एबीएन सेंट्रल डेस्क। अरुणाचल प्रदेश में तवांग सेक्टर में भारत-चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ी बैठक बुलाई है। इस बैठक में तीनों सेनाओं के प्रमुखों और सीडीएस भी शामिल होंगे। साथ ही बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, विदेश सचिव और रक्षा सचिव भी मौजूद रहेंगे। तवांग सेक्टर में 9 और 11 दिसंबर को हिंसक झड़प हुई थी।
इस झड़प में दोनों देशों के जवान घायल हुए हैं। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (रिटायर्ड) और आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवाने राजनाथ सिंह से मुलाकात करने पहुंच गये हैं। बताया जा रहा है कि बैठक में तीनों सेनाओं के प्रमुख राजनाथ सिंह को देश की सभी सीमाओं पर ताजा स्थिति की जानकारी देंगे। जानकारी मिल रही है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संसद में तवांग झड़प पर बयान दे सकते हैं। आज आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांस दराघव चड्ढा ने संसद में भारत चीन झड़प का मुद्दा उठाया है। राघव चड्ढा ने संसद में सस्पेंशन नोटिस दाखिल किया है औरसदन का कार्य रोक इस अहम विषय पर बहस की मांग उठाई है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के पारा शिक्षकों के कर्मचारी भविष्य निधि का रास्ता साफ हो गया है। स्कूली शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने इसको मंजूरी दे दी है, जिसके बाद अब ईपीएफ में 12 प्रतिशत राशि जमा होगी। इसमें पारा शिक्षकों के मानदेय का 6 प्रतिशत और 6 प्रतिशत सरकार देगी। सरकार ने पारा शिक्षकों के लिए कल्याण कोष का भी गठन करेगी। यह फैसला भी सोमवार को लिया गया है। इसके अलावा हेमंत सरकार ने शिक्षकों को लेकर कई बड़े फैसले लिये हैं।
कल्याण कोष में जमा राशि से पारा शिक्षक के रिटायरमेंट होने पर 5 लाख और किसी की आकस्मिक मृत्यु होती है तो 5 लाख की आर्थिक मदद की जायेगी। यह निर्णय मंत्री की अध्यक्षता में हुई विभाग की समीक्षा बैठक में हुआ है। वहीं, राज्य के सरकारी स्कूलों में अब मिड डे मील का सारा जिम्मा अब प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी पर होगा।
स्कूल में अब एक दिन भी बच्चों को मिड डे मील का भोजन नहीं मिलेगा तो बीईईओ का दो दिन का वेतन काटा जायेगा। समीक्षा बैठक में प्रधानाध्यापकों के पद सृजन को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। मंत्री जगन्नाथ महतो ने बताया है कि राज्य में मिडिल स्कूलों में 9000 प्रधानाध्यापकों का पद सृजित किए जायेंगे।
वहीं आज की बैठक में फैसला हुआ है कि अब कई शिक्षकों की गृह जिला में ही नियुक्ति की जायेगी। इसमें महिला शिक्षक, अगर पति पत्नी शिक्षक है, स्वास्थ्य कारणों का हवाला देने वाले शिक्षक शामिल हैं। बैठक में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव, प्राथमिक शिक्षा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा निदेशक, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद निदेशक, झारखंड अधिविद्य परिषद के सचिव उपस्थित थे।
टीम एबीएन, बेगूसराय/ पटना। ठंड के मौसम में कोहरे के कारण ट्रेन परिचालन में होने वाली समस्या के मद्देनजर पूर्व मध्य रेलवे द्वारा सभी ट्रेनों में फॉग सेफ डिवाइस लगाया जायेगा, ताकि संरक्षित तरीके से ट्रेनों का परिचालन हो सके।
पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि ट्रेन के सुरक्षित परिचालन की दिशा में कई कदम उठाये जा रहे हैं। जिससे कि कोहरे के दौरान गाड़ियां कम से कम लेट से चले और यात्रियों को परेशानी नहीं हो। इसके लिए सभी ट्रेन के इंजनों में फॉग सेफ डिवाइस लगाया गया है। ट्रेनों के सुचारू परिचालन के लिए पूर्व मध्य रेल के शत-प्रतिशत मेल, एक्सप्रेस एवं पैसेंजर ट्रेनों के लोको पायलटों के लिए फॉग सेफ डिवाइस का प्रावधान किया गया है।
फॉग सेफ डिवाइस जीपीएस आधारित एक उपकरण है, जो लोको पायलट को आगे आने वाली सिग्नल की चेतावनी देता है, जिससे लोको पायलट ट्रेनों की स्पीड को नियंत्रित करते हैं। इसके अतिरिक्त फॉग मैन भी तैनात किए जा रहे हैं जो कुहासे के दौरान रेल लाइन पर सिग्नल के स्थिति की निगरानी करेंगे। रेल फै्रक्चर से बचाव एवं समय पर इसकी पहचान के लिए उच्चाधिकारियों की निगरानी में रेलकर्मियों द्वारा निरंतर पेट्रोलिंग की जा रही है।
इससे एक ओर जहां संरक्षा में वृद्धि होगी, वहीं कोहरे के बावजूद समय पालन बनाये रखने में मदद मिलेगी। लाइनमैन एवं पेट्रोलमैन कर्मचारियों को जीपीएस भी उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उनकी खुद की भी सुरक्षा हो सके। सिग्नलों की दृश्यता को बढ़ाने के लिए सिग्नल साइटिंग बोर्ड, फॉग सिग्नल पोस्ट, ज्यादा व्यस्त समपार के लिफ्टिंग बैरियर आदि को एक विशेष रंग काला एवं पीला रंग से रंगकर उसे चमकीला बनाया गया है। सिग्नल आने के पहले रेल पटरी पर सफेद चूने से निशान बनाया गया है, ताकि लोको पायलट कुहासे वाले मौसम में सिग्नल के संबंध में अधिक सतर्क हो जायें।
शीतकाल में सुगम ट्रेन परिचालन के लिए बरती जाने वाली इन कदमों की जानकारी देने के लिए ट्रेन परिचालन से सीधे रूप से जुड़े रेलकर्मियों की संरक्षा सलाहकारों द्वारा लगातार कांउसिलिंग भी की जा रही है। सभी स्टेशन मास्टरों तथा लोको पायलटों को निर्देश दिया गया है कि कुहासा होने पर इसकी सूचना तत्काल नियंत्रण कक्ष को दी जाए। इसके बाद दृश्यता की जांच वीटीओ (विजुविलिटी टेस्ट आॅब्जेक्ट) से करें। दृश्यता बाधित होने की स्थिति में लोको पायलट ट्रेन के ब्रेक पावर, लोड और दृश्यता की स्थिति के आधार पर गाड़ी की गति को नियंत्रित करेंगे।
लोको पायलटों को निर्देश दिया गया है कि कुहासा होने पर वे गाड़ियों को नियंत्रित गति से चलाएं। समपार फाटक पर तैनात गेटमैन एवं आम लोगों तक ट्रेन गुजरने की सूचना मिल सके, इसलिए ट्रेन के चालक समपार फाटक के काफी पहले से लगातार हॉर्न देंगे, ताकि यह पता चल सके कि समपार फाटक से ट्रेन गुजरने वाली है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात में सोमवार को भूपेंद्र पटेल की होने वाली ताजपोशी के लिए रविवार देर रात अहमदाबाद पहुंच गये। इस दौरान उन्होंने रोड शो भी किया है। बता दें कि गुजरात के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने ऐतिहासिक 156 सीटों पर जीत दर्ज कर सातवीं बार सत्ता में वापसी की है। भूपेंद्र पटेल के शपथ ग्रहण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत भाजपा शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।
भूपेंद्र पटेल सोमवार को 2 बजे दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। सूत्रों के मुताबिक, भूपेंद्र पटेल के साथ कुछ मंत्री भी शपथ ले सकते हैं। शपथ ग्रहण समारोह गांधीनगर स्थित हैलीपैड मैदान में होगा। शपथ ग्रहण की तैयारियां जोरो शोरों से चल रही है। हाल में संपन्न हुए गुजरात के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 182 में से रिकॉर्ड 156 सीट जीती है।
यह गुजरात के विधानसभा चुनावों में भाजपा की लगातार सातवीं जीत है। कांग्रेस को 17 और आप को पांच सीट पर जीत मिली है। पटेल (60) ने शुक्रवार को अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया था, ताकि राज्य में नयी सरकार के गठन का रास्ता साफ हो सके। शनिवार को उन्हें भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था। उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात करके अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया था।
पटेल ने घाटलोडिया सीट पर 1.92 लाख मतों के अंतर से अपने प्रतिद्वंद्वी को मात दी है। पिछले साल सितंबर में विजय रूपाणी के इस्तीफे के बाद राज्य की कमान पटेल को मिली थी। इस बीच, सूत्रों ने कहा कि मंत्री पद के उम्मीदवारों को चुनने के लिए भाजपा में गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है। पार्टी को जाति और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को संतुलित करने की कसौटी पर चलना होगा। उन्होंने कहा कि विधायक कनू देसाई, राघवजी पटेल, ऋषिकेश पटेल, हर्ष सांघवी, शंकर चौधरी, पूर्णेश मोदी, मनीषा वकील और रमन पाटकर वे नेता हैं, जिनके मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने कृषि विभाग को नवंबर महीने के अंत तक कृषि, पशुपालन व गव्य विकास विभाग ने 53 योजनाओं पर शून्य खर्च किया है। बता दें कि कृषि विभाग को 1754.56 करोड़ रुपये का आवंटन भी जारी किया गया है। इसमें मात्र 13.54 करोड़ रुपये ही अब तक खर्च हो पाया है। यह कुल बजट का करीब पांच फीसदी ही है।
विभाग में कुल 76 स्कीम है। कृषि विभाग की 21, पशुपालन की 17, गव्य के आठ तथा मत्स्य की सात योजनाओं पर खर्च शून्य है। यह स्थिति नवंबर माह का अंतिम दिन तक की है। साथ ही पशुपालन, मत्स्य और गव्य विभाग का पुनरीक्षित बजट 399.64 करोड़ रुपये है। इसमें 229.63 करोड़ रुपये का स्वीकृत्यादेश और आवंटन विभाग को दे दिया गया है। इसमें मात्र 36.12 करोड़ रुपये खर्च किया गया है। पशुपालन निदेशालय में केंद्रीय योजनाओं पर एक रुपये भी खर्च नहीं है। विभाग को 140.60 करोड़ रुपये का बजट है। इसमें मात्र 8.27 रुपये ही खर्च हो पाया है।
गव्य विकास निदेशालय को 114.14 करोड़ रुपये का बजट है। इसमें 11.59 करोड़ रुपये खर्च हो पाया है। मत्स्य निदेशालय को राज्य योजना से अब तक 154.50 करोड़ रुपये का बजट है। इसमें 16.00 करोड़ रुपये खर्च हो पाया है। कृषि विभाग में कई ऐसी योजना बची हुई है जिन पर अभी तक कोई खर्च नहीं हो पाया है। बिरसा बीज उत्पादन विनिमय व वितरण, निगम व एजेंसी को अनुदान, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन योजना, कृषक ऋण माफी, किसान समृद्धि योजना, इंट्रेस्ट सबमेंशन, गन्ना विकास योजना, समेकित बिरसा ग्राम विकास सह कृषक पाठशाला, कृषि यंत्र योजना, मृदा एवं जल संरक्षण योजना, झारखंड उद्यान प्रमोशन सोसाइटी की स्थापना, कृषि निर्यात व कृषि विपणन सह पोस्ट हार्वेस्ट, परामर्शी सेवा की स्थापना, कृषि स्मार्ट ग्राम योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय बागवानी मिशन, नेशनल प्रोजेक्ट ऑन मैनेजमेंट ऑफ हेल्थ, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (तेलहन), सब मिशन ऑन सीड एंड प्लांट।
इसके अलावा 50 फीसदी अनुदान पर दो दुधारू गाय वितरण योजना, इनपुट कार्यक्रम, प्रशिक्षण व प्रसार, आधारभूत संरचना विकास, परामर्शी एवं सूचना प्रौद्योगिकी सेवाएं, डेयरी डेवलपमेंट कार्यक्रम, नेशनल लाइव स्टॉक मिशन, नेशनल प्रोग्राम फॉर डेयरी डेवलपमेंट, मिल्क फेडरेशन को अनुदान है। साथ ही झास्कोफिश को अनुदान, मत्स्य विपणन योजना, वेद व्यास आवास योजना, मत्स्य बीज हैचरी अधिष्ठापन योजना, मत्स्य संपदा योजना के लिए टॉपअप, ब्लू रिवॉल्यूशन है। बता दें कि समेकित कुक्कुट विकास योजना, बेकन फैक्टरी का सुदृढ़ीकरण, विस्तार व प्रशिक्षण कार्यक्रम, मुख्यमंत्री पशुधन विकास, विशेष पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन, आधुनिक जांच व अन्य परीक्षण प्रयोगशाला, पांच गो मुक्ति धान की स्थापना, बैल वितरण की योजना, राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत, पशुधन सांख्यिकी के तहत सर्वेक्षण, पशु चिकित्सा परीक्षण का संचालन व सुदृढ़ीकरण, डीसी के तहत एस्कड, क्लासिकल ज्वर नियंत्रण कार्यक्रम, पशु अस्पताल व डिस्पेंसरी स्थापना की योजना, पशु चेचक व निगरानी की योजना, पशु सांख्यिकी के तहत पशुधन गणना की योजना, पशुधन व कुक्कुट रोग नियंत्रण कार्यक्रम है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने गोवा दौरे के तहत रविवार को मोपा में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। वह विश्व आयुर्वेद कांग्रेस के समापन समारोह को भी संबोधित करेंगे। मोदी ने कहा कि वह उत्तर गोवा के धारगल में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान और दिल्ली के नरेला में राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान सहित कई अन्य परियोजनाओं का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन भी करेंगे।
गोवा के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि प्रधानमंत्री दोपहर दो बजे विश्व आयुर्वेद कांग्रेस के कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। सीएमओ ने बताया कि मोदी शाम चार बजे मोपा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम में गोवा के राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लई, केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग राज्य मंत्री श्रीपद नाइक और राज्य के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी उपस्थित रहेंगे।
उत्तरी गोवा के मोपा में स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 2,870 करोड़ रुपये की लागत से बना है। यह डाबोलिम के बाद राज्य का दूसरा हवाई अड्डा होगा। अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में हवाई अड्डे की सालाना क्षमता 44 लाख यात्रियों की होगी और परियोजना पूरी होने पर इसकी कुल क्षमता बढ़कर सालाना एक करोड़ यात्री हो जायेगी। डाबोलिम हवाई अड्डे की क्षमता 85 लाख यात्री सालाना है, लेकिन वहां कार्गो (माल) परिवहन की सुविधा नहीं है, जबकि नये हवाई अड्डे पर कार्गो की भी सुविधा उपलब्ध होगी।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने भुवनेश्वर- राउरकेला (ओड़िशा) में 13 जनवरी 2023 से शुरू हो रहे पुरुष विश्व कप हॉकी प्रतियोगिता की ट्रॉफी का आज रांची में अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने भारत मे पुरुष विश्वकप हॉकी प्रतियोगिता के आयोजन पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि इस ट्रॉफी को देश के कई राज्यों के कई शहरों में ले जाया जा रहा है, जहां खेल प्रेमी और आम जनता इसका अवलोकन कर रहे हैं। हॉकी इंडिया की इस पहल से विश्व कप हॉकी प्रतियोगिता के प्रति एक माहौल तैयार होगा। उन्होंने इस आयोजन के लिए हॉकी इंडिया के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।
इस मौके पर मंत्री श्री सत्यानंद भोक्ता और श्री मिथिलेश कुमार ठाकुर विधायक श्री वैद्यनाथ राम, हॉकी इंडिया के महासचिव श्री भोला नाथ सिंह, पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी और भारतीय महिला हॉकी चयन समिति की सदस्य श्रीमती अंशुता लकड़ा, पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी श्रीमती सुमराय टेटे, महिला हॉकी खिलाड़ी अश्रिता लकड़ा, हॉकी झारखंड के सीईओ श्री रजनीश कुमार, उपाध्यक्ष श्री धर्मेंद्र कुमार सिंह और श्री रणधीर कुमार, उत्तर प्रदेश के खेल निदेशक श्री आरपी सिंह और रांची के जिला खेल पदाधिकारी मौजूद थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज महाराष्ट्र के नागपुर और शिरडी को जोड़ने वाले समृद्धि महामार्ग के पहले चरण का उद्घाटन किया और वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। पीएम मोदी सुबह नागपुर पहुंचे जहां, राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भगत सिंह कोश्यारी ने उनका स्वागत किया।
पीएम मोदी नागपुर मेट्रो के पहले चरण का उद्घाटन किया और इसके दूसरे चरण की आधारशिला रखी। इसी के साथ पीएम मोदी ने शहर में एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देश को समर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने नई दिल्ली में एक बयान जारी कर बताया था कि पीएम मोदी नागपुर की अपनी यात्रा के दौरान 75,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन करेंगे।
पीएमओ के अनुसार, विदर्भ में एक सार्वजनिक समारोह में प्रधानमंत्री 1,500 करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। मोदी वहां नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वन हेल्थ और नाग नदी प्रदूषण उपशमन परियोजना की आधारशिला भी रखेंगे। इसके अलावा, वह केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड प्रौद्योगिकी संस्थान और हीमोग्लोबिनोपैथीज अनुसंधान, प्रबंधन एवं नियंत्रण केंद्र का उद्घाटन करेंगे।
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