राज काज

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Published / 2022-09-04 11:04:13
सोमवार को विशेष सत्र बुलाकर विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव लायेंगे हेमंत सोरेन

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में जारा सियासी घटनाक्रम के बीच हेमंत सोरेन सरकार विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव लायेगी। हेमंत सोरेन सरकार ने 5 सितंबर को विधानसभा की विशेष बैठक बुलाई है। झारखंड के मुख्यमंत्री के विधायक के रूप में बने रहने को लेकर जारी भ्रम के बीच हेमंत सोरेन सोमवार को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान विश्वास मत प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव रखेंगे। विधानसभा सचिवालय द्वारा विधायकों को भेजे गए पत्र के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बहुमत साबित करने के लिए विश्वास मत प्रस्ताव लाने की इच्छा जाहिर की है। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार के पास 49 विधायकों का समर्थन है, इसके बावजूद विधानसभा के विशेष सत्र में सरकार विश्वास मत पेश करने वाली है। ऐसे में सवाल उठता है कि सरकार ऐसा क्यों कर रही है। दूसरी तरफ आरक्षण बढ़ाने पर हेमंत सोरेन प्रत्येक दिन विपक्षी दलों को सियासी मात दे रहे हैं, ऐसे में अब उन्होंने एक दिन का विशेष सत्र बुलाया है, जिसमे हो सकता है कि पिछड़े वर्ग का आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने का फैसला लिया जा सकता है। दरअसल, झारखंड में ये मांग अर्से से की जा रही है। इसके अलावा अनुसूचित जनजाति का आरक्षण प्रतिशत भी बढ़ाया जा सकता है। स्थानीय नीति पर हेमंत सरकार जमीन के अंतिम सर्वे को आधार बनाना चाहती है। झामुमो के भीतर भी इसे लेकर दबाव है। मांग 1932 के खतियान को आधार बनाने की है, लेकिन यह कयास लगाया जा रहा है कि 1965 को कट आफ डेट बनाया जा सकता है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि विपक्षी भाजपा ने सदन में अपनी रणनीति तैयार करने के लिए रविवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है। संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि झारखंड में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हमारे प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को राज्यपाल से मुलाकात की थी और उन्होंने हमें एक या दो दिन में स्थिति साफ करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ, इसलिए हम विधानसभा में अपनी बात रखेंगे और बहुमत साबित करेंगे। वर्तमान में 81 सदस्यीय सदन में सबसे बड़ी पार्टी झामुमो के 30, कांग्रेस के 18 और राजद के एक विधायक हैं, जबकि मुख्य विपक्षी दल भाजपा के 26 विधायक हैं।

Published / 2022-09-04 09:51:08
सीएम हेमन्त ने बड़गाई जमीन घोटाले की जांच सीआईडी से कराने की मंजूरी दी

टीम एबीएन, रांची। सत्ता।पर संकट के बीच सीएम हेमन्त सोरेन हर रोज नये साहसिक फैसले ले रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के बड़गाई अंचल और जिला अभिलेखागार में मौजा-गाड़ी थाना नं0-194. खाता सं0-161, खेसरा सं0-764, रकबा 5.12 एकड़ भूमि से संबंधित खतियान और रजिस्टर में राजस्व अभिलेख में छेड़छाड़ मामले की जांच सीआईडी को सौंपने की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की सहमति मिलने के बाद सीआईडी को जमीन घोटाले की जांच का जिम्मा सौंप दिया गया है रांची में जमीन माफियाओं की सांठगांठ से जमीन घोटाला के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बड़ागाईं अंचल की 5.12 एकड़ सरकारी जमीन का घोटाला कर लिया गया था। मामले में बड़गाई सीओ के द्वारा थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी। अब इस पूरे मामले की जांच सीआईडी के द्वारा की जाएगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने अपनी सहमति प्रदान कर दी है। सीआईडी जल्दी थाने में दर्ज केस को टेकओवर करेगी।

Published / 2022-09-03 17:22:26
लापरवाही : गंभीर सूखे की चपेट में झारखंड के 243 प्रखंड, पर अबतक नहीं हुई आपदा प्रबंधन समिति की बैठक

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में इस बार मॉनसून की बेरुखी के कारण खेती में संकट आ गया है। खरीफ फसलों खास कर धान की खेती पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है। राज्य में सूखे से हालात खराब हो रहे हैं। सूखे का अकलन करने के लिए प्रखंडवार सर्वे किया गया था। पहले 31 जुलाई को मानक तिथि मानकर सर्वे किया गया था उसके बाद फिर 15 अगस्त तक में सूखे की स्थिति का जायजा लिया गया। हालांकि अगस्त की शुरूआत के बाद अच्छी बारिश दर्ज की गई, इससे किसान थोड़े खुश जरूर हुए, पर सूखा ग्रस्त प्रखंडों की संख्या घटने के बजाय बढ़ गई है। राज्य में फिलहाल 243 प्रखंड सूखे की चपेट में है। झारखंड में कुल प्रखंडों की संख्या 263 है। इनमें 90 फीसदी से अधिक ऐसे प्रखंड हैं जो गंभीर सूखे का संकट झेल रहे हैं। इसके कारण किसान काफी परेशान हैं। गौरतलब है कि सूखाग्रस्त घोषित करने के लिए 2016 के सूखा मैनुअल का पालन किया गया है। सूखा का आकलन करने के लिए कषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम बनाई गई थी। प्रत्येक प्रखंड में जाकर सूखे का आकलन करना था। सूखाड़ पर चर्चा करते हुए राज्य के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा था कि 15 अगस्त के बाद सूखे की आकलन कर इसकी घोषणा की जाएगी। हालांकि सूखे को लेकर केंद्रीय सहायता प्राप्त करने के लिए आपदा प्रबंधन समिति की रिपोर्ट भेजी जाती है। पर अभी तक राज्य में सूखे को लेकर आपदा प्रबंधन समिति की बैठक नहीं हो पाई है। झारखंड में बारिश की बात करें तो जुलाई महीने तक राज्य में औसतन 49 फीसदी कम बारिश हुई थी, इसका सीधा असर राज्य में धान की खेती पर पड़ा है। ड्राउट मैनुअल के मुताबिक जिन क्षेत्रों में 75 फीसदी से भी कम बुवाई हुई है उसे सूखा क्षेत्र घोषित किया जा सकता है। झारखंड के प्रमंडलवार आकंड़ों को देखे तो पलामू प्रमंडल सूखे से सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। पलामू प्रमंडल के तीनों जिलों में इस बार भयंकर सूखे की स्थिति है। पश्चिमी और पूर्वी सिंहभूम को छोड़कर बाकी सभी जिलों को गंभीर सूखा या अत्यंत सूखा की श्रेणी में रखा गया है। अगस्त महीने की शुरुआत के बाद राज्य में बारिश की स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है इसके कारण बुवाई का क्षेत्रफल बढ़ा है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 15 अगस्त तक झारखंड में 35 फीसदी बारिश की कमी थी। हालांकि अगस्त की बारिश के बाद धान की बुवाई में थोड़ा सुधार हुआ था।

Published / 2022-09-03 12:31:05
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, भारत सरकार के माननीय उपाध्यक्ष ने पलामू पहुंच लिया पांडू प्रखंड के मुरूमातु गांव स्थित स्थल का जायजा

टीम एबीएन, पलामू/रांची। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, भारत सरकार के उपाध्यक्ष अरूण हलधर पलामू जिले के पांडू प्रखंड के मुरूमातु गांव स्थित स्थल का भ्रमण किया। उनके साथ अनुसंधान पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह भी थे। आयोग के उपाध्यक्ष एवं अन्य ने उक्त गांव के उस स्थल का भ्रमण किया, जहां स्थानीय ग्रामीणों द्वारा कुछ परिवारों को विस्थापित किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। आयोग के उपाध्यक्ष ने पीड़ित परिवारों से मिलकर उनका हाल जाना और उनकी समस्याओं से अवगत हुए। भ्रमण के पश्चात आयोग के उपाध्यक्ष ने स्थानीय परिसदन भवन में अधिकारियों के साथ बैठक कर मुरुमातु की परिस्थितियों से अवगत हुए। उन्होंने प्रशासन के द्वारा इस संबंध में अबतक की गई कार्रवाई की जानकारी ली, साथ ही अनुसूचित जाति के अधिकारों के संरक्षण के संबंध में आवश्यक निदेश दिए। आयोग के उपाध्यक्ष ने परिवारों को आधार कार्ड, राशन कार्ड बनवाने सहित उनके तात्कालिक आवासन की व्यवस्था करते हुए खाद्यान्न उपलब्ध कराने का निदेश दिया। मुरूमातु गांव भ्रमण के दौरान एवं बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष अरूण हलधर के अलावा अनुसंधान पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह, पलामू डीआईजी राजकुमार लकड़ा, उपायुक्त आंजनेयुलू दोड्डे, पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा, अपर समाहर्ता सुरजीत कुमार सिंह, जिला कल्याण पदाधिकारी सेवाराम साहू आदि पदाधिकारी उपस्थित थे।

Published / 2022-09-03 08:32:48
रिपोर्ट का दावा : दिवाली से पहले रेलवे कर्मचारियों के बोर्ड भत्ते में हो सकती है कटौती

एबीएन सेंटल डेस्क। भारतीय रेलवे कर्मचारियों को बड़ा झटका मिल सकता है। क्योंकि बढ़ते खर्च से चिंतित रेलवे बोर्ड ने अपने सातों जोन को ओवरटाइम, रात की ड्यूटी, यात्रा, ईंधन और रखरखाव के लिए कर्मचारी भत्तों पर खर्च की समीक्षा करने के लिए कहा है। सूत्रों के मुताबिक रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वी के त्रिपाठी की अध्यक्षता में एक त्रैमासिक समीक्षा बैठक में यह बात निकल कर सामने आई है कि गया कि चालू वित्त वर्ष में मई तक सामान्य संचालन व्यय (ओडब्ल्यूई) 26 प्रतिशत औसत वृद्धि से कहीं ज्यादा ऊपर हो गया है।

Published / 2022-09-02 17:31:15
भूटान में बैठक कर स्वास्थ्य मुद्दों पर चर्चा करेगा डब्ल्यूएचओ

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोरोना महामारी के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की 75वीं क्षेत्रीय समिति का सत्र सोमवार से भूटान में होगा। डब्ल्यूएचओ की सर्वोच्च निर्णय लेने वालीनिकाय की वार्षिक बैठक पांच से नौ सितंबर तक होगी। बैठक में स्वास्थ्य और अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होगी। डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बैठक में स्वास्थ्य मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और स्वास्थ्य सहयोगी शामिल होंगे। वे कोविड-19 महामारी के मद्देनजर मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के माध्यम से सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज और स्वास्थ्य सुरक्षा हासिल करने के लिए प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। बयान में कहा गया है कि सत्र में उठाए जाने वाले अन्य प्रमुख मुद्दों में गैर-संचारी रोगों के लिए प्रगति की निगरानी और त्वरित योजना, टीबी के अंतिम लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में प्रगति, सर्वाइकल कैंसर के उन्मूलन में तेजी लाना और स्वास्थ्य कार्यबल शिक्षा और प्रशिक्षण को मजबूत करना शामिल है। इसके अलावा सत्र के दौरान पिछले सत्रों में अपनाए गए प्रस्तावों पर की गई प्रगति की समीक्षा की जाएगी, जिसमें स्वस्थ आबादी के लिए स्वस्थ वातावरण के लिए क्षेत्रीय कार्य योजना भी शामिल है। साथा ही कुपोषण के दोहरे बोझ को दूर करने के लिए रणनीतिक योजना, रोके जा सकने वाले मातृ, नवजात और शिशु मृत्यु दर को समाप्त करना तथा 2023 तक खसरा और रूबेला का उन्मूलन और आपातकालीन चिकित्सा टीमों को मजबूत करने पर चर्चा की जायेगी। उल्लेखनीय है कि कोराना महामारी की शुरुआत के बाद से यह पहली बार है जब क्षेत्रीय समिति का सत्र व्यक्तिगत रूप से आयोजित किया जा रहा है। पिछली दो वार्षिक बैठकें 2021 में नेपाल और 2020 में थाईलैंड वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गयी थीं।

Published / 2022-09-02 17:29:13
झारखंड : सुखाड़ पर रणनीति बना रही सरकार

टीम एबीएन, रांची। सुखाड़ पर हाई लेवल बैठक हुई। सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में कृषि मंत्री बादल और आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता के अलावे कई अधिकारी मौजूद थे। प्रोजेक्ट भवन में चली इस बैठक में अधिकारियों को जिलों का दौरा कर जमीनी आकलन करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावे 12 अगस्त को फिर प्राधिकरण की बैठक होगी जिसके बाद रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा जायेगा। बैठक में सुखाड़, वर्षापात की स्थिति पर कृषि विभाग तक प्रजेटेंशन मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया जिसमें 31 अगस्त तक 247 प्रखंड अत्यंत सुखाड़ग्रस्त बताया गया है।

Published / 2022-09-02 04:41:00
इस्तीफा नहीं देकर पांच को शक्ति परीक्षण करेंगे सीएम हेमन्त सोरेन

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में राजनीतिक संकट के बीच एक तरफ सीएम हेमंत सोरेन ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल इस्तीफा नहीं देने जा रहे, बल्कि उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि वह पांच सितंबर को प्रस्तावित विधानसभा की बैठक में भी मौजूद रहेंगे। इससे पहले UPA प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल पर हार्स ट्रेडिंग को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द निर्णय लेने की मांग की। बता दें कि खनन लीज अपने नाम कराने के मामले में एक तरफ सीएम हेमंत सोरेन विपक्ष के निशाने पर हैं। वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग ने इसी मामले में जांच के बाद उनके राजनीतिक भविष्य का निर्धारण करने वाला सील बंद लिफाफा राजभवन भेज दिया है। अब इस लिफाफे में बंद चुनाव आयोग की सिफारिश पर राज्यपाल को फैसला करना है। उधर, झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने कांग्रेस के तीन विधायकों को दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य ठहराने के मामले की सुनवाई पांच सितंबर तक के लिए टाल दी है। आइये, हम यह जानने का प्रयास करते हैं इस पूरे घटनाक्रम की दस बड़ी बातें :- 1. मुख्यमंत्री और खनन मंत्री रहते हेमंत पर पद का दुरुपयोग करते हुए खनन लीज अपने नाम कराने का आरोप है। इस मामले में भाजपा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 9 (ए) का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए लगातार हमलावर है। भाजपा की शिकायत पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लेते हुए मामले की जांच की और विस्तार से रिपोर्ट तैयार किया है। 2. चुनाव आयोग ने 25 अगस्त को अपनी गोपनीय रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में राजभवन भेज दी। इस रिपोर्ट में चुनाव आयोग ने भाजपा द्वारा लगाए आरोपों की पुष्टि करते हुए राज्यपाल से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा से सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की। 3. चुनाव आयोग ने भले ही अपनी रिपोर्ट गोपनीय तरीके से सीलबंद लिफाफे में राजभवन भेजी, लेकिन रिपोर्ट राजभवन पहुंचने से पहले ही लीक हो गई। इस रिपोर्ट में साफ हो गया कि अब हेमंत सोरेन की विधानसभा से विदाई तय है, उन्हें कुछ समय के लिए चुनाव लड़ने से भी रोका जा सकता है। 4. रिपोर्ट लीक होने के साथ ही झारखंड का राजनीतिक तापमान काफी बढ़ गया। एक तरफ हेमंत सोरेन अपनी सरकार बचाने की जुगत में लग गए, कई बार पार्टी नेताओं के अलावा गठबंधन दलों के साथ बैठक भी की। इन बैठकों में संभावित विकल्पों पर विचार विमर्श किया गया। 5. चुनाव आयोग की रिपोर्ट आने के बाद भी राजभवन ने कोई फैसला नहीं दिया, बल्कि राजभवन से कहा गया कि राज्यपाल इस रिपोर्ट और सिफारिश पर विधिक राय लेने के बाद ही कोई कदम उठायेंगे, इसके चलते झारखंड की राजनीति में सस्पेंस और बढ़ गया। 6. राजभवन से निर्णय में देरी की दशा में विधायकों की खरीदफरोख्त की आशंका के मद्देनजर 26 अगस्त को यूपीए के विधायकों की मुख्यमंत्री आवास पर अहम बैठक हुई। इस बैठक में ताजा घटनाक्रम पर विचार विमर्श किया गया।।इसमें यह भी तय करने का प्रयास किया गया कि हेमंत सोरेन नहीं तो कौन, हालांकि इस बैठक में कोई निर्णय नहीं हो सका। 7. 27 अगस्त को भी गठबंधन के विधायकों की सीएम आवास पर बैठक हुई। इसके बाद सभी विधायक CM सोरेन की अगुवाई में एकजुटता दिखाते हुए लतरामु डैम पहुंच गये, जहां पूरे दिन मौज मस्ती करने के बाद देर रात वापस रांची पहुंच गये थे। 8. एक सितंबर की देर शाम झारखंड में कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक के बाद UPA गठबंधन का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल रमेश वैस से मिलने राजभवन पहुंचा। इस मुलाकात के बाद कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने बताया कि सीएम इस्तीफा नहीं देंगे। दो दिन के अंदर विधिक राय लेकर राज्यपाल स्थिति स्पष्ट कर देंगे। 9. बंधु तिर्की ने बताया कि राज्यपाल के समक्ष मीडिया में लीक हो रही खबरों के संबंध में भी सवाल किया गया है। इसी के साथ यूपीए विधायकों ने एक संयुक्त बयान जारी कर सवाल उठाया कि क्या राजभवन निर्णय लेने में देरी कर खरीद-फरोख्त को बढ़ावा नहीं दे रहा? आखिर वह कौन सी कानूनी सलाह है जो राज्यपाल खुद लेने में सक्षम नहीं है? 10. झारखंड कैबिनेट ने पांच सितंबर को विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि विधानसभा के इस सत्र के दौरान सरकार शक्ति परीक्षण कर सकती है। कैबिनेट बैठक में सरकारी कामकाज और वीआईपी/वीवीआईपी की यात्रा की सुविधा के लिए एक महीने के लिए चार्टर विमान किराए पर लेने को मंजूरी भी दी गई।

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