राज काज

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Published / 2023-01-08 12:01:18
भागलपुर के कतरनी चूड़ा से मकर संक्रांति मनायेंगे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री

  • मकर संक्रांति पर दिल्ली भेजा गया 3 क्विंटल चूड़ा

एबीएन सेंट्रल डेस्क। मकर संक्रांति के मौके पर बिहार के भागलपुर जिले की खुशबूदार कतरनी चूड़ा का स्वाद इस बार फिर से देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति चखेंगे। हर वर्ष की तरह इस बार मकर संक्रांति के पहले बिहार सरकार की ओर से सौगात के रूप में तीन क्विंटल खुशबूदार कतरनी चूड़ा को शनिवार को कृषि विभाग के अधिकारियों की देखरेख में विक्रमशिला एक्सप्रेस ट्रेन से दिल्ली भेजा गया।

दिल्ली स्थित बिहार भवन से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, अन्य मंत्री सहित गणमान्य व्यक्तियों को कतरनी चूड़ा के पैकेट उपहार स्वरूप भेंट किया जायेगा। भागलपुर जिले के सबौर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय एवं जिला कृषि विभाग के प्रयास से जिले का खुशबूदार कतरनी चूड़ा को बढ़ावा देने के लिए जीआई टैग भी मिल चुका है। जैविक तरीके से उपज हुए धान के चूड़ा को खुशबूदार कतरनी चूड़ा कहा जाता है और इसकी प्रसिद्धि भारत के अलावा विदेशों में भी है। एपेडा के द्वारा विदेशों में भी कतरनी चूड़ा की आपूर्ति की जाती है।

इस बीच जिला कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार यादव ने बताया कि कतरनी चूड़ा उत्पादन के लिए भागलपुर जिले के शाहकुंड, जगदीशपुर, सुल्तानगंज प्रखंडों के अलावा मुंगेर तथा जमुई का क्षेत्र है, जहां खुशबूदार कतरनी चूड़ा और चावल की खेती होती है। मौजूदा समय में भागलपुर जिले में करीब पांच सौ एकड़ में कतरनी की खेती की जाती है। इस कतरनी की खास बात यह है कि यह काफी खुशबूदार एवं सुपाच्य होता है।

उल्लेखनीय है कि जीआई टैग प्राप्त भागलपुर जिले का मीठा जर्दालू आम भी राज्य सरकार की ओर से हर साल राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य लोगों को सौगात के तौर पर भेजा जाता है। जर्दालू आम की मांग देश-विदेश में ज्यादा होती है।

Published / 2023-01-08 08:48:48
प्राकृतिक आपदा के शिकार किसानों को झारखंड सरकार देगी तीन हजार

  • झारखंड सरकार से पैसे लेने के लिए करना होगा ये काम...

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। किसानों के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इस कदम के तहत प्राकृतिक आपदा के शिकार किसानों को झारखंड सरकार ने राहत देने की कोशिश की है। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

दरअसल, झारखंड सरकार ने सार्वजनिक धन और किसानों के कल्याण के लिए नई योजना का ऐलान किया है। इस योजना का नाम झारखंड राज्य फसल राहत रखा गया है। यह योजना मुख्यतः किसी भी प्राकृतिक आपदा के कारण फसल क्षति होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। ये योजना किसानों के लिए फसल क्षति के मामले में सुरक्षा कवच के रूप में साबित होगी। 

इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रभावित किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। बता दें कि झारखंड राज्य के 22 जिलों (पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा को छोड़कर) के 226 प्रखडों को सुखा ग्रस्त घोषित किया गया है। जिसमें 226 प्रखंडों के प्रति किसान परिवार को सूखे से राहत पाने के लिए 3 हजार 500 रुपये अग्रिम राशि दी जायेगी। वहीं सरकार की तरफ से 226 प्रखंडों के प्रभावित किसान परिवारों को जल्द से जल्द यह राशि उपलब्ध करा दी जायेगी।

जानकारी के लिए बता दें कि झारखंड के करीब 30 लाख किसान परिवार इस वक्त सूखे की चपेट में आने से परेशान है। उन्हें सरकार की इस इस योजना का लाभ मिल सकेगा। किसानों को इस योजना का लाभ पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इस योजना के मुताबिक 226 प्रखंडों के प्रति किसान परिवार को सूखा राहत के लिए 3 हजार 500 रुपये अग्रिम राशि दी जायेगी।

Published / 2023-01-08 08:43:07
पलामू : डीसी ने जपला के अकाउंटेंट और पाटन के बीपीओ को किया सेवामुक्त

  • उपायुक्त ने शिक्षा विभाग के तहत किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की
  • बच्चों के शिक्षा से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं : उपायुक्त

टीम एबीएन, पलामू/ रांची। उपायुक्त आंजनेयुलू दोड्डे ने शनिवार को शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों व कर्मियों संग बैठक कर जिले में शिक्षा विभाग के द्वारा किया जा रहे कार्यों की समीक्षा की। समाहरणालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने छात्रों का खाता खोलने, छात्रवृत्ति, पोशाक, पाठ्य पुस्तक, मध्यान भोजन, आदि की समीक्षा करते हुए कई निर्देश दिये।

जपला के अकाउंटेंट व पाटन के बीपीओ को किया सेवामुक्त

राज्य से प्राप्त नोटबुक को स्कूलों में वितरण किये जाने की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पाया कि पाटन के बीपीओ द्वारा स्कूलों में नोटबुक वितरित नहीं किया गया है। साथ ही अन्य कार्यों में भी बीपीओ द्वारा लापरवाही बरती जाती है इसपर उपायुक्त ने ऑन स्पॉट एक्शन लेते हुए बीपीओ अजय कुमार रवि को सेवामुक्त करने का आदेश दिया। इसी तरह कार्य में लगातार लापरवाही बरतने को लेकर जपला के अकाउंटेंट रंजन कुमार को भी सेवामुक्त किया गया।

एक माह के भीतर कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को पोशाक उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें : उपायुक्त

उपायुक्त श्री दोड्डे ने जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला शिक्षा अधीक्षक व सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को अगले एक माह के भीतर सभी बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण पोशाक की उपलब्धता सुनिश्चित करवाने की बात कही। साथ ही जिला शिक्षा अधीक्षक को जेएसएलपीएस के डीपीएम के साथ समन्वय स्थापित कर कोयल अप्रेल पार्क में पोशाक निर्माण कार्य का जल्द से जल्द शुभआरंभ करवाने पर बल दिया। उपायुक्त ने कहा कि एक माह बाद कोई भी स्कूल में कोई बच्चा बगैर यूनिफॉर्म पाया गया, तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। इसके अलावे मिडेमील में अंडा नहीं दिये जाने पर संबंधित शिक्षक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जायेगी।

बच्चों के शिक्षा से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं : उपायुक्त

बैठक में उपायुक्त श्री दोड्डे ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिले में बच्चों के शिक्षा से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि किसी कस्तूरबा बालिका विद्यालय के स्कूल में बगैर सूचना दिए कोई शिक्षिका अनुपस्थित पायी गयी तो संबंधित वार्डन को सस्पेंड किया जायेगा। मौके पर उप विकास आयुक्त रवि आनंद, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, अकाउंटेंट, बीपीओ, विभिन्न वार्डन समेत अन्य उपस्थित थे।

Published / 2023-01-07 19:50:18
प्रत्येक जिले में नये सिरे से बनाये जायेंगे सुसज्जित और आधुनिक बार कांप्लेक्स : हेमंत सोरेन

  • अधिवक्ताओं को सपरिवार स्वास्थ्य बीमा तथा दुर्घटना बीमा का लाभ देगी राज्य सरकार 
  • रिटायर्ड अधिवक्ताओं को झारखंड अधिवक्ता संघ, कल्याण कोष से मिलने वाली पेंशन राशि के बराबर की राशि उस कोष में योगदान स्वरूप देगी राज्य सरकार 
  • अन्य राज्यों के आकलन के बाद एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट पर लिया जायेगा फैसला 
  • नोटरी अधिवक्ता के लिए चयन के लिए शीघ्र विज्ञापन जारी की जायेगी 
  • राज्य के सर्वांगीण विकास में अधिवक्ताओं की भूमिका अहम 
  • मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की पहल पर राज्य में पहली बार मुख्यमंत्री अधिवक्ता संवाद कार्यक्रम का हुआ आयोजन 
  • मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिवक्ताओं के कल्याणार्थ कई अहम घोषणाएं की 

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जल्द ही आप सभी अधिवक्ताओं के लिए दुर्घटना एवं स्वास्थ्य बीमा की योजना लेकर आ रहा हूं। आप सभी लोग सपरिवार प्रति वर्ष बेहतर इलाज हेतु 5 लाख रुपए तक की सहायता राशि प्राप्त कर सकेंगे। मुझे बताया गया है कि झारखंड अधिवक्ता संघ, कल्याण कोष से 65 वर्ष से अधिक उम्र के सेवानिवृत्त अधिवक्ताओं को पेंशन प्रदान करता है, आज मैं आप सबके बीच यह घोषणा करता हूं कि जितनी पेंशन की राशि वेलफेयर ट्रस्ट प्रदान करेगा उसके बराबर की राशि राज्य सरकार भी उस कोष में योगदान स्वरूप देगी। इस तरह आपको मिलने वाली राशि को दोगुना करने का विचार राज्य सरकार ने किया है। मैं प्रत्येक जिले में नए सिरे से सुसज्जित बार कंपलेक्स के काम को भी जल्द प्रारंभ करने जा रहा हूं।

राज्य में जितने भी बार कंपलेक्स बनेंगे सभी कॉन्प्लेक्स लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, मीटिंग हॉल, महिलाओं के लिए जरूरी सुविधा आदि सहित सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे। मुख्यमंत्री ने एकलव्य प्रशिक्षण योजना, मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना एवं गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मॉडल स्कूल आदि का जिक्र करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए हम अनेक योजना ले कर आये हैं आप अधिवक्ता साथी भी इसका लाभ ले सकते हैं। आपके बच्चे भी इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ इत्यादि की तैयारी हेतु कोचिंग करेंगे जिसका सारा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 15 लाख रुपए तक की शिक्षा ऋण ली जा सकती है। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय परिसर में आयोजित मुख्यमंत्री अधिवक्ता संवाद कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे बार काउंसिल के सदस्य, एपीपी तथा अधिवक्ताओं को संबोधित करते हुए कहीं। 

अन्य राज्यों के आकलन के बाद एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट पर लिया जायेगा फैसला 
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड राज्य विधिज्ञ परिषद द्वारा अधिवक्ता (संरक्षण) कानून अधिनियमित करने हेतु अनुरोध किया गया है। इस संबंध में देश के विभिन्न राज्यों से पत्राचार कर यह जानने का प्रयास किया गया है कि आपके राज्य अंतर्गत अधिवक्ताओं के सुरक्षा हेतु प्रवृत्त एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट के प्रावधान एवं उपबंधों किस रूप में हैं। अन्य राज्यों के आकलन के बाद अधिवक्ता (संरक्षण) कानून पर फैसला लिया जायेगा। 

बार कंपलेक्स में कंप्यूटर एवं इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करायेंगे 
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि यह सच्चाई है कि राज्यभर के सक्रिय लगभग 30 हजार वकीलों में से दो-ढाई हजार वकीलों को छोड़ दें तो बाकी की स्थिति दयनीय बनी हुई है। आज विभिन्न जिला एवं सत्र न्यायालयों में और उसकी छोड़िए उच्च न्यायालय में भी आप अधिवक्ताओं के लिए पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है। क्या आप अधिवक्ताओं को लाइब्रेरी की सुविधा मिल पाती है जहां आप कानून से संबंधित विषयों पर इत्मीनान से पढ़ सकें? अब समय बदल गया है। दिन प्रतिदिन विभिन्न प्रतिष्ठित न्यायालयों में अच्छे निर्णय आ रहे हैं। आप इन निर्णयों को बेहतर तरीके से जान सकें इसके लिए हमारी सरकार बार भवनों में कंप्यूटर तथा इंटरनेट की भी सुविधा उपलब्ध करायेगी।  

कुछ दिनों से कोर्ट फीस में वृद्धि चर्चा का विषय 
मुख्यमंत्री हेमत सोरेन ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कोर्ट फीस वृद्धि हम सभी के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। जुडिशल स्टांप जो 1995 में 5 रुपए का था उसे लगभग 27 सालों के बाद 20 रुपए किया गया है। आगे मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोर्ट फीस में कमी करने का कोई रास्ता निकलता है तो सरकार उस पर भी विचार करेगी। राज्य सरकार का मानना है कि कोई भी निर्णय आम जनता के लिए पीड़ादायक न बने इसका सदैव ख्याल रखा जाना चाहिए। 

नोटरी अधिवक्ता के लिए शीघ्र विज्ञापन जारी की जायेगी 
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि नोटरी अधिवक्ता के चयन के लिए शीघ्र ही विज्ञापन राज्य सरकार जारी करेगी। आप लोगों में से जो आवेदन करना चाहते हैं वे अवश्य आवेदन कीजिए। चयन के समय वैसा वर्ग जिनका प्रतिनिधित्व कम है उसे किस ढंग से प्राथमिकता दें इसका भी ख्याल रखा जायेगा। 

मुख्यमंत्री अधिवक्ता संवाद कार्यक्रम राज्य में पहली बार आयोजित 
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में पहला ऐसा मौका है जब मुख्यमंत्री अधिवक्ता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यही है कि अधिवक्ताओं की समस्याओं का समाधान संवाद के तहत किया जा सके। मेरा सौभाग्य है कि इस संवाद कार्यक्रम के अवसर पर मैं आप सभी अधिवक्तागणों के कुछ समस्याओं से अवगत होकर आपका कुछ मदद कर सकूं। आप सभी अधिवक्तागण न्यायपालिका के एक मजबूत स्तंभ हैं। आप राज्य सरकार की सभी गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हैं। चाहे वे गतिविधियां राजनीतिक, प्रशासनिक, न्यायिक या अन्य हो। 

मेरे लिए यह बिल्कुल अलग मंच 
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अधिवक्ता संवाद कार्यक्रम का यह मंच मेरे लिए बिल्कुल नया और अलग मंच है। वैसे तो कई बार ऐसे मौके मिले जब केंद्र सरकार के कार्यक्रम एवं विभिन्न राज्यों के न्यायाधीशों के साथ बैठने और चर्चा करने का मौका मिला है। इन्हीं मौकों पर मेरे मन में भी न्यायिक व्यवस्था के प्रति क्या अच्छा हो हो सकता है इस पर कार्य करने को लेकर कुछ इच्छाएं जागृत हुई थी। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि विभिन्न राजनीतिक पाय दानों को छूते हुए मैं निकला हूं। राज्य के मुखिया होने के नाते विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर है। यह जिम्मेदारी तब और चुनौतीपूर्ण बन जाती है जब आदिवासी, दलित, गरीब, किसान, मजदूर जरूरतमंदों की सर्वांगीण विकास की बात आती है। आज हमारी सरकार से कहीं ना कहीं राज्य के समस्त जन मानस को एक उम्मीद जगी है। राज्य की जनता ने मुझे कुर्सी पर बैठाने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी क्रम में अधिवक्ताओं के हित में क्या बेहतर किया जा सकता है इस हेतु मुख्यमंत्री अधिवक्ता संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ है। आज मैं आमजन के साथ-साथ अधिवक्ताओं के लिए भी खड़ा हूं। 

पिछले 20 वर्षों में जिस दिशा में राज्य को जाना था शायद नहीं जा पाया 
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड अलग राज्य बनने के बाद पिछले 20 वर्षों में राज्य को आगे ले जाने की जिम्मेवारी जिन्हें मिली उन्होंने सही दिशा में काम नहीं किया। आखिर झारखंड राज्य में क्या कमी थी कि यह राज्य क्यों अंतिम पायदान पर जाकर खड़ा हो गया? आज मैं राज्य की सवा तीन करोड़ जनता के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य योजना बनाकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा हूं। राज्य के विकास में अधिवक्ताओं की भूमिका भी अहम होती है। हम सभी लोगों का यह प्रयास होना चाहिए कि कैसे हम एक-दूसरे का हाथ पकड़ कर सभी का सम्मान और स्वाभिमान को अक्षुण्ण रखते हुए राज्य को आगे ले चलें। 

छोटे-छोटे वादों में बंद कैदियों को न्याय दिलाना प्राथमिकता 
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब मैं आपसे मुखातिब हो रहा हूं तो इसके दो कारण हैं। इस वर्ग कि, जिसमें अपार क्षमता है, जिस पर एक बड़ी जिम्मेवारी है उसकी समस्याओं का निराकरण कैसे हो? आपके हित कैसे सुरक्षित किये जायें? दूसरा आप के माध्यम से राज्य के आदिवासी/दलित/पिछड़े को न्याय कैसे मिल सके? मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आज हमारे जिलों में एक बड़ी संख्या में विचाराधीन कैदी बंद हैं। विचाराधीन है क्योंकि सही से विचार के लिए उन्हें समय नहीं मिल पा रहा है। अगर इन कैदियों की जाति की बात करें या आय की बात करें तो उनमें से ज्यादातर आदिवासी/दलित/पिछड़े एवं अल्पसंख्यक हैं। कम संसाधन एवं कम आय वर्ग वाले समूह से हैं। छोटे-छोटे अपराध में वे वर्षों से जेल में बंद हैं। ऐसे कैदियों को भी वकील उपलब्ध कराया जा सके इस निमित्त हमारी सरकार प्रयासरत है। ऐसे कैदियों को न्याय दिलाना हमारी प्राथमिकता है। 

अधिवक्ताओं की भूमिका अहम 
श्री सोरेन ने कहा कि मेरे अनुसार अधिवक्ताओं की भूमिका केवल वादों के निस्तारण तक सीमित नहीं है। आप समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। आप न्यायालय के माध्यम से लोगों के अधिकारों तथा स्वतंत्रताओं की रक्षा करते हैं। कितना भरोसा का पेशा है आप अधिवक्ताओं का। जो व्यक्ति घर वालों को, पुलिस को भी सही-सही बात नहीं बताता है वह आपसे जब चर्चा करता है तो पूरी सच्चाई बता देता है। सच्चाई बताता है क्योंकि उसे भरोसा है कि आप ही उसे बचा पाएंगे। एक परिवार के सदस्य से भी गहरा रिश्ता निभाते हैं आप।  राज्य के सर्वांगीण विकास में अधिवक्ताओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण और अहम होती है। 

राजस्व वृद्धि पर हो रहा है काम 
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के गठन के बाद से ही प्रत्येक क्षेत्र में राजस्व वृद्धि पर कार्य किए जा रहे हैं। सरकार का काम सिर्फ खर्च करना ही नहीं बल्कि इनकम के स्रोत को बढ़ाना भी है। जीएसटी लागू होने के बाद प्रतिवर्ष लगभग 5 हजार करोड़ की राजस्व का नुकसान हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अमूमन पहले वादों को हार जाती थी परंतु हमारी सरकार अब राज्य सरकार द्वारा डिफेंड किए जा रहे कोर्ट केसों को जीतने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी-बड़ी कंपनियों के ऊपर राज्य का करोड़ों का बकाया है। अब हमारी सरकार ने कमर कस ली है। जिन-जिन कंपनियों के ऊपर बकाया है, हर हाल में उन कंपनियों से हम राशि वसूलेंगे। पहली बार राज्य सरकार को फॉरेस्ट एवं पथ निर्माण विभाग से भी राजस्व मिल रहा है। क्योंकि वेलफेयर स्टेट के रूप में हमारे राज्य में अधिक कार्य करना पड़ता है क्योंकि गांव, गरीब किसान, मजदूर और जरूरतमंदों के लिए हमें कई योजनाएं चलानी पड़ती हैं। हमारी सरकार का प्रयास है कि झारखंड को पिछड़े राज्य के कलंक से निकाला जाये। 

हम उनमें से नहीं कि जो मन में आये, करिये और अपना पीठ स्वयं थपथपाइये... 
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में बहुत बड़ा बोझ राज्य सरकार के ऊपर आयेगा। लेकिन हम चुनौतियों से कभी डरे नहीं हैं। वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करेंगे और भावी कल्याणकारी योजनाओं का संचालन भी करेंगे। हमारी सरकार ने ऐसी योजना बनाई है कि आप अधिवक्ताओं के बच्चे भी आने वाले समय में सरकारी स्कूलों में पढ़कर गर्व महसूस करेंगे। हमारी सरकार निजी स्कूलों के तर्ज पर सरकारी स्कूलों को अपग्रेड करने का काम कर रही है। झारखंड देश का पहला राज्य है जहां उच्चतर शिक्षा के लिए विदेशों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को सत प्रतिशत स्कॉलरशिप दे रही है। झारखंड देश का पहला राज्य है जहां सर्वजन पेंशन योजना लागू की गई है। हमारी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। ओल्ड एज होम एवं अनाथालय में रहने वाले व्यक्तियों एवं बच्चों के लिए राज्य सरकार ने एक अलग नीति बनाने का काम किया है। ऐसे लोगों को भी पारिवारिक माहौल में रखा जा सके इस निमित्त हमारी सरकार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम उनमें से नहीं कि जो मन में आए करिए और अपना पीठ स्वयं थपथपाईये। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे न्यायिक अधिकारियों, एपीपी, बार काउंसिल के सदस्य एवं अधिवक्ताओं को अपनी ओर से नव वर्ष की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मौके पर स्वागत संबोधन में महाधिवक्ता श्री राजीव रंजन ने मुख्यमंत्री अधिवक्ता संवाद कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला। इस अवसर पर झारखंड स्टेट बार काउंसिल के प्रतिनिधि श्री राम सुभाग सिंह, अध्यक्ष डिस्ट्रिक्ट बार धनबाद श्री अमरेंद्र सहाय, जीपी गोड्डा श्री अब्दुल कलाम आजाद एवं मेंबर बार काउंसिल तथा ट्रस्टी कमेटी डिस्ट्रिक्ट बार जमशेदपुर के श्री अनिल तिवारी ने मुख्यमंत्री को अधिवक्ताओं की समस्याओं पर संवाद के जरिए ध्यान आकृष्ट कराया। इस अवसर पर विधायक श्री सुदिव्य कुमार सोनू, महाधिवक्ता श्री राजीव रंजन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे, सचिव विधि विभाग श्री नलिन कुमार सहित राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे न्यायिक अधिकारियों, एपीपी, बार काउंसिल के सदस्य एवं अधिवक्तागण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

Published / 2023-01-07 18:11:06
हेमंत सरकार ने भ्रष्टाचार की चरम सीमा पार की, चुनाव में मिलेगा करारा जवाब : अमित शाह

  • मिशन 2024 फतह के लिए भाजपा ने चाईबासा से फूंका चुनावी बिगुल, राज्य सरकार पर जमकर साधा निशाना 
  • गृहमंत्री ने कहा झारखंड में समाप्ति की ओर से वामपंथी उग्रवाद, खुलेगा विकास का नया मार्ग 

टीम एबीएन, चाईबासा/ रांची। चाईबासा के टाटा कॉलेज मैदान में आयोजित भाजपा के विजय संकल्प महारैली के माध्यम से भाजपा ने मिशन 2024 फतह का बिगुल फूंका। महारैली को संबोधित करते हुए भाजपा के थिंक टैंक कहे जाने वाले केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा हेमंत सोरेन ने वोट बैंक की राजनीति में जनजातियों की अस्मिता को बेच दिया। कहा कि घूसपैठिए जमीन हड़पने के लिए जनजातीय बहनों से विवाह कर रहे है और सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है। उन्होंने राज्य सरकार को आदिवासी विरोधी बताते हुए कहा कि चुनाव में जनता ऐसी सरकार को करारा जवाब देगी। 

सिंहभूम संसदीय सीट भाजपा की झोली में डाल केंद्र में फिर से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनाने के लिए लोगों से समर्थन मांगा। कहा हेमंत सोरेन की सरकार ने भ्रष्टाचार की चरम सीमा पार कर चुकी है। हेमंत सोरेन को भाई कह संबोधित करते हुए कहा हेमंत भाई अपने झारखंड को विकास में पीछे ढकेल दिया है। आपके भ्रष्टाचार की पूरी सूची मेरे पास है। कहा कि आज आदिवासियों के विकास के लिए बनाए गए डीएमएफटी फंड में मनमानी हो रही है, विकास के बदले जेब भरने की योजना ली गई हैं। अमित शाह ने बताया कि झारखंड को डीएमएफटी फंड में 8,301 करोड़ रुपए दिए गए, लेकिन इस पैसे का बंदरबांट कर दिया गया। 

अपने संबोधन में अमित शाह ने भाजपा के दिवंगत नेता लक्ष्मण गिलुवा को याद करते हुए कहा कि आप ने लक्ष्मण गिलुवा को विजयी बनाया था, लेकिन आज गिलुवा जी नहीं है। उन्होंने फिर से सिंहभूम सीट पर भाजपा को विजयी बनाने की अपील की। कहा कि यहां की जनता का मूड देखा लग रहा है कि 2024 में सिंहभूम सीट प्रचंड बहुमत से जीतेंगे। इससे पूर्व अमित शाह ने सेरेंगसिया घाटी के शहीदों, शहीद पोटो हो, सिद्धु-कान्हू, बिरसा मुंडा समेत जनजातीय शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। महारैली को अमित शाह के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री सह विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश आदि नेताओं ने संबोधित किया। संचालन राज्य के पूर्व गृह सचिव सह भाजपा नेता ज्योति भ्रमर तुबिद ने किया। 

आदिवासी कल्याण के लिए किए कार्यों का किया उल्लेख 
गृहमंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन के दौरान झारखंड में आदिवासी कल्याण के लिए किए गए कार्यों का लेखा जोखा प्रस्तुत किया। कहा कि पहले आदिवासियों के कल्याण के लिए 21 हजार करोड़ रुपए का बजट था, जिसे हमारी सरकार ने बढ़ाकर 86 हजार करोड़ रुपए किया। इसी तरह पीएम आवास योजना से लेकर एक करोड़ 20 लाख घरों में पानी पहुंचाया गया। जनजातियों के लिए 1.45 करोड़ शौचालय का निर्माण, 3 करोड़ से ज्यादा किसानों को प्रति वर्ष छह हजार रुपए डीबीटी के माध्यम से दिए गए। आदिवासी एकलव्य विद्यालयों की संख्या 167 से बढ़ाकर 680 तक पहुंचाया गया। इसी तरह आयुष्मान भारत योजना का लाभ 90 लाख से ज्यादा, पीएम आवास 24 लाख से ज्यादा बनवाये गये। 

कोर कमेटी सदस्यों के साथ अमित शाह ने की बैठक 
विजय संकल्प महारैली को संबोधित करने से पूर्व अमित शाह ने टाटा कॉलेज के आॅडिटोरियम में प्रदेश भाजपा की कोर कमेटी के सदस्यों के साथ करीब एक घंटे तक बैठक की। बैठक में उन्होंने सिंहभूम समेत झारखंड के सभी 24 लोस सीटों पर कब्जा करने के लिए सदस्यों के साथ रणनीति बनाई। इस बैठक में अमित शाह के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, बाबूलाल मरांडी, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय रेल राज्य मंत्री राव साहेब दानवे, प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, लक्ष्मीकांत वाजपेयी समेत कोल्हान के वरिष्ठ भाजपा नेता उपस्थित रहे। 

कई सांसद, विधायक रहे मौजूद 
विजय संकल्प महारैली में प्रदेशभर से भाजपा के नेता व पदाधिकारी शामिल हुए। जिसमें सांसद जयंत सिन्हा, बीडी राम, पीएन सिंह, संजय सेठ, सुदर्शन भगत, विद्युत वरण महतो, रांची की मेयर आशा लकड़ा, पूर्व सांसद रविंद्र राय, पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी, शशिभूषण सामाड, गुरूचरण नायक, बड़कुंवर गागराई, मंगल सिंह सोय आदि शामिल रहे।

Published / 2023-01-07 13:07:31
आज डिजिटल इंडिया पुरस्कार देंगी राष्ट्रपति मुर्मू

एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार यानी सात जनवरी को प्रतिष्ठित डिजिटल इंडिया पुरस्कार देंगी। सरकार ने देश में डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत की है। 

डिजिटल इंडिया पुरस्कार (डीआईए) सरकारी संस्थाओं को अभिनव डिजिटल पहलों के लिए दिये जाते हैं। डीआईए 2022 का मकसद न केवल सरकारी संस्थाओं बल्कि स्टार्टअप और जमीनी स्तर की डिजिटल पहलों को बढ़ावा देना है।

Published / 2023-01-07 13:05:43
23-24 को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन करेंगे चाईबासा का दौरा

  • डीसी ने की अधिकारियों के साथ विशेष बैठक

टीम एबीएन, रांची। आगामी 23 और 24 जनवरी को सीएम हेमंत सोरेन चाईबासा दौरे पर आ रहे हैं। सीएम के इस दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारी तेज कर दी है। प्रशासन के द्वारा जिले में संचालित सभी योजनाओं की खबर ली जा रही है। इसी को लेकर पश्चिमी सिंहभूम डीसी अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में चाईबासा समाहरणालय स्थित सभागार में समीक्षात्मक बैठक की गयी। 

इस बैठक में सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी बीडीओ और सीओ मौजूद थे। इस बैठक में डीसी ने जिला एवं प्रखंड स्तरीय विभागों में जो भी योजनाएं संचालित हैं, उसके लक्ष्य को शत-प्रतिशत प्राप्त करने का निर्देश दिया। साथ ही साथ सावित्रीबाई फुले, सर्वजन पेंशन, मनरेगा, छात्रवृत्ति एवं एक करोड़ रुपये से अधिक लागत से जिले में संचालित सभी योजनाओं की समीक्षा की गयी। डीसी ने निर्देश दिया है की सभी योजनाओं की संपूर्ण रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत की जाये। 
उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई समस्या हो तो उसका त्वरित निष्पादन करते हुए योग्य लाभुकों को लाभान्वित करना अनिवार्य है। कोई भी लाभुक सरकारी योजना से वंचित ना होने पायें। सभी बीडीओ और सीओ को निर्देश दिया गया कि अपने क्षेत्र अंतर्गत जो भी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हैं उनका निरीक्षण करते रहें, जहां भी कमी महसूस हो। उसे दूर कर लाभुकों को राहत पहुंचायें।

Published / 2023-01-07 09:49:55
वैकल्पिक कर व्यवस्था यानी निम्न आय वर्ग के लोगों को राहत देने की तैयारी : सीतारमण

एबीएन सेंट्रल डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को कहा कि सरकार सात कर स्लैब वाली वैकल्पिक आयकर व्यवस्था इसलिए लाई ताकि निम्म आय वर्ग के लोगों को कम कर देना पड़े। सीतारमण ने कहा कि पुरानी कर व्यवस्था में प्रत्येक करदाता लगभग 7-10 छूट का दावा कर सकता है और आय सीमा के आधार पर आयकर की दरें 10, 20 और 30 प्रतिशत के बीच होती हैं। मंत्री ने कहा कि पुरानी कर व्यवस्था के साथ ही सरकार एक वैकल्पिक प्रणाली लेकर आयी है, जिसमें कोई छूट नहीं है, लेकिन यह सरल है और इसकी कर दरें कम हैं।

सीतारमण ने कहा कि मुझे सात स्लैब इसलिए बनाने पड़े, ताकि कम आय वर्ग के लोगों के लिए कम दरें हों। वह ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के उपाध्यक्ष गौतम चिकरमाने की किताब रिफॉर्म नेशन के विमोचन के मौके पर बोल रही थीं। सरकार ने आम बजट 2020-21 में वैकल्पिक आयकर व्यवस्था शुरू की थी, जिसके तहत व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों (एचयूएफ) पर कम दरों के साथ कर लगाया गया। हालांकि, इस व्यवस्था में किराया भत्ता, आवास ऋण के ब्याज और 80सी के तहत निवेश जैसी अन्य कर छूट नहीं दी जाती है। इसके तहत 2.5 लाख रुपये तक की कुल आय कर मुक्त है।

इसके बाद 2.5 लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक की कुल आय पर पांच फीसदी, पांच लाख रुपये से 7.5 लाख रुपये तक की कुल आय पर 10 फीसदी, 7.5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक की आय पर 15 फीसदी, 10 लाख रुपये से 12.5 लाख रुपये तक की आय पर 20 फीसदी, 12.5 लाख रुपये से 15 लाख रुपये तक आय पर 25 फीसदी और 15 लाख रुपये से ऊपर आय पर 30 फीसदी की दर से कर लगाया जाता है। पुरानी कर व्यवस्था के तहत भी 2.5 लाख रुपये तक की आय कर मुक्त है।

इसके बाद 2.5 लाख रुपये से पांच लाख रुपये के बीच की आय पर पांच प्रतिशत कर लगता है, जबकि पांच लाख रुपये से 10 लाख रुपये के बीच 20 प्रतिशत कर लगाया जाता है। इसके बाद 10 लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 फीसदी कर लगता है। सीतारमण ने कहा कि पुरानी कर व्यवस्था के लाभ को हटाया नहीं गया है, बल्कि नयी छूट मुक्त कर व्यवस्था आयकर रिटर्न प्रणाली का एक वैकल्पिक रूप है। मंत्री ने कहा कि उत्पीड़न को खत्म करने के लिए कर विभाग ने आयकर रिटर्न के फेसलेस यानी बिना आमने-सामने आये आकलन की व्यवस्था की है।

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