टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गुरुवार की शाम दिल्ली चले गये। वह छह अक्तूबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा आयोजित झारखंड सहित नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ बैठक में हिस्सा लेंगे।
इसमें छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, ओड़िशा, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, बिहार, यूपी व पश्चिम बंगाल राज्य शामिल है। बताया गया कि बैठक में सीएम के अलावा राज्य के वरीय आला अधिकारी भी हिस्सा लेंगे। इसमें शेष बचे नक्सल इलाकों में विकास कार्य चलाने व योजनाओं को लेकर चर्चा की जायेगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड राज्य खाद्य आयोग, रांची द्वारा आज दिनांक- 05-10-2023 को मुखिया संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के सफल क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण हेतु आवश्यक जानकारी सभी मुखियाओं को दी गई।
समाहरणालय, ब्लॉक इ कमरा संख्या 505 में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिमांशु शेखर चौधरी अध्यक्ष झारखंड राज्य खाद्य आयोग, रांची, शबनम परवीन सदस्य झारखंड राज्य खाद्य आयोग, रांची, अपर समाहर्त्ता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी रांची, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सिविल सर्जन सहित संबंधित विभाग पदाधिकारी एवं रांची जिला के विभिन्न प्रखंड से आये मुखिया उपस्थित हुए।
सर्वप्रथम जिला आपूर्ति पदाधिकारी रांची, अलबर्ट बिलुंग ने पुष्प गुच्छ देकर अतिथियों का स्वागत किया। जिसके बाद कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय अध्यक्ष झारखंड राज्य खाद्य आयोग, रांची हिमांशु शेखर चौधरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
जिला आपूर्ति पदाधिकारी रांची, अलबर्ट बिलुंग ने इस अवसर पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम- 2013 के प्रावधानों के संबंध में विस्तार पूर्वक चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने वर्तमान समय में खाद्य आपूर्ति में होने वाली कठिनाइयों के बारे में बताया। उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिनियम- 2013 के तहत संचालित होने वाली योजनाओं के सम्बन्ध में जानकारी दी।
उन्होंने जनवितरण प्रणाली के तहत लाभ प्राप्त करने हेतु निर्धारित पात्रता को लेकर भी स्पष्ट कहा कि वैसे लाभुक जो राशन कार्ड के योग्य नहीं है और वैसे राशन डीलर जो राशन की कालाबाजारी करते उनके सम्बन्ध में शिकायत दर्ज करायें।
झारखंड राज्य खाद्य आयोग, रांची के अध्यक्ष हिमांशु शेखर चौधरी ने इस अवसर पर खाद्य सुरक्षा से संबंधित समस्याओं को लेकर झारखंड राज्य खाद्य आयोग को में शिकायत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य है कि लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाये। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी मुखिया से आग्रह किया कि वे सभी अपने-अपने स्तर पर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें।
उन्होंने सभी मुखिया से ग्राम पंचायत समिति की बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम- 2013 से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर दिया। इसके साथ ही अपने क्षेत्र को कुपोषणमुक्त बनाने, आकस्मिक खाद्यान्न कोष के इस्तेमाल, विद्यालयों में मध्याह्न भोजन, आंगनबाड़ी केंद्र में मिलने वाले पोषाहार सहित अन्य योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित मुखिया ने राशन डीलर, आंगनबाड़ी सेविका/साहियाकाओं को राशन वितरण के विवरण का सत्यापन संबंधी सुझाव दिये। मुखिया के सुझावों पर सहमति जताते हुए उन्होंने उनके सुझाव की विभाग से अनुशंसा करने की बात कही।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर कार्रवाई की है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गणके, चियांकी, मेदिनीनगर (पलामू)। किसान आगे बढ़ेगा तभी राज्य और देश भी आगे बढ़ेगा। इस संकल्प के साथ किसानों-पशुपालकों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज पलामू में राज्य का सातवां अत्याधुनिक डेयरी प्लांट राज्यवासियों को समर्पित करते हुए ये बातें कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह डेयरी यहां के किसानों-पशुपालकों के जीवन में बदलाव लाने में वरदान साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान अपने पैरों पर खड़े हो सकें। इनकी आमदनी में इजाफा हो। ये बेहतर तरीके से जीवन यापन कर सकें। इसके लिए सरकार ने कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने किसानों पशुपालकों से कहा कि आप सरकार की योजनाओं से जुड़कर इसका लाभ ले और राज्य को भी मजबूती देने में योगदान करें। आप एक कदम आगे बढ़ेंगे तो सरकार आपको चार कदम आगे बढ़कर सहयोग करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हो रहे जलवायु परिवर्तन से हमारी चुनौतियां भी बढ़ रही है। इसका इससे सबसे ज्यादा किसान प्रभावित हो रहे हैं। मौसम में आ रहे इस बदलाव से कहीं बाढ़ आ रहा है तो कहीं सुखाड़ की स्थिति पैदा हो रही है। इस वजह से फसल उत्पादन प्रभावित हो रही है।
अगर हम अभी सचेत नहीं हुए तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने की लिए तैयार रहना होगा। ऐसे में वैकल्पिक खेती और इससे जुड़े अन्य कार्यों की दिशा में आगे आगे आना होगा। इसके लिए सरकार ने कई योजनाएं भी शुरू की है। आप इस योजनाओं से जुड़े और खुद को जलवायु परिवर्तन के बीच खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बनायें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम में जिस तरह की अनिश्चितता बनी रहती है, उसको देखते हुए सरकार ने बिरसा हरित ग्राम योजना शुरू की है। किसान इस योजना से जुडें और अपनी जमीन में विभिन्न प्रकार के फलदार पेड़ लगायें। इसके लिए सरकार की ओर से आपको पेड़ लगाने के साथ पेड़ बचाने के लिए भी सरकार आर्थिक मदद कर रही है। इस योजना का लाभ लेकर आप कृषि के साथ-साथ फलों से भी अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड जैसे राज्य में किसानों के लिए पशु काफी मायने रखती है। ऐसे में किसानों को पशुधन से समृद्ध करने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री पशुधन योजना शुरू की है। इसके तहत 90 प्रतिशत सब्सिडी पर किसानों- पशुपालकों को पशु दिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, पशु शेड के लिए भी सरकार आर्थिक मदद कर रही है। इस योजना का मकसद किसानों को पशुपालन से जोड़कर उनकी आय को बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने किसानों पशुपालकों को कहा कि सरकार डेयरी प्लांट खोल सकती है, लेकिन इसे चलाने का जिम्मा आपका है। आप जितना ज्यादा दूध इस प्लांट को उपलब्ध करायेंगे, उतना ही ज्यादा दुग्ध और दुग्ध उत्पाद यहां तैयार होंगे। इससे न सिर्फ यह डेयरी प्लांट मजबूत होगा, बल्कि आपकी भी आमदनी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो यहां और भी डेयरी प्लांट स्थापित किये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और वन उपजों की दृष्टिकोण से झारखंड काफी समृद्ध है। ऐसे में यहां के वन उपजों को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा में सिदो-कान्हू कृषि एवं वनोपज फेडरेशन गठन किया गया है। इसके जरिये कृषि और वन उपज को बाजार भी उपलब्ध कराया जायेगा तथा इसका एमएसपी भी तय होगा। इसके माध्यम से किसानों को अपने इन उत्पादों का उचित मूल्य मिल सकेगा।
ज्ञात हो कि राज्य सरकार के द्वारा दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पशुपालकों को दूध पर 3 प्रति लीटर की दर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसी के तहत यहां के किसानों- पशुपालकों के लिए प्रोत्साहन राशि के रूप में 21 करोड़ 90 लाख रुपये का चेक आज सरकार के द्वारा मेधा डेयरी के एमडी को सौंपा गया।
पलामू का मेधा डेयरी प्लांट राज्य का सातवां डेयरी प्लांट है। लगभग 28 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस अत्याधुनिक डेयरी प्लांट से लगभग 25 हजार किसानों-पशुपालकों को सीधा फायदा होगा। इस डेयरी की वर्तमान में प्रतिदिन 50 हजार लीटर दूध की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग की क्षमता होगी, जिसे एक लाख लीटर प्रतिदिन तक बढ़ाया जा सकेगा। यहां दूध के स्टोरेज और प्रोसेसिंग के लिए चार मिल्क सायलो लगाया गया है। इस डेयरी प्लांट का संचालन झारखंड मिल्क फेडरेशन करेगा।
मौके पर मंत्री रामेश्वर उरांव और बादल, विधायक रामचंद्र सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, कृषि सचिव अबू बकर सिद्दीक, पलामू के प्रमंडलीय आयुक्त मनोज जायसवाल, पुलिस महानिरीक्षक राजकुमार लकड़ा और जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
टीम एबीएन, रांची। आइपीरडी रांची से जारी पत्र से रांचीवासियों में खलबली मची हुई है। जिसमें बताया गया है कि राज्यस्तरीय पंचायत सचिवालय स्वयं सेवक संघ द्वारा दिनांक 04.10.2023 को झारखण्ड मंत्रालय, रांचीका घेराव एवं प्रदर्शन किये जाने की सूचना है।
प्रोजेक्ट भवन (झारखण्ड मंत्रालय) के समीप कई सरकारी कार्यालय एवं सरकारी उपक्रमों के कार्यालय अवस्थित हैं, जहां इस घेराव प्रदर्शन के क्रम में सरकारी काम-काज में व्यवधान उत्पन्न होने के साथ-साथ यातायात व्यवस्था बाधित होने एवं विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने तथा लोक परिशांति भंग होने की आशंका है।
इस आलोक में अनुमंडल दण्डाधिकारी, सदर, रांची द्वारा दं०प्र०सं० की धारा 144 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए धुर्वा गोलचक्कर से प्रोजेक्ट भवन से चाँदनी चौक, हटिया को जोड़ने वाली सड़क तथा इस सड़क के 200 मीटर की परिधि में निम्न प्रकार की निषेधाज्ञा जारी की गयी है :
यह निषेधाज्ञा दिनांक 04.10.2023 के प्रातः 8 बजे से रात्रि 11 बजे तक के लिए लागू रहेगा।
टीम एबीएन, रांची। जिला के समाहरणालय अंतर्गत राजस्व कार्यालय, अंचल कार्यालय, भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय, अनुमण्डल कार्यालय तथा विभिन्न राजस्व शाखाओं में कार्यरत तकनिकी कर्मीयों (कम्प्यूटर ऑपरेटर) का बड़े पैमाने पर स्थानांतरण/पदस्थापन किया गया है।
ये सभी कर्मी अपने कार्यालय में वर्षों से कार्यरत थे, कई कर्मी अपनी नियुक्ति की तिथि अपने कार्यालय में कार्यरत थे और कई तो ऐसे भी कर्मी हैं जो 10-15 वर्षों से एक हीं कार्यालय में जमे हुए थे। कुछ दिन पूर्व ही उपायुक्त रांची द्वारा एक ही कार्यालय में वर्षो से जमे राजस्व कर्मचारी एवं लिपिक का स्थानांतरण/पदस्थापन बड़े पैमाने पर किया गया था।
परन्तु इन कर्मियों का कभी भी स्थानांतरण/पदस्थापन नहीं किया गया, इन तकनिकी कर्मीयों के स्थानांतरण/पदस्थापन नहीं होने से भ्रष्टाचार को बढावा मिल रहा था। चूंकि आये दिन अंचल कार्यालयों से भ्रष्टाचार से संबंधित मामला प्रकाश में आता रहता है। कुछ दिन पूर्व हीं बड़़ागांई अंचल में भूमि धोटाला का मामला प्रकाश में आया है, जिसकी जांच पर्वतन निदेशालय द्वारा की जा रही है।
ऐसे में राजस्व कर्मचारियों/लिपिकों के साथ साथ इन कर्मियों का भी स्थानांतरण/पदस्थापन होना अतिआवश्यक था। इस संबंध में विगत मानसून विधानसभा सत्र में विधायक विरंची नारायण द्वारा भी लंबे समय से एक ही कार्यालय में जमे इन कर्मियों को तत्काल स्थानांतरण/पदस्थापन करते हुए हटाने हेतु मामला उठाया गया था।
इन कर्मियों का स्थानांतरण होने के उपरांत भी भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण अपने संबंधित पदाधिकारी से साठगांठ कर पद पर बने रहने हेतु ऐड़ी चोटी का जोड़ लगा रहे हैं तथा पद से हटने को तैयार नहीं हैं और साथ ही नवपदस्थापित स्थान पर अपना योगदान नहीं दे रहे है, जो धोर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का प्रमाण है।
टीम एबीएन, रांची। सोमवार (2 अक्टूबर)कोदो महान सपूत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को याद कर रहा है। झारखंड सहित पूरे देश में कई कार्यक्रम किये जा रहे हैं।
राजधानी रांची में इस मौके पर मुख्य कार्यक्रम मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका में आयोजित किया गया। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने श्रद्धासुमन अर्पित कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद किया।
कार्यक्रम के दौरान बापू के प्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम से पूरी बापू वाटिका गुंजायमान रही। भजन कार्यक्रम में राज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों शामिल हुए।
मौके पर मृणालिनी अखौरी एवं अन्य कलाकारों ने सामूहिक रूप से बापू का भजन गाया और टाना भगतों ने शंख बजाकर इस दिवस को खास बनाने की कोशिश की।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय वायुसेना एचएएल से 156 और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलकॉप्टरों खरीदेगी। इसका ऑर्डर शीघ्र ही दिया जायेगा। भारतीय वायुसेना इन्हें चीन और पाकिस्तान सीमा पर तैनात करेगी।
इसे रक्षा क्षेत्र में पीएम मोदी के मेक इन इंडिया के लिए सबसे बड़े प्रयासों में से एक कहा जा सकता है। दुनिया की सबसे खराब मौसम स्थितियों और इलाकों में परीक्षण करने के बाद पिछले 15 महीनों में इनमें 15 हेलीकॉप्टरों की पहले ही सेना ने अपने बेड़े में शामिल कर लिया है।
वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने बताया कि मुख्य सेवा के रूप में भारतीय वायुसेना ने संयुक्त अधिग्रहण मामले के रूप में 156 और प्रचंड हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए सरकार के पास एक प्रस्ताव रखा है, जिसे जल्द ही मंजूरी मिलने की संभावना है।
हाल ही में, भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए लगभग 100 और हल्के लड़ाकू विमान मार्क 1ए खरीदने के बल के इरादे के बारे में विदेशी धरती से घोषणा की थी।
मूल्य के हिसाब से दोनों परियोजनाओं का कुल योग 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। 156 हेलिकॉप्टरों में से 66 भारतीय वायु सेना द्वारा शामिल किये जायेंगे। जबकि शेष 90 भारतीय सेना द्धारा अधिग्रहित किये जायेंगे।
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