टीम एबीएन, पलामू/ रांची। दो दिवसीय दौरा पर पलामू पहुंची कृषि एवं पशुपालन निदेशालय की टीम आज दूसरे दिन पलामू जिले के विभिन्न प्रखंड क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान पलामू में वर्षा कम होने के कारण उत्पन्न स्थिति का आकलन किया। पलामू आने वालों में कृषि एवं बागवानी निदेशक निशा उरांव सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। अधिकारियों ने अलग-अलग प्रखंड क्षेत्रों का दौरा किया और धान की रोपनी सहित अन्य फसलों के अच्छादन एवं वर्षा कम होने के कारण उत्पन्न स्थिति एवं किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं से अवगत हुए। साथ ही कृषि एवं वागवानी तथा पशुपालन निदेशालय से संचालित विभिन्न योजनाओं को लेकर जागरूक किया और इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कृषि निदेशक निशा उरांव के नेतृत्व में कृषि पदाधिकारियों का दल नावा बाजार प्रखंड के तुकबेरा, बाना, ईटकों, कंडा तथा पंडवा प्रखंड क्षेत्र के कोकरसा, भुसरा, मानहार आदि पंचायतों एवं गांवों का भ्रमण किया। उन्होंने पाया कि वर्षा कम होने से स्थिति बहुत संकटमय है। ऐसी स्थिति पर उन्होंने सरकार को रिपोर्ट सौंपने की बातें कही, ताकि सरकार किसान हित में ठोस निर्णय ले सकें। उन्होंने किसानों को रवि की अगेती फसल लगाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही किसानों को ब्लॉकचेन सिस्टम में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम में रजिस्ट्रेशन से किसानों को फायदा होगा। उन्होंने फसल विविधीकरण के संबंध में जानकारी दी और पलामू जिला क्षेत्र में तेलहन, दलहनी फसलों के साथ-साथ सब्जी की विभिन्न किस्मों का उत्पादन करने एवं मशरूम उत्पादन के लिए किसानों को प्रेरित किया। वहीं झारखंड राज्य फसल राहत योजना के लिए किसानों को आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन की जानकारी भी दी। उन्होंने किसानों को आश्वास्त किया कि 100% अनुदान पर उन्हें रवि के फसल सरसों एवं चना का बीज उपलब्ध कराया जायेगा, ताकि किसान इन फसलों को अपने खेतों में अगेती लगा सकें। इसके अलावा गेहूं एवं मसूर का बीज भी 90% अनुदान पर किसान को देने की योजना है। उन्होंने पशुपालन के लिए भी किसानों को प्रेरित किया और कहा कि पशुपालन कर पशुपालक किसान अच्छी आमदनी कर सकते हैं। उन्होंने अगेती फसलों को लगाने, नगदी एवं वैकल्पिक खेती पर विशेष ध्यान रखने, कृषि एवं उद्यान तथा पशुपालन निदेशालय की विभिन्न योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने के लिए किसानों को प्रेरित किया। कृषि निदेशालय की टीम में कृषि एवं वागवानी निदेशक निशा उरांव के साथ-साथ उनके ओएसडी विवेक मिश्रा, डिप्टी डायरेक्टर प्लानिंग संतोष कुमार, ज्वाइंट डायरेक्टर, पलामू अनिल कुमार, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी रेसू भारद्वाज, सहायक कृषि निदेशक मुक्ता रानी, भूमि संरक्षण निदेशक डॉ सुभाष सिंह, सहायक निदेशक रसायन दानिश मेराज के अलावा धरातलीय सत्यापन के दौरान आत्मा पलामू के उप परियोजना निदेशक मनोज कुमार सिंह, बीटीएम सुमित कुमार वर्मा, बीटीएम अमित कुमार, एटीएम अनिल कुमार मेहता, अनुमंडल प्रक्षेत्र सामान्य की रीना रानी आदि उपस्थित थे। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग से संचालित योजनाओं में लायें तेजी : धरातलीय सत्यापन के पश्चात शाम में कृषि निदेशक निशा उरांव ने समाहरणालय सभागार में जनसेवक, एटीएम, बीटीएम, उद्यान मित्र, किसान मित्र एवं अन्य कृषि कर्मियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी कृषि कर्मियों को कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं को विस्तारपूर्वक समझाया एवं जिले में कार्यरत सभी कर्मियों को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग से जुड़े कार्यों में तेजी लाने का निदेश दिया। उन्होंने ऋण माफी, पीएम किसान एवं फसल राहत योजना में लंबित ई -केवाईसी को शीघ्र पूरा करने पर बल दिया। वहीं अगेती रवि फसल प्रबंधन, अंतर्गत ड्रिप इरिगेशन, ब्लॉकचेन रजिस्ट्रेशन एवं अनुदानित बीज वितरण बढ़ाने, उत्पन्न परिस्थितियों में यथासंभव किसानों की मदद एवं कृषि संबंधित जानकारी लोगों तक पहुंचाने का निर्देश दिया।
टीम एबीएन, रांची। हेमंत कैबिनेट की बैठक में 25 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। कैबिनेट की बैठक के बारे में कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने जानकारी दी। इसमें मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना की राशि 10 लाख करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। पहले यह राशि 5 लाख रुपये थी। इसके अलावा इस योजना में कई अन्य असाध्य रोगों को भी जोड़ा गया है। इसके अलावा ओल्ड पेंशन स्कीम को भी मंजूरी दी गई है। कैबिनेट की बैठक में लिए फैसलों की जानकारी देते हुए कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने कहा कि नीलांबर पीतांबर विवि में 145 नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी गयी है। इसके अलावा अन्य प्रस्तावों में पंचायत सचिव के 2014 के नियुक्ति नियमावली में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई है। झारखंड सरकार ने राज्य के 8 लघु जल विद्युत परियोजना को भी स्वीकृति दी है। वहीं लातेहार से हेरहंज सड़क की चौड़ीकरण और मजबूतीकरण की राशि करीब 853 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा नीलांबर पीतांबर यूनिवर्सिटी अंतर्गत नवसृजित 5 डिग्री कॉलेजों के 145 पदों की स्वीकृति दी गई है।कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने जानकारी दी कि झारखंड जीएसटी विधेयक 2022 की घटनोत्तर स्वीकृति दी है। वहीं, 89 मॉडल विद्यालय में प्रतिक्षारत छात्रों का नामांकन करने की मंजूरी दी है। संशोधन के अनुसार अब निकटवर्ती प्रखंडों के स्कूलों के बच्चे भी नामांकन योग्य हो जायेंगे। इसके अलावा ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की भी मंजूरी दी गई है। कैबिनेट में निर्धारित एसओपी की मंजूरी दी गई और 1.9.2022 से इसे लागू माना जायेगा। वहीं, कैबिनेट की बैठक में राज्य के वीवीआइपी के लिए एक महीने के लिए चार्टर्ड विमान मनोनयन के आधार पर किराए पर लेने की मंजूरी मिली है। झारखंड विधानसभा का एकदिवसीय विशेष सत्र 5 सितंबर को 11 बजे बुलाने का निर्णय लिया गया। चार्टर्ड विमान 31 अगस्त से एक महीने के लिए लिया गया है। इस पर झारखंड सरकार 2 करोड़ 06 लाख खर्च करेगी। यह चार्टर्ड विमान में 8+2 सीटर होगा। 5 सितंबर को विशेष सत्र : झारखंड में चल रहे सियासी संकट के बीच आज सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। कैबिनेट की इस बैठक में 25 महत्त्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। साथ ही 5 सितंबर को झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया गया। ये जानकारियां कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने दीं। वंदना दादेल ने बताया कि मॉनसून सत्र को विस्तारित करते हुए 5 सितंबर को विशेष सत्र आहूत करने का फैसला किया गया है। बैठक में पुरानी पेंशन योजना के संबंध में तैयार एसओपी को भी हरी झंडी दिखा दी गई। बता दें कि 15 जुलाई को हुई कैबिनेट बैठक में नई अंशदायी पेंशन योजना की जगह पुरानी पेंशन योजना को लागू करने का फैसला किया गया था। तब इसके लिए एसओपी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। गुरुवार को हुई बैठक में एसओपी स्वीकार ली गई और पुरानी पेंशन योजना का लाभ 1 सितंबर 2022 के प्रभाव से राज्यकर्मियों को देने पर सहमति जताई गई। चार्टर्ड प्लेन 1 महीने के लिए हायर करने को मंजूरी, 31 अगस्त से 30 सितंबर तक हायर किया जाएगा चार्टर्ड प्लेन, 2 करोड़ 6 लाख रुपए की राशि होगी खर्च। नीलाम्बर-पिताम्बर विश्वविद्यालय के 5 डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य, सहायक प्रध्यापक और शिक्षकेतर कर्मचारियों के 145 पद सृजन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। राज्य के 89 मॉडल विद्यालयों में प्रतीक्षा सूची तैयार कर बच्चों का नामांकन लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। सहायक पुलिसकर्मियों की सेवा अवधि को एक वर्ष का विस्तार देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। अब सहायक पुलिसकर्मियों के कॉन्ट्रैक्ट 5 वर्ष से बढ़ाकर 6 वर्ष करने का निर्णय किया गया।
टीम एबीएन, रांची। हेमंत कैबिनेट की बैठक में 25 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। कैबिनेट की बैठक के बारे में कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने जानकारी दी। इसमें मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना की राशि 10 लाख करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। पहले यह राशि 5 लाख रुपये थी। इसके अलावा इस योजना में कई अन्य असाध्य रोगों को भी जोड़ा गया है। इसके अलावा ओल्ड पेंशन स्कीम को भी मंजूरी दी गई है। कैबिनेट की बैठक में लिए फैसलों की जानकारी देते हुए कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने कहा कि नीलांबर पीतांबर विवि में 145 नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी गयी है। इसके अलावा अन्य प्रस्तावों में पंचायत सचिव के 2014 के नियुक्ति नियमावली में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई है। झारखंड सरकार ने राज्य के 8 लघु जल विद्युत परियोजना को भी स्वीकृति दी है। वहीं लातेहार से हेरहंज सड़क की चौड़ीकरण और मजबूतीकरण की राशि करीब 853 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा नीलांबर पीतांबर यूनिवर्सिटी अंतर्गत नवसृजित 5 डिग्री कॉलेजों के 145 पदों की स्वीकृति दी गई है।कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने जानकारी दी कि झारखंड जीएसटी विधेयक 2022 की घटनोत्तर स्वीकृति दी है। वहीं, 89 मॉडल विद्यालय में प्रतिक्षारत छात्रों का नामांकन करने की मंजूरी दी है। संशोधन के अनुसार अब निकटवर्ती प्रखंडों के स्कूलों के बच्चे भी नामांकन योग्य हो जायेंगे। इसके अलावा ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की भी मंजूरी दी गई है। कैबिनेट में निर्धारित एसओपी की मंजूरी दी गई और 1.9.2022 से इसे लागू माना जायेगा। वहीं, कैबिनेट की बैठक में राज्य के वीवीआइपी के लिए एक महीने के लिए चार्टर्ड विमान मनोनयन के आधार पर किराए पर लेने की मंजूरी मिली है। झारखंड विधानसभा का एकदिवसीय विशेष सत्र 5 सितंबर को 11 बजे बुलाने का निर्णय लिया गया। चार्टर्ड विमान 31 अगस्त से एक महीने के लिए लिया गया है। इस पर झारखंड सरकार 2 करोड़ 06 लाख खर्च करेगी। यह चार्टर्ड विमान में 8+2 सीटर होगा। 5 सितंबर को विशेष सत्र : झारखंड में चल रहे सियासी संकट के बीच आज सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। कैबिनेट की इस बैठक में 25 महत्त्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। साथ ही 5 सितंबर को झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया गया। ये जानकारियां कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने दीं। वंदना दादेल ने बताया कि मॉनसून सत्र को विस्तारित करते हुए 5 सितंबर को विशेष सत्र आहूत करने का फैसला किया गया है। बैठक में पुरानी पेंशन योजना के संबंध में तैयार एसओपी को भी हरी झंडी दिखा दी गई। बता दें कि 15 जुलाई को हुई कैबिनेट बैठक में नई अंशदायी पेंशन योजना की जगह पुरानी पेंशन योजना को लागू करने का फैसला किया गया था। तब इसके लिए एसओपी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। गुरुवार को हुई बैठक में एसओपी स्वीकार ली गई और पुरानी पेंशन योजना का लाभ 1 सितंबर 2022 के प्रभाव से राज्यकर्मियों को देने पर सहमति जताई गई। चार्टर्ड प्लेन 1 महीने के लिए हायर करने को मंजूरी, 31 अगस्त से 30 सितंबर तक हायर किया जाएगा चार्टर्ड प्लेन, 2 करोड़ 6 लाख रुपए की राशि होगी खर्च। नीलाम्बर-पिताम्बर विश्वविद्यालय के 5 डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य, सहायक प्रध्यापक और शिक्षकेतर कर्मचारियों के 145 पद सृजन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। राज्य के 89 मॉडल विद्यालयों में प्रतीक्षा सूची तैयार कर बच्चों का नामांकन लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। सहायक पुलिसकर्मियों की सेवा अवधि को एक वर्ष का विस्तार देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। अब सहायक पुलिसकर्मियों के कॉन्ट्रैक्ट 5 वर्ष से बढ़ाकर 6 वर्ष करने का निर्णय किया गया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में राजनीतिक संकट के बीच महागठबंधन का एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल करीब आधे घंटे तक राजभवन में रुका। इस दौरान महागठबंधन ने नेताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा, जिसमें एकजुटता का दावा किया गया। इसके साथ ही नेताओं ने राज्यपाल से सीएम पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। बताया जा रहा है कि कांग्रेस से कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, सांसद गीता कोड़ा, राज्य सभा सांसद धीरज साहू और जेएमएम से विजय हंसदा और महुआ मांझी ने राज्यपाल से मुलाकात की। दूसरी तरफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कैबिनेट की बैठक जारी है। कहा जा रहा है कि सरकार विधानसभा का विशेष सत्र भी बुला सकती है, जिसकी घोषणा कैबिनेट की बैठक के बाद की जा सकती है। कैबिनेट की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। कैबिनेट की बैठक में शामिल होने के लिए हेमंत सोरेन के चार मंत्री बुधवार शाम को ही रायपुर से रांची लौट आए। विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं हेमंत : ऐसा माना जा रहा है कि राज्य में नए सिरे से सरकार बनाने की कवायद शुरू होने वाली है। सूत्रों ने अनुसार, राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं। कहा जा रहा है कि हेमंत सोरेन राज्यपाल रमेश बैस से मिलकर दोबारा सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं। बता दें कि हेमंत सोरेन आफिस आफ प्रॉफिट मामले में आरोपी हैं। वहीं राज्यपाल ने उन्हें एक दो दिन में मामले का पटाक्षेप होने का आश्वासन दिया है। बताते चलें कि गुरुवार सुबह में यूपीए ने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा था। राज्यपाल ने दोपहर चार बजे उन्हें मिलने का समय दिया। दोपहर चार बजे यूपीए का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल कांग्रेस के राज्यसभा सांसद धीरज साहू, जेएमएम के राज्यसभा सांसद महुआ माजी, कांग्रेस सांसद गीता कोड़ा, कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, जेएमएम नेता सुप्रियो भट्टाचार्य और विनोद पांडेय शामिल थे। तकरीबन आधे घंटे तक राजभवन में यूपीए के नेता रहे। फिर राज्यपाल से मिलकर यूपीए का प्रतिनिधिमंडल राजभवन से बाहर निकला। राजभवन से बाहर आने के बाद सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि यूपीए प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल रमेश बैस से वर्तमान राजनीतिक अस्थिरता को समाप्त करने की मांग की है। इसपर राज्यपाल ने उन्हें कहा कि वह पूरे मामले पर कानूनी सलाह ले रहे हैं और एक दो दिनों में इस मामले का पटाक्षेप हो जाएगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी के खिलाफ चल रहे दल बदल मामले में आज स्पीकर ट्रिब्यूनल में सुनवाई होगी। न्यायाधिकरण में दोपहर 2 बजे ऑनलाइन सुनवाई होगी। इसके बाद विधानसभाध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो फैसला सुना सकते हैं। 30 अगस्त को इस मामले में सुनवाई पूरी करते हुए न्यायाधिकरण ने फैसले की तारीख 1 सितंबर दोपहर 2 बजे निर्धारित की थी। सियासी संकट के बीच न्यायाधिकरण से आने वाले फैसले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। याचिकाकर्ता बंधु तिर्की को उम्मीद है कि स्पीकर का फैसला न्यायोचित होगा और बाबूलाल मरांडी की सदस्यता जरूर 10वीं अनसूची के उल्लंघन के आरोप में खत्म हो जायेगी। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी की सदस्यता पहले ही चली जानी चाहिए थी, लेकिन सुनवाई की लंबी प्रक्रिया चली है और अब अंतिम मुकाम पर यह केस है. वहीं, बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने उम्मीद जताते हुए कहा है कि स्पीकर जरूर न्याय करेंगे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कोई भी कयास लगाना उचित नहीं होगा। बाबूलाल मरांडी के ऊपर 10वीं अनसूची का उल्लंघन करते हुए विधानसभा अध्यक्ष के न्यायाधिकरण में चार अलग अलग केस दर्ज हैं। राजकुमार यादव ने 10वीं अनुसूची का उल्लंघन करने की शिकायत करते हुए विधानसभा में 16 दिसंबर 2020 को याचिका दाखिल की थी, जिसका कांड संख्या 02/2020 है। इसी तरह भूषण तिर्की द्वारा दाखिल केस नंबर 03/2020, दीपिका पांडे द्वारा दाखिल केस नंबर 01/2021 और प्रदीप यादव बंधु तिर्की द्वारा दाखिल केस नंबर 02/2021 है। इन दोनों की याचिका पर 21 जनवरी 2021 को कांड दर्ज किया गया था। इन चारों केस में लंबे समय से लगातार सुनवाई हुई हैं। स्पीकर ट्रिब्यूनल के समक्ष अब तक 11 बार सुनवाई हुई है। बाबूलाल मरांडी की ओर से तर्क दिया गया कि झारखंड विकास मोर्चा प्रजातांत्रिक का भारतीय जनता पार्टी में मर्जर न्याय संगत है। इस पर भारत निर्वाचन आयोग ने भी मुहर लगाई है। विधायक बंधु तिर्की को जेवीएम प्रजातंत्रिक ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए 21 जनवरी 2020 को निष्कासित कर दिया था। इसके बाद प्रदीप यादव को भी पार्टी ने 6 फरवरी को निष्कासित कर दिया था। 11 फरवरी 2020 को जेवीएम प्रजातांत्रिक की कार्यसमिति की बैठक हुई थी, जिसमें 142 में से 132 ने भाग लेकर जेवीएम प्रजातांत्रिक का मर्जर बीजेपी में करने का फैसला लिया गया था। जेवीएम प्रजातांत्रिक के एकमात्र विधायक बचे बाबूलाल मरांडी ने भी इसपर सहमति दी थी। इसकी जानकारी भारत निर्वाचन आयोग को दी गई है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। महंगाई की मार झेल रही जनता को सितंबर महीने के पहले दिन ही बड़ी राहत मिली है। गुरुवार (1 सितंबर) को गैस सिलेंडर के दामों में कमी देखने को मिली है। एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 100 रुपए की भारी कटौती हुई है। हालांकि दामों में यह कमी सिर्फ कमर्शियल सिलेंडर पर हुई है, जबकि 14.2 किलो वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर पुराने दामों पर ही मिल रहा है।एलपीजी कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो) के दाम दिल्ली में 91.50 रुपए और कोलकाता में 100 रुपए तक कम हुए हैं। मुंबई में कमर्शियल सिलेंडर 92.50 रुपएऔर चेन्नई में 96 रुपए तक सस्ता हो गया है। 14.2 किलो वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर अभी 6 जुलाई के रेट पर ही मिलता रहेगा। आखिरी बार घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव 6 जुलाई को किया गया था। जुलाई में देश भर में इसमें 50 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। देश के अधिकांश शहरों में अब सरकार की तरफ से गैस सिलेंडर पर सब्सिडी नहीं दी जा रही है। लिहाजा अब लोगों को बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर ही खरीदना पड़ रहा है। सरकार सिर्फ उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन पाने वाले लाभार्थियों को ही एलपीजी सब्सिडी दे रही है। एलपीजी घरेलू गैस के दाम इस साल चार बार बढ़ाए जा चुके हैं। जुलाई से पहले 7 मई को प्रति सिलेंडर 50 रुपए की वृद्धि की गई थी। यह लगातार पांचवीं बार है जब कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में कमी की गई है। कमर्शियल सिलेंडर आमतौर पर रेस्तरां, होटलों में इस्तेमाल किया जाता है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में सियासी उथल-पुथल के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज 3 बड़े फैसले किये। मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना के तहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रभावित पात्र व्यक्तियों की चिकित्सा के लिए विभागीय स्तर से दी जाने वाली चिकित्सा सहायता राशि 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपए करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। साथ ही पहले से स्वीकृत असाध्य रोगों की सूची में ऐसे कई अन्य रोग भी सूचीबद्ध किए गए हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय ने बुधवार को एक विज्ञप्ति में बताया कि मुख्यमंत्री ने असाध्य रोग के इलाज के लिए पहले से दी जा रही 5 लाख रुपए की राशि को पर्याप्त नहीं मानते हुए, राशि में बढ़ोतरी करने का निर्देश दिया था। इसके बाद राशि को बढ़ाकर अब 10 लाख रुपए कर दिया गया है। हालांकि, इस संबंध में सचिवालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में विस्तृत विवरण और सूची में नए जोड़े जाने वाले रोगों की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसके अलावा सीएम हेमंत सोरेन ने हजारीबाग नगरपालिका द्वारा अब तक उपभोग किए जा रहे जमींदारी अधिकारों को राज्य सरकार में निहित किए जाने के प्रस्ताव पर स्वीकृति दी है। यह प्रस्ताव बिहार भूमि सुधार अधिनिमय 1950 के प्रावधानों और अपर मुख्य सचिव, राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग की अध्यक्षता में 21 जून को बुलाई गई बैठक में अभिलेखों के हस्तांतरण के लिए दिए गए निर्देशों के अनुसार रखा गया था। इसके अलावा सीएम ने तीसरे फैसले में गढ़वा जिला के रंका अनुमंडल मुख्यालय में डिग्री कॉलेज की स्थापना किए जाने के प्रस्ताव पर स्वीकृति दी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने सितंबर के दूसरे हफ्ते में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के एक हिस्सा, संशोधित सेंट्रल विस्टा एवेन्यू का उद्घाटन कर सकते हैं, इस मामले से अवगत लोगों ने कल मंगलवार को बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन 8 और 10 सितंबर के बीच कराए जाने की संभावना है। सेंट्रल विस्टा का काम तेजी से चल रहा है और इसे इस साल के अंत तक पूरा करा लिए जाने की संभावना है। इस मामले से अवगत लोगों में से एक ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार, इसे 2021 के अंत तक पूरा हो जाना था, हालांकि अब सेंट्रल विस्टा एवेन्यू का काम पूरा हुआ है। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कल मंगलवार सुबह इस निर्माणस्थल का दौरा किया और काम के प्रगति की समीक्षा की। 4 प्रोजेक्टस में से पहला हिस्सा हो गया पूरा : केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने पिछले साल फरवरी में एवेन्यू पर काम शुरू किया था। पहले अधिकारी ने नाम न बताने के लिए कहा, काम खत्म हो गया है। सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के हिस्से के रूप में पूरी होने वाली चार परियोजनाओं में से यह पहली होगी। प्रधानमंत्री मोदी के पुनर्विकसित एवेन्यू का उद्घाटन करने की संभावना है। वर्तमान में आयोजन की योजना तय की जा रही है। प्रधानमंत्री कार्यालय के एक व्यक्ति ने कहा कि उनके पास इस संबंध में जानकारी साझा करने के लिए कोई जानकारी नहीं है। यह एवेन्यू राजपथ का 1.8 किमी लंबा हिस्सा है और इंडिया गेट तथा विजय चौक के बीच इसके किनारे लगे लॉन भी हैं। यहां पर चार पैदल यात्री अंडरपास आठ एमेनिटी ब्लॉक, राजपथ की रिलेइंग, लॉन में रास्तों का निर्माण, नहरों में सुधार और उस पर 16 स्थायी पुलों का निर्माण होना है। साथ ही बिजली और अन्य केबलों के लिए भूमिगत उपयोगिता नालियों का निर्माण शामिल है। सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने भी नाम न छापने की शर्त पर कहा कि इस साल गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान नई स्थापित प्रणालियों को हुए नुकसान सहित कई कारकों की वजह से काम में देरी हुई, जिसके लिए विशेष व्यवस्था की जानी थी। सीपीडब्ल्यूडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने के शर्त पर कहा, हमें निर्माण कार्य रोकना पड़ा, सभी मशीनरी को साइट से बाहर निकालना पड़ा, और गणतंत्र दिवस परेड के लिए अस्थायी व्यवस्था करनी पड़ी। परेड की तैयारियों के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही के कारण पानी के छिड़काव प्रणाली को हुए नुकसान की मरम्मत के लिए कुछ स्थानों पर रास्ते को खोदना पड़ा था। अंडरपास और अन्य जगहों पर निर्माण कार्य भी तब तक पूरा नहीं हुआ था।
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