टीम एबीएन, रांची। झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज देश के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद को उनकी जयंती दिवस के अवसर पर राजेंद्र चौक (डोरंडा) स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर तथा परमवीर चक्र विजेता अमर शहीद वीर अल्बर्ट एक्का की पुण्यतिथि पर महात्मा गांधी मार्ग (अल्बर्ट एक्का चौक) स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
मौके पर माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के दो महान व्यक्ति को स्मरण करने का दिन है। आज देश के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती एवं झारखंड के आदिवासी वीर सपूत शहीद अल्बर्ट एक्का का शहादत दिवस है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महान विभूतियों के वजह से ही इतने बड़े गणतंत्र एवं लोकतांत्रिक देश में हमसभी लोग मान-सम्मान के साथ जी रहे हैं। हमें ऐसे महान विभूतियों पर गर्व है। देश के प्रथम राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ राजेंद्र प्रसाद की जयंती एवं झारखंड की माटी के वीर सपूत, महान योद्धा परमवीर चक्र विजेता शहीद अल्बर्ट एक्का के शहादत दिवस पर मैं उन्हें शत-शत नमन करता हूं।
टीम एबीएन, पलामू/ रांची। राजकीय बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय, मेदिनीनगर (केजी स्कूल) के लिपिक प्रीतम कुमार को निलंबित कर दिया गया है। आयुक्त जटा शंकर चौधरी के औचक निरीक्षण के समय बिना सूचना विद्यालय से अनुपस्थित पाये गये लिपिक प्रीतम कुमार को जिला शिक्षा पदाधिकारी ने निलंबित किया है। इससे संबंधित पत्र भी उन्होंने जारी किया है। आयुक्त के निरीक्षण के समय क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक शिव नारायण साह, जिला शिक्षा पदाधिकारी अनिल कुमार चौधरी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक मनोज कुमार भी थे।
निरीक्षण के समय लिपिक बिना सूचना विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए थे। अनुपस्थित लिपिक के अनुपस्थिति के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पायी थी। उनके छुट्टी से संबंधित कोई आवेदन भी प्राप्त नहीं हुए थे। इसपर आयुक्त ने अनुपस्थित लिपिक के विरूद्ध कार्रवाई का निदेश दिया था। इस संबंध में क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक के निदेश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा लिपिक से स्पष्टीकरण की मांग की गई थी। प्राप्त स्पष्टीकरण संतोषप्रद नहीं रहने के फलस्वरूप उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सदर, मेदिनीनगर के कार्यालय में निर्धारित किया गया है।
जानकारी हो कि स्कूल आॅफ एक्सीलेंस के लिए चयनित केजी स्कूल में शिक्षा की गुणवत्ता जांचने के लिए आयुक्त जटा शंकर चौधरी औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। औचक निरीक्षण के समय लिपिक अनुपस्थित पाये गये थे।
टीम एबीएन, रांची। केंद्र सरकार ने वन अधिकार अधिनियम 2006 को परिवर्तित कर वन संरक्षण नियम 2022 के जरिए गैर वानिकी उद्देश्यों के लिए वन भूमि का उपयोग करने से पहले ग्राम सभा की सहमति लेने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसपर कड़ी आपत्ति जतायी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि झारखंड में 32 तरह के आदिवासी रहते हैं। प्रकृति से उनका जुड़ाव होता है। पेड़ों की पूजा और रक्षा करते हैं। आदिवासी समाज पेड़ों को अपने पूर्वजों के रूप में देखता है। लिहाजा, उनकी सहमति के बिना पेड़ों को काटना उनकी भावना पर कुठाराघात होगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पत्र में लिखा है कि वन अधिकार अधिनियम 2006 वनों में रहने वाली अनुसूचित जनजातियों और वनों पर निर्भर अन्य पारंपरिक लोगों को वन अधिकार प्रदान करने के लिए लाया गया था। देश में करीब 20 करोड़ लोगों की प्राथमिक आजीविका वनों पर निर्भर है और लगभग 10 करोड़ लोग वनों के रूप में वगीर्कृत भूमि पर रहते हैं। लेकिन नए नियम उन लोगों के अधिकारों को खत्म कर देंगे, जिन्होंने पीढ़ियों से जंगल को अपना घर माना है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि 2022 की नई अधिसूचना में ग्राम सभा की सहमति की शर्त को आश्चर्यजनक रूप से पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अब ऐसी स्थिति बन गई है कि एक बार फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद बाकी सारी बातें औपचारिकता बनकर रह जायेंगी। राज्य सरकारों पर वन भूमि के डायवर्जन में तेजी लाने के लिए केंद्र का और भी अधिक दबाव होगा। मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया है कि सरकार के कानून समावेशी होने चाहिए। प्रधानमंत्री इस पर निर्णय लें, ताकि विकास की आड़ में सरल और सौम्य आदिवासी और वनों पर निर्भर रहने वाले लोगों की आवाज ना दबे।
टीम एबीएन, रांची। फसलों की जैविक खेती को अपनाने में 50 से अधिक एफपीसी की मदद करने, मिजोरम राज्य में 18 मीट्रिक टन जैविक अनानास और 350 मीट्रिक टन से अधिक जैविक अदरक की बिक्री का लक्ष्य प्राप्त करने वाली क्लोवर आर्गेनिक प्रालि को कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। समारोह में क्लोवर द्वारा प्रवर्तित और एमओवीसीडीएनईआर के तहत समर्थित मिजोरम राज्य के ख्वाजोल जिले के तुईचांगरल एफपीसी को राज्य में सर्वश्रेष्ठ एफपीसी से सम्मानित किया गया।
पुणे में आयोजित एक समारोह में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने MOVCDNER के तहत कृषि क्षेत्र में उत्कृष्टता और दिये गये मूल्यवान योगदान के लिए क्लोवर ऑर्गेनिक को सम्मानित किया। भव्य समारोह में मिजोरम के ख्वाजोल जिले के तुइचांगराल एफपीसी को सीईओ श्री वनलालरेमरुतपुइया को माननीय केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर जी द्वारा सर्वश्रेष्ठ एफपीसी से सम्मानित किया गया। कंपनी ने हरियाणा के एक खरीदार द्वारा दिये गये 18 मीट्रिक टन रसायन मुक्त अनानास के ऑर्डर को पूरा करने के लिये उपरोक्त सभी एजेंसियों द्वारा निर्देशित और समर्थित एक समूह के रूप में काम करने के लिए प्रेरित किया था।
क्लोवर ऑर्गेनिक के लिए पुरस्कार सीईओ श्री संजय अग्रवाल ने प्राप्त किया। इस विशिष्ट उपलब्धि को प्राप्त करने के बाद सीईओ श्री संजय अग्रवाल ने इसका श्रेय किसानों की कड़ी मेहनत और कंपनी और अन्य सभी सक्षम एजेंसियों में जैविक प्रक्रिया में उनके द्वारा किये गये भरोसे को दिया। संजय अग्रवाल जी ने बताया की क्लोवर ऑर्गेनिक प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना वर्ष 2008 में किसानों को अपनी फसलों की बिक्री के माध्यम से अधिकतम आर्थिक लाभ प्रदान करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए की गयी थी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में बिजली की दरें 20 प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकती हैं। झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। राज्य में बिजली की दरों पर अंतिम फैसला विद्युत नियामक आयोग नामक संस्था करती है। निगम ने दरें बढ़ाने का प्रस्ताव आयोग को भेज दिया है। उसने अपनी आर्थिक स्थिति और बिजली आपूर्ति पर होने वाले खर्च का पूरा ब्योरा आयोग के समक्ष पेश करते हुए दरें बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी देने की मांग की है।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची की रीढ़ की हड्डी कही जाने वाली फुटपाथ दुकानदारों को झारखंड सरकार जल्द ही बड़ा सौगात देने की तैयारी में है। इसके लिए रांची में पहले से बने तीन वेंडर मार्केट के साथ-साथ और आठ जगहों पर वेंडर मार्केट बनाने का फैसला लिया गया है। राजधानी रांची के 30,000 फुटपाथ दुकानदारों को अब जल्द ही अपना दुकान मिलेगा। रांची में वेंडर मार्केट बनने के बाद राजधानी रांची की तस्वीर तो बदलेगी ही इसके साथ लोगों को जाम से भी मुक्ति मिलेगी। इस मामले में विनय चौबे ने कहा कि सरकार लगातार फुटपाथ दुकानदारों के हित में काम कर रही है और जिस तरह अटल स्मृति वेंडर मार्केट बना है। अन्य जगहों पर वैसा ही वेंडर मार्केट बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। सरकार फुटपाथ दुकानदारों को अपना पक्का दुकान देकर उनके व्यापार को बढ़ावा देने का काम कर रही है।
24 जिले में 200 वेंडर मार्केट बनाया जायेगा : जानकारी के अनुसार पूरे राज्य के 24 जिले में 200 वेंडर मार्केट बनाया जायेगा, जिसके लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है। उन सभी वेंडर मार्केट में मूलभूत सुविधाएं जैसे शौचालय, पीने का पानी, नॉर्मल सेट बिजली की व्यवस्था की जाएगी। वही रांची नगर निगम के आयुक्त शशि रंजन ने कहा कि रांची नगर निगम के द्वारा अटल स्मृति वेंडर मार्केट के साथ तीन और वेंडर मार्केट बनाए गए हैं। इसके अलावा करीब 15-16 जगहों पर जमीन चिह्नित की गई है जहां रांची नगर निगम की ओर से वेंडर मार्केट बनाया जाएगा और जो भी रांची नगर निगम के क्षेत्र में फुटपाथ दुकानदार है। उनको सुविधा युक्त इन दुकानों में बसाया जायेगा। साथ ही फुटपाथ दुकानदारों को व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बैंक के द्वारा लोन दिलाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
बता दें कि फुटपाथ दुकानदारों को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। झारखंड में फुटपाथ दुकानदारों को अपने पक्के दुकान देने की कवायद शुरू कर दी गई है। वहीं फुटपाथ दुकानदारों का कहना है कि बरसात ठंड गर्मी में हम सड़क किनारे दुकान लगाते हैं। कई बार हमें नगर निगम और पुलिस द्वारा हटाया जाता है और हमसे जुमार्ना भी लिया जाता है। हमारी दुकानों के चलते शहर में जाम की स्थिति भी उत्पन्न होती है मगर इस तरह के वेंडर मार्केट बनने के बाद हमें अपना अधिकार मिलेगा और अपना व्यापार अच्छा से कर सकेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत के जी-20 समूह की अध्यक्षता संभालने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गुरुवार को कहा कि भारत की जी-20 की अध्यक्षता दुनिया में एकता की इस सार्वभौमिक भावना को बढ़ावा देने की ओर काम करेगी। इसलिए हमारी थीम : एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य है। उन्होंने यह भी कहा कि हम जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद और महामारी जैसी जिन सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उनका समाधान आपस में लड़कर नहीं, बल्कि मिलकर निकाला जा सकता है। भारत ने आज जी-20 की अध्यक्षता संभाल ली है। पीएम मोदी ने इस प्रतिष्ठित वैश्विक ग्रुप की अध्यक्षता मिलने पर नरेंद्रमोदी डॉट इन पर लिखा कि आज से भारत के हाथों में जी-20 की अध्यक्षता। जी-20 की पिछली 17 अध्यक्षताओं के दौरान वृहद आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने, अंतरराष्ट्रीय कराधान को तर्कसंगत बनाने और कई देशों के सिर से कर्ज के बोझ को कम करने समेत कई अहम परिणाम सामने आए। हम इन उपलब्धियों से लाभान्वित होंगे और यहां से आगे की ओर बढ़ेंगे।
जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति को हथियार बनाना गलत : मोदी
जी-20 के महत्व को लेकर पीएम मोदी ने कहा, मैं अपने आपसे यह पूछता हूं- क्या जी-20 अभी भी और आगे बढ़ सकता है? क्या हम समग्र मानवता के कल्याण के लिए मानसिकता में मूलभूत बदलाव लाने की पहल कर सकते हैं? मेरा विश्वास है कि हां, हम ऐसा कर सकते हैं।
कुछ देशों पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, दुर्भाग्य से, हम आज भी उसी शून्य-योग की मानसिकता में अटके हुए हैं। हम इसे तब देखते हैं, जब कई देश, क्षेत्र या संसाधनों के लिए आपस में लड़ते हैं। हम इसे तब देखते हैं, जब आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को हथियार बनाया जाता है। हम इसे तब देखते हैं, जब कुछ लोगों द्वारा टीकों की जमाखोरी की जाती है, भले ही अरबों लोग बीमारियों से असुरक्षित हों।
मिलकर समाधान निकालना होगा : पीएम
देश की सार्वभौमिक भावना का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत की जी-20 की अध्यक्षता दुनिया में एकता की इस सार्वभौमिक भावना को बढ़ावा देने की ओर काम करेगी। इसलिए हमारी थीम- एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य है। ये सिर्फ एक नारा नहीं है। ये मानवीय परिस्थितियों में उन हालिया बदलावों को ध्यान में रखता है, जिनकी सराहना करने में हम सामूहिक रूप से विफल रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के समाधान की बात पर पीएम मोदी ने लिखा कि आज हम जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद और महामारी जैसी जिन सबसे बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उनका समाधान आपस में लड़कर नहीं, बल्कि मिलकर काम करके ही निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत इस सकल विश्व का सूक्ष्म जगत है, जहां विश्व की आबादी का छठा हिस्सा रहता है और जहां भाषाओं, धर्मों, रीति-रिवाजों और विश्वासों की विशाल विविधता है।
पीएम मोदी ने कहा कि जी-20 अध्यक्षता के दौरान, हम भारत के अनुभव, ज्ञान और प्रारूप को दूसरों के लिए, विशेष रूप से विकासशील देशों के लिए एक संभावित टेम्प्लेट के रूप में प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि हमारी जी-20 प्राथमिकताओं को, न केवल हमारे जी-20 भागीदारों, बल्कि दुनिया के दक्षिणी हिस्से में हमारे साथ चलने वाले देशों, जिनकी बातें अक्सर अनसुनी कर दी जाती है, के परामर्श से निर्धारित किया जाएगा। भारत का जी-20 एजेंडा समावेशी, महत्वाकांक्षी, कार्रवाई-उन्मुख और निर्णायक होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा डिजिटल रुपये-होलसेल सेगमेंट में पायलट के तौर पर शुरू करने के एक महीने बाद, केंद्रीय बैंक गुरुवार यानी 1 दिसंबर को खुदरा डिजिटल रुपये (ई-आर) के लिए पहला चरण लॉन्च करने जा रहा है।
केंद्रीय बैंक ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि रिजर्व बैंक ने 1 दिसंबर, 2022 को खुदरा डिजिटल रुपये (ई-आर) के लिए पहला पायलट लॉन्च करने की घोषणा की है। पहले चरण में मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर में लोग भाग लेने वाले बैंकों द्वारा पेश किये गये डिजिटल वॉलेट के माध्यम से ई-आर के साथ लेनदेन कर सकेंगे।
बता दें कि मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर में लोग भाग लेने वाले बैंकों द्वारा पेश किये गये डिजिटल वॉलेट के माध्यम से ई-आर के साथ लेनदेन करने में सक्षम होंगे और पहले चरण में 1 दिसंबर 2022 से मोबाइल फोन/उपकरणों पर संग्रहित होंगे, जिसे बाद में नौ और शहरों में विस्तारित किया जायेगा। केंद्रीय बैंक ने कहा कि यह पायलट प्रोजेक्ट शुरुआत में चार शहरों, मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर को कवर करेगा और बाद में अहमदाबाद, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, कोच्चि, लखनऊ, पटना और शिमला तक इसका विस्तार किया जायेगा।
ईआर-आर एक डिजिटल टोकन के रूप में होगा जो कानूनी निविदा का प्रतिनिधित्व करता है। आरबीआई ने कहा कि यह उसी मूल्यवर्ग में जारी किया जायेगा जो वर्तमान में कागजी मुद्रा और सिक्के जारी किये जाते हैं। यह बिचौलियों और बैंकों के माध्यम से वितरित किया जायेगा।
बता दें कि पायलट प्रोजेक्ट में डिजिटल रुपी क्रिएशन, डिस्ट्रीब्यूशन और रिटेल यूज की पूरी प्रोसेस को बारीकी से परखा जायेगा। इस टेस्ट से मिली लर्निंग पर रिटेल डिजिटल रुपी में बदलाव होंगे फिर सभी के इस्तेमाल के लिए इसे जारी किया जायेगा।
डिजिटल रुपये से ऐसे होगा लेन-देन
• उपयोगकर्ता भाग लेने वाले बैंकों द्वारा पेश किये गये और मोबाइल फोन / उपकरणों पर संग्रहीत डिजिटल वॉलेट के माध्यम से ईआर-आर के साथ लेनदेन करने में सक्षम होंगे।
• लेन-देन व्यक्ति-से-व्यक्ति (पी2पी) और व्यक्ति-से-व्यापारी (पी2एम) दोनों हो सकते हैं।
• मर्चेंट स्थानों पर प्रदर्शित त्वरित प्रतिक्रिया (क्यूआर) कोड का उपयोग करके व्यापारियों को भुगतान किया जा सकता है।
ये बैंक शुरू करेंगे डिजिटल रुपया
पहला चरण देश भर के चार शहरों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के चार बैंकों के साथ शुरू होगा। केंद्रीय बैंक के अनुसार, इस पायलट में चरणबद्ध भागीदारी के लिए आठ बैंकों की पहचान की गई है। बाद में चार और बैंकों, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक को इस पायलट में शामिल किया जायेगा।
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