राज काज

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Published / 2022-07-31 12:35:57
आईओसी ने 10 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल और 14 रुपये के नुकसान पर बेचा डीजल

एबीएन बिजनेस डेस्क। इंडियन आॅयल कॉरपोरेशन (आईओसी) ने चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में पेट्रोल 10 रुपए प्रति लीटर के नुकसान पर बेचा है। इसके अलावा डीजल की बिक्री पर कंपनी को प्रति लीटर 14 रुपए का नुकसान हुआ है। यही वजह है कि कंपनी को सवा दो साल में पहली बार किसी तिमाही में नुकसान उठाना पड़ा है। देश की सबसे बड़ी तेल शोधन और ईंधन की खुदरा बिक्री करने वाली कंपनी को चालू वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में 1,992.53 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 5,941.37 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ कमाया था। वहीं इससे पिछली यानी जनवरी-मार्च की तिमाही में कंपनी को 6,021.9 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था। आईओसी की सालाना आधार पर कर, ब्याज, मूल्यह्रास और परिशोधन से पूर्व एकल आय (ईबीआईटीडीए) 88 प्रतिशत घटकर 1,358.9 करोड़ रुपए रह गई। वहीं कंपनी को 1,992.5 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ। हालांकि तिमाही के दौरान कंपनी का सकल रिफाइनिंग मार्जिन (जीआरएम) ऊंचे स्तर पर यानी 31.8 डॉलर प्रति बैरल रहा है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में कहा गया है, ह्यह्यकंपनी की आय में गिरावट की प्रमुख वजह पेट्रोल और डीजल की खुदरा बिक्री पर मार्जिन में भारी गिरावट है। कंपनी को पेट्रोल पर प्रति लीटर 10 रुपए और डीजल पर 14 रुपए का नुकसान हुआ है। इसके अलावा उत्पाद शुल्क में कटौती की वजह से कंपनी को भंडारण पर भी 1,500 से 1,600 करोड़ रुपए का नुकसान उठाना पड़ा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पेट्रोलियम कंपनियां लागत के हिसाब से प्रतिदिन पेट्रोल और डीजल कीमतों में संशोधन करती हैं लेकिन आईओसी के साथ भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) ने लागत बढ़ने के बावजूद वाहन ईंधन के दाम नहीं बढ़ाए हैं। इस समय भारत का कच्चे तेल का आयात औसतन 109 डॉलर प्रति बैरल बैठ रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में पेट्रोल पंप पर वाहन ईंधन कीमतें 85 से 86 डॉलर प्रति बैरल के भाव के हिसाब से तय की गई हैं। रिपोर्ट कहती है कि यह जनवरी-मार्च, 2020 की तिमाही के बाद से कंपनी का पहली तिमाही नुकसान है। उस समय कंपनी को महंगे कच्चे तेल के प्रसंस्करण की वजह से भंडारण पर नुकसान हुआ था।

Published / 2022-07-31 07:10:28
सीएम की उपस्थिति में सात को होगी नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक

टीम एबीएन, रांची। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की सातवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मुख्य सचिव सुखदेव सिंह के मौजूद रहने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार यह बैठक 7 अगस्त यानी रविवार को सुबह 9.45 से शाम 4.30 बजे तक होगी।राष्ट्रपति भवन के कल्चरल सेंटर में होने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। नीति आयोग की सातवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर विशेष चर्चा होगी। इसके तहत स्कूली शिक्षा और उच्च शिक्षा पर केन्द्र और राज्य के बीच एक्शन प्लान बनेगा। एजेंडा के मुताबिक अर्बन गवर्नेंस के तहत म्यूनिसिपल फाइनेंस, अर्बन प्लानिंग और एडमिनिस्ट्रेटिव स्ट्रक्चर एंड सिटीजन सेंट्रिक गवर्नेंस विषय पर बैठक में चर्चा होगी। बैठक में कृषि एवं पशुपालन पर भी चर्चा होगी। एजेंडा के अनुसार कृषि विभाग से जुड़े डायवरसिफिकेशन ऑफ क्रॉप, डिजिटल एग्रीकल्चर, स्ट्रेटजी फॉर आत्मनिर्भर कृषि पर चर्चा होगी। नीति आयोग की बैठक को लेकर राज्य सरकार तैयारी में जुट गई है। झारखंड की ओर से गवर्निंग काउंसिल की बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड की समस्याओं को रखेंगे। इसको लेकर राज्य के आला अधिकारी झारखंड की ओर से रखी जाने वाले मांगों की सूची बनाने में जुट गए हैं। गौरतलब है कि गवर्निंग काउंसिल नीति आयोग की शीर्ष निकाय है, जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं। वहीं राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और कई केंद्रीय मंत्री इसके सदस्य होते हैं। आमतौर पर साल में एक बार गवर्निंग कॉसिल की बैठक होती है। पिछले साल 20 फरवरी को बैठक हुई थी।

Published / 2022-07-31 07:04:35
पुरानी पेंशन स्कीम : विकास आयुक्त की अगुवाई वाली कमेटी बनायेगी एसओपी

टीम एबीएन, रांची। पुरानी पेंशन योजना के लिए एसओपी बनाने के लिए राज्य सरकार ने विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। इस कमेटी मे विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह के साथ वित्त विभाग के प्रधान सचिव और कार्मिक विभाग के प्रधान सचिव बतौर सदस्य होंगे। पुरानी पेंशन योजना के तहत पेंशन भुगतान के लिए बनने वाले स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार होने के बाद मंत्रिपरिषद की मंजूरी ली जाएगी। राज्य सरकार द्वारा एसओपी तैयार किए जाने के बाद हर एक कर्मचारी को शपथ पत्र देकर इसे स्वीकार करने की सहमति देनी होगी। शपथ पत्र में कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना को स्वीकार करने के अलावा भविष्य में किसी तरह का वित्तीय दावा नहीं करने की घोषणा करनी होगी। इसके लिए वित्त विभाग एक फॉर्मेट जारी करेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में 15 जुलाई को हुई कैबिनेट की बैठक में कुछ शर्तों के साथ पुरानी पेंशन स्कीम को मंजूरी दी गई थी। शर्त के अनुसार वित्त विभाग को कर्मचारियों के पीएफआरडीएल या एनएसडीएल के पास जमा राशि प्राप्त करने निमित्त हरसंभव प्रयास करने को कहा गया है। राज्य में अभी करीब 1.95 लाख स्थाई अधिकारी-कर्मचारी हैं। इनमें से 1.25 लाख नई पेंशन योजना के दायरे में हैं, जो 2004 में अंशदायी पेंशन योजना लागू होने के बाद बहाल हुए हैं। नई पेंशन योजना के तहत राज्य सरकार अभी एक हजार करोड़ वार्षिक अंशदान जमा करती है। नई पेंशन योजना में राज्य सरकार 14% और कर्मचारी 10% अंशदान देते हैं। सेवानिवृत्ति के बाद ब्याज सहित कुल जमा राशि का 40 से 60% हिस्सा कर्मचारी निकाल सकते हैं। पुरानी पेंशन योजना में सेवानिवृत्ति पर अंतिम मूल वेतन और महंगाई भत्ते की आधी राशि बतौर पेंशन जीवनभर राजकोष से मिलती है। इसके अलावा हर साल दो बार महंगाई भत्ता बढ़ता है। निधन होने पर पारिवारिक पेंशन की भी व्यवस्था है। यही वजह है कि कर्मचारी लगातार इसकी मांग कर रहे हैं।

Published / 2022-07-30 15:05:53
बच्चों को डायरिया से बचाने के लिए घर-घर ओआरएस और जिंक गोली बांटेंगी सहिया

टीम एबीएन, मेदिनीनगर (पलामू)। बरसात के मद्देनजर पलामू जिले के बच्चों को स्वास्थ्य विभाग डायरिया से बचाव करेगा। विभाग ने इसकी कार्ययोजना तैयार कर ली है। इसके लिए जिले में डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा की शुरुआत 1 अगस्त से होगी। यह पखवाड़ा आगामी 15 अगस्त तक चलेगी। इसके तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को दस्त (डायरिया) से बचाव के लिए ओआरएस एवं जिंक की गोली का सेवन कराया जायेगा। माना जाता है कि बरसात के मौसम में डायरिया का प्रकोप बढ़ना शुरू हो जाता है। इसलिए डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा चला कर बच्चों को ओआरएस एव जिंक की गोली दी जायेगी। सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार सिंह ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को सघन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा को सफल बनाने के हेतु सभी गतिविधियों का सूक्ष्म क्रियान्वयन एवं अनुश्रवन करने का निदेश दिया है। जिले में 1 लाख 89 हजार बच्चों को लाभान्वित करने लक्ष्य रखा गया है। लक्षित सघन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली है। इस पखवाड़ा-सह- अभियान के तहत प्रत्येक घर में 0 से 5 आयुवर्ग के बच्चों के लिए एक ओआरएस का पैकेट स्वास्थ्य सहिया के माध्यम से वितरण किया जायेगा। वहीं जिन घरों के बच्चे दस्त से पीड़ित होंगे, उन्हें ओआरएस का पैकेट एवं 14 जिंक टैबलेट की गोली दी जायेगी। वहीं स्वास्थ्य सहिया घर-घर में डायरिया से बचाव के बारे में जागरूक करेगी। डायरिया बच्चों के लिए जानलेवा : सिविल सर्जन- सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार सिंह ने बताया कि 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के लिए डायरिया काफी खतरनाक होता है। सावधानी नहीं बरती गई, तो इससे बच्चों की जान भी जा सकती है। उन्होंने बताया कि शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से हर वर्ष यह पखवाड़ा मनाया जाता है, जिसमें लोगों को जागरूक किया जाता है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत प्रत्येक घरों में स्वास्थ्य सहिया द्वारा ओआरएस का पैकेट एवं जिंक की गोली प्रदान की जाएगी। यह अभियान 1 से 15 अगस्त तक चलाया जाएगा। कब कहेंगे कि बच्चे को दस्त है : चिकित्सकों के मुताबिक टट्टी की अवस्था में बदलाव या सामान्य से ज्यादा पतला या पानी जैसा होने वाली टट्टी को दस्त कहते हैं। दस्त शुरू होते ही बच्चे को ओआरएस और हर दस्त के बाद देते हैं, जबतक दस्त ठीक न हो जाये। साबुन से जरूर धोएं हाथ : शौच के बाद, कूड़ा, जानवरों को छूने के बाद, बच्चों के मल साफ करने के बाद, खाना पकाने से पहले, खाना खाने से पहले, बच्चों को खिलाने से पहले साबुन से हाथ जरूर धोएं। हाथों को अच्छी तरह से धोकर हम बहुत सारी बीमारियों से बच सकते हैं। सभी सीएचसी में भेजा गया ओआरएस और जिंक गोली : डीपीएम दीपक कुमार ने बताया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस और जिंक गोली आवश्यकता के अनुरूप भेज दी गई है। छतरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 2 लाख 16 हजार, लेस्लीगंज 12 लाख 82 हजार, विश्रामपुर 2 लाख 16 हजार, चैनपुर 2 लाख 16 हजार, पांकी 2 लाख 16 हजार, पाटन 2 लाख 16 हजार, हुसैनाबाद 2 लाख 16 हजार, हरिहरगंज 2 लाख 16 हजार, मनातू 2 लाख 16 हजार एवं सदर 2 लाख 16 पीस जिंक टैबलेट्स एवं लेस्लीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 5400, हुसैनाबाद में 12200, पाटन 8000, सदर 8000, हरिहरगंज 7200, विश्रामपुर 4800, मनातू 4800, पांकी 7200, छतरपुर 6600 और चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 4800 ओआरएस का पैकेट भेजा गया है।

Published / 2022-07-30 13:04:31
विधायक निधि 5 करोड़ करने को झारखंड मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी

टीम एबीएन, रांची। झारखंड मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को विधायक निधि को मौजूदा चार करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये सालाना करने को मंजूरी दे दी। राज्य के विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को और गति देने के लिए विधायक निधि में वृद्धि की मांग कर रहे थे। कैबिनेट सचिव वंदना डडेल ने कहा, वर्तमान में प्रति विधायक प्रति वर्ष कोष चार करोड़ रुपये है, जिसे बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दिया गया है। मंत्रिमंडल द्वारा कुल 29 एजेंडा को मंजूरी दी गई, जिसमें गैर-शिक्षण और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष से बढ़ाकर 67 वर्ष करना शामिल है। मंत्रिमंडल ने हृदय संबंधी उपचार योजना को भी हरी झंडी दे दी, जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग और प्रशांति मेडिकल सर्विसेज एंड रिसर्च फाउंडेशन के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किये जायेंगे। डडेल ने कहा, इस योजना के तहत झारखंड के कुल 1,000 हृदय रोगियों को दो अस्पतालों -सत्य साई हार्ट अस्पताल, अहमदाबाद और सत्य साई हार्ट अस्पताल, राजकोट में मुफ्त इलाज मिलेगा।

Published / 2022-07-30 03:20:53
झारखंड : विधायक राशि 1 करोड़ बढ़ाकर हुई पांच करोड़, मनरेगाकर्मियों का भी मानदेय बढ़ा

टीम एबीएन, रांची। झारखंड कैबिनेट की बैठक में 29 प्रस्तावों पर मुहर लगी। राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने जमशेदपुर के MGM महाविद्यालय के लिये 3 अरब 96 करोड़ 69 लाख 58 हजार 900 रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस राशि का उपयोग 500 बेड के नये अस्पताल निर्माण के लिये होगा। वहीं झारखंड हृदय चिकित्सा योजना आरंभ करने का निर्णय लिया गया है। प्रशांति मेडिकल सर्विसेस एंड रिसर्च फाउंडेशन के मनोनयन के साथ सरकार का MOU करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत गुजरात के दो हृदय अस्पताल साई हृदय अस्पताल अहमदाबाद और सत्य साई हृदय अस्पताल राजकोट में प्रतिवर्ष 1 हजार लोगों की चिकित्सा मुफ्त कराई जाएगी। झारखंड में संविदा पर कार्यरत मनरेगा कर्मियों के मानदेय में बढ़ोत्तरी की गई है। इसमें अनुभव के आधार पर मानदेय की बढ़ोत्तरी की गई है। इसमें BPO से लेकर कम्प्यूटर कर्मी तक शामिल है। झारखंड में अब विधायक कोष की राशि मे बढ़ोत्तरी की गई है। अब विधायकों को प्रति वित्तीय वर्ष 4 करोड़ के बजाय 5 करोड़ रुपये मिलेंगे। प्रेजा फाउंडेशन के द्वारा राज्य के 8 पॉलिटेक्निक कॉलेज को संचालित करने का निर्देश दिया गया है। इसमें खूंटी, चतरा, लोहरदगा, हजारीबाग, जामताड़ा, गोड्डा, पलामू, बगोदर शामिल हैं। गैर शैक्षणिक चिकित्सक एवं विशेषज्ञ चिकित्सक सेवा आयु में बढ़ोत्तरी की गई है। मतलब अब 65 वर्ष के बजाय 67 वर्ष पर रिटायर्ड होंगे। डॉ संगीता कुमारी और डॉ आशुतोष को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

Published / 2022-07-29 16:50:26
झारखंड : हेमंत कैबिनेट ने कई प्रस्तावों पर लगायी मुहर

टीम एबीएन, रांची। झारखंड मंत्रिमंडल की बैठक में 29 प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित सीटों को खुली सीटों के रूप में मानने का निर्णय। मंत्रिमंडल सचिव वंदना डाडेल ने कहा कि पंचायत चुनाव में प्रतिनियुक्त कर्मियों के लिए मानदेय और यात्रा भत्ता को स्वीकृति दी गयी। मंत्रिमंडल की बैठक में झारखंड वित्त नियमावली की कंडिका 245 प्रेझा फाउंडेशन के सहयोग से आठ नये पोलिटेक्निक के संचालन की स्वीकृति दी गयी। आठ जिले ये खूंटी, चतरा, लोहरदगा, हजारीबाग, जामताड़ा, बगोदर और पलामू शामिल हैं। पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना 2021 की स्वीकृति दी गयी। श्रम नियोजन, प्रशिक्षण और कौशल विकास विभाग नियोजन सेवा लेखा नियमावली 2022 के गठन को मंजूरी दी गयी। झारखंड राज्य विधिक सेवा पदाधिकार रांची के नियुक्त मध्यस्थों का मानदेय पुनरीक्षित किया गया था। तीन हजार सफल मध्यस्थता को तीन हजार से पांच हजार रुपये और जिला स्तर पर यह 25 सौ रुपये किया गया है। असफल मध्यस्थता के लिए भी मानदेय बढ़ाया गया है।  डॉ आशुतोष को सेवा से बरखास्त कर दिया गया। ये निर्मल महतो चिकित्सा महाविद्यालय में 2015 से अनुपस्थित हैं। बाजार समिति पाकुड़ द्वारा 6.12.2008 से सात अप्रैल 2011 की बकाया राशि की मांग को भुगतान करने का निर्णय लिया गया। प्रशांति मेडिकल फाउंडेशन और रीसर्च सेंटर के साथ एमओयू किया गया है। दो अस्पतालों साई हृदय अस्पताल राजकोट और अहमदाबाद में एक हजार मरीजों का इलाज किया जायेगा। तीन माह से 18 वर्ष के मरीजों का इलाज अहमदाबाद में और सांई हृदय अस्पताल। 300 करोड़ से अधिक की लागत से एमजीएम जमशेदपुर में पांच सौ बेड का विस्तारीकरण किया जायेगा। आयुष कुमार को मुख्यमंत्री असाध्य रोग इलाज हेतु अब अतिरिक्त 11 लाख रुपये की स्वीकृति राज्य सरकार की तरफ से दी गयी। कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की तरफ से झारखंड स्टेट मिल्क प्रोड्यूसर्स लिमिटेड के मनोनयन को लेकर नियमों को शिथिल किया गया। सूचना प्राद्योगिकी विभाग के प्रस्ताव में आॅप्टिकल फाइबर बिछाने के लिए नीति निर्धारित की गयी। मनरेगा के तहत संविदा पर कार्यरत क्षेत्रीय पदाधिकारियों और कर्मियों को मानदेय दिया जायेगा। बीपीओ को 19500 रुपये निर्धारित है। पांच साल से कम अनुभव वाले। पांच साल से अधिक वालों के लिए 20 हजार 500 रुपये किया गया। ग्राम रोजगार सेवकों का 7500 से 9500 रुपये को बढ़ा कर 11 हजार से 12 हजार तक किया गया। पथ प्रमंडल गोड्डा के महगामा से दिघी तक 11.59 किलोमीटर तक की सड़क 71.24 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी। साहेबगंज एवं गोड्डा सेमरा-बोयारीजोर से गोड्डा तक 22.8 किलोमीटर सड़क की 87 करोड़ से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी। जामताड़ा जिले में ग्रिड सब स्टेशन और जामताड़ा मधुपुर ट्रांसमिशन लाइन के लिए 88.12 करोड़ की स्वीकृति दी गयी। राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के तहत , वेस्ट बंगाल पावर कारपोरेशन लिमिटेड को पछवारा कोल ब्लाक के लिए सशुल्क वन भूमि ट्रांसफर की गयी। 87 करोड़ रुपये क्षतिपूरक वन रोपन के लिए वन विभाग को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया।

Published / 2022-07-29 16:47:06
एबिलिटी टेस्ट के सहारे शिक्षकों की क्षमता आंक रहा विभाग

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए राज्य सरकार टीचर एबिलिटी टेस्ट के जरिये शिक्षकों की क्षमता को आंक रही है। इस टेस्ट के जरिये सरकार यह जानने का प्रयास कर रही है कि शिक्षक किस विषय में कमजोर हैं, जिसमें उसे प्रशिक्षण की जरूरत है। इस टेस्ट के बाद सरकार शिक्षकों को इन सर्विस ट्रेनिंग दिलाएगी। प्रशिक्षण के पूर्व शिक्षकों का टेस्ट लिया जा रहा है, टेस्ट के बाद शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जायेगा, ताकि इस बात का आकलन किया जा सके कि प्रशिक्षण के बाद शिक्षकों ने क्या सीखा. टीचर एबिलिटी टेस्ट 27 जुलाई से शुरू हुआ जो 30 जुलाई तक चलेगा। इस संबंध में झारखंड शिक्षा परियोजना पर्षद की ओर से सभी प्रखंड संसाधन केंद्र समन्वयक/प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी/प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को पत्र भी जारी किया गया है। यह टेस्ट ट्रेंनिंग नीड एनालिसिस डीएनए के नाम से जाना जाता है। दो घंटे का हो रहा है एग्जाम : यह टेस्ट शिक्षकों को मोबाइल के जरिये देना पड़ रहा है। रजिस्ट्रेशन का समय दिन के 11 बजे निर्धारित है। जिन्हें टेस्ट देना है उनके मोबाईल पर 12 बजे लिंक खुलता है और टेस्ट देने वाले टिचर के मोबाइल में पासवर्ड आ जाता है। टीचर का यूजर आईडी उनका ई विद्यावाहिनी टीचर आईडी होगा, जबकि पासवर्ड पुरे राज्य के लिए एक होगा। इसकी जानकारी राज्य कार्यालय से बनाये गए व्हाट्सएप ग्रुप की माध्यम से बीपीओ को उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे सभी शिक्षक को बताया जायेगा। हर दिन का पासवर्ड अलग अलग होगा। 100 प्रश्न होते हैं : टेस्ट में 100 प्रश्न होते हैं। इसमें हिंदी, इंग्लिश और मैथ्स के सवाल होते हैं। टेस्ट दो घंटे का हो रहा है। टेस्ट दिन के 12 बजे से 2 बजे तक चलता है। क्यों लिया जा रहा टेस्ट : दो साल कोरोना की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित रही। शिक्षक भी क्लास नहीं ले पाये। इस एबिलिटी टेस्ट के जरिये उनकी क्षमता को आंका जा रहा है। सरकार यह जानने का प्रयास कर रही है कि पिछले तीन वर्षों में शिक्षकों की क्षमता कितनी कम हुई है। शिक्षक किस क्षेत्र में कमजोर हुए हैं उसी अनुसार उन्हें प्रशिक्षण दिया जायेगा।

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