टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे 9 आईएएस अधिकारियों समेत 13 को बदलते हुए उनकी पोस्टिंग कर दी है। सोमवार को कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार निदेशक खान के पद पर कार्यरत अमित कुमार को अगले आदेश तक रांची नगर निगम का आयुक्त बनाया गया है।
इस दौरान वह आरडीए के वीसी के प्रभार में भी रहेंगे। इनके अलावा पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे भर सिंह यादव को वाणिज्य कर आयुक्त बनाया गया है। इसी तरह पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे अरवा राजकमल को खान निदेशक बनाया गया है। वह निदेशक उद्योग के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे। डीडीसी गोड्डा संजय सिन्हा को डायरेक्टर एग्रीकल्चर बनाया गया है।
हेल्थ डिपार्टमेंट में एडीशनल सेक्रेट्री रहे शशि प्रकाश झा को निदेशक समाज कल्याण बनाया गया है। वहीं पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे संदीप सिंह को जेएसएलपीएस का सीईओ बनाया गया है। निदेशक समाज कल्याण रहे भुवनेश प्रताप सिंह को जैप आईटी का सीईओ बनाया गया है। ग्रामीण कार्य विभाग के संयुक्त सचिव रहे घोलाप रमेश गोरख को वित्त विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है।
इसी तरह एसटीएससी एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के एडिशनल सेक्रेटरी रहे अजय नाथ झा को अगले आदेश तक आदिवासी कल्याण आयुक्त बनाया गया है। जेएसएलपीएस के सूरज कुमार को स्थानांतरित करते हुए निबंधक सहयोग समितियां बनाया गया है। पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे सुशांत गौरव को निदेशक खेलकूद, फैज अक अहमद को उत्पाद आयुक्त के साथ-साथ झारखंड बीवरेज कॉरपोरेशन का एमडी भी बनाया गया है।
वही भोर सिंह यादव को वाणिज्य कर आयुक्त, माधुरी मिश्रा को एमडी जीडको और आदित्य रंजन को निदेशक पशुपालन बनाया गया है। विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में सरकार के अवर सचिव विनोद कुमार ने कहा है कि इस अधिसूचना के क्रम में प्रभार रहित पदाधिकारी कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग में योगदान करेंगे। बताते चलें कि पिछले 5 वर्षों से आईएस के पद सेवा दे रहे गैर आईएएस अधिकारी संतोष वत्स को वाणिज्य कर आयुक्त के पद से हटा दिया गया है। उन्हें कार्मिक विभाग में योगदान देने को कहा गया है।
एबीएन बिजनेस डेस्क। मोदी सरकार पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर सकती है। इतना ही नहीं मोदी सरकार गेहूं पर लगने वाले इंपोर्ट ड्यूटी को 40 फीसदी से घटाकर शून्य कर सकती है, जिससे देश में सस्ते गेहूं के इंपोर्ट को सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा खाने पकाने के तेल के भी इंपोर्ट ड्यूटी में कमी की जा सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए देशवासियों को भरोसा जताया कि महंगाई से राहत दिलाने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठायेगी। ऐसे में पीएम मोदी के संबोधन के बाद से उम्मीद जतायी जा रही है कि केंद्र जल्द ही कई बड़े फैसले लेगी, जिससे महंगाई पर लगाम लग सके।
आम लोगों को राहत दिलाने के लिए केंद्र जल्द ही पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी में कटौती का एलान कर सकता है। केंद्र फिलहाल पेट्रोल पर 19.90 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 15.80 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी वसूलता है। ऐसे में अगर पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटता है, तो आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे माल ढुलाई की लागत भी कम होगी।
मोदी सरकार रूस से गेहूं आयात करने पर विचार कर रही है। गेहूं के इंपोर्ट पर 40 फीसदी ड्यूटी का प्रावधान है। सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार इसे शून्य कर सकती है। खाने वाले तेल पर भी इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती के आसार हैं।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक पेट्रोल-डीजल, गेहूं और खाद्य तेल पर लगने वाले टैक्स कटौती से सरकार के राजस्व में करीब एक लाख करोड़ रुपए की कमी आयेगी। ऐसे में सरकार इसे अलग-अलग मंत्रालयों के बजट में कटौती के जरिये पूरा करने पर विचार कर रही है, जिससे राजकोषीय घाटे को पूरा करने में कोई दिक्कत न आये।
जुलाई महीने में खुदरा महंगाई दर 7.44 फीसदी के लेवल पर जा पहुंची है, जो 15 महीने का उच्च लेवल है। वहीं खाद्य महंगाई दर 11.51 फीसदी रही है जिससे साफ जाहिर है कि आम आदमी पर महंगाई की मार किस कदर पड़ी है। मोदी सरकार 2024 में कमबैक की तैयारी में है, ऐसे में आम लोगों का वोट पाने के लिए सरकार उनको महंगाई से राहत दिलाने पर काम कर रही है।
टीम एबीएन, लोहरदगा। झारखंड स्वास्थ्य चिकित्सा, शिक्षा और परिवार कल्याण विभाग झारखंड के अभियान निदेशक अलोक त्रिवेदी के नेतृत्व मे शनिवार को मेडिकल बोर्ड की टीम ने सदर अस्पताल समेत विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का जायजा भी लिया। निरिक्षण दल मे स्टेट नोडल एनसीडी डॉ ललित पाठक, कंसलटेंट मेटरनल हेल्थ नलिन कुमार, आयुष विभाग से राहुल कुमार, लालमोहन समेत अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
स्टेट टीम अलोक त्रिवेदी के नेतृत्व मे सदर अस्पताल, कुडू पीएचसी, अटल मुहल्ला क्लिनिक हटिया गार्डन, एवं आयुष विभाग व अन्य सरकारी क्लिनिक की जांच की साथ ही टीम ने एंबुलेंस सेवा समेत अन्य सेवाओं की विस्तार से निरिक्षण किया है।
अस्पताल प्रबंधन से स्वास्थ्य सुविधा, चिकित्सक, दवाइयों की उपलब्धता आदि के विषय मे विस्तृत जानकारी प्राप्त की। स्टेट टीम के पहुंचने से हॉस्पिटल मे हड़कंप मच गया और हॉस्पिटल की स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने का प्रयास किया गया।
मौके पर अलोक त्रिवेदी ने बताया की झारखंड सरकार की महत्वकांक्षी योजना के तहत प्रत्येक तीसरे शनिवार को बुजुर्गों की सेवा सुलभ कराने और मेन्टल इशू वाले मरीजों की विशेष चिकित्सीय सेवा कराना उद्देश्य है। साथ ही इसी दिन तनावमुक्ति दिवस शिविर लगाया जाता है ताकि मानसिक तनाव के रोगियों को चिकित्सक परामर्श देते हैं और मानसिक तनाव से मुक्ति हेतु प्रयास करते है।
उन्होंने कहा कि जल्द ही नदिया गांव में सदर अस्पताल का निर्माण कार्य पूर्ण हो जायेगा और इसका लाभ स्थानीय लोगों को प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि 60 वर्ष से ऊपर के लोग के लिए विशेष सुविधा प्रदान किया जाता है और उनका उपचार जल्द कराने की व्यवस्था किया गया है।
उन्होंने सदर अस्पताल कर्मियों और अन्य को निर्देश दिया की स्वास्थ्य सेवा मे गड़बड़ी बर्दास्त नहीं की जायेगी। मौके पर सिविल सर्जन राजमोहन खलखो, नजिश अख्तर, डॉ वी के पांडेय, निलेश कुमार सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
टीम एबीएन, चाईबासा। कोल्हान प्रमंडल के चाईबासा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 10,200 युवाओं को श्रम विभाग द्वारा आयोजित कोल्हान प्रमंडलीय रोजगार मेला में ऑफर लेटर सौंपा। इस दौरान उन्होंने रोजगार मेला में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि हमने एक कानून बनाया है, जिसमें निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को नौकरी मिलेगी।
आप किसी भी कंपनी में जायेंगे, वहां आपको नौकरी मिलेगी। वहीं जो कम पढ़े-लिखे हैं या जो नहीं पढ़े लिखे हैं उनके लिए भी सरकार रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के अनुबंध पर कार्य कर रहे सहायक पुलिस कर्मियों की सेवा में दो साल का विस्तार करने की घोषणा टाटा कॉलेज मैदान से की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के आदिवासी-मूलवासी को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले इसके लिए सरकार प्रयासरत रही। कुछ ऐसी व्यवस्था है जिसके तहत सरकार शत प्रतिशत स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री सारथी योजना के तहत युवाओं को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। बिरसा प्रशिक्षण के तहत भी आप प्रशिक्षण ले सकते हैं।
उन्होंने कहा कि एकलव्य प्रशिक्षण की व्यवस्था भी सरकार के द्वारा की गयी है। इस देश में 750 से अधिक आदिम जनजाति समुदाय के लोग निवास करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम विभिन्न तरह की योजना आपके लिए ला रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि आज आप अपने पैर पर खड़े हो रहे हैं, इस बात की खुशी है। आज से पहले सिर्फ सत्ता पाने के लिए षड्यंत्र रचा जाता था। बहुत मजबूती के साथ आपको अपने परिवार को मजबूत करना है। आज हमारे यहां से 50 बच्चे विदेश में पढ़ रहे हैं। जिसका खर्च सरकार वहन कर रही है।
टीम एबीएन, रांची। आज प्रतियोगिता का जमाना है। समाज में समय के साथ तेजी से कई बदलाव आ रहे हैं । इसमें आदिवासी समुदाय को आगे बढ़ने की जरूरत है। इसके लिए आपको संघर्ष करना होगा। कई चुनौतियां से निपटना होगा। कड़ी मेहनत करनी होगी। नये रास्ते बनाने होंगे। अपनी गति को बनाए रखनी होगी, तभी, आप आगे बढ़ेंगे।
मुझे पूरा विश्वास है कि आप इन तमाम परिस्थितियों से निकलते हुए कामयाबी की मंजिल प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज डॉ रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान, मोरहाबादी, रांची में अत्यंत संवेदनशील आदिवासी समुदाय (पीवीटीजी ) के युवक-युवतियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी हेतू नि:शुल्क आवासीय कोचिंग कार्यक्रम का पारंपरिक तरीके से नगाड़ा बजा कर शुभारंभ करते हुए ये बातें कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने पीवीटीजी को समाज के अन्य वर्गों के समकक्ष खड़ा करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम की शुरुआत की है। आगे इस तरह की कई योजनाएं और भी आएंगी और इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के मुफ्त राशन पर आप सिर्फ जिंदा रह सकते हैं। आप इस राशन के भरोसे ना आप पढ़ाई- लिखाई कर सकते हैं और ना रोजगार पैदा कर सकते हैं। मुफ्त राशन के जरिए आप आगे कभी नहीं बढ़ सकते हैं।
ऐसे में मेरा मानना है कि सरकार का दायित्व सिर्फ लोगों को मुफ्त राशन भर देना नहीं है, बल्कि तमाम संवेदनशील विषयों पर बेहतर नीति बनाने के साथ उसे धरातल पर उतारने की जरूरत है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार आगे बढ़ रही है और राज्य को नई दिशा देने का काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आदिवासी खासकर अत्यंत संवेदनशील जनजातीय समूह के लोगों की संख्या का लगातार कम हो रही है। ऐसे कई जनजातीय समूह विलुप्त होने की कगार पर हैं। अगर हम नहीं चेते तो आने वाले दिनों में इनका वजूद खत्म हो सकता है। ऐसे में हमारी सरकार आदिवासियों के विकास को लेकर कई योजनाएं चला रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से आदिवासी समुदायों को सशक्त और मजबूत बनाने का काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकार के द्वारा आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यकों के बच्चों को विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए भेजा जा रहा है। शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए स्कूल आॅफ एक्सीलेंस खोले गए हैं। सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के द्वारा बच्चियों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित किया जा रहा है।
वहीं, फूलो -झानो आशीर्वाद योजना के तहत हड़िया-दारू बेचने वाली महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ा जा रहा है। हमारी सरकार ने ऐसी कई योजनाएं शुरू की हैं, जो झारखंड की दशा और दिशा को बदलने का काम कर रहे हैं। यह सिलसिला तब तक जारी रहेगा, जब तक कि हमारा राज्य और हमारी जनता समृद्ध और खुशहाल नहीं बन जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा अलग राज्य बनने के बाद लोगों ने जो सपने देखे थे, वे कितने हकीकत में साकार हुए । इस पर मंथन करने की जरूरत है। विशेष कर आदिवासी बहुल राज्य में आदिवासियों के विकास में हम कितना आगे बढ़े, इस पर भी विचार करना होगा। लेकिन मैं यह कह सकता हूं कि पिछले दो दशकों में जो काम नहीं हुए हमारी सरकार ने कोरोना जैसी महामारी से निपटते हुए काफी कम समय में कई ऐसी गतिविधियां चलाई हैं, जो राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं।
पीवीटीजी समुदाय के युवक-युवतियों के नि:शुल्क आवासीय कोचिंग के लिए कुल 373 आवेदन मिले थे। इसमें 156 आवेदकों का अंतिम रूप से चयन किया गया है। चयनित आवेदकों में 63 युवती और 93 युवक शामिल हैं। इसमें असुर समुदाय के 33, बिरहोर समुदाय के 3, बिरजिया समुदाय के 27, कोरवा समुदाय 22, परहैया समुदाय के 9, सबर समुदाय के 1, माल पहाड़िया समुदाय के 38, सौरिया पहाड़िया के 23 युवक युवती हैं। इसके अलावा शिक्षण हेतु शिक्षकों की सूची तैयार कर ली गयी है।
मौके पर अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री चम्पाई सोरेन, प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वंदना दादेल, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, टीआरआई के निदेशक रणेन्द्र कुमार और अपर सचिव अजय नाथ झा विशेष रूप से मौजूद थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 32,500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली सात रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दे दी, जिससे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, ओडिशा और गुजरात जैसे राज्यों को कवर करने वाले मौजूदा नेटवर्क में 2,339 किलोमीटर की दूरी जुड़ जायेगी।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि परियोजनाएं, जिसमें मौजूदा रेलवे लाइनों का चौगुना और दोहरीकरण सहित उन्नयन शामिल है, 120 मिलियन टन अतिरिक्त माल की आवाजाही के लिए क्षमता निर्माण की सुविधा प्रदान करेगी और प्रवासी श्रमिकों और छात्रों की यात्रा में भी मदद करेगी।
परियोजनाओं को केंद्र सरकार से 100 प्रतिशत वित्त पोषण प्राप्त होगा और यह देश के प्रमुख औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्रों को जोड़ेगी। मंत्री ने कहा कि वे मौजूदा लाइन क्षमता को बढ़ाने, ट्रेन परिचालन को सुचारु बनाने, भीड़भाड़ को कम करने और यात्रा और परिवहन को आसान बनाने में मदद करेंगे।
टीम एबीएन, रांची। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन और माननीय मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ में झारखंड जगुआर के शहीद पुलिस सब इंस्पेक्टर अमित तिवारी जी और हवलदार गौतम कुमार जी के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने शहीदों के शोक संतप्त परिजनों /आश्रितों से मिलकर उनका ढाढ़स बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों के आश्रितों /परिजनों के साथ सरकार सदैव साथ रहेगी। मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार और पुलिस महानिदेशक अजय कुमार सिंह समेत कई वरीय पुलिस पदाधिकारियों ने शहीद जवानों के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर उनकी शहादत को नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दरअसल राज्य में उग्रवादी घटनाएं अब अंतिम सांसें गिन रही है। उग्रवादियों के खिलाफ पुलिस को लगातार कई बड़ी सफलताएं मिल रही है। ऐसे में हताशा में उग्रवादियों द्वारा पुलिस को निशाना बनाने की कोशिश हो रही है। दो वीर जवानों की शहादत कहीं न कहीं उग्रवादियों के हताशा में किये गये हमले का ही परिणाम है।
दो जवानों का शहीद होना हमारे लिए बहुत ही दुखद है। लेकिन, उग्रवादियों के खिलाफ पुलिस का अभियान और शक्ति के साथ लगातार जारी रहेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि झारखंड जगुआर से संबंधित कुछ समस्याएं संज्ञान में आयी है और इसका जल्द निराकरण होगा।
ज्ञात हो कि झारखंड जगुआर के शहीद सब इंस्पेक्टर अमित तिवारी जी का पैतृक आवास पलामू जिले के रेहला प्रखंड के तोलरा गांव में है। उन्हें एक बेटी और बेटा है। जबकि, शहीद गौतम कुमार जी के परिजन बिहार के भोजपुर जिला के शाहपुर प्रखंड के रंधाडीह गांव में रहते हैं। दिवंगत गौतम कुमार जी अविवाहित थे और उनके घर में मां, एक बहन तथा तीन भाई हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर 77 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां पूरी हो गयी हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को देश भर में मनाये जाने वाले आजादी के इस उत्सव के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे तथा इस ऐतिहासिक स्मारक की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करेंगे।
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आजादी का अमृत महोत्सव समारोह का समापन होगा। प्रधानमंत्री ने 12 मार्च, 2021 को गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम से इसका शुभारंभ किया था।
इसके साथ ही वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के श्री मोदी के सपने को साकार करने के लिए देश नये उत्साह के साथ अमृत काल के इस सफर आगे बढ़ेगा। स्वतंत्रता दिवस को मनाने के लिए कई नई पहल की गयी हैं। पिछले साल की तुलना में इस वर्ष बड़ी संख्या में अतिथियों को आमंत्रित किया गया है।
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