टीम एबीएन, रांची। हेमंत सरकार ने तीन साल पूरे कर लिये हैं। इस मौके पर रांची के प्रोजेक्ट भवन में कार्यक्रम हुआ जहां सरकार ने आडियो वीडियो के जरिए अपनी उपलब्धियां गिनवायी। यहां से सीएम हेमंत सोरेन ने करीब 1200 करोड़ की सौगात राज्यवासियों को दी है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग द्वारा प्रकाशित कंपोडियम का विमोचन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया। 22 वर्षों में पहली बार विभागीय पत्रों से संबंधित यह संकलन है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने अपने कार्यकाल के 3 साल पूरे कर लिये हैं। 29 दिसंबर 2019 को महागठंबधन की जीत के बाद हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। सरकार गठन के तीन साल को भले ही मुख्य विपक्षी दल भाजपा सुपर फ्लॉप बता रही हो; मगर यह बात साफ तौर पर कही जाती है कि हेमंत सोरेन की कई योजनाओं और निर्णय का राजनीतिक काट बीजेपी के पास भी नहीं है।
हेमंत सोरेन सरकार के तीन साल : हेमंत सोरेन सरकार में लिये गये कुछ खास निर्णय जिसका राजनीतिक काट विपक्ष के पास नहीं है।
पारा शिक्षकों की समस्या का समाधान : लंबे समय से आंदोलनरत पारा शिक्षकों की समस्या का समाधान किया। राज्य के 72 हजार पारा शिक्षकों के लिये सहायक अध्यापक नियुक्ति नियमावली लागू की गयी। 50 हजार पदों का सृजन भी शिक्षा विभाग ने कर दिया है।
झारखंड में पुरानी पेंशन योजना की शुरुआत : इस योजना से करीब 1 लाख 10 हजार सरकारी कर्मियों को लाभ मिलना तय माना जा रहा है और यह हेमंत सोरेन सरकार का मास्टरस्ट्रोक भी कहा जा रहा है।
पुलिसकर्मियों को क्षतिपूर्ति अवकाश-राज्य के 70 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों को क्षतिपूर्ति अवकाश का लाभ मिलना तय है। 20 दिनों की क्षतिपूर्ति अवकाश को लेकर अधिसूचना जारी की गयी।
इसके अतिरिक्त झारखंड में यूनिवर्शल पेंशन की शुरुआत की गयी है। अब हर महीने की 5 तारीख को एक हजार रुपया पेंशन शुरू हो गयी है।
झारखंड एसटी/एससी/ओबीसी और अल्पसंख्यक छात्रों को विदेश में पढ़ने का मौका प्री-मैट्रिक छात्रवृति योजना के तहत छात्रवृति में भी बढ़ोतरी की गई है।
सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के तहत छात्राओं को 40 हजार रुपये तक देने की शरुआत की गयी है। वहीं, राज्य के सभी 24 जिलों में खेल पदाधिकारी का पहली बार नियुक्ति की जा रही है।
हेमंत सोरेन सरकार के ऐसे और भी कई निर्णय और सरकार की योजनाएं हैं, जिसको लेकर सत्ताधारी दल अपने तीन साल के कार्यकाल पर इतरा रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर के का कहना है कि पुरानी पेंशन से लेकर छात्रवृति में इजाफा ही नहीं, 1932 का खतियान, ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण और सरना धर्म कोड का प्रस्ताव सदन से पारित कराने में हेमंत सोरेन सरकार ही सफल हो पायी है।
हेमंत सोरेन सरकार ने क्या किया और क्या नहीं इसको लेकर लंबी बहस हो सकती है। किसी को सरकार का काम ही काम दिख रहा है, तो किसी को सरकार की नाकामियां ही नजर आ रही हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और विधायक सीपी सिंह भी ये मानते हैं कि हर सरकार कुछ न कुछ काम तो करती ही है। लेकिन, हेमंत सोरेन सरकार जिस काम को लेकर ढोल पीट रही है, उसकी पोल खुल चुकी है। सीपी सिंह कहते हैं कि हेमंत सोरेन सरकार ने निर्णय तो जरूर लिया है पर उसका फायदा राज्य की जनता को मिलेगा नहीं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच अंतरिम मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) गुरुवार यानी आज से लागू हो जायेगा। इसके बाद अब भारत के छह हजार से ज्यादा उत्पादों के निर्यात पर ऑस्ट्रेलिया में कोई शुल्क नहीं लगेगा। इस समझौते पर दो अप्रैल, 2022 को हस्ताक्षर किये गये थे इससे ऑस्ट्रेलियाई बाजार में हजारों घरेलू सामान जैसे कपड़ा, चमड़ा आदि को शुल्क मुक्त पहुंच प्रदान की जा सकेगी।
निर्यातकों और उद्योग क्षेत्र के दिग्गजों के मुताबिक, यह समझौता करीब पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 45-50 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने में मदद करेगा। आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (ईसीटीए) ऑस्ट्रेलियाई बाजार में कपड़ा, चमड़ा, फर्नीचर, आभूषण और मशीनरी सहित छह हजार से ज्यादा क्षेत्रों के भारतीय निर्यातकों को शुल्क मुक्त पहुंच प्रदान करेगा। ईसीटीए पर 2 अप्रैल को हस्ताक्षर किये गये थे। इससे श्रम प्रधान क्षेत्रों में अत्यधिक लाभ होगा, जिनमें कपड़ा और परिधान, कृषि और मछली उत्पाद, चमड़ा, जूते, फर्नीचर, खेल के सामान, आभूषण, मशीनरी और बिजली के सामान शामिल हैं।
फेडरेशन ऑफ इंडियान एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (एफआईईओ) के उपाध्यक्ष खालिद खान ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया भारतीय निर्यातकों के लिए प्रमुख बाजारों में से एक है। उन्होंने कहा, यह समझौता लागू होने के दिन यानी 29 दिसंबर से हमारे लिए अपार अवसर प्रदान करेगा।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सरकार के 3 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में दिनांक 29 दिसम्बर 2022 को अपराह्न 1 बजे से प्रोजेक्ट भवन अवस्थित नये सभागार के द्वितीय तल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
दिनांक-29 दिसम्बर 2022
स्थान- प्रोजेक्ट भवन, नया सभागार, द्वितीय तल
समय- अपराह्न 01:00 बजे
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष हिमांशु शेखर चौधरी ने मुलाकात की। मौके पर मुख्यमंत्री ने झारखंड राज्य खाद्य आयोग द्वारा जारी वर्ष-2023 कैलेंडर का अनावरण किया। आयोग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रावधानों और जनता को मिले इस निमित्त उनके अधिकारों से अवगत करने के लिये इस वर्ष कैलेंडर प्रकाशित कराई गई है।
आयोग द्वारा जारी यह कैलेंडर राज्य के सभी पंचायतों के पंचायत भवन एवं सभी प्रखण्ड कार्यालय में लगाया जाना है। गंतव्य स्थान तक कैलेंडर पहुँचाने की प्रक्रिया मुख्यमंत्री के अनावरण के बाद प्रारंभ कर दिया गया है। कैलेंडर में जनवितरण प्रणाली के अन्तर्गत किस दर पर कितना अनाज मिलना है, विद्यालयों में मध्याह्न भोजन किस प्रावधान के तहत् मिलना है, आंगनबाड़ी केन्द्रों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत कौन सी योजनाएं संचालित हैं, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के संदर्भ की जानकारी, एक राष्ट्र एक राशन कार्ड का विवरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत् खाद्य सुरक्षा भत्ता की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है।
कैलेंडर में झारखण्ड राज्य आकस्मिक खाद्यान्न कोष की भी विवरण दी गई है। कैलेंडर में निगरानी समिति का विवरण भी दिया गया है। इसके अलावे इस बात की भी विवरण कैलेंडर में उपलब्ध कराई है कि कौन लोग राशन कार्ड के हकदार नहीं हैं। कैलेंडर में खाद्य सुरक्षा अधिनियम से सम्बन्धित शिकायत को आयोग में दर्ज कराने के लिये वाट्सएप्प नं0-9142622194 मोटे अक्षरों में सबसे ऊपर अंकित किया गया है। मुख्यमंत्री ने हेमन्त सोरेन ने राज्य खाद्य आयोग की इस पहल की प्रशंसा करते हुए, आयोग के टैग लाईन अधिकार जानें, अधिकार मांगे... को जनहित में एक कारगर प्रयास बताया है। मौके पर राज्य खाद्य आयोग की सदस्य श्रीमती शबनम परवीन भी उपस्थित थीं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ते मामलों के बीच एयर इंडिया एक्सप्रेस ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत आने वाले यात्रियों के लिए कोरोना गाइडलाइंस जारी की है। फ्लाइट सर्विस की ओर से लोगों से बार-बार अपील की जा रही है कि वो कोरोना उपयुक्त व्यवहार रखें। मास्क, सैनेटाइजर और दो गज की दूरी का पालन करें। भारत में पिछले दिनों कुछ एयरपोर्ट्स में विदेशी नागिरक पॉजिटिव पाये गये थे, जिसके बाद उनके सैंपल्स की जीनोम सीक्वेंसिंग जांच के लिए भेजा गया है ताकि कोरोना के रूप का पता चल सके।
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने ट्वीट कर गाइडलाइंस की जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि यूएई से भारत आने वाले यात्रियों का वैक्सीनेशन होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आपके देश में जिस भी वैक्सीन को अप्रूव किया गया है उसकी पूरी डोज आपको लगी होना चाहिए। इसके अलावा मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग सबसे ज्यादा जरुरी है। एयर इंडिया एक्सप्रेस का हेडक्वार्टर कोच्चि में है। ये विशेष रूप से भारत की पहली इंटरनेशनल सेवा करने वाली फ्लाइट है, जो मध्य पूर्व और दक्षिण पूर्व एशिया को कनेक्टिविटी प्रदान करता है।
12 साल के कम उम्र के बच्चों के लिए गाइडलाइंस
हालांकि दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए परीक्षण की आवश्यकता नहीं है। लेकिन अगर किसी बच्चे में परीक्षण दिखते हैं तो प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें टेस्टिंग से गुजरना होगा। इस दौरान अगर वो पॉजिटिव आते हैं तो उनको कोरोना ट्रीटमेंट लेना पड़ेगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय (एमओसीए) ने गुरुवार को कहा था कि देश में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर आने वाले यात्रियों में से कम से कम दो प्रतिशत को कोविड -19 के लिए एहतियाती उपाय के तहत रैंडम सैंपलिंग से गुजरना होगा।
यात्रियों की पहचान सुरक्षित रखेगी एयरलाइंस
एमओसीए ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यात्रियों की पहचान एयरलाइंस करेगी और इसके बाद ही उन्हें हवाई अड्डे से जाने की अनुमति होगी। पॉजिटिव आने वाले सैंपल्स को अलग किया जायेगा और फिर जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जायेंगे।
पिछले हफ्ते लोकसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा था कि चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और अमेरिका सहित विभिन्न देशों में कोरोना वायरस संक्रमण के हालिया उछाल के बीच सरकार ने देश के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर आने वाले यात्रियों के बीच रैंडम आरटी-पीसीआर सैंपलिंग शुरू की है। इस बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी कोरोना महामारी के मद्देनजर अंतर्राष्ट्रीय आगमन के लिए दिशानिर्देश जारी किये और कहा कि समय-समय पर दिशा-निर्देशों की समीक्षा और संशोधन किया जायेगा।
टीम एबीएन, पलामू/ रांची। पारण परेड के साथ आपका सफल प्रशिक्षण समाप्त हो रहा है। अब आप सरकार के अभिन्न अंग के रूप में जुड़ने जा रहे हैं। आपने पूरे प्रशिक्षण अवधि के दौरान जिस तरह कड़ी मेहनत, लगन, उमंग, उत्साह और जोश दिखाया है, वह काबिल -ए- तारीफ है। अब आप अपने कर्तव्य और उत्तरदायित्व के निर्वहन में ऐसा ही प्रदर्शन करेंगे, ऐसी पूरी उम्मीद है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज पलामू के लेस्लीगंज स्थित जैप- 8 वाहिनी परिसर में इंडिया रिजर्व बटालियन-10 (आईआरबी) के पारण परेड समारोह को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु आरक्षियों के आकर्षक परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली।
चुनौतियों से निपटने में कारगर साबित होगा आपका प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हर दिन नई -नई चुनौतियां नए-नए रूप में सामने आ रही हैं। ऐसे में अपने यहां जो प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उसका इस्तेमाल आप इन चुनौतियों से निपटने में करें। आप अपने प्रशिक्षण को सीमित ना रखें इसका दायरा बढ़ाए और पूरे प्रशिक्षण काल में जो दक्षता हासिल की है उसे और भी मजबूत करें, ताकि आप अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सफलतापूर्वक कर सकें।
पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ रही भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी नारी सशक्तिकरण की मिसाल है। यहां 554 प्रशिक्षु आरक्षण में 182 महिला आरक्षी हैं। वहीं, मुसाबनी के कॉन्स्टेबल प्रशिक्षण सेंटर में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 764 प्रशिक्षणार्थियों में 260 महिलाएं शामिल हैं। इस तरह दोनों ही प्रशिक्षण केंद्रों में 442 महिला प्रशिक्षु आरक्षी इस बात का प्रतीक है कि महिलाएं अब पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को पूरी तरह तैयार है।
आम लोगों के बीच पहचान बनाए और उनका विश्वास जीते
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपने यहां जो प्रशिक्षण प्राप्त किया है , अब आम जिंदगी में भी ऐसा ही प्रशिक्षण लें। अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन के दौरान आप आम लोगों के बीच अपनी पहचान बनाए और उनका विश्वास जीतें। इससे समस्याओं और चुनौतियों का समाधान करना आपके लिए आसान हो जायेगा।
लोगों को सहयोग मिले और उनका हौसला बुलंद रहे
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सह गृह सचिव श्री राजीव अरुण एक्का ने जवानों के उज्जवल भविष्य की कामना की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि जवान अपनी जिम्मेदारी के साथ कानून एवं नियमों के पालन तथा अनुपालन कराने के लिए अग्रणी पंक्ति में खड़े रहे। जवानों को प्रशिक्षण देकर सभी कार्यों के लिए दक्ष बनाया गया है, ताकि वे समय और परिस्थितियों के साथ तेजी से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर, आदिवासी, दलित, पिछड़े वर्ग के लोगों के सहयोग एवं मदद के लिए आगे रहें। उन्होंने कहा कि वर्दी का रंग ऐसा रखें, जिससे लोगों को सहयोग मिले और उनका हौसला बुलंद रहे।
34.5 एकड़ में फैला है परिसर
पुलिस महानिरीक्षक श्री नीरज सिन्हा ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के कारण जवानों के प्रशिक्षण में व्यवधान हुआ, लेकिन अब वे पूरी मुस्तैदी के साथ झारखंड पुलिस बल में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने प्रशिक्षण केंद्र के संबंध में अवगत कराते हुए कहा कि इस वाहिनी का सृजन 34.50 एकड़ में है। इस वाहिनी में प्रशिक्षण देने का कार्य वर्ष 2012 से प्रथम सत्र एवं 2012-13 में द्वितीय सत्र तथा 2017-18 में तृतीय सत्र के जवानों को बुनियादी प्रशिक्षण के अलावा 2018-19 तक जैप/ आईआरबी संवर्ग के 10 वर्ष सेवा पूर्ण करने वाले आरक्षियों का एसपीसी प्रशिक्षण दी गई, जो आज राज्य के विभिन्न जिला, इकाइयों, वाहिनीयों में अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं।
खिलाड़ियों को मिली खेल सामग्री
मुख्यमंत्री ने पलामू के युवा खिलाड़ियों को सामुदायिक पुलिसिंग के तहत प्रोत्साहन के तौर पर खेल सामग्री प्रदान कर पुरस्कृत किया। उन्होंने प्रत्येक टीम को फुटबॉल, जर्सी, जूता, इनक्लेट, ग्लब्स आदि खेल सामग्री दी।
मुख्यमंत्री ने दिलाया यह भरोसा
जैप- 8 वाहिनी परिसर लेस्लीगंज का जीर्णोद्धार किया जायेगा। यहां की समस्याओं के संबंध में जो जानकारियां मिली हैं, उसके समाधान के लिए जल्दी सरकार ठोस निर्णय लेगी।
जैप- 8 वाहिनी परिसर लेस्लीगंज में 250 बिस्तर की क्षमता वाले 3 नए बैरक बनाये जायेंगे। यहां पेयजल के लिए टंकी समेत अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने की मुख्यमंत्री ने घोषणा की । इसके अलावा परिसर की बाउंड्री वॉल भी बनाई जायेगी।
प्रशिक्षु आरक्षियों को प्रशिक्षण भत्ता देने के विषय पर भी सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।
इस अवसर पर पांकी विधायक श्री कुशवाहा शशि भूषण मेहता, मनिका विधायक श्री रामचन्द सिंह, गृह कार्य एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, पुलिस महानिदेशक श्री नीरज सिन्हा, पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) श्री अनुराग गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक (प्रशिक्षण) श्रीमती प्रिया दुबे, क्षेत्रीय पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री राजकुमार लकड़ा और जिले के उपायुक्त श्री आंजनेयुलू दोड्डे, पुलिस अधीक्षक श्री चंदन कुमार सिन्हा समेत कई अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में झारखंड कैडर के 2002 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ मनीष रंजन को मिड कैरियर ट्रेनिंग फेज 3 का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे देश के (2007 से 2014 बैच )176 आईएएस अधिकारियों को लाइवलीहुड एंड कलेक्टिव पर आयोजित चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया है।
मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2007 से 2014 बैच के अधिकारियों के लिए 19 दिसंबर 2022 से 13 जनवरी 2023 तक आयोजित मिड कैरियर ट्रेनिंग फेज थ्री के प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर के कुल 176 आईएएस अधिकारी भाग ले रहे हैं जिसमें झारखंड से भी लगभग 10 आईएएस अधिकारी भाग ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड कैडर के 2002 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ मनीष रंजन को लाइवलीहुड एंड कलेक्टिव के विषय पर पैनल डिस्कसन के आमंत्रित किया गया है।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव डॉ मनीष रंजन ने आज लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी मसूरी में लाइवलीहुड एंड कलेक्टिव विषय पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया एवं इस पर आयोजित पैनल डिस्कशन में भी भाग लिया।
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