राज काज

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Published / 2022-04-23 03:44:09
भारत की ऊंची ग्रोथ रेट दुनिया के लिए भी अच्छी खबर : आईएमएफ प्रमुख

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के प्रमुख ने कहा कि अगले साल जी-20 देशों के शक्तिशाली समूह के अध्यक्ष के रूप में भारत को समावेशी होने और सभी देशों के साथ सहयोग करने की अपनी लंबी परंपरा का उपयोग करके दुनिया के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचकर वैश्विक चुनौतियों को दूर करने के लिए एक अनूठी भूमिका निभानी है। उन्होंने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि इसकी ऊंची ग्रोथ रेट दुनिया के लिए भी है अच्छी खबर है। आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने आईएमएफ की अंतरराष्ट्रीय मुद्रा और वित्त समिति की अध्यक्ष नादिया काल्वियो के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में यह टिप्पणी की। जॉर्जीवा ने कहा कि भारत के लिए एक विशेष कार्य है कि आईएमएफ में हम कार्रवाई देखने के इच्छुक हैं, और यह कोटा की 16वीं सामान्य समीक्षा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने भरोसा जताया कि भारत के जी-20 का अध्यक्ष रहने से नादिया को उद्देश्य हासिल करने में मदद मिलेगी। भारत जी-20 देशों का अध्यक्ष बनने वाला है, जो 19 देशों और यूरोपीय संघ (ईयू) की सदस्यता वाला एक शक्तिशाली अंतर-सरकारी मंच है। जी-20 का वर्तमान अध्यक्ष इंडोनेशिया है। जॉर्जीवा ने एक के प्रश्न के जवाब में कहा, संयोग से यह एक अच्छा क्रम है कि दो बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाएं एक के बाद एक जी -20 की अध्यक्षता कर रही हैं। यह देखते हुए कि बहुपक्षवाद पहले के मुकाबले कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है, कैल्विनो ने कहा कि जी -20, आईएमएफसी, आईएमएफ और बाकी सभी अंतरराष्ट्रीय मंच और संस्थान वैश्विक चुनौतियों के जवाब में समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Published / 2022-04-22 12:42:38
बिना जाति प्रमाण पत्र नहीं लड़ पायेंगे चुनाव, बनवाने से पहले जान लें नियम...

टीम एबीएन, रांची। झारखंड पंचायत चुनाव के प्रत्याशी बिना जाति प्रमाण पत्र के चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। निर्वाचन आयोग के द्वारा दिए गये नामांकन पत्र के साथ ही जाति प्रमाण पत्र की मूल प्रति लगाना होगा। ऐसे में झारखंड में पंचायत चुनाव में आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए इन वर्गों को जाति प्रमाणपत्र के लिए मारामारी मची है। इसके लिए अंचल अधिकारियों के कार्यालय में आवेदन की भरमार है। चुनाव में आरक्षित वर्गों को आरक्षण का लाभ लेने के लिए प्रमाणपत्र जमा करना होगा और इसके लिए खतियान का प्रमाण देना आवश्यक है। इसके लिए भूमि अभिलेख, रिकार्ड आफ राइटस और भूमि निबंधन कागजात में नाम होना चाहिए। यही योग्यता पिछड़ी जाति की दो अनुसूचियों में दर्ज जातियों के लिए भी है। हालांकि राज्य में हो रहे पंचायत चुनाव में फिलहाल पिछड़ी जाति को आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है। आॅनलाइन की जगह आॅफलाइन भी दिया जा रहा प्रमाणपत्र : बता दें, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी को नामांकन पत्र के साथ जाति प्रमाण पत्र की मूल प्रति लगाना अनिवार्य होगा। पहले जाति प्रमाणपत्र आनलाइन भरने की व्यवस्था थी। लेकिन, इसमें मिल रही शिकायतों को देख आफलाइन भी प्रमाणपत्र जारी किया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया में थोड़ा वक्त भी मिलता है। फिलहाल आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने को इच्छुक अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के प्रमाणपत्र के लिए सर्वाधिक आवेदन मिले हैं। डइउ को सरकार ने मान लिया सामान्य सीट : झारखंड सरकार ने ओबीसी सीट को सामान्य सीट में मान लिया है। ओपेन कैटेगरी सीट होने की वजह से इसमें अब सभी लोग चुनाव लड़ पायेंगे। सिर्फ वोटर लिस्ट में नाम होना जरूरी है। बता दें, झारखंड में चार चरणों में पंचायत चुनाव हो रहा है। इन चरणों के उम्मीदवारों को भी जाति प्रमाण पत्र बनाना होगा, इसके लिए मूल निवासी होने का प्रमाण भी देना होगा। इसलिए अंचल कार्यालयों में इन दिनों जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भीड़ जुटी है।

Published / 2022-04-22 12:39:28
पंचायत चुनाव में शराब बांटने वाले उम्मीदवारों पर होगी कार्रवाई

टीम एबीएन, मेदिनीनगर, पलामू। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायत (आम) निर्वाचन, 2022 की अधिसूचना जारी होने एवं जिला निर्वाचन पदधिकारी द्वारा सूचना प्रकाशन के बाद से निर्वाचन प्रक्रिया में तेजी आई है। एक ओर जहां प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर है। वहीं प्रथम एवं द्वितीय चरण के मतदान के लिए अभ्यर्थियों द्वारा नामांकन की प्रक्रिया भी चल रही है। निर्वाचन कार्य में जोर आजमाइस कर रहे अभ्यर्थियों द्वारा अपने पक्ष में मतदान करने का प्रयास किया जायेगा, लेकिन अभ्यर्थियों को आदर्श आचार संहिता के दायरे में रहकर ही चुनाव-प्रचार या कोई अन्य गतिविधि एवं कार्यक्रमों का आयोजन करना होगा। आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर अभ्यर्थी कार्रवाई के घेरे में आएंगे। निर्वाचन कार्य के दौरान अभ्यर्थी या उनके कार्यकतार्ओं द्वारा शराब के वितरण पर कार्रवाई हो सकती है। मतदान के दो दिन पूर्व से लेकर मतदान के दिन तथा उसके अगले दिन सुबह 7 बजे तक किसी उम्मीदवार द्वारा न तो शराब खरीदी जाए और न ही उसे किसी को पेश या वितरित किया जाए। प्रत्येक उम्मीदवार द्वारा अपने कार्यकताओं को भी ऐसा करने से रोका जाना चाहिए। किसी भी उम्मीदवार द्वारा किसी भी व्यक्ति की भूमि, भवन, अहाते या दीवार का उपयोग झंडा, बैनर आदि लागने का कार्य भवन मालिक की लिखित अनुमति के बगैर नहीं किया जाना चाहिए और अपने समर्थकों एवं कार्यकतार्ओं को भी ऐसा नहीं करने देना चाहिए। दीवार पर पेंट करने पर होगी कानूनी कार्रवाई : किसी भवन, अहाते या दीवार पर चुनाव प्रचार हेतु नारे लिखना, चुनाव चिन्ह पेन्ट करना या पोस्टर नहीं चिपकाया जायेगा। मकान मालिक की लिखित सहमति लेने के बाद भी ऐसा नहीं किया जा सकेगा। निजी भवन पर झंडा, बैनर आदि लगाने के निमित मकान मालिक की सहमति हेतु कोई भी अभ्यर्थी या उसका अभिकर्ता या उसका समर्थक किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाएगा और न ही डराया या धमकाया जायेगा। डराने-धमकाने संबंधी सूचना मिलने या मामला संज्ञान में आने पर निवार्ची पदाधिकारी द्वारा उस अभ्यर्थी के विरूद्ध सम्यक् रूप से कानूनी कार्रवाई की जायेगी। सार्वजनिक स्थानों पर नहीं करें चुनाव संबंधी प्रचार-प्रसार : कोई अभ्यर्थी या उसका समर्थक किसी सार्वजनिक स्थल, भवन, दीवार, खंभे, वृक्ष आदि पर किसी भी प्रकार का झंडा, बैनर, पोस्टर नहीं लगायेंगे। साथ ही चुनाव संबंधी प्रचार-प्रसार नारे, चिन्ह आदि नहीं लिखेंगे। इस प्रकार का मामला प्रकाश में आने पर निर्वाची पदाधिकारी द्वारा उस अभ्यर्थी के विरूद्ध विधि सम्मत त्वरित कार्रवाई की जायेगी। किसी भी उम्मीदवार द्वारा उसके पक्ष में लगाये गये झंडे या पोस्टर दूसरे उम्मीदवार के कार्यकर्ताओं द्वारा नहीं हटाये जाने चाहिए। 

Published / 2022-04-22 10:34:15
बेतहाशा गर्मी में छोटे बच्चों के बसों को भी एंबुलेंस की तरह दें रास्ता : हेमन्त सोरेन

टीम एबीएन, रांची।मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन संत जेवियर्स स्कूल डोरंडा के 62 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित नव सृजन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। मौके पर मुख्यमंत्री ने स्कूल के नवनिर्मित डायमंड जुबली ब्लॉक का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए और उनकी प्रस्तुति की सराहना की। साथ ही, स्कूल की पुस्तिका इंडेवर का विमोचन किया। झारखण्ड के लिए शिक्षा महत्वपूर्ण विषयों में एक है : मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल अपना डायमंड जुबली मना रहा है, साथ ही नए भवन का भी उद्घाटन हुआ है। बच्चों को नया भवन समर्पित हुआ। मैं इस स्कूल में एक पैरेंट्स की भूमिका में भी हूं। यहां की कार्यशैली से मुझे लगाव है। शिक्षा को लेकर मेरी चिंता बनी रहती है। राज्य की जिम्मेवारी हमारे ऊपर है। झारखण्ड के लिए शिक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण विषयों में एक है। राज्य अगर शिक्षा के क्षेत्र में कहीं विशेष जगह बनाता है तो इसमें ऐसी संस्थाओं का बहुत बड़ा योगदान है। 60 वर्ष से ऊपर के सफर में कई उतार-चढ़ाव भी स्कूल ने देखें हैं। आज भी उसी उत्साह, ताकत और क्षमता के साथ स्कूल दिशा तय कर रहा है। देश में स्कूल की एक अलग पहचान है। चुनौतियों के बावजूद अपने मुकाम तक पहुंचना कठिन होता है। फादर अजीत खेस की भूमिका सिर्फ कैंपस के आसपास नहीं बल्कि उनकी दूरदर्शिता कई मायनों में खास है। स्कूल का प्रयास सदैव आगे बढ़ने का रहा है। छोटे बच्चों की स्कूल बसों को एंबुलेंस की तरह रास्ता मिले : हमलोगों ने दो वर्ष तक कठिन दौर को देखा है। दो वर्ष की कमी को पूरा करने का प्रयास करेंगे। अभी के समय में गर्मी बेतहाशा बढ़ रही है। ऐसे में स्कूल बसों को एंबुलेंस की तरह रास्ता मिले, ताकि छोटे बच्चों को जल्दी घर पहुंचने में सुविधा हो। इस संबंध में जल्द ही सरकार निर्णय लेगी। हालांकि अबतक इसपर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। आम लोगों को भी इस विषय पर विचार कर स्कूल बसों को रास्ता देने का प्रयास करना चाहिए। मौके पर संत जेवियर्स स्कूल के प्रिंसिपल रेवरेन फादर अजीत खेस एसजे, रेवरेन विनय कंडूलना, रेक्टर एलेक्स एक्का एवं अन्य उपस्थित थे।

Published / 2022-04-22 10:24:08
चीनी धमकी, रक्षा समझौता, फाइटर जेट, यूक्रेन संकट को लेकर भारत-ब्रिटेन ने जारी किया रोडमैप-2030

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोविड की वजह से ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का भारत दौरा बार बार टल रहा था, लेकिन अब ब्रिटिश प्रधानमंत्री भारत दौरे पर हैं और इस दौरान भारत और ब्रिटिन के बीच कई अहम समझौते किए गये हैं। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और भारतीय प्रधानमंत्री मोदी के बीच आज नई दिल्ली स्थिति हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक हुई है, जिसमें यूक्रेन युद्ध, इंडो पैसिफिक समते कई मुद्दों पर बात हुई है। भारत-ब्रिटेन में समझौते नई दिल्ली स्थिति हैदराबाद हाउस में भारत और ब्रिटेन के प्रधानमंत्रियों की बैठक के दौरान यूक्रेन में हिंसा का तत्काल अंत, जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा साझेदारी को और गहरा करना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में "स्वतंत्र और खुला" रखने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के बीच काफी अहम बातचीत की गई है। ब्रिटिश पीएम ने गुरुवार को पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात से अपनी दो दिवसीय भारत यात्रा की शुरुआत की है और आज उनकी यात्रा का दूसरा दिन है। नई दिल्ली में दोनों देशों ने शुक्रवार को एक नए रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए और साल के अंत तक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को पूरा करने के विचार पर सहमत हुए हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि हमने "रोडमैप 2030" के कार्यान्वयन में हुई प्रगति की समीक्षा की और भविष्य के लिए कई लक्ष्य भी निर्धारित किए। यूक्रेन मुद्दे पर बातचीत शुक्रवार दोपहर साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूक्रेन मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि हमने तत्काल युद्धविराम और समस्या के समाधान के लिए यूक्रेन में बातचीत और कूटनीति पर जोर दिया। हमने सभी देशों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान के महत्व को भी दोहराया है। बोरिस जॉनसन की भारत यात्रा इसलिए भी काफी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है, क्योंकि उन्होंने हाल ही में यूक्रेन की राजधानी कीव में यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की से मुलाकात की थी। वहीं, यूक्रेन युद्ध में ब्रिटिन रूस पर काफी ज्यादा आक्रामक है और ब्रिटेन ने रूस के खिलाफ कई प्रतिबंधों का ऐलान किया हुआ है। भारत के साथ अद्भुत बातचीत ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि हमने आज अद्भुत बातचीत की है और हर तरह से अपने संबंधों को मजबूत किया है। भारत और ब्रिटेन के बीच साझेदारी हमारे समय की परिभाषित दोस्ती में से एक है। इसके साथ ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि ब्रिटेन भी भारत को अपने लड़ाकू जेट बनाने में मदद करेगा। वहीं, भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साल हमने (भारत-यूके) ने एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी शुरू की थी। फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर काम चल रहा है। रक्षा क्षेत्र, व्यापार, जलवायु और ऊर्जा पर बातचीत हुई। स्वतंत्र, खुले और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर भी बातचीत हुई है। वहीं, इस बैठक के दौरान पीएम मोदी ने अफगानिस्तान पर भी चिंता जताई है। उन्होंने अफगानिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि यह जरूरी है कि अफगान क्षेत्र का इस्तेमाल दूसरे देशों में आतंकवाद फैलाने के लिए न किया जाए।

Published / 2022-04-22 09:51:20
पंचायत चुनाव : सीमावर्ती इलाकों में चेकनाका, शराब माफिया और अपराधियों पर होगी कार्रवाई

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर पुलिस मुख्यालय की तरफ से सुरक्षा की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डीजीपी नीरज सिन्हा ने राज्य के सभी जिलों के एसपी, रेंज आईजी-डीआईजी के साथ सुरक्षा के लिए किए जा रहे तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। इस बैठक में एडीजी अभियान संजय लाटकर, आईजी अभियान अमोल वी होमकर सहित कई वरीय पुलिस अफसर शामिल थे। पुलिस मुख्यालय ने पंचायत चुनाव कार्य संपन्न कराने के लिए चुनाव कोषांग का भी गठन किया है। कोषांग की जिम्मेदारी जगुआर के डीआईजी अनूप बिरथरे को दी गई है। वहीं टीम में एसपी रैंक के दो अधिकारी इंद्रजीत महथा और धनंजय कुमार सिंह को भी शामिल किया गया है। गुरुवार को डीजीपी नीरज सिन्हा ने सभी जिलों के एसपी के साथ वीसी कर पंचायत चुनाव कराने के संबंध में दिशा निर्देश दिए। झारखंड पुलिस के प्रवक्ता सह आईजी अभियान अमोल वी होमकर ने बताया कि बैठक में निर्देश दिया गया है कि सभी सीमावर्ती इलाकों में विशेष चौकसी बरती जाए। सीमावर्ती जिलों में चेकनाका लगाकर रोजाना जांच करने का निर्देश जिलों के एसपी को दिया गया है ताकि अवैध शराब और हथियार की तस्करी रोकी जा सके। डीजीपी ने सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिया है कि सीमावर्ती जिलों के एसपी और थानों के साथ नियमित कॉर्डिनेशन कमेटी की बैठक की जाए। बैठक कर वैसे अपराधियों और गैंग के खिलाफ कार्रवाई की जाए जो सीमावर्ती दूसरे राज्य के जिले के साथ-साथ झारखंड के संबंधित जिले में भी सक्रिय हो। साथ ही उनके बाहर होने से चुनाव को प्रभावित किया जा सकता है तो निरोधात्मक कार्रवाई करें। बैठक के दौरान जिलों के एसपी को निर्देश दिया गया है कि जिलों में स्थायी वारंटियों पर कार्रवाई करें। साथ ही जिन लोगों की गतिविधियां चुनाव को प्रभावित करने की रही है, उनके खिलाफ भी निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। चुनाव से संबंधित पूर्व के कांडों के आरोपियों पर चिह्नित कर भी जरूरी कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। सभी जिलों में चुनाव संबंधित गड़बड़ियों पर लगाम कसने के लिए टीम गठित करने का निर्देश भी डीजीपी ने दिया है। डीजीपी नीरज सिन्हा ने राज्य के सभी रेंज के डीआईजी को निर्देश दिया है कि वह जिलों के एसपी के साथ नियमित बैठकर कर चुनाव कार्यों की समीक्षा करें। सभी जिलों की ओर से आदेशों का अनुपालन कराने और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी डीआईजी रैंक के अधिकारियों को दी गई है। वहीं, मुख्यालय के स्तर पर चुनाव कोषांग सभी जिलों और राज्य निर्वाचन आयोग से समन्वय रखेगा।

Published / 2022-04-22 09:30:58
झारखंड : इन जिलों में जून से लगेंगे प्रीपेड स्मार्ट मीटर, रिचार्ज खत्म तो बत्ती गुल

टीम एबीएन, रांची। राजधानी सहित राज्य के विभिन्न शहरों में बहुप्रतीक्षित प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का काम जल्द ही शुरू होने वाला है। राजधानी रांची में इसकी शुरुआत जून से होगी और तीन महीने के अंदर करीब 3.50 लाख घरों में बिजली मीटर को बदल कर स्मार्ट मीटर लगा दिये जायेंगे। रांची प्रक्षेत्र के महाप्रबंधक प्रभात कुमार के अनुसार स्मार्ट मीटर के लिए कंज्यूमर को अलग राशि नहीं देनी होगी। बिलिंग की सुविधा ऑनलाइन होगी, जो घर बैठे लोगों को प्राप्त हो जायेगा। आम तौर पर बिल नहीं मिलने की शिकायत आती रहती थी, वो भी समस्या दूर हो जायेगी। राजधानी के विभिन्न भागों में मीटर बदलने का काम फेज वाइज किया जायेगा। आने वाले समय में आपको मोबाइल की तरह बिजली मीटर रिचार्ज करने के लिए अलर्ट रहना होगा, नहीं तो थोड़ी सी लापरवाही आपके लिए महंगी पड़ सकती है और कंज्यूमर के घर में अंधेरा छा सकता है। दरअसल, रांची, धनबाद और जमशेदपुर में पुराने बिजली मीटर को हटाकर नया प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी कर ली गई है। नाम के अनुरूप स्मार्ट मीटर काम भी स्मार्टली करेगा जिसके लिए ऊर्जा विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए वर्ल्ड बैंक और राज्य सरकार का संयुक्त प्रयास हो रहा है। राजधानी रांची में वर्ल्ड बैंक के 2.50 करोड़ की लागत से 3.50 लाख घरेलू और कमर्सियल बिजली मीटर बदले जायेंगे। इसी तरह से धनबाद और जमशेदपुर के तीन लाख घरों के मीटर राज्य सरकार के फंड से बदले जाएंगे। प्रीपेड स्मार्ट मीटर का न केवल कंज्यूमर को बल्कि विभाग को भी लाभ मिलेगा। उदाहरण के तौर पर स्मार्ट मीटर में सॉफ्टवेयर इस तरह का इनेबल्ड है कि घरेलू या कमर्शियल बिजली की निर्धारित पावर लोड से अधिक होते ही बत्ती गुल हो जायेगी और बिजली विभाग में लगे डाटा सेंटर को लोड की पूरी जानकारी मिल जायेगी, जिसके बाद कंज्यूमर पर पैनल्टी हो सकती है। आइए जानते हैं इसके और क्या लाभ हैं। • पैसा खत्म होते ही आपके घर की बत्ती गुल हो जायेगी। मोबाइल की तरह सेवा समाप्त होने से पहले रिचार्ज के लिए आपको अलर्ट रहना होगा। • प्रीपेड स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली चोरी रुकने की उम्मीद है। • बिजली बिल कलेक्शन के झंझट से विभाग को मुक्ति मिल जायेगी, यानी बिजली जलाने से पहले आपको पैसे खर्च करने होंगे। • सिंगल फेज प्रीपेड स्मार्ट मीटर होने के कारण डोमेस्टिक और कामर्सियल कंज्यूमर के घर पर ही लगेंगे। इंडस्ट्री को इससे अलग रखा गया है। • पुराने मीटर बदलते वक्त विभाग कंज्यूमर से मीटर की रीडिंग के साथ हस्ताक्षर करायेगा, जिससे पुराने बिजली बिल वसुलने में कोई परेशानी ना हो।

Published / 2022-04-22 09:14:41
ग्राहकों की मंजूरी के बिना क्रेडिट कार्ड जारी नहीं करें : आरबीआई

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों को ग्राहकों की मंजूरी के बिना क्रेडिट कार्ड जारी करने या मौजूदा कार्ड की सीमा बढ़ाने अथवा अन्य सुविधाएं शुरू करने से मना किया है। इसका पालन नहीं करने पर संबंधित कंपनियों को जुर्माने के रूप में बिल की राशि का दोगुना देना होगा। केंद्रीय बैंक ने कार्ड जारीकर्ता इकाइयों या एजेंट के रूप में काम करने वाले तीसरे पक्ष से ग्राहकों से बकाए की वसूली को लेकर डराने-धमकाने या परेशान करने से भी मना किया है। क्रेडिट कार्ड को लेकर अपने मास्टर दिशा-निर्देश में आरबीआई ने कहा, बिना ग्राहक की मंजूरी के कार्ड जारी करना या उसकी सीमा बढ़ाने अथवा अन्य सुविधाएं देना बिल्कुल मना है। यह दिशानिर्देश एक जुलाई, 2022 से लागू होगा। शीर्ष बैंक ने कहा कि अगर ग्राहकों की मंजूरी के बिना कार्ड जारी किया जाता है या मौजूदा कार्ड को उन्नत बनाया जाता है, कार्ड जारी करने वालों को लिए गए शुल्क को वापस करना होगा और जुर्माना देना होगा। यह जुर्माना बिल राशि का दोगुना होगा। "मास्टर" दिशा-निर्देश के अनुसार, 100 करोड़ रुपए के नेटवर्थ वाले वाणिज्यिक बैंक स्वतंत्र रूप से क्रेडिट कार्ड कारोबार शुरू कर सकते हैं या कार्ड जारी करने वाले बैंकों/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के साथ गठजोड़ कर यह काम कर सकते हैं। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को भी अपने प्रायोजक या अन्य बैंकों के साथ गठजोड़ कर क्रेडिट कार्ड जारी करने की अनुमति है। केंद्रीय बैंक ने कहा, इसके अलावा, जिस व्यक्ति के नाम से कार्ड जारी किया जाता है, वह आरबीआई ओम्बुड्समैन से शिकायत कर सकता है। ओम्बुड्समैन जुर्माने की राशि तय करेंगे...। आरबीआई ने साफ किया है कि एनबीएफसी बिना उसकी मंजूरी के क्रेडिट कार्ड कारोबार शुरू नहीं करेंगे। केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि बैंक ग्राहकों को डेबिट कार्ड सुविधा लेने के लिए बाध्य नहीं करेंगे। साथ ही डेबिट कार्ड लेने को अन्य सेवाओं के लाभ से नहीं जोड़ेंगे। आरबीआई ने कार्ड जारीकर्ता इकाइयों या एजेंट के रूप में काम करने वाले तीसरे पक्ष से ग्राहकों से बकाये की वसूली को लेकर डराने-धमकाने या परेशान करने से भी मना किया है।

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