टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा है कि मतदाता सूची से छूटे हर नागरिक को सूची से जोड़ा जायेगा और इसके लिए वृहद कार्यक्रम बनाया गया है। चुनाव आयोग का उद्देश्य है कि हर नागरिक प्रजातंत्र के उत्सव चुनाव में अपनी सक्रिय भूमिका निभायी। वे मंगलवार को चुनाव आयोग कार्यालय में पत्रकार वार्ता कर रहे थे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि चुनाव आयोग मतदाताओं को सूची से जोड़ने की कवायद तो कर ही रहा है, आम नागरिक भी वोटर सर्विस पोर्टल पर जाकर जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड कर खुद को मतदाता के रूप में सूचीबद्ध कर सकते हैं। चुनाव आयोग स्पीड पोस्ट के माध्यम से उनका वोटर आईडी कार्ड उनके पते पर भेज देगा। वही पोटर्ल पर जाकर वोटर आईडी में नाम सुधार, फोटो सुधार, पता सुधार आदि भी सहज तरीके से किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को मतदाता सूची से जोड़ने के लिए जहां विशेष कैंप का आयोजन होगा, वहीं हर घर का सर्वे कर मतदाताओं को सूची से जोड़ा जायेगा और त्रुटियों का सुधार भी होगा। यह कार्य 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलेगा। इसमें 17 अक्तूबर से 30 नवम्बर 2023 तक यदि कोई दावा या आपत्ति हो तो उसे दर्ज कराया जा सकेगा। जिस-जिस घर का सर्वे होगा, उसकी पहचान के लिए घर के बाहर इस आशय का एक स्टीकर भी चिपकाया जायेगा। साथ ही सर्वे करने वाले इससे जुड़ा ब्योरा एक रजिस्टर में भी दर्ज करेंगे। इसका सत्यापन भी कराया जायेगा।
उन्होंने कहा कि आयोग का महिला, दिव्यांग, बुजुर्ग, थर्ड जेंडर, सेक्स वर्कर और आदिम जनजाति को मतदाता सूची से जोड़ने पर विशेष फोकस रहेगा। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची से जोड़ने की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से अब त्रुटि की गुंजाइश हद तक खत्म हो गयी है। यही कारण है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के 28 दिन के भीतर स्पीड पोस्ट से वोटर कार्ड मतदाता के पते पर पहुंच जाता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के मुकाबले शहरी क्षेत्रों में मतदाता सूची से लोगों को जोड़ने में थोड़ी परेशानी आती है। इसका कारण शहर का विस्तार और नई जगहों पर मकान, अपार्टमेंट आदि का लगातार निर्माण है।
उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि झारखंड में महिला-पुरुष मतदाता अनुपात लगातार सुधर रहा है। एक हजार पुरुष मतदाता के अनुपात में पहले 909 महिलाएं थीं, जो अब 946 हो गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि 5 जनवरी 2024 को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के पहले पूर्व पुनरीक्षण गतिविधि के अलावा अन्य जरूरी कार्यों का निपटारा कर लिया जायेगा। इस महती कार्य के सुचारू क्रियान्वयन के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने आम नागरिकों, राजनीतिक दलों, मीडिया के प्रतिनिधियों तथा इस कार्य से जुड़े सभी लोगों से अपेक्षित सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। परिचालन के संकट के दौर से गुजर रही गो फर्स्ट एयरलाइन ने अपनी उड़ानों को 16 जून तक रद्द कर दिया है। गो फर्स्ट की ओर से एक बयान जारी कर कहा गया है कि परिचालन के कारण निर्धारित उड़ानों का संचालन 16 जून तक रद्द रहेगा, यात्रियों को जल्द ही टिकटों के पैसे रिफंड कर दिये जायेंगे।
गो फर्स्ट ने एक ट्वीट में कहा कि हमें आपको यह सूचित करते हुए खेद है कि परिचालन संबंधी कारणों से 16 जून 2023 तक निर्धारित गो फर्स्ट उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। उड़ान रद्द होने से हुई असुविधा के लिए हम क्षमा चाहते हैं।
गो फर्स्ट ने एक पत्र में कहा कि हम स्वीकार करते हैं कि उड़ान रद्द होने से आपकी यात्रा की योजना बाधित हो सकती है और हम हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने आगे कहा, जल्द ही भुगतान के मूल तरीके के लिए पूर्ण धनवापसी जारी की जायेगी। इससे पहले 8 जून को गो फर्स्ट ने घोषणा की थी कि उसकी निर्धारित उड़ान संचालन 12 जून तक रद्द रहेगा।
एयरलाइन ऑपरेटर ने मई की शुरुआत में स्वैच्छिक दिवाला के लिए दायर किया था और तब से इसका संचालन ठप पड़ा हुआ था। नागरिक उड्डयन नियामक डीजीसीए ने एयरलाइन को 30 दिनों की अवधि के भीतर एक व्यापक पुनर्गठन या पुनरुद्धार योजना प्रस्तुत करने की सलाह दी थी। गो फर्स्ट द्वारा एक बार प्रस्तुत की गई पुनरुद्धार योजना की नियामक द्वारा इस मामले में आगे की उचित कार्रवाई के लिए समीक्षा की जायेगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को ऑफिस के दौरान तनाव से दूर रहने और तरोताजा रहने के लिए योग ब्रेक लेने की सलाह दी है। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में केंद्र के मंत्रालयों और विभागों से कार्यस्थल पर इस नये योगा प्रोटोकॉल को अपनाने और बढ़ावा देने को कहा है। मंत्रालय की ओर से कुछ सरल योग अभ्यास का भी जिक्र किया गया है जिनमें आसन, प्राणायाम, और ध्यान शामिल है।
ऑफिस में कर्मचारियों के लिए वाई-ब्रेक का आइडिया आयुष मंत्रालय की ओर से पेश किया गया है। मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा है कि वाई-ब्रेक प्रोटोकॉल को लेकर अभी तक जो प्रतिक्रिया सामने आयी है वो बहुत ही उत्साहजनक रही है। वाई ब्रेक का मतलब उस छोटे ब्रेक से है जिसे कर्मचारी अपनी कुर्सी पर बैठे-बैठे ही ले सकते हैं।
इसके लिए उन्हें किसी शिविर में या फिर ऑफिस से बाहर जाने की जरूरत नहीं है। 12 जून को जारी आदेश में कहा गया है कि मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान और आयुष मंत्रालय उन कर्मचारियों के लिए यह ब्रेक लेकर आयी जो काम में व्यस्तता की वजह से बाहर जाकर योग का अभ्यास नहीं कर पाते हैं। ऐसे में कर्मचारी और अधिकारी अपने ऑफिस में ही बैठकर यह ब्रेक ले सकते हैं।
गौतरलब है कि हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। सरकार की ओर से ओर से योग को बढ़ावा देने और लोगों को तनाव मुक्त और रोग मुक्त रखने के लिए अलग-अलग शहरों में सामूहिक योग शिविरों का आयोजन किया जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य केंद्रीय मंत्री अलग-अलग शिविरों में शामिल होते हैं और योग के प्रति लोगों को जागरूक करने के योग करते हैं। वैसे दो भारत में प्राचीन काल से ही योग किया जाता रहा है, लेकिन पिछले कुछ सालों में लोगों का इसके प्रति रूझान तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है।
दुनिया के बाकी देशों में योग को नयी पहचान दिलाने में भारत की अहम भूमिका मानी जाती है। इस बार नौवें अंतरराष्ट्रीय योग के दिवस के लिए भी अभी से तैयारियां शुरू हो गयी हैं। यूपी समते अलग-अलग राज्यों के कॉलेजो, पार्कों, एतिहासिक स्थलों पर सामूहिक योग कराने की तैयारी चल रही है।
टीम एबीएन, कोडरमा। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन मंगलवार को कोडरमा के दौरे पर आयेंगे। वे यहां मरकच्चो के स्वावलंबी गांव अरकोसा गांव का जायजा लेंगे। इसके पूर्व राज्यपाल कोडरमा सदर अस्पताल में पहुंच कर स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल भी देखेंगे।
वहीं कोडरमा में परियोजना बालिका उच्च विद्यालय में शिक्षण व्यवस्था का जायजा भी लेंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार राज्यपाल दोपहर 1.30 बजे सड़क मार्ग से चतरा से कोडरमा सदर अस्पताल पहुंचेंगे। वहीं वे बालिका उच्च विद्यालय का भी जायजा लेंगे।
यहां से सड़क मार्ग से 3.40 बजे मरकच्चो के अरकोसा गांव पहुंच कर ग्रामीणों द्वारा स्वावलंबन की दिशा में किये जा रहे कार्यों का जायजा लेंगे। इस गांव को सिंगल यूज प्लास्टिक बैन को लेकर राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चुका है़ गांव के लोगों ने डीसी आदित्य रंजन के प्रयास से पिछले एक वर्ष में काफी काम किया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत में डिजिटलाइजेशन से क्रांतिकारी बदलाव सामने आया है और इस प्रौद्योगिकी का उपयोग लोगों को सशक्त बनाने और समावेशिता सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है।
श्री मोदी ने वाराणसी में हो रही जी20 विकास मंत्रियों की बैठक को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि भारत में डिजिटलाइजेशन से क्रांतिकारी बदलाव लाया है और देश अपने अनुभवों को भागीदार देशों के साथ साझा करने का इच्छुक है। उन्होंने कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि हम सतत विकास के लक्ष्यों को पीछे नहीं होंने देंगे और इसे निरंतर आगे बढ़ाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
हमारे प्रयास व्यापक, समावेशी, निष्पक्ष और टिकाऊ होने चाहिए। बढ़ते डेटा विभाजन पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाला डेटा सार्थक नीति निर्माण, कुशल संसाधन आवंटन और प्रभावी सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने जी-20 विकास मंत्रियों से विकास के इस मॉडल का अध्ययन करने का भी आग्रह किया।
लैंगिक समानता और महिलाओं के बारे में उन्होंने कहा कि एसडीजी हासिल करने के लिए लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि भारत में हम महिला सशक्तिकरण तक ही सीमित नहीं हैं। हमारा विकास महिलाओं के नेतृत्व में है। महिलाएं विकास और परिवर्तन की एजेंट भी हैं और वह विकास के लिए एजेंडा तय कर रही हैं। मैं आपसे महिलाओं के लिए गेम-चेंजिंग एक्शन प्लान अपनाने का आग्रह करता हूं।
काशी में जी20 देशों के सदस्यों का स्वागत करते हुए श्री मोदी ने कहा- मैं लोकतंत्र की मां के सबसे पुराने जीवित शहर में आप सभी का गर्मजोशी से स्वागत करता हूं। यह जी-20 विकास मंत्रियों की बैठक के लिए उपयुक्त स्थान है। मुझे खुशी है कि जी-20 विकास एजेंडा काशी तक भी पहुंच गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में हेसाग स्थित पशुपालन विभाग के सभागार में राज्य के कृषि मंत्री बादल ने गोधन न्याय योजना का लोकार्पण किया। उन्होंने आज राज्य के विभिन्न जिलों से आये प्रगतिशील किसानों और दुग्ध उत्पादकों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में गोवंश के गोबर से हम जैविक कृषि के क्षेत्र में झारखंड की पहचान बना सकते हैं।
आज हम केमिकल फर्टिलाइजर पर आश्रित हैं, जो हमारे स्वास्थ्य पर गहरा असर छोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के पांच जिलों से गोधन न्याय योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हो रही है। इस प्रोजेक्ट की सफलता की समीक्षा के उपरांत पूरे राज्य में इसे चलाने की योजना बनायेंगे, इसलिए सभी गोपालकों से निवेदन है कि वह राज्य को जैविक झारखंड बनाने की दिशा में आगे बढ़ें।
राज्य में ज्यादा से ज्यादा जैविक खाद्य पदार्थों का उपयोग हो
बादल ने कहा कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा जैविक खाद्य पदार्थों का उपयोग हो, हमारे उत्पादों को जैविक की मान्यता मिले, इसके लिए एजेंसी और सेंटर बनाने की तैयारी सरकार कर रही है। वर्मी कंपोस्ट के लिए हमने 10 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है, अगर यह सफल रहा, तो 100 करोड़ की योजना भी बनायी जायेगी।
इस योजना के तहत राज्य के किसानों को 8 रुपये किलो वर्मी कंपोस्ट उनके इलाके में ही उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही गोपालकों से 2 रुपये किलो गोबर सरकार लेगी और प्रसंस्करण के बाद किसानों को वर्मी कंपोस्ट के रूप में उपलब्ध करायेगी। कृषि मंत्री बादल ने कहा कि हमारी सरकार ने गाय को सम्मान देने का काम किया है। गौशाला पर काम करने के साथ पहली बार राज्य में गौ मुक्तिधाम के निर्माण की शुरुआत की गयी है।
उन्होंने कहा कि राज्य के 12 लाख किसानों को अब तक प्रति किसान 3500 रुपए का लाभ दिया जा चुका है। साथ ही 9.38 लाख किसानों के बीच सुखाड़ से हुए नुकसान के एवज में 810 करोड़ की राशि फसल बीमा के लाभ के रूप में वितरित की गई है। किसानों के कल्याण के लिए हमने सुखाड़ राहत के लिए केंद्र सरकार को 9682 करोड़ की मांग की है। यह राशि सीधे किसानों के खाते में जायेगी।
जितना गोवंश जहां होता है, वहां उतनी ही समृद्धि और संपन्नता आती है
उन्होंने कहा कि हमारे विभाग ने मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश में कई फ्लैगशिप योजना की शुरुआत की है। गोधन न्याय योजना भी उनमें से एक है, जिससे प्रथम चरण में करीब 10 हजार किसान लाभान्वित होंगे। ऑर्गेनिक फार्मिंग अथॉरिटी ऑफ झारखंड के सीईओ महालिंगा शिवाजी ने कहा कि जितना गोवंश जहां होता है, वहां उतनी ही समृद्धि और संपन्नता आती है।
सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर आज तक हर काल में गोवंश का स्थान प्रमुख रहा है। उन्होंने कहा कि गोबर में पोषक तत्व होते हैं, जो मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाते हैं। इसीलिए इस योजना से 504 लाख मीट्रिक टन उत्सर्जित गोबर को नाइट्रोजन के रूप में कन्वर्ट किया जा सकेगा और इस कन्वर्जन से राज्य को 22000 करोड़ रुपए की बचत हो सकती है। यह योजना पारंपरिक कृषि की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक श्री पीएम प्रसाद ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री से यह उनकी शिष्टाचार भेंट थी।
इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को THE EARNED LIFE पुस्तक सप्रेम भेंट की। मौके पर मुख्यमंत्री ने श्री पीएम प्रसाद को कोल इंडिया का चेयरमैन नियुक्त किये जाने पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
टीम एबीएन, पलामू/ रांची। पलामू प्रमंडल के लोगों को झारखंड मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना का लाभ दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। ग्रामीणों को योजना का लाभ मिले, इसके लिए पलामू क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के सचिव अनवर हुसैन ने आज आयुक्त कार्यालय में बस ऑनर एसोसिएशन एवं बस मालिकों के साथ बैठक की।
उन्होंने बस ऑनर एसोसिएशन, बस मालिक एवं उनके प्रतिनिधियों को झारखंड मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही इसके सफल क्रियान्वयन में सहयोग की अपेक्षा जतायी। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन एवं बस मालिकों के सहयोग से पलामू प्रमंडल के लोग सुगम यात्रा कर सकेंगे।
ग्रामीण क्षेत्र में रह रहे निवासियों को इस योजना का फायदा मिले, इसके लिए मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस योजना से संचालन से गांव में रहने वाले छात्र- छात्राएं शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रखंड, अनुमंडल एवं जिला मुख्यालय तक आवाजाही करने में आसानी होगी। सुगम परिवहन की व्यवस्था होने से छात्र- छात्राओं को उच्चस्तरीय शिक्षा के लिए बाहर जाने में सुविधा होगी।
ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा प्राप्त करने के लिए भी प्रखंड, अनुमंडल मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय जाने में सहुलियत होगी। किसान अपने उपज को बाजार तक आसानी से पहुंचा सकेंगे, जिससे उन्हें मुनाफा होगा। राज्य सरकार ने झारखंड मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना की शुरुआत की है, ताकि आमजनों को सुगम परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
इस योजना से प्रत्येक नागरिक को लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के तहत संचालित परिवहन व्यवस्था में वरिष्ठ नागरिक व छात्र-छात्रा, कुछ केटेगरी के दिव्यांगजन, विधवा पेंशन से आच्छादित महिला तथा राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त झारखंड आंदोलनकारियों को यात्रा किराया में रियायत भी मिलने वाली है।
बैठक में बस ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष, उनके प्रतिनिधि एवं बस मालिकों ने भी सुझाव दिये। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई छोटी वाहनें चलाई जा रही है, जिसका परमिट नहीं होता है। बिना परमिट वाले वाहनों के संचालन पर रोक लगायी जाये या उन्हें परमिट बनवाने के लिए प्रेरित करते हुए सरल प्रक्रिया अपनाई जाये, ताकि वे परमिट लेकर ही वाहनों का परिचालन करें। इसके अलावा वाहन संचालन से संबंधित अन्य सुझाव भी दिया।
बैठक में पलामू क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के सचिव अनवर हुसैन, प्रशाखा पदाधिकारी राजीव रंजन तिवारी, पलामू के बस ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह, गढ़वा के बस ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष मंसूर खान के अलावा सत्येंद्र सिंह, उमाकांत सिंह, गोखुला मिश्रा, कृष्ण विजय सिंह, संपूर्णानंद पांडेय एवं गढ़वा के आशुतोष मिश्रा, नंदलाल प्रसाद आदि उपस्थित थे।
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