टीम एबीएन, रांची। झारखंड का अगला डीजीपी कौन होगा? यूपीएससी द्वारा तीन अफसरों के नामों पर मुहर लगाने के बाद यह सवाल उठने लगा है। यूपीएससी की बैठक में तीन अफसरों का चयन किया गया, जिसमें आईपीएस अजय कुमार सिंह, 1990 बैच के आईपीएस अनिल पाल्टा और 1989 बैच के आईपीएस अजय भटनागर का नाम शामिल है।
मालूम हो कि सरकार ने यूपीएससी को नौ अफसरों का नाम भेजा था। जिसमें से यूपीएससी ने इन तीनों का नाम डीजीपी के लिए चयन कर झारखंड सरकार को भेज दिया है। अब सरकार को झारखंड के अगले डीजीपी के नाम का चयन करना है।
टीम एबीएन, बोकारो/ रांची। राज्य में पुलिस की बहाली में 30 प्रतिशत महिलाओं की बहाली की जा रही है। इतनी संख्या में महिलाओं के पुलिस में आने से उनका भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह पुलिस विभाग के लिए गर्व की बात है और परिवर्तन का बड़ा उदाहरण है। ट्रेनिंग चुनौती पूर्ण रही होगी। आगे सेवा में अलग तरह की चुनौती आ सकती है। पुलिस सेवा में प्रतिदिन नई चुनौतियां आती हैं। ट्रेनिंग के अनुभवों के आधार पर उसका समाधान खोजा जा सकता है। उक्त बातें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को जैप 4 में आयोजित पासिंग आउट परेड समारोह मेंकही।
उन्होंने कहा कि यह माइंड मेकअप कर के जाएं कि कोई भी चुनौती आपके सामने आ सकती है। उसका बुद्धि विवेक के साथ मुकाबला करना होगा। मुझे पूरी उम्मीद और विश्वास है कि आप ने जो यहां प्रशिक्षण प्राप्त किया है, उसका बखूबी इस्तेमाल उन चुनौतियों से निपटने में करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तरह-तरह के हो रहे अपराध से निपटने की बड़ी चुनौती पुलिस के सामने है। ऐसे में पुलिसकर्मियों को अत्याधुनिक तकनीकों के साथ-साथ बेहतर से बेहतर प्रशिक्षण मिले, इस पर सरकार का विशेष जोर है ताकि सामान्य अपराधों के साथ साइबर अपराध और आर्थिक अपराध से जुड़े अपराधियों को मुंहतोड़ जवाब दे सकें। सीएम ने कहा कि राज्य जैप और पुलिस लाइन में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। दो साल के अंदर सभी समस्याओं का समाधान और भवनों का जीणोर्धार किया जायेगा। पुलिस की अपनी स्वास्थ्य सुविधा बहाल करने पर सरकार विचार कर रही है।
डीजीपी नीरज सिन्हा ने स्वागत भाषण दिया। मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य में पुलिस को इस प्रकार प्रशिक्षित किया जाता है कि वह आमजन की आकांक्षाओं पर खरी उतरे। इन्हें आधुनिक तौर तरीकों का प्रशिक्षण दिया गया है। ये जनता का विश्वास जीतेंगे और अपने प्रशिक्षण का उपयोग नक्सल और अपराध नियंत्रण में करेंगे।
मुख्यमंत्री का आगमन 12.35 बजे जैप 4 ग्राउंड में बने हेलीपैड पर हुआ। जहां डीजीपी नीरज सिन्हा समेत सभी वरीय पुलिस अधिकारियों ने उनकी आगवानी की। गार्ड आॅफ आॅनर दिया गया। उन्होंने ने शहीद स्मारक पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में प्रशिक्षु आरक्षियों ने देश और राज्य की सेवा तथा अपने दायित्व एवं कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी, निष्ठा, परिश्रम, हर्ष और नम्रता के साथ करने की शपथ ली। मुख्यमंत्री ने सभी आरक्षियों को जिंदगी की नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दी। सीएम ने आकर्षक परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। प्रशिक्षण सत्र 2020 - 22 में कुल 575 आरक्षी में से पुरुष 386 और 188 महिलाए शामिल हैं। जिसमें आईआरबी गोड्डा के 377 पुरुष और 179 महिला, एसआईआरबी दुमका 1 के 04 पुरुष और 09 महिला, एसआईआरबी खूंटी 2 के 05 पुरुष शामिल हैं।
इस अवसर पर बेरमो विधायक जयमंगल सिंह, गोमिया विधायक लंबोदर महतो, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विनय चौबे, डीजीपी नीरज सिन्हा, डीजी ट्रेनिंग अनुराग गुप्ता, जैप एडीजी प्रशांत सिंह, आईजी ट्रेनिंग प्रिया दुबे, कोयला क्षेत्र के डीआईजी कन्हैया मयूर पटेल, डीसी कुलदीप चौधरी, एसपी चंदन झा सहित गणमान्य लोग मौजूद थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को पोर्ट ब्लेयर में देश के एकमात्र ऑपरेशनल जॉइंट सर्विसेज कमांड के मुख्यालय का दौरा किया। उन्होंने अंडमान एवं निकोबार कमांड की ऑपरेशनल तैयारियों और सैन्य क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों की समीक्षा की। रक्षा मंत्री को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की भू-रणनीतिक क्षमता और इस क्षेत्र में भारत के प्रभाव को बढ़ाने और सैन्य अभियानों में कमांड की भूमिका के बारे में जानकारी दी गयी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज अंडमान और निकोबार कमांड (एएनसी) की दो दिवसीय यात्रा पर पोर्ट ब्लेयर पहुंचे हैं। यात्रा के पहले दिन उन्होंने कमांड की रक्षा तैयारियों, कमांड के परिचालन क्षेत्रों तथा बाहरी इकाइयों में अवसंरचना के विकास की समीक्षा की। रक्षा मंत्री कैंपबेल बे, कार्निक और डिगलीपुर में एएनसी इकाइयों का भी दौरा करके सैनिकों के साथ बातचीत करेंगे। अंडमान और निकोबार कमांड 21 साल पुराना सफल इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड है, जिसकी योजना अब राष्ट्रीय स्तर पर बनाई जा रही है।
कमांड के कमांडर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अजय सिंह ने कमांड की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं और चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और समुद्री क्षेत्र को सुरक्षित रखने में निभाई गई भूमिका के लिए कमांड की भूमिका को सराहा। राजनाथ सिंह ने इस दौरान अंडमान और निकोबार कमांड की परिचालन तैयारियों और परिचालन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास की समीक्षा की। लेफ्टिनेंट जनरल अजय सिंह ने रक्षा मंत्री को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की भू-रणनीतिक क्षमता, भारत के प्रभाव को बढ़ाने और सैन्य अभियानों के बारे में जानकारी दी।
राजनाथ सिंह ने एएनसी ज्वाइंट ऑपरेशंस सेंटर (जेओसी) का भी दौरा किया, जो निगरानी, संचालन और रसद समर्थन के लिए एकीकृत योजना का मुख्य केंद्र है। अधिकारियों और जवानों के साथ बातचीत करते हुए रक्षा मंत्री ने द्वीपों और विशेष आर्थिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सतर्क और 24 घंटे तैयार रहने के लिए उनकी बहादुरी और उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2001 में अपनी स्थापना के बाद से अंडमान और निकोबार कमांड ने अपनी परिचालन क्षमताओं में काफी वृद्धि की है। उन्होंने जवानों को भरोसा दिलाया कि जिस तरह वे देश की सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार हैं, तो उसी तरह सरकार भी उनके कल्याण के लिए हमेशा तैयार है।
उन्होंने कहा कि हमने आत्मनिर्भरता के लिए मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड विजन को साकार करने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। हमारी सशस्त्र सेना जल्द ही दुनिया की सबसे मजबूत सेनाओं में से एक होगी। यह हमारा विजन भी है और हमारा मिशन भी। रक्षा मंत्री ने उस बहादुरी और मुस्तैदी का भी विशेष उल्लेख किया, जिसका प्रदर्शन करते हुए सशस्त्र बलों ने उत्तरी क्षेत्र में हाल की स्थितियों से निपटा। रक्षा मंत्री ने एक क्वाड-सर्विस गार्ड ऑफ ऑनर की समीक्षा की और 29 दिसंबर, 1943 को नेताजी के ऐतिहासिक आगमन के स्थान संकल्प स्मारक का दौरा किया।
संकल्प स्मारक में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय सेना के सैनिकों के बलिदान का सम्मान करने के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की। पोर्ट ब्लेयर पहुंचने पर अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के लेफ्टिनेंट गवर्नर एडमिरल डीके जोशी (सेवानिवृत्त) और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। जनवरी 2019 के बाद से रक्षा मंत्री की इंदिरा पॉइंट की यह पहली यात्रा है। इंडो-पैसिफिक से इन दूर-दराज के द्वीपों की निकटता को देखते हुए रणनीतिक संकेतों के अलावा, रक्षा मंत्री की अंडमान एवं निकोबार कमांड की यात्रा ने इन दूरस्थ द्वीप पर तैनात सैनिकों को प्रेरित किया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बजट 2023 में बेसिक इनकम टैक्स की छूट की सीमा को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा सकता है। जानकारों का मानना है कि सैलरी वाले मध्यम वर्ग के टैक्सपेयर्स को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बड़ी राहत दे सकती हैं। मौजूदा समय में, बेसिक इनकम टैक्स छूट की सीमा इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए दोनों नई और पुरानी इनकम टैक्स प्रणाली के तहत 2.5 लाख रुपये है।
इसके अलावा इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 87ए के तहत पांच लाख रुपये तक की सालाना इनकम वाला इंडीविजुअल टैक्सपेयर 12,500 रुपये के इनकम टैक्स रिबेट के लिए योग्य होगा।
यह प्रावधान इनकम टैक्स की दोनों प्रणालियों के तहत उपलब्ध है। इसका मतलब है कि पांच लाख रुपये तक की नेट टैक्सेबल इनकम के साथ लोगों को इनकम टैक्स से पूरी तरह छूट है, चाहे वह किसी भी व्यवस्था को चुनते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि इंडीविजुअल टैक्सपेयर के लिए बेसिक टैक्स छूट सीमा पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत आपकी उम्र और रेजिडेंशियल स्टेटस पर निर्भर करती है।
क्यों हो सकता है यह ऐलान?
एक्सपर्ट्स बजट 2023 में बेसिक टैक्स छूट की सीमा को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने को कह रहे हैं, जिससे खपत बढ़े और आर्थिक रिकवरी में भी मदद मिल सके। एसोचैम के सेक्रेटरी जनरल दीपक सूद ने कहा कि निजी इनकम टैक्स के लिए छूट की सीमा को बढ़ाने की डिमांड इस बात पर निर्भर करती है कि मिडल क्लास वाले ग्राहकों के हाथों में ज्यादा पैसा बचे। उन्होंने बताया कि इससे आर्थिक रिकवरी में डिमांड बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
आपको बता दें कि आम बजट 2023 की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। 1 फरवरी 2023 को पेश होने वाले बजट को टैक्सपेयर्स के लिए अहम माना जा रहा है। नौकरीपेशा के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन और इनकम टैक्स के सेक्शन 80उ में निवेश के तहत छूट की लिमिट को बढ़ाया जा सकता है। टैक्सपेयर्स को टैक्स के मोर्चे पर पिछले 9 साल में कुछ हासिल नहीं हुआ।
साल 2014 में सरकार ने टैक्स फ्री इनकम औरसेक्शन 80उ की लिमिट बढ़ाई थी, लेकिन उसके बाद से ऐसी कोई बड़ी राहत टैक्सपेयर्स को नहीं मिली। आम चुनाव से पहले सरकार टैक्सपेयर्स को खुश कर सकती है। क्योंकि, मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का ये आखिरी पूर्ण बजट होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पुरुष हॉकी विश्व कप 2023 का आयोजन भारत के ओडिसा में होना है। इस टूर्नामेंट के सभी मैच भुवनेश्वर और राउरकेला में होने हैं। भारत लगातार दूसरी बार हॉकी विश्व कप की मेजबानी कर रहा है। लगातार दूसरी बार विश्व कप के सभी मैचों का आयोजन ओडिसा में ही होना है। इस बीच ओडिसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा है कि अगर भारत यह विश्व कप जीतने में सफल रहता है तो भारतीय टीम में शामिल सभी खिलाड़ियों को एक-एक करोड़ रुपये दिये जायेंगे।
पटनायक ने राउरकेला का दौरा किया। यहां उन्होंने बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम परिसर में विश्व कप गांव का उद्घाटन किया। विश्व कप गांव को रिकॉर्ड नौ महीने के अंदर बनाया गया है और इसमें हॉकी विश्व कप के स्तर के अनुरूप सभी सुविधाओं के साथ 225 कमरे हैं। विश्व कप विलेज में हॉकी विश्व कप की टीमें और अधिकारी रहेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पटनायक ने विश्व कप विलेज में ठहरी राष्ट्रीय पुरुष हॉकी टीम से बातचीत की। पटनायक ने कहा कि अगर हमारा देश विश्व कप जीतता है तो टीम इंडिया के प्रत्येक खिलाड़ी को एक करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा। मैं टीम इंडिया को शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे चैंपियन बनकर उभरें।
खिलाड़ियों ने ओडिशा सरकार की प्रशंसा की और देश के खिलाड़ियों और हॉकी के लिए बेहतर सुविधाएं और माहौल बनाने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। विश्व कप गांव राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को विश्व कप के लिहाज से बेहतर माहौल देगा। यहां हॉकी अभ्यास केंद्र और बिरसा मुंडा हॉकी स्टेडियम भी खिलाड़ी अभ्यास कर सकेंगे।
ओडिशा की संस्कृति को दर्शाते हुए सेवा और आतिथ्य की जिम्मेदारी ताज ग्रुप को दी गई है। इसके लिए हॉकी इंडिया ने ताज ग्रुप से बात कर ली है। ओडिशा के खेल मंत्री टीके बेहरा, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की, सचिव वी के पांडियन, सचिव खेल, आर विनील कृष्णा, एमडी आईडीसीओ, भूपेंद्र सिंह पूनिया, हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह और ओडिशा सरकार और हॉकी इंडिया के अधिकारी वर्ल्ड कप विलेज के उद्घाटन के मौके पर मौजूद थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज यहां माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्य नडेला से मुलाकात की और देश में डिजीटल इंडिया मिशन के विकास को लेकर विचार विमर्श किया।
श्री नडेला ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद ट्वीट में श्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस सारगर्भित बैठक के लिए श्री मोदी का धन्यवाद। डिजीटल ट्रांसफॉर्मेशन द्वारा सतत एवं समावेशी आर्थिक विकास पर सरकार का गहरा फोकस निश्चित रूप से प्रेरणादायी है और हम डिजिटल इंडिया के विजन को भारत में साकार करने एवं दुनिया को इसकी मिसाल देने के लिए मदद करने को उत्सुक हैं।
श्री मोदी ने जवाबी ट्वीट में कहा कि श्री नडेला से मिल कर खुशी हुई। तकनीक एवं नवान्वेषण में भारत की कोशिशें तकनीक प्रेरित विकास के एक नये युग का सबब बनीं हैं। हमारे युवा नये नये विचारों से ओतप्रोत हैं जिनमें पृथ्वी को बदल देने की क्षमता है।
टीम एबीएन, रांची। खेलगांव में सात जनवरी से प्रांतीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा। प्रतियोगिता की शुरुआत खेलगांव स्थित बिरसा मुंडा एथलेटिक स्टेडियम में सुबह 10.30 से होगी। प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेश बैस करेंगे।
वनबंधु परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीन जैन ने बताया कि एकल अभियान के तहत संचालित एकल विद्यालयों को एकजुट करने की पहल के तहत यह प्रतियोगिता की जा रही है। दक्षिण झारखंड संभाग के 12 जिलों के चार हजार गांव से अंचल स्तर पर चयनित 375 बच्चों के बीच खेलकूद प्रतियोगिता होगी।
विद्यालय में शामिल विद्यार्थियों को छह से नौ वर्ष और 10 से 14 वर्ष के वर्गों में बांटा जायेगा। पहली बार आयोजित प्रतियोगिता के संचालन के लिए अभ्युदय स्पोट्र्स क्लब का गठन कर 125 सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गयी है। उन्होंने बताया कि दक्षिण झारखंड संभाग से विभिन्न स्पर्धा में चयनित 35 से अधिक बच्चे फरवरी में लखनऊ में होने वाले राष्ट्रीय खेलकूद में शामिल होंगे। साथ ही राष्ट्रीय प्रतियोगिता में झारखंड के उत्तर और दक्षिण संभाग से चयनित 70 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा लेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। 13 जनवरी को बनारस से डिब्रूगढ़ के लिए गंगा विलास क्रूज 3200 किलोमीटर लंबी जलयात्रा के लिए रवाना होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी क्रूज को वर्चुअल हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस दौरान वाराणसी में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहकर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से जुड़ेंगे। कार्यक्रम की तैयारियों को अन्तिम रूप दिया जा रहा है।
बुधवार को वाराणसी परिक्षेत्र के कमिश्नर कौशल राज शर्मा एवं जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने गंगा घाट पर तैयारियों का जायजा लिया। कमिश्नर ने इस बारे में संस्कृति विभाग, पर्यटन विभाग और अंतदेर्शीय जलमार्ग परिवहन के अधिकारियों को दिशा निर्देश भी दिया। उल्लेखनीय है कि गंगा विलास क्रूज 3200 किमी की दूरी जलमार्ग से तय करेगा। क्रूज द्वारा की जाने वाली यह दुनिया की सबसे लंबी यात्रा होगी। 13 जनवरी को गंगा विलास क्रूज के उद्घाटन में 32 पर्यटक स्विट्जरलैंड तथा एक जर्मनी, कुल 33 पर्यटकों को शामिल होना है। यह यात्रा कुल 50 दिनों की होगी।
50 दिनों का यह सफर भारत और बांग्लादेश के 27 रिवर सिस्टम से होकर गुजरेगा। वास्तुशिल्प के लिहाज से अहम 50 से अधिक जगहों पर यह क्रूज रुकेगी। जिनमें विश्व विरासत स्थल भी शामिल हैं। यह जलयान राष्ट्रीय उद्यानों एवं अभयारण्यों से भी होकर गुजरेगा। इसमें सुंदरवन डेल्टा और काजीरंगा नेशनल पार्क भी शामिल है। इस परियोजना ने भारत व बांग्लादेश को दुनिया के रिवर क्रूज नक्शे पर ला दिया है। निरीक्षण के दौरान वीडीए उपाध्यक्ष अभिषेक गोयल, अपर जिलाधिकारी (नगर) गुलाब चंद, पर्यटन अधिकारी कीर्तिमान श्रीवास्तव, संस्कृति अधिकारी सुभाष यादव भी मौजूद रहे।
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