एबीएन सेंट्रल डेस्क। चारा घोटाला केस में सजायाफ्ता लालू प्रसाद इलाज के लिए सिंगापुर जायेंगे। फिलहाल, वो जमानत पर जेल से बाहर हैं। लालू यादव का पासपोर्ट रिलीज करने का सीबीआई कोर्ट ने आदेश दिया है। लालू यादव इलाज कराने के लिए सिंगापुर जा रहे हैं। दो महीने के लिए पासपोर्ट रिलीज करने की मांग लालू की ओर से की गई थी। बता दें कि सीबीआई कोर्ट में लालू प्रसाद के अधिवक्ता प्रभात कुमार ने आवेदन दाखिल करते हुए दो महीने के लिए पासपोर्ट रिलीज करने का आग्रह किया था। जिस पर सीबीआई की ओर से पक्ष रखा गया। शुक्रवार को सीबीआई कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद न्यायालय ने पासपोर्ट रिलीज करने की अनुमति दे दी है। लालू प्रसाद के अधिवक्ता अनंत विज ने जानकारी देते हुए कहा कि हमलोगों ने न्यायालय से दो महीने के लिए पासपोर्ट रिलीज करने की मांग की थी। गौरतलब है कि वर्तमान समय में जमानत पर रह रहे लालू प्रसाद का पासपोर्ट सीबीआई कोर्ट के आदेश पर जमा है। सीबीआई कोर्ट से लालू प्रसाद की ओर से सिंगापुर जाने के लिए पासपोर्ट रिलीज करने का आदेश देने की मांग पिछले दिनों की गई थी। बता दें कि साल 2017 लालू यादव का पासपोर्ट जब्त था। गौरतलब है कि सिंगापुर में 24 सितंबर को किडनी ट्रांसप्लांट कराने का समय लालू प्रसाद को मिला है। इसके लिए वे 20 सितंबर तक रवाना होंगे। दरअसल लालू प्रसाद कई बीमारियों से पीड़ित हैं। लालू की किडनी और फेफड़े में गंभीर संक्रमण है। उनकी दोनों किडनी 75 प्रतिशत से ज्यादा डैमेज हो चुकी है। वह डायबिटीज और उच्च रक्तचाप से भी पीड़ित हैं। सिंगापुर में किडनी ट्रांसप्लांट की बेहतरीन सुविधा है। जितने लोगों की किडनी ट्रांसप्लांट की गई है, उसकी सफलता का औसत काफी अच्छा है। अगर जीवित डोनर से किडनी ट्रांसप्लांट किया जाता है तो उसकी सफलता दर 98.11 फीसदी है। जबकि डेथ डोनर से किडनी ट्रांसप्लांट की सफलता दर 94.88 फीसदी है। वहीं, भारत में किडनी ट्रांसप्लांट का सक्सेस रेसियो देखें तो ये करीब 90 फीसदी है। जीवित व्यक्ति से किडनी ट्रांसप्लांट कराने पर 12-20 साल और मृत व्यक्ति से किडनी ट्रांसप्लांट कराने पर 8-12 साल तक जीवन अवधि बढ़ जाती है। बहरहाल, लालू प्रसाद एवं उनके परिवार के लोग सिंगापुर जाने की तैयारी करने में जुटे हैं। सीबीआई कोर्ट से पासपोर्ट मिल जाने के बाद 20 सितंबर को लालू प्रसाद के सिंगापुर जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने बुधवार को राज्य में प्रस्तावित अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, रांची की स्थापना के लिए करीब 150 एकड़ भूमि 99 वर्ष की पट्टे पर देने का फैसला किया। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से लगभग तीन हजार करोड़ रुपये के निवेश से यहां अत्याधुनिक विश्वविद्यालय स्थापित करने का समझौता किया गया है। मंत्रिमंडल सचिव वंदना डाडेल ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में जमीन आवंटित करने का फैसला किया गया। डाडेल ने बताया, प्रस्तावित अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय (निजी विश्वविद्यालय), रांची की स्थापना हेतु 120-150 एकड़ भूमि 99 वर्ष के दीर्घकालिक पट्टे पर उपलब्ध कराने हेतु अजीम प्रेमजी फाउंडेशन एवं राज्य सरकार के मध्य हुई सहमति को मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दी। उन्होंने पत्रकारों के सवाल के जवाब में बताया कि इस अत्याधुनिक विश्वविद्यालय की स्थापना पर फाउंडेशन की ओर से तीन हजार करोड़ रुपये निवेश करने की संभावना है। फाउंडेशन आधुनिक शिक्षा के लिए यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालय की स्थापना करेगा।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे जिला परिषद अध्यक्षों ने मुलाकात की। भेंट-वार्ता के क्रम में जिला परिषद अध्यक्षों ने त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों को शक्तियां एवं सुविधाएं प्रत्योजित किए जाने संबंधी अपने 9 सूत्री मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री के समक्ष ज्ञापन के माध्यम से मांग रखी गई है कि सरकार द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के अधीन 14 विभाग की शक्तियां प्रदत्त की गई हैं, उन सभी विभागों को प्रदान की गई शक्तियों का अक्षरश: पालन कराए जाने एवं झारखंड राज्य के जिला ग्रामीण विकास विभाग (ऊफऊअ) का विलय जिला परिषद में होने के बावजूद अभी तक जिला परिषद को स्वतंत्र प्रभार नहीं दिए जाने तथा जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों को आवास, वाहन, अंगरक्षक एवं यात्रा भत्ता उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में इन मांगों के अतिरिक्त त्रिस्तरीय पंचायती राज को मजबूत एवं सुदृढ़ करने हेतु कई अन्य मांग भी उल्लेखित है। सभी को हक-अधिकार और सम्मान दे रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री ने जिला परिषद अध्यक्षों से कहा कि आपकी मांगों पर राज्य सरकार सकारात्मक पहल करते हुए विधिसम्मत यथोचित कार्यवाही करेगी। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि वर्तमान सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी। सभी को सम्मान तथा हक-अधिकार मिले इस निमित्त सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य को नयी दिशा देने में सरकार लगी हुई है। राज्य सरकार द्वारा संचालित विकासात्मक योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी लोग जानते हैं कि झारखंड में गरीब वर्ग के लोग अधिक संख्या में हैं। गरीब तथा जरूरतमंद वर्ग के लोगों को राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने का काम कर रही है। हमारी सरकार से हर वर्ग को उम्मीदें हैं। उनके उम्मीदों और आकांक्षाओं के अनुरूप ही कार्य हो रहा है। सरकार सभी की समस्याओं को सुनकर एक-एक समस्याओं का हल निकाले, राज्य का मुखिया होने के नाते यह मेरी जिम्मेदारी है। मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त जिला परिषद अध्यक्षों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। सुखाड़ से निपटने के लिए बन रही कार्य योजना : मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण काल से ही प्राकृतिक आपदाओं से निपटने का काम कर रही है। इस वर्ष राज्य में सही समय पर बारिश नहीं होने के कारण सुखाड़ की समस्या उत्पन्न हुई है। राज्य सरकार सुखाड़ से निपटने के लिए कार्य योजना तैयार कर रही है। सुखाड़ की गंभीरता को देखते हुए कई योजनाओं को ग्रामीण क्षेत्र में लागू किया जाएगा। राज्य सरकार की योजनाओं को धरातल तक उतारने में आप सभी जनप्रतिनिधियों की भूमिका सबसे अहम होगी। यहां के मजदूर वर्ग को उनका हक-अधिकार मिलता रहे इस निमित्त जल्द ही राज्य सरकार एक नियमावली बनाएगी। हमारे राज्य के मजदूरों का एक बड़ा हिस्सा दूसरे राज्य के बिचौलिया तथा ठेकेदार लेकर जा रहे हैं। हमारी सरकार एक के नियम बनाने जा रही है जिसमें सभी कांट्रेक्टर, बिल्डरों आदि निर्माण कार्य से जुड़े संस्थानों को स्थानीय मजदूरों के साथ काम करने की बाध्यता रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सोच है कि झारखंड बेरोजगारी तथा पलायन जैसी समस्याओं से मुक्त हो सके। जनता का काम हो रहा है, जनता आपके साथ खड़ी है : मौके पर विभिन्न जिलों से पहुंचे जिला परिषद अध्यक्षों ने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यो की सराहना की। राज्य सरकार द्वारा मंत्रिपरिषद की बैठक में 1932 खतियान आधारित झारखंड का स्थानीय निवासी की परिभाषा एवं पहचान हेतु विधेयक गठन की स्वीकृति दिए जाने को लेकर मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया एवं मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। जिला परिषद अध्यक्षों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री से कहा कि वर्तमान सरकार में जनता का काम हो रहा है जनता सहृदय आपके साथ खड़ी है। मौके पर बोकारो जिप अध्यक्षा सुनीता देवी, दुमका जोएस बेसरा (दुमका), श्रद्धा सिंह (धनबाद), उमेश मेहता (हजारीबाग), सुधा चौधरी (रामगढ़), मसीहा पुडिया (खूंटी), किरण माला वाड़ा (गुमला), रीना भगत (लोहरदगा), रोज प्रतिमा सोरेन (सिमडेगा), निर्मला भगत (रांची), बारी मुर्मू (पूर्वी सिंहभूम), सोनाराम बोडरा (सरायकेला), शांति देवी (गढ़वा), प्रतिमा कुमारी (पलामू), पूनम देवी (लोहरदगा), मोनिका किस्कू (साहिबगंज), जोली सिस्ट मनी (पाकुड़), राधा रानी (जामताड़ा), बेबी देवी (गोड्डा), ममता कुमारी (चतरा), रामधन यादव (कोडरमा), उमेश मेहता (हजारीबाग), जिला प्रतिनिधि बोकारो चितरंजन साव, संदीप सोरेन, शेखर सिंह, सूरज सिंह, सुधीर मंडल, चंदन, राजेश बरनवाल, विनय चौधरी, रामदेव सिंह, पवन प्रजापति, गोपाल चौधरी एवं अन्य उपस्थित थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि टोयोटा 28 सितंबर को एक नई कार से पर्दा उठायेगी। खास बात यह है कि यह कार फ्लेक्स फ्यूल से चलेगी। यह भारतीय बाजार में पहली फ्लेक्स-फ्यूल से चलने वाली कार होगी। इस जानकारी की घोषणा दूसरे ऑटोमोबाइल कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (एसीएमए) के वार्षिक सत्र में की गई है। मंत्री ने यह नहीं बताया कि टोयोटा किस मॉडल का खुलासा करेगी। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह नई दिल्ली में नई फ्लेक्स-फ्यूल पावर्ड कार का अनावरण करेंगे। फ्लेक्स फ्यूल शब्द फ्लेक्सिबल फ्यूल का एक संक्षिप्त रूप है। इसे पेट्रोल के विकल्प के रूप में माना जा सकता है, जिसका उपयोग कई वाहन करते हैं। फ्लेक्स फ्यूल को पेट्रोल और इथेनॉल या मेथनॉल के कॉम्बिनेशन से बनाया जाता है। फ्लेक्स फ्यूल को पर्यावरण के लिए क्लीनर है, क्योंकि इथेनॉल या मेथनॉल पेट्रोल की तुलना में अधिक कुशलता से जलता है, जिससे प्रदूषण कम होता है। गन्ने और मकई जैसे कृषि उत्पादों से इथेनॉल का उत्पादन स्थायी रूप से किया जा सकता है। इसलिए, अन्य देशों से पेट्रोल आयात करने के बजाय इथेनॉल का मिश्रण एक बेहतर प्रस्ताव लगता है। ब्राजील, जर्मनी और फ्रांस जैसे कुछ देश पहले से ही फ्लेक्स फ्यूल और फ्लेक्स-फ्यूल इंजन का उपयोग कर रहे हैं। फ्लेक्स-फ्यूल इंजन की बात करें तो हर इंजन फ्लेक्स-फ्यूल पर नहीं चल सकता। एक रेगुलर इंजन केवल एक प्रकार के ईंधन पर चल सकता है जबकि फ्लेक्स-फ्यूल इंजन पेट्रोल के साथ 83 प्रतिशत तक इथेनॉल से चल सकता है। हालांकि, फ्लेक्स-फ्यूल को सपोर्ट करने के लिए रेगुलर इंजन में बदलाव किया जा सकता है। भारत फ्लेक्स-फ्यूल पर फोकस कर रहा है, क्योंकि अभी हम ज्यादातर पेट्रोल-डीजल अन्य देशों के आयात करत हैं। फ्लेक्स-फ्यूल को अपनाने से भारत के कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी, क्योंकि इथेनॉल के रूप में भारत की स्थानीय अर्थव्यवस्था का उत्पादन स्थानीय स्तर पर होगा। इसके अलावा, अन्य देशों पर भारत की निर्भरता कम होगी, क्योंकि जीवाश्म ईंधन का आयात भी कम हो सकता है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने पुराने वाहनों को कबाड़ में बदलने पर नई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन और टैक्स में 25 प्रतिशत छूट का नियम लागू कर दिया है। झारखंड सरकार के कैबिनेट की ओर से मंजूर की गई स्क्रैप पॉलिसी 2022 की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस पॉलिसी का उद्देश्य पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण पाना है। अधिसूचना के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति नये वाहन का रजिस्ट्रेशन कराते वक्त पुराने वाहन को स्क्रैप में तब्दील करने का प्रमाण पेश करता है, तो उसे झारखंड मोटर वाहन टैक्सेशन रूल 2001 के तहत टैक्स में छूट दी जायेगी। पुराने वाहन को उसके रजिस्ट्रेशन की तिथि से 15 वर्ष के बीच स्क्रैप में तब्दील करने पर ही यह छूट मिलेगी। यानी 15 वर्ष से ज्यादा पुराने वाहनों को स्क्रैप करने पर यह लाभ नहीं मिल पायेगा। ट्रांसपोर्टिंग करने वाली गाड़ियों के लिए पॉलिसी में अलग तरह की शर्तें तय की गई हैं। ऐसी गाड़ियों को रजिस्ट्रेशन की तिथि से 8 वर्ष तक स्क्रैप में तब्दील करने पर नये वाहन रजिस्ट्रेशन और टैक्स में 15 फीसदी की रियायत दी जायेगी। झारखंड कैबिनेट ने बीते एक सितंबर को इस पॉलिसी को मंजूरी दी थी, जिसे अब अधिसूचित किया गया है। बताया गया है कि परिवहन विभाग ने रजिस्टर्ड गाड़ियों की स्क्रैपिंग के लिए यार्ड स्थापित करने की दिशा में भी पहल की है। इसके लिए विभाग ने इच्छुक पार्टियों से आवेदन भी आमंत्रित किये हैं। स्क्रैपिंग की सेवा उपलब्ध कराने के इच्छुक व्यक्तियों, सोसाइटी, कंपनी को प्रदूषण बोर्ड के मार्गदर्शन के अनुसार कार्य करना होगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखण्ड की महागठबंधन सरकार के मुखिया हेमन्त सोरेन ने सचमुच हिम्मत दिखाई है। झारखंड मंत्रालय में 14 सितंबर 2022 को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में के महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिनमें ★ झारखंड आंगनबड़ी सेविका- सहायिका चयन एवं मानदेय (अन्य शर्तो सहित) नियमावली-2022 की स्वीकृति दी गई। ★ झारखण्ड राज्य में कम वर्षापात एवं कम फसल आच्छादन को दृष्टिपथ में रखते हुए राज्य में आकस्मिक एवं रबी फसलों के विस्तार हेतु कृषकों को आकस्मिक एवं रबी 2022-23 के फसलों हेतु 90% अनुदान पर बीज उपलब्ध कराये जाने की स्वीकृति दी गई। ★ कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार का मॉडल अधिनियम प्रारूप के अनुसार कृषि उपज एवं पशुधन विपणन (संवर्धन एवं सुविधा) अधिनियम प्रारूप, 2017 को कतिपय संशोधन के साथ अंगीकृत करते हुए संशोधित झारखण्ड राज्य कृषि उपज एवं पशुधन विपणन (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2022 की स्वीकृति दी गई। ★ झारखण्ड राज्य में पथ निर्माण विभाग की पथों पर अवस्थित Railway Level Crossings (समपार) के स्थान पर ROBs/RUBs (पहुंच पथ सहित) का (भू-अर्जन, Utilities shifting एवं अन्य pre-construction activities छोड़कर) भारत सरकार द्वारा CRIF के माध्यम से कार्यान्वयन हेतु झारखण्ड सरकार, रेल मंत्रालय तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के बीच होनेवाले मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) की स्वीकृति दी गई। ★ राज्य के आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं लघु आंगनबाड़ी केन्द्रों में ताजा गरम पोषाहार पकाकर लाभुकों को उपलब्ध कराने हेतु राज्य योजनान्तर्गत गैस सिलिण्डर एवं कूकिंग स्टोव की आपूर्त्ति की योजना में LPG संयोजन तथा LPG सिलिण्डर की दर में संशोधन की स्वीकृति दी गई। ★ राज्य योजनान्तर्गत संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण योजना अधीन राज्य के आंगनबाड़ी केन्द्रों एवं लघु आंगनबाड़ी केन्द्रों में लाभुकों को ताजा गरम पोषाहार पकाकर उपलब्ध कराने हेतु बर्तनों एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने हेतु वाटर प्यूरीफायर के क्रय एवं आपूर्ति संबंधी तथा सुदृढ़ संरचना उपलब्ध कराने हेतु केन्द्रों के अनुरक्षण, सुसज्जीकरण एवं रख-रखाव संबंधी प्रस्ताव की स्वीकृति दी गई। ★ स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अन्तर्गत स्वास्थ्य प्रशिक्षक संवर्ग (नियुक्ति, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तें) नियमावली, 2022 के गठन की स्वीकृति दी गई। ★ देवघर जिलान्तर्गत अंचल-सारठ, मौजा-भवानीपुर अंतर्निहित कुल रकबा-2.01 एकड़ गैरमजरूआ जंगल-झाड़ी भूमि कुल देय राशि रूपये 78,05,046/- (अठहत्तर लाख पांच हजार छियालीस) मात्र ईसीएल चितरा कोल माईन्स द्वारा अदायगी पर एसपी माईन्स (ईसीएल), चितरा के साथ 30 वर्षों के लिए स:शुल्क लीज बंदोबस्ती करने की स्वीकृति दी गई। ★ भारतीय मुद्रांक अधिनियम, 1899 की अनुसूची 1 क में संशोधन करने तथा बिहार मनोरंजन ड्यूटी कोर्ट फी तथा मुद्रांक (अधिभार संशोधन) अधिनियम, 1948 की धारा-5 को निरस्त करने के संबंध में पूर्व में प्रस्तुत झारखण्ड वित्त विधेयक, 2021 पर राज्यपाल महोदय की आपत्ति के उपरांत वापस लेते हुए झारखण्ड वित्त विधेयक, 2022 पर सहमति की स्वीकृति दी गई। ★ वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए प्रखण्ड भवन मुख्य निर्माण कार्य योजनान्तर्गत झारखण्ड राज्य के 86 प्रखण्डों में आवश्यकतानुरूप आवासीय भवनों के नवनिर्माण हेतु रु. 46880.32 लाख मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। ★ झारखण्ड भवन, नई दिल्ली में बाह्य स्रोत से वाहन चालकों के 07 (सात) पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। ★ केन्द्रीय योजना/राज्य योजना अन्तर्गत मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के संचालन/क्रियान्वयन में हो रही कठिनाईयों के आलोक में आवश्यक संशोधन प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई। ★ सीसीएल द्वारा सीएसआर मद से उपलब्ध करायी जाने वाली राशि से राँची विश्वविद्यालय परिसर, मोराबादी, रांची में 5000 की क्षमता का पुस्तकालय निर्माण हेतु 62,43,39,300/ (बासठ करोड़ तैतालीस लाख उन्चालीस हजार तीन सौ रूपये) मात्र की लागत पर घटनोत्तर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। ★ राज्य में New Education Policy, 2020 के कार्यान्वयन हेतु उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग अन्तर्गत वित्तीय नियमावली के नियम 235 को क्षांत करते हुए नियम 245 के तहत NICSI के Empanelled Agency Pricewaterhouse Coopers Private Limited का मनोनयन के आधार पर चयन कर PMU (Project Management Unit) गठन करने की स्वीकृति दी गई। ★ विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के अन्तर्गत नवस्थापित डिग्री महाविद्यालयों में प्राचार्य, सहायक प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के पदों के सृजन तथा महाविद्यालयों में संकायों की स्वीकृति दी गई। ★ कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के अन्तर्गत नवस्थापित डिग्री महाविद्यालय में प्राचार्य, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के पदों के सृजन तथा महाविद्यालयों में संकाय की स्वीकृति दी गई। ★ झारखण्ड लेबर सर्विस (टेक्निकल) संवर्ग के अंतर्गत वाष्पित्र निरीक्षक एवं मुख्य वाष्पित्र निरीक्षक के पद का वेतनमान/ग्रेड-पे संशोधन की स्वीकृति दी गई। ★ ई-कोर्ट प्रोजेक्ट के तहत झारखण्ड उच्च न्यायालय, राँची एवं राज्य के सभी अधीनस्थ व्यवहार न्यायालयों में संविदा आधारित सृजित सिस्टम सहायक (System Assistant) सिस्टम ऑफिसर ( System Officer) एवं सीनियर प्रोग्रामर (Senior Programmer) के मासिक संविदा राशि में अभिवृद्धि की स्वीकृति दी गई। ★ राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, परसपानी, गोड्डा में अनुबंध पर कार्यरत कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई। ★ अन्तर्राज्यीय बस पड़ाव, धनबाद का लोक निजी भागीदारी प्रणाली के तहत विकास हेतु Inter State Bus Terminal-Cum-Commercial facilities Integrated Project fay तैयार अवधारणा नोट एवं निविदा संबंधी RFQ-cum-RFP की स्वीकृति एवं Inter State Bus Terminal के विकास हेतु कुल 48,11,03,700 /- रूपये की योजना पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। ★ झारखण्ड विधानसभा सचिवालय में नियुक्तियों एवं प्रोन्नतियों में बरती गई अनियमितताओं के जांच प्रतिवेदन में समाहित जटिल विधि एवं तथ्यों के समाधान हेतु एक सदस्यीय न्यायिक आयोग के गठन की स्वीकृति दी गई। ★ राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) के अंतर्गत Projet App Val Board (PAB) की 12वीं एवं 13वीं बैठक में स्वीकृत किये गये 10 नए मॉडल डिग्री कॉलेज के स्थापना हेतु पूर्व में राज्य स्कीम मद से स्वीकृत 10 नए महाविद्यालयों के लिए Funding Pattern में परिवर्तन करने की स्वीकृति दी गई। ★ रांची नगर निगम अंर्तगत Selection of Consultant for Updating / Revising Detailed Project Report of Ranchi Sewerage & Drainage (2006) including integration of existing/ongoing sewerage schemes (Ranchi Sewerage Zone 1) and Preparation of Safeguard documents & provision of Project Management Services हेतु राशि 31,16,97,033.60 रु० (Including GST & All taxes) की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। ★ डॉ० मेरी नीलिमा केरकेट्टा (भा.प्र.से. सेवानिवृत्त) को झारखण्ड लोक सेवा आयोग, रांची में अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किए जाने की स्वीकृति दी गई। ★ प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (मध्याह्न भोजन योजना) के अंतर्गत विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को पूरक पोषाहार के रूप में सप्ताह में पांच दिन अंडा / फल अथवा दूध उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई। ★ राज्य के न्यायिक पदाधिकारियों का द्वितीय राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग (SNJPC) द्वारा की गई अनुशंसा के आलोक में वेतन पुनरीक्षण की स्वीकृति दी गई। ★ श्री अरुण कुमार एक्का, झा०प्र०से०, तत्कालीन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, रायडीह गुमला के विरूद्ध पूर्व में विभागीय संकल्प सं०-11402 (HRMS) दिनांक- 13.11.2020 द्वारा अधिरोपित दण्ड असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक को संशोधित करते हुए झारखण्ड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के नियम-14 (iv) के तहत् असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक का दण्ड अधिरोपित करने की स्वीकृति दी गई। ★ विश्वविद्यालयों के स्नातकोत्तर विभागों एवं अंगीभूत महाविद्यालयों में स्वीकृत पदों के विरुद्ध रिक्त पदों पर घंटी आधारित संविदा पर नियुक्त शिक्षकों के पैनल का अवधि विस्तार दिनांक 31.03.2023 तक करने की स्वीकृति दी गई। ★ झारखण्ड पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण अधिनियम, 2001 (यथा संशोधित) में संशोधन हेतु विधेयक, 2022 की स्वीकृति दी गई। ★ झारखण्ड इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति-2022 की गठन की स्वीकृति दी गई। ★ आंगनबाड़ी केन्द्रों में उपस्थित होने वाले 03-06 वर्ष के बच्चों को गर्म पोशाक (Winter Uniform) उपलब्ध कराने हेतु राज्य योजनान्तर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों के बच्चों को पोशाक की आपूर्ति योजना के कार्यान्वयन की स्वीकृति दी गई। ★ झारखण्ड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड, रांची के द्वारा पुलिस संगठन के अतिरिक्त गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सभी संलग्न कार्यालयों के निर्माण कार्य करने हेतु विभागीय संकल्प संख्या-5454, दिनांक 25.10.2002 में संशोधन करने की स्वीकृति दी गई। ★ गोड्डा जिलान्तर्गत दुमुही (वीर कुंवर सिंह चौक) (NH-133 पर) से चाँदनी चौक (NH-333A पर) पथ के कि०मी० 0.00 से कि०मी० 11.050 (कुल लंबाई- 11.050 कि०मी०) को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन सहित) हेतु रू० 29,36,61,600/- (उनतीस करोड़ छत्तीस लाख एकसठ हजार छः सौ रू०) मात्र का प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। ★ पथ प्रमंडल, गढ़वा अन्तर्गत रमना-विशुनपुरा-मझिआँव पथ (MDR-132) (कुल लंबाई-29.300 कि०मी०) के मजबूतीकरण / पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग सहित) हेतु रू. 55,26,90,500/- (पचपन करोड़ छब्बीस लाख नब्बे हजार पाँच सौ रूपये) मात्र का प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। ★ पथ प्रमण्डल, रांची अन्तर्गत बिरसा चौक से धुर्वा गोलचक्कर (लम्बाई-2.6 कि.मी.) का चार लेन में मजबूतीकरण, चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण कार्य (साईकिल ट्रैक एवं फुटपाथ सहित) एवं धुर्वा गोलचक्कर से प्रोजेक्ट बिल्डिंग (लम्बाई-1.5 किमी) पथ का राईडिंग क्वालिटी में सुधार कार्य (कुल लम्बाई 4.10 किमी) हेतु रू० 34,93,37,700/- (चौंतीस करोड़ तिरानबे लाख सैंतीस हजार सात सौ रूपये) मात्र का प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। ★ पथ प्रमण्डल, गढ़वा अन्तर्गत गढ़वा-चिनियां पथ (MDR-137) (कुल लंबाई-26.300 किमी) के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण / पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन सहित) हेतु रू0 70,24,01,300 /- (सतर करोड़ चौबीस लाख एक हजार तीन सौ रूपये) मात्र का प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। ★ पथ प्रमण्डल, गढ़वा अन्तर्गत रंका (SH-11 पर) से रमकण्डा (MDR-131 पर) पथ (कुल लंबाई- 20.925 कि०मी०) के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण / पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन सहित) हेतु रू. 65,77,86,500/- (पैंसठ करोड़ सत्तहतर लाख छियासी हजार पांच सौ रूपये) मात्र का प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने की स्वीकृति दी गई। ★ पथ प्रमण्डल, साहेबगंज अन्तर्गत (पार्ट -A) मिर्जाचौकी-बोआरीजोर पथ (MDR 207) पथ के चैनेज किमी 0.00 से किमी 16.970 (0.00 से 3.70 किमी एवं 16.60 किमी) (कुल लं0-16.970 किमी) एवं पथ प्रमण्डल, गोड्डा अन्तर्गत (पार्ट -B) मिर्जाचौकी-बोआरीजोर पथ (MDR-207) पथ के चैनेज किमी 16.600 से कि०मी० 25.060 (कुल लं0-8.46 कि०मी०) तक (समेकित कुल लंबाई-25.43 कि०मी०) के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण / पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन एवं युटिलिटी शिफ्टिंग सहित) हेतु रू0 107,83,78,700/- (एक सौ सात करोड़ तेरासी लाख अठहत्तर हजार सात सौ रू०) मात्र का प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। ★ पथ प्रमण्डल, रांची (ग्रामीण) अन्तर्गत अनगढ़ा - हाहे-राहे पथ (MDR-021) (कुल लंबाई- 26.687) का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण / पुनर्निर्माण कार्य (भू-अर्जन एवं युटिलिटी शिफ्टिंग सहित) हेतु रू0 57,95,82,200 /- (संतावन करोड़ पंचानबे लाख बेरासी हजार दो सौ रू०) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। ★ प्रस्तावित अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय (निजी विश्वविद्यालय), रांची की स्थापना हेतु 120-150 एकड़ भूमि 99 वर्ष के दीर्घकालिक लीज पर उपलब्ध कराने हेतु Azim Premji Foundation एवं राज्य सरकार के मध्य MoU की स्वीकृति दी गई। ★ वित्तीय वर्ष 2022-23 में माननीय मुख्यमंत्री, झारखण्ड के सुरक्षा कारकेड के लिए 01 अदद् Audi Q7 अथवा कोई भी अन्य वाहन अधिकत्तम मूल्य रू० 1.25 करोड़ तक का एवं 02 अदद् एम्बुलेंस तथा माननीय अध्यक्ष, झारखण्ड विधानसभा एवं माननीय मंत्रीगण, झारखण्ड के स्कॉट के लिए 25 अदद् Mahindra Bolero Neo N4 वाहन के क्रय हेतु स्थापना व्यय बजट मुख्यशीर्ष 2055- पुलिस के अन्तर्गत झारखण्ड आकस्मिकता निधि से रू० 4,00,00,000/- (चार करोड़ रूपये) मात्र अग्रिम के रूप में स्वीकृति दी गई। ★ झारखंड के स्थानीय निवासी की परिभाषा एवं पहचान हेतु झारखंड के स्थानीय व्यक्तियों की परिभाषा और परिणामी सामाजिक, सांस्कृतिक और अन्य लाभों को ऐसे स्थानीय व्यक्तियों तक विस्तारित करने के लिए विधेयक, 2022 के गठन की स्वीकृति दी गई।
टीम एबीएन, रांची। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के बाद झारखंड सरकार भी इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए पॉलिसी ला रही है। पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और 14 सितंबर को राज्य सरकार के कैबिनेट की मीटिंग में इस पॉलिसी को मंजूरी दी जा सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि 2026 तक राज्य में कुल वाहनों में 10 प्रतिशत इलेक्ट्रिक व्हीकल हों। इसके लिए सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल के खरीददारों को 10 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दे सकती है। गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में सरकार ने नई दिल्ली में इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माताओं को झारखंड की प्रस्तावित ईवी पॉलिसी की जानकारी दी थी। इसके तहत इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनियों से स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क में पूरी छूट का वादा किया गया था। सरकार ने कहा था कि झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण के जरिए कार निर्माताओं को 50 फीसदी सब्सिडी पर जमीन उपलब्ध करायेगी। यह लाभ हासिल करने के लिए उन्हें झारखंड की ईवी नीति के लॉन्च के बाद से पहले दो वर्षों के भीतर राज्य में प्रोडक्शन यूनिट लगानी होगी। इसमें वाहन पंजीकरण शुल्क और रोड टैक्स से पूर्ण छूट का भी प्रस्ताव है। टाटा, ह्युन्डई, मारुति, होंडा सहित कई कंपनियों को राज्य सरकार अपने मसौदे से रूबरू करा चुकी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पॉलिसी में यह व्यवस्था की गई है कि खरीददारों को किसी भी स्थिति में कुल कीमत के लिहाज से 10 प्रतिशत की छूट उपभोक्ताओं को मिलेगी। इलेक्ट्रिक बसों के लिए भी राज्य सरकार उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ देगी। सरकार की योजना के मुताबिक हर तीन किमी के दायरे में एक चार्जिंग स्टेशन और नेशनल हाईवे पर हर 24 किलोमीटर की दूरी पर चाजिर्ंग स्टेशन लगाये जायेंगे। प्रस्तावित ईवी पॉलिसी पर वित्त, कॉमर्शियल टैक्स और विधि विभाग की ओर से सहमति मिल चुकी है। यह पॉलिसी पांच सालों के लिए लागू होगी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। वर्तमान समय में आधार कार्ड का अपना अलग ही महत्व है। आजकल बिना आधार कोई काम नहीं हो रहा है। हर काम के लिए आपको आधार जरूरी है। लेकिन अब वह दिन भी दूर नहीं, जब जानवरों के लिए भी आधार बनेगा। जी हां, आधार कार्ड आपके जरूरी दस्तावेजों में से एक हैं। या फिर यूं कहना गलत नहीं होगा कि आज के समय में आधार कार्ड सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट है। बैंक खाता खुलवाना हो या विदेश यात्रा पर जाना हो, कॉलेज में एडमिशन लेना हो या नौकरी ज्वॉइन करनी हो। आधार कार्ड हर जगह जरूरी है। इसी तर्ज पर अब सरकार पशुओं के लिए भी आधार कार्ड बनाने की योजना बना रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय डेयरी सम्मेलन में इस बात की जानकारी दी। डेयरी सेक्टर को और व्यापक बनाने के लिए पीएम मोदी ने अब पशु-आधार बनाने की घोषणा की है। पशु आधार के आने से जानवरों से जुड़ी सभी जानकारियां हासिल हो पाएंगी और साथ ही उन्हें खरीदने और बेचने में भी ज्यादा परेशानी नहीं होगी। पीएम मोदी ने खुद दी जानकारी : पीएम मोदी ने बताया कि भारत डेयरी पशुओं का डेटाबेस तैयार कर रहा है। इस सेक्टर से जुड़े हर पशु की टैगिंग भी हो रही है। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ई-गोपाला ऐप को शुरू करते वक्त पशु आधार नंबर का जिक्र किया। पशुओं के आधार के लिए जानवरों की बायोमीट्रिक पहचान की जा रही है, इसके जरिए पशुओं की डिजिटल आइडेंटिफिकेशन की जा रही है। इससे जानवरों की सेहत पर नजर रखने के साथ-साथ डेयरी प्रॉडक्ट्स से जुड़े मार्केट को विस्तार देने में मदद मिलेगी। पीएम मोदी ने सुनाया बन्नी भैंस का किस्सा : कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने गुजरात के कच्छ में रहने वाली बन्नी भैंस का एक किस्सा सुनाया। यह भैंस वहां की रेगिस्तान की परिस्थितियों से ऐसी घुलमिल गई है कि देखकर कई बार हैरानी होती है। दिन में भयंकर धूप होने की वजह से बन्नी भैंस रात के कम तापमान में घास चरने के लिए निकलती है। पीएम ने कहा कि विदेश से आए हमारे साथी ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि उस समय समय बन्नी भैंस के साथ उसके किसान या पालक साथ नहीं होते हैं। बन्नी भैंस खुद चारागाह में जाती है। रेगिस्तान में पानी कम होता है। इसलिए बहुत कम पानी में भी बन्नी भैंस का काम चल जाता है। गौरतलब है कि पीएम मोदी ने 12 सितंबर को वर्ल्ड डेयरी समिट 2022 का शुभारंभ किया। वर्ल्ड डेरी सम्मेलन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने प्राकृतिक खेती को सर्टिफाइड करने, उसकी मार्केटिंग करने, विदेश में एक्सपोर्ट करने के लिए देश में तीन मल्टी लेवल सोसाइटी बनाने की भी घोषणा की।
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