राज काज

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Published / 2023-12-05 15:55:11
अमन की हत्या के बाद बढ़ी जेलों की सुरक्षा

  • गैंगस्टर अमन सिंह की हत्या के बाद जेलों में बढ़ी सुरक्षा

टीम एबीएन, धनबाद। जेल में कुख्यात गैंगस्टर अमन सिंह की हत्या के बाद झारखंड के सभी जेलों की सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गयी है। स्थिति यह है कि अब कोई जेलकर्मी अपनी बाइक की चाबी तक लेकर अंदर नहीं जा सकता है। 

वहीं झारखंड के वैसे जेल जिसमे डॉन अखिलेश सिंह और अमन साहू जैसे अपराधी बंद हैं, उनमें विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जेल आईजी ने इस संबंध में निर्देश जारी किये हैं।

जेल प्रशासन ने यह निर्देश दिया है कि जेल का सीसीटीवी कैमरा किसी भी हाल में बंद नहीं होना चाहिए। पूर्व में कई ऐसे मामले सामने आये हैं, जब जेल प्रशासन के द्वारा महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दिये गये थे। 

रांची जेल से जुड़े ऐसे मामले की जांच ईडी भी कर रही है। जेल में बंद कैदियों का सामान भी तीन स्थानों पर चेक किया जा रहा है। कंबल, चादर, थैला आदि की गहनता से तलाशी लेने के बाद कैदियों को दिया जा रहा है। यह देखा जा रहा है कि झोले में कोई आपत्तिजनक सामान तो नहीं है।

Published / 2023-12-04 20:25:33
विद्युत संयंत्र अधिष्ठापन की ओर बढ़ रही है सरकार : हेमंत सोरेन

  • मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन गिरिडीह के झंडा मैदान में आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम में हुए शामिल 
  • सीएम ने 305 करोड़ की 117 योजनाओं का किया शिलान्यास और 30 करोड़ की 20 योजनाओं का किया उद्घाटन  
  • कुल 335 करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ 
  • 64728 लाभुक विभिन्न योजनाओं से हुए आच्छादित 
  • मुख्यमंत्री विभिन्न पंचायतों के लाभुकों से आनलाइन संवाद कर वस्तुस्थिति से हुए अवगत 

...और क्या बोले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

गांव जड़ है, आत्मा है 

बकाया राशि वापस मिले तो जनकल्याण का कार्य होगा

एबीएन न्यूज नेटवर्क, गिरिडीह। गांव किसी भी राज्य के जड़ होते हैं। गांव सशक्त होगा तभी राज्य मजबूत होगा। सरकार की योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस कड़ी में आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। वर्तमान सरकार के गठन से पूर्व ऐसा किसी सरकार ने नहीं किया था। 

आज पदाधिकारी आपकी समस्या का समाधान आपके द्वार पर कर रहें हैं। चंद घंटों में आपकी समस्याओं का समाधान हो रहा है। राज्य भर के पंचायत और गांव में शिविर का आयोजन हो रहे हैं, ताकि अंतिम व्यक्ति को सरकार की योजना का लाभ मिल सके। ये बातें मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कही। 

मुख्यमंत्री गिरिडीह के झंडा मैदान में आयोजित आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि सरकार आपके द्वार के विगत दो चरणों में लाखों आवेदन प्राप्त हुए थे। अगर पूर्व की सरकारों द्वारा लोगों की समस्या का समाधान किया गया होता, तो आज स्थिति कुछ और होती। लेकिन यह आपकी सरकार है, जो आपकी समस्यायों के समाधान हेतु आपके द्वार पहुंच रही है। पदाधिकारी राज्यवासियों की सेवा में लगे हैं, जबकि पूर्व की सरकारों ने इन्हें अपनी सेवा में लगा रखा था।  

विद्युत उत्पादन की ओर बढ़ेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार अगर राज्य सरकार की बकाया राशि एक लाख 36 हजार करोड़ का भुगतान करें तो राज्यवासियों के कल्याण हेतु कई महत्वपूर्ण कार्य हो सकेंगे। लाखों की संख्या में जरूरतमंदों को आवास, युवाओं की शिक्षा के लिए हजारों की संख्या में कॉलेज, लाखों छात्रों को छात्रवृत्ति समेत अन्य जन कल्याण कार्य राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। केन्द्र सरकार द्वारा बिजली का 1200 करोड़ रुपए झारखण्ड का ले लिया गया और बिजली उपलब्ध कराने में भी कटौती की जाती रही। लेकिन राज्य सरकार जल्द खुद का बिजली संयंत्र लगाने की कार्ययोजना पर आगे बढ़ रही है।  

बेटियों को पढ़ाई की चिंता नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की बेटियों को अपने पढ़ाई को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं। सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के अतिरिक्त गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ भी सरकार दे रही है। अब उच्च शिक्षा और प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी में योजना सहायक बनेगी। सरकार इस हेतु आर्थिक सहयोग करेगी। सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से अबतक सरकार ने करीब आठ लाख किशोरियों को जोड़ा है।

संस्थान प्रखंड स्तर पर स्थापित किये गये

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो संस्थान जिला स्तर पर संचालित होते थे, वैसे संस्थानों को प्रखंड स्तर पर भी संचालित किया जाने लगा है। इसका प्रतिफल है कि कौशल प्राप्त हजारों युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया गया। नियुक्ति प्रक्रिया भी जारी है। आनेवाले दिनों में अन्य नियुक्तियां निकाली जायेंगी। नियुक्ति नियमावली की अड़चनों को दूर कर कार्य किया जा रहा है।

मौके पर मंत्री आलमगीर आलम, मंत्री सत्यानंद भोक्ता, मंत्री बेबी देवी, गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू, गांडेय विधायक डॉ सरफराज अहमद, बगोदर विधायक विनोद कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, उपायुक्त गिरिडीह, आरक्षी अधीक्षक गिरिडीह समेत हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे।

Published / 2023-12-04 18:23:48
छह को लौहनगरी में योजनाओं का पिटारा खोलेंगे सीएम हेमंत

6 दिसंबर से जमशेदपुर का दो दिवसीय दौरा कर सकते हैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए 6 दिसंबर को दो दिन के लिए जमशेदपुर आ सकते हैं। प्रस्तावित दौरे के मद्देनजर पूर्वी सिंहभूम के जिलाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने रविवार को तैयारी की समीक्षा के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। 

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सोरेन के छह दिसंबर को यहां आने का कार्यक्रम है और अगले दिन वह पोटका प्रखंड के सावनाडीह फुटबॉल मैदान में आपकी योजना, आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

वहीं जिलाधिकारी ने अधिकारियों, खंड विकास और परिक्षेत्र अधिकारियों और अन्य को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहने को कहा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से मुख्यमंत्री की यात्रा के दौरान सुचारू यातायात सुनिश्चित करने और कानून व्यवस्था बनाये रखने को भी कहा।

Published / 2023-12-04 18:18:50
रांची विधि और केओ कॉलेज के लिए बड़ी उपलब्धि : सामी

  • कनाडा और श्रीलंका के वैज्ञानिक भी हुए शामिल 
  • 15 राज्य 60 विश्वविद्यालय आधा दर्जन संस्थाओं से जुड़े 300 से अधिक वैज्ञानिकों ने भाग लिया 
  • 150 से अधिक शोधार्थियों ने प्रस्तुत किये अपने शोध 
  • अभूतपूर्व रहा दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस 
  • अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन जिसका विषय एथनो बॉटनी एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी एंड मल्टीडिसीप्लिनरी रिसर्च संपन्न 
  • आयोजन सचिव ने सभी के प्रति जताया आभार 
  • झारखंड राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय पटेल पर गुमला उभर कर सामने आया 
  • जनजातीय क्षेत्र के शोधार्थियों विद्यार्थियों और वैज्ञानिकों में आयोजन से हर्ष

टीम एबीएन, गुमला। कार्तिक उरांव कॉलेज गुमला में संपन्न दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन जिसका विषय एथनो बॉटनी एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी एंड मल्टीडिसीप्लिनरी रिसर्च संपन्न हुआ। कई मायनों में यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन अभूतपूर्व छाप छोड़ने के अलावा कई सीख के साथ अनेकों क्षेत्रीय राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर जनमानस युवाओं, छात्र छात्राओं महिलाओं, वैध, जनजातीय समुदाय आदि समूहों को जागरूकता उत्पन्न कर गया।

सबसे पहले तो झारखंड के अत्यंत सुदूर जिले के कॉलेज में इस तरह के अंतरराष्ट्रीय कांफें्रस का आयोजन ही एक कठिन कार्य प्रतीत हो रहा था। इसमें आयोजकों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर न सिर्फ इस कॉलेज, बल्कि गुमला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर ला खड़ा किया। आयोजन के प्रति बाहर से आए हुए वैज्ञानिकों, और मेहमानों की प्रशंसा भी बटोरी।

बताना होगा कि यहां कनाडा, श्रीलंका जैसे देशों के वैज्ञानिकों की भागीदारी रही। ही देश के नामचिन संस्थानों जैसे बोटनिकल सर्वे आफ इंडिया कोलकाता, सीएफटीआरआई मैसूर, नेशनल बोटैनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट लखनऊ, नीरी नागपुर के वैज्ञानिकों ने अपनी अपनी उपस्थिति दर्ज करायी।

वहीं देश के 15 से अधिक राज्यों के लगभग 300 से अधिक प्रतिभागी युवा वैज्ञानिकों ने इस महा आयोजन में शिरकत किया। कॉन्फ्रेंस का आयोजन केओ कॉलेज गुमला के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन सेल, सोसाइटी आॅफ इथनो बोटानिस्ट लखनऊ एवं सेंटर फॉर सोशल एंड एनवायरमेंटल रिसर्च रांची ने किया था।

मौके पर झारखंड और देश-विदेश के सामाजिक, शैक्षणिक, विज्ञान एवं शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे। वैज्ञानिकों और समाजसेवियों को सम्मानित भी किया गया। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि राज्यपाल के शैक्षिक सलाहकार सह- महान शिक्षाविद् प्रो ई बाला गुरुसामी ने  गुमला कॉलेज में इस आयोजन को बेहतरीन बताया। 

रांची विश्वविद्यालय कुलपति डॉ अजीत कुमार सिन्हा ने इस महा आयोजन को कॉलेज और विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ी उपलब्धि बतायी। राज्यपाल के विशेष कार्य प्राधिकारी संजीव कुमार ने इसे बेहतर आयोजन के साथ-साथ मिल का पत्थर बताया। 

नेशनल बोटनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट लखनऊ के डॉ मंजूषा श्रीवास्तव और डॉ अनिल कुमार गोयल ने आयोजन को सफल बताया और इस सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में आयोजन के लिए आयोजन समिति की प्रशंसा की। पहले दिन 29 नवंबर को 100 से ज्यादा शोधार्थी और वैज्ञानिकों ने चार तकनीकी सत्र में 100 से ज्यादा शोध पत्र प्रस्तुत किया। 

झारखंड और दूसरे राज्यों से आये हुए कलाकारों ने बेजोड़ सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिए समां बांधा। प्रतिभागियों का मनोरंजन की किया। दूसरे दिन 30 नवंबर को भी तीन तकनीकी सत्र और दो ओरल सत्र में लगभग 40 शोध प्रश्न प्रस्तुत किया गया। एक पोस्टर सत्र में लगभग 20 पोस्टर प्रस्तुत किये गये।

समापन समारोह में कार्तिक उरांव की पुत्री और झारखंड की पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव मुख्य अतिथि के रूप में कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन पड़ाव नहीं होना चाहिए। इसे नयी शुरुआत की तरह देखा जाना चाहिए। यह बेहतर पहल है। 

विशिष्ट अतिथि वन उत्पादकता संस्थान के निदेशक डॉ अमित पांडेय ने कहा कि आयोजन में तीन संस्थाओं को एक साथ मिलकर कार्य करना बेहतर प्रतीत होता है। वर्तमान दौर सहभागिता का है। किसी भी कार्य अथवा शोध के लिए सहभागिता और साझेदारी आवश्यक है। इस आयोजन में दिखाई दिया। 

आयोजन समिति ने प्रतिभागियों के लिए ठहरने के लिए वन उत्पादकता संस्थान रांची, अराउस गुमला, सितारा गुमला, परिसदन गुमला, मत्स्य विद्यालय में ठहरने का इंतजाम किया था। सभी संस्थाओं को आयोजकों ने धन्यवाद दिया। इस आयोजन को सफल बनाने में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो एजे खालको के अलावा तमाम शिक्षकों, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अजीत कुमार सिंहा और राजपाल भवन ने कोई कसर नहीं छोड़ी।  

अक्ष टेंट हाउस ने लाइट, टेंट और साउंड को बेहतर प्रबंधन किया वहीं कैटरर्स अतुल मुखर्जी ने प्रतिभागियों को स्वादिष्ट भोजन करवाया। जिसकी अतिथियों और वैज्ञानिकों में भूरि-भूरि प्रशंसा हुई। इस अतंरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के आयोजन सचिव डॉ प्रसन्नजीत मुखर्जी के बेहतर प्रबंधकीय कौशल की झलक इस आयोजन के दौरान दिखाई दिया। 

उन्होंने अपने सहकर्मियों को सहयोग के लिए धन्यवाद और आभार। सभी प्रतिभागियों और मीडिया के साथियों को सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया है। कुल मिलाकर यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन केओ कॉलेज गुमला के साथ गुमला के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हुआ है।

Published / 2023-12-03 22:45:08
रांची से हावड़ा वंदे भारत ट्रेन का रूट डायवर्ट

रेलवे की तरफ से मिली हरी झंडी

अब ये ट्रेन हावड़ा, खड़गपुर, मिदनापुर, आद्रा, पुरुलिया, मुरी होते हुए यह रांची जायेगी

टीम एबीएन, रांची। रांची-हावड़ा वंदे भारत ट्रेन के रूट को डायवर्ट किया गया है। जानकारी के अनुसार अब ये ट्रेन हावड़ा, खड़गपुर, मिदनापुर, आद्रा, पुरुलिया, मुरी होते हुए यह रांची जायेगी और आयेगी। इसे लेकर रेलवे की तरफ से हरी झंडी मिल चुकी है। जो आज यानी कि तीन दिसंबर को प्रभावी रहेगा। 

किराया की बात करें तो रांची से हावड़ा तक की यात्रा के लिए आपको एग्जीक्यूटिव क्लास (ईसी) में 2200 रुपये (कैटरिंग सेवा के साथ) का भुगतान करना होगा। अगर आप बिना कैटरिंग सेवा के यात्रा करते हैं, तो इसके लिए आपको 2045 रुपए खर्च करने होंगे। 

वहीं, अगर आप चेयर कार (सीसी) में यात्रा करते हैं, तो आपको 1155 रुपए (कैटरिंग के साथ) चुकाने होंगे, जबकि बिना कैटरिंग के आप 1030 रुपये में रांची से हावड़ा पहुंच सकते हैं।

Published / 2023-11-30 20:44:53
10 को जमशेदपुर आयेंगे उपराष्ट्रपति धनखड़

  • 10 दिसंबर को जमशेदपुर आयेंगे उपराष्ट्रपति धनखड़, XLRI के छात्रों को करेंगे संबोधित

टीम एबीएन, जमशेदपुर। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 10 दिसंबर को झारखंड के जमशेदपुर जिले में आ रहे हैं। वे यहां एक्सएलआरआई-जेवियर स्कूल आफ मैनेजमेंट के प्लैटिनम जुबिली समारोह में मैनेजमेंट छात्रों को संबोधित करेंगे। 

वहीं, इसे लेकर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री व वरीय पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल ने जिला प्रशासन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बता दें कि धनखड़ एक्सएलआरआई के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए 10 दिसंबर को इस्पात नगरी आयेंगे। 

उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक किशोर कौशल ने बुधवार को धालभूम उपमंडल अधिकारी पीयूष सिन्हा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल सहित अन्य लोगों के साथ बैठ कर उपराष्ट्रपति की यात्रा की तैयारियों पर चर्चा की।

भजंत्री और कौशल ने आवश्यक व्यवस्था के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों से सुचारू यातायात बनाए रखने, परिसरों के आसपास अवरोधक लगाने और कार्यक्रम स्थल पर कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

Published / 2023-11-30 14:17:57
पाकुड़ एसडीओ जितेंद्र देव पर होगी विभागीय कार्यवाही

टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने जीतेन्द्र कुमार देव, झा0प्र0से0 (कोटि क्रमांक- 808/03), तत्कालीन अनुुमंडल पदाधिकारी, पाकुड़ के विरूद्ध झारखण्ड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के नियम-17 के तहत् विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया है। इस सम्बंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने संकल्प जारी किया है।

Published / 2023-11-29 20:42:30
15 साल के अंदर पूरा रेल नेटवर्क होगा कवच युक्त : अश्विनी वैष्णव

यूरोप की ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ईटीसी के लिए चुनौती है भारतीय कवच : रेल मंत्री

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज कहा कि भारतीय रेलवे की ट्रेनों की सुरक्षा की स्वदेशी उपकरण कवच को अब संचार की एलटीई (4-जी और 5-जी) आधारित किया जायेगा और 15 साल के भीतर पूरे रेल नेटवर्क को कवच युक्त कर दिया जायेगा। रेलवे ने जंगलों से निकलने वाली रेललाइनों पर हाथियों के कट कर मरने से बचाने के लिए एक नयी तकनीक विकसित की है।

रेल मंत्री श्री वैष्णव ने आज यहां पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा में यह जानकारी दी और दावा किया कि यूरोप के रेल तकनीक विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक संचार तकनीक वाला कवच विश्व भर में रेलवे सुरक्षा के लिए मानक समझी जाने वाली यूरोप की तकनीक ईटीसीएस से कहीं अधिक सक्षम एवं उसके ट्रेन सुरक्षा प्रणाली के बाजार में चुनौती साबित होगी।

श्री वैष्णव ने तृणमूल कांग्रेस की नेता, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस दावे का खंडन किया कि उनके रेल मंत्रित्व काल में स्वचालित रेल सुरक्षा प्रणाली एसीडी क्रियान्वित कर दी गयी थी। रेल मंत्री ने कहा कि सुश्री बनर्जी के कार्यकाल में कुछ इंजनों में एसीडी की तकनीक प्रायोगिक तौर पर लगायी गयी थी और उनके बाद रेल मंत्री बने उनकी पार्टी के दिनेश त्रिवेदी के कार्यकाल में एसीडी के परीक्षण के बाद उसे विफल घोषित किया गया था।

रेल मंत्री ने कहा कि वर्ष 2016 में लखनऊ के आरडीएसओ द्वारा विकसित ट्रेन सुरक्षा तकनीक कवच को औपचारिक रूप से स्वीकृति प्रदान की थी और वर्ष 2019 तक कड़े परीक्षणों के बाद इसे देश भर में लगाने का फैसला किया गया। वर्ष 2020 में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया और वर्ष 2022 की शुरुआत में इसका उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया गया। 

दक्षिण मध्य रेलवे में करीब 1500 किलोमीटर तक कवच वीएचएफ तकनीक पर पहले से ही काम कर रहा है। दिसंबर 2022 में 3000 किलोमीटर तक कवच की स्थापना के लिए टेंडर निकाला गया था, उसमें बहुत तेजी से प्रगति हो रही है और अब तक करीब 500 किलोमीटर का काम लगभग पूरा हो गया है जो मार्च तक पूरी तरह से क्रियान्वित हो जाएगा। इस खंड के लिए सेफ्टी इंटीग्रेशन लेवल 4 का प्रमाणन हासिल करने की प्रक्रिया जारी है।

श्री वैष्णव ने कहा कि कवच दरअसल कई उपकरणों की एकीकृत प्रणाली है। स्टेशन कवच, लोको कवच, कवच टावर्स, आप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी), वायरलेस लोको टावर, ट्रैक उपकरण और सिगनल, कवच प्रणाली के अंतर्गत आते हैं। इस प्रणाली में सुरक्षा प्रणाली एवं संचार प्रणाली की दो अलग-अलग लेयर रखीं गयी हैं। उन्होंने कहा कि इस समय तीन कंपनियां - मेधा, एचबीएल और कार्नेक्स उत्पादन कर रहीं हैं जबकि जीजी ट्रॉनिक्स को हाल में मंजूरी दी गयी है। 

दो अन्य कंपनियों -क्योंसन एवं सीमेंस के प्रस्ताव विचाराधीन हैं। उन्होंने कहा कि इस साल 1500 किलोमीटर के लिए उत्पादन क्षमता विकसित हो चुकी है। आने वाले साल 2024 तक 2500 किलोमीटर और 2025 तक 5000 किलोमीटर तक की क्षमता विकसित हो जायेगी और इसके बाद 12 साल में पूरे नेटवर्क को कवच युक्त कर दिया जायेगा।

रेल मंत्री ने कहा कि हाल में उनकी यूरोप की यात्रा के दौरान यूरोपीय विशेषज्ञों ने विचार विमर्श में माना है कि यदि कवच प्रणाली कामयाब हो गयी तो यह प्रणाली यूरोप की ईटीसी तकनीक के लिए बड़ी चुनौती साबित होगी। उन्होंने कहा कि इसकी लागत 80 से 90 लाख रुपये प्रति किलोमीटर तक आयेगी। 

उन्होंने कहा कि मौजूदा टेंडर में और दिसंबर में आने वाले 3000 किलोमीटर तक कवच लगाने के टेंडर में वीएचएफ संचार तकनीक का प्रयोग का प्रावधान है। लेकिन आने वाले समय में इस 6000 किलोमीटर के कवच नेटवर्क को एलटीई (लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन) यानी 4-जी एवं 5-जी तकनीक पर अपग्रेड करने का टेंडर आयेगा। आने वाले समय में जैसे जैसे संचार तकनीक अपग्रेड होगी वैसे वैसे कवच को भी उसी तकनीक पर अपग्रेड किया जायेगा।

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