राज काज

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Published / 2023-03-20 22:24:41
12,611 शत्रु संपत्ति को बेच भारत सरकार जुटायेगी करीब एक लाख करोड़, जानें कैसे...

  • शत्रु संपत्ति खाली कराने, बेचने की प्रक्रिया शुरू 
  • मूल मालिकों ने पाक और चीन की नागरिकता ले ली 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शत्रु संपत्तियों को खाली कराने और उनकी बिक्री की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पाकिस्तान और चीन की नागरिकता लेने वाले लोगों द्वारा छोड़ी गई अचल संपत्तियों को शत्रु संपत्ति कहा जाता है। देश में कुल 12,611 शत्रु संपत्ति हैं, जिनकी कीमत लगभग एक लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। 

शत्रु संपत्ति, भारत के लिए शत्रु संपत्ति के संरक्षक (सीइपीआइ) के अधीन है, जो शत्रु संपत्ति अधिनियम के तहत बनाया गया एक प्राधिकरण है। गृह मंत्रालय की एक अधिसूचना के अनुसार, शत्रु संपत्तियों के निपटान के लिए दिशा-निर्देशों में बदलाव किया गया है, जिसके तहत संपत्तियों की बिक्री से पहले संबंधित जिला मजिस्ट्रेट या उपायुक्त की मदद से शत्रु संपत्तियों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी। 

अधिसूचना के मुताबिक, शत्रु संपत्ति की कीमत एक करोड़ रुपये से कम होने की सूरत में संरक्षक पहले कब्जेदार को संपत्ति खरीदने की पेशकश करेगा और यदि वे इसे अस्वीकार कर देते हैं, तो शत्रु संपत्ति को दिशानिदेर्शों में निर्दिष्ट प्रक्रिया के अनुसार निपटाया जायेगा। गृह मंत्रालय ने कहा कि शत्रु संपत्तियों की ई-नीलामी सार्वजनिक उद्यम के ई-नीलामी मंच मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन लिमिटेड के जरिये की जायेगी। अधिकारियों ने कहा कि सरकार को शत्रु संपत्तियों की बिक्री से 3,400 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई है। 

हरियाणा में हैं 71 संपत्तियां 

सीइपीआइ के पास मौजूद 12,611 संपत्तियों में से कुल 12,485 पाक नागरिकों से संबंधित हैं जबकि 126 चीनी नागरिकों से संबंधित हैं। इनमें से हरियाणा में 71 शत्रु संपत्तियां हैं। उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 6,255 शत्रु संपत्तियां हैं। अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में भी शत्रु संपत्तियां हैं।

Published / 2023-03-20 19:49:01
12,611 शत्रु संपत्ति को बेच भारत सरकार जुटायेगी करीब एक लाख करोड़, जानें कैसे...

  • शत्रु संपत्ति खाली कराने, बेचने की प्रक्रिया शुरू 
  • मूल मालिकों ने पाक और चीन की नागरिकता ले ली 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शत्रु संपत्तियों को खाली कराने और उनकी बिक्री की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पाकिस्तान और चीन की नागरिकता लेने वाले लोगों द्वारा छोड़ी गई अचल संपत्तियों को शत्रु संपत्ति कहा जाता है। देश में कुल 12,611 शत्रु संपत्ति हैं, जिनकी कीमत लगभग एक लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। 

शत्रु संपत्ति, भारत के लिए शत्रु संपत्ति के संरक्षक (सीइपीआइ) के अधीन है, जो शत्रु संपत्ति अधिनियम के तहत बनाया गया एक प्राधिकरण है। गृह मंत्रालय की एक अधिसूचना के अनुसार, शत्रु संपत्तियों के निपटान के लिए दिशा-निर्देशों में बदलाव किया गया है, जिसके तहत संपत्तियों की बिक्री से पहले संबंधित जिला मजिस्ट्रेट या उपायुक्त की मदद से शत्रु संपत्तियों को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी। 

अधिसूचना के मुताबिक, शत्रु संपत्ति की कीमत एक करोड़ रुपये से कम होने की सूरत में संरक्षक पहले कब्जेदार को संपत्ति खरीदने की पेशकश करेगा और यदि वे इसे अस्वीकार कर देते हैं, तो शत्रु संपत्ति को दिशानिदेर्शों में निर्दिष्ट प्रक्रिया के अनुसार निपटाया जायेगा। गृह मंत्रालय ने कहा कि शत्रु संपत्तियों की ई-नीलामी सार्वजनिक उद्यम के ई-नीलामी मंच मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉर्पोरेशन लिमिटेड के जरिये की जायेगी। अधिकारियों ने कहा कि सरकार को शत्रु संपत्तियों की बिक्री से 3,400 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई है। 

हरियाणा में हैं 71 संपत्तियां 

सीइपीआइ के पास मौजूद 12,611 संपत्तियों में से कुल 12,485 पाक नागरिकों से संबंधित हैं जबकि 126 चीनी नागरिकों से संबंधित हैं। इनमें से हरियाणा में 71 शत्रु संपत्तियां हैं। उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 6,255 शत्रु संपत्तियां हैं। अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में भी शत्रु संपत्तियां हैं।

Published / 2023-03-20 18:18:22
गुड न्यूज... झारखंड के 80 उत्कृष्ट स्कूलों में इसी सत्र से होगी सीबीएसई माध्यम से पढ़ाई

  • इसी सत्र से शुरू हो रही झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 

टीम एबीएन, रांची। उत्कृष्ट विद्यालय के प्रबंधन समिति के सदस्यों का राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन सोमवार को किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद मौजूद रहे। इस सम्मेलन में राज्य के 80 उत्कृष्ट विद्यालय के प्रबंधन समिति सदस्यों को बुलाया गया था।  

सम्मेलन की शुरुआत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। उनके साथ विभागीय सचिव रवि कुमार, प्रधान सचिव वंदना डाडेल, विनय चौबे सहित शिक्षा विभाग के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। चयनित 80 उत्कृष्ट विद्यालय में सत्र 2023-24 से सीबीएससी के आधार पर पढ़ाई होंगे। 

बच्चों को अंग्रेजी मीडियम के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। सभी स्कूलों के प्रिंसिपल और हेड मास्टर को आईआईएम इंस्टीट्यूट में प्रशिक्षित किया जायेगा। यह झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। इसलिए सरकार उत्कृष्ट विद्यालय में काम करने के लिए कटिबद्ध है। 

मौके पर सीएम ने उत्कृष्ट विद्यालय में शामिल जमशेदपुर बालिका उच्च विद्यालय के वेबसाइट का उद्घाटन किया। प्रबंधन समिति ने बच्चों को स्कूल में बेहतर शिक्षा कैसे मिल सके? इस बारे में बताया। कहा कि इसके लिए समय समय पर पैरेंट्स टीचर मीटिंग हो। साथ ही एसएमसी की बैठक व्यवस्थित रूप से की जाए। 

कार्यक्रम में उपस्थित बाल सांसद प्राची और प्रिया ने बताया कि उन्हें काफी गर्व है कि वे उत्कृष्ट विद्यालय की छात्रा है। कार्यक्रम के दौरान चयनित किए गए 80 उत्कृष्ट विद्यालय के शिक्षकों, प्रबंधन समिति और बच्चों ने भी अपनी-अपनी बातों को रखा।

Published / 2023-03-20 18:16:50
आठ करार दस्तावेजों पर भारत-जापान ने किये हस्ताक्षर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत एवं जापान ने वैश्विक उथल-पुथल के बीच दुनिया में टिकाऊ आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थापना एवं स्थायित्व के लिए आर्थिक और तकनीकी सहयोग बढ़ाने के इरादे के साथ आपसी सहयोग के आठ करार दस्तावेजों पर सोमवार को हस्ताक्षर किये। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा के साथ यहां हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधि मंडल स्तर की द्विपक्षीय बैठक में ये फैसले लिये गये। जापान के प्रधानमंत्री ने श्री मोदी को मई में जी 7 के शिखर-सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया, वहीं श्री मोदी ने सितंबर में जी 20 के शिखर सम्मेलन में श्री किशिदा की पुन: मेजबानी करने की अपेक्षा की। 

श्री मोदी ने अपने मीडिया वक्तव्य में कहा कि पिछले एक वर्ष में प्रधानमंत्री किशिदा और उनकी कई बार मुलाकात हुई है और हर बार भारत-जापान संबंधों के प्रति उनकी सकारात्मकता और प्रतिबद्धता को महसूस किया है। इसलिए आज की उनकी यात्रा हमारे आपसी सहयोग की गति बनाए रखने के लिए बहुत उपयोगी रहेगी। 

श्री मोदी ने कहा कि इस साल भारत जी 20 की अध्यक्षता कर रहा है और जापान जी 7 की। और इसलिए, अपनी अपनी प्राथमिकताओं और हितों पर साथ मिलकर काम करने का यह उत्तम अवसर है। उन्होंने आज प्रधानमंत्री किशिदा को भारत की जी 20 अध्यक्षता की प्राथमिकताओं के बारे में विस्तार से बताया। 

हमारी जी 20 अध्यक्षता का एक महत्वपूर्ण स्तम्भ ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को आवाज देना है। वसुधैव कुटुम्बकम को मानने वाली संस्कृति सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है, और इसीलिए हमने यह पहल ली है। 

श्री मोदी ने कहा कि भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी हमारे साझा लोकतान्त्रिक मूल्यों, और अंतर-राष्ट्रीय पटल पर कानून के शासन के सम्मान पर आधारित है। इस साझेदारी को मजबूत बनाना, हमारे दोनों देशों के लिए तो महत्वपूर्ण है ही, इससे हिन्द प्रशांत क्षेत्र में शांति, समृद्धि और स्थिरता को भी बढ़ावा मिलता है। आज हमारी बातचीत में, हमने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने रक्षा उपकरण और तकनीकी सहयोग, व्यापार, स्वास्थ्य, और डिजिटल साझीदारी पर विचारों का आदान-प्रदान किया। सेमीकंडक्टर और अन्य महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी में विश्वस्त आपूर्ति श्रृंखला के महत्व पर भी हमारे बीच सार्थक चर्चा हुई। 

पिछले साल, हमने अगले पांच वर्षों में भारत में पांच ट्रिलियन येन, यानी तीन लाख 29 हजार करोड़ रुपये के जापानी निवेश का लक्ष्य तय किया था। यह संतोष का विषय है कि इस दिशा में अच्छी प्रगति हुई है। 

उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में, हमने भारत जापान औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मक साझेदारी की स्थापना की थी। इसके अंतर्गत, हम लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, लघु एवं मध्यम उद्योग, कपड़ा उद्योग, मशीनरी और इस्पात जैसे क्षेत्रों में भारतीय इंडस्ट्री की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ा रहे हैं। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल पर भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 

मुझे इस बात की भी खुशी है कि हम 2023 को टूरिज्म एक्सचेंज वर्ष के रूप में मना रहे हैं, और इसके लिए हमने हिमालय एवं मांउट फूजी संपर्क नाम का थीम चुना है। 

श्री मोदी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री किशिदा ने मुझे मई महीने में हिरोशिमा मे होने वाली जी 7 लीडर्स समिट के लिए निमंत्रण दिया। इसके लिए मैं उनका हृदय से धन्यवाद करता हूं। 

इसके कुछ महीनों बाद सितम्बर में जी 20 लीडर्स समिट के लिए मुझे प्रधानमंत्री किशिदा का फिर से भारत में स्वागत करने का अवसर मिलेगा। हमारी कामना है कि बातचीत और संपर्कों का यह सिलसिला इसी प्रकार चलता रहे, और भारत-जापान संबंध लगातार नई ऊंचाइयों को छूते रहें।

Published / 2023-03-20 17:29:18
झारखंड : प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों पर हुई विभागीय कार्रवाई, जानें क्यों...

रवि रंजन

टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों पर कार्रवाई की है, श्री नारायण राम तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी डोमचांच (कोडरमा) के विरुद्ध संच्यात्मक प्रभाव से 3 वेतन वृद्धि का दंड आरोपित किया गया है इन पर डोमचांच प्रखंड अंतर्गत तेतरीयाडीह पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में लाभुकों के चयन में गंभीर अनियमितता बरतने, अनियमितता के आलोक में सत्यापन कराने हेतु निर्देश के बावजूद कोई कदम नहीं उठाने का आरोप है।

वहीं विनय कुमार तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी मांडू रामगढ़ के विरुद्ध परिवादी उपेंद्र कुमार सिंह द्वारा ₹45000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार करण न्यायिक अभिरक्षा में हजारीबाग केंद्रीय कारा भेजने संबंधी आरोप उपायुक्त रामगढ़ के द्वारा प्रतिवेदित है जिसे प्रथमदृष्टया प्रमाणित पाया गया है इनके ऊपर विभागीय कार्रवाई कार्यवाही संचालित की जायेगी।

इससे संबंधित संकल्प कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने जारी किया है

Published / 2023-03-20 15:22:23
नया कीर्तिमान गढ़ने के बाद अब सीसीएल ने रखा 76 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य

  • सेंट्रल कोल फील्ड लिमिटेड ने 70 मिलियन टन कोयले का उत्पादन का रचा कीर्तिमान

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में कोयला उत्पादन में लगे सीसीएल ने इस वर्ष कीर्तिमान रचा है। कोल इंडिया लिमिटेड के निदेशक हर्ष नाथ मिश्रा ने बताया कि पहली बार सीसीएल की तरफ से 70 मिलियन टन कोयला उत्पादन करने का रिकॉर्ड बनाया गया। 

सीसीएल के कार्मिक निदेशक हर्ष नाथ मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष का लक्ष्य 76 मिलियन टन रखा गया है। जिसे हमारे कर्मचारी और अधिकारी प्राप्त करने के लिए तत्परता और तन्मयता से लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि विपरीत मौसम के बावजूद सीसीएल कोयला उत्पादन में लगातार कीर्तिमान रच रहा है।

कोल इंडिया लिमिटेड के निदेशक हर्ष नाथ मिश्रा ने 26 मार्च को रांची में होने वाले मैराथन दौड़ को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूरे झारखंड के लिए यह गौरव का विषय है कि यह मैराथन ऑल इंडिया एथलीट्स फेडरेशन के सहयोग से आयोजित कराया जा रहा है।

 यह मैराथन दौड़ प्रतियोगिता एथलेटिक्स ऑफ झारखंड के साथ सम्मिलित रूप से किया जा रहा है। मैराथन में पुरुष और महिलाओं के लिए चार श्रेणियां हैं। दौड़ में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत हो चुकी है और अभी तक दो हजार पंजीयन भी हो चुका है।

Published / 2023-03-20 11:59:56
अफ्रीका में रक्षा संबंध मजबूत कर रहा भारत, चीन पर नजर

एबीएन सेंट्रल डेस्क। अफ्रीका में भी चीन ने प्रमुख रणनीतिक घुसपैठ कर रखी है। इसके मद्देनजर अपनी सैन्य पहुंच बढ़ाने की समग्र नीति के अनुरूप भारतीय सेना इस महीने पुणे में अफ्रीका-भारत क्षेत्र प्रशिक्षण अभ्यास और एक प्रमुख सम्मेलन आयोजित करने जा रही है। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक 21 मार्च से शुरू होने वाले 10 दिवसीय अफीनडेक्स अभ्यास में नौ अफ्रीकी देश क्रमशः इथियोपिया, घाना, केन्या, लेसोथो, नाइजर, सेशेल्स, तंजानिया, युगांडा और जाम्बिया के दल भाग लेंगे। इनके अलावा कांगो, मिस्र, नाइजीरिया, रवांडा, जिम्बाब्वे, कैमरून और मोरक्को सहित 11 अन्य देश अभ्यास के लिए पर्यवेक्षक भेज रहे हैं। यह अभ्यास 2019 के बाद दूसरी बार आयोजित किया जा रहा है।

28 मार्च को अफ्राकी प्रमुखों का सम्मेलन भी : यही नहीं, पहले अफ्रीका प्रमुखों का सम्मेलन भी 28 मार्च को पुणे में इसी अभ्यास के साथ आयोजित किया जायेगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सम्मेलन को संबोधित करने वाले हैं, जिसके लिए 10 प्रमुखों ने पहले ही अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है, जबकि अन्य 12 अपने प्रतिनिधियों को भेज रहे हैं। एक तरफ भारत के पास चीन जैसे आर्थिक और सैन्य साधन नहीं हैं, लेकिन नई दिल्ली कई अफ्रीकी देशों के साथ अपने दीर्घकालिक संबंधों पर निर्भर है। 

उदाहरण के लिए भारत अफ्रीका के रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन 2020 में लखनऊ में डेफएक्सपो के दौरान आयोजित किया गया था। इसके बाद पिछले साल गांधीनगर में डेफएक्सपो के दौरान भारत अफ्रीका रक्षा वार्ता हुई थी।

बीते तीन सालों से अफ्रीका केंद्रित ठोस आउटरीच : पिछले तीन वर्षों में अफ्रीका केंद्रित एक बहुत ही ठोस आउटरीच रही है। आगामी अभ्यास और सम्मेलन भारत-अफ्रीका संबंधों को मजबूत करने के लिए की गयी पहलों पर आधारित होंगे। एक अधिकारी ने कहा, इसका उद्देश्य सहयोगी तरीके से अफ्रीकी सेनाओं की क्षमता-वृद्धि में मदद करना भी है। जाहिर है भारत इस तरह अफ्रीकी देशों में चीन के प्रभाव को कम कर भारत की उपस्थिति बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। गौरतलब है कि चीन ने कई अफ्रीकी देशों को भारी-भरकम ऋण मुहैया कराया हुआ है और एवज में उनपर परोक्ष नियंत्रण रख रहा है। इससे आजिज अफ्रीकी देश बेहतर मित्रवत विकल्प की तलाश में हैं।

Published / 2023-03-19 22:08:06
झारखंड : अब इन युवाओं को मिलेगी नौकरी में प्राथमिकता

  • लोकसभा चुनाव से पहले हेमंत सरकार का बड़ा दाव

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेने ने राज्य के युवओं को रोजगार से जोड़ने के लिए एक नई पहल शुरू की है। इस पहल से राज्य सरकार की तरफ से युवाओं को नौकरी का अवसर दिया जायेगा। 

इसके लिए मुख्यमंत्री कक्ष में झारनियोजन पोर्टल का शुभारंभ किया गया और इसमें श्रम नियोजन, प्रशिक्षण व कौशल विकास विभाग द्वारा http://jharniyojan.jharkhand.gov.in के पोर्टल पर सरकार रोजगार ढूंढने का अवसर देगी।

बता दें कि राज्य के बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार द्वारा झारखंड राज्य के निजी क्षेत्र में स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन अधिनियम 2021 पारित किया गया है। इसके अलावा बता दें कि अधिनियम के प्रभावी होने के तिथि से वैसे सभी प्रतिष्ठान जिन पर यह अधिनियम लागू है उनके लिए रिक्तियां निकाली जायेगी। इसके बाद फिर 40 हजार रुपये वेतन तक के पदों की नियुक्ति 75 प्रतिशत होगी।

जानकारी के लिए बता दें कि स्थानीय कंपनियों के द्वारा स्थानीय स्तर पर आवश्यक कौशलयुक्त मानव बल की कमी होती है तो राज्य सरकार ही प्रशिक्षण अपनी तरफ से देगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के युवाओं को नौकरी के अवसर प्रदान करना है। जैसे-जैसे युवाओं को प्रशिक्षण मिलता रहेगा, वैसे ही युवाओं को रोजगार भी मिलता रहेगा।

झरखंड सरकार की तरफ अधिनियम और नियम का विस्तार संपूर्ण योजना से किया जा रहा है। अगर कोई युवा इस योजना से वंछित रहता है तो उसको भी रोजगार देने का प्रवाधन होगा। साथ ही राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों और उपक्रमों में बाह्मस्त्रोत से सेवा उपलब्ध कराने वाली संस्था पर इस अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे। 

इसके अलावा बता दें कि झारनियोजन पोर्टल पर निबंधित करेगा व 30 दिनों के अंदर 40 हजार रुपये तक का वेतन पाने वाले कर्मचारियों की विवरणी पोर्टल में प्रविष्ट करेगा।

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