राज काज

View All
Published / 2023-04-26 23:25:08
लोहरदगा : सदर अस्पताल में बनेगा क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल

सांसद के प्रयास पर केंद्र सरकार ने दी मंजूरी टीम एबीएन, लोहरदगा। लोकसभा सांसद सुदर्शन भगत द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को ले केंद्र सरकार से कार्य कराया जा रहा है। अभी कुछ दिनों पहले ही भारत सरकार द्वारा ही आयुष्मान भारत स्वास्थ्य जांच उपकेंद्र भवन जो पंचायतों में हैं उसे मरम्मत एवं अपग्रेडिंग का कार्य किया गया। अब सांसद के प्रयास से क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक (सीसीबी) की सुविधा बहाल होगी। लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत गुमला और लोहरदगा जिले में लंबे समय से सदर अस्पताल में क्रिटिकल मरीज बड़ी दुर्घटना के शिकार हुए लोगों की बेहतर इलाज जिले की अस्पताल में नहीं हो पा रहा था। लगभग मरीजों को राजधानी के अस्पतालों भेज दिया जाता था। कई तो दूरी तय करने के दौरान अपनों को गंवा बैठते थे। केंद्र सरकार ने लोहरदगा संसदीय क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए रांची जिले में 25809.69 लाख, गुमला में 14571.79 लाख, लोहरदगा में 8158.73 लाख, लोहरदगा संसदीय क्षेत्र में कुल 48540.22 लाख रुपये भारत सरकार द्वारा भेजे गये हैं और यह हुआ है लोकसभा सांसद सुदर्शन भगत के अथक प्रयास से। इससे असंख्य लोग लाभान्वित होंगे। लोगों के आर्थिक व समय एवं उचित उपचार ससमय मिल सकेगा। सभी मरीज रेफर नहीं किये जायेंगे। ज्ञात हो कि पूर्व में भी सांसद द्वारा दोनों जिलों के सदर अस्पतालों में कई उपकरण लगवाया गया है। इस जनकल्याण कार्य के लिए भाजपा जिला संगठन की ओर से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व क्षेत्रीय सांसद का आभार जताया गया है।

Published / 2023-04-26 20:25:46
झारखंड : सरकारी खर्च पर एसटी-एसी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के 25 बच्चे पढ़ने जायेंगे विदेश

  • मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ट्रांसनेशनल स्कॉलरशीप स्कीम  
  • कल्याण विभाग ने 30 मई तक मांगे आवेदन 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार की मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ट्रांसनेशनल स्कॉलरशिप स्कीम के तहत इस साल एसटी, एससी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के 25 बच्चों को पढ़ाई के लिए विदेश भेजा जाएगा। इसके लिए स्टूडेंट्स से आवेदन मांगे गये हैं। 30 मई तक स्टूडेंटस को आवेदन करना होगा। जिसके बाद टॉप 20 का चयन किया जायेगा और फिर उन्हें उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजा जायेगा। 

विदेश के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं 

आदिवासी कल्याण विभाग के अंतर्गत शुरू की गयी इस स्कीम के तहत राज्य के अनुसूचित जनजाति के प्रतिभावान लड़के-लड़कियां विदेशों के प्रतिष्ठित संस्थान और यूनिवर्सिटी, जैसे- आक्सफोर्ड और कैंब्रिज में उच्च शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं। 

इसके तहत यूनाईटेड किंगडम के 110 विश्विद्यालय, संस्थानों में चिन्हित विषयों में एक या दो वर्षीय मास्टर, एम फिल कोर्स के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी। इसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। 

झारखंड ऐसा करने वाला पहला राज्य  

पूरे देश में झारखंड पहला राज्य है, जहां पर इस तरह की स्कीम लायी गयी है। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं अन्य पिछड़े वर्ग के विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकते हैं। 

स्कीम के तहत कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति के 10, अनुसूचित जाति के 7, अल्पसंख्यक वर्ग के 3 तथा पिछड़ा वर्ग के अधिकतम 7 बच्चों का विदेश में उच्च शिक्षा के लिए चयन किया जायेगा।

Published / 2023-04-26 20:23:56
केंद्रीय ग्रामीण विकास सचिव ने चीफ इंजीनियर सहित रिक्त 779 पदों में नियुक्ति पर जोर

टीम एबीएन, रांची। केंद्रीय ग्रामीण विकास सचिव शैलेश कुमार सिंह ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि मनरेगा के रिक्त पदों पर जल्द ही नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर नियुक्ति की जाये। हर हाल में तकनीकी स्टॉफ की भर्ती करने को कहा है ताकि मनरेगा योजना का क्रियान्वयन बेहतर तरीके से हो सके। 

राज्य में मनरेगा में राज्य स्तर से जिला व प्रखंड स्तर तक 4350 स्वीकृत पद हैं जिनमें 3571 पद पर कर्मी कार्यरत हैं। वहीं, 779 पद अभी रिक्त है। मनरेगा के काम में राज्यस्तर पर चीफ इंजीनियर, अधीक्षण अभियंता की बहाली करने को कहा गया है। 

हालांकि, झारखंड में ये दोनों पद अभी तक सृजित नहीं हैं, ऐसे में पद सृजित कर नियुक्ति करने को कहा है। वहीं, राज्य स्तर पर कार्यपालक अभियंता का पद सृजित है पर इंजीनियरकी नियुक्ति नहीं हुई है। 

जिला स्तर पर कार्यपालक,सहायक व कनीय अभियंता का पद ही स्वीकृत नहीं हुआ है। ऐसे में इन तीनों लेबल में पद सृजित कर नियुक्ति करने को कहा गया है। प्रखंड स्तर पर कनीय अभियंता और सहायक अभियंता के पद सृजित हैं, पर यहां भी रिक्तियां हैं।

पद रिक्त होने की वजह से मनरेगा का काम प्रभावित हो रहा है, योजनाओं का निरीक्षण, मापी इत्यादि में परेशानी हो रही है। ऐसे में अभी 779 पद रिक्त हैं वहीं, नये पद सृजित किए गये तो इसकी संख्या और बढ़ेगी। अधिकारियों के अनुसार ग्रामीण विकास विभाग जल्द ही संविदा पर तकनीकी स्टॉफ की नियुक्ति प्रारंभ करने की दिशा में काम कर रहा है।

Published / 2023-04-26 20:23:06
झारखंड : मुख्य सचिव का निर्देश, तय समय पर कार्यालय पहुंचें कर्मचारी

टीम एबीएन, रांची। मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने सचिवालय सहित सभी सरकारी कर्मियों को निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचने का निर्देश दिया है। सभी विभागों को पत्र लिखा है। बायोमैट्रिक हाजिरी भी नियमित लगाने को कहा है। 

दरअसल, कई माध्यमों से यह शिकायत आ रही थी कि कई कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं जिस वजह से कामकाज प्रभावित हो रहा है। कोविड 19 के चलते राज्य में तीन सालों से मैनुअल हाजिरी ही चल रही थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के रिपोर्ट के बाद 1 अप्रैल 2023 से बायोमेट्रिक हाजिरी को अनिवार्य किया गया। 

सरकारी कार्यालयों में 10 से शाम छह बजे तक कार्य दिवस है। वहीं, बीच में लंच आवर भी है। पर अभी कई दफा देखा जा रहा है कि कई कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय में नहीं आ रहे हैं, वहीं कई छह बजे से पहले ही आफिस से निकल जा रहे हैं।

Published / 2023-04-26 20:21:30
झारखंड : स्मार्ट मीटर लगाने को केंद्र से मिली 800 करोड़ की स्वीकृति

टीम एबीएन, रांची। राज्य में बिजली व्यवस्था दुरूस्त करने के लिये स्मार्ट मीटर लगाये जा रहे है। लेकिन फिलहाल सिर्फ राजधानी रांची में स्मार्ट मीटर लगाये जा रहे है। आने वाले समय में राज्य भर में स्मार्ट मीटर लगाये जायेंगे। इसके लिये केंद्र सरकार ने राज्य के लिये राशि स्वीकृति दे दी है। 

झारखंड बिजली वितरण निगम की मानें तो आने वाले एक साल में राज्य भर में स्मार्ट मीटर लगाये जाने हैं। इसके लिये 800 करोड़ रुपए खर्च होंगे। जिसकी स्वीकृति केंद्रीय उर्जा मंत्रालय ने दी है। इस राशि का इस्तेमाल स्मार्ट मीटर लगाने में किया जाना है।

केंद्र सरकार के आदेश की मानें तो राज्य में 13।41 लाख स्मार्ट मीटर लगाये जाने है। जो प्रीपेड मोड पर होंगे। जिससे बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा दी जा सकती है। वहीं, जेबीवीएनएल के रेवेन्यू लॉस को कम किया जा सकता है। 

बिजली घाटा कम करने के लिए 3200 करोड़ 

केंद्र सरकार के आदेश अनुसार बिजली घाटा कम करने के लिये भी निगम को राशि स्वीकृति दी गयी है। जो कुल 3200 करोड़ रुपए है। इस राशि से जेबीवीएनएल को बिजली संसाधनों को बेहतर करना और बिजली घाटा कम करना है। 

आरडीएसएस रिवैम्प डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत राज्य में संसाधनों के विकास, बिजली घाटा कम करने, प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने पर काम किया जायेगा। स्कीम के तहत सभी 24 जिलों में बिजली के संसाधनों का विकास किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहरी क्षेत्रों में बिजली का बेहतर नेटवर्क स्थापित किया जायेगा। जेबीवीएनएल की ओर से इसके लिये टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। 

रांची में लग रहा स्मार्ट मीटर 

फिलहाल राजधानी रांची में स्मार्ट मीटर लगाया जा रहा है। वहीं, जमशेदपुर, धनबाद में भी स्मार्ट मीटर लगाये जाने की प्रक्रिया चल रही है। राजधानी रांची में स्मार्ट मीटर रिप्लेस किया जा रहा है। यहां जिन उपभोक्ताओं को नया कनेक्शन में ही स्मार्ट मीटर दिया गया है। 

उनका मीटर प्रीपेड मोड पर काम कर रहा है। योजना अनुसार राजधानी रांची में साढ़े तीन लाख स्मार्ट मीटर लगाये जानें है। यहां प्राथमिकता के आधार पर पुराने और खराब मीटर को पहले रिप्लेस किया जा रहा है।

Published / 2023-04-26 16:08:33
झारखंड : 14 जिलों में 217.60 करोड़ की लागत से बनेंगे 15 अस्पताल

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के 14 जिलों में 15 जगहों पर हेल्थ सेंटर, डिस्ट्रीक अर्ली इंटरवेंशन सेंटर, नर्सिंग कॉलेज और क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल बनाये जायेंगे। इन भवनों को बनाने में राज्य सरकार करीब 217 करोड़ 60 लाख रुपये खर्च करेगी। साहिबगंज के उधवा ब्लॉक, गोड्डा के बसंतराय और लातेहार के बालूमाथ में कम्यनिटी हेल्थ सेंटर का निर्माण कराया जायेगा। वहीं लोहरदगा, कोडरमा, गुमला और साहिबगंज में डिस्ट्रीक अर्ली इंटरवेंशन सेंटर बनाया जायेगा। चांडिल के सब डिविजनल हॉस्पिटल का रिडेवलपमेंट किया जायेगा। पलामू, दुमका और हजारीबाग में बीएससी नर्सिंग कॉलेज और हॉस्टल का निर्माण होगा। गिरिडीह के सरिया बलॉक में और गढ़वा के सदर अस्पताल कैंपस में 50 बेड का सब डिविजनल हॉस्पिटल बनेगा। जमशेदपुर में धनवंतरी आयुष हॉस्पिटल और बोकारो में 50 बेड का क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल बनाया जायेगा। 9 से 18 महीने में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य झारखंड राज्य बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड के जरिये इन भवनों का निर्माण कराया जायेगा। 9 से 18 महीने के भीतर भवन निर्माण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसको लेकर कॉरपोरेशन ने इ-प्रोक्योरमेंट नोटिस जारी कर दिया है। 4 मई को टेंडर पब्लिश होगा। 24 मई शाम 5 बजे तक टेंडर पेपर्स लिए जायेंगे। वहीं 26 मई को बीड खोला जायेगा। झारखंड के 14 जिलों में 15 जगहों पर हेल्थ सेंटर, डिस्ट्रीक अर्ली इंटरवेंशन सेंटर, नर्सिंग कॉलेज और क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल बनाये जायेंगे। इन भवनों को बनाने में राज्य सरकार करीब 217 करोड़ 60 लाख रुपये खर्च करेगी। साहिबगंज के उधवा ब्लॉक, गोड्डा के बसंतराय और लातेहार के बालूमाथ में कम्यनिटी हेल्थ सेंटर का निर्माण कराया जायेगा। वहीं लोहरदगा, कोडरमा, गुमला और साहिबगंज में डिस्ट्रीक अर्ली इंटरवेंशन सेंटर बनाया जायेगा। चांडिल के सब डिविजनल हॉस्पिटल का रिडेवलपमेंट किया जायेगा। पलामू, दुमका और हजारीबाग में बीएससी नर्सिंग कॉलेज और हॉस्टल का निर्माण होगा। गिरिडीह के सरिया बलॉक में और गढ़वा के सदर अस्पताल कैंपस में 50 बेड का सब डिविजनल हॉस्पिटल बनेगा। जमशेदपुर में धनवंतरी आयुष हॉस्पिटल और बोकारो में 50 बेड का क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल बनाया जायेगा। 9 से 18 महीने में निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य झारखंड राज्य बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड के जरिये इन भवनों का निर्माण कराया जायेगा। 9 से 18 महीने के भीतर भवन निर्माण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसको लेकर कॉरपोरेशन ने इ-प्रोक्योरमेंट नोटिस जारी कर दिया है। 4 मई को टेंडर पब्लिश होगा। 24 मई शाम 5 बजे तक टेंडर पेपर्स लिए जायेंगे। वहीं 26 मई को बीड खोला जायेगा। कहां कितने में बनेगा अस्पताल उधवा ब्लॉक (साहिबगंज)- कम्युनिटी हेल्थ सेंटर बिल्डिंग- 10,38,97,900 बसंतराय ब्लॉक (गोड्डा)- कम्युनिटी हेल्थ सेंटर बिल्डिंग- 10,38,97,900 बालूमाथ ब्लॉक (लातेहार)- कम्युनिटी हेल्थ सेंटर बिल्डिंग- 10,38,97,900 लोहरदगा- डिस्ट्रीक अर्ली इंटरवेंशन सेंटर- 3,20,48,242 कोडरमा- डिस्ट्रीक अर्ली इंटरवेंशन सेंटर- 3,20,48,242 गुमला- डिस्ट्रीक अर्ली इंटरवेंशन सेंटर- 3,20,48,242 साहिबगंज- डिस्ट्रीक अर्ली इंटरवेंशन सेंटर- 3,20,48,242 चांडिल- अनुमंडल अस्पताल का रिडेवलमेंट- 16,61,84,717 पलामू- बीएलसी नर्सिंग कॉलेज, हॉस्टल- 23,33,21,706 दुमका- बीएलसी नर्सिंग कॉलेज, हॉस्टल- 23,33,21,706 हजारीबाग- बीएलसी नर्सिंग कॉलेज, हॉस्टल- 23,33,21,706 गिरिडीह- 50 बेड का अनुमंडल अस्पताल- 22,78,46,296 गढ़वा- 50 बेड का हास्पिटल बिल्डिंग- 22,60,17,707 जमशेदपुर- आयुष धनवंतरी हॉस्पिटल- 19,00,18,341 बोकारो- 50 बेड का क्रिटकल केयर हॉस्पिटल- 22,60,17,783

Published / 2023-04-26 15:53:30
झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक कल

टीम एबीएन, रांची। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) ने सूचित किया है कि मंत्रिपरिषद की बैठक, गुरुवार, दिनांक 27 अप्रैल, 2023 को अपराह्न 4 बजे से प्रोजेक्ट भवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में होगी।

Published / 2023-04-26 12:07:44
अब अधिकारियों के भरोसे नगर निकाय चलाने की तैयारी

राज्य में शहर की तीसरी सरकार हो रही है अस्तित्वहीन टीम एबीएन, रांची। 30 अप्रैल के बाद झारखंड के सभी नगर निकायों का कार्यकाल समाप्त हो जायेगा ऐसे में राज्य में नगर निकाय का कामकाज अधिकारियों के भरोसे चलेगा। रांची नगर निकाय का कार्यकाल 27 अप्रैल को समाप्त हो रहा है, इसी तरह अन्य नगर निकायों के कार्यकाल भी इसी महीने 30 अप्रैल तक समाप्त हो जायेगा। खास बात यह है कि चुनाव नहीं होने की वजह से इसका सीधा असर कामकाज पर पड़ेगा। अब आम जनता को जनप्रतिनिधियों के बजाय अधिकारियों के भरोसे रहना पड़ेगा। बात यदि विकास कार्य की करें तो चुनाव नहीं होने की वजह से नगर निकाय क्षेत्र में 15वें वित्त आयोग के तहत झारखंड के लिए 3367 करोड़ रुपये की हुई अनुशंसा पर प्रभाव पड़ेगा। वित्तीय वर्ष 2021-26 तक राज्य को 15वें वित्त आयोग ने अलग-अलग योजनाओं के लिए राशि का प्रावधान किया है, जिसके तहत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 2370 करोड़ रुपये, स्थानीय निकायों खासकर पंचायतों के लिए 6585 करोड़ रुपये, नगर निकायों के लिए 3367 करोड़ रुपये और आपदा प्रबंधन के लिए 3138 करोड़ रुपये दिये गये हैं। ऐसे में नगर निकायों के लिए जो अनुशंसा 3367 करोड़ की हुई है उस पर प्रभाव पड़ने की संभावना है। नगर निकाय का कार्यकाल समाप्त होने को है लेकिन सरकार के द्वारा रांची सहित अन्य नगर निकायों में कामकाज कैसे चलेगा इसपर कोई निर्णय सरकार द्वारा नहीं लिया गया है। इस वजह से 30 अप्रैल के बाद शहरी क्षेत्र में तीसरी सरकार कैसे काम करेगी इस पर संशय उत्पन्न हो गया है। इधर, रांची सहित जिन नगर निकायों का कार्यकाल खत्म हो रहा है वहां के निर्वाचित पार्षद कार्यकाल बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि लाख कोशिशों के बाबजूद मुख्यमंत्री से नगर निगम के निर्वाचित जनप्रतिनिधि मिल नहीं सके। रांची नगर निगम के उपमहापौर संजीव विजयवर्गीय ने सरकार की उदासीन रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पिछड़ा वर्ग का आरक्षण निर्धारित करने के लिए सरकार को ट्रिपल टेस्ट करा कर चुनाव ससमय करा लेना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हो सका, यही वजह है कि आज नगर निगम के जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म होने के बाद जनता को भारी परेशानी का सामना करना होगा। इधर, वार्ड 35 के पार्षद झरी लिंडा का मानना है कि जब मुख्यमंत्री निर्वाचित जनप्रतिनिधि से नहीं मिलेंगे तो जनता से मिलना तो दूर की बात है। बहरहाल, नगर निगम के माध्यम से जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर कई छोटे बड़े काम आम जनता के होते हैं जो अधिकारी नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि ही करवा सकते हैं। ऐसे में सरकार यदि ससमय चुनाव करा लेती, तो यह समस्या नहीं उत्पन्न होता।

Page 178 of 350

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse