टीम एबीएन, इटखोरी (चतरा)। मंत्री सत्यानन्द भोगता शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर चतरा पहुंचे। इस दौरान प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री सत्यानन्द भोगता ने इटखोरी के भद्रकाली मंदिर परिसर में जिलापरिषद से निर्मित अत्याधुनिक नवनिर्मित डाक बंगला का नारियल तोड़कर और फीता काटकर विधिवत उदघाटन किया और जनता की सेवा में समर्पित किया। मंत्री भोगता के समारोह स्थल पर आगमन पर चतरा उपायुक्त ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। मंच से मंत्री सत्यानंद भोगता ने सभी जन प्रतिनिधि, सभी पत्रकार बंधु को कार्यक्रम में समिल्लित होने के लिए सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। साथ ही मां भद्रकाली मंदिर परिसर के और भी ज्यादा विकास के लिए डीपीआर तैयार कर इसको सुदृढ़ करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को जिला प्रशासन के सहयोग से हर योग्य लाभुकों को लाभान्वित करना मेरा प्राथमिकता रहेगा। वहीं उपायुक्त अबु इमरान ने संबोधित करते हुए कहा कि चतरा के दूर दराज से आए ग्रामीण लोगों के साथ साथ पर्यटक जो चतरा मां भद्रकाली मंदिर पूजा अर्चना करने आते है उनको यहां ठहरने की समस्या से बहुत हद तक निजात मिलेगी।मालूम हो कि आधुनिक डाक बंगला का निर्माण दो करोड़ 89 लाख रुपए की लागत से किया गया है। डाक बंगला में दो सूट तथा 26 कमरे हैं। सभी कमरे वातानुकूलित है। जिला परिषद के अधिकारियों ने बताया कि डाक बंगला का संचालन नीलामी के माध्यम से निजी हाथों में दिया जाएगा। ताकि जिला परिषद की आमदनी का जरिया बढ़ाया जा सके। उल्लेखनीय है कि मां भद्रकाली मंदिर परिसर में वर्ष 2015 से आयोजित होते आ रहे राजकीय इटखोरी महोत्सव के आयोजन को देखते हुए इस आधुनिक डाक बंगला का निर्माण किया गया है। इस दौरान सिमरिया विधायक किशुन दास, जिला परिषद अध्यक्षा ममता कुमारी, सांसद प्रतिनिधि निर्भय ठाकुर, उपायुक्त अबु इमरान, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष गुप्ता, अपर समाहर्ता पवन कुमार मंडल, अनुमंडल पदाधिकारी चतरा मुमताज अंसारी समेत अन्य वरीय पदाधिकारी, जन प्रतिनिधि मौजूद थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्ड जारी करने के लिए एक नई सुविधा की शुरुआत की है। यह नई सुविधा साझा पंजीकरण के आधार पर शुरू की गई है, जिसमें रजिस्ट्रेशन के जरिए बेघर लोगों, निराश्रितों, प्रवासियों और अन्य पात्र लाभार्थियों का राशन कार्ड आसानी से बनाया जा सकेगा। आपको बता दें कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) करीब 81.35 करोड़ व्यक्तियों के लिए अधिकतम कवरेज प्रदान करता है। फिलहाल इस अधिनियम के तहत करीब 79.77 करोड़ लोगों को अत्यधिक रियायत आधार पर खाद्यान्न दिया जाता है। माई राशन - माई राइट : केंद्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने जानकारी दी है कि सामान्य पंजीकरण सुविधा (माई राशन-माई राइट) का उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पात्र लाभार्थियों की शीघ्र पहचान करना है ताकि उनका राशन कार्ड बनाने में किसी भी तरह की कोई दिक्कत न आए। पांडे ने बताया कि बीते 7 से 8 वर्षों में अनुमानित 18 से 19 करोड़ लाभार्थियों से जुड़े लगभग 4.7 करोड़ राशन कार्ड विभिन्न कारणों से रद्द कर दिए गए हैं। 11 राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट के रुप में चलेगी योजना : केंद्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने कहा कि वेब आधारित यह नई सुविधा फिलहाल 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पायलट आधार पर लागू की गई है। माह के अंत तक सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शुरू कर दिया जायेगा। इन 11 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश असम, गोवा, लक्षद्वीप, महाराष्ट्र, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, पंजाब और उत्तराखंड शामिल हैं। राशन कार्ड मित्र का दायित्व कोई भी डिजिटल की समझ रखने वाला व्यक्ति निभा सकता है, जिसे सामाजिक दायित्व के तौर पर निभा सकता है। उन्होंने कहा कि "एक देश-एक राशन कार्ड" परियोजना की सफलता के बाद मेरा राशन-मेरा अधिकार को लांच किया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना यानी पीएम किसान योजना की 12वीं किस्त का इंतजार करने वाले करोड़ों किसानों के लिए बड़ी खबर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक ट्वीट के बाद जल्द आपके खाते में 12वीं किस्त के पैसे आ सकते हैं। दरअसल, केंद्र सरकार की ओर से चलाई जाने वाली यह सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है और अभी तक सरकार योजना के तहत किसानों के खाते में 11 किस्त भेज चुकी है। जिन किसानों की केवाईसी अपडेट है, उन्हीं को यह पैदा दिया जा रहा है और केवाईसी अपडेट करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई को बीत चुकी है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही सरकार 12वीं किस्त का पैसा भी खाते में भेज देगी। क्या ट्वीट किया पीएम मोदी ने : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की सफलता को लेकर कई बार बयान दिया है। इस उन्होंने ट्वीट कर कहा, हमारे किसान भाई-बहनों पर देश को गर्व है। ये जितना सशक्त होंगे, हमारा देश भी उतना ही समृद्ध होगा। मुझे खुशी है कि पीएम किसान सम्मान निधि और खेती से जुड़ी अन्य योजनाएं देश के करोड़ों किसानों को नई ताकत दे रही हैं। कब आ सकती है 12वीं किस्त : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 मई को योजना के तहत 11वीं किस्त के पैसे जारी किए थे। इस दौरान 10 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में करीब 21 हजार करोड़ रुपये डाले गए थे। योजना के तहत हर वित्तीय वर्ष में 1 अप्रैल से 31 जुलाई के बीच पहली किस्त, 1 अगस्त से 30 नवंबर के बीच दूसरी किस्त, 1 दिसंबर से 31 मार्च के बीच तीसरी किस्त ट्रांसफर की जाती है। हर किस्त में चार महीने का पैसा होता है और हर महीने 500 रुपये दिए जाते हैं। इस तरह हर किस्त में 2,000 रुपये किसानों के खाते में आते हैं। किसान भाई अपनी किस्त का स्टेटस चेक करने के लिए पीएम किसान की वेबसाइट पर जाएं। यहां फॉर्मर कॉर्नर पर जाकर क्लिक करें। इसके बाद बेनिफिशियरी स्टेटस के ऑप्शन पर क्लिक करें। नया पेज खुलने पर उसमें अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें। इसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करते ही आपको अपने स्टेटस की पूरी जानकारी मिल जायेगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार नई दिल्ली रवाना हुए। सीएम सोरेन दिल्ली में कला, संस्कृति से संबंधित बैठक के अलावा सात अगस्त को नीति आयोग की बैठक में शिरकत करना है। हालांकि सीएम सोरेन के दिल्ली दौरे को लेकर कई तरह की अटकलें भी तेज हैं। उनके दिल्ली दौरे को मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल से जोड़ा जा रहा है। कांग्रेस कोटे के मंत्रियों में फेरबदल की चर्चा अधिक हो रही है। हालांकि एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता का कहना है कि कांग्रेस 15 अगस्त के पहले फेरबदल से बच सकती है, क्योंकि पार्टी महंगाई, बेरोजगारी के मुद्दे पर हमलावर है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने पर पार्टी का काफी जोर है। माना जा रहा है कि सीएम सोरेन के दिल्ली दौरे के क्रम में उनकी मुलाकात कांग्रेस के वरीय नेताओं से हो सकती है। इस दौरान पिछले दिनों कोलकाता में करीब 49 लाख रुपये कैश के साथ कांग्रेस के तीन विधायकों की गिरफ्तारी से उत्पन्न राजनीतिक परिस्थितियों पर विमर्श हो सकता है। सत्तासीन झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति सदस्य सुप्रियो भट्टाचार्य ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि मंत्रिमंडल में फेरबदल मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। जरूरत महसूस होने पर मंत्रियों के प्रदर्शन के मूल्यांकन के आधार पर यदि मुख्यमंत्री फेरबदल करना चाहें तो वह कर सकते हैं। उन्होंने झामुमो कोटे के मंत्रियों के प्रदर्शन के बारे में कहा कि अस्वस्थ होने के बावजूद जगरनाथ महतो ने बहुत अच्छा काम करके दिखाया है। पेयजल संकट से निपटने में मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने उम्दा काम किया है। कल्याण के क्षेत्र में वरिष्ठ मंत्री चंपई सोरेन, जोबा मांझी, हफिजुल हसन ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। 12वें मंत्री के सवाल पर उन्होंने कहा कि टीम 11 खिलाड़ियों की ही अच्छी लगती है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों को अपने कार्यों के साथ अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। निदेशक उद्योग झारखंड के पद पर पदस्थापित जितेंद्र कुमार सिंह को प्रबंध निदेशक जियाडा का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। वहीं उप विकास आयुक्त सह मुख्य कार्यपालक अधिकारी जिला परिषद बोकारो के पद पर पदस्थापित श्रीमती कीर्ति श्री को अपने कार्यों के साथ क्षेत्रीय निदेशक जियाड़ा बोकारो क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने अधिसूचना जारी की है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पर्ल्स के निवेशकों के लिए बड़ी खबर है। उनके पैसे को रिफंड करने की व्यवस्था कर ली गई है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार लोढ़ा कमेटी के पास अब तक पर्ल्स एग्रो कॉरपोरेशल लिमिटेड, पीएसीएल और उसकी सहयोगी कंपनियों में निवेश करने वाले 1.5 करोड़ निवेशकों के रिफंड क्लेम आ चुके हैं। 31 अगस्त तक क्लेम करना है। जस्टिस आरएम लोढ़ा कमिटी ने पीएसीएल लिमिटेड की अचल संपत्तियों को बेचकर अब तक 878.20 करोड़ रुपये जुटा लिए हैं। दरअसल, कमिटी की तरफ से इन पैसों से 60,000 करोड़ रुपये के पोंजी स्कैम केस के पीड़ित निवेशकों का पैसा लौटाया जाना है। कमेटी ने दी जानकारी : लोढ़ा कमेटी ने कहा है कि सीबीआई ने उन्हें पीजीएफ और पीएसीएल कंपनी के स्वामित्व वाले 42,950 प्रॉपर्टी के कागजात समेत रॉल्स रॉयस, पोर्श केयेन, बेंटली और बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज जैसी लग्जरी गाड़ियां भी सौंपीं थी। दूसरी तरफ सरकार के आंकड़ों के अनुसार लोढ़ा कमेटी के पास अब तक पर्ल एग्रो कॉरपोरेशन लिमिटेड, पीएसीएल और उसकी सहयोगी कंपनियों में निवेश करने वाले 1.5 करोड़ निवेशकों के रिफंड क्लेम आ चुके हैं। यानी सरकार के पास क्लेम करने वालों की लंबी लिस्ट पहुंच चुकी है। सरकार कर रही है वसूली : इसके अलावा कमेटी ने पीएसीएल और उसकी सहयोगी कंपनियों के खातों को फ्रीज कर 308.04 करोड़ रुपये जुटाए थे। सरकार ने कंपनी के फिक्स्ड डिपोजिट से भी लगभग 98.45 करोड़ रुपये जुटाये। कंपनी के 75 लग्जरी वहनों को बेचकर 15.62 करोड़ रुपये जुटाए हैं। वहीं, कंपनी के संपत्ति से जुड़े छह दस्तावेजों से 69 लाख रुपये जुटाए गए हैं यानी सरकार एक एक जगह से पैसे जुटा रही है।
टीम एबीएन, रांची। रांची-चोपन रूट पर दोनों ओर से हफ्ते में छह दिन दो ट्रेनों का परिचालन होगा। ट्रेन संख्या 18631/18632 रांची-चोपन एक्सप्रेस तीन दिन वाया लोहरदगा चलेगी, जबकि ट्रेन संख्या 18613/18614 रांची-चोपन एक्सप्रेस तीन दिन वाया बरकाकाना चलेगी। गौरतलब है कि कोरोना काल में बरकाकाना होकर चलनेवाली रांची-चोपन एक्सप्रेस (18613/18614) का परिचालन बंद कर दिया गया था। परिस्थिति सामान्य होने के बाद रांची से चोपन के बीच लोहरदगा होते हुए नयी ट्रेन (18631/ 18632) का परिचालन शुरू किया गया। रांची से ट्रेन संख्या 18631 बुधवार, शुक्रवार और रविवार को चल रही है। वहीं, चोपन से ट्रेन संख्या 18632 सोमवार, गुरुवार और शनिवार को चल रही है। इस बीच रांची रेल मंडल ने वाया बरकाकाना हो कर चलनेवाली ट्रेन (18613/18614) का परिचालन दोबारा शुरू करने की घोषणा कर दी। ट्रेन संख्या 18613 रांची से सोमवार, गुरुवार और शनिवार को चलेगी, जबकि, चोपन से ट्रेन संख्या 18614 बुधवार, शुक्रवार और रविवार को चलेगी। 21 से चलेगी : ट्रेन संख्या 18612 बनारस-रांची एक्सप्रेस ट्रेन के पुनः परिचालन की तिथि में परिवर्तन किया गया है। अब यह ट्रेन 23 अगस्त के बदले 21 अगस्त से ही चलेगी। ट्रेन संख्या 18612 बनारस-रांची एक्सप्रेस प्रत्येक मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार, शनिवार एवं रविवार को दोपहर 3 बजे बनारस से प्रस्थान करेगी तथा रांची सुबह 04.15 बजे पहुंचेगी। चोपन-रांची ट्रेन वाया बरकाकाना का समय बदला : बरकाकाना होकर चलनेवाली चोपन-रांची एक्सप्रेस (18614) की समय सारणी में बदलाव किया गया है। यह ट्रेन चोपन से सुबह 9:00 बजे के बजाय सुबह 8:10 बजे रवाना होगी। सुबह 09.02 बजे रेणुकूट, 10.45 बजे गढ़वा रोड, 11:19 बजे डालटनगंज, 11.55 बजे बरवाडीह, 12:28 बजे लातेहार पहुंचेगी। वहीं, टोरी से रांची के बीच ट्रेन की समय सारणी पूर्ववत रहेगी। यह ट्रेन शाम 7 बजे रांची पहुंचेगी।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची के मोरहाबादी में 9 और 10 अगस्त को झारखंड जनजातीय महोत्सव का आयोजन किया जायेगा। कार्यक्रम को भव्य बनाने की तैयारी की गई है। इसे लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा सभागार में झारखंड जनजातीय महोत्सव का लोगो जारी किया। जनजातीय महोत्सव कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन करेंगे। अब ऐसे में झारखण्ड राज्य जनजातीय महोत्सव 2022 का गवाह बनने जा रहा है। बता दें, इस ऐतिहासिक समारोह में नार्थ ईस्ट के कलाकार भाग लेंगे। वहीं जनजातीय कलाकारों की अद्भुत और अविस्मरणीय कला के प्रदर्शन को लेकर राज्य सरकार की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सीएम हेमंत सोरेन ने आज इस महोत्सव के लोगो का अनावरण किया। इस कार्यक्रम में झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मिजोरम समेत अन्य जनजातीय बहुल राज्यों के कलाकारों के भाग लेने के लिए अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह 9 अगस्त 2022 को अपराह्न एक बजे मोरहाबादी मैदान में होगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन होंगे, जबकि, 10 अगस्त को आयोजित समापन समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल होंगे।
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