राज काज

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Published / 2023-01-03 11:25:23
कोरोना को हराना है : सतर्क सरकार ने शुरू की दूसरी बूस्टर डोज देने की तैयारी

  • देश में फैल रहा एक्सबीबी.1.5 वेरिएंट को लेकर बढ़ी सतर्कता

एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुनियाभर में जानलेवा कोरोना वायरस के मामले बढ़ रहे हैं। हालांकि भारत में अभी कोरोना के मामलों में उछाल नहीं देखा गया है, लेकिन चिंता की बात यह है कि चीन में तेजी से बढ़ रहा जानलेवा कोरोना वायरस का सबवेरिएंट एक्सबीबी.1.5 अब पूरे भारत में फैल रहा है। इसको लेकर सरकारी पैनल अब सतर्क हो गया है। पैनल में कोरोना को जड़ से खत्म करने के लिए दूसरी बूस्टर डोज देने पर चर्चा की जा रही है। 

सरकार ने यह कदम ऐसे वक्त उठाया है, जब वह बूस्टर डोज की कवरेज को बढ़ाने पर जोर दे रही है। वर्तमान में 28 फीसदी आबादी ने ही बूस्टर डोज ली है। देश में पिछले साल जनवरी में बूस्टर डोज लगनी शुरू हुई थी। टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह या एनटीएजीआई की समितियों में शामिल एक विशेषज्ञ ने नाम न छापने की शर्त पर हिंदुस्तान टाइम्स से कहा कि तकनीकी समूह के सदस्यों के बीच दूसरी बूस्टर डोज देने को लेकर चर्चा शुरू हो गयी है। हालांकि कोई भी सिफारिश करने से पहले हम सभी वैज्ञानिक डेटा का अध्ययन करेंगे।

वैक्सीन के बाद छह महीनों में कम हो जाती है इम्युनिटी : अध्ययनों के मुताबिक, कोरोना वैक्सीन के बाद इम्युनिटी आमतौर पर चार से छह महीनों में कम हो जाती है, लेकिन चौथी खुराक (दूसरी बूस्टर डोज) इस गंभीर बीमारी को दूर करने में मदद कर सकती है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने 26 दिसंबर को एक बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से अतिरिक्त खुराक की अनुमति देने के लिए कहा था। डॉक्टरों ने बैठक में अनुरोध किया कि कम से कम उच्च जोखिम वाले लोगों जैसे कि स्वास्थ्य देखभाल कर्मचारियों, बुजुर्गों और कॉमरेडिटी से पीड़ित लोगों को चौथी खुराक दे दी जाये।

सरकार जनता से कर रही बूस्टर डोज लेने की अपील : स्वास्थ्य कर्मचारियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को तीसरी खुराक करीब एक साल पहले दी गयी थी। सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, केंद्र सरकार का ध्यान तीसरी खुराक के कवरेज को बढ़ाने पर है, जो पात्र आबादी का 27-28% है। लोगों को तीसरी खुराक लेने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने कई कदम भी उठाये। पिछले साल जुलाई में स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक अभियान शुरू किया, जिसके तहत देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के मौके पर तीसरी बूस्टर खुराक 75 दिनों के लिए सरकारी क्लीनिकों में मुफ्त दी गई। बता दें कि इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम (इन्साकॉग) ने अपने बुलेटिन में कहा है कि कोरोनो वायरस का ओमीक्रॉन स्वरूप और इससे बने अन्य स्वरूप भारत में प्रमुखता से बने हुए हैं, जिसमें एक्सबीबी प्रमुख है। बुलेटिन के मुताबिक बीए.2.75 और बीए.2.10 स्वरूप भी फैल रहे थे लेकिन कुछ हद तक। बुलेटिन के मुताबिक, विशेष रूप से उत्तर-पूर्व भारत में बीए.2.75 वायरस का प्रचलित स्वरूप रहा है। हालांकि, इस अवधि में गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने के मामलों में कोई वृद्धि नहीं देखी गयी है।

Published / 2023-01-02 22:35:41
2023 में झारखण्ड को मिलेंगी कई सौगातें

टीम एबीएन, रांची। झारखंड को तीन और एयरपोर्ट साल 2023 में मिलने वाला है। इसमें दुमका, बोकारो और टाटा शहर को शामिल किया गया है। जहां से इसी साल हवाई उड़ान शुरू हो जायेगी। इसके साथ झारखंड में 5 एयरपोर्ट होगा। क्योंकि रांची और देवघर के पास पहले से अपने हवाई अड्डे हैं। वहीं इन तीनों दुमका, बोकारो और टाटा एयरपोर्ट पर विमान परिचालन की तैयारी है और उड़ान शुरू करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

वहीं साल 2023 में झारखंड को सड़क, एक्सप्रेस-वे और फ्लाइओवर की भी ढेरों सौगात मिलनेवाली है। राजधानी रांची के अलावा राज्य के कई व्यस्ततम शहरों को फ्लाइओवर के जरिए जाम से मुक्ति की कोशिश की जायेगी।

वहीं हाईकोर्ट के नये भवन, राज्य के मंत्रियों के लिए बंगला, आईएमए की बिल्डिंग के साथ एयरपोर्ट चालू होने की स्थिति बन रही है। वहीं केंद्र सरकार की तरफ से झारखंड को ओरमांझी-जैनामोड़ एक्सप्रेस-वे मिल गया है। वहीं संबलपुर-रांची एक्सप्रेस-वे को भी केंद्र सरकार की तरफ से हरी झंडी दिखा दी गयी है।

वहीं नये साल में रांची रिंग रोड का कार्य भी पूरा हो जायेगा। इसके पूरा होते ही बड़े वाहनों को शहर में प्रवेश की जरूरत नहीं होगी। इसके साथ ही राजधानी को जयपाल सिंह स्टेडियम और रविंद्र भवन की सौगात भी मिलेगी। वहीं रांची में रांची कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर भी शुरू हो जाने की उम्मीद है। इसके साथ ही प्रदेश को कई और परियोजनाओं का तोहफा मिलनेवाला है।

Published / 2023-01-02 22:31:14
31 से शुरू हो सकता है संसद का सत्र

  • एक फरवरी को पेश होगा केंद्रीय बजट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू हो सकता है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, संसद का बजट सत्र छह अप्रैल तक चल सकता है। सत्र की शुरुआत लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र से होगी। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू दोनों सदनों को संबोधित होगी। यह उनका संसद के दोनों सदनों को पहला संबोधन होगा।

जानकारी के मुताबिक, बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों में इकोनॉमिक सर्वे को पेश किया जायेगा। इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में केंद्रीय बजट पेश करेंगी। बजट एक फरवरी को पेश किया जा सकता है। सत्र का पहला भाग 10 फरवरी तक जारी रह सकता है। इसके बाद बजट सत्र का दूसरा भाग छह मार्च को शुरू होगा और यह 6 अप्रैल तक चल सकता है।

बजट सत्र के पहले भाग में दोनों सदनों में राष्ट्रपति के संबोधन पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इसके बाद केंद्रीय बजट पर चर्चा की जायेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के संबोधन पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देंगे। वित्त मंत्री सीतारमण भी केंद्रीय बजट पर होने वाली बहस का जवाब देंगी।

बजट सत्र के दूसरे भाग के दौरान सरकार के विधायी एजेंडे के अलावा विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर चर्चा पर प्रमुख ध्यान दिया जाता है। केंद्रीय बजट को एक धन विधेयक के तौर पर सत्र के इस भाग के दौरान पारित किया जाता है।

नये संसद भवन का काम सेंट्रल विस्टा डेवलपमेंट के हिस्से के रूप में किया जा रहा है। संसद के निर्माण में शामिल लोगों को भरोसा है कि बजट सत्र का दूसरा भाग नये संसद भवन में आयोजित किया जा सकता है। पिछले सत्र के दौरान लोकसभा में नौ बिल पेश किये गये और सात बिल संसद के निचले सदन द्वारा पारित किये गये। राज्यसभा ने नौ विधेयक पारित किये और सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयकों की कुल संख्या नौ थी।

Published / 2023-01-02 19:32:16
कल पीएम मोदी करेंगे भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार तीन जनवरी को 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन करेंगे और पूरे सत्र का अवलोकन करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की एक विज्ञप्ति के मुताबिक महाराष्ट्र में राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय (आरटीएमएनयू) के अमरावती रोड परिसर में आयोजित विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन समारोह प्रात: 9:30 पर आरंभ होगा श्री मोदी इस काय्रक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लेंगे। 

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार समाज के प्रति भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्त्वपूर्ण योगदानों को बड़े पैमाने पर प्रदर्शित करने वाला ह्लभारत का गौरवह्व मेगा-एक्सपो मुख्य आकर्षण होगा। उद्घाटन सत्र में महाराष्ट्र के राज्यपाल और महाराष्ट्र शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति भगत सिंह कोश्यारी, केंद्रीय मंत्री व आरटीएमएनयू शताब्दी समारोह की सलाहकार समिति के अध्यक्ष नितिन गडकरी, केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ जितेन्द्र सिंह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा उप-मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस शामिल होंगे। इस अवसर पर राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ सुभाष आर, चौधरी और भारतीय विज्ञान कांग्रेस संघ (इस्का), कोलकाता की अध्यक्ष डॉ. विजय लक्ष्मी सक्सेना की विशेष उपस्थिति रहेगी। 

इस वर्ष कार्यक्रम की विषयवस्तु सांइस एंड टेक्नोलॉजी फॉर सस्टेनेबल डेवलप्मेंट विद विमेन एमपावरमेंट (महिला सशक्तिकरण सहित सतत विकास के लिये विज्ञान और प्रौद्योगिकी) है। सम्मेलन के जन संवाद और प्रदर्शनी आमजन के लिये खुली होंगी। 
108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस के तकनीकी सत्र को 14 वर्गों में बांटा गया है, जिनके तहत विश्वविद्यालय के महात्मा ज्योतिबा फुले शैक्षिक परिसर के विभिन्न स्थलों पर समानान्तर सत्र चलाये जायेंगे। इन 14 वर्गों के अलावा, महिला विज्ञान कांग्रेस, किसान विज्ञान कांग्रेस, बाल विज्ञान कांग्रेस, जनजातीय समागम, विज्ञान व समाज तथा विज्ञान संचारकों की कांग्रेस के एक-एक सत्र का भी आयोजन किया जायेगा। 

सम्मेलन के पूर्ण सत्रों में कई नोबल पुरस्कार विजेताओं, भारत व विदेश के नामी गिरामी अनुसंधानकर्ताओं, विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों के टेकनोक्रेटों पर सामग्री शामिल की गई है, जिसमें अंतरिक्ष, रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी और चिकित्सा अनुसंधानों को रखा गया है। तकनीकी सत्रों में कृषि, वन विज्ञान, पशु, पशु चिकित्सा और मत्स्य विज्ञान, मानव व व्यवहार विज्ञान, रासायनिक विज्ञान, पृथ्वी प्रणाली विज्ञान, अभियांत्रिकी विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, सूचना व संचार विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी, पदार्थ विज्ञान, गणितीय विज्ञान, चिकित्सा विज्ञान, नवीन प्राणी विज्ञान, भौतिक विज्ञान तथा पादप विज्ञान के क्षेत्र में अभूतपूर्व व प्रयुक्त अनुसंधानों के बारे में दशार्या जायेगा। 

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण मेगा एक्सपो प्राइड आॅफ इंडिया (भारत का गौरव) है। प्रदर्शनी में भारतीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी द्वारा समाज के प्रति किये गये, उन प्रमुख योगदानों, उनकी प्रमुख उपलब्धियों और प्रमुख विकासों को दिखाया जायेगा, जिनकी बदौलत पूरे वैज्ञानिक संसार के लिये सैकड़ों नये विचारों, नवोन्मेषों और उत्पादों को आकार मिला। भारत के गौरव के तहत सरकार, कॉरपोरेट, सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों, अकादिक एवं अनुसंधान व विकास संस्थानों, पूरे देश के नवोन्मेषी और उद्यमियों की उपलब्धियों तथा उनकी क्षमताओं को पेश किया जायेगा। 

कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर होने वाला भारतीय विज्ञान कांग्रेस का पारंपरिक विज्ञान ज्योति कार्यक्रम आज आयोजित किया गया। इसमें 400 से अधिक स्कूली और कॉलेज छात्र जीरो माइलस्टोन पर एकत्र हुये। आईएससीए अध्यक्ष डॉ विजय लक्ष्मी सक्सेना ने छात्रों से आग्रह किया कि वे विज्ञान को केवल पाठ्य सामग्री के रूप में न पढ़ें, बल्कि जीवन में वे जो भी करें, विज्ञान को उसमें शामिल करें। विज्ञान ज्योति की अवधारणा ओलम्पिक ज्योति के अनुरूप है। यह एक आंदोलन का स्वरूप है, जो समाज और विशेष रूप से युवाओं में वैज्ञानिक मानसिकता तैयार करने के लिये समर्पित है। यह ज्योति विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित की गई है और 108वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस के समापन तक यह प्रज्ज्वलित रहेगी।

Published / 2023-01-01 21:20:23
नववर्ष : वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने दी शुभकामनाएं

  • समस्त राज्यवासियों को सुखमय एवं स्वस्थ जीवन की दी शुभकामनाएं

टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार के वित्त सह खाद्य आपूर्ति मंत्री व प्रदेश कांग्रेस कमिटी के पूर्व अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव के साथ प्रदेश कांग्रेस कमिटी के वरिष्ठ नेता आलोक कुमार दुबे, लाल किशोर नाथ शाहदेव एवं डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने नूतन वर्ष की समस्त राज्यवासियों को सुखमय एवं स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं एवं बधाई दी है। इन नेताओं ने इसके अलावा राज्य के सभी कांग्रेस नेताओ एवं कार्यकर्ताओं को भी नये वर्ष की शुभकामनाएं दी है।

डॉ उरांव ने कहा पिछले साल 2022 में झारखण्ड कई कदम आगे बढ़ा है और काफी कुछ झारखण्ड के लोगों को हासिल हुआ है, इसके लिए मैं राज्य की जनता को धन्यवाद देता हूं। डॉ उरांव ने कहा कि आज से नव वर्ष प्रारंभ हो रहा है, सरकार की ओर से, मेरी ओर से एवं कांग्रेस पार्टी की ओर से झारखंड के सभी नर-नारी, बच्चे वृद्ध सबको शुभकामनाएं हैं, सबका जीवन सुख एवं समृद्धि से परिपूर्ण हो, बच्चे अच्छी शिक्षा ग्रहण करें, पुरुष और महिला अपने काम को बेहतर ढंग से निष्पादित करें।

वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष ने कहा हेमन्त सोरेन की सरकार ने किसानों को अभी सूखा राहत दिया है, किसान बढ़िया तरीके से उसका सदुपयोग करें। सर्वजन पेंशन सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, लाखों लोगों को इसमें लाभ पहुंचा है, कुछ लोग इससे छूटे हुए भी हैं, उनको मेरी सलाह होगी कि इस योजना से जरूर फायदा उठायें।

Published / 2023-01-01 12:41:18
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्यवासियों को दी कई योजनाओं की सौगात...

  • वर्तमान राज्य सरकार के 3 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर झारखंड के किसान, बेटियां, प्री-मैट्रिक छात्र-छात्राओं सहित हर वर्ग के जरूरतमंदों को मिला योजनाओं का लाभ
  • वर्तमान राज्य सरकार के तृतीय वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह की कुछ महत्वपूर्ण बिंदु...
  • मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को अनुग्रहित राशि का अंतरण किया गया

टीम एबीएन, रांची। झारखण्ड राज्य में सामान्य से कम तथा विशेषकर मॉनसून के प्रारंभ में औसत से कम वर्षापात होने के कारण झारखण्ड राज्य के 22 जिलों के 226 प्रखंडों के किसान परिवारों को तत्काल सूखा राहत देने हेतु मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना (MSRY) लागू किया गया। योजना के अंतर्गत सूखा प्रभावित किसान परिवारों को तत्काल राहत प्रदान करने हेतु 3500 रुपये की अनुग्राहिक राहत राशि अग्रिम दिए जाने का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री, झारखण्ड द्वारा राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर 15 नवंबर 2022 को योजना का शुभारंभ किया गया एवं योजना के वेब पोर्टल https://msry. jharkhand.gov.in पर किसानों के ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। योजना के तहत सूखा प्रभावित किसानों द्वारा तीन श्रेणियों में, (क) इस वर्ष बुआई नहीं कर पाने वाले किसान, (ख) 33% से ज्यादा फसल क्षति वाले किसान, एवं (ग) भूमिहीन कृषक मजदूरों द्वारा आवेदन किया जा रहा है, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। 

दिनांक 27 दिसंबर 2022 तक कुल 25,84,863 किसानों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किया गया है। कुल आवेदकों में से (क) श्रेणी के आवेदको की संख्या 12,43,607 (ख) 33% से ज्यादा फसल क्षति वाले किसानों की संख्या 9,24,930 एवं (ग) भूमिहीन कृषक मजदूरों की संख्या 4,16,326 है। सरकार गठन के तृतीय वार्षिकोत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के कर कमलों द्वारा मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के तहत प्रथम चरण में राज्य के 6,63,910 लाभार्थी किसानों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से तात्कालिक सूखा राहत हेतु कुल 2,32,36,85,000 रुपए अनुग्राहिक राशि का अंतरण किया गया।

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना

सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण है।इस योजना के तहत बालिका शिक्षा पर बल दिया गया है।  बाल विवाह प्रथा का अन्त, उच्चतर कक्षाओं की बालिकाओं के शैक्षणिक व्यय में सहयोग कर उनके विद्यालय परित्याग की प्रवृत्ति को कम करने का प्रयास  है। किशोरियों को उच्च शिक्षा हेतु प्रोत्साहित करना, किशोरियों के स्वास्थ्य एवं वैयक्तिक स्वच्छता हेतु सहायता एवं किशोरियों को अपने जीवन के संबंध में स्वतंत्र निर्णय लेने हेतु सक्षम बनाना इस योजना का उद्देश्य है। इस हेतु सरकार द्वारा लाभुक वर्ग कक्षा 8 एवं 9 में नामांकित बालिका को 2,500 रुपये की राशि, कक्षा 10, 11 एवं 12 में नामांकित बालिका को 5,000 रुपयेकी राशि के आर्थिक लाभ दिए जा रहें हैं , वहीं 18-19 वर्ष आयु की बालिका को एकमुश्त अनुदान 20,000 रुपये से लाभान्वित कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन द्वारा इस योजना के तहत कुल 5,52,685 बालिकाओं के बीच कुल 2,192,991,500 रुपये की राशि आवंटित किया गया।

छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति

अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा झारखण्ड राज्य में छात्र-छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने एवं ड्रॉपआउट की संख्या को कम करने के उद्देश्य से प्री मैट्रिक एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के रूप में कक्षा-1 से उच्च स्तर तक अध्ययन के लिए छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत अनूसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के लिए पूर्व में कक्षा I से V के लिए 500 रुपये को बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया। अन्य वर्गों के छात्र-छात्राओं को भी पूर्व की दर से लगभग दोगुना राशि का प्रावधान किया गया है। राशि का भुगतान PFMS (Public Fund Management System) के माध्यम से DBT द्वारा सीधे छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में किया जाता है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के अन्तर्गत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के लिए पूर्व के अधिकतम 50,000 रुपये छात्रवृत्ति राशि की सीमा को बढ़ाते हुए अधिकतम 1,00,000 रुपये कर दी गयी है। वहीं शैक्षणिक संस्थानों द्वारा छात्रवृत्ति हेतु निबंधन की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है एवं प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन को सरल किया गया है। प्रत्येक छात्र-छात्रा को Unique ID प्रदान किया जा रहा है। Duplicacy रोकने के लिए Aadhar Authentication, SMS के माध्यम से प्रत्येक चरण एवं प्राप्त शिकायत के निपटारा हेतु इलेक्ट्रॉनिक माध्यम  आदि का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री द्वारा कर्यक्रम में वर्त्तमान में प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु कुल पंजीकृत 29 लाख छात्र-छात्राओं के बीच से  25 लाख छात्र-छात्राओं को लगभग 500 करोड़ रुपये भुगतान की प्रक्रिया को भी आज प्रारंभ कर दी गई है।

सूचना प्रोद्यौगिकी एवं ई-गवर्नेस विभाग के जोहार परियोजना पोर्टल की लॉन्चिंग

झारखण्ड सरकार, राज्य के विभिन्न जिलों, निदेशालयों एवं एजेंसियों की परियोजनाओं का त्वरित गति से क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण करने हेतु दृढ संकल्पित राज्य सरकार द्वारा जोहार परियोजना पोर्टल विकसित की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत एवं शिलान्यास किये गये परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण करते हुए समयबद्ध तरीके से पूर्ण कराया जाना है। इस पोर्टल की निम्न विशेषताएं हैं, जैसे- परियोजनाओं हेतु प्राथमिकता का निर्धारण, संरचना आधारित एवं गैर-संरचना आधारित परियोजनाओं का वर्गीकरण, परियोजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति का अनुश्रवण करना। इसके साथ ही परियोजनाओं के लिए कार्य योजना बनाते हुए माइलस्टोन तैयार करना, चर्चा सूत्र तैयार करने, अंतर- विभागीय समन्वय स्थापित करने तथा परियोजनाओं के बेहतर अनुश्रवण हेतु उपयोगकर्ता अपने अनुरूप रेड फ्लैग/ वॉचलिस्ट के रूप में चिन्हित करना आदि।

उक्त के अलावा यदि किसी परियोजना में कई विभाग जुड़े हुए हों, तो उसे चिन्हित करते हुए इसकी सूचना संबंधित विभागों के Dashboard पर दिखेगी ताकि संबंधित विभागों द्वारा समयबद्ध तरीके से उनसे संबंधित कार्यों का निर्वहन किया जा सके।

जोहार खिलाड़ी वेबपोर्टल लॉन्च

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में पर्यटन, कला–संस्कृति, खेलकूद एवं युवाकार्य विभाग, झारखण्ड सरकार द्वारा खेल संबंधी विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन एवं संचालन हेतु जोहर खिलाड़ी पोर्टल का निर्माण किया गया है।इस पोर्टल द्वारा खेल के विकास हेतु  आधारभूत संरचनाओं के विकास एवं उसके रख-रखाव में भी सहायता होगी। इस पोर्टल से खेल और खिलाड़ियों से संबंधित सभी विषयों को एक स्थान पर लाया जा सकेगा, जिससे खेल इको सिस्टम को पूर्णत पेपर लेस बनाया जा सकेगा। पोर्टल का मुख्य उद्देश्य सभी खिलाड़ियों का डिजिटल डेटाबेस उपलब्ध कराना है। राज्य के सभी स्तरों पर खेल संस्कृति के विकास को बढ़ावा देना, खेल के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जमीनी स्तर पर झारखण्ड की खेल प्रतिभाओं की पहचान करना एवं राज्य के युवाओं का आर्थिक एवं समाजिक विकास सुनिश्चित करना है।

जोहार खिलाड़ी पोर्टल की खूबियां

  1. पोर्टल में खिलाड़ियों और खेल से जुड़े सभी तरह के टेक्निकल स्टाफ रजिस्ट्रेशन कर सभी का एक प्रोफाइल बनाया जायेगा।
  2. खिलाड़ियों के प्रोफाइल में खिलाड़ियों के नाम, उम्र, पिता का नाम, खेल जिनसे संबंध रखते हैं, व्यक्तिगत विशेषता सहित कई बिन्दुओं पर जानकारी उपलब्ध होगी, खिलाड़ियों के अपने प्रोफाइल में उपलब्ध रहेगी।
  3. उक्त खिलाड़ी किस उम्र श्रेणी से खेलता है इसकी जानकारी सहित खिलड़ी ने विभिन्न स्तर पर क्या प्रदर्शन किया है, इसके संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध होगी। टेक्निकल स्टाफ किस खेल से संबंधित हैं, किन किन मैचों से जुड़े रहे हैं, इसके संबंध मे जानकारी उपलब्ध होगी।
  4. पोर्टल पर राज्य के सभी खेल मैदान, स्टेडियम, इंडोर स्टेडियम, पोटो हो खेल मैदान सहित अन्य सभी तरह के मैदानों को जोड़ा जायेगा।
  5. प्रत्येक मैदान में खेले गए सभी प्रतियोगिता, मैचों की जानकारी मैदान के प्रोफाइल पर उपलब्ध होगी।
  6. आज जब राज्य में होने वाले प्रतियोगिताओं की रिपोर्ट पेपर फॉरमेट पर जमा की जाती है, जिस से कई बार जानकारियों के मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है एवं कई बार मैच रिपोर्ट गुम होने से संबंधित शिकायतें मिलती हैं। इस परेशानी को दूर करने के लिए जोहार खिलाड़ी पोर्टल एक बेहतर विकल्प बनेगा।
  7. पोर्टल में राज्य स्तर पर खेल निदेशालय, जिला स्तर पर जिला खेल पदाधिकारी किसी भी खेल के प्रतियोगिताओं की जानकारी ऑनलाइन रख सकेंगे।
  8. प्रतियोगिता की एंट्री सर्वप्रथम कर ली जायेगी, खेलने वाली टीमों के निर्धारण के पश्चात प्रतियोगिता की फिक्स्चर बनाने की सुविधा पोर्टल पर उपलब्ध होगी, जिसके बाद प्रत्येक मैच की रिपोर्ट डाली जाएगी, जिसमे टीम के साथ प्रत्येक खिलाड़ी की मैच की जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी।
  9. जोहार खिलाड़ी पोर्टल में राज्य स्तर पर आयोजित हुए प्रतियोगिताओं की जानकारी खेल निदेशालय द्वारा जमा की जायेगी।
  10. राज्य स्तर पर प्रत्येक जिला मे चल रहे खेल गतिविधियों जैसे प्रतियोगिता, खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन और जिला के अन्तर्गत होने वाले सभी मैचों की मॉनिटरिंग की जा सकेगी। जोहार खिलाड़ी पोर्टल के डैशबोर्ड में जिला स्तर पर जिला संबंधित जानकारी , राज्य स्तर पर राज्य संबंधित जानकारी ग्राफ और डाटा के रूप मे दिखाया जाएगा ताकि प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता बनी रहे। पोर्टल के माध्यम से आने वाले समय मे सरकार को नीतिगत फैसले लेने में आसानी होगी। झारखण्ड राज्य में खिलाड़ियों को उपलब्ध सभी सुविधाएं, पंजीकरण एवं सभी आवश्यक जानकारियां अब होंगी सिर्फ एक क्लिक की दूरी पर। झारखंड सरकार की यह प्रगतिशील पहल राज्य के प्रत्येक खिलाड़ी के लिए सहाय सिद्ध होगी।

आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार योजना के स्टेटस रिपोर्ट पुस्तिका का विमोचन

इस अवसर पर आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार योजना के स्टेटस रिपोर्ट से संबंधित पुस्तिका का विमोचन किया गया। इस पुस्तिका में इस वर्ष 2 चरणों में पहला 12  अक्टूबर 2022 से 22 अक्टूबर 2022 तक एवं 1 नवम्बर 2022 से 14 नवम्बर 2022 तक चल रहे योजना  की विवरणी दी गयी है। इस योजना के तहत पूरे राज्य के लोगों के बीच सरकार के पदाधिकारियों ने उनके घर तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को जाना एवं उसका निवारण भी किया। राज्य में इस योजना के तहत कुल 5,696 शिविर आयोजित किया गया जिसमें कुल 55.44 लाख प्राप्त आवेदनों में कुल 50.75 लाख समस्याओं का निष्पादन कर दिया गया है वहीं 3.7 लाख आवेदनों के निष्पादन हेतु कार्य किये जा रहे हैं।

कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के कॉम्पेडियम का अनावरण

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर झारखण्ड राज्य के गठन के पश्चात् विगत 22 वर्षों में पहली बार कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के द्वारा विभागीय नियमों / परिपत्रों / संकल्पों का एक विषयवार समेकित संकलन, जो चार खण्डों (खण्ड-2 दो भाग में) कुल पांच पुस्तिकाओं में समाहित है, के कॉम्पेडियम का भी अनावरण किया।

इस संकलन में जहां कार्मिक प्रबंधन से संबंधित सभी आयाम (यथा कार्मियों की नियुक्ति, प्रोन्नति, आरक्षण, विभागीय कार्यवाही, अनुशासनात्मक कार्रवाई, आचार, सेवानिवृत्ति आदि) शामिल हैं। वहीं विभागीय नियमों / परिपत्रों / संकल्पों से संबंधित अद्यतन सभी तथ्यों को नये कलेवर में प्रस्तुत किया गया है। इस संकलन से विभागीय नियमों / परिपत्रों / संकल्पों की उपलब्धता सर्वसुलभ हो सकेगी तथा सरकार के स्तर पर निर्णय लेने में सुविधा होगी। इस संकलन को भविष्य में नियमित अंतराल के पश्चात् अद्यतन भी किया जायेगा।

Published / 2023-01-01 12:02:45
नववर्ष पर पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं, जानें और क्या बोले प्रधानमंत्री...

  • 2023 सभी के लिए शानदार हो! यह आशा और ढेर सारी सफलता से भरा हो...

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लोगों को नये साल की शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि वर्ष 2023 सभी के लिए शानदार हो! यह आशा, खुशी और ढेर सारी सफलता से भरा हो। सभी को अच्छी सेहत का आशीर्वाद मिले। बता दें कि कोरोना काल के दो साल बाद लोगों ने भारी जोश के साथ 2023 का स्वागत किया।

Published / 2023-01-01 11:47:44
Good News : आज से सालभर 81.35 करोड़ एनएफएसए लाभार्थियों को मुफ्त अनाज

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र की मोदी सरकार ने नए साल पर देश की बड़ी आबादी को गिफ्ट दिया है। खाद्य मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक आज (01 जनवरी, 2023) से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) के तहत 81.35 करोड़ लाभार्थियों को सालभर (31 दिसंबर, 2023) मुफ्त अनाज मुहैया कराया जायेगा। 

मंत्रालय ने शनिवार को सभी एनएफएसए लाभार्थियों को वितरित किये जाने वाले मुफ्त खाद्यान्न योजना को अधिसूचित किया है। खाद्य मंत्रालय के मुताबिक केंद्र सरकार वर्ष 2023 के लिए दो लाख करोड़ रुपये से अधिक की खाद्य सब्सिडी वहन करेगी। योजना को सुचारु रूप से लागू करने के लिए भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के सभी महाप्रबंधकों से कहा गया है कि वे प्रतिदिन अनिवार्य रूप से विभिन्न क्षेत्रों की तीन राशन दुकानों का निरीक्षण कर रिपोर्ट दें। 

मंत्रालय ने इस योजना के तहत खाद्यान्न वितरण करने वाले डीलर का लाभांश उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर राज्यों को परामर्श भी जारी किया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सस्ती दर पर उपभोक्ताओं को बांटे जाने वाले अनाज के लिए अब राशनकार्ड धारकों को कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में 23 दिसंबर, 2022 को हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया था। यह सुविधा 31 दिसंबर, 2023 तक मिलेगी। 

उल्लेखनीय है कि राशन कार्डधारकों को राशन दुकानों से तीन रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चावल, दो रुपये प्रति किलो की दर से गेहूं और एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मोटा अनाज दिया जाता है।

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