टीम एबीएन, देवघर/ रांची। झारखंड के देवनगरी देवघर से 26 मार्च को हवाई सेवा शुरू होने जा रही है। देवघर से लोग आसानी से अब पटना और रांची का सफर तय कर सकेंगे। बता दें कि इंडिगो अपनी फ्लाइट सर्विस कल से देवघर से पटना और देवघर से रांची के लिए शुरू कर रही है।
बुकिंग शुरू की जा चुकी है तो आप इसकी बुकिंग आनलाइन या आफलाइन कर सकते हैं। टिकट की कीमत करीब 4000 तय की गई है। बता दें कि फ्लाइट की सेवा शुरू होने से महज 1 घंटे में देवघर से पटना और देवघर से रांची तक का सफर तय किया जा सकेगा।
फ्लाइट सुबह 11.15 में देवघर से पटना के लिए उड़ान भरेगी और करीब 1 घंटे में 12.15 तक पटना के जय प्रकाश नारायण एयरपोर्ट पहुंचेगी। वहीं पटना एयरपोर्ट से इंडिगो की फ्लाइट 6ए-7945 दोपहर 12.35 पर देवघर के लिए उड़ान भरेगी, जो करीब 1 बजकर 35 मिनट पर देवघर एयरपोर्ट पर लैंड करेगी।
वहीं, शाम 4.45 में देवघर से रांची के लिए विमान उड़ान भरेगी जो शाम 5 बजकर 40 मिनट पर रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर पहुंचेगी। वहीं, रांची से दोपहर 3 बजकर 25 मिनट पर इंडिगो की फ्लाइट देवघर के लिए उड़ान भरेगी और एक घंटे में देवघर एयरपोर्ट पर 4 बजकर 25 मिनट पर लैंड करेगी।
देवघर से इस विमान संचालन के बाद लोगों में खुशी का माहौल है क्योंकि लोग देवघर में अकसर बिजनेस या धार्मिक यात्रा के लिए आना-जाना करते रहते हैं। इस विमान सेवा के जरिये बिहार की राजधानी पटना और प्रदेश की राजधानी रांची से देवघर का सफर काफी आरामदायक और आसान हो जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में रामनवमी के अवसर पर विधि व्यवस्था के संधारण के लिए राज्य के 24 जिलों में 5000 होमगार्ड की तैनाती की जा रही है। इस संबंध में एडीजी अभियान ने स्वीकृति दे दी है। इन सभी जवानों की तैनाती 28 मार्च से 1 अप्रैल तक के लिए होगी।
झारखंड पुलिस मुख्यालय की ओर से स्वीकृति आदेश में यह बताया गया है कि रामनवमी पर्व 2023 के अवसर पर विधि व्यवस्था के संधारण के लिए सभी जिलों के लिए 28 मार्च से लेकर 4 अप्रैल तक कुल 5 दिन के लिए कुल पांच हजार होमगार्ड जवानों की तैनाती पूरे प्रदेश में की जायेगी।
28 मार्च को सभी होमगार्ड अपने-अपने जिलों में योगदान दे देंगे, जहां से सभी पुलिस अधीक्षकों के द्वारा उन्हें जिले की सुरक्षा और विधि व्यवस्था के संधारण के काम में लगाया जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। मेकॉन से सिरोमटोली फ्लाईओवर निर्माण कार्य के दौरान मेन रोड ओवरब्रिज के निर्माण कार्य में कार्यरत कंपनी द्वारा लोड टेस्ट किया जाना है। इसे लेकर ओवर ब्रिज पर आवागमन नहीं हो सकेगा। शहर वासियों से अनुरोध है कि आवागमन के लिए वैकल्पिक मार्ग का प्रयोग करें।
राजेन्द्र चौक से ओवर ब्रिज के समीप रेडिसन चौक तक 33 घंटे का रोड ब्लॉकेज रहेगा। शनिवार दिनांक 25 मार्च 2023 की रात 09ः00 बजे से सोमवार दिनांक 27 मार्च 2023 की सुबह 06ः00 तक आवागमन बंद रहेगा।
रोड ब्लॉकेज के दौरान रांचीवासी वैकल्पिक मार्ग से आवागमन कर सकेंगे, जो निम्न है:-
टीम एबीएन, रांची। प्रकृति पर्व सरहुल को लेकर पूरे राज्य में उत्साह चरम पर है। मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने राज्यवासियों को बधाई देते हुए पेड़ लगाने की अपील की है। हर बार चैत्र महीने के तीसरे दिन यानी चैत्र शुक्ल तृतीया तिथि को मनाया जाना वाला सरहुल पर्व आदिवासियों का विशिष्ट पर्व है।
सरहुल का शाब्दिक अर्थ है साल की पूजा जो धरती माता को समर्पित है। यही वजह है कि आज के दिन लोग बड़े ही उत्साह के साथ झूमते नाचते गाते हुए प्रकृति की पूजा करते हैं। समय के साथ भले ही लोगों के जीवन शैली बदल रहे है मगर परंपरा आज भी जीवित है। जिसका प्रमाण इस साल भी सरहुल के मौके पर देखने को मिला।
मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजधानी रांची के आदिवासी हॉस्टल और सिरम टोली स्थित सरना स्थल पर न केवल पूजा अर्चना की बल्कि मांदर बजाकर लोगों को सरहुल की बधाई दी। यहां सीएम अपने दोनों बेटों के साथ पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने लोगों के साथ पारंपरिक रूप से नृत्य भी किया।
मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी हॉस्टल का कायाकल्प सरकार करेगी। जिसके लिए सरकार ने स्वीकृति दे दी है। योजना के तहत 500 छात्र छात्राओं के लिए भव्य छात्रावास बनाये जायेंगे। इसके लिए स्वीकृति मिल चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला कॉलेज के लिए भी कार्य योजना बनाने को कहा गया है। रांची के अलावा जिन शहरों में महिला कॉलेज हैं वहां इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जायेगा। बहुत जल्द रांची के महिला कॉलेज के साइंस और आर्ट्स ब्लॉक को भव्य रूप देने के लिए काम किया जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारियों को आरोपमुक्त किया है। वहीं कई अधिकारियों को दंडित भी किया है।
श्री राजीव रंजन कुमार तत्कालीन महाप्रबंधक कार्मिक (सामान्य प्रशासन झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड) रांची एवं श्री अंगार नाथ स्वर्णकार तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी कांडी जिला गढ़वा को आरोप मुक्त किया है।
वहीं श्री प्रदीप कुमार महतो तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी गढ़वा सदर के विरुद्ध असंच्यात्मक प्रभाव से 2 वेतन वृद्धि का दंड अधिरोपित किया है एवं श्री शशि भूषण वर्मा तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रभारी अंचल अधिकारी सरिया गिरिडीह के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित किये जाने का निर्णय लिया है।
श्री सुधीर कुमार दास तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी सदर मेदनीनगर, संप्रति अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया चतरा द्वारा समर्पित अपील आवेदन स्वीकृत करते हुए संच्यात्मक प्रभाव से दो वेतन वृद्धि का दंड यथावत रखा गया है।
श्री सुबोध कुमार तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी रमकंडा गढ़वा संपत्ति प्रखंड विकास पदाधिकारी साहिबगंज सदर द्वारा समर्पित अपील अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते हुए संपुष्टि की तिथि से और असंच्यात्मक प्रभाव से 3 वेतन वृद्धि रोक के अधिरोपित दंड को यथावत रखा गया है। इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के संयुक्त सचिव श्री रंजीत कुमार लाल ने संकल्प जारी किया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्षय रोग (टीबी) के खिलाफ जनभागीदारी को भारत की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि 2014 के बाद जिस तरह से भारत ने नई सोच और दृष्टिकोण के साथ टीबी के खिलाफ काम करना शुरू किया, वह अभूतपूर्व है। टीबी के खिलाफ इसे वैश्विक लड़ाई का एक नया मॉडल बताते हुए उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया को यह जानकारी होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित वन वर्ल्ड टीबी समिट में अपने विचार रख रहे थे। मोदी ने कहा कि 2014 के बाद से भारत ने जिस नई सोच और अप्रोच के साथ टीबी के खिलाफ काम करना शुरू किया है वह वास्तव में अभूतपूर्व है। भारत के ये प्रयास आज पूरे विश्व को इसलिए भी जानने चाहिए क्योंकि टीबी के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का एक नया मॉडल है।
उन्होंने कहा कि बीते नौ वर्षों में भारत ने टीबी के खिलाफ इस लड़ाई में अनेक मोर्चों पर जैसे- जनभागीदारी, पोषण के लिए विशेष अभियान, इलाज के लिए नई रणनीति, तकनीक का भरपूर इस्तेमाल और अच्छी हेल्थ को बढ़ावा देने वाले फिट इंडिया, खेलो इंडिया, योग जैसे अभियान पर एकसाथ काम किया है। प्रधानमंत्री ने टीबी समिट के अपने संसदीय क्षेत्र में आयोजित किये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मेरे लिए ये बहुत खुशी के बात है कि वन वर्ल्ड टीबी समिट काशी में हो रही है।
सौभाग्य से मैं काशी का सांसद भी हूं। काशी नगरी शाश्वत धरा है जो हजारों वर्षों से मानवता के प्रयासों और परिश्रम की साक्षी रही है। काशी इस बात की गवाही देती है कि चुनौती चाहे कितनी ही बड़ी क्यों ना हो, जब सबका प्रयास होता है, तो नया रास्ता भी निकलता है। मुझे विश्वास है, टीबी जैसी बीमारी के खिलाफ हमारे वैश्विक संकल्प को काशी एक नई ऊर्जा देगी।
पूरी पृथ्वी को अपना परिवार मानने के भारतीय विचार का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक देश के तौर पर भारत की विचारधारा का प्रतिबिंब वसुधैव कुटुंबकम् की भावना में झलकता है। ये प्राचीन विचार आज आधुनिक विश्व को एकीकृत दृष्टि दे रहा है, एकीकृत समाधान दे रहा है। इसलिए ही प्रेसिडेंट के तौर पर भारत ने जी-20 समिट की भी थीम रखी है- एक दुनिया, एक परिवार, एक भविष्य! ये थीम एक परिवार के रूप में पूरे विश्व के साझा भविष्य का संकल्प है।
टीबी रोगियों की पहचान और उपचार के लिए उठाये गये कदमों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी टीबी मरीज इलाज से छूटे नहीं, इसके लिए हमने नई रणनीति पर काम किया। टीबी के मरीजों की स्क्रीनिंग के लिए, उनके ट्रीटमेंट के लिए हमने उन्हें आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा है। टीबी की मुफ्त जांच के लिए हमने देशभर में लैब्स की संख्या बढ़ायी है।
नि-क्षय मित्र पहल को लेकर उन्होंने कहा कि इससे टीबी की चुनौती से लड़ने में बहुत मदद मिली है। टीबी रोगियों के पोषण को बड़ी चुनौती बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसे ध्यान में रखते हुए सरकार 2018 में टीबी मरीजों के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की घोषणा की थी।
उन्होंने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई में भारत ने जनभागीदारी का बहुत बड़ा काम किया है। टीबी मुक्त भारत के अभियान से जुड़ने के लिए देश के लोगों से नि-क्षय मित्र बनने का आह्वान किया था। इस अभियान के बाद करीब-करीब 10 लाख टीबी मरीजों को देश के सामान्य नागरिकों ने गोद लिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब वर्ष 2025 तक टीबी खत्म करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। टीबी खत्म करने का ग्लोबल टार्गेट वर्ष 2030 है लेकिन भारत वर्ष 2025 तक टीबी खत्म करने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत में टीबी के मरीजों की संख्या कम हो रही है। कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर को टीबीमुक्त अवार्ड से सम्मानित किया गया है। मैं इस सफलता को प्राप्त करने वाले लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले रिमोट का बटन दबाकर टीबी-मुक्त पंचायत पहल के अलावा एक संक्षिप्त टीबी निवारक उपचार (टीपीटी) का आधिकारिक रूप से अखिल भारतीय स्तर पर शुभारंभ किया। मोदी ने टीबी के लिए परिवार केन्द्रित देखभाल मॉडल और भारत की वार्षिक टीबी रिपोर्ट 2023 जारी करने सहित विभिन्न पहलों का भी शुभारंभ किया।
प्रधानमंत्री ने टीबी के उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति के लिए चुनिंदा राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों और जिलों को प्रमाण पत्र, पदक और राशि देकर पुरस्कृत भी किया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण आज (शुक्रवार) लोकसभा में वित्त विधेयक- 2023 पेश करेंगी। यह विधेयक वित्त वर्ष 2023-2024 के लिए वित्तीय प्रस्तावों को प्रभावी बनाता है। इससे पहले गुरुवार को लोकसभा ने विनियोग विधेयक 2023 पारित किया था।
इसके साथ ही लोकसभा ने अलग-अलग मंत्रालयों की अनुदान मांगों को भी अपनी मंजूरी दे दी है। इस बीच विश्व बैंक के अध्यक्ष पद के नामित उम्मीदवार भारतीय मूल के अमेरिकी उम्मीदवार अजय बंगा कोविड पॉजिटिव पाये गये हैं। इसके बाद केंद्रीय वित्तमंत्री के साथ उनकी बैठक रद्द कर दी गयी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगभग चार माह बाद शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतर राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री विशेष विमान से जैसे ही विमानतल पर उतरे वहां पहले से मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुष्पगुच्छ देकर गर्मजोशी से अगवानी की। एयरपोर्ट पर कुछ देर मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद प्रधानमंत्री वायुसेना के चापर हेलीकाॅप्टर से पुलिस लाइन के लिए रवाना हो गये।
प्रधानमंत्री काशी को 1779.66 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात देंगे। उनमें कैंट स्टेशन से गोदौलिया चौराहे तक रोपवे ट्रांसपोर्ट, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
सभा के पूर्व प्रधानमंत्री मोदी स्वस्थ दृष्टि-समृद्ध काशी, खेलो बनारस और विभिन्न लोन योजनाओं से जुड़े 60 लाभार्थियों से अलग-अलग संवाद करेंगे। वह रोप-वे परियोजना का मॉडल व डेमो भी देखेंगे।
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर स्थित खेल मैदान में आयोजित जनसभा के पूर्व प्रधानमंत्री सिगरा स्थित अंतर राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में तीन दिवसीय वन वर्ल्ड टीबी समिट का शुभारंभ करेंगे।
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