राज काज

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Published / 2023-01-24 19:52:03
झारखंड के नवनिर्माण में पूरी ताकत के साथ लगी हुई है सरकार : हेमंत सोरेन

  • मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन  ने कहा- राज्य वासियों के सहयोग से झारखंड को विकसित राज्य बनायेंगे  
  • मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा- सरकार की योजनाओं से जुड़कर सशक्त और स्वावलंबी बने  
  • मुख्यमंत्री बोले -एक ऐसी व्यवस्था बना रहे ,जहां सभी को पूरे मान -सम्मान के साथ हक- अधिकार दे सकें  
  • झारखंड वीरों, शहीदों और आंदोलनकारियों की धरती रही है

टीम एबीएन, चाईबासा/ रांची। झारखंड वीरों, शहीदों और आंदोलनकारियों की धरती रही है। अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ उलगुलान से लेकर झारखंड अलग राज्य के संघर्ष में यहां के अनेकों लोगों ने अपनी कुर्बानी दी। इनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाए, इसी सोच और मकसद के साथ सरकार झारखंड के नव निर्माण में पूरी ताकत के साथ लगी है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज चाईबासा में लोगों को संबोधित करते हुए ये बातें कही। उन्होंने कहा कि हम एक ऐसी व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जहां सभी को पूरे मान- सम्मान के साथ उनका हक और अधिकार दे सके। 

अब अधिकारी आपके दरवाजे पर जाकर आपकी समस्याओं का कर रहे समाधान  
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम एक ऐसी व्यवस्था खड़ी कर रहे हैं, जहां अधिकारी आपके दरवाजे पर जाकर आपकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के तहत पंचायतों में शिविर लगाकर आपको विभिन्न योजनाओं का लाभ देने का काम किया जा रहा है। यह सिलसिला आगे भी लगातार जारी रहेगा। हमारा प्रयास हर व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाना है। 

आपकी जरूरतों और उम्मीदों के अनुरूप है सभी योजनाएं  
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य वासियों की जरूरतों और उम्मीदों के अनुरूप सरकारी योजनाएं बनाकर उसे लागू कर रहे हैं। सरकार की हर योजना अपने आप में खास है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री पशुधन योजना, फूलो झानो आशीर्वाद योजना,  सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना समेत कई योजनाएं हैं, जिसके माध्यम से लोगों को सशक्त और स्वावलंबी बनाने का काम हो रहा है। 

बच्चों को बेहतर और गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने का प्रयास  
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के बच्चों को बेहतर और गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने पर सरकार का विशेष जोर है। इस सिलसिले में एक ओर  स्कूली बच्चों की छात्रवृत्ति राशि में बढ़ोतरी की गई है तो दूसरी तरफ विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए सरकार विद्यार्थियों को शत प्रतिशत आर्थिक सहयोग कर रही है। इतना ही नहीं, प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी और इंजीनियरिंग मेडिकल, लॉ आदि की पढ़ाई के लिए भी विद्यार्थियों को सरकार की ओर से आर्थिक मदद की जा रही है। राज्य में मॉडल स्कूल खोले जा रहे हैं, जहां बच्चों को निजी विद्यालयों की तर्ज पर शिक्षा दी जाएगी। 

झारखंड को विकास के पथ पर ले जाना है आगे 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य वासियों और पदाधिकारियों के सहयोग से झारखंड को विकसित राज्य बनाएंगे। इसके लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं ।अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश है कि वे झारखंड के लोगों की भावनाओं के अनुकूल कार्य करें और विकास की गति तेज करने में अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाएं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने सरकार की सोच और कार्ययोजना से लोगों को अवगत कराया। 

इस अवसर पर मंत्री श्री सत्यानंद भोक्ता, मंत्री श्री बादल, मंत्री श्रीमती जोबा मांझी, चाईबासा विधायक श्री दीपक बिरुआ, मझगांव विधायक श्री निरल पूर्ति,चक्रधरपुर विधायक श्री सुखराम उरांव, विधायक सरायकेला श्री दशरथ गहराई,  उपायुक्त, पश्चिम सिंहभूम श्री अनन्य मित्तल, पुलिस अधीक्षक पश्चिम सिंहभूम श्री आशुतोष शेखर एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Published / 2023-01-24 18:14:38
ग्रामीणों के साथ मिल-बैठकर कार्य करें अधिकारी : हेमंत सोरेन

  • मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने उच्च स्तरीय बैठक में पश्चिमी सिंहभूम तथा सिमडेगा जिले में संचालित विकास योजनाओं तथा कल्याणकारी योजनाओं और विधि व्यवस्था की समीक्षा की  
  • मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा- आप अपनी जिम्मेदारियों को चुनौती के रूप में स्वीकार कर कार्य करें, तभी बेहतर नतीजे मिलेंगे  
  • मुख्यमंत्री ने कहा- नक्सल प्रभावित इलाकों में नौजवानों को भटकाव से रोकने के लिए स्वरोजगार से जोड़ने की विशेष पहल हो 
  • मुख्यमंत्री ने ग्रामीण इलाकों में बेहतर पुलिसिंग और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के अधिकारियों को दिए निर्देश  
  • आदिवासी- दलित बहुल राज्य में गरीब, वंचित और जरूरतमंदों को आगे बढ़ाने का काम कर रही है सरकार 
  • सहाय योजना के तहत खेल गतिविधियों को दिया जा रहा बढ़ावा  

टीम एबीएन, चाईबासा/ रांची।  राज्य के हर जिले में कम से कम 10 से 15 हजार कर्मी हैं। आप चाहे किसी भी विभाग के अधिकारी या कर्मचारी हो, राज्य सरकार के अंग के रूप में कार्य कर रहे हैं। आप पढ़े लिखे हैं। आप में दक्षता की कोई कमी नहीं है। झारखंड के भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति से भी भलीभांति वाकिफ हैं। अगर आप अपनी जिम्मेदारियों को चुनौती के रूप में स्वीकार कर कार्य करेंगे तो निश्चित तौर पर बेहतर नतीजे आएंगे और यह इस राज्य के विकास और यहां के निवासियों के हित में होगा। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज चाईबासा में पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिले में संचालित विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को कई निर्देश दिए। 

समाज के कमजोर, वंचित, गरीब और जरूरतमंद को आगे बढ़ा रहे हैं    
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक आदिवासी और दलित बहुल राज्य है। इनके साथ यहां के किसानों, मजदूरों, दिव्यांगों, बुजुर्गों, महिलाओं, नौजवानों समेत कमजोर और वंचित वर्ग को आगे बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।  इस सिलसिले में कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में अधिकारी पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, तभी हम अपने लक्ष्यों और उद्देश्यों को हासिल कर सकेंगे। 

योजनाओं को लेकर कन्फ्यूजन ना हो  
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत और प्रखंड से लेकर मुख्यालय स्तर तक में कई योजनाओं को लेकर कई बार कन्फ्यूजन की स्थिति बन जाती है। अगर इस प्रकार के कन्फ्यूजन पैदा होते हैं तो उसका समाधान भी है। अगर किसी को किसी योजना को लेकर किसी तरह का संशय हो तो वह अपने वरीय अधिकारी या विभाग को इसकी जानकारी दें। सरकार की कोशिश है कि हर योजना का क्रियान्वयन धरातल पर बेहतर तरीके से हो। 

पद से अलग हटकर थोड़ा ज्यादा मेहनत करने की है जरूरत 
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में खनिज समेत तमाम संसाधन मौजूद है, जो इस राज्य को विकास के रास्ते पर आगे ले जा सकता है। फिर भी झारखंड देश के पिछड़े राज्यों में गिना जाता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि झारखंड के चरित्र को देखते हुए आपको अपने पद से थोड़ा अलग हटकर लोगों के साथ मिल बैठकर कार्य करने की जरूरत है। इस राज्य की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए थोड़ा ज्यादा मेहनत करें, तभी हम अपनी सकारात्मक सोच को यथार्थ में परिवर्तित कर सकते हैं। 

बैंकों का नहीं मिल रहा अपेक्षित सहयोग 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के लिए बैंकों का सहयोग काफी मायने रखता है। लेकिन, यहां बैंक सरकार को आशा अनुरूप सहयोग नहीं कर रहे हैं। कई योजनाओं में सरकार खुद गारंटर है, फिर भी यहां के लोगों को उसका लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसी स्थिति में अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों और कार्यों को गति देना होगा। इसके लिए सरकार अपने स्तर पर हर संसाधन उपलब्ध कराएगी। 

दोनों जिले नक्सल प्रभावित है,  विकास को तेज करने की ज्यादा जरूरत  
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा जिले में नक्सल गतिविधियां थोड़ी ज्यादा है। ऐसे में यहां विकास को और तेज करने की जरूरत है। नौजवानों को रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ने में अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को निभाएं, ताकि वे भटकाव रास्ते पर ना जाएं। इसके साथ इन इलाकों में बेहतर पुलिसिंग और स्वास्थ सुविधाओं और मजबूत करें। कई बार मरीजों को चारपाई या किसी अन्य तरीके से घंटों पैदल चलकर अस्पताल ले जाने की खबरें सुनने को मिलती है। यह काफी चिंता की बात है। ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं हो, इसका अधिकारी पूरा ख्याल रखें। 

खेल गतिविधियों को बढ़ावा दे रही सरकार  
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल गतिविधियों को सरकार बढ़ावा दे रही है विशेषकर नक्सल प्रभावित इलाकों में सहाय योजना के तहत खेल कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं पिछले दिनों पंचायत स्तर पर फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमें लगभग 80 हजार खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई । इसके साथ इन खिलाड़ियों को सरकार की ओर से 80 हजार किट्स भी बांटे गये। 

अधिकारियों को मिले कई निर्देश  

  • सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्ध योजना के लागू होने से पहले जिन बच्चियों ने स्कूल की पढ़ाई छोड़ दी है, उनका डाटा एकत्रित उन्हें इस योजना से जोड़ने की पहल करें।  
  • 28 फरवरी तक सभी निराश्रित महिलाओं को पेंशन योजना का लाभ सुनिश्चित करें इसके लिए  पंचायत स्तर पर मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर सत्यापन की व्यवस्था हो।  
  • 15 फरवरी 2023 तक 60 वर्ष से अधिक उम्र के सभी योग्य पात्रों को पेंशन योजना का लाभ सुनिश्चित करें और इसका डेटा सरकारी वेबसाइट पर अपलोड हो। 
  • बच्चों का  बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया 31 जनवरी 2023 तक पूरी कर ली जाए, ताकि उनके खाते में डीबीटी के माध्यम से छात्रवृत्ति योजना की राशि डाली जा सके। 
  • मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभुक सरकार से मिली राशि का सदुपयोग कर रहे हैं या नहीं, इसकी भी जानकारी और निगरानी की जाए। 
  • मनरेगा के तहत ज्यादा से ज्यादा मानव दिवस का सृजन कर ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए।  
  • सुदूरवर्ती गांवों में विकास को लेकर एक्शन प्लान बनाएं।  लोगों को सरकार के योजनाओं का जानकारी मिले और योजनाओं से जुड़कर इसका लाभ उठा सकें। 
  • मुख्यमंत्री पशुधन योजना के प्राप्त आवेदनों में लक्षित लाभुकों के बीच राशि उपलब्ध कराने के बाद के आवेदनों को वेटिंग लिस्ट में रखकर उन्हें भी आपूर्ति करें जिससे उन्हें पुन: आवेदन न करना पड़े। इसके साथ साथ समुदाय स्तर पर पशुओं को आवंटित करें।
  • किसान पाठशाला सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है इसके क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए।  
  • सभी अधिकारी जनप्रतिनिधियों के साथ समय-समय पर बैठक करें और लोगों की समस्याओं का निराकरण करें 
  • मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर लगाम कसी जाए घटना में लिप्त तस्करों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। 

इन योजनाओं की हुई समीक्षा 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, सर्वजन पेंशन योजना, प्री मैट्रिक छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, मनरेगा अन्तर्गत मानव दिवस सृजन, राजस्व न्यायालय, आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार, जिले में चल रही विभिन्न परियोजनाओं एवं जिलों के विधि-व्यवस्था की समीक्षा की। 

समीक्षा बैठक में मंत्री श्री सत्यानंद भोक्ता,मंत्री श्री बादल, माननीया मंत्री श्रीमती जोबा मांझी, चाईबासा विधायक श्री दीपक बिरुआ,  मझगांव विधायक श्री निरल पूर्ति,चक्रधरपुर विधायक श्री सुखराम उरांव,  जगन्नाथपुर विधायक श्री सोनाराम सिंकू, कोलेबिरा विधायक श्री नमन बिक्सल कोंगारी, सिमडेगा विधायक श्री भूषण बारा, विधायक सरायकेला श्री दशरथ गहराई, मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, डीजीपी श्री नीरज सिन्हा, सचिव श्री विनय चौबे, सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी, सचिव श्री अमिताभ कौशल, सचिव श्री कृपानंद झा, सचिव श्री प्रशांत कुमार, सचिव श्री के श्रीनिवासन, आयुक्त दक्षिणी छोटानागपुर श्री प्रवीण कुमार टोप्पो, आयुक्त कोल्हान श्री मनोज कुमार, डी.आई.जी दक्षिणी छोटानागपुर श्री अनीश गुप्ता, डी.आई.जी. कोल्हान श्री अजय लिंडा, उपायुक्त, पश्चिम सिंहभूम श्री अनन्य मित्तल, पुलिस अधीक्षक पश्चिम सिंहभूम श्री आशुतोष शेखर, उपायुक्त सिमडेगा श्रीमती आर रॉनीटा, पुलिस अधीक्षक सिमडेगा श्री सौरभ, सिमडेगा एवं पश्चिमी सिंहभूम जिला के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Published / 2023-01-22 19:49:29
गणतंत्र दिवस : कर्तव्य पथ पर दिखेगी भारत की सांस्कृतिक विरासत

  • गुजरात-बंगाल समेत इन राज्यों की झांकियों को मौका

एबीएन सेंट्रल डेस्क। गणतंत्र दिवस परेड के दौरान असम, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गुजरात, पश्चिम बंगाल और कई अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की रंगारंग झाकियां गणतंत्र दिवस समारोह में कर्तव्य पथ पर दिखेंगी। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने रविवार को बताया कि भारत की जीवंत सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक और सामाजिक प्रगति को दर्शाने वाली कुल 23 झांकियां इस औपचारिक परेड का हिस्सा होंगी, जिनमें से 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की और छह विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की होंगी। 

केंद्रीय मंत्रालयों और केंद्र सरकार की एजेंसियों में गृह मंत्रालय दो झांकियों (एक-एक नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल द्वारा)  को प्रदर्शित करेगा, जबकि एक-एक झांकी कृषि मंत्रालय, जनजातीय मामलों के मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रदर्शित की जायेगी जो आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां संवाददाताओं को यह जानकारी दी।  

अधिकारी ने बताया कि शहर के राष्ट्रीय रंगशाला शिविर में कई झांकियों का पूर्वावलोकन आयोजित किया गया, जिनमें  उन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है। गणतंत्र दिवस परेड में कुल 23 झांकियां शामिल होंगी, जिनमें से 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की और छह विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की होंगी। इसके अलावा, सेना, नौसेना और वायुसेना के दस्ते दिखाई देंगे। एक वाहन डीआरडीओ द्वारा प्रदर्शित किया जायेगा।

यह पूछे जाने पर कि क्या रेल मंत्रालय की ओर से झांकी होगी, उन्होंने कहा कि नहीं, इस साल की परेड में रेल मंत्रालय की कोई झांकी नहीं है। अधिकारी ने कहा कि इस साल विभिन्न राज्यों द्वारा अपनाया गया विषय सांस्कृतिक विरासत और अन्य के अलावा काफी हद तक नारी शक्ति है। पश्चिम बंगाल की झांकी में कोलकाता में दुर्गा पूजा को दर्शाया गया है।

असम की झांकी में प्रसिद्ध अहोम जनरल लाचित बोरफुकन और प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर सहित इसके सांस्कृतिक स्थलों को दिखाया जायेगा। केंद्र सरकार ने पिछले साल अहोम जनरल की 400वीं जयंती मनायी थी। बोरफुक अहोम साम्राज्य में एक कमांडर थे और 1671 में सरायघाट की लड़ाई में  नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं, जिसने असम पर कब्जा करने के मुगल बलों के प्रयास को विफल कर दिया था।

पिछले साल राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ किये जाने के बाद यह पहला गणतंत्र दिवस समारोह होगा। परेड के लिए फुल ड्रेस रिहर्सल सोमवार को होगी। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने पहले कहा कि 74वां गणतंत्र दिवस समारोह सेंट्रल विस्टा एवेन्यू में होगा और सरकार ने जनता के लिए 32,000 टिकट ऑनलाइन बिक्री के लिए रखे हैं।

Published / 2023-01-22 18:42:44
गणतंत्र दिवस पर महाराष्ट्र की जेलों से रिहा होंगे 189 कैदी

एबीएन सेंट्रल डेस्क। आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार के विशेष छूट कार्यक्रम के तहत गणतंत्र दिवस पर महाराष्ट्र की जेलों से कुल 189 कैदियों को रिहा किया जायेगा, जिनमें से तीन ठाणे सेंट्रल जेल से हैं। एक अधिकारी ने कहा कि ठाणे के तीन कैदी हत्या के प्रयास और अन्य अपराधों के लिए जेल की सजा काट रहे हैं।

अधिकारी कहा कि विशेष छूट कार्यक्रम के तहत कुछ कैदियों को सजा की अवधि दौरान अच्छे आचरण के लिए 26 जनवरी और 15 अगस्त को रिहा किया जाएगा। महाराष्ट्र के कुल 189 कैदियों को रिहा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कैदियों का चयन उम्र, जेल में बिताये समय, दिव्यांगता, स्वास्थ्य समेत अन्य पहलुओं के आधार पर किया जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि ठाणे सेंट्रल जेल में 4,569 कैदी हैं, जिनमें 132 महिलाएं हैं। इनमें 52 कैदी 70 साल से ऊपर के हैं और 386 कैदी 20 साल से कम उम्र के हैं। 

हालांकि, जेल की क्षमता सिर्फ 1,105 कैदियों की है। उन्होंने कहा कि रिहा किए जाने वाले कुल कैदियों में 30 बांग्लादेशी और इतनी ही संख्या में नाइजीरियाई शामिल हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में जेल के कैदियों की कुल संख्या 43,090 है।

Published / 2023-01-22 18:37:05
कल राष्ट्रीय बाल पुरस्कार बांटेंगी राष्ट्रपति मुर्मू, मंगलवार को पीएम करेंगे बात

एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 23 जनवरी को विज्ञान भवन में एक पुरस्कार समारोह में 11 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान करेंगी। 

वहीं पीएम मोदी 24 जनवरी को पुरस्कार पाने वाले बच्चों से बातचीत करेंगे। ये बच्चे देश के सभी क्षेत्रों से नवाचार, सामाजिक सेवा, शैक्षिक, खेल, कला-संस्कृति और वीरता श्रेणियों में अपनी असाधारण उपलब्धियों के लिए चुने गये हैं। बता दें कि पिछले साल 29 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

Published / 2023-01-22 15:15:08
झारखंड में हर बच्चे को शिक्षा : फ्री में दर्ज करायें शिशु पंजी में नाम

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में अभी भी ऐसे कई बच्चे हैं, जो विद्यालय नहीं जाते या विद्यालय छोड़ चुके हैं इसलिए ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें विद्यालय से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। हेमंत सरकार इसके लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस प्रयास में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के अन्तर्गत समग्र शिक्षा के तहत 03-18 साल के बच्चों के विद्यालय में नामांकित होने या नामांकित नहीं होने तथा विद्यालय से ड्रॉप आउट होने से संबंधित जानकारी लेने के लिए शिशु पंजी अद्यतन, 2022-23 संबंधी कार्य पूरे राज्य में नि:शुल्क किया जा रहा है।

सरकार का उद्देश्य है कि इस आयु वर्ग के सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान की जाये। इस प्रयास की कड़ी को सशक्त करने के लिए सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों, शिक्षा विभाग के विभिन्न पदाधिकारियों एवं चिह्नित स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा प्रत्येक परिवार में जाकर उक्त आयु वर्ग के स्कूल जाने वाले, नहीं जाने वाले एवं ड्रॉप आउट बच्चों की जानकारी ली जा रही है, जिसके आधार पर सरकार को राज्य में शिक्षा संबंधी आवश्यक नीति निर्माण एवं शिक्षा योजना में सहयोग मिलेगा। वहीं, इस कार्य में सभी का सहयोग अपेक्षित है।

Published / 2023-01-21 23:23:03
26 जनवरी को होगी देश के पहले नेसल कोविड टीके की शुरुआत

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत बायोटेक द्वारा देश में ही विकसित पहले इंट्रानेसल कोविड-19 टीके इनकोवैक को 26 जनवरी से लोगों को देने की शुरुआत की जायेगी। कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कृष्णा इल्ला ने शनिवार को यह जानकारी दी। 

भोपाल में आयोजित भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ)में विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए इल्ला ने बताया कि मवेशियों को लम्पी त्वचा बीमारी से बचाने के लिए देश में ही विकसित टीके लम्पी प्रोवैकइंड की अगले महीने शुरुआत की जायेगी।

मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में आयोजित आईआईएसएफ के विज्ञान में फेस टू फेस विथ न्यू फ्रंटियर में हिस्सा लेते हुए इल्ला ने कहा कि हमारा नेसल टीका (नाक के जरिये दिया जाने वाला टीका) आधिकारिक रूप से 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर लॉन्च किया जायेगा।

उल्लेखनीय है कि भारत बायोटेक ने पिछले साल दिसंबर में घोषणा की थी कि वह इंट्रानेसल टीके को सरकार को 325 रुपये प्रति खुराक की दर से बेचेगा जबकि निजी टीकाकरण केंद्रों के लिए इसकी कीमत 800 रुपये प्रति खुराक होगी।

Published / 2023-01-21 06:27:04
बच्चे राष्ट्र की संपत्ति, विपरीत परिस्थितियों में इन्हें संभालने का प्रयास कर रही सरकार : हेमन्त

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के संवेदनशील प्रयास का परिणाम है कि गंभीर बीमारी से पीड़ित और अनाथ बच्चों को नया जीवन मिल रहा है। मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना से जहां लोगों को जीवन मिल रहा है, वहीं अन्य योजनाओं से भी लोगों के जीवन में सुगमता आ रही है। बच्चों पर भी सरकार का फोकस है। मुख्यमंत्री खुद पहल कर रहे हैं। उनके द्वारा पूर्व में दिए गए आदेश के तहत ऐसे मामलों की जानकारी मिलते ही संबंधित जिला के उपायुक्त संज्ञान लेकर इलाज या योजनाओं से आच्छादन की प्रक्रिया शुरू कर देते हैं।

वृद्ध दादी के तीन अनाथ पोता-पोती के भरण पोषण और शिक्षा के लिए मिला सहारा : गढ़वा प्रखंड के परिहारा पंचायत के बलिगढ़ गांव के अनुसूचित जाति परिवार के तीन बच्चों के साथ उनकी बूढ़ी दादी जब गढ़वा उपायुक्त के पास जनता दरबार में पहुंची, तो उन्हें और उनके पोता -पोती को जीने का सहारा मिल गया। उपायुक्त रमेश घोलप बलिगढ़ गांव पहुंच कर उन बच्चों एवं उनकी देखरेख करने वाली वृद्ध दादी चाखी कुंवर से मुलाकात की। बच्चों को स्कूल बैग, यूनिफार्म, स्वेटर, लंच बाक्स, पेंसिल, कापी एवं अन्य उपयोगी सामग्री दी गई। बच्चों का राशन कार्ड एवं गोल्डेन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई। नौ वर्षीय निर्भय कुमार और सात वर्षीय नीलम कुमारी को मिशन वात्सल्य बाल संरक्षण सेवाएं योजना के तहत प्रतिमाह दो हजार रुपये की सहायता राशि के लिए स्वीकृति पत्र मिला। यह राशि बच्चों के 18 वर्ष के होने तक दी जा सकेगी। मालूम हो कि चाखो कुंवर अपने पुत्र और पुत्रवधू की मौत के बाद उनके तीन बच्चों अभय कुमार, निर्भय कुमार और नीलम कुमारी का किसी तरह पालन पोषण कर रही थी। बच्चों का नाम राशन कार्ड में जोड़ने को लेकर वृद्ध चाखो कुंवर विगत दिनों समाहरणालय पहुंचकर उपायुक्त से गुहार लगाई थी। मामले की जानकारी के बाद उपायुक्त उनके घर पहुंच कर विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया।

अभिराम के ट्यूमर का शुरू हुआ इलाज : अभिराम सोय की आंख में हुए ट्यूमर का इलाज शुरू हो गया है। अभिराम जल्द ही अपनी दोनों आखों से दुनिया देख सकेगा। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद यह संभव हुआ। मालूम हो कि पश्चिमी सिंहभूम के गोइलकेरा प्रखंड स्थित बारा गांव निवासी सादो सोय का चार वर्षीय पुत्र अभिराम सोय पिछले छह महीनों से आंखों के ट्यूमर से पीड़ित था। पैसे एवं जानकारी के अभाव में उसका इलाज करा पाने में उसके माता पिता असमर्थ थे। मामले की जानकारी के बाद चाईबासा उपायुक्त अन्नय मित्तल ने बच्चे के इलाज हेतु सिविल सर्जन को निर्देश दिया और अभिराम के टयूमर का उपचार शुरू हुआ।

मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना लोगों को दे रही ज़िंदगी : दुमका के एक गरीब आदिवासी परिवार का दो वर्ष का सोनाबाबु हेम्ब्रम अब कैंसर से उबर रहा है। सोनाबाबू अब ठीक होने की राह पर है। पिछले तीन महीने से कैंसर से पीड़ित सोनाबाबू के परिजनों ने इलाज के लिए बैल, बकरी, जमीन सब बेच दिया। इसके बावजूद पैसे कम पड़े और पैसे के अभाव से बच्चे का इलाज नहीं हो पाया था। मामले की जानकारी के बाद मुख्यमंत्री ने सोनाबाबू का इलाज सुनिश्चित करने का आदेश दिया था। इसके बाद उपायुक्त दुमका ने मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना का लाभ दिया। अब बच्चा टर्मिनल कैंसर का इलाज करा पा रहा है। उसे कीमोथिरेपी की दो डोज मिली है।

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