एबीएन सेंट्रल डेस्क। डॉ मानिक साहा ने बुधवार को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी मौजूद थे। ये दूसरा मौका है, जब मानिक साहा ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
शपथ ग्रहण समारोह अगरतला के स्वामी विवेकानंद मैदान में आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में त्रिपुरा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने डॉ मानिक साहा को मुख्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी। डॉ मानिक साहा के साथ ही जिन अन्य मंत्रियों में शपथ ग्रहण की, उनमें रतनलाल नाथ, प्रांजीत सिन्हा राय, सान्तना चकमा, सुशांत चौधरी ने हिंदी भाषा में शपथ ली। शपथ लेने वाले अन्य सहयोगियों में टिंकू राय, विकास देव बर्मा, सुधांशु दास, शुक्ला चरण नवातिया रहे। डॉ मानिक साहा के मंत्रिमंडल में एक महिला विधायक को भी शामिल किया गया है। शपथ ग्रहण समारोह में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
समारोह में असम के मुख्यमंत्री एवं नेडा के संयोजक डॉ हेमंत बिस्वा सरमा, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक, पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लव देव और पूर्वोत्तर के भाजपा प्रभारी सुधांशु त्रिवेदी आदि नेता मंच पर मौजूद थे।
प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय पूर्वोत्तर के दौरे पर मंगलवार को गुवाहाटी पहुंचे थे। जहां से वे मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो के शपथ ग्रहण में हिस्सा लेने के लिए कोहिमा पहुंचे थे। कोहिमा से वे पुनः गुवाहाटी लौटे और रात गुवाहाटी में बितायी। आज सुबह गुवाहाटी से अगरतला पहुंचे थे। शपथ ग्रहण समारोह के बाद प्रधानमंत्री नयी दिल्ली के लिए रवाना हो गये।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आगामी ग्रीष्म ऋतु में गर्म मौसम में कृषि, सिंचाई एवं पशुपालन संबंधी तैयारियों की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने 7 लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में देश भर की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक में प्रधानमंत्री को अगले कुछ महीनों के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मौसम पूर्वानुमान और सामान्य मानसून की संभावना के बारे में जानकारी दी गयी। उन्हें रबी फसलों पर मौसम के प्रभाव और प्रमुख फसलों की अनुमानित उपज के बारे में भी जानकारी दी गयी। सिंचाई जल आपूर्ति, चारा और पेयजल की निगरानी के लिए जारी प्रयासों की भी समीक्षा की गयी।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री को आवश्यक आपूर्ति की उपलब्धता और आपात स्थिति के लिए तैयारियों के संदर्भ में राज्यों की तैयारियों और अस्पताल अवसंरचना आदि के बारे में अवगत कराया गया। उन्हें गर्मी से संबंधित आपदाओं की तैयारी के लिए देश भर में चल रहे विभिन्न प्रयासों और शमन उपायों से भी अवगत कराया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नागरिकों, मेडिकल कर्मियों, नगरपालिका और पंचायत प्राधिकरण, आपदा प्रतिक्रिया टीमों जैसे अग्निशमन समेत विभिन्न हितधारकों के लिए अलग-अलग जागरूकता सामग्री तैयार की जानी चाहिए। अत्यधिक गर्मी की स्थिति से निपटने के लिए बच्चों को संवेदनशील बनाने के क्रम में स्कूलों में कुछ मल्टीमीडिया व्याख्यान सत्र शामिल करने के भी निर्देश दिये गये।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गर्म मौसम के लिए प्रोटोकॉल और क्या करें और क्या न करें को सुलभ प्रारूप में तैयार किया जाना चाहिए तथा प्रचार के विभिन्न तरीकों जैसे जिंगल्स, फिल्म, पर्चे आदि भी तैयार और जारी किये जाने चाहिए। प्रधानमंत्री ने आईएमडी से दैनिक मौसम पूर्वानुमान इस तरीके से जारी करने को कहा, जिसे आसानी से समझा और प्रसारित किया जा सके। इस बात पर भी चर्चा की गयी कि टीवी समाचार चैनल, एफएम रेडियो आदि दैनिक मौसम पूर्वानुमान को इस तरह से समझाने के लिए रोजाना कुछ मिनट दें, जिससे नागरिक आवश्यक सावधानी बरत सकें।
प्रधानमंत्री ने सभी अस्पतालों के ब्योरेवार फायर ऑडिट की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि सभी अस्पतालों में अग्निशामकों द्वारा मॉक फायर ड्रिल की जानी चाहिए। जंगल की आग से निपटने के लिए समन्वित प्रयास की जरूरत को भी रेखांकित किया गया। इस बात पर चर्चा की गयी कि जंगल की आग को रोकने और उससे निपटने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए प्रणालीगत बदलाव किये जाने चाहिए।
प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि चारे और जलाशयों में पानी की उपलब्धता पर नजर रखी जाये। भारतीय खाद्य निगम को प्रतिकूल मौसम की स्थिति में अनाज का इष्टतम भंडारण सुनिश्चित करने के लिए तैयार रहने को कहा गया। बैठक में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, गृह सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के सदस्य सचिव ने भाग लिया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में इस बार का बजट शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और किसानों के नाम रहा। सरकार का दावा है कि झारखंड में शिक्षा की स्थिति को बेहतर किया जा चुका है और इसपर बड़ी मात्रा में बजट का हिस्सा खर्च होना है। लेकिन हाय रे झारखंड की शिक्षा व्यवस्था जहां स्कूल में शिक्षक नहीं हैं और सरकार को लग रहा है कि पैसा दे देने से बच्चे पढ़ लेंगे।
झारखंड सरकार ने इस बार अपने बजट में स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के नाम कुछ भी नहीं किया है। न ही शिक्षकों की बहाली को लेकर ही कोई नया रास्ता खोला गया है। बता दें कि प्रदेश में 2015-16 के बाद से अभी तक प्रारंभिक कक्षाओं के लिए शिक्षकों की नियुक्ति तक नहीं हुई है।
बता दें कि राज्य के 6300 से ज्यादा स्कूल ऐसे हैं, जहां एक शिक्षक के दम पर पूरी शिक्षा व्यवस्था है। वहीं 12 हजार से ज्यादा ऐसे स्कूल हैं जो दो शिक्षकों के भरोसे चल रहे हैं। ऐसे में अगर शिक्षक अवकाश पर गये तो इन स्कूलों की हालत का अंदाजा आप स्वतः लगा सकते हैं। सरकार की तरफ से जहां उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की बात की जा रही है।
वहां स्कूलों के ऐसे हालात को देखकर नहीं लगता की झारखंड की शिक्षा व्यवस्था में तत्काल कोई सुधार होनेवाला है। बजट में प्राथमिक स्कूल में बच्चों को मातृभाषा में पढ़ाने की बात कही जा रही है, जबकि उन्हें पढ़ाने के लिए शिक्षक ही नहीं है।
2016 में राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा के जो 53 हजार पास अभ्यर्थी हैं उन्हें आज तक किसी नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल तक नहीं होने का मौका मिला है। 2013 में टेट पास 48 हजार युवकों को अभी नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिलेगा। इस सब के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की घोषणा की जरूरत है जो अभी तक सरकार की तरफ से की ही नहीं गयी है। राज्य में प्रारंभिक स्कूलों के 50 हजार शिक्षकों के पद पर नियुक्ति होनी है। लेकिन यह प्रक्रिया आज तक शुरू नहीं हो पायी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत के कॉरपोरेट जगत को निवेश बढ़ाना चाहिए और बजट 2023-24 में दिये गये अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। बजट पर दसवें वेबिनार को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि सरकार ने पूंजीगत व्यय के लिए प्रावधान को बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपये कर दिया है जो अब तक का सर्वाधिक है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं देश के निजी क्षेत्र से आह्वान करता हूं कि सरकार के समान वह भी अपनी ओर से निवेश बढ़ाये जिससे देश को इसका अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि देश में माल एवं सेवा कर (जीएसटी), आयकर और कॉरपोरेट कर में कमी की वजह से कर का भार उल्लेखनीय रूप से कम हुआ है। मोदी ने कहा कि इससे कर संग्रह में भी सुधार आया है। 2013-14 में सकल कर राजस्व करीब 11 लाख करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में 200 प्रतिशत बढ़कर 33 लाख करोड़ रुपये हो गया। व्यक्तिगत कर रिटर्न की संख्या भी 2013-14 के 3.5 करोड़ से बढ़कर 2020-21 में 6.5 करोड़ हो गयी। उन्होंने कहा कि कर का भुगतान करना एक ऐसा कर्तव्य है जो सीधे राष्ट्र निर्माण से जुड़ा है।
कर के आधार में वृद्धि इस बात का सबूत है कि लोगों का सरकार में भरोसा है और वे मानते हैं कि उनके द्वारा दिये गये कर को जनकल्याण के लिए खर्च किया जाता है। उन्होंने कहा कि रूपे और यूपीआई किफायती और अत्यधिक सुरक्षित प्रौद्योगिकी होने के साथ ही विश्व में हमारी पहचान भी हैं। नवाचार के लिए संभावनाओं को अपार बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपीआई को पूरी दुनिया के लिए वित्तीय समावेशन एवं सशक्तीकरण का साधन बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में काम करना होगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में एनआईए ने बड़ी कार्रवाई की है। भाकपा माओवादियों को फंड देने के आरोप में संतोष कंस्ट्रक्शन कंपनी की 20 करोड़ 65 लाख 496 रुपये जब्त कर लिये गये हैं। देशभर में माओवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जा रही है एनआईए इस संगठन के आर्थिक स्त्रोत पर निशाना साध रही है।
झारखंड में भी इस दिशा में बड़ी कार्रवाई हुई है। एनआईए ने जांच में संतोष कंस्ट्रक्शन के 152 बैंक खाते जब्त किये हैं साथ ही सबीआई म्यूचुअल फंड एकाउंट में जमा 20.65 करोड़ रुपए को भी जब्त कर लिया गया है। कंपनी पर आरोप है कि वह माओवादियों को आर्थिक मदद देता है। संतोष कंस्ट्रक्शन के पार्टनर मृत्युंजय कुमार सिंह उर्फ सोनू सिंह ने भाकपा माओवादियों के रीजनल कमांडर रवींद्र गंझू को पैसा दिया। 21 नवंबर 2019 को सोनू ने बीरजंघा जंगल जाकर रवींद्र गंझू को 2 लाख रुपए दिये।
पैसे से माओवादियों ने लातेहार के चंदवा के लुकैया मोड़ पर पुलिस बलों पर हमले की योजना बनायी थी। 22 नवंबर 2019 को ठीक अलगे दिन माओवादी दस्ते ने लुकैया मोड़ पर हमला कर पीसीआर में तैनात चार जवानों को मौत के घाट उतार दिया था। उसी दिन चंदवा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की सभा हुई थी। वीआईपी मूवमेंट के कारण चंदवा के लुकैया मोड़ में पीसीआर की तैनाती की गयी थी।
इस हमले से माओवादियों ने यह संकेत देने की कोशिश की थी वह कमजोर नहीं है और ऐसे हमले को अंजाम दे सकती है। इसके बाद से ही माओवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का फैसला लिये गया। फरवरी 2021 में एनआईए ने खातों में जमा रकम को फ्रिज करवा दिया था। इसके बाद मेसर्स संतोष कंस्ट्रक्शन ने इस मामले में हाईकोर्ट में रिट पीटिशन फाइल किया था। लेकिन यह रिट पीटिशन अगस्त 2022 में खारिज कर दिया गया था। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ संतोष कंस्ट्रक्शन ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी उसे भी खारिज कर दिया गया, जिसके बाद एनआईए ने 153 खातों में जमा 20.65 लाख रुपये जब्त करने की कार्रवाई की।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने पुरस्कृत होने वाले 2022 के 10वीं एवं 12वीं के टॉपर्स की सूची तैयार कर ली है। तीनों बोर्ड के कुल 68 मेधावी विद्यार्थियों की सूची तैयार करते हुए उन्हें पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है। इनमें जैक बोर्ड के 25, आइसीएसई के 23 तथा सीबीएसई के 20 टॉपर्स लाभुकों में शामिल हैं। इन सभी को इसी माह आयोजित होनेवाले कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जायेगा।
सभी मेधावियों को लैपटाप, स्मार्ट फोन के अलावा धनराशि चेक के माध्यम से प्राप्त होगी। इसके तहत प्रत्येक संकायों में राज्य स्तर पर प्रथम टापर को तीन लाख, दूसरे स्थान पर रहनेवाले को दो लाख तथा तीसरे स्थान पर रहनेवाले मेधावी छात्र या छात्रा को एक लाख रुपये पुरस्कार के रूप में दिये जायेंगे।
जैक बोर्ड से पुरस्कृत होनेवाले दसवीं के 14 टॉपर्स में छह प्रथम, दो द्वितीय तथा छह तीसरे स्थान पर रहनेवाले विद्यार्थी शामिल हैं। इसी तरह, इस बोर्ड के 12वीं के 11 टापरों में कला से तीन, विज्ञान से तीन तथा वाणिज्य से पांच (तीसरे स्थान पर तीन विद्यार्थी हैं) विद्यार्थी शामिल हैं।
इसी बोर्ड से 12वीं में कला में तीन, विज्ञान में सात (प्रथम स्थान पर पदो, दूसरे स्थान पर एक तथा तीसरे स्थान पर चार विद्यार्थी) तथा वाणिज्य में छह (प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय तीनों श्रेणी में दो-दो) विद्यार्थी सूची में शामिल हैं।
टीम एबीएन, रांची। राज्य के लगभग डेढ़ लाख विद्यार्थी को मुख्यमंत्री स्पेशल स्कॉलरशिप मिलेगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली गयी है। सभी विद्यार्थी को इसी महीने स्कॉलरशिप की राशि मिल जायेगी। इसकी तैयारी राज्य शिक्षा परियोजना की ओर से पूरी कर ली गयी है।
इस स्पेशल स्कॉलरशिप योजना के तहत न्यूनतम 500 रुपये और अधिक 23 सौ रुपये मिलेंगे। यह राशि क्लासवार तय की गयी है। इस स्कॉलरशिप का लाभ केवल राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं को दी जाती है।
मुख्यमंत्री विशेष छात्रवृत्ति पहली से 12वीं क्लास तक के छात्र-छात्राओं को दी जाती है। इसके लिए राज्य के 1,47,928 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। इन्हें मार्च में छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान किया जायेगा। इसके लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी जिलों को निर्देश दे दिया है। पहली से 12वीं में पढ़ने वाले सामान्य वर्ग के वैसे छात्र-छात्रा, जिन्हें अन्य कोई छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल रहा है, उन्हें यह सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।
मुख्यमंत्री विशेष छात्रवृत्ति वित्तीय वर्ष 2022-23 से राज्य सरकार के द्वारा ऑनलाइन एप के माध्यम से दी जायेगी। इसमें अभी थोड़ा समय लगने की संभावना है। इसलिए छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के लिए पूर्व वर्ष की भांति पीएफएमएस- डीबीटी के माध्यम से राशि उपलब्ध करायी जानी है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का को पंचायती राज विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। रविवार को जारी अधिसूचना के तहत उन्हें स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक प्रधान सचिव पंचायती राज विभाग झारखंड रांची के पद पर नियुक्त एवं पदस्थापित किया जाता है। उक्त सूचना कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने जारी कर दी है।
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