टीम एबीएन, रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, झारखंड के देवघर जिले में त्रिकूट पहाड़ पर हुए रोप-वे हादसे के रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल रहे जवानों से बात कर रहे हैं। पीएम मोदी देवघर रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल भारतीय वायुसेना, भारतीय सेना, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, स्थानीय प्रशासन और नागरिक समाज के कर्मियों से बात कर वहां की स्थिति और ऑपरेशन में आने वाली दिक्कतों के बारे में जानकारी ले रहे हैं। बता दें कि इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी जबकि 60 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए बचा लिया गया है। इस खास बातचीत के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने देवघर रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल जवानों को बधाई दी। उन्होंने कहा मैं एनडीआरएफ, वायु सेना, आईटीबीपी, सेना, जिला प्रशासन के सभी प्रतिनिधियों को बधाई और धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने बहुत ही कठिन ऑपरेशन को धैर्यपूर्वक तरीके से अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल सभी एजेंसियों ने बहुत कम समय में अच्छे तालमेल के साथ कम से कम नुकसान के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया।
टीम एबीएन, रांची। रांची रेलमंल क्षेत्र के हटिया-बंडामुंडा रेलखंड के दोहरीकरण योजना के तहत नॉन इंटरलॉकिंग कार्य शुरू किया गया है। यह कार्य 15 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान दो जोड़ी ट्रोनों का परिचालन रद्द किया गया है। इसके साथ ही आठ जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन रांची-हाटिया स्टेशन के बीच बंद किया गया है। नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य पूरा होते ही ट्रेन परिचालन सामान्य कर दिया जाएगा। रांची रेलमंलड प्रशासन की ओर से सोमवार को नॉन इंटरलॉकिंग कार्य शुरू किया गया। कार्य के पहले दिन हाटिया से खुलने वाली सभी ट्रेनों को निर्धारित समय से आधा घंटा से लेकर डेढ़ घंटे की देरी से रवाना किया गया। लेकिन दूसरे दिन यानी मंगलवार को कमोबेश वैसे ही स्थिति है। इसके साथ ही रांची रेलमंडल प्रशासन ने हटिया-झारसुगुड़ा-हटिया मेमो एक्सप्रेस, हटिया-टाटानगर-हटिया एक्सप्रेस ट्रेन को 15 अप्रैल तक रद्द किया है। इसके साथ ही टाटानगर-हटिया-टाटानगर पैसेंजर स्पेशल 15 अप्रैल तक हटिया स्टेशन के बदले नामकुम स्टेशन आयेगी और यही से रवाना होगी। नॉन इंटरलॉकिंग कार्य की वजह से रांची रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। रांची स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर लगाए गए डिस्प्ले बोर्ड खराब हो गए हैं। इससे यात्रियों को ट्रेन के कोच पोजिशन की जानकारी नहीं मिल रही है। स्थिति यह है कि ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही अफरा-तफरी होने लगती है। बताया जा रहा है कि 700 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी नॉन इंटरलॉकिंग कार्य में लगे हैं। इससे ट्रेन परिचालन में थोड़ी बहुत परेशानी आ रही है। ट्रेन नंबर 18175/18176 हटिया-झासुगोड़ा-हटिया मेमू एक्सप्रेस और ट्रेन नंबर 18602/18601 हटिया-टाटा-हटिया एक्सप्रेस का परिचालन 11 से 15 अप्रैल तक बंद किया गया है। वहीं 8 जोड़ी ट्रेनों को रांची स्टेशन से हटिया स्टेशन के बीच रद्द की गई है। ये आठ जोड़ी ट्रेनें हाटिया स्टेशन के बदले रांची स्टेशन आएगी और यही से रवाना होगी। रेलवे अधिकारी ने बताया कि टाटा-हटिया-प्रयागराज स्पेशल ट्रेन पांच दिनों तक नामकुम स्टेशन से खुलेगी। इसके साथ ही ट्रेन संख्या 18621 पटना-हटिया और ट्रेन संख्या 18622 हटिया-पटना एक्सप्रेस 10 और 13 अप्रैल को रांची जंक्शन से रवाना होगी। मौर्य एक्सप्रेस भी 10 से 14 अप्रैल तक रांची जंक्शन से खुलेगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के ग्रामीण विकास सह पंचायती राज मंत्री अालमगीर आलम ने जल्द पंचायत चुनाव होने की बात कही। पूरे राज्य में मतदाता सूची प्रकाशन की तैयारी अंतिम चरण में है। मंत्री ने कहा कि पंचायत चुनाव में विलंब से विकास कार्य में कोई रूकावट नहीं आया है। गांव-गांव में विकास कार्य लगातार जारी है. कांग्रेस के एक दिवसीय जन सुनवाई कार्यक्रम में भाग लेने हजारीबाग आये संसदीय कार्य, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री आलमगीर आलम ने पत्रकारों से कहा कि भाषा विवाद भाजपा सरकार की देन है. झामुमो, कांग्रेस, राजद गठबंधन की सरकार इस विवाद को दूर करेगी मंत्री श्री आलम ने कहा कि झारखंड में नियोजन नीति जल्द लाया जा रहा है। इससे युवाओं को सरकार रोजगार मुहैया करायेगी कहा कि बेरोजगारों को रोजगार और स्वरोजगार दिलाने को लेकर सरकार प्रयासरत है। राज्य में जल्द ही नियोजन नीति आयेगा, ताकि युवाओं को रोजगार मिलने में सहूलियत होगी। मंत्री श्री आलम ने कहा कि बानादाग साइडिंग में आंदोलन के बाद आंदोलनकारियों, स्थानीय लोगों के साथ डीसी व एनटीपीसी अधिकारियों के साथ समझौता को शीघ्र लागू किया जाये। कहा कि हजारीबाग व अन्य प्रखंडों में नाला, तालाब अतिक्रमण को मुक्त करने के लिए डीसी हजारीबाग को निर्देश दिया गया है। पत्रकार सम्मेलन में विधायक उमाशंकर अकेला, अंबा प्रसाद, जयशंकर पाठक, अवधेश सिंह समेत कांग्रेस नेता उपस्थित थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में राज्य में होनेवाले पंचायत चुनाव-2022 में ओबीसी के लिए आरक्षित विभिन्न स्तर के 9,077 पदों को समाप्त कर दिया गया है। इससे पंचायत चुनाव में अनारक्षित सीटों की संख्या बढ़ कर 34,802 हो गयी है. ओबीसी आरक्षण के साथ अनारक्षित सीटों की संख्या 25,725 थी। राहुल रमेश वाघ बनाम महाराष्ट्र सरकार के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ओबीसी को आरक्षण देने के लिए ट्रिपल टेस्ट फार्मूला पूरे देश में लागू करने का आदेश दिया था। साथ ही यह भी कहा था कि ट्रिपल टेस्ट के बगैर पंचायत चुनाव कराने की स्थिति में ओबीसी के लिए आरक्षित सीटों को अनारक्षित मानना होगा। जिला परिषद में अनारक्षित पदों की संख्या हुई 294 : पंचायत चुनाव के आरक्षण से संबंधित आंकड़ों के अनुसार, जिला परिषद सदस्य के कुल 536 पदों में से 92 पद ओबीसी के लिए आरक्षित थे। नयी आरक्षण व्यवस्था के तहत ओबीसी के लिए आरक्षित पदों को समाप्त करने की वजह से जिला परिषद में अनारक्षित पदों की संख्या 202 से बढ़ कर 294 हो गयी है। पंचायत समिति के सदस्यों के कुल 5341 पदों में से 874 पद ओबीसी के लिए आरक्षित थे। इसे अब समाप्त कर दिया गया है। इससे पंचायत समिति में अनारक्षित पदों की संख्या 2,055 से बढ़ कर 2,929 हो गयी है। राज्य में मुखिया के कुल 4345 पदों से ओबीसी के लिए 48 पद आरक्षित थे। इसे समाप्त कर दिया गया है। इससे राज्य में मुखिया के अनारक्षित पदों की संख्या 1,213 से बढ़ कर 1,261 हो गयी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। गृह मंत्रालय ने मंगलवार को झारखंड के देवघर में रोपवे के मद्देनजर एडवाइजरी जारी की है। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने लेटर जारी कर सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से सभी रोपवे प्रोजेक्ट का सेफ्टी ऑडिट कराने के लिए कहा है। गृह सचिव ने कहा कि राज्य सरकार को रोपवे प्रोजेक्ट के संचालन और उसके रखरखाव पर ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने पत्र के माध्यम से राज्य सरकारों से कहा है कि सभी रोपवे प्रोजेक्ट के लिए एक रखरखाव मैनुअल तैयार किया जाना चाहिए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच वर्चुअल बैठक हुई। बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज हमारी बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब यूक्रेन की स्थिति चिंता का विषय है। कुछ हफ्ते पहले यूक्रेन में 20,000 से अधिक भारतीय फंसे हुए थे, उनमें से ज्यादातर युवा छात्र थे। हाल में बुचा शहर में निर्दोष नागरिकों की हत्याओं की खबर बहुत ही चिंताजनक थी। हमने इसकी तुरंत निंदा की और एक निष्पक्ष जाच की मांग भी की है। हम आशा करते हैं कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रही बातचीत से शांति का मार्ग निकलेगा। मैंने यूक्रेन और रूस, दोनों के राष्ट्रपतियों से कई बार फोन पर बातचीत की। मैंने न सिर्फ शांति की अपील की, बल्कि मैंने राष्ट्रपति पुतिन को यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ सीधी बातचीत का सुझाव भी दिया। हमारी संसद में भी यूक्रेन के विषय पर बहुत विस्तार से चर्चा हुई है। मोदी ने कहा कि पिछले साल सितंबर में जब मैं वॉशिंगटन आया था, तब आपने कहा था कि भारत-अमेरिका पार्टनरशिप बहुत सी वैश्विक समस्याओं के समाधान में योगदान दे सकती है। मैं आपकी बात से पूर्णतया सहमत हूं। विश्व के दो सबसे बड़े और पुराने लोकतंत्रों के रूप में, हम प्राकृतिक भागीदार हैं।
टीम एबीएन, साहिबगंज। शहीद सिदो कान्हू की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार सुबह बरहेट प्रखंड के भोगनाडीह पहुंचे। यहां सीएम हेमंत सोरेने ने शहीद सिदो कान्हू चांद भैरव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और नमन किया। बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भोगनाडीह ग्राउंड में सरकारी कार्यक्रम में भाग लेंगे और वहां पहुंचने वाले लोगों को संबोधित भी करेंगे। इस मंच से ही परिसंपत्ति का वितरण भी करेंगे। शाम को 6:00 बजे बड़हरा प्रखंड के विंध्यवासिनी मंदिर में पूजा अर्चना भी करेंगे। इस भव्य मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा भी मुख्यमंत्री करेंगे। सीएम हेमंत सोरेन रात्रि विश्राम पतना प्रखंड के आवासीय कार्यालय में करेंगे। बाद में मंगलवार को रांची के लिए प्रस्थान करेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। बरहेट से लेकर बरहरवा तक जगह-जगह चेक पोस्ट बनाया गया है। सुरक्षा का विशेष ख्याल रखा गया है। दर्जनों पुलिसकर्मी और पदाधिकारियों के साथ मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में त्रिस्तरीय पंचयात चुनाव 14 मई से 27 मई तक 4 चरणों में कराए जाएंगे। अब राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई। राज्य चुनाव आयुक्त डीके तिवारी ने शनिवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में त्रिस्तरीय पंचायत के चुनाव की घोषणा की, जिसके साथ ही राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई। इससे पूर्व राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया था कि राज्यपाल रमेश बैस ने राज्य में त्रिस्तरीय पंचयात चुनाव कराने हेतु अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत कार्यक्रम के अनुसार झारखंड राज्य अंतर्गत त्रिस्तरीय पंचायत निकायों के ग्राम पंचायत सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य एवं जिला परिषद सदस्य के निर्वाचन हेतु कुल 4 चरणों 14 मई, 19 मई, 24 मई एवं 27 मई, 2022 को मतदान करवाए जाएंगे। तिवारी ने कहा कि राज्य में 4 चरणों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले चरण का मतदान 14 मई को होगा जिसके लिए नामांकन 16 अप्रैल से 23 अप्रैल तक होगा। तिवारी ने कहा कि 19 मई को दूसरे चरण के होने वाले मतदान के लिए नामांकन 20 से 27 अप्रैल तक होगा। इसी तरह 24 मई को तीसरे चरण के होने वाले मतदान के लिए नामांकन प्रक्रिया 25 अप्रैल से 2 मई तक चलेगी। चौथे और अंतिम चरण का मतदान 27 मई को होगा, जिसके लिए नामांकन पत्र 29 अप्रैल से 6 मई तक भरे जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण की मतगणना 17 मई, दूसरे चरण की मतगणना 22 मई, तीसरे और चौथे चरण में होने वाले मतदान की मतगणना 31 मई को कराई जाएगी। तिवारी ने कहा कि राज्य के 24 जिले के 264 प्रखंड में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायतों की संख्या 4345 है, वहीं ग्राम पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या 53 हजार 479, ग्राम पंचायत के मुखिया के निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या 4345, पंचायत समिति के क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों की कुल संख्या 5341 और जिला परिषद के क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों की कुल संख्या 536 है। निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि राज्य के कुल 53480 मतदान केंद्रों में 17698 अतिसंवेदनशील हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में 53480 मतदान केंद्रों में से 22961 संवेदनशील हैं। उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की पर्याप्त तैनाती की जाएगी। इस पंचायत चुनाव में 1,96,16,504 मतदाता हैं, जिनमें 95,45,702 महिला मतदाता हैं। उन्होंने बताया कि यह चुनाव मतदान पत्र के माध्यम से करवाया जाएगा, जिसके लिए 98,081 बड़ी मत पेटी और 3928 मध्यम आकार की मतपेटी की व्यवस्था की गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव के दौरान धन बल के प्रयोग पर अंकुश लगाने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त डीके तिवारी के अनुसार प्रत्याशियों के निर्वाचन व्यय की अधिकतम सीमा भी निर्धारित की गई है, जिसके तहत ग्राम पंचायत सदस्य के निर्वाचन के लिए 14000 रु., ग्राम पंचायत के मुखिया के लिए 85,000 रु., पंचायत समिति सदस्य के लिए 71000 रु. और जिला परिषद सदस्य के प्रत्याशी के लिए 2,14000 रु. के व्यय की सीमा निर्धारित की गई है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse