एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस के अवसर पर विज्ञान भवन में सिविल सेवकों को संबोधित करेंगे। आज यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार प्रधानमंत्री ने राष्ट्र निर्माण में सिविल सेवकों के योगदान की लगातार सराहना की है तथा उन्हें और अधिक मेहनत करने के लिए उत्साहित किया है।
यह कार्यक्रम देश भर के सिविल सेवकों को उत्साहित और प्रेरित करने में प्रधानमंत्री के लिए एक उपयुक्त मंच के रूप में काम करेगा, ताकि वे विशेष रूप से अमृत काल के इस महत्वपूर्ण चरण के दौरान समान उत्साह के साथ देश की सेवा कर सकें। इस आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार भी देंगे।
इस पुरस्कार को आम नागरिकों के कल्याण के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के जिलों और संगठनों के असाधारण और अभिनव कार्यों को मान्यता देने की दृष्टि से स्थापित किया गया है।
चार चिह्नित प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों हर घर जल योजना के माध्यम से स्वच्छ जल को बढ़ावा, हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के माध्यम से स्वस्थ भारत को बढ़ावा, समग्र शिक्षा के माध्यम से एक समान और समावेशी कक्षा के वातावरण के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा, आकांक्षी जिला कार्यक्रम के माध्यम से समग्र विकास-संतृप्ति दृष्टिकोण पर विशेष ध्यान देने के साथ समग्र प्रगति में किये गये अनुकरणीय कार्यों के लिए पुरस्कृत किया जायेगा।
उपरोक्त चार चिह्नित कार्यक्रमों के लिए आठ पुरस्कार दिये जायेंगे, जबकि नवाचारों के लिए सात पुरस्कार दिये जायेंगे।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के आदेश के बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने झारखंड राज्य में अत्यधिक गर्मी पड़ने एवं लू को ध्यान में रखते हुए राज्य में संचालित सभी कोटि के सरकारी, गैर-सरकारी सहायता प्राप्त / गैर सहायता प्राप्त (अल्पसंख्यक सहित) एवं निजी विद्यालयों में कक्षा केजी से 05 तक की कक्षाएं सुबह 7 बजे से 11 बजे तक एवं कक्षा 06 से ऊपर की कक्षाएं सुबह 7 बजे से 12 बजे तक संचालित करने का निर्देश जारी का दिया है।
इस अवधि में प्रार्थना सभा या खेलकूद एवं अन्य गतिविधियां धूप में संचालित नहीं की जायेगी, परन्तु मध्याह्न भोजन का संचालन जारी रहेगा। बच्चों की पढ़ाई में होनेवाली क्षति की भरपाई के संबंध में अलग से निर्णय लेते हुए स्कूल प्रबधन को सूचित किया जायेगा। यह आदेश दिनांक 19.04.2023 (बुधवार) से 25.04.2023 (मंगलवार) तक लागू रहेगा।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों पर विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया है।
बताते चलें कि राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री प्रवीण कुमार सिंह तत्कालीन अंचल अधिकारी सिमडेगा सदर के विरुद्ध उपायुक्त/ भूमि सुधार उप समाहर्ता की अनुमति के बिना अनुसूचित जाति की जमीन का निबंधन करने दाखिल खारिज वादों के निष्पादन में समरूपता नहीं रखने पद का दुरुपयोग करने दायित्व के प्रति लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता संबंधी आरोप उपायुक्त के द्वारा गठित आरोप पत्र प्रपत्र क में प्रतिवेदित है प्रथम दृष्ट्या प्रमाणित पाया गया है।
झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री शिवाजी भगत तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी ठेठईटांगर सिमडेगा के विरुद्ध बगैर प्रभार सौंपे बिना अनुमति प्रखंड मुख्यालय से अनुपस्थित रहने, रोकड़ पंजी का अद्यतन संधारण एवं निरीक्षण पर्यवेक्षण नहीं करने अपने दायित्व का निर्वहन नही करने संबंधी उपायुक्त द्वारा गठित आरोप पत्र प्रपत्र क में प्रतिवेदित है प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाया गया है।
श्री भगत के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु उप समाहर्ता सिमडेगा को उपर स्थापन पदाधिकारी नामित किया गया है।
उपरोक्त दोनों पदाधिकारियों की विभागीय जांच अधिकारी सेवानिवृत्त आईएएस श्री अरविंद कुमार को बनाया गया है।
इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने संकल्प जारी किया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को यहां राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार प्रदान किए और राष्ट्रीय पंचायत प्रोत्साहन सम्मेलन का उद्घाटन किया। श्रीमती मुर्मू ने इस अवसर पर कहा कि पिछले कुछ दशकों में तेजी से हुए शहरीकरण के बावजूद, अधिकांश आबादी अब भी गांवों में रहती है। शहरों में रहने वाले लोग भी किसी न किसी रूप में गांवों से जुड़े हुए हैं। गांवों के विकास से देश की समग्र प्रगति हो सकती है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को यह तय करने में सक्षम होना चाहिए कि गांव के विकास के लिए कौन-सा मॉडल उपयुक्त है और इसे कैसे लागू किया जाना चाहिए। पंचायतें न केवल सरकारी कार्यक्रमों और योजनाओं को लागू करने का माध्यम हैं, बल्कि नेतृत्व प्रदान करने वाले नये लोगों, योजनाकारों, नीति-निर्माताओं और नवोन्मेषकों को प्रोत्साहित करने के स्थान भी हैं। एक पंचायत के सर्वोत्तम तौर-तरीकों को दूसरी पंचायतों में अपनाकर हम तेजी से विकास कर सकते हैं और अपने गांवों को समृद्ध बना सकते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि समाज के प्रत्येक समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए हर पांच साल में पंचायत प्रतिनिधियों के चुनाव का प्रावधान है हालांकि, देखा जाता है कि ये चुनाव कई बार लोगों के बीच कड़वाहट भी पैदा कर देते हैं। चुनाव को लेकर ग्रामीणों में आपसी कलह न हो, इस बात को ध्यान में रखते हुए पंचायत चुनाव को राजनीतिक दलों से अलग रखा गया है।
उन्होंने कहा कि जिस समाज में लोगों के बीच आपसी सहयोग और विश्वास होता है, वह अधिक फलता-फूलता है। उन्होंने कहा कि गांव, परिवार का विस्तार होता है। जहां तक संभव हो, सभी सामुदायिक कार्य आपसी सहमति के आधार पर किए जाने चाहिए।
श्रीमती मुर्मू ने कहा कि किसी भी समाज के सर्वांगीण विकास के लिए महिलाओं की भागीदारी बहुत जरूरी है।
महिलाओं को अपने लिए, अपने परिवार के लिए और समाज के कल्याण के लिए निर्णय लेने का अधिकार होना चाहिए। परिवार और ग्राम स्तर पर उनके सशक्तीकरण के माध्यम से इस अधिकार को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि स्थानीय ग्रामीण निकायों के 31.5 लाख से अधिक निर्वाचित प्रतिनिधियों में से 46 प्रतिशत महिलाएं हैं।
उन्होंने महिलाओं से ग्राम पंचायतों के कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने उनके परिवारों से भी इन प्रयासों में उनका साथ देने की अपील की।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें 20 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी है। कैबिनेट के फैसले के बाद सचिवालय लिपिक और निम्न वर्गीय लिपिकों की भर्ती की अड़चन दूर हो गयी है। बैठक में अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं :
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड सचिवालय सेवा के 10 प्रशाखा पदाधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया गया है। इनमें पांच एसओ राज्यपाल सचिवालय के भी बदले गये हैं।
रविवार को कार्मिक विभाग ने एक अधिसूचना जारी की है। इसके अनुसार आज स्थानांतरित किये गये अधिकारियों में पांच राज्यपाल सचिवालय में भी पदस्थापित थे। इनके स्थान पर राज्यपाल सचिवालय में पांच नये प्रशाखा पदाधिकारियों की तैनाती भी की गयी है।
इनमें कुलदीप टूटी, राजर्षि हांसदा, कृष्ण कुमार भगत, रामाकांत मुंडा, विशाल कुमार मित्तल, अनुराग रवि कुजूर, कौशाल किशोर राय, रंजीत कुमार, सिदार्थ कुमार उपाध्याय और दीपक उरांव हैं।
टीम एबीएन, रांची। रांची में जमीन जालसाजी के कोलकाता कनेक्शन का खुलासा हुआ है। ईडी ने इसकी जांच शुरू कर दी है। बंगला पर्चा का इस्तेमाल जमीनों की हड़पा गया है. फॉरेंसिक जांच में ये चोरी पकड़ी गयी है। दरअसल, भूमाफिया और अंचल कर्मियों के साथ-साथ जमीन से संबंध रखने वाले दूसरे विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से खाली पड़ी जमीनों पर कब्जा किया जाता था। इसमें बेहद कीमती जमीन भी शामिल है।
भूमाफिया और सरकारी कर्मचारियों का गठजोड़ इतना मजबूत है कि उन्होंने सेना की जमीन पर भी कब्जा कर लिया। हालांकि, अब इस गठजोड़ को तोड़ने के लिए ईडी की एंट्री हो चुकी है। ईडी की जांच के बाद अपनी जमीन गवां चुके कई लोगों की आस जगी है कि शायद अब उनकी कीमती जमीन उन्हें वापस मिल जाये।
ईडी ने अपनी जांच में यह पाया है कि अधिकांश खाली पड़ी या लीज वाली जमीनों को हड़पने के लिए उसके मालिकाना हक को पश्चिम बंगाल दिखाया गया है। इस नेचर की जमीन को बंगला पर्चा वाली जमीन कहा जाता है। सेना की जमीन को हड़पने के लिए भी कोलकाता के ही जाली कागजों का इस्तेमाल किया गया।
जांच के दौरान ईडी ने जमीन के मूल कागजात और गिरफ्तार प्रदीप बागची के मूल कागजात की जब फॉरेंसिक जांच कराई तो मूल दस्तावेज में हेराफेरी पकड़ी गयी। इसी तरह चोसायर होम जमीन मामले में भी फर्जी कागजात तैयार कर जमीन हड़पी गयी थी।
सेना की जमीन के साथ-साथ रांची के चोसायर होम स्थित 99 डिसमिल जमीन मामले की जांच भी ईडी कर रही है। यह जमीन उमेश कुमार गोप नाम के व्यक्ति की पुस्तैनी जमीन है, लेकिन करोड़ों रुपए की इस जमीन पर माफिया की नजर पड़ी, जमीन हड़पने के लिए फर्जी कागजात तैयार किये गये और जमीन पर कब्जा कर लिया गया।
जमीन से असली मालिक यानी उमेश कुमार गोप को बेदखल कर दिया गया। उमेश अपनी जमीन के असली कागजात लेकर अंचल कार्यालय का चक्कर लगाते रहे, लेकिन उनकी एक न चली। भूमाफिया और अंचल कर्मियों का सिंडिकेट इतना मजबूत था कि उमेश को जान से मारने की धमकियां तक मिलने लगी।
टीम एबीएन, रांची। मध्याह्न भोजन को लेकर ऑडिट कराने के मामले में राजधानी रांची के स्कूलों की स्थिति अच्छी नहीं है। जिले के मात्र 54 फीसदी स्कूलों ने ही 18 मार्च तक ऑडिट कराया है। शिक्षा विभाग की समीक्षा में जिले की इस रिपोर्ट पर नाराजगी जतायी गयी है। इसे लेकर जिला शिक्षा अधीक्षक आकाश कुमार ने सभी प्रखंड के बीईईओ को पत्र लिखकर जवाब मांगा है।
जिला शिक्षा अधीक्षक ने कुछ बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है, ताकि इसमें लापरवाही बरतनेवालों की पहचान करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाये। जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय से बीईईओ को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि पूर्व में विभागीय आदेश के आधार पर 15 अप्रैल तक कार्य पूरा करा लेने का निर्देश दिया गया है, लेकिन इसमें लापरवाही बरती जा रही है। पूर्व निर्धारित तिथि होने के बाद भी ऐसी स्थिति होना लापरवाही को दर्शाता है।
अंकेक्षण कार्य कराने के मामले में बुंडू प्रखंड की स्थिति अन्य के मुकाबले अच्छी है। प्रखंड के 100 स्कूलों में ऑडिट होना है, जिसमें 18 मार्च तक 61 फीसदी स्कूलों का ऑडिट कार्य पूरा कर लिया गया है। हालांकि तमाड़ और अनगड़ा में स्कूलों की संख्या अधिक है। तमाड़ में 2010 स्कूलों में से 165 और अनगड़ा में 188 स्कूलों में से 137 ने कार्य पूरा किया है। रांची-1 में 74 स्कूल आते हैं, जिनमें मात्र 27 और रांची-2 में 98 स्कूलों में से 33 का ऑडिट हुआ है।
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