टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को सदन के चार दिवसीय सत्र के पहले दिन राज्य विधानसभा की सदस्यता की शपथ ली। सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने के तुरंत बाद विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर स्टीफन मरांडी ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को सदन की सदस्यता की शपथ दिलायी।
इसके बाद राधाकृष्ण किशोर, दीपक बिरुवा, चमरा लिंडा, संजय प्रसाद यादव, रामदास सोरेन, इरफान अंसारी, हफीजुल हसन, दीपिका पांडेय सिंह, योगेंद्र प्रसाद, सुदिव्य कुमार सोनू, शिल्पी नेहा तिर्की, राजमहल विधायक मोहम्मद ताजुद्दीन, बोरियो विधायक धनंजय सोरेन, लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू, पाकुड़ विधायक निशात आलम, शिकारीपाड़ा विधायक आलोक कुमार सोरेन, नाला विधायक रविंद्र नाथ महतो, दुमका विधायक बसंत सोरेन, गांडेय विधायक कल्पना सोरेन, डुमरी विधायक जयराम महतो सहित अन्य विधायकों ने शपथ ली। बता दें कि इस दौरान हेमलाल मुर्मू ने संथाली और एमटी राजा ने उर्दू में शपथ ली।
बता दें कि झारखंड की छठी विधानसभा का पहला सत्र आज यानी 9 दिसंबर से शुरू हो गया जो कि 12 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान सरकार सदन में विश्वास मत साबित करेगी। 10 दिसंबर को विधायकों के शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधानसभा के नए अध्यक्ष का चुनाव होगा। 11 दिसंबर को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार का अभिभाषण होगा।
इसके बाद सरकार की ओर से वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर चालू वित्तीय वर्ष के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट पेश करेंगे। सत्र के अंतिम कार्यदिवस में 12 दिसंबर को राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा और अनुपूरक बजट पर बहस होगी।
बता दें कि सत्र के दौरान विधानसभा के आसपास धारा 144 लागू रहेगी। विधानसभा के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लगा दी गयी है। यह निषेधाज्ञा 9 दिसंबर के सुबह 8 बजे से 12 दिसंबर की रात 10 बजे तक के लिए लागू रहेगा।
निषेधाज्ञा के मद्देनजर विधानसभा परिसर के 200 मीटर के दायरे में किसी तरह के जुलूस, रैली, प्रदर्शन, घेराव आदि आयोजित नहीं किये जा सकेंगे। विधानसभा परिसर के आसपास 4 आईपीएस और 12 से ज्यादा डीएसपी समेत 2000 अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात रहेंगे।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास में आज सत्ता पक्ष के मंत्री एवं विधायक दल की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में आगामी 09 दिसम्बर से 12 दिसम्बर 2024 तक आहूत षष्ठम् विधान सभा के प्रथम सत्र के संदर्भ में सत्ता पक्ष की तैयारियों को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कांके रोड स्थित आवास पर सत्ता पक्ष के विधायकों की बैठक रविवार को हुई। इस बैठक में छठी विधानसभा के पहले सत्र को लेकर विचार विमर्श किया गया। 9 दिसंबर से 12 दिसंबर तक होने वाले सत्र के पहले दो दिन नवनिर्वाचित विधायकों का शपथग्रहण होगा। प्रोटेम स्पीकर स्टीफन मरांडी विधायकां को शपथ दिलायेंगे।
नयी सरकार बनने के बाद ये पहला मौका है जब सत्ता पक्ष के विधायकों के साथ मुख्यमंत्री ने बैठक की है। पहली बार सदन का सदस्य बनकर आये सदस्यों को मुख्यमंत्री ने बधाई देते हुए उन्हें सदन के अंदर शालीनता का पालन करने का ज्ञान दिया।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने 5 दिसंबर को कैबिनेट के सदस्यों के साथ बैठक कर दो महीने के अंदर बेहतर ग्राउंड वर्क करने का टॉस्ट दिया था। रविवार को हुई विधायक दल की बैठक में सत्ता पक्ष के लगभग सभी विधायक शामिल हुए थे। गांडेय से विधायक कल्पना सोरेन एक आम विधायक की तरह पीछे की पंक्ति में बैठी नजर आयी थी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में विधानसभा चुनाव के बाद विधानसभा का पहला सत्र सोमवार (9 दिसंबर) से शुरू होगा। 4 दिनों तक के इस सत्र की तैयारी पूरी हो चुकी है। विधानसभा के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लगा दी गयी है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों की रविवार को बैठक बुलायी गयी है। झारखंड विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले सदन परिसर के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लगा दी गयी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष आज बैठक करेंगे।
सत्ता पक्ष के विधायकों की बैठक 3 बजे से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास में बुलाई गई है। भाजपा ने शाम 7 बजे अपने विधायकों की बैठक पार्टी कार्यालय में बुलायी है। दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक दल के नेता का चयन अब तक नहीं हो पाया है। ऐसे में नयी विधानसभा का पहला सत्र नेता प्रतिपक्ष के बिना ही होगा, ऐसा लग रहा है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं विधायक कल्पना सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय परिसर में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचीं पोषण सखी दीदियों ने मुलाकात कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। विगत कार्यकाल में राज्य सरकार द्वारा पोषण सखी के पुनर्बहाल के निर्णय पर हर्ष जताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति पोषण सखी दीदियों ने आभार व्यक्त करते हुए उनका अभिनंदन किया।
मौके पर मुख्यमंत्री सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। मौके पर पोषण सखी दीदियों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार आपके हक-अधिकार को पूरा करने के लिए प्रयासरत है। आप सभी पोषण सखी दीदियां सरकार की आँख, नाक और कान बनकर साथ दिया है। आने वाला नया वर्ष आपकी जिंदगी में ढेर सारी खुशियां लेकर आए। आपका परिवार सुख-समृद्धि के साथ जीवन व्यतीत करे, यही कामना करता हूं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह सरकार आपकी उम्मीद और आकांक्षाओं की सरकार है। आप सभी का कर्तव्य है कि आप ईमानदारी पूर्वक अपने कार्य को अंजाम देंगे। मैंने पहले भी कई बार कहा है कि हमारी सरकार शहर नहीं बल्कि गांव से चलने वाली सरकार है। हमारी सरकार आने वाली पीढ़ियों का तकदीर एवं तस्वीर कैसे बदल सकें, अधिक से अधिक रोजगार का सृजन कैसे उत्पन्न कर सकें, इसके प्रति संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ रही है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड कैबिनेट की बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम लोगों ने मंत्री परिषद के साथ बैठक की जिसमें पदाधिकारी गण में मौजूद रहे और हम लोगों ने यह तय किया आने वाले समय में राज्य को एक बेहतर दिशा कैसे दिया जा सके।
श्री सोरेन ने कहा कि इसमें हमारी टीम कुछ 15-16 एजेंडे पर काम करेगी। हम लोग अभी राज्य को दिशा देने के लिए एक रूपरेखा तैयार करेंगे। सभी मंत्री अपने-अपने विभागों का समीक्षा करना प्रारंभ करेंगे।
सिर्फ रांची ही नहीं विभागीय जिला कार्यालय तक समीक्षाएं चलेगी। सभी विभागों का सभी जिला में बैठक होगी। सभी मंत्रीगण समीक्षा करेंगे। क्या दोष क्या सही चल रहा उसकी समीक्षा की जायेगी। सभी विभागों में लोगों के प्रमोशन संबंधित सभी चीजों की समीक्षा की जायेगी और जल्द से जल्द समस्या का समाधान किया जायेगा।
सोरेन ने बताया कि बैठक में हमने निर्देश दिए हैं कि सभी मंत्री अपने विभागों को बिल्कुल दुरुस्त करें। हेड क्वार्टर से लेकर जिला कार्यालय तक प्रखंड कार्यालय तक जहां-जहां जहां जहां लोग हैं सभी योजनाओं का आकलन करें।
उन सभी योजनाओं को राज्य परिपेक्ष में क्या आवश्यकता है, प्रासंगिकता है उन सभी का आकलन होगा और सभी चीजों को ध्यान में रखकर 2 महीने के अंदर सभी जिला कार्यालय तक का भ्रमण हमारे मंत्रीगण करें। कार्यों की समीक्षा करें। आला अधिकारियों के कार्यकुशलता की समीक्षा करें।
कौन किस तरीके से काम कर रहा है, नहीं कर रहा है उन सभी चीजों का समय-समय पर मुझे भी अवगत कराया जाये, ताकि उचित निर्णय लिया जा सके। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर आने वाले समय में रोड मैप बनाने के लिए सभी मंत्रीगण लग जायेंगे, उसके अनुरूप सभी रिपोर्ट को संग्रहण करते हुए सभी विभाग एक नई ऊर्जा के साथ काम करेंगे।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज झारखंड मंत्रालय में मंत्री वित्त विभाग राधा कृष्ण किशोर, मंत्री परिवहन विभाग दीपक बिरुवा, मंत्री अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग चमरा लिंडा, मंत्री श्रम नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग संजय प्रसाद यादव, मंत्री स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग रामदास सोरेन, मंत्री स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग इरफान अंसारी, मंत्री जल संसाधन विभाग हफीजुल हसन, मंत्री ग्रामीण विकास विभाग दीपिका पांडेय सिंह, मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता विभाग योगेंद्र प्रसाद, मंत्री नगर विकास एवं आवास विभाग सुदिव्य कुमार एवं मंत्री कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग शिल्पी नेहा तिर्की ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री से नवनियुक्त मंत्रीगणों की यह शिष्टाचार भेंट थी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा का सत्र 9 से 12 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र में चार कार्यदिवस होंगे। सत्र के पहले दिन नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण प्रोटेम स्पीकर प्रो स्टीफन मरांडी के द्वारा दिलाया जायेगा।
इसके बाद दूसरे दिन नये विधानसभाध्यक्ष का निर्वाचन होगा। 11 दिसंबर को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण से सदन की कार्यवाही शुरू होगी।
इसके बाद हेमंत सरकार विश्वासमत हासिल करेगी। इसी दिन सरकार अपना द्वितीय अनुपूरक बजट पेश करेगी। अंतिम दिन 12 दिसंबर को पहली पाली में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश होगा और चर्चा होगी।
टीम एबीएन, रांची। ममता सरकार के तुगलकी फरमान के कारण झारखंड में आलू की सप्लाई पर रोक जारी है। ट्रकों को झारखंड की सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। वहीं अब यूपी सरकार द्वारा आलू की सप्लाई करने से झारखंड के लोगों को राहत मिली है।
बता दें कि रांची के थोक बाजार में गुरुवार को उत्तर प्रदेश से 30 ट्रक आलू पहुंचे। आलू-प्याज थोक विक्रेता संघ के अध्यक्ष मदन कुमार का कहना है कि उत्तर प्रदेश से बढ़ी सप्लाई के कारण बाजार में स्थिति सुधर रही है। रांची की थोक मंडी में आलू के दाम 3 रुपए तक कम हुए हैं।
हालांकि, खुदरा बाजार में आलू अभी भी 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। बहरहाल बंगाल से सप्लाई रोके जाने के बाद उत्तर प्रदेश आलू सप्लाई होने से झारखंड को फिलहाल राहत जरूर मिली है। मगर प्रति बोरा 400 रुपए की वृद्धि ने आम लोगों के बजट पर जरूर असर डाला है।
दरअसल, आलू का भंडार बनाए रखने और इसकी कीमत को नियंत्रित करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने अंतरराज्यीय आपूर्ति पर कथित रूप से पाबंदी लगा दी है। वहीं, पश्चिम बंगाल पुलिस ने दूसरे राज्यों में आलू के निर्यात पर अंकुश लगाने के लिए सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।
पुलिस जांच के दौरान आलू से लदे सैकड़ों ट्रकों को वापस भेज दिया जा रहा है। इस कदम से व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल पूरे वर्ष झारखंड की आलू की 60 प्रतिशत मांग को पूरा करता है, जबकि शेष मांग उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और स्थानीय उत्पादन से पूरी होती है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse