टीम एबीएन, रांची। रामनवमी की सुरक्षा को लेकर राजधानी में चाक-चौबंद व्यवस्था की गयी है। एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा ने शुक्रवार को बताया कि रविवार को रामनवमी जुलूस के दौरान 10 ड्रोन कैमरा से पूरे शहर की निगरानी होगी। जगह-जगह 2000 जवानों की तैनाती की जायेगी। रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) की दो कंपनी, क्यूआरटी की 10 कंपनी, आइआरबी, जैप, होमगार्ड व डंडा पार्टी को लगाया जायेगा। 10 डीएसपी, थाना प्रभारी के अलावा 10 इंस्पेक्टर को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया जायेगा। रांची पुलिस किसी भी परिस्थिति से निबटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। दूसरी ओर, रामनवमी के दौरान राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को दिखाने के लिए शुक्रवार को पुलिस ने रोड शो किया। इसमें पीसीआर, टाइगर मोबाइल, थाना गश्ती वाहन सहित 100 से अधिक वाहन शामिल रहे। दिन के 1:30 के करीब मोरहाबादी मैदान से रोड शो निकाला गया। इसका नेतृत्व एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा कर रहे थे। साथ में सिटी एसपी अंशुमन कुमार, ग्रामीण एसपी नौशाद आलम सहित अन्य पुलिस अधिकारी थे। सिटी एसपी ने बताया कि रामनवमी की सुरक्षा के मद्देनजर रोड शो निकाला गया। इधर, सड़क पर एक साथ इतने वाहन निकलने से लोग भी हैरान थे। बाद में लोगों को पता चला कि रामनवमी की सुरक्षा को लेकर रोड शो निकाला गया है। रांची पुलिस रामनवमी को लेकर पूरी तरह चौकस है। रोड शो मोरहाबादी मैदान से निकल कर कचहरी, शहीद चौक, अलबर्ट एक्का चौक, हिंदपीढ़ी, सुजाता चौक, डोरंडा, हिनू, बिरसा चौक, हरमू बाइपास होते हुए अरगोड़ा चौक, किशोरगंज चौक, रातू रोड, पिस्का मोड़, पंडरा, कमड़े, रातू, तिरिल, रिंग रोड, बरियातू व लोअर बाजार होते हुए वापस मोरहाबादी पहुंचा। वहीं, रैफ के उप कमांडेंट राकेश कुमार के नेतृत्व में गांधी चौक, किशोरी यादव, न्यू मार्केट चौक, गाड़ी खाना, किशोरगंज, बड़ा तालाब होते हुए कोतवाली थाना तक फ्लैग मार्च निकाला गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बनाए गए प्रधानमंत्री म्यूजियम का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को करेंगे। इसमें देश के अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों के कार्यों का प्रदर्शन होगा। पहले यह नेहरू संग्रहालय भवन कहा जाता था। प्रधानमंत्री संग्रहालय में इसे भी समाहित कर लिया गया है। पिछले माह पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नेहरू संग्रहालय को पीएम म्यूजियम में तब्दील करने का फैसला किया गया था। इस संग्रहालय में देश के सभी 14 पूर्व प्रधानमंत्रियों की यादों को सहेजा जायेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आंबेडकर जयंती यानी 14 अप्रैल को इसका उद्घाटन करेंगे। कैबिनेट बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान को स्वीकार करने के लिए यह फैसला किया है। हम सभी पीएम के योगदान को मान्यता देना चाहते हैं। प्रधानमंत्री संग्रहालय में सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों के कार्यों को दिखाया गया है। पूर्व प्रधानमंत्रियों के बारे में बहुमूल्य जानकारी के लिए उनके परिवारों से भी संपर्क किया गया था। संग्रहालय में महत्वपूर्ण पत्राचार, कुछ व्यक्तिगत वस्तुओं, उपहार और यादगार वस्तुएं, सम्मान, पदक, स्मारक टिकट, सिक्के आदि भी प्रदर्शित किए गए हैं। दूरदर्शन, फिल्म डिवीजन, संसद टीवी, रक्षा मंत्रालय, मीडिया हाउस (भारतीय और विदेशी), प्रिंट मीडिया, विदेशी समाचार एजेंसियों, विदेश मंत्रालय आदि संस्थानों के माध्यम से जानकारी एकत्र की गई। नेहरू संग्रहालय ब्लॉक-1 में रहेगा : संग्रहालय पुराने नेहरू म्यूजियम और नए का सम्मिलित रूप है। इसमें तत्कालीन नेहरू संग्रहालय भवन भी शामिल है। इसे पीएम संग्रहालय ब्लॉक-1 के रूप में नामित किया गया है। इसमें अब पंडित जवाहरलाल नेहरू के जीवन और योगदान से संबंधित अब तक सारी जानकारियां उन्नत तकनीक के माध्यम से पेश की गई हैं। दुनिया भर से उन्हें मिले उपहार भी पुनर्निर्मित ब्लॉक क में प्रदर्शित किए गए हैं। डिजाइन उभरते भारत की प्रतीक : पीएम संग्रहालय भारत के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर संविधान के निर्माण तक की कहानी बताएगा। इसमें बताया गया है कि कैसे हमारे प्रधानमंत्रियों ने विभिन्न चुनौतियों से देश को उबारा और देश की चौतरफा प्रगति सुनिश्चित की। संग्रहालय भवन की डिजाइन उभरते भारत की कहानी से प्रेरित है। इसे नेताओं के हाथों का आकार दिया गया है। डिजाइन में टिकाऊ और ऊर्जा संरक्षण के इंतजाम किए गए हैं। कोई पेड़ काटा नहीं गया : पीएम संग्रहालय परिसर में किसी भी पेड़ को काटा या प्रत्यारोपित नहीं किया गया है। इमारत का कुल क्षेत्रफल 10,491 वर्ग मीटर है। इमारत का लोगो राष्ट्र और लोकतंत्र का प्रतीक चक्र धारण करने वाले भारत के लोगों के हाथों का प्रतिनिधित्व करता है। अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल : प्रधानमंत्री संग्रहालय में युवाओं को सूचना आसान और रोचक तरीके से प्रस्तुत करने के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी-आधारित संचार सुविधाओं का इंतजाम किया गया है। प्रदर्शनी को अत्यधिक इंटरैक्टिव बनाने के लिए होलोग्राम, वर्चुअल रियलिटी, आॅगमेंटेड रियलिटी, मल्टी-टच, मल्टी-मीडिया, इंटरेक्टिव कियोस्क, कम्प्यूटरीकृत काइनेटिक मूर्तियां, स्मार्टफोन एप्लिकेशन, इंटरेक्टिव स्क्रीन आदि लगाई गई हैं।
टीम एबीएन, रांची। 24 मार्च की आधी रात को मालवाहक जहाज के गंगा में डगडमाने और 5 ओवर लोडेड ट्रकों के गंगा नदी में समाने के बाद बंद किए गए अंतर्राज्यीय फेरी सेवा को फिर से चालू कर दिया गया है। कटिहार जिला प्रशासन के आदेश के बाद फेरी सेवा की शुरुआत पर यात्रियों और व्यासायियों ने खुशी जाहिर की है। कटिहार जिला प्रशासन के आदेश के बाद मालवाहक जहाज और एक यात्री जहाज सुबह सुबह मनिहारी के लिए साहिबगंज से रवाना हुई। यात्रियों के मुताबिक गंगा पुल बनने तक फेरी सेवा ही एक ऐसा माध्यम है जिससे दोनों राज्यों के बीच व्यापार किया जा रहा है। फेरी सेवा की शुरुआत पर साहिबगंज के लोगों ने खुशी जताई है। गंगा नदी में मालवाहक जहाज के मनिहारी जाने क्रम में 5 लोडेड ट्रक और कुछ लोग गंगा में डूब गए थे। जिसके बाद रेस्क्यू अभियान जारी था। रेस्क्यू अभियान में चार ट्रक और 2 लोगों का शव बरामद हुआ था। जिसके बाद फेरी सेवा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था। लेकिन लोगों की परेशानी को देखते हुए एक बार फिर से फेरी सेवा चालू कर दी गई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। वित्त विभाग ने वित्तीय वर्ष 2021-22 का लेखा-जोखा साझा किया है। इस वर्ष सरकार को केंद्रीय करों की हिस्सेदारी के रूप में 27,734 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है, जो वित्तीय वर्ष 2020-21 की तुलना में 8,022 करोड़ ज्यादा है। हालांकि केंद्र सरकार से अलग अलग योजनाओं में प्राप्त होने वाले ग्रांट में करीब 713 करोड़ रुपए कम मिले हैं। सबसे खास बात है कि जहां वित्तीय वर्ष 2020-21 में ऋण के रूप में 14,910 करोड़ रुपए प्राप्त किए गये थे। इसकी तुलना में इस वर्ष महज 9,063 करोड़ का ऋण लिया गया। वित्तीय वर्ष 2021-22 में राजकोषीय घाटा सकल राज्य घरेलू उत्पाद 3,63,084 करोड़ का 1.29 प्रतिशत है। 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में सबसे ज्यादा 15,237 करोड़ राजस्व की प्राप्ति कर वाणिज्य कर विभाग टॉप पर रहा। दूसरे स्थान पर 7,428 करोड़ के साथ खान एवं भूतत्व विभाग रहा। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने 1,693 करोड़, परिवहन विभाग ने 1,187 करोड़, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 1,621 करोड़ और निबंधन विभाग ने 985 करोड़ रुपए सरकार की तिजोरी में डाले। दूसरी तरफ 31 मार्च, 2022 तक स्कीम मद में 41,907.04 करोड़ रुपए की राशि का औपबंधिक व्यय हुआ है, जो संशोधित स्कीम बजट उपबंध (50,489.31 करोड़ रुपये) का कुल 83% है। इसी तरह स्थापना मद में 35,235.49 करोड़ का औपबंधिक व्यय हुआ है जो संशोधित स्थापना मद का 91 प्रतिशत है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में आदिवासी समाज की परंपरा और कला- संस्कृति को जीवंत, अक्षुण्ण और संरक्षित करने का प्रयास लगातार जारी है। इस कड़ी में आज राजधानी रांची के सिरोमटोली सरना स्थल के सौदर्यीकरण योजना का शिलान्यास किया जा रहा है। लगभग 5 करोड़ रुपए की लागत से इस सरना स्थल परिसर में कई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य कि सभी सरना और मसना स्थल का संरक्षित करने का संकल्प राज्य सरकार ने लिया है, ताकि आने वाली पीढ़ी भी इसके ऐतिहासिक महत्व से भलीभांति वाकिफ रहे। उन्होंने राज्य वासियों से कहा कि अगर उनकी नजर में कोई उत्सव स्थल को विकसित और संरक्षित करने की जरूरत है तो उसकी जानकारी दें। इस दिशा में सरकार अवश्य पहल करेगी। सोरेन ने कहा कि विश्व की प्राचीनतम व्यवस्थाओं में आदिवासी समाज की व्यवस्था को जाना जाता है। हालांकि, आज की भौतिकवादी युग में सामंजस्य स्थापित करने में आदिवासी समाज थोड़ा पिछड़ सा गया है। लेकिन, आदिवासियों के हक और अधिकार तथा विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार के अवसर पर पृथक रूप से आदिवासी कल्याण मंत्रालय बनाया गया है। यह मंत्रालय आदिवासियों के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में रामनवमी पर धार्मिक यात्रा रात 10 बजे तक निकाली जा सकेगी। सरकार ने विभिन्न संगठनों की मांग को संज्ञान में लेते हुये धार्मिक यात्रा निकालने का समय बढ़ाने का निर्णय लिया है। राज्य में अब शाम छह बजे तक की बजाए रात में 10 बजे तक धार्मिक यात्रा निकाली जा सकेगी। आपदा प्रबंधन विभाग दिनांक 8 अप्रैल को नयी गाइडलाइन जारी करेगा। नयी गाइडलाइन के अनुसार धार्मिक जुलूस की समय सीमा शाम 6 बजे तक से बढ़ाकर रात्रि 10 बजे तक कर दी गयी है। बता दें, रामनवमी जुलूस को लेकर लगातार धार्मिक संगठनों के द्वारा सरकार पर दबाव बनाया जा रहा था। कई संगठनों की तरफ से आंदोलन की भी चेतावनी दी गयी थी। माना जा रहा है कि जन भावना को देखते हुए सरकार की तरफ से समय सीमा को बढ़ाने का फैसला लिया गया है। कोविड 19 को लेकर रांची में दो साल तक रामनवमी और इससे जुड़े आयोजन पूरी तरह से बंद थे। इस बार सरकार से आयोजन की अनुमति तो मिली, लेकिन शाम छह बजे के बाद जुलूस का आयोजन नहीं करने के आदेश से असमंजस की स्थिति बन गई थी, जो अब खत्म हो गई है। आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता ने धार्मिक जुलूस की समय सीमा बढ़ाने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया है। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा है– माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी से मुलाकात कर रामनवमी महापर्व के मद्देनजर रामनवमी जुलूस की समय सीमा बढ़ाने और रामभक्तों को जुलूस में रियायत देने का अनुरोध किया, आशा है कि वे इस पर सकरात्मक पहल करेंगे। इस जनभावना के मुद्दों को सुनने के लिए मुख्यमंत्री जी का आभार...
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चुनाव की तारीखों की घोषणा के साथ आयोग की तैयारियां सभी जिलों में क्रियान्वयन होने लगेंगी। सूत्रों की मानें तो झारखंड में चार चरणों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराया जा सकता है। इस पंचायत चुनाव में मुखिया, ग्राम पंचायत सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के लिए वोट डाला जाएगा। पंचायत चुनाव की तिथि तय करने के लिए राज्य चुनाव आयोग द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को ग्रामीण विकास विभाग की मंजूरी मिल गई है। अब शीघ्र ही चुनाव आयोग इसे राज्यपाल को भेजेगा। जहां से अनुमति मिलने के बाद चुनाव की अधिसूचना जारी हो जाएगी। इस अधिसूचना के बाद ही मुखिया, ग्राम पंचायत सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद के चारों पदों के लिए नामांकन शुरू हो जाएगा। अधिसूचना के 50 दिन के अंदर पूरी चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बैलेट पेपर से कराए जाएंगे चुनाव : ऐसा माना जा रहा है कि पहले चरण का चुनाव मई के दूसरे सप्ताह में हो सकता है। वहीं हर चरण के बीच तीन से चार दिन का अंतर रह सकता है। पंचायत चुनाव मई के अंतिम सप्ताह तक चौथा चरण संपन्न हो जाएगा। ऐसा माना जा रहा है कि पांच जून तक मतगणना की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इस चुनाव में एश्ट नहीं ब्लकि बैलेट पेपर का उपयोग होगा। राज्य के पास अपनी मतपेटियों की उपलब्धता पर्याप्त नहीं होने के कारण उत्तर प्रदेश से 46,270 मतपेटियां मंगाई गई हैं। चार रंगों में होगा बैलेट पेपर : इस बार के पंचायत चुनाव में बैटेल पेपर चार अलग अलग रंगों में होगा। मुखिया के लिए बैलेट पेपर हल्का गुलाबी, ग्राम पंचायत सदस्य के लिए क्रीम, पंचायत समिति के लिए हल्का हरा और जिला परिषद के लिए हल्का पीला हो सकता है। चारों बैलेट पेपरों पर मुहर लगाकर इन्हें चार डिब्बों में डालना होगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज हजारीबाग जिले के बरही प्रखंड के नईटांड़ गांव के दिवंगत रूपेश पांडेय की माता उर्मिला देवी को नियुक्ति पत्र और पांच लाख रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने मंत्री बादल द्वारा प्रदत एक लाख रुपए का चेक भी उन्हें सौंपा। मुख्यमंत्री ने दिवंगत रुपेश के परिजनों से कहा कि दुख की इस घड़ी में आप अकेले नहीं हैं। आपके साथ सरकार खड़ी है। आपकी जो भी समस्या या जरूरत होगी, उसे सरकार हरसंभव पूरा करने की कोशिश करेगी। मुख्यमंत्री ने दिवंगत रूपेश के परिजनों को भरोसा दिलाया कि सरकार के स्तर पर उसकी हत्या की जांच हर दृष्टिकोण से की जा रही है। उसकी हत्या क्यों और कौन इसमें शामिल है? जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होगा। इस हत्याकांड में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आपको हर हाल में इंसाफ मिलेगा। मौके पर मंत्री चम्पाई सोरेन और बादल, विधायक सुदिव्य कुमार सोनू और उमाशंकर अकेला, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, हजारीबाग की उपायुक्त नैंसी सहाय के अलावा दिवंगत रुपेश पांडेय के पिता सिकंदर पांडेय, माता उर्मिला देवी और परिजनों में सुरेंद्र तिवारी, अनिल कुमार पांडेय, झारखंडी पांडेय, नागेंद्र पांडेय, सुवास देवी और बिनोद विश्वकर्मा मौजूद थे।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse