एबीएन सेंटल डेस्क। जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने के लिये गठित मंत्रियों की समूह की बैठक 17 जून को होगी। बैठक में कर दरों में संभावित बदलाव पर विचार किया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि मंत्री समूह (जीओएम) कर स्लैब में संभावित बदलाव पर विचार कर सकता है। हालांकि, समूह की अंतिम रिपोर्ट में कुछ और समय लगेगा। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की इस महीने बैठक होगी। बैठक में अन्य बातों के अलावा दरों को युक्तिसंगत बनाने को लेकर जीओएम की अंतरिम रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा। जीएसटी परिषद में केंद्र एवं राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं। इससे पहले, वित्त मंत्रालय के सूत्रों ने कहा था कि मुद्रास्फीति के उच्च स्तर पर होने के साथ वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने की शायद ही गुंजाइश है। परिषद ने पिछले साल कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की अध्यक्षता में राज्यों के मंत्रियों का सात सदस्यीय समूह गठित किया था। समूह को कर दरों को युक्तिसंगत बनाकर राजस्व बढ़ाने के उपायों के बारे में सुझाव देने हैं। जीओएम की पिछली बैठक नवंबर, 2021 को हुई थी। जीएसटी के तहत के चार स्लैब हैं। इसमें कुछ जरूरी वस्तुओं पर छूट है या पांच प्रतिशत की दर से सबसे कम कर लगता है। जबकि सर्वाधिक 28 प्रतिशत कर आरामदायक और समाज के नजरिये से अहितकर वस्तुओं पर लगाया जाता है। इसके अलावा 28 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आने वाले सामान पर उपकर भी लगाया जाता है।
टीम एबीएन, रांची। अवैध आरा मिलों के खिलाफ राज्य सरकार ने कार्रवाई तेज करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वन क्षेत्र के पांच किलोमीटर के अंदर ऐसे सभी आरा मिलों को हटाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वन विभाग के उस प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया है, जिसमें राज्य में 1996 के पूर्व वन क्षेत्र से 5 किमी के दायरे में संचालित आरा मिलों को रेगुलराइज करने के लिए आग्रह किया गया था। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने वन विभाग को आदेश दिया है कि वन क्षेत्र से पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी आरा मिलों को जल्द हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद अवैध कटाई पर लगाम लगने की संभावना है। इससे ना केवल जंगलों में लकड़ियों की हो रही अवैध कटाई पर लगाम लगेगी बल्कि जंगली जीव, जंगल और वनस्पति संरक्षित भी हो सकेंगे। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद वन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। देवघर जिला के सारठ और सरवन प्रखंड स्थित अवैध रूप से संचालित चार आरा मिलों में छापेमारी कर भारी मात्रा में सागवान की लकड़ी जब्त की है। लकड़ियों को जब्त करने के बाद वन विभाग ने इन आरा मिलों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। इधर, वन विभाग ने राज्य के सभी वन प्रमंडलों को मुख्यमंत्री के आदेश से अवगत कराते हुए अविलंब अवैध आरा मिल पर कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। एक अनुमान के अनुसार राज्यभर में 100 से अधिक अवैध आरा मिल हैं जहां से लकड़ी का अवैध व्यापार होने की शिकायतें आती रहती हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल टैक्स की दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 4 प्रतिशत करने का फैसला लिया है। झारखंड में हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए झारखंड मूल्य वर्धित कर अधिनियम, 2005 की अनुसूची कक भाग-ई के क्रमांक एक को संशोधित करने का निर्णय झारखंड सरकार ने लिया है। गजट में प्रकाशन के साथ ही यह नोटिफिकेशन लागू हो जाएगा। अब झारखंड में एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर लगने वाले टैक्स में 16 प्रतिशत की कमी आ जाएगी। इस फैसले से हवाई किराए में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही राज्य में हवाई संपर्क बढ़ाने के अलावा पर्यटन के क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। बताते चलें कि कि बहुत जल्द देवघर से विमान सेवा शुरू होने जा रहा है। राज्य में घरेलू विमान सेवा संपर्क को बढ़ाने की कवायद जोर शोर से चल रही है। इस बीच एटीएफ पर 16 प्रतिशत टैक्स में कमी के राज्य सरकार के फैसले से विमान किराए में कमी आ सकती है। जाहिर है कि फ्लाइट टिकट का दर कम होने पर आम लोग भी विमान सेवा का लाभ उठा पाएंगे। देश में लगातार बड़े पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों पर केंद्र और राज्य सरकारों में लगातार खींच-तान जारी है। केंद्र सरकार लगातार यह कहती रही है कि राज्य सरकारें अपने तरीके से वैट में कमी करके राज्य के लोगों को सस्ता में तेल देकर अपने लोगों को फायदा पहुंचा सकती हैं। आज हेमंत सोरेन ने झारखंड सरकार से एविएशन टरबाइन फ्यूल पर लगने वाले 20% टैक्स को घटाकर 4% करने का जो फैसला लिया है उसमें निश्चित तौर पर विमान से यात्रा करने वाले लोगों को लाभ होगा, झारखंड को लाभ होगा और जो लोग विमान सेवा का लाभ उठाना चाहते हैं उन्हें भी फायदा होगा। बताते चलें कि झारखंड में विमान सेवा और उसके बढ़ते यात्रियों की संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार भी लगातार झारखंड में बेहतर विमान सेवा देने पर काम कर रही है और यही वजह है कि देवघर में एक राष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट का निर्माण भी किया जा रहा है, साथ ही रांची एयरपोर्ट को भी विकसित किया जा रहा है। आपको बता दें कि इससे पहले भी हेमंत सरकार ने बीपीएल परिवारों को प्रति लीटर पेट्रोल में ₹25 कम करने का ऐलान किया था जो भी बीपीएल परिवार होंगे उन्हें पेट्रोल पर ₹25 सब्सिडी देने की बात सरकार ने की थी और इसे विधिवत कैबिनेट से पास कर दिया गया है कि झारखंड में लागू भी है। अब झारखंड सरकार ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर 16 फीसदी टैक्स को कम करके झारखंड की जनता को भी एक बड़ी राहत दी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। करमजोड़ा मोड़ एनएच-114 ए गनरो-पतरो नदी के पहुंच पथ (जुमई-देवघर) का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण किया जायेगा। पथ निर्माण विभाग ने इसके निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया है। इस सड़क को ग्रामीण कार्य विभाग से हस्तांतरित करते हुए पथ विभाग में लिया जायेगा इसके बाद इसे बनाने की प्रक्रिया पूरी की जायेगी। विभाग इस संबंध में जल्द ही मंत्रिपरिषद से विमर्श भी करेगा। बता दें कि 11.125 किमी लंबी इस सड़क का पुनर्निमाण का कार्य किया जायेगा। विभाग ने 30.43 करोड़ रुपये निर्माण की योजना तैयार की है। इस राशि से भू-अर्जन का भी कार्य किया जायेगा। इस सड़क का कैरिज वे वर्तमान में 3.70 मीटर सिंगल लेन है, जिसके इंटरमीडिएट लेन 5.5 मीटर चौड़ा किया जायेगा। यह रोड एनएच 114 ए के 23.8वें में करमजोड़ा मोड़ से प्रारंभ होकर कांसीडीह, तिलाईबोन, साथीबाद, रातुडीह एवं गनरो होते हुए जमुई- देवघर पथ पर स्थित पतरो नदी के पहुंच पथ को जोड़ती है। विभाग का मानना है कि सड़क का अगर चौड़ीकरण-मजबूतीकरण किया जायेगा तो पूरे क्षेत्र में यातायात सुगम होगा। अभी वर्तमान में यह सड़क बहुत ही जर्जर स्थिति में है। इतना ही नहीं सकरी सड़क होने की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं लगातार होती रहती हैं और आने जाने वाले राहगीरों को काफी दिक्कतें होती हैं। वहीं, ट्रैफिक की समस्या से जूझना पड़ता है। दरअसल, गिरिडीह-जमुई- देवघर को जोड़ने वाली यह एक मुख्य मार्ग है, जहां पर हमेशा हजारों लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में इस सड़क का मरम्मत करना और चौड़ीकरण करना राहगीरों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश के कई हिस्सों में मानसून ने दस्तक दे दी है। जिसके तहत इन दिनों वहां बारिश का दौर जारी है। वहीं मौसम विभाग ने देश की राजधानी दिल्ली में जून के तीसरे सप्ताह के बाद मानसून पहुंचने का पूवार्नुमान जारी किया है। जिसके बाद से दिल्ली में मानसून को लेकर तैयारियां को दौर जारी है। इसी बीच दिल्ली की सत्ता में विराजमान केंद्र सरकार ने संसद के मानसून सत्र की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। जिसको लेकर केंद्र सरकार इन दिनों एक्शन मोड में है। सरकार से जुड़े सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार वर्ष 2022 में 18 जुलाई से 12 अगस्त के बीच संसद का मानसून सत्र आयोजित करने की तैयारी कर रही है। सत्र के लिए इन तारीखों को अंतिम माना जा रहा है। हालांकि सरकार की तरफ से अभी इसकी घोषणा नहीं की गई है। सूत्रों का कहना है कि सरकार जल्द ही आधिकारिक घोषणा भी कर देगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने की सिफारिश : केंद्र सरकार की तरफ से संसद के मानसून सत्र को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में बीते दिनों रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली संसदीय मामलों से जुड़ी कैबिनेट कमेटी की एक बैठक आयोजित की गई थी। इस समिति ने 18 जुलाई से 12 अगस्त तक संसद का मानसून सत्र आयोजित करने की सिफारिश की है। अब इन तारीखों पर अंतिम विचार किया जाना है। मानसून सत्र में ही देश को मिलेंगे नए राष्ट्रपति : संसद का यह मानसून सत्र बेहद ही विशेष होने जा रहा है। असल में इन दिनों देश में नए राष्ट्रपति के चयन को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिसको लेकर बीते दिनों केंद्रीय चुनाव आयोग की तरफ से राष्ट्रपति चुनाव का कार्यक्रम जारी किया गया था। इस कार्यक्रम के तहत सभी राजनीतिक दलों में सहमति ना बनने पर 18 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए मतदान की प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। वहीं परिणाम जारी होने के बाद 21 जुलाई को देश को नए राष्ट्रपति मिल जाएंगे। वही 10 जुलाई को उपराष्ट्रपति का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है। जिसके कार्यक्रम की घोषणा नहीं हो रही है। माना जा रहा है कि जल्द इसकी घोषणा भी हो जाएगी। ऐसे में इस मानसून सत्र के दौरान देश को नए राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति मिलने जा रहे हैं। 17 दिन चलेगी संसद : मानसून सत्र को लेकर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंंह की अध्यक्षता वाली समिति की तारीखों पर अगर मुहर लग जाती है, तो इस बार मानसून सत्र के तहत 17 दिन संसद चलेंगी। असल में 18 जुलाई से 12 अगस्त के बीच 17 दिन कार्यदिवस पड़ रहे हैं। वहीं इस मानसून में कई बिल भी सरकार की तरफ से पटल पर खे जा सकते हैं। इसमें बजट सत्र के चार बिल भी शामिल हैं। जिन्हें बजट सत्र के दौरान संसदीय समिति के पास भेजा गया था।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची में 10 को हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने 18 उपद्रवियों की तस्वीरें जारी की हैं। पुलिस ने लोगों से आरोपियों की पहचान करने और उनकी सूचना देने की अपील की है। इससे पहले कल पुलिस ने हिंसा को लेकर पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो आरिफ उर्फ रिंकू खान, बेलाल अंसारी, मो अशफाक, मो अनीश और मो दानिश खान के रूप में हुई है। हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद रांची में तनाव की स्थिति है। रांची पुलिस ने ट्वीट करके कहा है कि किसी भी तरह की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। हिंसा को लेकर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा, पुलिस ने जितनी जल्दी इस मामले का पदार्फाश किया है, मैं समझता हूं कि आपको पुलिस को धन्यवाद करना चाहिए। हमारे पास ऐसी जानकारी भी आ रही है कि इसमें बाहर के लोगों का भी हाथ हैं। यह जांच का विषय है। इसकी जांच होगी।
टीम एबीएन, रांची। शुक्रवार को राजधानी में हुई हिंसक घटना के बाद रांची पुलिस लगातार शहर में शांति व्यवस्था बहाल करने की कोशिश कर रही है। शुक्रवार से ही शहर में धारा 144 लागू है। इसी कड़ी में रांची पुलिस ने शहर के लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद की अपील की है। रांची के चप्पे-चप्पे पुलिस की तैनाती की गई है। आज से शहर में थोड़ी चहल-पहल देखी जा रही है। इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है। रांची पुलिस ने रांची के लोगों से अपील करते हुए कहा है कि लोक भ्रामक सूचना, फोटो, वीडियो, एक धर्म की दूसरे धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी सोशल मीडिया पर शेयर ना करें, किसी भी प्रकार के अफवाह पर ध्यान ना दें, किसी भी प्रकार के अफवाह पर अपने नजदीकी पुलिस थाने को सूचना दें। सामाजिक सौहार्द्र बनाए रखें और बिना जिला प्रशासन रांची की पुष्टि के किसी भी खबर पर विश्वास ना करें, रांची पुलिस ने अपील करते हुए लोगों से कहा कि शांति व्यवस्था बनाए रखने में रांची पुलिस का सहयोग करें और एक जिम्मेदार नागरिक होने का परिचय दें इसके साथ ही अमन शांति कायम रखने में जिला प्रशासन रांची का सहयोग करें। गौरतलब है कि मेन रोड के डेली मार्केट के पास हिंसक घटना और उपद्रव मामले में रांची के तीन अलग-अलग थानों में 9 एफआईआर दर्ज हुई है, इसमें 26 नामजद और 10 हजार अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें डेली मार्केट थाने में 3 केस, लोअर बाजार थाना में 5 केस, इंद्रपुरी थाने में एक केस दर्ज किया गया है। इसके अलावा पुलिस प्रशासन की ओर से 4 केस दर्ज करवाया गया है, जबकि चार केस अलग-अलग पब्लिक पिटीशन पर दर्ज किए गए हैं। एक केस बिहार के मंत्री नितिन नवीन की ओर से दर्ज कराया गया है। डेली मार्केट थाने में दो एफआईआर रांची अंचल के सीओ अमित भगत के आवेदन पर दर्ज हुए हैं। एक उपद्रव को लेकर, दूसरी मंदिर में तोड़फोड़ को लेकर दर्ज हुई है। जबकि तीसरी एफआईआर बिहार के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन के आवेदन पर दर्ज हुई है, जिसमें वाहन में तोड़फोड़ और हमला का आरोप दर्ज किया गया है। हिंदपीढ़ी थाने में बिना अनुमति के जुलूस निकालकर नाजायज मजमा लगाने का केस दर्ज पुलिस की ओर से की गई है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची में शुक्रवार को हुए उपद्रव की घटना के बाद डीजीपी नीरज सिन्हा ने पुलिस मुख्यालय में समीक्षा बैठक की। इस दौरान डीजीपी ने अफसरों से पूरी घटना की जानकारी ली। वहीं कई बिंदुओं पर कार्रवाई का निर्देश दिया। बैठक के बाद शनिवार की शाम आसपास के इलाकों का जायजा लिया। पुलिस ने विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए के लिए 2800 अतिरिक्त फोर्स के अलावा, 7 आईपीएस, 15 डीएसपी,100 इंस्पेक्टर दरोगा की तैनाती की गई है। पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। साथ ही उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
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