एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को इस्पात मंत्रालय का अतिरिक्त पदभार संभाल लिया। वह राज्य सभा में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं और सत्तारूढ़ नरेंद्र मोदी सरकार में तीसरे इस्पात मंत्री बने हैं। उन्होंने यह जिम्मेदारी पूर्व इस्पात मंत्री राम चंद्र प्रसाद सिंह के बुधवार को दिए गए इस्तीफे के बाद मिली है। श्री सिंह का का राज्य सभा का कार्यकाल आज समाप्त हो गया। श्री सिंधिया ने ट्वीट में कहा, आज माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेशानुसार इस्पात मंत्रालय का पदभार ग्रहण किया। सभी शुभचिंतकों के आशीर्वाद से इस नये उत्तरदायित्व का निर्वहन करने का पूर्ण प्रयास करुंगा। श्री सिंधिया ने इस्पात सचिव संजय कुमार सिंह और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में दायित्व ग्रहण किया।
टीम एबीएन, रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 12 जुलाई को झारखंड दौरे पर रहेंगे। इस दिन वे देवघर एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी कई योजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। पीएम रांची रेलवे स्टेशन के कायाकल्प को लेकर भी एक योजना का शिलान्यास करेंगे। ये कार्यक्रम ऑनलाइन होगा। रांची रेल मंडल का नवीनीकरण का काम चल रहा है। इसे लेकर एक डीपीआर भी तैयार किया गया है। रांची रेलवे स्टेशन को हाईटेक और अत्याधुनिक उपकरणों से लैस किया जाना है। इसे लेकर 447 करोड़ों रुपए खर्च करने की योजना है। मेजर अपग्रेडेशन ऑफ रांची स्टेशन प्रोजेक्ट नाम से इसका संचालन होगा। इस प्रोजेक्ट को ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रोजेक्ट का पहला चरण का काम पिछले 2 वर्ष से हो भी रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम भी चल रहा है। रांची रेलवे स्टेशन के वेटिंग एरिया सुसज्जित करने की तैयारी है। स्टेशन की ऊंचाई भी बढ़ाई जाएगी। एयरपोर्ट की तर्ज पर कई सुविधाएं यहां यात्रियों को मिलेगी। रांची रेलवे स्टेशन पूरी तरह तैयार होने के बाद 6 प्लेटफार्म भी उपलब्ध होगा। जानकारी यह भी मिल रही है कि रांची रेलवे स्टेशन की पुरानी बिल्डिंग को तोड़कर नई बिल्डिंग भी बनाई जाएगी। 12 जुलाई को झारखंड दौरे के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी इस योजना का शिलान्यास करेंगे। हालांकि रांची रेल मंडल प्रबंधन की ओर से इस मामले को लेकर कहा गया है कि अब तक इस संबंध में रेल मुख्यालय की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है। लेकिन संभावना ज्यादा है कि प्रधानमंत्री इस योजना का शिलान्यास करेंगे। इधर, रांची के सांसद संजय सेठ ने क्षेत्र के यात्रियों को बधाई दी है। उन्होंने कहा है कि रांची रेलवे स्टेशन के रिडिप्लोपमेंट प्रोजेक्ट का शिलान्यास पीएम ही करेंगे। इसकी सहमति मिल चुकी है। समय पर यह प्रोजेक्ट पूरा हो इसकी पूरी कोशिश होगी।
टीम एबीएन, रांची। 10 जून को नमाज के बाद राजधानी रांची में हिंसा मामले में पुलिस भी अपनी कार्रवाई तेज कर चुकी है। पुलिस की टीम 10 जून को नमाज के बाद हुई हिंसा के मामले में पुलिस को यूपी, बिहार, झारखंड के बोकारो, खूंटी समेत अन्य जिलों से लोगों के आने की बात सामने आयी है। टेक्निकल सेल से मिली जानकारी के आधार पर अब पुलिस वैसे लोगों पर शिकंजा कसने वाली है जो संदिग्ध मोबाइल नंबरधारियों के संपर्क में थे। रांची पुलिस ने घटना के एक सप्ताह पूर्व से घटना के दिन तक झारखंड के बाहर से आए सक्रिय नंबरधारकों की पहचान कर ली है। रांची पुलिस अब बाहरी नंबर धारकों के स्थानीय कांटेक्ट को रडार पर रख रही है। रांची पुलिस ने तैयारी की है कि घटना के पहले जो लोग रांची आए थे, रांची में उन्होंने किस किस से संपर्क किया था, यहां के कौन से लोग फोन पर उनलोगों से संपर्क में थे, इसकी पड़ताल की जाएगी। रांची पुलिस वैसे सारे संदिग्ध नंबरों की सीडीआर निकालकर स्थानीय कांटेक्ट तलाशने में जुटी है। रांची में 10 जून की हिंसा से जुड़े डेली मार्केट थाना के सबसे प्रमुख केस 17/22 की जांच सीआईडी ने शुरू कर दी है, जबकि शेष 47 केस को रांची पुलिस ही जांच करेगी। रांची के लोअर बाजार, डेली मार्केट, कोतवाली, हिंदपीढ़ी, डोरंडा में रांची हिंसा से जुड़े कई अलग केस दर्ज किए गए थे। पुलिस के अलावा हिंसा में वैसे लोगों ने भी अलग से केस किया है जो निजी तौर पर प्रभावित हुए हैं।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक ट्वीट कर बताया है कि कल दिल्ली से रांची लौटते वक्त उनकी मुलाकात राजद सुप्रीमो लालू यादव से हुई है। दिल्ली एयरपोर्ट पर मीसा भारती ने अपने पिता की तबीयत की जानकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को दी। मुख्यमंत्री ने लालू यादव के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। पिछले दिनों लालू यादव को पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन बेहतर इलाज के लिए उन्हें एयर एंबुलेंस से कल ही दिल्ली शिफ्ट किया गया है। मुख्यमंत्री ने दो तस्वीरें साझा की है। तस्वीरों में लालू यादव स्ट्रेचर पर लेटर दिख रहे हैं। उनको ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है। एक तस्वीर में मीसा भारती दिख रही है जो मुख्यमंत्री को अपने पिता के स्वास्थ्य के बारे में बता रही हैं। बता दें कि झारखंड के मुख्य सचिव सुखदेव की 18 साल की बेटी के असमय निधन पर शोक संतप्त परिवार से मिलने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कल दिल्ली गए थे। उनके साथ राज्य के प्रभारी मुख्य सचिव अरुण सिंह भी थे। दिल्ली से रांची लौटते वक्त मुख्यमंत्री को जानकारी मिली कि एयरपोर्ट पर लालू यादव को लेकर एयर एंबुलेंस से लाया गया है तो वह फौरन उनसे मिलने चले गए। मुख्यमंत्री ने लालू यादव के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए ट्वीट किया है। इसे बड़ी संख्या में लोग रिट्वीट कर लालू यादव के लिए दुआएं कर रहे हैं। इधर, राजद के नेता और लालू प्रसाद के पुत्र तेजस्वी यादव ने कहा कि लोगों की दुआ और प्रार्थना काम कर रही है, उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा उनका इलाज दिल्ली एम्स का चल रहा है। इसलिए बेहतर इलाज के लिए दिल्ली जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अच्छे इलाज के लिए वो उन्हें सिंगापुर भी ले जाएंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने राज्यसभा की नामित सीटों के लिए बुधवार को नामों की घोषणा कर दी है, जिसके तहत केंद्र ने इस बार अंतरराष्ट्रीय एथलीट पीटी ऊषा को राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। इसके साथ ही बीजेपी नीत केंद्र सरकार ने इलैयाराजा, वी विजयेंद्र प्रसाद गारू और वीरेंद्र हेगड़े को राज्यसभा के लिए नामित किया है। सभी के नामों की घोषणा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने अधिकृत ट्वीटर एकाउंट से ट्वीट कर बधाई दी है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में चारों नामित सदस्योंं का संक्षिप्त जीवन परिचय को भी सार्वजनिक किया है। प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में पीटी ऊषा को नामित होने के बाद बधाई देते हुए कहा है कि पीटी ऊषा जी हर भारतीय के लिए एक प्रेरणा हैं। खेलों में उनकी उपलब्धियों को व्यापक रूप से जाना जाता है, लेकिन पिछले कई वर्षों में नवोदित एथलीटों का मार्गदर्शन करने के लिए उनका काम उतना ही सराहनीय है। उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर बधाई...।
टीम एबीएन, देवघर। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बिना तय कार्यक्रम के अचानक देवघर एयरपोर्ट पहुंच गए। यहां उन्होंने देवघर एयरपोर्ट का निरीक्षण भी किया और प्रधानमंत्री के एयरपोर्ट उद्घाटन स्थल पर चल रहे कार्यों को भी देखा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मौके पर कहा कि 12 जुलाई को एयरपोर्ट उद्घाटन होना है, जिसको लेकर वे देवघर पहुंचे थे और चल रही तैयारियों का जायजा लिया। बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गोड्डा के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। वहां का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वे अचानक देवघर पहुंच गए। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि 12 जुलाई का कार्यक्रम सफल रहे, इसी के मद्देनजर कार्यक्रम स्थल का जायजा किया। जहां कमियां दिखीं उसके लिए अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 जुलाई को श्रावणी मेला भी शुरू हो रहा है, जिसकी तैयारियां बहुत अच्छी चल रही हैं। वैश्विक महामारी के बीच 2 साल तक मेले का आयोजन नहीं हो सका। लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है और सभी चीजों को सामान्य करने की कोशिश झारखंड सरकार कर रही है। सीएम ने इस बार आनेवाले श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। एयरपोर्ट के सामने बन रहे पंडाल का भी मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। बताते चलें कि 12 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देवघर एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ-साथ देवघर एम्स के 200 बेड के अस्पताल का भी ऑनलाइन उद्घाटन करेंगे। वहीं कई अन्य योजनाओं का भी शिलान्यास किया जाएगा। देवघर एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैजनाथ धाम मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद देवघर कॉलेज परिसर में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसी दिन देवघर से कोलकाता के लिए पहली उड़ान भरी जाएगी।
टीम एबीएन, पाटन (पलामू)। प्रमंडलीय आयुक्त जटा शंकर चौधरी ने बुधवार को पाटन स्थित प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। आयुक्त के निरीक्षण के दौरान कार्यालय के निर्धारित अवधि में एक-दो कर्मियों को छोड़कर सभी कर्मी अनुपस्थित पाए गए। वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी भी निर्धारित समय पर कार्यालय नहीं पहुंचे थे। आयुक्त ने उपस्थित कर्मियों से खुद कार्यालय खुलवाएं। वहीं अधिकारियों एवं कर्मियों के आगमन का इंतजार करने लगे। 11 बजे तक कर्मियों एवं अधिकारियों को उपस्थित नहीं होने की स्थिति में उपस्थिति पंजी की जांच की एवं गायब कर्मियों की हाजिरी काट दी। प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी भी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचे थे। 11:05 बजे अंचल अधिकारी को कार्यालय पहुंचने पर उन्होंने अनुपस्थिति का कारण पूछा, तो उन्होंने फिल्ड में होने की बातें कही। सीओ अन्य अनुपस्थित कर्मियों के संबंध में जानकारी नहीं दे पाए। अंचल कार्यालय में सीमांकन, दाखिल खारिज, अतिक्रमण, जमीन की मापी कराने आदि विभिन्न समस्याओं के संबंध में आवेदन लेकर पहुंचे आमजनों से आयुक्त ने सीधे बात की। उनकी समस्याओं को जाना। आमजनों में अंचल कार्यालय के शिथिल कार्यों को लेकर जनाक्रोश व्याप्त था। आयुक्त ने अंचल अधिकारी को पहुंचने पर आमजनों की समस्याओं का शीघ्र निष्पादन कर समस्या दूर करने का सख्त निदेश दिया। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी योजनाओं का लाभ लोगों को देने का सख्त निदेश दिया। बीडीओ और सीओ को कार्यालय पहुंचने पर अनुपस्थित कर्मियों से स्पष्टीकरण पूछते हुए मंतव्य के साथ उपायुक्त के माध्यम से रिपोर्ट प्रस्तुत करने, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी को उनकी कार्यशैली में सुधार लाते हुए आमजनों की समस्या को दूर करने तथा सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने का सख्त निदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी अपने कार्यालय कर्मियों पर सख्ती से नियंत्रण रखें और आमजनों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसका निदान करें। आमजनों को कार्यालय का चक्कर न लगाना पड़े इसका ध्यान रखें। उन्होंने अंचल एवं प्रखंड कार्यालय में कार्यरत कर्मियों को कार्यालय में समय से उपस्थित नहीं होने को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को प्रखंड एवं अंचल कार्यालय के कार्यों की सूक्ष्मता से जांच कराने का निदेश दिया। साथ ही उपायुक्त को व्यक्तिगत रूप से आमजनों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय, पाटन के कार्यों का मॉनिटरिंग करने जरूरत बताई। विशेषकर अंचल कार्यालय एवं अंचल अधिकारी के कार्यों की मॉनिटरिंग करने का निदेश दिया। वहीं वैसे पदाधिकारी एवं कर्मियों पर सख्त कार्रवाई का निदेश दिया, जो आम जनता की समस्या को जान-बूझकर लंबित रखते हैं। मौके पर आयुक्त के सचिव अनिल कुमार,प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज तिवारी अंचलाधिकारी पाटन लालबाबू सीडीपीओ पाटन अनिता कुमारी आयुक्त सचिव अनिल कुमार पाटन थाना प्रभारी प्रकाश कुमार,प्रखंड कर्मी समेत अंचल कर्मी भी मौजूद थे । पंजी/अभिलेख को आवास पर नहीं ले जाने का निर्देश : आयुक्त ने आमजनों की समस्या पर किसी तरह की कोई कोताही नहीं बरतने, आमजनों की समस्या से संबंधित किसी तरह की शिकायत आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। औचक निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने पाया कि कई पंजी कार्यालय में नहीं है। इस संबंध में संबंधित कर्मियों से पूछे जाने पर बताया गया कि कर्मी अपने घर पर पंजी को ले जाते हैं। पंजी घर ले जाने के संबंध में कर्मियों द्वारा कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दी गई। आयुक्त ने हिदायत दिया कि किसी भी पंजी/अभिलेख को अपने आवास पर न ले जाएं। आयुक्त ने की प्रखंड कार्यालय के अभिलेखों की जांच : आयुक्त ने प्रखंड कार्यालय के कई अभिलेख/दस्तावेज एवं पंजियों की जांच की, जिसमें कई समस्याएं पाई गई, जिसे अद्यतन करने का निदेश दिया। मनरेगा के 1 जेई 12:30 बजे कार्यालय पहुंचे थे। उनके द्वारा देर आने के कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई और न ही मनरेगा से संबंधित कोई प्रतिवेदन ही उपलब्ध कराए गए। वहीं प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी दोपहर 1:30 बजे से अधिक समय तक कार्यालय में उपस्थित नहीं पाए गए। बाल विकास परियोजना कार्यालय दोपहर 2 बजे तक बंद पाया गया, जबकि एक महिला पर्यवेक्षिका 1 बजे उपस्थित हुई। आयुक्त ने जब उनसे कार्यालय बंद से संबंधित पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उनके पास कार्यालय की चाबी नहीं है और कार्यालय कौन खोलते हैं, यह भी पता नहीं है। दोपहर 2 बजे बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं अन्य महिला पर्यवेक्षिका कार्यालय पहुंचे और आयुक्त से मुलाकात कर अपनी बातें रखी। मुख्यालय में रहें पदाधिकारी व कर्मी : आयुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी सहित उनके अधीनस्थ कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने का सख्त निर्देश दिया। बताया गया कि कई कर्मी मुख्यालय में नहीं रहते हैं। आयुक्त ने उपायुक्त को निदेश दिया कि प्रखंड विकास पदाधिकारी व अंचलाधिकारी एवं उनके अधीनस्थ कर्मियों को प्रखंड कार्यालय में रहना सुनिश्चित कराएं, ताकि वे समय पर कार्यालय पहुंचे और जन समस्याओं का निदान करें। समन्वय बनाकर करें जनसमस्या का समाधान : आयुक्त थाना प्रभारी एवं अंचलाधिकारी को समन्वय स्थापित करते हुए प्रत्येक सप्ताह थाना दिवस का आयोजन कर जमीन सहित अन्य समस्याओं का निदान करने का निर्देश दिया। आयुक्त ने कहा कि इस संबंध में पूर्व में भी आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने इसका अनुपालन करते हुए थाना दिवस में जन समस्याओं को सुनने एवं उसका निराकरण का निदेश दिया। इधर, आयुक्त के निदेश पर उनके सचिव अनिल कुमार द्वारा अंचल कार्यालय के कार्यों की गहनता से जांच की गई। इस क्रम में अधिसंख्य अभिलेख अद्यतन नहीं पाए गये। दाखिल खारिज से संबंधित मामले लंबित पाए गए। लंबित आवेदनों के संबंध में अंचलाधिकारी द्वारा स्पष्ट जवाब दी गई। आयुक्त के सचिव ने लंबित आवेदनों को शीघ्र निष्पादन करने का निदेश दिया। वहीं कोर्ट केस की डायरी नहीं बनाए जाने पर पेशकार को निदेश दिया। आयुक्त के सचिव ने अंचल कार्यालय के कई पंजियों की जांच की, जो संधारित नहीं पाया गया। कई पंजी अपूर्ण एवं आधे-अधूरे स्थिति में पाई गयी।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सौर ऊर्जा नीति 2022 का लोकार्पण किया। मौके पर मुख्यमंत्री ने किसान सोलर वाटर पंप सेट योजना हेतु कुसुम वेब पोर्टल, धनबाद एवं दुमका में 600 केवी के सोलर प्लांट एवं गिरिडीह सोलर सिटी योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप पावर प्लांट परियोजना का आॅनलाइन उद्घाटन भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सवा सौ करोड़ जनसंख्या वाले हमारे देश में बड़े पैमाने पर ऊर्जा की आवश्यकता है। मानव जीवन में जितनी आवश्यकता भोजन की है उतनी ही आवश्यकता ऊर्जा की भी है। ऊर्जा की खपत और उत्पादन को लेकर सरकारें हमेशा से नीति बनाती रही हैं। हमारी सरकार पारंपरिक ऊर्जा स्रोत के साथ-साथ अक्षय ऊर्जा स्रोतों पर विशेष फोकस कर रही है। जिस गति से राज्य सरकार ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में काम करना प्रारंभ किया है, वह दिन दूर नहीं जब झारखंड ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में सक्षम और आत्मनिर्भर बनेगा। सौर ऊर्जा के सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए आज सौर ऊर्जा नीति-2022 का लोकार्पण किया गया है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित सौर ऊर्जा नीति-2022 का लोकार्पण कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्षय ऊर्जा राष्ट्र का भविष्य है। अक्षय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नीतिगत पहल की है। सौर ऊर्जा नीति-2022 में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं जिसमें निवेशकों को प्रोत्साहन, सिंगल विंडो सिस्टम, पेमेंट सिक्योरिटी मेकैनिज्म, छूट और सब्सिडियरी सहित कई सुविधा उपलब्ध करायी गई है। मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने सौर ऊर्जा नीति-2022 का लोकार्पण के साथ-साथ किसान सोलर वाटर पंप सेट योजना हेतु कुसुम वेब पोर्टल, धनबाद एवं दुमका में 600 केवी के सोलर प्लांट एवं गिरिडीह सोलर सिटी योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप पावर प्लांट परियोजना का आॅनलाइन उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर सौर ऊर्जा नीति-2022 पुस्तिका का लोकार्पण भी मुख्यमंत्री ने किया। इस पुस्तिका में सौर ऊर्जा नीति-2022 की संपूर्ण जानकारी रखी गई है। अक्षय ऊर्जा से समृद्ध होगा राज्य : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि भौगोलिक दृष्टिकोण से झारखंड एक ऐसा राज्य है जहां पहाड़, नदी-नाले, घने जंगल सहित कई दुर्गम क्षेत्र हैं। ऐसे जगहों पर ट्रांसमिशन के माध्यम से बिजली पहुंचाना काफी चुनौतीपूर्ण कार्य है। इन सभी जगहों पर संचरण लाइन के कनेक्टिविटी में कठिनाइयां और बाधाएं उत्पन्न होती हैं जिससे आमजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे जगहों पर सौर ऊर्जा के माध्यम से घर-घर तक बिजली पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इसकी शुरूआत गिरिडीह से हो रहा है। गिरिडीह जिला को सोलर सिटी के रूप में चयनित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हम सौर ऊर्जा नीति को सिर्फ शहर में ही नहीं बल्कि गांवों में भी पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल-सिंचाई से लेकर घरेलू दिनचर्या में भी इस योजना का लाभ लोगों को मिले इस सोच के साथ कार्य योजना बनाकर हम आगे बढ़ रहे हैं। अक्षय ऊर्जा के माध्यम से हर वो काम लोग कर सकें, जो काम कोयले से उत्पादित बिजली से होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां पारंपरिक बिजली स्रोतों से बिजली की कीमत प्रति यूनिट 5 रुपए से अधिक है वहीं सौर ऊर्जा से उत्पादन की गई ऊर्जा की कीमत 2 से 3 रुपया यूनिट ही होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में कई ऐसे जिले हैं जहां पर 30 से 40 मेगावाट की बिजली की खपत होती है। इन जिलों में 400 से 500 एकड़ भूमि पर सौर ऊर्जा के माध्यम से पर्याप्त बिजली उत्पादन किया जा सकता है। हमें इन सारी बिंदुओं पर विचार करते हुए अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करते हुए राज्य को समृद्ध बनाना है। निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल : मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। झारखंड निवेश के लिए सर्वाधिक अनुकूल राज्य है। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर काम करने वाले निवेशकों को हमारी सरकार पूरा सहयोग प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार निवेशकों का तहे दिल से स्वागत करती है। राज्य सरकार सौर ऊर्जा नीति के अंतर्गत उद्योग स्थापित करने वाले सभी निवेशकों को अनुकूल माहौल मिले इस निमित्त प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी के सहयोग और सुझाव से ही हम इन नीतियों को और व्यापक तथा सुगम बनाकर अधिक से अधिक ऊर्जा उत्पादन कर सकते हैं। अब सोलर सिटी के रूप में पहचाना जायेगा गिरिडीह जिला : सीएम ने गिरिडीह सोलर सिटी योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप पावर प्लांट परियोजना का आॅनलाइन उद्घाटन किया। मौके पर मुख्यमंत्री ने गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू से आॅनलाइन माध्यम से वार्ता की। गिरिडीह विधायक ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने गिरिडीह जिला वासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सोलर सिटी के रूप में आपके जिला को चयनित किया गया है। सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार ने सौर ऊर्जा नीति-2022 बनायी है। सोलर पॉलिसी को अब राज्य और व्यापार जगत के क्षेत्र में अपलोड करने जा रहे हैं। सौर ऊर्जा नीति राज्य को अब नई राह की ओर ले जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्थापित छोटे-छोटे हवाई अड्डों को अब सोलर से संचालित करने का कार्य किया जा रहा है। इसका आज विधिवत उद्घाटन भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरिडीह राज्य का पहला जिला बन रहा है जो सोलर सिटी के रूप में पहचाना जाएगा। अब हम सभी लोग मिलकर घर-घर में सौर ऊर्जा के प्रति लोगों का रुझान बढ़ाएंगे। मौके पर गिरिडीह विधायक श्री सुदिव्य कुमार सोनू ने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए हम सभी लोग कटिबद्ध हैं। आपकी इस सोच और नीति को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। सौर ऊर्जा नीति के तहत सुविधा और लाभ देना प्राथमिकता : इस अवसर पर ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव श्री अविनाश कुमार ने सौर ऊर्जा नीति-2022 पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य सरकार ने आने वाले 5 सालों के लिए सौर उर्जा नीति का रास्ता तय करने की योजना को मंत्रिपरिषद से पारित करने का काम किया है। विधिवत रूप से आज सभी के सहयोग से इस नीति के लोकार्पण का अवसर प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि कोई भी पॉलिसी आम जनता, उद्यमियों सहित सभी वर्ग-समुदाय के लोगों को ध्यान में रखकर बनाई जाती है। राज्य वासियों को नीतिगत निर्णयों का लाभ और सुविधा किस प्रकार मिले इस निमित्त नीतियों में प्रावधान किया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य में सौर ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में निवेशकों को आवश्यक सुविधा एवं अनुकूल माहौल प्रदान किया जा रहा है। मौके पर धन्यवाद ज्ञापन देते हुए जरेडा निदेशक केके वर्मा ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सौर ऊर्जा नीति-2022 में विशेष प्रावधान किए गए हैं। 3 लाख रुपए से कम आय वाले परिवारों को शत प्रतिशत सब्सिडियरी उपलब्ध कराया जा रहा है। सौर ऊर्जा नीति को रोजगार सृजन का एक महत्वपूर्ण साधन भी बनाया जा सकेगा। उन्होंने सौर ऊर्जा पॉलिसी के अंतर्गत भविष्य की कार्य योजनाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला। मौके पर आॅनलाइन माध्यम से गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू, कार्यक्रम स्थल रांची में ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, जरेडा निदेशक केके वर्मा, सीईओ सीईईडब्ल्यू डॉ अरुणाभ घोष सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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