टीम एबीएन, रांची। आज यानी सोमवार को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में देवघर उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री से यह उनकी शिष्टाचार भेंट थी। इस अवसर पर दोनों ने एक-दूसरे को नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज (सोमवार) देश के सबसे साफ-सुथरे शहर इंदौर में रविवार से शुरू तीन दिवसीय 17वें प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन समारोह में गुयाना गणराज्य के राष्ट्रपति डॉ मोहम्मद इरफान अली मुख्य अतिथि और सूरीनाम गणराज्य के राष्ट्रपति चंद्रिका प्रसाद संतोखी विशेष अतिथि होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली से वायु मार्ग से रवाना होकर प्रातः 9:50 बजे इंदौर विमानतल पहुंचेंगे। यहां से वो 10:25 बजे ब्रिलिएन्ट कन्वेन्शन सेन्टर पहुंचेंगे और यहां 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री यहां करीब चार घंटे रहेंगे और विभिन्न देशों के डेलीगेट्स से मुलाकात करेंगे। इसके बाद अपराह्न 2:35 बजे विमानतल से नई दिल्ली रवाना होंगे।
प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय विदेशमंत्री एस. जयशंकर, केन्द्रीय राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन, केन्द्रीय राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी और केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ राजकुमार रंजन सिंह शामिल होंगे।
जनसम्पर्क अधिकारी क्रांतिदीप अलूने ने बताया चार वर्ष के अंतराल के बाद वास्तविक रूप से हो रहे इस सम्मेलन का विषय प्रवासी : अमृत काल में भारत की प्रगति में विश्वसनीय भागीदार है। सम्मेलन का समापन 10 जनवरी को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू की उपस्थिति में होगा। सम्मेलन में प्रधानमंत्री के उद्घाटन और अतिथियों के संबोधन के बाद विशेष डाक टिकट सुरक्षित जायें, प्रशिक्षित जायें... जारी किया जायेगा। संबोधन के बाद भारत की स्वतंत्रता में प्रवासी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को उजागर करने के लिए प्रधानमंत्री आजादी का अमृत महोत्सव- भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में प्रवासी भारतीयों का योगदान विषय पर पहली बार डिजिटल प्रवासी भारतीय दिवस प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे।
सम्मेलन के तीसरे दिन 10 जनवरी को चौथा सत्र केन्द्रीय शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में भारतीय कार्यबल की वैश्विक गतिशीलता को सक्षम करना- भारतीय डायस्पोरा की भूमिका पर होगा। पांचवां सत्र केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में राष्ट्र निर्माण के लिए एक समावेशी दृष्टिकोण की दिशा में प्रवासी उद्यमियों की क्षमता का दोहन विषय पर होगा।
सम्मेलन के अंतिम दिन 10 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार-2023 प्रदान करेंगी। यह पुरस्कार चुनिंदा भारतीय प्रवासी सदस्यों को उनकी उपलब्धियों को पहचानने और विभिन्न क्षेत्रों में भारत और विदेश में उनके योगदान का सम्मान करने के लिए प्रदान किये जाते हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजस्थान के भादला, फतेहगढ़ और बीकानेर क्षेत्रों में 8.9 गीगा वाट सौर ऊर्जा वितरण के लिए नवनिर्मित ट्रांसमिशन प्रणाली का उद्घाटन किया। इसका निर्माण पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा किया गया है। जयपुर के राजभवन में आयोजित समारोह में राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व राजस्थान सरकार, केंद्र सरकार और पावर ग्रिड के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
देश में बड़े पैमाने पर अक्षय ऊर्जा के ग्रिड एकीकरण का काम हो रहा है और तेज गति से ऊर्जा वितरण का काम भी चल रहा है। 2030 तक 500 गीगा वाट से अधिक गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा उत्पादन क्षमता की परिकल्पना की गयी है। भारत सरकार ने अक्षय ऊर्जा एकीकरण के लिए विभिन्न अंतर-राज्य ट्रांसमिशन प्रणाली विकसित करने की योजना बनायी है।
संगीता ने सीडब्ल्यूसी निदेशक का पदभार संभाला
संगीता रामरख्यानी ने सीडब्ल्यूसी की नई निदेशक (कार्मिक) का पदभार ग्रहण किया है। वह एलएलबी के साथ मैनेजमेंट ग्रेजुएट हैं। केंद्रीय भंडारण निगम में शामिल होने से पहले वह कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड में समूह महाप्रबंधक (मानव संसाधन) के पद पर कार्यरत थीं। उनके पास मानव संसाधन कार्यों, नीति निर्माण, औद्योगिक संबंध और स्थापना मामलों में काम करने का 30 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वह कॉनकॉर की संयुक्त उद्यम कंपनियों के निदेशक मंडल में भी रही हैं।
सीलिंग पंखे की कीमत में होगी 8 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी
इस महीने से सीलिंग पंखे 8 से 20 फीसदी तक महंगे हो जाएंगे। ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (बीईई) के संशोधित मानदंडों के अनुसार एक जनवरी से पंखों की अनिवार्य स्टार लेबलिंग करनी होगी। स्टार लेबलिंग 1-स्टार रेटेड पंखों के लिए न्यूनतम 30 फीसदी और 5-स्टार रेटेड पंखों के लिए 50 फीसदी से अधिक की ऊर्जा बचत को बताता है।
हैवेल्स, ओरिएंट इलेक्ट्रिक और उषा इंटरनेशनल जैसी कंपनियों का यह मानना है कि इससे लागत में 5 से 20 प्रतिशत की वृद्धि होगी, क्योंकि हाई एनर्जी वाले 5-स्टार रेटेड पंखों के लिए नए आयातित मोटर्स और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जरूरत होगी।
टीम एबीएन, कोडरमा। वर्ष 2023 से रेलवे के महाप्रबंधक के लिए चली आ रही अंग्रेजों के जमाने की परंपरा पर ब्रेक लगा दिया गया है। महाप्रबंधकों का राजशाही तरीके से होने वाला प्रतिवर्ष होने वाले निरीक्षणों को रेल मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से ंबंद कर दिया है। देश भर के 17 जोन जिसमे पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर भी शामिल है के जीएम को अब किसी भी तरह का निरीक्षण बिना तामझाम के करने का निर्देश जारी किया गया है।
रेलवे बोर्ड के निर्देशक कुलदीप सिंह ने अपने आदेश में कहा कि जीएम का न स्पेशल ट्रेन मिलेगी और न ही आवभगत में 100 से अधिक रेलकर्मियों की फौज रहेगी। निर्देशक कुलदीप सिंह के आदेश के तहत आरडीएमओ नेशनल ऑफ इंडियन रेलवे (एनएआईआर) समेत अन्य संस्थाओं के जीएम पर भी लागु होगा। भारतीय रेल में यह प्रथा अंग्रेजों के शासन काल से थी ओर इस तरह के निरीक्षण पर निकलते हैं। उनके साथ सभी विभागोे के वरीय अधिकारी के अलावा संबंधित रेल मंडल के डीआएम भी रहते है।
मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक जोन के महाप्रबंधक अपने आने वाले मंडल का निरीक्षण दो से तीन साल में एक बार करना होता है। इसका मिनट टू मिनट प्रोग्राम भी बनता था और इसकी तैयारी तीन से चार माह पहले शुरू हो जाती थी। जिस भी स्टेशन का जीएम निरीक्षण करते हैं उस स्टेशन रंग रोगन के साथ-साथ कई मूल भूत सुविधाएं भी उपलब्ध करायी जाती थी।
इधर, हाल में पूर्व मध्य रेलवे के जीएम का कोडरमा हजारीबाग रेलखंड व धनबाद रेलमंडल का निरीक्षण किया गया जो कि बिना तामझाम का रहा। बताते चलें कि रेलवे ने पहले ही मंडल के रेल प्रबंधकों (डीआरएम) का निरीक्षण कार्यक्रम भी स्पेशल ट्रेन के जरिये होता है था इसमें भी मंडल के सभी रेल के पदाधिकारी रहते थे लेकिन अब स्पेशनल ट्रेन के वजह एक बोगी का परख स्पेशल से ही निरीक्षण कार्यक्रम होता है। जीएम का वार्षिक निरीक्षण के दौरान यह व्यवस्था भी रहती थी कि जीएम जिस भी बोगी में रहते थे और उतरने के क्रम में उनके बोगी के दोनों हेंडल को कई बार साफ किया जाता था।
उतरने के क्रम में प्लेटफार्म पैर पौछना व कालीन बिझायी जाती थी जो कि वे बंद कर दी गई है। रेलवे ने जीएम डीआरएम के यहॉ निवास स्थलों पर रसोईयों और नौकरों की सुविधा भी कम कर दिया है और उनकी राजसाही पर भी ब्रेक लगाया है। इस मानसिकता को बदलने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहल की थी। बताते चलें कि नरेन्द्र मोदी ने पहले केन्द्रीय मंत्रियों के वाहनों से लाल बत्ती हटाने का भी कार्य कर चुके है और देश भर में लाल बत्ती की पंरपरा सडकों पर वाहनों पर अब लगी नजर नहीं आती है।
टीम एबीएन, कोडरमा-रांची/ नयी दिल्ली। राजधानी दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने "डीईजीएस बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम" को लेकर कोडरमा उपायुक्त आदित्य रंजन को गोल्डन अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया।
विदित हो कि कोडरमा जिले में डीईजीएस बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षण के आठ केन्द्र संचालित हैं और अबतक 10 हजार से अधिक अभ्यर्थियों को डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा चुका है और आने वाले साल में 15 से 20 हजार लोगों को प्रति साल प्रशिक्षण दिया जायेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को वाराणसी में दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, नदी में चलने वाला क्रूज जहाज एमवी गंगा विलास शुक्रवार को वाराणसी से अपने पहले सफर पर रवाना होगा। इस दौरान वह 3,200 किलोमीटर से अधिक लंबा सफर तय करेगा। यह क्रूज भारत एवं बांग्लादेश से गुजरने वाली 27 नदी प्रणालियों के रास्ते अपनी मंजिल पर पहुंचेगा।
इस लंबे सफर में एमवी गंगा विलास क्रूज पटना, साहिबगंज, कोलकाता, ढाका और गुवाहाटी जैसे 50 पर्यटक स्थलों से होकर गुजरेगा। इसका सफर 13 जनवरी को वाराणसी से शुरू होगा और इसके एक मार्च को अपने गंतव्य डिब्रूगढ़ पहुंचने की संभावना है। बयान के मुताबिक, वाराणसी में गंगा नदी पर होने वाली मशहूर गंगा आरती के साथ यह क्रूज अपने सफर पर निकलेगा। इस सफर में वह प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थस्थल सारनाथ, तंत्र गतिविधियों के लिए मशहूर मायोंग और नदी में बने द्वीप माजुली भी जायेगा। क्रूज के इस पहले सफर में स्विट्जरलैंड के 32 सैलानी शामिल होंगे।
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा है कि एमवी गंगा विलास का उद्घाटन होने के साथ ही भारत नदियों से क्रूज सफर के वैश्विक मानचित्र का हिस्सा बन जायेगा। उन्होंने कहा कि इससे देश में नदी पर्यटन के क्षेत्र में असीम संभावनाओं का द्वार खुलेगा। फिलहाल, देश में वाराणसी और कोलकाता के बीच आठ रिवर क्रूज संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा दूसरे राष्ट्रीय जलमार्ग (ब्रह्मपुत्र नदी) पर भी क्रूज का आवागमन जारी है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में ठंड का कहर जारी है। हर दिन तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। इसके चलते राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों के स्कूल 15 जनवरी 2023 तक बंद रखने का आदेश जारी कर दिया है।
शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य
दरअसल, कड़ाके की ठंड के चलते राज्य सरकार ने 1 से 5 तक के विद्यार्थियों की स्कूल की छुट्टियां बढ़ा दी है। राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक 15 जनवरी तक कक्षा 1 से 5 तक के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल में बच्चों की छुट्टी रहेगी, लेकिन इस दौरान सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। टीचर स्कूल जाकर स्कूली कार्य और ऑनलाइन डाटा एंट्री को संचालित रखेंगे।
बता दें कि इससे पहले राज्य सरकार ने भीषण ठंड के चलते 3 जनवरी से 8 जनवरी तक के लिए स्कूलों को बंद किया था। कल यानी 9 दिसंबर से सभी स्कूल खुलने वाले थे, लेकिन ठंड को बढ़ते देख पांचवीं कक्षा तक के स्कूलों को 15 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया गया है।
टीम एबीएन, रांची। राज्य में बढ़ती ठंड को देखते हुए झारखंड में वर्ग एक से पांच तक के स्कूल 15 जनवरी, 2023 तक बंद रहेंगे। पहले आठ जनवरी तक स्कूल बंद रहने का आदेश जारी हुआ था लेकिन ठंड को देखते हुए शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने आगामी 15 जनवरी तक एक से पांच तक के स्कूल को बंद रहने का आदेश जारी किया है।
उल्लेखनीय है कि झारखंड के अधिकांश जिलों का पारा 10 डिग्री सेल्सियस से भी कम हो गया है। राज्य इन दिनों शीतलहर की चपेट में है।
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