राज काज

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Published / 2022-08-24 17:20:25
शिक्षा-स्वास्थ्य क्षेत्र के कायाकल्प को "मिशन मोड" में प्रयास कर रही सरकार : पीएम

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार पूरी निष्ठा और ईमानदारी से देश के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र का कायाकल्प करने का "मिशन मोड" में प्रयास कर रही है। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं को प्रोत्साहन दिया जा रहा है तथा निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी कर प्रभावी सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी (पीपीपी) की जा रही है। यहां 6,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 133 एकड़ क्षेत्र में बने 2,600 बिस्तरों वाले अमृता अस्पताल का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह बात कही। पीएम ने उम्मीद जताई कि अमृता अस्पताल देश के दूसरे सभी संस्थानों के लिए भी एक आदर्श बनेगा। मोदी ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक संस्थानों द्वारा शिक्षा व चिकित्सा से जुड़ी जिम्मेदारियों के निर्वहन की व्यवस्था एक तरह से पुराने समय से है और यह पीपीपी मॉडल ही है लेकिन वह इसे "परस्पर प्रयास" के तौर पर भी देखते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य अपने स्तर से व्यवस्था खड़ी करते हैं और बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों के निर्माण में भूमिका निभाते हैं लेकिन साथ ही धार्मिक संस्थान भी इसका एक महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। उन्होंने कहा, आज देश भी यह कोशिश कर रहा है कि सरकार पूरी निष्ठा और ईमानदारी से मिशन मोड में देश के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र का कायाकल्प करें। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी कर प्रभावी पीपीपी मॉडल तैयार हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही देश ने एक नयी ऊर्जा के साथ आजादी के "अमृत काल" में प्रवेश किया है और इसमें देश के सामूहिक प्रयास प्रतिष्ठित हो रहे हैं तथा देश के सामूहिक विचार जागृत हो रहे हैं। उन्होंने कहा, मुझे खुशी है अमृत काल की इस प्रथम बेला में मां अमृतानंदमयी के आशीर्वाद का अमृत भी देश को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अमृता अस्पताल के रूप में फरीदाबाद में आरोग्य का इतना बड़ा संस्थान स्थापित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल इमारत व प्रौद्योगिकी के हिसाब से जितना आधुनिक है, सेवा, संवेदना और आध्यात्मिक चेतना के हिसाब से भी उतना ही अलौकिक है। उन्होंने कहा, आधुनिकता और आध्यात्मिकता का समागम गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की सेवा का, उनके लिए सुलभ प्रभावी इलाज का मध्यम बनेगा। उद्घाटन समारोह में हरियाणा के राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, केंद्रीय मंत्री व फरीदाबाद के सांसद कृष्ण पाल गुर्जर, अम्मा के नाम से प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी देवी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने अस्पताल के प्रांगण में दीप प्रज्जवलित भी किया। चरणबद्ध तरीके से होगा विकसित : अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस अस्पताल का प्रबंधन माता अमृतानन्दमयी मठ करेगा। दिल्ली-मथुरा रोड पर फरीदाबाद के सेक्टर 88 स्थित इस अस्पताल में शुरुआत में 500 बेड की व्यवस्था रहेगी और अगले पांच वर्षों में इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जायेगा। अधिकारियों के मुताबिक पूरी तरह तैयार होने के बाद यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और देश के सबसे बड़े निजी अस्पतालों में शुमार हो जायेगा। इसमें शोध के लिए समर्पित एक सात मंजिला ब्लॉक भी होगा। अस्पताल की मुख्य इमारत 14 मंजिलों की होगी और इसके शीर्ष पर एक हेलीपैड भी होगा।

Published / 2022-08-24 17:13:37
अब झारखंड के पुलिसकर्मियों को भी मिलेगा क्षतिपूर्ति अवकाश

टीम एबीएन, रांची। सीएम हेमंत सोरेन ने राज्य कैबिनेट के द्वारा पुलिसकर्मियों के लिए क्षतिपूर्ति अवकाश सहित अन्य प्रस्तावों की दी गई स्वीकृति पर खुशी जताते हुए विरोधियों पर जमकर निशाना साधा है। झारखंड मंत्रालय में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जहां अपनी सरकार की उपलब्धि गिनाते नजर आए वहीं विरोधी दल पर तंज कसते हुए नजर आये। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की उपलब्धि विरोधी को पच नहीं रहा है और उनके पेट में दर्द हो रहा है। यह सरकार जनता की सरकार है और यही वजह है कि पुलिसकर्मियों की मांग हो या ओल्ड पेंशन के कर्मचारियों की मांग सरकार ने पूरा करने की कोशिश की है। आंगनबाड़ी सेविका सहायिका और पारा शिक्षकों की मांग को भी सरकार ने पूरा कर लंबे समय से चल रहे आंदोलन को समाप्त कराने का काम किया है। सरकार की स्पष्ट सोच है कि राज्य के हर नागरिक के चेहरे पर मुस्कान हो। इस राज्य के हर कर्मचारी के चेहरे पर खुशी हो। इस राज्य के हर वर्ग को न्याय मिले आखिर सरकार उन्हीं के लिए बनी है। सीएम हेमंत सोरेन ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि 20 वर्षों में राज्य को लोगों ने चारागाह बना दिया था। आज जब राज्य की दिशा मजबूत हो रही है, वहीं दशा भी सुरक्षित हो रही है। आज यहां के आदिवासी, दलित, पिछड़े वर्ग के युवक युवतियां विदेशों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं लेकिन कुछ लोगों को ये बात रास नहीं आ रही है। उनके पेट में दर्द हो रहा है। आज देश का आम नागरिक किस तरह परेशान है वह सामने है। हर वक्त सिर्फ राजनीतिक बिसात, राजनीतिक षडयंत्र लगता है कुछ लोगों की आदत सी बनी हुई है।

Published / 2022-08-24 15:49:24
कांग्रेस का यू-ट्यूब चैनल डिलीट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कांग्रेस पार्टी का यूट्यूब चैनल डिलीट हो गया है। पार्टी की ओर से अकाउंट डिलीट होने की जानकारी दी गई है। आखिर किस वजह से ये चैनल डिलीट हुआ है इसकी जांच की जा रही है। कांग्रेस ने यूट्यूब और गूगल दोनों से संपर्क साधा है। पार्टी ने अपने चैनल को फिर रीस्टोर करने की मांग की है। कांग्रेस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि हमारा यूट्यूब चैनल इंडियन नेशनल कांग्रेस डिलीट हो गया है। हम इसे रीस्टोर करने की कोशिश कर रहे हैं। यूट्यूब-गूगल की टीम से बातचीत जारी है। जांच की जा रही है कि यह कैसे हुआ? यह कोई पहली बार नहीं है इससे पहले भी देश के कई बड़े नेताओं के ट्विटर हैंडल हैक होते देखे गए हैं, लेकिन किसी पार्टी का पूरा यूट्यूब चैनल ही डिलीट हुआ हो यह पहली बार देखने को मिला है। हैंकिंग का शक जरूर जताया जा रहा है, लेकिन अभी तक इस बारे में पुख्ता जानकारी नहीं आई है। ऐसे में इंतजार किया जा रहा है।

Published / 2022-08-24 15:10:34
झारखंड : मंत्रिपरिषद की बैठक में लिये गये कई अहम निर्णय

टीम एबीएन, रांची। झारखंड मंत्रालय में 24 अगस्त 2022 को मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गयी। जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। वे इस प्रकार हैं : ★ राँची विश्वविद्यालय, राँची के अन्तर्गत नवस्थापित डिग्री महाविद्यालयों में प्राचार्य, सहायक प्राध्यापक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के पदों के सृजन तथा महाविद्यालयों में संकाय की स्वीकृति दी गई। ★ बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, धनबाद के अन्तर्गत नवस्थापित डिग्री महाविद्यालयों में प्राचार्य, सहायक प्राध्यापक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के पदों के सृजन तथा महाविद्यालयों में संकाय की स्वीकृति दी गई। ★ श्री बिजय वर्मा, झा.प्र.से., (कोटि क्रमांक-34/20), अवर सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखण्ड, राँची द्वारा माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय में दायर W.P.(S) NO- 4443ध/2021 तथा सदस्य, राजस्व पर्षद के अध्यक्षता में परिचालन के माध्यम से प्राप्त अनुशंसा के आलोक में दिनांक-28.09.2021 के भूतलक्षी प्रभाव से अनुमण्डल पदाधिकारी एवं समकक्ष कोटि से अपर समाहर्ता एवं समकक्ष कोटि में वित्तीय लाभ सहित सशर्त्त प्रोन्नति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई। ★ कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार का मॉडल अधिनियम प्रारूप के अनुसार कृषि उपज एवं पशुधन विपणन (संवर्धन एवं सुविधा) अधिनियम, 2017 को कतिपय संशोधन के साथ अंगीकृत करते हुए, झारखण्ड राज्य कृषि उपज एवं पशुधन विपणन (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2022 को वापस लेने की स्वीकृति दी गई। ★ गोमिया एवं डुमरी बिहार स्टेशन के बीच पेटरवार-गोमिया-नरकी-बिशुनगढ़ पथ के चैनेज 26.150 कि.मी में L.C. NO. 11/A/T के स्थान पर पथ उपरी पुल (आर.ओ.बी.) के निर्माण कार्य हेतु रु. 83,31,96,390/- (तेरासी करोड़ एकतीस लाख छियानवे हजार तीन सौ नब्बे) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति एवं रेलवे द्वारा पथ उपरी पुल (आर.ओ.बी.) के निर्माण कार्य हेतु आवश्यक राशि की अग्रिम निकासी कर राशि (भू-अर्जन की राशि को छोड़कर) रेलवे को उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई। ★ राँची अन्तर्गत “बिरसा मुण्डा एयरपोर्ट (हुण्डरू)-हेथु-चन्दाघासी-रिंग रोड (कोचबांग) पथ (कुल लंबाई-6.950 कि.मी.) के र्निर्माण कार्य (पुल निर्माण एवं भू-अर्जन सहित)“ हेतु रू. 211,98,02,500/- (दो सौ ग्यारह करोड़ अठानवें लाख दो हजार पाँच सौ) मात्र का प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई। ★ झारखण्ड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत् आच्छादित होने वाले लाभुकों की अधिकतम संख्या 15 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने की स्वीकृति दी गई। ★ प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत् राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के लाभुकों को अप्रैल, 2022 से सितम्बर, 2022 तक के अवधि के लिए 05 किलोग्राम खाद्यान्न प्रति लाभुक प्रतिमाह मुफ्त वितरित करने हेतु खाद्यान्न के परिवहन, हथालन एवं वितरण कार्य हेतु राज्य सरकार पर संभावित व्यय राशि रू. 36.00 करोड़ (छतीस करोड़) मात्र की स्वीकृति दी गई। ★ स्पेशल ऑक्जलरी पुलिस (SAP) के दोनों वाहिनियों का कार्यकाल विस्तार एवं अनुबंध पर कार्यरत पदाधिकारियों/कर्मियों के अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई। ★ धनबाद जिलान्तर्गत अंचल-निरसा के मौजा-पिण्ड्राहाट मौजा अंतर्निहित कुल रकबा-1.49 एकड़ अनाबाद बिहार/झारखण्ड सरकार (गैर आबाद खास) खाते की भूमि कुल देय राशि रूपये 90,24,245/- (नब्बे लाख चौबीस हजार दो सौ पैंतालीस) मात्र की अदायगी पर नॉर्थ कर्णपुरा ट्रांस्को लिमिटेड (NKTL) को 400/220 के.वी. विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण हेतु 30 वर्षों के लिए सःशुल्क लीज बंदोबस्ती करने की स्वीकृति दी गई। ★ सप्तम वेतन पुनरीक्षण के फलस्वरूप नई वेतन संरचना में वेतन निर्धारण हेतु विकल्प चयन की स्वीकृति दी गई। ★ लोक सभा/ विधान सभा/ शहरी स्थानीय निकाय/ पंचायत चुनाव के दरम्यान निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्त कर्मियों को नक्सली/उग्रवादी हिंसात्मक घटनाओं/दुर्घटना से आकस्मिक मृत्यु/ अपंगता की स्थिति में अनुग्रह क्षतिपूर्ति अनुदान के संबंध में निर्गत संकल्प संख्या-208, दिनांक-13.09.2019 में संकल्प संख्या-87, दिनांक-19.08.2021 द्वारा किये गये आंशिक संशोधन को निरस्त करने की स्वीकृति दी गई। ★ मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना अन्तर्गत रोगी श्री जिम्मी कुमार पोद्यार, पिता-श्री अनिल चन्द्र पोद्यार, ग्राम-बनतारा, पो.-गोला, थाना-गोला, जिला-रामगढ़ को ब्लड कैंसर रोग के ईलाज हेतु निर्धारित सीमा से अधिक राशि प्रदान करने के मामले में मंत्रिमण्डल की अनुशंसा प्राप्त कर विभाग द्वारा स्वीकृति प्रदान करने स्वीकृति दी गई। ★ प्राथमिक विद्यालयों में इण्टरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य के 20825 पद एवं मध्य विद्यालयों में स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्य के 29175 पद की स्वीकृति दी गई। ★ वित्तीय वर्ष 2022-23 में मुख्यमंत्री ग्रामीण जलापूर्ति योजना अन्तर्गत "जिला खनिज फाउन्डेशन ट्रस्ट (DMFT)" मद में प्राप्त राशि से PMKKY के तहत् जिला फाउन्डेशन ट्रस्ट न्यास परिषद/प्रबंधकीय समिति द्वारा अनुशंसित राज्य के खनिज क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था के निमित्त पेयजल एवं स्वच्छता प्रमण्डल, रामगढ़ अन्तर्गत सोसोकला-हेमन्तपुर एवं आसन्न ग्रामों में ग्रामीण जलापूर्ति योजना के प्रथम पुनरीक्षित राशि रूपये 3179.04000 लाख मात्र पर योजना की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति एवं पुनरीक्षण के फलस्वरूप वर्धित राशि रूपये छ: करोड़ नौ लाख इक्यावन हजार पाँच सौ रूपये) मात्र पर व्यय की स्वीकृति दी गई। ★ विशिष्ट इंडिया रिजर्व (आदिम जनजाति) बटालियन में आरक्षी के पद पर नियुक्ति हेतु अधिसूचित नियम में संशोधन की स्वीकृति दी गई। ★ वित्तीय वर्ष 2022-23 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। ★ कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखण्ड के अधीन निदेशक गव्य विकास, झारखण्ड, राँची के एकल पद पर अतंवीक्षा के आधार पर नियुक्ति हेतु अंकों एवं अधिमानता के निर्धारण को "निदेशक, गव्य विकास, झारखण्ड के पद पर नियुक्ति हेतु भर्ती एवं सेवा शर्त नियमावली, 2011" में समाविष्ट किये जाने संबंधी प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गई। ★ डॉ० गुणाधर मांझी, तत्कालीन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, पाकुडिया, पाकुड़ सम्प्रति चिकित्सा पदाधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, रायडीह गुमला, को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति दी गई। ★ केन्द्र प्रायोजित मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर अन्तर्गत राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत पी०एल०खाते में संधारित अवशेष राशि रू. 842.792 लाख (आठ करोड़ बयालीस लाख उनासी हजार दो सौ रुपये) मात्र को इस योजना हेतु खोले गये स्टेट नोडल अकाउंट में हस्तांतरित करने हेतु झारखण्ड कोषागार संहिता के नियम 332 को शिथिल करने की स्वीकृति दी गई। ★ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के अधीन संचालित विभिन्न योजनाओं (60% केन्द्राशः 40% राज्यांश) के लिए वित्तीय वर्ष 2016-17 में पी०एल० खाते में जमा राज्यांश मद की राशि कुल 52.18,73,477 /- (बासठ करोड़ अठारह लाख तिहत्तर हजार चार सौ सतहत्तर) रूपये की झारखण्ड कोषागार संहिता के नियम-332 को छाँत करते हुए अग्रिम निकासी कर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखण्ड के SNA खाते में हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी गई। ★ कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखण्ड के अधीन झारखण्ड पशुपालन सेवा के पशुचिकित्सक की सीधी भर्ती एवं विशेष भर्ती (बैकलॉग) (विज्ञापन संख्या 04/2021 एवं 05/2021) हेतु अधिकतम एवं न्यूनतम आयु की गणना हेतु कट-ऑफ तिथि के निर्धारण की स्वीकृति दी गई। ★ केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 (The Dam Safety Act, 2021) के तहत झारखण्ड राज्य में State Committee on Dam Safety (SCDS) के गठन की स्वीकृति के संबंध में। ★ केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 (The Dam Safety Act, 2021) के तहत झारखण्ड राज्य में नए सिरे से राज्य बांध सुरक्षा संगठन ( State Dam Safety organisation, SDSO) के गठन की स्वीकृति दी गई। ★ राज्य योजनान्तर्गत विभिन्न स्कूलों/पुर्नवास केन्द्रों/छात्रवासों/गृहों का योजना से स्वयंसेवी संस्थानों के माध्यम से दिव्यांगजनों के लिए मूक-बधिर एवं स्पेष्टीक विद्यालयों के संचालन की स्वीकृति दी गई। ★ राज्य योजनान्तर्गत संचालित मुख्यमंत्री सुकन्या योजना" के मार्ग निर्देश में संशोधन की स्वीकृति दी गई। ★ Post GST Payment of pending bills related to work orders. issued during Pre-GST period के सम्बन्ध में Standard Operating Procedure (SOP)/Directive से संबंधित अधिसूचना पर मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई। ★ झारखण्ड पुलिस के अराजपत्रित कर्मियों में से चतुर्थवर्गीय कर्मी, सिपाही, हवलदार, सहायक अवर निरीक्षक, अवर निरीक्षक एवं निरीक्षक देय एक माह के मूल वेतन के बराबर मानदेय भुगतान के संबंध में क्षतिपूर्ति अवकाश की देयता को पुनः बहाल करने की स्वीकृति दी गई। ★ झारखण्ड प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के स्वरूप में बदलाव करते हुए राज्य में अवस्थित राज्य सरकार द्वारा संचालित विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 10 तक अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने विषयक नियमावली के गठन की स्वीकृति दी गई। ★ मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना अंतर्गत राज्य के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार एवं उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने हेतु अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग एवं दिव्यांग वर्ग के युवाओं को ऋण-सह-अनुदान उपलब्ध कराने ऋण की वसूली गारंटर हेतु मापदंड का निर्धारण एवं EMI की गणना की स्वीकृति दी गई। ★ झारखण्ड पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के स्वरूप में बदलाव करते हुए झारखण्ड राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्रा को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने विषयक नियमावली के गठन की स्वीकृति दी गई। ★ श्री बिजय कुमार, झारखंड प्रशासनिक सेवा, जिला परिवहन पदाधिकारी हजारीबाग को माननीय झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा W.P.(S) NO.944/2020 में पारित आदेश के आलोक में अनुमंडल पदाधिकारी एवं समकक्ष कोटि में प्रदान की गई वैचारिक प्रोन्नति का वित्तीय लाभ प्रदान करने की स्वीकृति दी गई। ★ वित्तीय वर्ष 2022-23 में टैरिफ सब्सिडी योजना मद में स्वीकृत राशि रू. 1690.00 करोड़ के अंतर्गत तृतीय किस्त की राशि की तत्काल निकासी की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। ★ राज्य में सड़क दुर्घटनाओं एवं तद्जनित जान-माल की हानि को न्यूनतम करने के लिए तकनीकी सुविधाएं, अनुसंधान तथा सभी स्टेकहोल्डर विभागों के लिए वैज्ञानिक कार्य प्रणाली विकसित करते हुए पर्यवेक्षण करने हेतु तकनीकी सहयोगी के रुप में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास को मनोनयन के आधार पर नामित करने की स्वीकृति दी गई। ★ पंचम झारखंड विधानसभा का (नवम) मानसून सत्र ( दिनांक 29 जुलाई 2022 से 4 अगस्त 2022 तक) के सत्रावसान हेतु मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई। ★ राज्य में नवसृजित 134 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों हेतु चिकित्सा पदाधिकारी एवं पारामेडिकल कर्मियों के कुल 1990 पदों का सृजन एवं 1990 पदों के प्रत्यर्पण की स्वीकृति दी गई। ★ वित्तीय वर्ष 2022-23 में मुख्यमंत्री ग्रामीण जलापूर्ति योजना अंतर्गत "जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट न्यास परिषद/प्रबंधकीय समिति द्वारा अनुशंसित राज्य के खनिज क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था के निमित्त पेयजल एवं स्वच्छता प्रमण्डल रामगढ़ अंतर्गत सोसोकला-हेमन्तपुर एवं आसन्न ग्रामों में ग्रामीण जलापूर्ति योजना के प्रथम पुनरीक्षित राशि रुपए 3179.04000 लाख मात्र पर योजना की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति एवं पुनरीक्षण के फलस्वरुप वर्धित राशि रुपए 609.51500 लाख मात्र पर व्यय की स्वीकृति दी गई। ★ माननीय झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा W.P.(S) No- 5453/2018 में दिनांक 20 दिसंबर 2018 को पारित आदेश के अनुपालन के क्रम में श्री भरत लाल, कंप्यूटर ऑपरेटर-सह-टंकक, अभियंता प्रमुख-सह-अपर आयुक्त-सह-विशेष सचिव का कार्यालय, ग्रामीण कार्य विभाग, झारखंड रांची के का०प्र०सु० तथा रा०विभाग की अधिसूचना संo-1348 दिनांक 13 फरवरी 2015 द्वारा अधिसूचित एवं अधिसूचना संख्या-4871 दिनांक 20 जून 2019 द्वारा यथा संशोधित सेवा नियमितीकरण नियमावली के प्रावधानों के तहत सेवा नियमित करने की स्वीकृति दी गई।

Published / 2022-08-24 03:32:15
रांची : प्रेम प्रकाश के दफ्तर से दस्तावेज खंगालने में जुटी जांच एजेंसी ईडी

टीम एबीएन, रांची। रांची के हरमू इलाके में चर्चित प्रेम प्रकाश के दफ्तर में ईडी ने छापेमारी शुरू कर दी है। यह दफ्तर काफी दिनों से बंद है, लेकिन इसके पहले यहां प्रेम प्रकाश का दफ्तर था। सीआरपीएफ की टीम दफ्तर की घेराबंदी किए हुए है।

Published / 2022-08-23 15:18:30
खूंटी को कुपोषणमुक्त जिला बनाने में सबकी भूमिका अहम : उपायुक्त

टीम एबीएन, खूंटी/रांची। आज उपायुक्त शशि रंजन की अध्यक्षता में खूंटी जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला के दौरान प्रशासन व विभिन्न संस्थाओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा करते हुए पीपीटी के माध्यम से जिला अंतर्गत किये जा रहे कार्यों और किये जाने वाले कार्यों से अवगत कराया गया। साथ हीं विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा करते हुए गर्भवती महिलाओं, माताओं, किशोरियों , बच्चों के पोषण की आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्यों से सभी को अवगत कराया गया। वहीं कार्यशाला के दौरान फिया फाउंडेशन के प्रतिनिधि दीपक कुमार ने अपने प्रेजेंटेशन के माध्यम से कुपोषण को लेकर किये गए कार्य एवं आवश्यक सुझाव व इस दिशा में बेहतर कार्य करने के उपयोगी तरीकों से सभी को अवगत कराया। इसके अलावे कार्यक्रम के दौरान प्रदान, वर्ल्ड विजन व एकजुट संस्था के प्रतिनिधियों ने भी पीपीटी के माध्यम से कुपोषण से सम्बन्धित विषयों पर जानकारी दी। कार्यशाला में वी.सी के माध्यम से उऋठर, फिया फाउंडेशन के प्रतिनिधि व अन्य समाज सेवी उपस्थित थे। साथ ही जिले के विभिन्न प्रखण्डों से आयी आंगनबाड़ी सेविकाओं ने भी कार्यक्रम के दौरान अपनी जिज्ञासाओं को प्रस्तुत किया। पोष्टिक आहार, साफ-सफाई और स्वस्थ्य भोजन को बनाये अपने जीवनशैली का आधार : उपायुक्त- कार्यशाला के दौरान उपायुक्त द्वारा बताया गया कि कुपोषण के प्रति गंभीर दृष्टिकोण अपनाते हुए संबंधित कार्यों के उचित संचालन व क्रियान्वयन को लेकर जनभागीदारी और आपसी समन्वय की आवश्यकता है, ताकि अपने समाज और जिले से कुपोषण की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके। ऐसे में लोगों को जागरूक करने का सशक्त माध्यम है ग्राम सभाएं। वहीं कार्यशाला आयोजन का मुख्य उदेश्य भी है कि शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पोषण के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सके। साथ ही उपायुक्त ने कहा कि जनभागीदारी और समाज के हर तबके के लोगों, स्वयंसेवी संस्थाओं, अधिकारियों, कर्मचारियों की भागीदारी को शत प्रतिशत सुनिश्चित करते हुए ही समाज से व्याप्त कुपोषण को दूर किया जा सकता है। आज हेल्दी डाइट चार्ट ना सिर्फ रोगी के लिए फायदेमंद होता है, बल्कि सभी लोगों को इससे लाभ मिलता है, क्योंकि दैनिक आहार तालिका का पालन कर आप खुद के साथ अपने परिवार को भी स्वस्थ बना सकते हैं। भोजन में अनेक पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर के विकास एवं वृद्धि के लिए आवश्यक होते हैं। सामुदायिक स्तर पर कुपोषण को लेकर जागरूकता जरूरी : आगे उपायुक्त द्वारा बताया गया कि जिले में कुपोषित बच्चों की उचित देखभाल व आवश्यक उपचार को लेकर न्यूट्रिशन आॅन व्हील कार्यक्रम चलाया गया। इस माध्यम से मोबाईल केयर यूनिट के माध्यम से सर्वप्रथम सर्वे कर कुपोषित बच्चों को चिन्हित किया जाता है। इसके पश्चात पँचायत स्तर पर 15 दिनों के लिए कैम्प लगाकर बच्चों की देखभाल के साथ-साथ माताओं को जागरूक किया गया एवं उन्हें स्थानीय साग-सब्जियों एवं पौष्टिक आहार की जानकारी दी गयी। साथ ही बच्चों के वजन को लेकर उनकी ट्रेकिंग भी की गई। साथ ही इस दौरान बच्चों और माताओं को उचित पौष्टिक आहार भी उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्तर पर सुविधाएं ग्राम स्तर तक पहुंचें इस उद्देश्य से सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की योजना है। आवश्यक पोषक तत्वों और कैलोरी के संयोजन के साथ एक संतुलित आहार मानव शरीर के सुचारू रूप से काम करने और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही सबसे महत्वपूर्ण है कि समाज के वंचित एवं कमजोर वर्ग के लोगों तक कुपोषण के कारणों की जानकारी आसानी से पहुंचाई जाए। दूसरी तरफ बच्चों, गर्भवती एवं धातृ महिलाओं को पौष्टिक आहार, एनीमिया, स्वच्छता और साफ सफाई के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक करने का प्रयास सही तरीके से किया जाए। जिले के पदाधिकारियों व सेविकाओं के साथ हुई चर्चा : कार्यशाला के दौरान उपस्थित जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सिविल सर्जन, ऊढट खरछढर, जिला शिक्षा पदाधिकारी व अन्य अधिकारियों ने कुपोषण के सम्बंध में अपने विचार व्यक्त किये। इस दौरान बताया गया कि अपने भोजन को पोषण से भरपूर बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि आप उसमें दैनिक तौर पर प्रोटीन, विटामिन, कैल्शियम, खनिज-लवण और एंटी आॅक्सिडेंट्स की संतुलित मात्रा शामिल करें। अपने भोजन में उन चीजों को शामिल करें, जिनमें आपको पोषण देने वाली ऐसी तमाम चीजें पर्याप्त मात्रा में हैं। खाने में सही पोषण पाने के लिए यह बेहद जरूरी है कि आप यह जानें कि किस चीज को किस रूप में खाना ज्यादा फायदेमंद है। खुद को स्वस्थ रखने के लिए काबोर्हाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, कैल्शियम, विटामिन, खनिज लवण सबकी संतुलित मात्रा होना जरूरी है। आज के समय में मड़ुआ, उसना चावल के अलावा हमें भोजन के रूप में अपने पुरानी जीवनशैली को अपनाने की आवश्यकता है, ताकि सही पोषण हमारे शरीर को मिलता रहें। स्वस्थ जीवन शैली पोषण का आधार : कार्यशाला के दौरान बताया गया कि कुपोषण मुक्त अभियान के माध्यम बच्चों में ठिगनापन, कम वजन, जन्म के समय बच्चे का कम वजन का होना, बच्चे-बच्चियों में एनीमिया को कम करना है। इस अभियान के तहत बच्चों को स्तनपान कराने के लिए माताओं को जागरूक करना है। छोटे बच्चों के पूरक पोषाहार के सबंध में बताना है और उनके परिजनों को इससे जुड़ी जानकारी से अवगत कराना है, ताकि सही मायनों में कुपोषण मुक्त समाज व जिला की परिकल्पना को साकार किया जा सके। पोषण वाटिका व किचन गार्डन की पद्धति को अपने घरों में शुरू करने की आवश्यकता : इसके अतिरिक्त कार्यशाला के दौरान बताया गया कि कुपोषण के कारण किसी भी पुरूष, महिला व बच्चों का सर्वांगीण विकास नहीं हो पाता है, जिससे उनके कार्य करने की क्षमता भी घटती है और इसका दुष्परिणाम उस व्यक्ति के साथ उसके परिवार, समाज को प्रभावित करता है। साथ ही बताया गया कि यदि घर के आस-पास पोषण वाटिका को विकसित किये जाय तभी पोषण के प्रति सही राह दिखेगी एवं बच्चे व परिवार पौष्टिक आहार भी प्राप्त करेंगे। हर घर में आज जंक फूड, बाहर के खाने का प्रचंलन बढ़ता जा रहा है, जो की हमारे शरीर के लिए अत्यंत नुकसानदेह है। वर्तमान में आवश्यक है कि हम अपने खान-पान में अपनी पुरानी जीवनशैली को अपनाए और उसका पालन करें, ताकि शरीर को सही तरीके से पोषण मिलता रहें। भोजन से विभिन्न पौष्टिक तत्व मिलते हैं, जैसे- प्रोटीन, वसा, खनिज-लवण, विटामिन्स और जल आदि। पौष्टिक तत्व आपके शरीर में पोषण स्तर को बनाए रखता है ताकि आप स्वस्थ रहें। इसलिए ना केवल जीवित रहने के लिए, बल्कि स्वस्थ और सक्रिय जीवन बिताने के लिए संतुलित आहार का सेवन करना जरूरी होता है। साथ हीं बताया गया की सरकार की ओर से गर्भ से लेकर बच्चों के व्यस्क होने तक पोषण संवर्द्धन कार्यक्रम चलाये है रहे हैं। इसके बावजूद भी समाज के कई स्तरों पर शिशु एवं मातृ कुपोषण की स्थिति विद्यमान है। इसकी मूल वजह जनभागीदारी और जागरुकता की कमी है। लोगों के बीच जागरुकता उत्पन्न कर इस स्थिति में सुधार लाया जा सकता है। बताया गया कि 1 से 6 वर्ष के बीच के बच्चों को तथा धात्री एवं गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से मुक्त बनाना उद्देश्य है।

Published / 2022-08-23 12:09:08
मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा छात्रवृत्ति योजना के सहारे शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनेगा झारखंड

टीम एबीएन, रांची। झारखण्ड के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब झारखंड के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिभाशाली बच्चों को ब्रिटिश हाई कमीशन से शेवनिंग मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा छात्रवृत्ति प्रदान की जायेगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रयास से ब्रिटिश उच्चायोग द्वारा अधिकतम पांच छात्र, छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए मरङ गोमके जयपाल सिंह मुण्डा छात्रवृत्ति योजना के साथ साझेदारी करते हुए शेवनिंग मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई है। यह वैश्विक छात्रवृत्ति योजना अपने आप में अनूठी है। अब यहां के पिछड़े समाज के प्रतिभाशाली बच्चों को वैश्विक छात्रवृत्ति मिलेगी। इस संबंध में राज्य सरकार विदेश राष्ट्रमंडल विकास कार्यालय (एफसीडीओ), ब्रिटिश उच्चायोग, नई दिल्ली के साथ 23 अगस्त को एमओयू करेगी। अभी तक झारखण्ड सरकार मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के जरिए यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एण्ड नॉर्दन आयरलैण्ड के चयनित संस्थानों, विश्वविद्यालयों के चयनित पाठ्यक्रम में अध्ययन के लिए अनुसूचित जनजाति के छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही थी। अब अन्य वर्गों यथा अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को इससे लाभान्वित किया जायेगा। इस एमओयू के तहत प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष के लिए शेवनिंग मरङ गोमके जयपाल सिंह मुंडा छात्रवृत्ति योजना हेतु अधिकतम 5 (पांच) छात्र/छात्राओं का चयन किया जायेगा। चयनित पांच छात्र/छात्राओं का सम्पूर्ण ट्यूशन फीस झारखण्ड सरकार वहन करेगी। वहीं शेष लागतों का वहन विदेश राष्ट्रमंडल विकास कार्यालय और ब्रिटिश उच्चायोग (एफसीडीओ) करेगा। एमओयू के तहत सभी भुगतान भारत सरकार के द्वारा अनुमोदित दिशा निर्देश के आलोक में होगा।

Published / 2022-08-23 10:51:05
पद्म पुरस्कार के लिए कोई भी 15 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर मिलने वाले पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन, सिफारिश या आवेदन करने की आखिरी तारीख 15 सितंबर है। नामांकन प्रक्रिया की बात करें तो सिर्फ ऑनलाइन ही नामांकन या सिफारिश की जा सकती है। इसके लिए आवेदनकर्ता को awards.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा। पद्म अवॉर्ड की बात करें तो इसमें पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री अवॉर्ड शामिल हैं। यह देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार दिए जाने वाले पुरस्कारों में से है। मालूम हो कि 1954 से हर साल गणतंत्र दिवस के मौके पर इसकी घोषणा होती है। पद्म पुरस्कार कला, साहित्य और शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान, सिविल सेवा, व्यापार समेत कई क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियां हासिल करने वालों और विशिष्ट काम कर देश की सेवा करने वालों को दिया जाता है। इस साल दिए गए पद्म पुरस्कारों की बात करें तो 128 हस्तियों को इन पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। इनमें 4 को पद्म विभूषण, 17 को पद्म भूषण और 107 को पद्म श्री से नवाजा गया था। कोई व्यक्ति भी खुद से पद्म पुरस्कार के लिए अपना नामांकन कर सकता है। इसके लिए awards.gov.in वेबसाइट पर जाकर नॉमिनेशन / अप्लाई नाउ के टैब पर क्लिक करना है। इसके बाद आवेदनकर्ता को मांगी गई जानकारी देनी होगी। साथ ही अपने काम के बारे में भी बताना होगा। इन तमाम जानकारी की शब्द सीमा 800 है। क्या है चयन प्रक्रिया : चयन प्रक्रिया की बात करें तो पद्म पुरस्कारों के नामों पर विचार करने के लिए हर साल प्रधानमंत्री द्वारा एक कमेटी का गठन किया जाता है। कमेटी के अध्यक्ष कैबिनेट सचिव होते हैं। नामों पर विचार करने के बाद कमेटी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को पद्म पुरस्कारों के नामों की सिफारिश करती है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद पद्म पुरस्कारों के नाम तय होते हैं और इसके बाद इसकी घोषणा होती है। संख्या की बात करें तो एक साल में 120 से ज्यादा पद्म पुरस्कार नहीं दिए जाते हैं। हालांकि कई मामलों में इसमे छूट भी ली जाती है। अगर पुरस्कार में मरणोपरांत और विदेशियों को दिए जाने वाले पुरस्कार शामिल हैं तो संख्या 120 के पार हो सकती है।

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