रैल से फिर से प्रारंभ करने का फैसला लिया है। इस संबंध में सभी विभागों को सूचित किया गया है।
साथ ही इसकी प्रतिलिपि महालेखाकार झारखंड सभी विभाग सभी विभाग अध्यक्ष सभी प्रमंडलीय आयुक्त सभी उपायुक्त महा निबंधक उच्च न्यायालय रांची, सचिव झारखंड विधानसभा, राज्यपाल सचिवालय एवं मुख्यमंत्री सचिवालय झारखंड, कार्मिक मंत्रालय भारत सरकार तथा स्थानिक आयुक्त झारखंड भवन नई दिल्ली को भी सूचना दी गयी है।
टीम एबीएन, रांची। पीएम पोषण योजना (मध्याह्न भोजन योजना) के तहत कार्यरत महिला रसोइया एवं सहायिका को आगामी वित्तीय वर्ष 2023-24 से साल में 12 महीने का मानदेय मिल सकता है। राज्य सरकार इसकी तैयारी कर रही है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इसे लेकर प्रस्ताव तैयार किया है।
अभी तक खाना बनाने वाली इन महिलाओं को साल में 10 माह का ही मानदेय मिलता है। अब साल में 12 महीने का मानदेय देने पर अतिरिक्त राशि का भुगतान राज्य बजट से किया जायेगा। हालांकि राज्य सरकार ने केंद्र से भी 12 माह का मानदेय देने की मांग की है। पीएम पोषण योजना के तहत राज्य में लगभग 85 हजार महिला रसोइया कार्यरत हैं। भारत सरकार द्वारा स्वीकृत बजट के अनुसार, महिला रसोइया एवं सहायिका को वर्ष में दस माह के लिए ही मानदेय की राशि उपलब्ध करायी जाती है।
महिला रसोइया एवं सहायिका कई वर्षों से पूरे वर्ष अर्थात 12 माह के लिए मानदेय देने की मांग करते हुए आंदोलन करती रही हैं। इन्हें प्रतिमाह दो हजार रुपये मानदेय मिलता है। इसमें 600 रुपये भारत सरकार द्वारा वहन किया जाता है, जबकि केंद्रांश के रूप में 400 रुपये तथा अतिरिक्त एक हजार रुपये अर्थात कुल 1,400 रुपये राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
पीएम पोषण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट की स्वीकृति के लिए प्रोग्राम एप्रूबल बोर्ड की बैठक अब 20 अप्रैल को होगी। पहले यह बैठक 14 मार्च को ही होनेवाली थी, लेकिन समय पर नहीं हो सकी थी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने पैब की बैठक की नई तिथि की जानकारी राज्य के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को दे दी है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने राज्य के चिकित्सकों एवं चिकित्सा सेवा से संबद्ध व्यक्तियों तथा संस्थानों की सुरक्षा के लिए चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा एवं सम्पत्ति नुकसान निवारण) विधेयक 2023 को बुधवार को स्वीकृति दे दी।
झारखंड सरकार के मंत्रिमंडल सचिव अजय कुमार सिंह ने यहां मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार देर शाम हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 39 अन्य प्रस्तावों के साथ इस महत्वपूर्ण विधेयक को स्वीकृति दी गयी। राज्य में विभिन्न स्थानों पर चिकित्सकों एवं चिकित्सा कर्मियों के साथ लगातार हो रही हिंसा की घटनाओं के मद्देनजर चिकित्सा क्षेत्र की मांग को देख राज्य मंत्रिमंडल ने इस विधेयक को अपनी मंजूरी दी।
गौरतलब है कि इस कानून के लिए एक मार्च को पूरे राज्य के चिकित्साकर्मी हड़ताल पर थे। अब राज्य विधानसभा से इसे पारित करवाकर राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेजा जायेगा, जिससे इसे कानून का रूप दिया जा सके। मंत्रिमंडल द्वारा इस विधेयक को पारित करने पर भारतीय चिकित्सा संघ ने प्रसन्नता व्यक्त की है।
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