राज काज

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Published / 2022-11-14 21:11:51
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ी गिरावट की तैयारी में केंद्र सरकार

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अगर सबकुछ ठीक रहा तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी गिरावट आयेगी। दरअसल, केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने के लिए तैयार है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने यह जानकारी दी है।

हरदीप पुरी ने कहा कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए राज्यों की सहमति जरूरी है और अगर राज्य इस दिशा में पहल करते हैं तो केंद्र भी इसके लिए तैयार है। उन्होंने कहा-हम पहले से ही इसके लिए तैयार रहे हैं। यह मेरी समझ है। हालांकि, दूसरा मुद्दा इसे लागू करने के तरीके का है। उस सवाल को वित्त मंत्री के समक्ष उठाया जाना चाहिए। पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की लंबे समय से उठ रही मांग के बीच पेट्रोलियम मंत्री ने इस बात की आशंका जताई कि राज्यों के बीच इसपर सहमति बनने की संभावना कम ही है। उन्होंने कहा कि राज्यों के राजस्व का प्रमुख स्रोत शराब एवं पेट्रोलियम उत्पादों पर लगने वाला कर ही होता है।  
हरदीप पुरी ने कहा, यह समझना अधिक मुश्किल नहीं है कि राज्यों को इनसे राजस्व मिलता है। राजस्व पाने वाला आखिर उसे क्यों छोड़ना चाहेगा? सिर्फ केंद्र सरकार ही मुद्रास्फीति और अन्य बातों को लेकर फिक्रमंद रहती है। उन्होंने केरल उच्च न्यायालय के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले को जीएसटी परिषद में उठाने का सुझाव दिया गया था लेकिन राज्यों के वित्त मंत्री इस पर तैयार नहीं हुए। 

Published / 2022-11-14 20:55:50
प्रगति मैदान में निर्मित झारखंड पैवलियन का मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने किया उद्घाटन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में  श्री पीयुष गोयल, मंत्री, वाणिज्य एवं उद्योग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा भारतीय अंतराष्ट्रीय व्यापार मेला 2022 का उद्घाटन किया गया। उक्त कार्यक्रम में श्रीमती अनुप्रिया पटेल, वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री सोम प्रकाश, वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री एवं श्री मिथिलेश ठाकुर, मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता विभाग झारखण्ड सरकार एवं अन्य मंच पर उपस्थित थे। 
इस वर्ष झारखण्ड राज्य पार्टनर राज्य के रूप में अपनी भागीदारी कर रहा है। भारतीय अंतराष्ट्रीय व्यापार मेला 2022 का थीम ‘वोकल फोर लोकल, लोकल टू ग्लोबल’ रखा गया है। 
उक्त मेले में झारखंड राज्य के संस्कृति एवं उद्योग को प्रदर्शन करने हेतु 800 वर्ग मीटर में निर्मित झारखण्ड पवैलियन का उद्घाटन मिथिलेश ठाकुर मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, झारखण्ड सरकार के द्वारा किया गया। उक्त कार्यक्रम में मस्त राम मीणा, प्रधान स्थानिक आयुक्त, झारखण्ड भवन, नई दिल्ली, जितेन्द्र कुमार सिंह, निदेशक, उद्योग राजेन्द्र प्रसाद, उप निदेशक एवं अन्य शामिल थे। इस वर्ष कुल 12 विभागों / बोर्ड / निगमों 26 आर्टिजन से संबंधित तथा एमएसएमई से संबंधित उत्पादों का प्रदर्शित किया गया है। 

Published / 2022-11-13 21:29:33
अमेरिकी विदेश मंत्री से मिले जयशंकर, यूक्रेन पर भी बात संभव

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूएस के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात के दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर इन दिनों कंबोडिया की राजधानी नोम पेन्ह पहुंचे हैं। यहां पर उन्होंने आसियान– भारत शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिये। इसके अलावा उन्होंने यूएस के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों समकक्ष नेताओं ने कई गंभीर विषयों पर बातचीत की है। दोनों के बीच यूक्रेन युद्ध से लेकर रणनीतिक भारत-प्रशांत क्षेत्र और द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा की। बता दें कि विदेश मंत्री जयशंकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के साथ गये हैं। वह यहां पर आसियान– भारत शिखर सम्मेलन और जयशंकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के साथ यात्रा पर हैं, जो यहां आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 17वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। जयशंकर ने ट्वीट किया, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ एक अच्छी बैठक हुई। यूक्रेन, हिंद-प्रशांत, ऊर्जा, जी20 और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने शनिवार को आसियान रात्रिभोज के अंत में संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस से भी मुलाकात की थी। बाकी देशों से भी अहम बातचीत जयशंकर ने थाईलैंड के अपने समकक्ष डोन प्रमुदविनई के साथ भी बातचीत की। उन्होंने कहा, थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री डोन प्रमुदविनई के साथ मुलाकात हमेशा अच्छी होती है। हमारी साझा क्षेत्रीय चिंताओं और आसियान के साथ मजबूत साझेदारी पर चर्चा की। उन्होंने कहा, आसियान रात्रिभोज में कनाडा की सहयोगियों- व्यापार मंत्री मैरी एनजी और विदेश मंत्री मिलेन जॉली से मुलाकात की। आतंकवाद और कट्टरपंथ का विरोध करते हुए अधिक से अधिक व्यापार और रणनीतिक सहयोग पर सहमति जतायी। जयशंकर ने शनिवार को कनाडा, इंडोनेशिया और सिंगापुर के अपने समकक्षों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा की थी। इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कंबोडिया की राजधानी में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन से इतर कनाडा, इंडोनेशिया और सिंगापुर के अपने समकक्षों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा की। जयशंकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के साथ यात्रा पर हैं, जो यहां आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 17वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। विदेश मंत्री ने एक ट्वीट में कहा, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के मौके पर कनाडा की विदेश मंत्री मिलेन जॉली से मिलकर अच्छा लगा। यूक्रेन संघर्ष, हिंद-प्रशांत, द्विपक्षीय सहयोग और सामुदायिक कल्याण पर चर्चा की। वीजा चुनौतियों से निपटने के लिए उठाये जा रहे कदमों की सराहना की।

Published / 2022-11-13 21:16:57
जी20 समिट : 45 घंटे में 10 नेताओं से मिलेंगे पीएम मोदी, 20 कार्यक्रमों में होंगे शामिल

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इंडोनेशिया के बाली में लगभग 45 घंटे के प्रवास के दौरान लगभग 20 कार्यक्रम हैं, जहां वह जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए सोमवार को इंडोनेशियाई शहर बाली के लिए रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि मोदी विश्व के लगभग 10 नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे और इंडोनेशिया में प्रवासी भारतीय से जुड़ने के लिए एक सामुदायिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री का बाली का व्यस्त और सार्थक दौरा होगा। इससे पहले विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने बताया था कि मोदी बाली में जी-20 शिखर सम्मेलन के तीन प्रमुख सत्रों- खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल परिवर्तन और स्वास्थ्य में भाग लेंगे। क्वात्रा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मोदी और अन्य नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, पर्यावरण, डिजिटल परिवर्तन जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे। शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो, जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग भी हिस्सा लेंगे।

Published / 2022-11-13 00:26:04
देशभर में हुई 19वीं पशुधन संगणना का विश्लेषण

एबीएन सोशल डेस्क। 19वीं पशुधन संगणना में पिछली संगणना वर्ष 2007 की तुलना में पशुधन जनसंख्या में समग्र रूप से 3.33% की गिरावट दिखाई देती है। यद्यपि कुछ राज्यों जैसे गुजरात (15.36%), उत्तर प्रदेश (14.01%), असम (10.77%), पंजाब (9.57%), बिहार (8.56%), सिक्किम (7.96), मेघालय (7.41%) तथा छतीसगढ़ (4.34%) की कुल पशुधन संख्या बढ़ी हुई पाई गयी। दुधारू पशुओं (दूध देने वाले और दूध न देने वाले), गायें और भैंसे 6.75% की वृद्धि के साथ 111.09 मिलियन से बढ़कर 118.59 मिलियन हो गये हैं। दूध देने वाले पशुओं की संख्?या 4.51% की वृद्धि दशार्ती हुई 77.04 मिलियन से बढ़कर 80.52 मिलियन हो गई है। पिछली संगणना (2007) के मुकाबले मादा गोपशु (गायों) की जनसंख्या में 6.52% की वृद्धि हुई है तथा 2012 में मादा गोपशु की कुल संख्या 122.9 मिलियन है। मादा भैंसों की जनसंख्या में भी पिछली संगणना से 7.99% की वृद्धि हुई है तथा वर्ष 2012 में मादा भैंसों की कुल संख्या 92.5 मिलियन है। इसके अलावा, विदशी/संकर दुधारू गोपशु की संख्या 34.78% की वृद्धि दर्शाते हुए 14.4 मिलियन से बढ़कर 19.42 मिलियन हो गई है जहां देशी दुधारू गोपशु की संख्या 0.17% की वृद्धि के साथ 48.04 मिलियन से बढ़कर 48.12 मिलियन हो गई है। दुधारू भैंसों की संख्या पिछली संगणना के मुकाबले 4.95% की वृद्धि के साथ 48.64 मिलियन से बढ़कर 51.05 मिलियन हो गई है। कुक्कुट क्षेत्र ने भी पिछली संगणना की तुलना में 12.39% की अच्छी वृद्धि दिखाई है तथा वर्ष 2012 में देश में कुल कुक्कट की संख्या 729.2 मिलियन थी।

Published / 2022-11-11 22:41:13
गुड न्यूज : बरौनी रिफाइनरी से शुरू हुआ इंडियन आॅयल के हवाई ईंधन का डिस्पैच

टीम एबीएन, पटना/ रांची। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत मंत्र और संकल्प से सिद्धि के उद्देश्य को आत्मसात कर लगातार आगे बढ़ रहे इंडियन आॅयल ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इंडियन आॅयल के बरौनी रिफाइनरी से हवाई ईंधन (एटीएफ) का उत्पादन शुरू हो गया है। इंडियन आॅयल के अध्यक्ष एस.एम. वैद्य ने बरौनी रिफाइनरी के इंडजेट यूनिट से बरौनी मार्केटिंग टर्मिनल तक एटीएफ (जेट ए-1) फ्युल के पहले बैच के डिस्पैच का आॅनलाइन शुभारंभ शुक्रवार को किया। मौके पर इंडियन आॅयल के निदेशक (आर एंड डी) डॉ एसएसवी रामकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) रंजन कुमार महापात्र, निदेशक (विपणन) वी सतीश कुमार एवं निदेशक (रिफाइनरीज) शुक्ला मिस्त्री सहित विभिन्न स्थानों से वरिष्ठ अधिकारी आॅनलाइन उपस्थित थे। अध्यक्ष सहित सभी अधिकारियों की उपस्थिति में बरौनी रिफाइनरी के कार्यपालक निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख आरके झा ने टीम बरौनी रिफाइनरी, बरौनी मार्केटिंग टर्मिनल, बरौनी कानपुर पाइपलाइन, बीटीएमयू और आईओओए की उपस्थिति में रिफाइनरी के एटीएफ टैंक 241 के वाल्व को खोलकर बरौनी रिफाइनरी से पाइपलाइन के माध्यम से एटीएफ को बरौनी मार्केटिंग टर्मिनल डिस्पैच किया। मौके पर बरौनी रिफाइनरी की सराहना करते हुए इंडियन आॅयल के अध्यक्ष एसएम वैद्य ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक अवसर है। खुशी है कि इंडियन आॅयल की बरौनी रिफाइनरी बिहार के साथ-साथ नेपाल के हवाई ईंधन की जरूरत को पूरा करेगी। इंडजेट यूनिट इंडियन आॅयल द्वारा विकसित स्वदेशी तकनीक पर आधारित है जो मेक इन इंडिया पहल के साथ प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक सार्थक कदम है। इंडियन आॅयल देश के हरित भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हम अपने विभिन्न हरित उत्पादों के माध्यम से राष्ट्र की ईंधन जरूरतों को निरंतर पूरा करने में समर्पित है। आइए हम इंडियन आॅयल के पूरे इको-सिस्टम को पूरी दक्षता के साथ एकाग्र करें। हमारे लिए पहले इंडियन, फिर आॅयल है। बरौनी रिफाइनरी के कार्यपालक निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख आरके झा ने कहा कि एटीएफ का उत्पादन बरौनी रिफाइनरी के नए इंडजेट यूनिट से किया गया। यह यूनिट स्वदेशी तकनीक इंडजेट पर आधारित है, जिसका अनुसंधान इंडियन आॅयल आरएंडडी सेंटर और मेसर्स ईआईएल ने मिलकर किया है। यह तकनीक कम तापमान और निम्न दबाव हाइड्रो-उपचार प्रक्रिया है जो चुनिंदा रूप से केरो फीड स्ट्रीम से मर्कैप्टन को हटाती है। इस्तेमाल किया जाने वाला उत्प्रेरक इंडियन आॅयल आरएंडडी द्वारा विकसित मालिकाना उत्प्रेरक है। एटीएफ के अलावा इंडजेट यूनिट को पाइपलाइन कम्पेटिबल केरोसिन (पीसीके) के उत्पादन के लिए भी डिजाइन किया गया है, जिसमें सल्फर आठ पीपीएमडब्लू की आवश्यकता होती है। इंडजेट यूनिट को जून 2022 में कमीशन किया गया था, उसके बाद एटीएफ का सर्टिफिकेशन सितम्बर में मिला। डिफेंस ग्रेड के एटीएफ की आपूर्ति करने के लिए, सीईएमआईएलएसी (सैन्य उड़ान योग्यता और प्रमाणन केंद्र) और डीजीएक्यूए (वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय) की वैधानिक स्वीकृति अक्टूबर एवं नवम्बर में प्राप्त हुई। बरौनी रिफाइनरी से उत्पादित एटीएफ पटना, दरभंगा, गया और नेपाल के हवाई अड्डों को ईंधन प्रदान करेगा।

Published / 2022-11-11 19:24:03
केंपेगौड़ा की 108 फुट ऊंची प्रतिमा का पीएम मोदी ने किया अनावरण; वंदे भारत को भी दिखायी झंडी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को बेंगलुरु के संस्थापक नादप्रभु केम्पेगौड़ा की 108 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया, साथ ही दक्षिण भारत की पहली ‘वंदे भारत’ एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और केआईए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री मोदी के इन कार्यक्रमों के कई राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं, क्योंकि कर्नाटक में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले बेंगलुरु पहुंचे मोदी ने संत-कवि कनक दास की जयंती के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और कहा कि भक्ति का मार्ग दिखाने एवं सामाजिक एकता का संदेश देने के लिए राष्ट्र सदैव उनका आभारी रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए भौतिक ढांचे के साथ-साथ सामाजिक ढांचे को भी मजबूत करने की जरूरत पर जोर देते हुए शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार स्पीड को भारत की आकांक्षा और स्केल को भारत की ताकत मानती है। प्रधामनंत्री मोदी ने यहां पहुंचने के बाद कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। सबसे पहले वह यहां विधान सौध के पास विधायक गृह परिसर में एक कार्यक्रम में शामिल हुए और वहां संत-कवि कनक दास की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिसर में रामायण के रचियता महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, आज, कनक दास जयंती के अवसर पर, मैंने बेंगलुरु में कनक दास को श्रद्धांजलि दी। हमें भक्ति का मार्ग दिखाने, कन्नड़ साहित्य को समृद्ध करने और सामाजिक एकता का संदेश देने के लिए हम हमेशा उनके आभारी रहेंगे। प्रधानमंत्री ने एक अन्य ट्वीट में कहा, बेंगलुरु में आज सुबह महर्षि वाल्मीकि को भी श्रद्धांजलि दी। कनक दास का जन्म आज ही के दिन 1509 में हुआ था। उनके माता-पिता ने उनका नाम थिम्मप्पा नायक रखा था। हर साल उनकी जयंती को कनक जयंती के तौर पर मनाया जाता है और इस दिन क्षेत्रीय सार्वजनिक अवकाश होता है। कीर्तन और उगाभोग (कन्नड़ भाषा की संगीत रचनाएं) के लिए उन्होंने काफी लोकप्रियता हासिल की। कागिनेले कनक गुरु पीठ के निरंजनानंद पुरी स्वामीजी और वाल्मीकि प्रसन्नानंद स्वामीजी के अलावा कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, मंत्रिमंडल के कई सदस्य, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और राज्य विधानसभा अध्यक्ष विश्वेश्वर हेगड़े केगेरी भी मौके पर मौजूद रहे। कनक दास और वाल्मीकि राज्य में लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं, खासकर कुरुबा और वाल्मीकि (अनुसूचित जाति) समुदायों के बीच। प्रधानमंत्री मोदी के इन दोनों को श्रद्धांजिल अर्पित करने के इस कार्यक्रम के कई राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं, क्योंकि राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में कुरुबा और वाल्मीकि समुदाय कई विधानसभा क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इसके बाद, प्रधानमंत्री बेंगलुरु के प्रधानमंत्री क्रांतिवीर संगोली रायन्ना (केएसआर) स्टेशन के लिए रवाना हुए। रास्ते में यहां कर्नाटक लोक सेवा आयोग के कार्यालय के समीप एक प्रमुख चौराहे पर मोदी ने अपनी कार रुकवाई और पार्टी कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों की उत्साही भीड़ का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी कार में खड़े होकर भीड़ का अभिवादन किया। भीड़ में शामिल लोगों ने मोदी, मोदी के नारे लगाये और वे भाजपा के झंडे लेकर खड़े नजर आए। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, इस शानदार शहर में यादगार स्वागत के लिए शुक्रिया। इसके बाद वह फिर स्टेशन के लिए रवाना हो गये, जहां उन्होंने दक्षिण भारत की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन और भारत गौरव काशी दर्शन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। भारत गौरव काशी दर्शन ट्रेन रेलवे की भारत गौरव ट्रेन नीति के तहत कर्नाटक के मुजराई विभाग द्वारा चलाई जाएगी। इस ट्रेन में यात्रा के लिए आठ दिन का एक यात्रा पैकेज उपलब्ध होगा, श्रद्धालुओं को इसमें विशेष छूट दी जायेगी। दक्षिण पश्चिम रेलवे के अनुसार, यह काशी की यात्रा करने को इच्छुक कई यात्रियों के सपने को पूरा करेगी। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कर्नाटक सरकार काशी विश्वनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों को अतिरिक्त पांच हजार रुपये भी देगी। यह ट्रेन वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज जैसे कई तीर्थ स्थल जाएगी। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन बेंगलुरु के रास्ते मैसूर और चेन्नई के बीच चलेगी। यह देश की पांचवी और दक्षिण भारत की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन है। अधिकारियों ने बताया कि यह यात्रा के समय में कटौती करने में मदद करेगी। यह अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। इससे चेन्नई से तीन घंटे में बेंगलुरु पहुंचा जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, चेन्नई-मैसूर वंदे भारत एक्सप्रेस कनेक्टिविटी के साथ-साथ वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी। इससे लोगों का जीवन सुगम बनेगा। बेंगलुरु से इसे हरी झंडी दिखाकर खुश हूं। प्रधानमंत्री ने इसके बाद केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (केआईए) के टर्मिनल2 का उद्घाटन किया। इस इको-फ्रेंडली टर्मिनल में बांस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया है और यह 5,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनाया गया है। इसे टर्मिनल इन ए ग्रीन भी कहा जा रहा है। केआईए के अधिकारियों ने बताया कि इस नए टर्मिनल पर सलाना 2.5 करोड़ लोगों को सेवाएं मुहैया कराए जाने की उम्मीद है। केआईए के एक अधिकारी ने कहा, टी-2 बेहतरीन वास्तुकला का एक उदाहरण है, जो अपने आप में पहला टर्मिनल इन ए ग्रीन (हरियाली के बीच टर्मिनल) है। इसके अंदर व बाहर हर तरफ हरियाली है, ऐसा नजारा विश्व में किसी हवाई अड्डे पर देखने को नहीं मिलता। यहां से यात्रियों को गुजरते हुए ऐसा लगेगा कि वे किसी बगीचे से जा रहे हैं। अधिकारी के अनुसार टर्मिनल-2 का सबसे बड़ा आकर्षण इसका हैंगिंग गार्डन होगा। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, टर्मिनल-2 को गार्डन सिटी बेंगलुरु के लिए एक सम्मान के रूप में डिजाइन किया गया है। यात्री यहां करीब 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में हरियाली के बीच से गुजरेंगे, जिसकी दीवारों पर भी हरियाली नजर आएगी। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने बेंगलुरु के संस्थापक नादप्रभु केम्पेगौड़ा की 108 फुट ऊंची प्रतिमा का शुक्रवार को अनावरण किया। वर्ल्ड बुक आॅफ रिकॉर्ड्स के अनुसार, यह शहर के संस्थापक की पहली और सबसे ऊंची कांस्य प्रतिमा है। स्टैच्यू आॅफ प्रॉस्पेरिटी (समृद्धि की प्रतिमा) नामक यह प्रतिमा बेंगलुरु के विकास में केम्पेगौड़ा के योगदान के सम्मान में बनाई गई है। यह प्रतिमा 218 टन वजनी (98 टन कांसा और 120 टन इस्पात) है। इसे यहां केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थापित किया गया है। इसमें लगी तलवार चार टन की है। मोदी ने इसके बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए भौतिक ढांचे के साथ-साथ सामाजिक ढांचे को भी मजबूत करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि उनकी सरकार स्पीड को भारत की आकांक्षा और स्केल को भारत की ताकत मानती है। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, पहले की सरकारों को लगता था कि गति एक विशिष्ट सुख और उच्च मानक एक जोखिम है, लेकिन हम सोच में बदलाव लेकर आए, हमें विश्वास है कि स्पीड भारत की आकांक्षा और स्केल उसकी ताकत है। मोदी ने स्टार्टअप के लिए भारत को दुनियाभर में मिली पहचान का श्रेय बेंगलुरु को देते हुए कहा, भारत को विश्व में स्टार्टअप के लिए पहचाना जाता है और इसमें बेंगलुरु की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा, बेंगलुरु स्टार्टअप की भावना का प्रतिनिधित्व करता है।

Published / 2022-11-11 15:49:09
पीएम मोदी ने 5वीं वंदे भारत एक्सप्रेस देश मे सौंपी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शुक्रवार से दक्षिणी राज्यों- कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 2 दिवसीय दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री मोदी आज अपनी यात्रा के पहले दिन कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु पहुंचे, जहां वह कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे और दक्षिण भारत की पहली व भारत की पांचवीं वन्दे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। साथ ही वह तमिलनाडु के मदुरै में एक दीक्षांत समारोह में भी शिरकत करेंगे। भारत को एक और सौगात मिली है। बेंगलुरु में केएसआर रेलवे स्टेशन से पीएम मोदी ने देश की पांचवीं और दक्षिण भारत की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु के केएसआर रेलवे स्टेशन पर भारत गौरव काशी दर्शन ट्रेन को हरी झंडी दिखायी।

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