टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार हर विधानसभा क्षेत्र में एक-एक स्टेडियम बनाएगी। इसके लिए सभी विधायक एक-एक स्टेडियम की अनुशंसा कर सकेंगे। पर्यटन व खेल मंत्री हफीजुल हसन ने झारखंड विधानसभा में इसकी घोषणा की। वे कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह के तारांकित प्रश्न का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि महगामा में स्टेडियम बनाने के लिए विधायक ने प्रस्ताव लाया है। सरकार ने गोड्डा के उपायुक्त को जमीन चिह्नित कर सूचना देने को कहा है। स पर विधायक दीपिका पांडेय सिंह भी अगर जमीन उपलब्ध करवा दें तो तेजी से कार्रवाई हो सकेगी। सरकार ने सभी विधायकों को एक-एक स्टेडियम देने का निर्णय लिया है। सभी विधायक एक-एक स्टेडियम के लिए अनुशंसा कर सकेंगे। खेल मंत्री ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ियों के प्रोत्साहित करने का काम सरकार कर रही है। जो खिलाड़ी पदक लाते हैं, उन्हें नकद राशि भी दी जाती है। 25 खिलाड़ियों को ढाई-ढाई लाख रुपए दिए गए। झारखंड के वाटर फॉल की गहराई कम की जाएगी। फॉल के आसपास की गहराई पांच फीट से ज्यादा नहीं होगी। वहीं, फॉल के अगल-बगल लोहा का बैरिकेडिंग लगाई जाएगी। इसके अलावा दिन में चलने वाले होटल की भी व्यवस्था की जाएगी। इसकी जानकारी पर्यटन मंत्री हफीजुल हसन ने दी। वे कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप के सवाल का जवाब दे रहे थे। मंत्री हफीजुल ने कहा कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए फॉल की गहराई कम की जा रही है। वहीं, विधायक उमाशंकर अकेला ने हजारीबाग के प्राचीन शिव मंदिर को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग की। यह भी कहा कि जब तक यह घोषित नहीं होता है, तब तक सीढ़ियों को दुरुस्त करवा दें। अगर सरकार नहीं करा सकती तो विधायक फंड से करवाने की अनुमति दें। इसपर पर्यटन मंत्री ने हजारीबाग के उपायुक्त से प्रस्ताव मांगने की बात कही।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा में होली के रं ग और गुलाल दिखे। विधानसभा परिसर में सभी माननीय होलियाना मूड में दिखे। मौका था होली मिलन समारोह का, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन न केवल होली के गीत पर झूमे। बल्कि विपक्षी दल भाजपा के सदस्यों से गला मिलकर होली की शुभकामनाएं दी। झारखंड विधानसभा में होली जमकर खेली गई। यहां सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष सभी एक ही रंग में रंगे नजर आए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्षी दल के विधायकों को गले मिलकर होली की शुभकामनाएं दी, तो वहीं स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने मुख्यमंत्री को जलेबी खिलाकर होली की मिठास जीवन में बनी रहे इसकी कामना की। सदन की कार्यवाही खत्म होने के बाद विधानसभा परिसर में आयोजित होली मिलन समारोह के दौरान होली की उमंग में डूबे विधायक, मंत्री के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फगुआ का पारंपरिक गीत गाकर राज्यवासियों को होली की शुभकामनाएं दी। मौके पर स्पीकर रबीन्द्र नाथ महतो ने राज्यवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली की तरह सालों भर लोगों के परिवार में खुशियां बनी रहे। वहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि होली आपसी भाईचारा और उमंग का पर्व है जिसे हम सभी मिलकर मनाएं। उन्होंने राज्यवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए शांतिपूर्ण और भाईचारगी के साथ होली मनाने की अपील की। इस अवसर पर विधायक शिवपूजन मेहता और अंबा प्रसाद ने भी जमकर होली खेली और एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर होली की बधाई देते हुए नजर आए। अपने पुराने घर भाजपा से राजद में शामिल होकर मंत्री तक की कुर्सी पाने में सफल रहे श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता सबसे पहले होली मिलन कार्यक्रम में भाजपा विधायकों के साथ पहुंचे। भाजपा विधायक राज सिन्हा, अनंत ओझा, बिरंची नारायण ने होली के गीत गाकर खूब रंग जमाया। इस दौरान मंत्री झूमने लगे और झाल बजाकर विपक्ष के साथ होली मनाई।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस और यूक्रेन के बीच आज 20वें दिन भी युद्ध जारी है। दोनों देशों के मध्य छिड़े युद्ध ने यूक्रेन में मानवीय संकट पैदा कर दिया है। लोग दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं। उनसे उनका आशियाना छिन चुका है। ऐसे में युद्धग्रस्त देश में फंसे 22 हजार से ज्यादा भारतीयों को आॅपरेशन गंगा के तहत स्वदेश वापस लाया गया है। आज राज्यसभा में भारतीयों को सुरक्षित निकाले जाने के मुद्दों पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपना बयान दिया। उन्होंने कहा कि गंभीर संघर्ष से उत्पन्न चुनौतियों के बावजूद हमने सुनिश्चित किया कि लगभग 22,500 भारतीय नागरिक सुरक्षित भारत लौट पायें।
टीम एबीएन, रांची। राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में इंटरनेट सेवा एक बार फिर से बंद हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार सुबह तीन बजे से ही इंटरनेट सेवा बंद पड़ी है। जिस वजह से आने वाले मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सिर्फ मरीजों को ही नहीं बल्कि रिम्स में काम करने वाले कर्मचारियों को भी इंटरनेट नहीं रहने की वजह से परेशानी हो रही है। इंटरनेट सेवा बंद होने के बाद रिम्स प्रबंधन की ओर से यह आदेश जारी किया गया कि फिलहाल मरीज को मैनुअल तरीके के माध्यम से काउंटर पर पर्ची काट कर उनकी एंट्री करें ताकि मरीज डॉक्टर से दिखा सके। इंटरनेट सेवा बंद होने के कारण सारी जांच व्यवस्था ठप हुई है। रिम्स में होने वाली जांच में एक्सरे, सीटी स्कैन और अन्य सभी जांच बंद हैं क्योंकि बिना इंटरनेट के यह सभी जांच नहीं हो सकते हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में इन दिनों सड़कों पर विरोध ही विरोध का नजारा देखने को मिल रहा है। कभी मॉब लिंचिंग, कभी पारा शिक्षक, कभी विपक्ष तो कभी अन्य लोगों का विरोध प्रदर्शन होता रहता है। आज राज्य भर की पोषण सखियां आंदोलन कर रही हैं। विभिन्न मांगों को लेकर उनका प्रदर्शन चरम पर है। बकाया मानदेय सहित अन्य सरकारी लाभ को लेकर राज्य भर की पोषण सखियां राजधानी की सड़कों पर बवाल काट रही हैं। विधानसभा घेराव कर अपनी मांगों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन करने का मन बना रही पोषण सखियों को जब पुलिस ने रोकने की कोशिश की, तो वे जगन्नाथपुर मंदिर की ओर सड़कों पर बवाल काटती नजर आयीं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार से संचालित आकांक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों में कक्षा सातवीं से लेकर 10वीं तक के छात्र छात्राओं को राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एनटीएसई) एवं ओलंपियाड तथा कक्षा 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को (क्लैट) की विशेष कोचिंग कराई जाएगी। वहीं, एनडीए के लिए भी तैयारी कराने का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब इसे मंत्रिमंडल की बैठक में स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग तथा मेडिकल के अलावा अन्य प्रतिस्पर्धी प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए आकांक्षा कार्यक्रम का विस्तार किया जा रहा है। इसके अंतर्गत अब राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान परिषद द्वारा संचालित राष्ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा एवं ओलंपियाड की विशेष आवासीय कोचिंग के लिए कुल 100 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इनमें कक्षा 7 से 25 कक्षा से 8 से 25, कक्षा 9 से 25 और कक्षा 10 के 25 विद्यार्थी होंगे। वही कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट के लिए कक्षा 11 से 50 और कक्षा 12 से 50 यानी कुल 100 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा अलग-अलग पाठ्यक्रमों के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा के आधार पर छात्र-छात्राओं का चयन आकांक्षा कार्यक्रम के तहत कोचिंग के लिए होगा। चयनित विद्यार्थियों का नामांकन स्थानांतरण प्रमाण पत्र के आधार पर तथा माता-पिता या अभिभावक की सहमति से रांची जिला के विद्यालय में कराया जाएगा। राज्य आकांक्षा कार्यक्रम को प्रभावी रूप से मार्गदर्शन करने के लिए अनुश्रवण समिति का गठन किया जाएगा, जिसके अध्यक्ष निदेशक, माध्यमिक शिक्षा होंगे। वहीं, आकांक्षा कार्यक्रम को प्रभावी रूप से संचालित करने के लिए रांची के उपायुक्त की अध्यक्षता में संचालन समिति होगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की सुरक्षा संबंधी तैयारियों और यूक्रेन में जारी संघर्ष के संदर्भ में मौजूदा वैश्विक परिदृश्य की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की रविवार को अध्यक्षता की। सरकार के सूत्रों ने यह जानकारी दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी इस बैठक में शामिल हुए। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार की ओर से विधानसभा में आज यह भरोसा दिलाया गया है कि राज्य के विभिन्न जिलों में दाखिल खारिज के लंबित 68 हजार आवेदनों पर जल्द फैसला ले लिया जाएगा। भाजपा के शशिभूषण मेहता के एक अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में राजस्व, निबंधन और भूमि सुधार विभाग की प्रभारी मंत्री जोबा मांझी ने बताया कि राईट टू सर्विस के तहत अंचल कार्यालयों में दाखिल खारिज करने के लिए एक तय सीमा होती तथा म्यूटेशन के मामले के त्वरित निष्पादन का प्रावधान हैं। उन्होंने बताया कि रांची जिला के विभिन्न अंचलों में दाखिल खारिज के लिए प्राप्त आवेदनों के निष्पादन को अस्वीकृत किये जाने के मामलों की जांच के लिए उपायुक्त रांची द्वारा 22 फरवरी को एक टीम गठित की गयी हैं। उन्होंने कहा कि दाखिल खारिज वादों का निष्पादन नियम समय-सीमा पर नहीं किए जाने पर झारखंड सेवा देने की गारंटी अधिनियम 2011 की धारा 7 एवं धारा 8 में निहित प्रावधानों के तहत दोषी पदाधिकारियों पर जुर्माना और अर्थदंड लगाने का निर्देश निर्गत किया गया हैं। इससे पहले शशिभूषण मेहता ने बताया कि रांची के 23 अंचल अंचलों में 2.77 लाख दाखिल खारिज के आवेदन में 1.49 लाख आवेदन खारिज कर दिये गये, जबकि 10 हजार से अधिक आवेदन लंबित है और पूरे राज्य में 68 हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं। भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने इस मामले में कहा कि झारखंड के कई अंचल में सीओ पहले दाखिल खारिज के आवेदन को रिजेक्ट कर देते हैं, ऐसे में एलआरडीसी कोर्ट दाखिल खारिज स्वीकृत होना चाहिए, परंतु सीओ बाद में उसे स्वीकृत कर देते हैं, यह नियम विरूद्ध है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि ऐसा मामला सामने आने पर नियमानुसार दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। भाजपा के ही सीपी सिंह ने अपने गृह जिला पलामू का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी जमीन का भी दाखिल खारिज नहीं हो रहा हैं, जब उन्होंने सीओ से बातचीत की और कहा कि पैसा ही लेकर करना है, तो बता दिजिये, तो सीओ ने पैसा लेने से भी मना कर दिया। झारखंड मुक्ति मोर्चा के सुदिव्य कुमार सोनु ने कहा कि वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के एक पत्र से राज्य में 21 लाख एकड़ भूमि लैंड बैंक के नाम पर हस्तांतरित हो गई और सारा विवाद तभी से खड़ा हुआ है, इसलिए सरकार को इस पर अविलंब फैसला लेना चाहिए।
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