एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे जिसमें जीवन, जलवायु परिवर्तन, प्लास्टिक कचरे से निपटने, वन्यजीव और वन प्रबंधन से संबंधित मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया जायेगा। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बुधवार को यहां बताया कि 23 सितंबर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुजरात के एकता नगर में पर्यावरण मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। यह सम्मेलन सहकारी संघवाद की भावना के अनुरुप बहु-आयामी दृष्टिकोण के माध्यम से प्लास्टिक प्रदूषण के उन्मूलन, जलवायु परिवर्तन से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्य कार्य योजनाओं जैसे मुद्दों पर बेहतर नीतियां बनाने में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच और सामंजस्य बनाने के लिए सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन पर भू-संरक्षण पर विशेष रूप से चर्चा होगी। इस दो दिवसीय सम्मेलन में छह सत्र होंगे, जिनमें जलवायु परिवर्तन से निपटने के तौर-तरीकों पर चिंतन होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पारंपरिक रूप से दिल्ली में आयोजित होने वाली सेना दिवस परेड को अगले साल बल की दक्षिणी कमान के अधिकार क्षेत्र में आने वाली किसी जगह स्थानांतरित कर दिया जाएगा। सूत्रों ने यह जानकारी दी। फील्ड मार्शल के एम करियप्पा के 15 जनवरी, 1949 को भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के रूप में अपने ब्रिटिश पूर्ववर्ती की जगह लेने के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष सेना दिवस मनाया जाता है। औपचारिक कार्यक्रम पारंपरिक रूप से दिल्ली छावनी के करियप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाता है। सेना के सूत्रों ने सोमवार को कहा, ह्लवार्षिक सेना परेड अगले साल दिल्ली के बाहर आयोजित की जाएगी। यह सेना की दक्षिणी कमान के अधिकार क्षेत्र में आने वाले किसी एक स्थान पर होगी।ह्व कुछ खबरों में कहा गया है कि परेड अगले साल से अलग-अलग जगहों पर बारी-बारी से आयोजित की जायेगी। हालांकि, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि 2023 की परेड के बाद भी यह व्यवस्था जारी रहेगी या नहीं। सेना दिवस परेड, 26 जनवरी को होने वाली वार्षिक गणतंत्र दिवस परेड के अलावा, भारतीय सेना के सबसे प्रतिष्ठित आयोजनों में से एक है। इसमें पारंपरिक रूप से सेना प्रमुख और अन्य शीर्ष अधिकारी भाग लेते हैं। भारतीय सेना की वेबसाइट के अनुसार, दक्षिणी कमान आधिकारिक तौर पर एक अप्रैल, 1895 को अस्तित्व में आई और इसका मुख्यालय पुणे में है। दक्षिणी कमान में दो कोर शामिल हैं जिनका मुख्यालय जोधपुर और भोपाल में है। कमान में 11 राज्य और चार केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं, और इसके दायरे में देश का लगभग 41 प्रतिशत भूभाग आता है। वेबसाइट के अनुसार, इसकी संरचनाएं, प्रतिष्ठान और इकाइयां 19 छावनी और 36 सैन्य अड्डों में फैली हुई हैं। इससे पहले, यह घोषणा की गई थी कि आठ अक्टूबर को वायु सेना दिवस परेड चंडीगढ़ के वायु सेना स्टेशन पर आयोजित की जायेगी।
टीम एबीएन, रांची। रांची में इस बार दुर्गा पूजा को लेकर उत्साह है। भक्त माता रानी के आगमन को लेकर विशेष रूप से तैयारी में जुटे हैं। भव्य पूजा पंडाल के साथ भव्य प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। उधर, रांची प्रशासन की जिम्मेदारियां भी इस वर्ष पूजा को लेकर ज्यादा बढ़ गई है। क्योंकि इस वर्ष पूजा में श्रद्धालुओं की भीड़ काफी उमड़ने वाली है। इसे देखते हुए विशेष गाइडलाइन जारी किये गये हैं। जिसमें खास तौर पर पंडालों के अंदर फायर सेफ्टी इक्यूपमेंट लगाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर और भी एसओपी बनाये गये हैं। दो साल के बाद इस वर्ष की दुर्गा पूजा हर किसी के लिए खास रहेगी। इस बार की खास पूजा को लेकर रांची पुलिस और प्रशासन विशेष तौर अलर्ट बरत रही है। ताकि कोई भी अनहोनी होने से पहले उसे रोका जा सके। क्योंकि इस वर्ष पूजा पंडाल के साथ प्रतिमाएं भी काफी भव्य होंगी। इस वर्ष भव्य पूजा पंडाल के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पूजा पंडालों और रांची की सड़कों पर नजर आएंगी। जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन के द्वारा भी पूजा पंडाल समितियों को विशेष दिशा निर्देश जारी किए गए हैं : पंडालों में फायर सेफ्टी इक्यूपमेंट हो, साथ ही फायर ब्रिगेड से एनओसी लेना भी अनिवार्य, बिजली के तारों के नीचे पंडाल न हो, बिजली विभाग से भी एनओसी लें। एंट्री- एक्जिट गेट अलग अलग हो, इसके साथ ही महिला और पुरुष के गेट अलग अलग होना चाहिए, पूजा पंडाल के अपने वोलेंटियर्स भी हो ताकि पुलिस को उनका सहयोग मिल सके। भीड़ ज्यादा होने पर नियंत्रित और व्यवस्थित किया जा सके, सीसीटीवी कैमरे पूजा पंडाल में इंस्टॉल किए जायें, ध्वनि विस्तारक यंत्र का नियमानुसार इस्तेमाल हो, किसी भी तरह के आपत्तिजनक गाने न बजाये जायें, पंडाल के आगे पीछे लाइट की प्रॉपर व्यवस्था हो।
टीम एबीएन, रांची। सीएम ने सोमवार को लगभग 50 हजार शिक्षकों के पदों पर होने वाली नियुक्ति को लेकर जिला स्तर पर जल्द से जल्द रोस्टर क्लीयरेंस का निर्देश दिया। श्री सोरेन स्कूली शिक्षा विभाग का समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में खाली पड़े पदों को भरने के निर्देश दिये। इसके अलावा पर्यटन विभाग की समीक्षा के दौरान राज्य में पर्यटक स्थलों को लेकर टूरिस्ट गाइड बनाने को कहा। राज्य के सभी प्रखंडों में स्टेडियम की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। राज्य सरकार द्वारा हाल ही में लॉन्च पर्यटन नीति और खेल नीति में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए इंसेंटिव समेत कई प्रावधान किए गए हैं। इस सिलसिले में सभी जिलों के उपायुक्त अपने जिलों के चेंबर के अधिकारियों के साथ बैठक कर इसकी जानकारी देने को कहा। उन्होंने पिछले वर्ष नवंबर में आयोजित आपके अधिकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत जो आवेदन मिले थे, उनमें जो लंबित रह गये थे, उन आवेदनों का त्वरित निष्पादन करने के निर्देश दिये। सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का जाति प्रमाण पत्र स्कूल के माध्यम से निर्गत करने के लिए चल रहे अभियान को गति देने का निर्देश दिया।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास विभाग के 6 प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की। इसके तहत मनरेगा, मनरेगा के तहत नियुक्ति की प्रक्रिया बिरसा हरित ग्राम योजना, वीर शहीद पोटो हो विकास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर आवास योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि कम बारिश की वजह से इस वर्ष सूखे की स्थिति है। ऐसे में किसानों-मजदूरों का पलायन नहीं हो, इसका विशेष ख्याल रखें। ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजित किया जायें और योजनाओं का क्रियान्वयन बड़े पैमाने पर हो। उन्होंने कहा कि योजनाओं की जियो मैपिंग भी कराई जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का स्थल निरीक्षण भी किया जायेगा। विभाग ने योजनाओं की प्रगति की दी जानकारी : ● बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत 16.58 लाख फलदार और 2.72 लाख इमारती पौधे लगाये जा चुके हैं। ● वीर शहीद पोटो हो विकास योजना के तहत 3371 योजनाएं दी गई हैं जिसमें 1041 पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री ने लंबित योजनाओं का कार्य 15 नवंबर तक पूरा करने के दिए निर्देश। हर पंचायत में इस योजना को लेने का भी निर्देश दिया गया। ● प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 16 लाख से ज्यादा आवास बनाने का लक्ष्य है। इसमें 81 परसेंट आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। जबकि 2 लाख 90 हज़ार के लगभग आवास का कार्य लंबित है। वही केंद्र सरकार ने 1 लाख 75 हज़ार नए आवास स्वीकृत किये हैं। ● बाबा साहब भीमराव अंबेडकर आवास योजना के तहत इस वर्ष 11 हज़ार 155 आवास बनाने का लक्ष्य है। इसमें 62100 आवास स्वीकृत किया गया है। मुख्यमंत्री ने दिये ये निर्देश : ● हर गांव में कम से कम 5 नई योजनाओं को अविलंब शुरू करें। ● अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति को मनरेगा कार्यों में प्राथमिकता दें। ● मनरेगा में 50% महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करें। ● मनरेगा कार्यों में जेसीबी का इस्तेमाल नहीं हो। ● फर्जी मस्टर रोल पर अविलंब रोक लगे। ● मनरेगा के तहत ससमय कार्य का अवलोकन करें और समय पर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करें। ● ज्यादा से ज्यादा मानव दिवस का सृजन करें ताकि पलायन नहीं हो। ● मुख्यमंत्री ने खनन वाले इलाकों में एक करोड़ के तक की योजनाओं का कार्य स्थानीय लोगों को देने की दिये गये निर्देश के आलोक में उठाये गये कदमों की जानकारी ली। उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, कार्मिक सचिव वंदना डाडेल और मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे समेत सभी विभागों के प्रधान सचिव/ सचिव तथा सभी जिलों के उपायुक्त उपस्थित है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन महत्वपूर्ण बैठक कर रहे हैं। प्रोजेक्ट भवन में जिले के डीसी और विभागीय सचिवों के साथ सीएम समीक्षा बैठक कर रहे हैं। इस मीटिंग में कई महत्वपूर्ण बातों पर चर्चा होनी है। सीएम हेमंत सोरेन राज्य में चल रहे विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं। उसकी प्रगति रिपोर्ट की जानकारी ली जा रही है। इसके अलावा आगामी दुर्गा पूजा को लेकर चल रही तैयारियों पर भी चर्चा की जायेगी। बता दें कि राज्य में चल रहे मौजूदा सियासी उथल-पुथल के बीच सीएम हेमंत सोरेन लगातार जनकल्याणकारी फैसले ले रहे हैं। जिससे लोगों में खुशाी का माहौल है। राज्य में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की बात हो या फिर 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति की। सभी को हेमंत कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। वहीं झारखंड में कार्यरत आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई है। जबकि झारखंड में कार्यरत पुलिसकर्मियाों के हित में भी सरकार ने फैसला लिया है।
एबीएन सेंटल डेस्क। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के ग्राहकों को विभिन्न बैंकिंक सेवाओं के लिए लगने वाले कई तरह के चार्ज में से एक से राहत मिली है। एसबीआई ने मोबाइल फंड ट्रांसफर पर लगने वाले एसएमएस शुल्क को हटा दिया है। एसबीआई ने जानकारी दी कि यूएसएसडी सेवाओं का उपयोग करके उपयोगकर्ता अब बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के आसानी से लेनदेन कर सकते हैं। एसबीआई ने ट्वीट किया है, मोबाइल फंड ट्रांसफर पर अब एसएमएस शुल्क माफ! ग्राहक अब बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के आसानी से लेनदेन कर सकते हैं। बैंक ने आगे कहा कि ग्राहक बिना किसी अतिरिक्त लागत के सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं, जिसमें पैसे भेजने, रिक्वेस्ट मनी, अकाउंट बैलेंस, मिनी स्टेटमेंट और यूपीआई पिन बदलना शामिल हैं। किसको फायदा : इस निर्णय से सबसे ज्यादा फायदा फीचर फोन रखने वालों को होगा। यूएसएसडी या अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंट्री सर्विस डेटा का उपयोग आमतौर पर टॉक टाइम बैलेंस या खाता जानकारी की जांच करने के लिए होता है। साथ ही मोबाइल बैंकिंग लेनदेन में ये इस्तेमाल होता है। यह सर्विस फीचर फोन पर काम करती है। लिहाजा फीचर फोन वाले ग्राहकों को फायदा होगा। देश के 1 अरब से अधिक मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं में से 65% से अधिक अभी भी फीचर फोन वाले ग्राहक शामिल हैं।
टीम एबीएन, रांची। तीन वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही जिले में पदस्थापित इंस्पेक्टर के तबादले की तैयारी की जा रही है। इसको लेकर झारखंड पुलिस मुख्यालय ने 250 इंस्पेक्टर रैंक के पदाधिकारियों का सूची तैयार की है। ये सभी इंस्पेक्टर राज्य के अलग अलग जिले में पदस्थापित हैं। पुलिस मुख्यालय की ओर से अगले दो दिनों में ट्रांसफर पोस्टिंग की अधिसूचना जारी कर दी जायेगी।
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