टीम एबीएन, रांची। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन किया। इस दौरान राज्य में प्रचंड गर्मी में आमजन को पीने के पानी की किल्लत न हो, इसके लिए विभाग की ओर से की गई तैयारियों की जानकारी दी। सचिव प्रशांत कुमार ने टोल फ्री नंबर 1800 3456502 की भी जानकारी दी और कहा कि इस पर कॉल कर पानी की समस्या का निदान करा सकते हैं। उन्होंने झारखंड के 78 टोलों के भूजल में अधिक आर्सेनिक की समस्या बताई। हालांकि कहा कि यहां अलग से जल की व्यवस्था की गई है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने कहा कि राज्यस्तर पर पेयजल एवं स्वच्छता से संबंधित सभी प्रकार की जन शिकायत के निवारण के लिए टॉल फ्री नम्बर 1800 3456502 और व्हाट्सएप नम्बर 9470176901 पर 2326 शिकायत मिली है। इसमें से 1502 शिकायतों का निवारण कर दिया गया है। स्वच्छता सचिव ने कहा कि राज्य में एक लाख 20 हजार टोले हैं, जिसमें 4 लाख 40 हजार से अधिक चापाकल हैं यानी औसतन हर टोले में 3-4 चापाकल हैं। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग पहले से जारी टोल फ्री नंबर को मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की अपील करता है। साथ ही उन्होंने कहा कि कई शिकायतें लगातार पानी को लेकर के राज्य भर से मिल रही हैं, जिसका निष्पादन भी किया जा रहा है और प्रयास विभाग का यह है कि अब अभी भी अगर लोगों को कहीं भी पानी की समस्या होती है तो वह इस टोल फ्री नंबर 18003456502 पर कॉल करके समस्या का निदान करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग लगातार तत्पर है कि इस गर्मी में कहीं भी पानी की समस्या किसी को भी ना हो। राज्य में बड़े जलाशयों की जगह छोटे बराज, चेक डैम और तालाब ज्यादा कारगर : सचिव पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव प्रशांत कुमार ने कहा कि निर्बाध पेयजल के लिए सर्फेस वाटर को एकत्रित करने के लिए छोटे चेकडैम, बराज, तालाब ज्यादा कारगर होते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 78 टोले ऐसे चिन्हित किये गए हैं, जहां के पानी में आर्सेनिक या फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा है, ऐसे टोलों में साफ पीने की पानी की व्यवस्था की गई है। रांची के सप्लाई वाटर में गंदगी की यह वजह : प्रशांत कुमार ने कहा कि राजधानी में सप्लाई वाटर में गंदा पानी आने की शिकायत मिलती रहती है, इसकी मूल वजह पानी के पाइपों का पुराना पड़ जाना और अवैध वाटर कनेक्शन के लिए पानी के पाइपों में छेद करना है। उन्होंने कहा कि हटिया डैम की क्षमता के सवाल और उसके शिल्ट की सफाई से पहले यह जानना जरूरी है कि औसतन हटिया डैम में कितना जल संग्रह हम कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि हटिया डैम अपनी क्षमता के अनुसार नहीं भरता है।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची में बुधवार को स्कूल बस में आग लग गई। इस घटना के बाद गुरुवार को जिला प्रशासन हरकत में आया और स्कूली बसों की जांच शुरू कर दी, ताकि बस में बच्चे सुरक्षित सफर कर सके। डीटीओ प्रवीण प्रकाश ने अपनी टीम के साथ 50 से अधिक स्कूली बसों की जांच की। अभियान के दौरान एक-एक स्कूली बसों की परमिट, फायर सेफ्टी, फिटनेस, इंश्योरेंस, स्पीड गवर्नर और अन्य दस्तावेजों की चैकिंग के साथ ही आपातकालीन खिड़की और फर्स्ट एड बाॅक्स को भी चेक किया। गुरुवार को 50 से अधिक स्कूल बसों की चेकिंग की गई। चेकिंग के दौरान कई बसों में खामियां मिली है। खासकर, किसी में फर्स्ट एड का बॉक्स नियम मुताबिक नहीं मिला। बस में फर्स्ट एड बॉक्स था तो दवाइयां एक्सपायर थी। कई बसों में फायर सेफ्टी के सिस्टम खराब थे। इतना ही नहीं, कई बस 15 साल से ज्यादा पुरानी मिली। डीटीओ प्रवीण प्रकाश ने बताया कि जिन बसों में खामियां मिली, उन्हें दस्तावेज सुधारने का एक सप्ताह का समय दिया है। एक सफ्ताह बाद कभी भी उन बसों का औचक निरीक्षण किया जा सकता है। स्कूल बसों की चेकिंग के दौरान डीटीओ खुद बसों के अंदर गए और नियमानुसार एक-एक चीज का जायजा लिया। इस दौरान बच्चों से भी बातचीत की और समस्या जानने की कोशिश की। सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन के अनुसार प्रत्येक बस में सीसीटीवी लगाना अनिवार्य है। लेकिन रांची के अधिकांश स्कूल बस में चेकिंग के दौरान सीसीटीवी लगा नहीं मिला। डीटीओ ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि बसों में सीसीटीवी लगा लें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। डीटीओ प्रवीण प्रकाश ने बताया कि कोरोना संक्रमण की वजह से 2 साल तक बसों का परिचालन नहींं हो पाया था। फिटनेस सर्टिफिकेट दुरुस्त करवाने को लेकर पहले नोटिस भेजा गया है। इसके बावजूद बिना फिटनेस लिए बसों का परिचालन कराया जा रहा है, तो बसों के संचालक पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि गाइडलाइन के अनुसार स्कूल बस का रंग, संस्था का नाम, चालक व परिचालक का दूरभाष नंबर, प्राथमिक उपचार पेटी, अग्निशमन यंत्र, स्पीड गवर्नर, खिड़की में जाली, डोर लॉक, सीसीटीवी कैमरा, लाइसेंस, वाहन का मॉडल, परमिट, फिटनेस, मोटरयान कर, बीमा, सीट के नीचे बैग रखने की जगह और इमरजेंसी गेट की व्यवस्थ सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
टीम एबीएन, रांची। आठ बार लोकसभा सदस्य रहे वयोवृद्ध भाजपा नेता पद्म विभूषण करिया मुंडा की तबीयत बिगड़ गई है। पद्म विभूषण करिया मुंडा की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें खूंटी के उनके आवास से रांची मेडिका हॉस्पिटल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर लाया गया। पूर्व सांसद को मेडिका में भर्ती कराया गया है। यहां उनका इलाज चल रहा है। मेडिका हॉस्पिटल रांची के जनसंपर्क अधिकारी आनंद श्रीवास्तव ने बताया कि ब्लड शुगर लेवल नीचे आ जाने के बाद पद्म विभूषण करिया मुंडा बेहोश हो गए थे, जिसके बाद उन्हें मेडिका लाया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम इमरजेंसी में पूर्व सांसद के स्वास्थ्य की जांच कर रही है। इससे पहले पूर्व सांसद की तबीयत बिगड़ने पर खूंटी से रांची लाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया और महज 40 मिनट में खूंटी से मेडिका तक एंबुलेंस से लाया गया। पूर्व सांसद को हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए खूंटी पुलिस और रांची पुलिस ने मिलकर ग्रीन कॉरिडोर बनाया तथा महज 40 मिनट में 108 एम्बुलेन्स से करिया मुंडा को अस्पताल पहुंचाया। पहले ही अस्पताल से मिली थी करिया मुंडा को छुट्टी : पूर्व सांसद पद्म विभूषण करिया मुंडा की तबीयत न्यूमोनिया की वजह से कुछ दिन पहले भी खराब हुई थी, उस समय मेडिका में इलाज के बाद वह ठीक होकर घर चले गए थे। गुरुवार को अचानक ब्लड शुगर लेवल गिर जाने के बाद उन्हें अस्पताल में फिर भर्ती कराना पड़ा है।
टीम एबीएन, रांची। देश में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के वीर नायक शहीद पांडेय गणपत राय का आज शहादत दिवस है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने इस अवसर पर राजधानी रांची स्थित शहीद स्मारक में उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। आनेवाली पीढ़ी के लिए वे हमेशा प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। अंग्रेज़ों के खिलाफ विद्रोह करने वाले अमर वीर शहीद पाण्डेय गणपत राय के शहादत दिवस पर उन्हें शत-शत नमन...
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सिविल सेवा अधिकारियों से देश की एकता व अखंडता से कोई समझौता न करने की अपील करते हुए कहा कि कोई भी फैसला वह चाहे कितना भी आकर्षक क्यों ना हो, लेने से पहले उन्हें उसे एकता व अखंडता की तराजू में जरूर तौलना चाहिए। सिविल सेवा दिवस के अवसर पर यहां स्थित विज्ञान भवन में लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए पुरस्कार प्रदान करने के बाद सिविल सेवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें अपने फैसलों में यह जरूर देखना चाहिए कि वह देश की एकता और अखंडता में कहीं रुकावट तो पैदा नहीं करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में सिविल सेवा अधिकारियों के सामने तीन लक्ष्य साफ-साफ होने चाहिए और इनसे कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, पहला लक्ष्य है कि देश के सामान्य से सामान्य जन के जीवन में बदलाव लाना। ना सिर्फ उसके जीवन में बदलाव बल्कि सुगमता भी आए और उन्हें इसका एहसास भी हो। सरकार से मिलने वाले लाभों के लिए उन्हें जद्दोजहद ना करनी पड़े। हमें उनके सपनों को संकल्प में बदलना है। इसके लिए सकारात्मक वातावरण बनाना व्यवस्था की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने दूसरा लक्ष्य वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप नवीनता और आधुनिकता को अपनाना और तीसरा लक्ष्य एकता व अखंडता से समझौता ना करना है। उन्होंने कहा, व्यवस्था में हम कहीं पर भी हों, लेकिन जिस व्यवस्था से हम निकले हैं, उसमें हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है देश की एकता और अखंडता। यह लक्ष्य कभी भी ओझल नहीं होना चाहिए। इससे कोई समझौता नहीं किया जा सकता। प्रधानमंत्री ने कहा, कोई भी निर्णय...वह चाहे कितना भी लोकलुभावन हो या आकर्षक हो, उसे उस तराजू पर जरूर तौलिए कि कहीं देश की एकता और अखंडता में वह बाधक या रूकावट तो नहीं पैदा करेगा। केन्द्र और राज्य सरकारों के संगठनों और जिलों द्वारा जन हित के असाधारण और अभिनव कार्यों को सम्मानित करने के लिए ये पुरस्कार दिए जाते हैं। इस वर्ष प्राथमिकता के आधार पर पांच कार्यक्रमों के लिए 10 पुरस्कार दिए गए। केन्द्र तथा राज्य सरकार के संगठनों और जिलों को नवाचार के लिए छह पुरस्कार प्रदान किये गए। केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने बुधवार को 15वें सिविल सेवा दिवस समारोहों का उद्घाटन किया था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोयले की कमी के चलते इस बार गर्मियों में बिजली का संकट देखने को मिल सकता है। दरअसल नोमुरा की एक रिपोर्ट कहा गया है कि देश के आधे से ज्यादा पावर प्लांट कोयले की किल्लत से जूझ रहे हैं और उनमें कुछ दिनों का ही कोयला बाकी बचा है। ऐसे में भारत एक बड़े बिजली संकट के करीब पहुंच रहा है। ईटी ने नोमुरा के हवाले से अपनी एक खबर में लिखा है कि अगर देश में बिजली संकट आता है तो इसका पूरी अर्थव्यवस्था पर बड़ा बुरा असर देखने को मिलेगा, क्योंकि देश में पहले से ही महंगाई का असर है दूसरी तरफ बिजली संकट से उद्योगों में काम ठप्प होने की स्थिति आ सकती है, जिससे सप्लाई की स्थिति और बिगड़ जाएगी। हालांकि कोल इंडिया ने जानकारी दी है कि देश में कोयले का कोई संकट नहीं है फिलहाल कोल इंडिया के पास इतना कोयला है कि देश की एक महीने की जरूरत को पूरा किया जा सकता है। सेंट्रल इलेक्ट्रिक अथॉरिटी की माने तो पावर प्लांट में नियमों के मुताबिक पावर प्लांट में जितना कोयला होना चाहिये 13 अप्रैल तक उसका सिर्फ 35 प्रतिशत कोयला ही इन प्लांट में मौजूद था। ईटी में छपी खबर के अनुसार नोमुरा ने भारत में बड़े बिजली संकट की चेतावनी दी है। नोमुरा ने अपनी रिपोर्ट इंडिया: ए पावर क्रंच इन द मेकिंग में लिखा है कि देश में बिजली की मांग में तेज उछाल देखने को मिला है हालांकि कोयले की सप्लाई में उतनी तेजी दर्ज नहीं हुई है इससे पावर प्लांट में कोयले के किल्लत हो गई है। नोमुरा ने जानकारी दी कि 173 पावर प्लांट में से करीब सौ पावर प्लांट में कोयले का स्टॉक गंभीर स्तर तक गिर चुका है इन प्लांट में जरूरी सीमा का सिर्फ एक चौथाई कोयला ही बचा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडस्ट्री के फिर से खुलने और गर्मी के मौसम की शुरूआत में ही तापमान में उछाल की वजह से बिजली की मांग काफी बढ़ चुकी है। हालांकि कोयले की सप्लाई इसके अनुसार नहीं हो रही है, इसकी प्रमुख वजह मालगाड़ियों के डिब्बों की घटती उपलब्धता है जिससे कोयले की सप्लाई पर असर पड़ा है। नोमुरा ने कहा कि फिलहाल घरेलू अर्थव्यवस्था के सामने दोहरी चुनौतियां हैं। अगर कोयले की सप्लाई मे सुधार नहीं होता तो बिजली कटने से उद्योगों पर बुरा असर पड़ेगा और अगर सीमित उत्पादन पर बिजली संयंत्रों को कोयला सप्लाई किया जाता है तो नॉन पावर सेक्टर जैसे एल्युमीनियम, सीमेंट और स्टील को कोयले की कमी से नुकसान उठाना पड़ेगा, जिसका असर अर्थव्यवस्था पर देखने को मिलेगा। वहीं ईटी की रिपोर्ट में कोल इंडिया के अधिकारी ने कहा है कि थर्मल पावर प्लांट के लिये कोयले की सप्लाई लगातार बढ़ाई जा रही है और अप्रैल के पहले 15 दिन की अवधि में पिछले साल के मुकाबले कोल इंडिया ने 14 प्रतिशत से ज्यादा कोयले की सप्लाई की है।कोल इंडिया के मुताबिक कंपनी की इन्वेंटरी 6।1 करोड़ टन है जो कि देश के पावर प्लांट को एक महीने तक चलाए रखने के लिए पर्याप्त है, उनके मुताबिक अप्रैल के पहले 15 दिनों में कोयले का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 27 प्रतिशत बढ़ा है और कंपनी इस महीने रिकॉर्ड उत्पादन करने जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड पंचायत चुनाव 14 मई से शुरू चुनाव होने वाले हैं। इस बार 4 चरणों में मतदान कराए जाएंगे। पहले चरण का मतदान 14 मई को होगा। दूसरे चरण का मतदान 19 मई को होगा। वहीं तीसरे चरण का मतदान 24 मई को होगा, जबकि चौथे चरण का मतदान 27 मई को होगा। झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने पूरे राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू कर दी है। वहीं इसके साथ ही चुनाव आयोग ने अलग-अलग पदों के उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह भी आवंटित किया जाएगा। चुनाव आयोग की ओर से जिला परिषद, मुखिया, पंचायत समिति, वार्ड सदस्य को 24 तरह का चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। इसमें सीसीटीवी कैमरा, चपाती रोलर, चिमनी, नारियल फॉर्म, कंप्यूटर माउस, घन, हीरा, डोली, ड्रिल मशीन, बिजली का खंभा, बांसुरी, फव्वारा, कीप, एयर कंडीशनर, ऑटो-रिक्शा, चूड़ियां, बैटरी-टॉर्च, बेंच, बिस्कुट, बक्सा, ईटें, बाल्टी, कैमरा, कार्पेट आदि शामिल है। पंचायत समिति सदस्य के लिए 24 चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है, जिसमें केक, केन, कैरम बोर्ड, जंजीर, चप्पलें, चिमटी, कलर ट्रे और ब्रश, चारपाई, कप और प्लेट, डीजल पंप, द्वार घंटी, डंबल्स, लिफाफा, फुटबॉल, फ्रॉक, गन्ना किसान, अलमारी, बेबी वॉकर, बल्ला, मोतियों की हार, साइकिल पंप ब्लैक बोर्ड, डबल रोटी, ब्रीफकेस, फुटबॉल, फ्रॉक, गन्ना किसान शामिल हैं। अलमारी, बेबी वॉकर, बल्ला, मोतियों की हार, साइकिल पंप, ब्लैक बोर्ड, डबल रोटी, ब्रीफकेस शामिल है। मुखिया पद के लिए 24 चुनाव चिह्न किया गया है। इसमें क्रेन, कटिंग प्लायर डिश एंटीना, दरवाजे का हैंडल, कान की बालियां, एक्सटेंशन बोर्ड, फुटबॉल खिलाड़ी, फ्राइंग पैन, गैस सिलेंडर, सेब गुब्बारा, बल्लेबाज, बेल्ट, दूरबीन, आदमी व पाल युक्त नौका, ब्रेड टोस्टर, ब्रूस, केलकुलेटर, शिमला मिर्च, फूलगोभी, चक्की, शतरंज बोर्ड, कोट, कंप्यूटर शामिल है। ग्राम पंचायत सदस्य के लिए ये हैं चुनाव चिह्न : ग्राम पंचायत सदस्य के लिए गैस का चूल्हा, कांच का गिलास, हरी मिर्च, टोप, हेलमेट, आइसक्रीम, कटहल, भिंडी, कुंडी, लूडो, माचिस की डिब्बी, नेल कटर, कड़ाही, नाशपाती, कलम की निब, किरणों के साथ, पेंसिल शार्पनर, पेट्रोल पंप, अनानास, प्लेट स्टैंड, पंचिंग मशीन, अंगुठी, रूम कूलर, सेफ्टी पिन, कैंची शामिल है।
टीम एबीएन, रांची। सामाजिक सुरक्षा अंतर्गत आच्छादित सभी पेंशनधारी लाभुकों के खाते में प्रत्येक महीने के 5 तारीख तक पिछले महीने की पेंशन राशि अनिवार्य रूप से क्रेडिट की जाए। पेंशन राशि क्रेडिट होने की सूचना लाभुकों को एसएमएस के माध्यम से भी दी जाए। सभी पंचायतों में पंचायती राज अधिनियम और पेसा एक्ट के तहत एक सब कमिटी बनाने का नियम है, उसके आलोक में पंचायत स्तर पर एक समिति गठित की जाए। गठित सब कमिटी में मानकी, मुखिया, प्रधान आदि अन्य परंपरागत नेतृत्वकर्ताओं को शामिल किया जाए। यह सब कमिटी महीने में दो बार बैठक कर ग्रामीणों से जुड़े छोटे-छोटे मामलों जैसे जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र आदि निर्गत करने हेतु सत्यापन करने का काम करे। यह कमिटी वैसे पात्र लोग जो सरकार के विभिन्न योजनाओं के लाभ से वंचित हैं, उन्हें चिन्हित कर अनुशंसा करे एवं योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने में अपनी भूमिका निभाएं। उक्त निर्देश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के कार्य प्रगति से संबंधित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दी। वृद्धा पेंशन से वंचित पात्र लोगों को योजना से जोड़ें : बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वैसे लोग जो वृद्धा पेंशन पाने के योग्य हैं, लेकिन किसी कारणवश वे वृद्धा पेंशन के लाभ से वंचित हैं, उन्हें अभियान चलाकर जोड़ने का कार्य करें। चिन्हित योग्य लाभुकों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ देकर आच्छादित करें। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगता जांच के लिए अगर डॉक्टर की कमी है तो आईएमए के साथ बैठक कर प्राइवेट डॉक्टर्स का सहयोग लेकर दिव्यांगता जांच कैंप लगाएं। समर योजना के तहत कुपोषण मुक्त झारखंड के लक्ष्य को पूरा करें : मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा संचालित समर योजना के अंतर्गत कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर उनके परिवार को सरकार के विभिन्न महत्वकांक्षी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि कुपोषणमुक्त झारखंड का लक्ष्य हमारी सरकार की प्राथमिकता है। अभियान चलाकर कुपोषण से ग्रसित बच्चों को चिन्हित करें तथा उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक जितने परिवारों का सर्वेक्षण किया गया है उसमें कुपोषित बच्चे वाले परिवार बहुत कम संख्या में पाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सर्वेक्षण का काम सही तरीके से हो रहा है या नहीं विभाग इसकी समीक्षा करे। आंगनबाड़ी भवन निर्माण कार्यों में तेजी लायें : बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष यह जानकारी दी गई कि राज्य में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में 20% केंद्रों का अपना भवन नही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान के तौर पर आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य किया जाए। विभाग द्वारा बनाए जा रहे आंगनबाड़ी केंद्रों में सभी आवश्यक सुविधाएं जैसे स्टोर रूम, किचन, शौचालय इत्यादि की व्यवस्था हो यह सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष मुख्यमंत्री सुकन्या योजना अंतर्गत महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा पर जोर एवं बाल विवाह प्रथा का अंत इत्यादि पर हो रहे कार्यों की अद्यतन जानकारी रखी गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा एवं बाल विवाह प्रथा को रोकने के मद्देनजर विभाग एक नई योजना बनाएं। नई योजना के तहत 13 वर्ष से 19 वर्ष के सभी किशोरियों को डीबीटी के माध्यम से लाभान्वित करने का काम करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि किशोरी बच्चियों एवं महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाने निमित्त एक नई योजना तैयार कर विभाग प्रेजेंटेशन दे। बैठक में सर्वजन पेंशन योजना के तहत 5 पेंशन योजनाओं के कार्यान्वयन, वित्तीय वर्ष 2021-22 में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत भुगतान की जिलावार अद्यतन स्थिति, दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु विशेष अभियान संबंधी प्रतिवेदन, समर अभियान प्रगति प्रतिवेदन सहित कई अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तृत चर्चा की गई। ये भी थे उपस्थित : बैठक में महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की मंत्री जोबा मांझी, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, विभाग के अवर सचिव राजेश्वर नाथ आलोक, संयुक्त सचिव अनिरुद्ध कुमार सिन्हा, निदेशक सामाजिक सुरक्षा ए डोडे सहित अन्य उपस्थित थे।
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