टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अपनी नई पॉलिसी का एलान कर दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि 2026 तक राज्य में कुल वाहनों में 10 प्रतिशत इलेक्ट्रिक व्हीकल हों। सरकार ने इन वाहनों की खरीदारी करने पर 10 हजार से लेकर 20 लाख रुपये तक की छूट देने की घोषणा की है। रोड टैक्स और परमिट पर भी रियायत दी जायेगी। राज्य सरकार के कर्मियों को इलेक्ट्रिक दोपहिया या चारपहिया वाहन खरीदने पर 100 फीसदी इंटरेस्ट सब्सिडी दी जायेगी। 1.50 लाख तक मिलेगी छूट : सरकार की ओर से नोटिफाई की गई नई पॉलिसी के अनुसार, इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर 1.50 लाख रुपये तक की छूट का लाभ हासिल कर सकेंगे। इलेक्ट्रिक टू व्हीलर पर 10 हजार रुपये तक का डिस्काउंट मिलेगा। कॉमर्शियल उद्देश्य से इलेक्ट्रिक ऑटो की खरीद पर 30 हजार रुपये की छूट हासिल होगी। सरकार चाहती है कि राज्य में ई-बसों का बड़े पैमाने पर परिचालन हो। लिहाजा, ऐसी बसों की खरीदारी पर लगभग 20 लाख रुपये तक की छूट मिल सकती है। छूट की इन योजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ सबसे पहले खरीदारी करने वाले ग्राहकों को मिलेगा। इवी के पहले 10 हजार खरीदार को 100 प्रतिशत, 10 से 15 हजार खरीदारों को 75 प्रतिशत और इसके बाद खरीदारी करने वालों 25 फीसदी तक की छूट दी जा सकती है। पॉलिसी में यह व्यवस्था की गई है कि खरीदारों को किसी भी स्थिति में कुल कीमत के लिहाज से 10 प्रतिशत की छूट उपभोक्ताओं को मिलेगी। इसमें वाहन पंजीकरण शुल्क और रोड टैक्स से पूर्ण छूट का भी एलान किया गया है। सरकार की योजना : सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियों को झारखंड में प्रोडक्शन यूनिट लगाने पर आकर्षक ऑफर का एलान किया है। ऐसी कंपनियों को दो करोड़ से लेकर 30 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी जायेगी। यह लाभ हासिल करने के लिए उन्हें झारखंड की ईवी पॉलिसी के लॉन्च के बाद से पहले दो वर्षों के भीतर राज्य में प्रोडक्शन यूनिट लगानी होगी। सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एडवांस केमेस्ट्री सेल बैटरी का भी उत्पादन शुरू हो जाए. सरकार की योजना के मुताबिक हर तीन किमी के दायरे में एक चार्जिंग स्टेशन और नेशनल हाईवे पर हर 24 किलोमीटर की दूरी पर चार्जिंग स्टेशन लगाये जायेंगे। शहरी क्षेत्रों में हर 10 लाख की आबादी पर 50 चार्जिंग स्टेशन खोलने की तैयारी है। यह पॉलिसी पांच सालों के लिए लागू की गई है। सरकारी कार्यालयों में भी कार्यालय इस्तेमाल के लिए इवी के ही इस्तेमाल पर पर जोर दिया जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड बिजली वितरण निगम के एक जीएम और सात डिप्टी जीएम का तबादला कर दिया गया है। जारी अधिसूचना के अनुसार महाप्रबंधक तकनीकी धनजंय कुमार निगम मुख्यालय को महाप्रबंधक एटीपी मुख्यालय तबादला किया गया है। वहीं उपमहाप्रबंधक तकनीकी मुकूल कुमार गोरवारा प्लानिंग निगम मुख्यालय को हजारीबाग, सुधीर कुमार निगम मुख्यालय को रांची, विभाष चंद्र पाल निगम मुख्यालय को दुमका, गौतम मुखर्जी को धनबाद, मनोज कुमार झा निगम मुख्यालय को मेदिनीनगर, विनय कुमार निगम मुख्यालय को गिरिडीह और शरत कुमार निगम मुख्यालय का तबादला जमशेदपुर कर दिया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए खुशखबरी है। बता दें कि हेमंत सोरेन सरकार ने सरकारी स्कूल में मिड डे मील के तहत बच्चों को सप्ताह में 5 दिन अंडा या फल उपलब्ध कराने की योजना बनाई है। इसके लिए प्रति छात्र 6 रुपये की दर से राशि स्कूलों को भेज दी गई है। इतना ही नहीं हेमंत सोरेन सरकार ने सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले उन सभी छात्र-छात्राओं का बचत बैंक खाता कैंप लगाकर खोलने का निर्णय लिया है, जिनका अभी तक खाता नहीं खुला है। दरअसल, अभी तक सरकारी स्कूल में छात्रों को सप्ताह में 2 दिन ही अंडा या फल उपलब्ध कराया जाता था, लेकिन अब सरकार द्वारा 5 दिन अंडा या फल उपलब्ध कराया जायेगा। राज्य सरकार इस योजना के तहत रसोइया सह सहायिका को प्रतिमाह 2000 रुपये देती है। अब सभी रसोइयों को प्रतिवर्ष 02 एप्रेन एवं टोपी के लिए 500 रुपये की दर से अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई है। बता दें कि हाल ही में राज्य सरकार ने केंद्र के निर्देश पर मिड डे मील में कुकिंग कास्ट की राशि भी 9.6 प्रतिशत बढ़ाई है। साथ ही सरकार ने राज्य के सभी जिलों में मिड डे मील के लिए फोर्टिफाइड चावल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के पदाधिकारियों के मुताबिक फोर्टिफाइड चावल में आयरन, विटामिन बी-12, फोलिक एसिड को शामिल किया जाता है। 50 किलोग्राम चावल की एक बोरी में 49.5 किलोग्राम सामान्य चावल एवं 500 ग्राम फोर्टिफाइड चावल मिलाया जाता है। वर्तमान में प्राथमिक कक्षा में 100 ग्राम चावल एवं उच्च प्राथमिक कक्षा में 150 ग्राम चावल प्रति छात्र उपलब्ध कराया जाता है। उधर, दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) और ऊर्जा दक्षता ब्यूरो ( बीइइ) ऊर्जा संरक्षण पर राष्ट्रीय स्तर की पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन करेगा। झारखंड में डीवीसी को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इसके लिए ग्रुप ए और ग्रुप बी में प्रतियोगिता होगी। ग्रुप ए में कक्षा 5, 6 व 7 में पढ़ने वाले बच्चे भाग ले सकते हैं। ग्रुप बी में कक्षा 8, 9 व 10 में पढ़ने वाले बच्चे भाग ले सकते हैं। प्रतियोगिता के राज्य स्तरीय प्रथम विजेता को 50 हजार, दूसरे स्थान पर रहने वाले को 30 हजार व तृतीय स्थान पर रहने वाले को 20 हजार रुपये नकद पुरस्कार मिलेगा। 10 बच्चों को सांत्वना पुरस्कार के रूप में 75-75 सौ रुपये दिये जायेंगे। राष्ट्रीय स्तर के विजेता को एक लाख रुपये नकद पुरस्कार मिलेगा। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए निबंधन 25 अक्तूबर से पहले कराना होगा। निबंधन डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू. बीइइ-स्टूडेंट अवार्ड.इन के जरिए होगा।
टीम एबीएन, रांची। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत झारखंड में तकरीबन 11 लाख से भी ज्यादा लोगों ने फर्जी तरीके से लाभ लिया है। सरकार फजीर्वाड़ा करने वालों की पहचान कर रही है। ऐसे लोगों को भुगतान की गई राशि सरकार उनसे वापस लेगी। केंद्र सरकार के कृषि मंत्रालय ने झारखंड सहित सभी राज्यों से इस बाबत रिपोर्ट मांगी है। केंद्र के निर्देश के बाद ऐसे लोगों को स्कीम की राशि का भुगतान रोक दिया गया है, जिनकी जमीन के कागजात अपडेट नहीं हैं। अब तक की स्कैनिंग में कुल 11 लाख 20 हजार 323 लोग ऐसे पाये गये हैं, जिन्होंने तीन साल में भी जमीन के कागजात जमा नहीं किये हैं। इसके अलावा 4.07 लाख किसान ऐसे हैं, जिन्होंने केवाईसी अपडेट नहीं किया है। इस तरह कुल 15 लाख 27 हजार किसान जांच के दायरे में हैं। राज्य में वर्ष 2019 के मई में कुल 30 लाख 97 हजार 746 किसानों ने इस स्कीम के तहत रजिस्ट्रेशन कराया था। इन्हें चार से छह किस्तों की राशि का भुगतान भी कर दिया गया। अब इनमें से कुल 15 लाख 27 हजार लोगों के अकाउंट में स्कीम की राशि भेजने पर रोक लगा दी गई है। सबसे बड़े फजीर्वाड़े की आशंका देवघर जिले में है। यहां के 61442 किसानों की जमीन के कागजात उपलब्ध नहीं हो सके हैं। इसी तरह पलामू जिले में 36536, गोड्डा में 32662, चतरा में 29551, गिरिडीह में 27215, हजारीबाग में 25574 और रांची में 21973 किसान ऐसे हैं, जिनकी जमीन का सही-सही ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। बाकी जिलों में बगैर सही कागजात के लाभ लेने वालों की बड़ी संख्या है। कई जिलों में गलत तरीके से भुगतान लेने वालों को नोटिस भी जारी किया गया है। पैन एवं आधार कार्ड के जरिये ऐसे किसानों की पहचान की जा रही है। जो किसान केवाईसी अपडेट करा लेंगे, उन्हें स्कीम का लाभ आगे दिया जा सकेगा। गौरतलब है कि पूरे देश में किसानों को मिलने वाली सहायता के नाम 4352 करोड़ रुपये से अधिक की रकम अवैध रूप से निकासी हुई है। बीते 22 मार्च तक अपात्र किसानों से सरकार महज 296.67 करोड़ रुपये ही वसूल पाई थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीनी उद्योग को वर्ष 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाने का लक्ष्य हासिल करने तथा इसके लिए आवश्यक एथनॉल उत्पादन के लिए सरकारी समर्थन की आवश्यकता होगी। भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) के अध्यक्ष आदित्य झुनझुनवाला ने बुधवार को यह कहा। उन्होंने सोसाइटी आॅफ इंडियन आॅटोमोबाइल निर्माता (सियाम) के एक कार्यक्रम में कहा कि नीति आयोग के अनुमान के अनुसार, वर्ष 2025 तक देश में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल करने के लिए 1,000 करोड़ लीटर एथनॉल की आवश्यकता होगी। झुनझुनवाला ने कहा कि इसके लिए देश में गन्ना और चीनी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उच्च एथनॉल उत्पादन क्षमता, अधिक डिस्टिलरी और अनुकूल सरकारी नीतियों की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा, चीनी उद्योग ने लगभग 100 लाख टन चीनी उत्पादन का लक्ष्य रखा है और इस तरह अनाज के अलावा केवल चीनी उद्योग से 1,000 करोड़ लीटर एथनॉल प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि उद्योग ने पहले ही मौजूदा उत्पादन क्षमताओं का उपयोग किया है, उन्होंने कहा, अगला विकल्प नई परियोजनाओं को जोड़ना है। झुनझुनवाला ने कहा, चीनी उद्योग अपने निवेश और गन्ने की किस्मों और एथनॉल उत्पादन में सुधार कर रहा है, और हमें सरकार की ओर से कुछ समर्थन और मदद की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि अल्पकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एथनॉल के सुचारू मिश्रण और उत्पादन के बारे में कुछ मुद्दों के समाधान करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि एथनॉल के स्रोतों के विविधीकरण पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। इसमें कृषि अपशिष्ट और धान की भूसी शामिल है, क्योंकि गन्ना पानी का भरपूर उपयोग करने वाली फसल है।
टीम एबीएन, रांची। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) द्वारा सूचित किया गया है कि गुरुवार, दिनांक 20 अक्टूबर 2022 को होने वाली मंत्रिपरिषद् की बैठक अब शुक्रवार, दिनांक 21 अक्टूबर 2022 अपराह्न 4 बजे से झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) स्थित मंत्रिपरिषद् कक्ष में होगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में बनने वाले तरह-तरह के प्रोडक्ट्स को केंद्र सरकार के सहयोग से माली, मॉरिटानिया और रवांडा जैसे कई अफ्रीकी देशों के बाजार तक पहुंचाने की योजना है। इससे जुड़ी संभावनाओं की तलाश में मॉली-मॉरिटानिया के भारतीय राजदूत अंजनी कुमार और रवांडा के राजदूत ऑस्कर केरकेट्टा झारखंड के दौरे पर हैं। इस योजना पर झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मुख्य सचिव सुखदेव सिंह के साथ विचार-विमर्श के बाद दोनों राजदूतों ने सोमवार-मंगलवार को रांची, रामगढ़ और हजारीबाग जिले में अलग-अलग उत्पादों की प्रोडक्शन यूनिटों का निरीक्षण किया। राजदूतों ने रांची के ओरमांझी प्रखंड अंतर्गत कुल्ही स्थित टेक्सटाइल हब में तैयार होने वाले कपड़ों, रामगढ़ के सुकरीगढ़ा में सिल्वर ज्यूलरी क्लस्टर और हजारीबाग में सोहराई पेंटिंग और डोकरा आर्ट क्लस्टर में बनने वाले प्रोडट्क्स का जायजा लिया। उन्होंने कारीगरों-शिल्पकारों से प्रोडक्ट्स की विशेषताओं, तैयार करने की प्रक्रिया, लागत और उत्पादन क्षमता आदि के बारे में जानकारी ली। अफ्रीकी देशों में इनके निर्यात और खपत की संभावनाओं के बारे में वे केंद्र सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगे। आगामी 20 से लेकर 22 अक्टूबर तक गुजरात के केवड़िया में भारतीय राजदूतों का सम्मेलन होना है। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने वाले हैं। इस सम्मेलन में भी वे झारखंड के प्रोडक्ट्स के बारे में चर्चा करेंगे। मॉली-मॉरिटानिया के भारतीय राजदूत अंजनी कुमार ने कहा कि झारखंड में बन रहे उत्पादों की अपनी खासियत है। ये वल्र्ड क्लास के मापदंडों पर भी खरे हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड के कारीगरों और शिल्पकारों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलायी जा सकती है। राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मुलाकात के दौरान भी दोनों राजदूतों ने झारखंड और अफ्रीकी देशों के बीच साझा सहयोग, निवेश और निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा की हैं।
टीम एबीएन, रांची। राज्य के सभी अर्हता प्राप्त नागरिकों का मतदाता सूची में निबंधन एवं मतदाता जागरुकता के उद्देश्य से आवश्यक सहयोग प्रदान करने हेतु नेहरु युवा केन्द्र संगठन के पदाधिकारियों एवं वॉलेन्टियर्स का एक दिवसीय कार्यशाला 18.10.2022 को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार की अध्यक्षता में मंत्रिमण्डल (निर्वाचन) विभाग, झारखण्ड, रांची में हुआ। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि अभी भी राज्य में सभी अर्हता प्राप्त व्यक्ति मतदाता सूची में निबंधित नहीं हैं। लगभग एक तिहाई मतदाता निर्वाचन के दौरान मतदान की प्रक्रिया में भाग नहीं लेते हैं। युवा वर्ग की सहभागिता अन्य आयु वर्ग के मुकाबले कम है जो उनकी उदासीनता को प्रदर्शित करता है। नेहरु युवा केन्द्र संगठन मतदाता जागरुकता के क्षेत्र में बहुमूल्य सहयोग प्रदान कर सकता है। नेहरु युवा केन्द्र संगठन के प्रतिनिधियों की पंचायत एवं ग्राम स्तर तक लोगो के साथ सीधा सम्पर्क है। उनके द्वारा मतदाता जागरुकता एवं मतदाता सूची में निबंधन के संबंध में जानकारी आम लोगो तक सीधा पहुंचाकर उन्हें प्रेरित एवं जागरुक किया जा सकता है। निर्वाचन साक्षरता कल्ब, मतदाता जागरुकता फोरम एवं चुनाव पाठशाला में आवश्यक नेहरु युवा केन्द्र संगठन का आवश्यक सहयोग अपेक्षित है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम 2023 दिनांक 09.11.2022 से प्रारंभ हो रहा है एवं इसमें दिनांक 08.12.2022 तक दावा एवं आपत्तियां प्राप्त की जायेंगी। इस दौरान सभी अर्हता प्राप्त व्यक्तियों का निबंधन मतदाता सूची में सुनिश्चित कराया जायेगा। इस अवधि में मतदान केन्द्रों पर दिनांक 12 एवं 13 नवम्बर तथा 19 एवं 20 नवम्बर, 2022 को विशेष कैम्प लगाया जाएगा। साथी ही सभी अपार्टमेंन्टस, हाउसिंग सोसाईटी में दिनांक 09 नवम्बर से 15 नवम्बर, 2022 तक, सभी $2 विद्यालयों में 16 नवम्बर से 22 नवम्बर, 2022 तक तथा सभी महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयों में दिनांक 23 नवम्बर से 29 नवम्बर, 2022 तक विशेष अभियान चलाकर अर्हताप्राप्त व्यक्तियों का निबंधन कराया जायेगा। कार्यशाला में श्री देवदास दत्ता, नोडल पदाधिकारी, स्वीप झारखण्ड द्वारा निर्वाचन साक्षरता क्लब, मतदाता जागरुकता फोरम एवं चुनाव पाठशाला के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। सोशल मीडिया के प्रयोग एवं निर्वाचन जागरुकता में इसकी भूमिका एवं वेब रंडियो के संबंध में पूजा बोस, नोडल पदाधिकारी, वेब रेडियो सह सहायक जन सम्पर्क पदाधिकारी एवं ऋषभ आनन्द, कंसल्टेंट, सोशल मीडिया से कार्यशाला में जानकारी दी गई। राजेश रंजन वर्मा, संयुक्त सचिव द्वारा VHA & NVSP के संबंध में विस्तार से बताया गया । साथ ही एसएन जमील, प्रभारी कम्प्युटर शाखा द्वारा प्रपत्र 6, 6ख 7 एवं 8 के संबंध में बताया गया। नेहरु युवा केन्द्र संगठन की राज्य निदेशक हनी सिन्हा ने कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन किया एवं नेहरु युवा केन्द्र संगठन द्वारा मतदाता जागरुकता के क्षेत्र में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के साथ समन्वय करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की जानकारी दी गई।
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