राज काज

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Published / 2022-11-09 22:39:49
ईडी ने पूछताछ के लिए 17 नवंबर को सीएम हेमंत सोरेन को बुलाया

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय ने तलब किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने सीएम सोरेन को 17 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है। इससे पहले हेमंत सोरेन को संघीय जांच एजेंसी ने तीन नवंबर को पेश होने के लिए समन जारी किया था, लेकिन वह आधिकारिक व्यस्तताओं का हवाला देते हुए पेश नहीं हुए थे। झारखंड के मुख्यमंत्री ने प्रवर्तन निदेशालय से तीन सप्ताह का समय मांगा था।आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने अब मुख्यमंत्री सोरेन को अगले सप्ताह 17 नवंबर को राजधानी रांची स्थित उसके क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ और धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत बयान दर्ज कराने के लिए पेश होने के लिए कहा है। मामले में सोरेन के राजनीतिक सहयोगी पंकज मिश्रा और दो अन्य स्थानीय बाहुबली बच्चू यादव और प्रेम प्रकाश को ईडी ने गिरफ्तार किया है। एजेंसी ने कहा है कि उसने राज्य में अवैध खनन से जुड़ी अब तक 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की अपराध की आय की पहचान की है।इससे पहले झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्थकों को अपने आवास पर संबोधित करते हुए सोरेन ने कहा था कि ईडी ने साजिश के तहत मुझे सम्मन भेजा है। अगर मैंने अपराध किया है, तो सम्मन भेजने की जगह मुझे गिरफ्तार करें। उन्होंने कहा था कि मुझे न तो डर है और न ही चिंता है। मैं और मजबूत बनकर ही उभरूंगा। अगर झारखंड के लोग चाहें तो, विरोधियों को छुपने की जगह भी नहीं मिलेगी।

Published / 2022-11-09 20:21:26
अब लीजिये... धोखाधड़ी के आरोपी नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पण करायेगा ब्रिटेन उच्च न्यायालय

एबीएन सेंट्रल डेस्क। लंदन की हाईकोर्ट ने बुधवार को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) कर्ज घोटाले के मामले में करीब दो अरब डॉलर की धोखाधड़ी करने तथा काले धन को सफेद बनाने के आरोपों का सामना करने के लिए हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश दे दिया। न्यायाधीश जेरेमी स्टुअर्ट-स्मिथ और न्यायाधीश रॉबर्ट जे ने फैसला सुनाया। उन्होंने इस साल की शुरूआत में नीरव की अपील पर सुनवाई की अध्यक्षता की थी। दक्षिण-पूर्व लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद 51 वर्षीय नीरव को गत फरवरी में जिला न्यायाधीश सैम गूजी की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत की प्रत्यर्पण के पक्ष में दी गयी व्यवस्था के खिलाफ अपील करने की अनुमति दी गयी थी। उच्च न्यायालय में अपील पर सुनवाई की अनुमति दो आधार पर दी गयी थी। यूरोपीय मानवाधिकार समझौते (ईसीएचआर) के अनुच्छेद 3 के तहत यदि नीरव की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसका प्रत्यर्पण अनुचित या दमनकारी है तो दलीलों पर सुनवाई करने की अनुमति थी और मानसिक सेहत से ही संबंधित प्रत्यर्पण अधिनियम 2003 की धारा 91 के तहत इसकी अनुमति दी गयी। नीरव पर दो मामले हैं। एक धोखाधड़ी से ऋण समझौता करके या सहमति-पत्र हासिल करके पीएनबी के साथ बड़े स्तर पर जालसाजी करने से संबंधित मामला जिसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच कर रहा है और दूसरा उस धोखाधड़ी से प्राप्त काले धन को सफेद में बदलने से संबंधित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच वाला मामला है। उस पर साक्ष्यों को गायब करने और गवाहों को डराने-धमकाने के दो अतिरिक्त आरोप भी हैं जो सीबीआई के मामले में जोड़े गये।

Published / 2022-11-08 20:07:31
खनिज का पता लगाने को 13 निजी एजेंसियों को मिली मान्यता

एबीएन सेंट्रल डेस्क। सरकार ने मंगलवार को कहा कि देश में खनिज की खोज को लेकर अबतक 13 निजी एजेंसियों को मान्यता दी गयी है। खान मंत्रालय ने बयान में कहा कि इसके साथ सरकारी एजेंसियों की कुल संख्या बढ़कर 22 पर पहुंच गयी है। पिछले साल खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम में संशोधन के बाद निजी कंपनियों को खदानों की खोज में भाग लेने की अनुमति दी गई है। ऐसी एजेंसियों को भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) के नेशनल एक्रीडिशन बोर्ड फॉर एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (एनएबीईटी) से मान्यता लेने की आवश्यकता होती है। खान मंत्रालय के तहत आने वाला सार्वजनिक उपक्रम मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लि. (एमईसीएल), नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट फंडिंग के माध्यम से खनिजों की खोज करता है। इसके अलावा, एमईसीएल ब्लॉक के लिए रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज तैयार करने को लेकर परामर्श सेवाएं भी प्रदान करता है। एमईसीएल राजस्थान के पश्चिमी भाग में पोटाश की उपलब्धता के अध्ययन के लिए राजस्थान सरकार के साथ भी जुड़ा हुआ है।

Published / 2022-11-08 20:02:51
जी20 का लोगो, थीम और वेबसाइट लॉन्च कर बोले पीएम मोदी- यह देश के लिए ऐतिहासिक क्षण

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत की जी20 की अध्यक्षता के लोगो, थीम और वेबसाइट का अनावरण किया और इसे देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं भारत की जी20 अध्यक्षता के ऐतिहासिक अवसर पर देशवासियों को बधाई देता हूं। वसुधैव कुटुम्बकम विश्व के प्रति भारत की करुणा का प्रतीक है। कमल विश्व को एक साथ लाने में भारत की सांस्कृतिक विरासत और विश्वास को चित्रित करता है। उन्होंने कहा कि दुनिया विनाशकारी कोरोना महामारी के बाद के प्रभावों से गुजर रही है। ऐसे में जी20 लोगो का प्रतीक आशा का प्रतिनिधित्व है। परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न हों, कमल खिलता रहता है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जी20 लोगो सिर्फ एक लोगो नहीं है बल्कि यह एक संदेश और एक भावना है जो हमारी रगों में है। यह एक संकल्प है, जिसे हमारी सोच में शामिल किया गया है। पीएम मोदी ने कहा, कमल पर सात पंखुड़ियां, विश्व के सात महाद्वीपों और संगीत के सात स्वरों का प्रतिनिधित्व करती हैं. जी20 दुनिया को सद्भाव में लाएगा। इस लोगो में कमल का फूल भारत की पौराणिक विरासत, हमारी आस्था, हमारी बुद्धि का चित्रण कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जी20 की अध्यक्षता भारत को अंतरराष्ट्रीय महत्व के महत्वपूर्ण मुद्दों पर वैश्विक एजेंडे में योगदान करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगी। देश की जी20 की अध्यक्षता के ये लोगो, थीम और वेबसाइट भारत के संदेश और दुनिया के प्रति उसकी व्यापक प्राथमिकताओं को प्रतिबिंबित करेंगे। भारत एक दिसंबर से इंडोनेशिया से जी20 की अध्यक्षता ग्रहण करेगा। जी20 या 20 देशों का समूह दुनिया की प्रमुख विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर सरकारी मंच है। इसमें अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं।

Published / 2022-11-08 13:26:37
जयशंकर से मिलेंगे रूसी डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री, खत्म होगा रूस-यूक्रेन युद्ध!

एबीएन सेंट्रल डेस्क। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यूक्रेन युद्ध में शांति स्थापना करने के लिए भारत मध्यस्थता कर सकता है और भारत के समझाने के बाद रूस यूक्रेन में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए तैयार हो सकता है। वहीं, विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर का रूस दौरा मध्यस्थता करने के लिए ही हो रहा है, जिसमें आज जयशंकर की मुलाकात रूसी उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से होगी। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर आज रूस की राजधानी मास्को में रूसी उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात करेंगे। यूक्रेन में युद्ध शुरू होने के बाद भारतीय विदेश मंत्री का ये पहला रूस दौरा है और जयशंकर का ये दौरा उस वक्त हो रहा है, जब कई अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए भारत काफी अहम भूमिका निभाने वाला है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि एस जयशंकर का ये दौरा यूक्रेन युद्ध के बीच काफी अहम हो सकता है। वहीं, एक रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी उप-प्रधानमंत्री मंटुरोव, जो व्यापार और उद्योग मंत्री भी हैं, उनके साथ डॉ जयशंकर की बैठक ऐसे वक्त में हो रही है, जब अमेरिकी प्रेशर के बाद भी रूस और भारत मजबूत व्यापारिक भागीदार बन गये हैं और भारत-रूस के बीच का द्विपक्षीय व्यापार कथित तौर पर तीन गुना हो गया है और रूसी तेल का भारतीय आयात पिछले साल की तुलना में 20 गुना से ज्यादा हो गया है। इस बैठक के दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग में सुधार पर अहम बातचीत करेंगे। भारतीय विदेश मंत्री की यात्रा को लेकर रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि एस जयशंकर और उनके रूसी समकक्ष के बीच की बातचीत दोनों देशों के बीच ट्रेड और इन्वेस्टमेंट पर आधारित होगी, जिसमें ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, आपसी व्यापार में स्थानीय मुद्राओं का इस्तेमाल, ऊर्जा क्षेत्र में प्रोजेक्ट्स, खासकर आर्कटिक क्षेत्र में प्रोजेक्ट्स को लेकर अहम बैठक की जायेगी। रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि, इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच भारत-रूस इंटरगवर्नमेंटल कमीशन ऑन ट्रेड, इकोनॉमिक्स, साइंटिफिक, टेक्नोलॉजिकल एंड कल्चरल कॉपरेशन पर भी बातचीत होगी।

Published / 2022-11-08 10:24:27
51 नर्सिंग पेशेवरों को राष्ट्रपति ने दिया राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में 51 नर्सिंग पेशेवरों को वर्ष 2021 के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किइस। राष्ट्रपति ने इस मौके पर कहा कि सभी नर्सों को उनके अनुकरणीय कार्य और निस्वार्थ सेवा के लिए राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार 2021 प्रदान करते हुए प्रसन्नता हो रही है। कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में सभी स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के नि:स्वार्थ योगदान के साथ-साथ राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण कार्यक्रम को गति देने में उनकी कड़ी मेहनत का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि महामारी ने दुनिया को हमारी नर्सों की ओवरटाइम काम करने, परिवारों से दूर रहने और अत्यधिक मांग वाली परिस्थितियों में सेवा करने की दुर्जेय भावना दिखायी है। राष्ट्रपति ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने में नर्सों का योगदान अनुकरणीय रहा है। ये पुरस्कार विजेता देश में युवा नर्सों और दाइयों को साथी नागरिकों की बेहतरी के लिए प्रतिबद्धता और करुणा के साथ काम करने के लिए प्रेरित करेंगे। पूरी नर्सिंग बिरादरी को मेरी शुभकामनाएं। उल्लेखनयी है कि राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कारों की स्थापना वर्ष 1973 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समाज में नर्सों और नर्सिंग पेशेवरों द्वारा प्रदान की गई मेधावी सेवाओं के लिए मान्यता के रूप में की गयी थी।

Published / 2022-11-07 23:17:44
अड़चनों का कारण अटकी परियोजनाएं अब होंगी बंद

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दशकों से चली आ रही भूमि अधिग्रहण की अड़चनें, अफसरशाही और केंद्र-राज्यों के बीच टकराव से 1.26 लाख करोड़ रुपये की 116 महत्त्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को ठंडे बस्ते में डाला जा सकता है। इन परियोजनाओं पर 20,311 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय किया जा चुका है लेकिन केंद्र अब इसे पूरी तरह से बंद करने की योजना बना रहा है। नीति आयोग द्वारा तैयार की गई आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार 116 परियोजनाओं को चिह्नित किया गया है, जिन्हें रद्द करने, रोकने या बंद करने पर विचार किया जाएगा। इन्हें केंद्र की परियोजना निगरानी तंत्र से हटाया जा सकता है। इस निगरानी तंत्र को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए बनाया गया है। बिजनेस स्टैंडर्ड ने भी इस रिपोर्ट को देखा है। रिपोर्ट में पाया गया है, इस तरह की ज्यादातर परियोजनाएं रेलवे और सड़क क्षेत्र से जुड़ी हैं। रेलवे की बात करें तो 50 परियोजनाओं को रोका जायेगा (इनमें से कुछ को 40 साल पहले स्वीकृति दी गई थी) और 15 को अभी मंजूरी भी नहीं मिली है। इसी तरह सड़क क्षेत्र की 33 परियोजनाओं को बंद या निलंबित किया जा सकता है। ऐसे में ज्यादातर निवेश रेलवे और सड़क क्षेत्र में भी लगा है। वित्त वर्ष 2023 के बजट में रेलवे और सड़क परिवहन विभाग को नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के विकास के लिए सबसे अ​धिक धन का आवंटन किया गया था। लेकिन दशकों से लंबित परियोजनाओं में पैसे डूबने से वित्तीय कुशलता को लेकर भी चिंता खड़ी होती है। इनमें से अ​धिकांश परियोजनाओं की जगह नई परियोजनाएं लाई जा सकती हैं। कई परियोजनाओं में देरी की वजह से उनकी लागत में भी लगातार इजाफा हुआ है। रेलवे की अटकी परियोजनाओं की लागत 49 फीसदी बढ़कर 88,373 करोड़ रुपये हो गई। रेलवे की 72 परियोजनाओं पर अब तक कुल 8,500 करोड़ रुपये से अ​धिक का पूंजीगत व्यय किया जा चुका है। इसी तरह सड़क परिवहन और राजमार्ग की 33 परियोजनाएं लंबे समय से अटकी हुईं हैं, जिनकी लागत में 6 फीसदी का इजाफा हुआ है। इन परियोजनाओं पर अब तक 11,000 करोड़ रुपये का खर्च हो चुका है। इन 116 परियोजनाओं में से 55 से अ​धिक परियोजनाओं को केंद्र और राज्यों के बीच भूमि अधिग्रहण के मुद्दों और अफसरशाही के कारण या बंद कर दिया गया या ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार संबंधित मंत्रालयों ने राज्य सरकारों द्वारा जमीन अ​धिग्रहण की मंजूरी नहीं देने या जरूरी मंजूरियां नहीं देने की बात कही थी। इस बीच करीब 10 परियोजनाएं राज्यों के साथ लागत साझेदारी अनुबंध का पालन नहीं करने के कारण अटकी हुई हैं। उदाहरण के लिए रतलाम और डूंगरपुर को जोड़ने वाली बहु-राज्यीय रेलवे परियोजना को रोक दिया गया था क्योंकि राजस्थान सरकार ने परियोजना की लागत साझा करने में असमर्थता जताई थी और इस पर करीब 191 करोड़ रुपये का खर्च किया जा चुका है। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की दो कोयला परियोजनाओं को पर्यावरण संबंधी मुद्दों की वजह से निगरानी तंत्र से हटाया जा सकता है।

Published / 2022-11-07 11:39:41
आज से रूस दौरे पर लावरोव से मिलेंगे विदेश मंत्री जयशंकर, यूक्रेन संघर्ष पर चर्चा की उम्मीद

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूक्रेन से जारी युद्ध के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर आज रूस की दो दिनों के दौरे पर जायेंगे। अपनी इस यात्रा के दौरान वह रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और डिप्टी प्राइम मिनिस्टर डेनिस मंटुरोव के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। उनकी अधिकतर बैठकें मंगलवार को निर्धारित हैं। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को जयशंकर के दौरे की जानकारी दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया था कि रूस दौरे के दौरान जयशंकर अपने समकक्ष के साथ द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत करेंगे। जयशंकर की यह यात्रा 15-16 नवंबर को बाली में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन से कुछ दिन पहले हो रही है। यूक्रेन में युद्ध छिड़ने के बाद यह पहला मौका होगा, जब रूसी राष्ट्रपति पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन सहित कई देशों के नेता एक ही टेबल पर होंगे। जयशंकर की रूस यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह दौरा यूक्रेन के साथ जंग के बीच हो रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि विदेश मंत्री अपनी बैठकों में युद्ध की शांतिपूर्ण समाप्ति की बात जरूरी उठायेंगे। जयशंकर ने आखिरी बार जुलाई 2021 में रूस का दौरा किया था। वाशिंगटन पोस्ट ने सप्ताहांत में बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से फोन पर बात की थी और शांति वार्ता पर मदद की पेशकश की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, जेलेंस्की ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। जेलेंस्की के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, जेलेंस्की ने उनसे कहा कि यूक्रेन पुतिन के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा। हालांकि यूक्रेन बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। बयान में कहा गया कि रूस ने जानबूझकर बातचीत के प्रयासों को कमजोर किया है। यूक्रेन में जारी संघर्ष के बीच जयशंकर की रूस यात्रा हो रही है। पिछले कुछ महीनों में कई पश्चिमी देशों द्वारा दबाव बनाये जाने के बावजूद भारत ने रूस से रियायती कच्चे तेल का आयात बढ़ाया है। फरवरी में यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद से जयशंकर और लावरोव चार बार मिल चुके हैं। रूस के विदेश मंत्री ने अप्रैल में भारत का दौरा किया था। इस दौरे के दौरान लावरोव ने जयशंकर के साथ व्यापक बातचीत की थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पिछले साल दिसंबर में भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आये थे।

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