एबीएन सेंट्रल डेस्क। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि देहरादून-हरिद्वार के बीच एक्सप्रेस-वे पर वाहनों के निर्वाध संचालन तथा जंगली जानवरों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए तीन अंडरपास विकसित किये गये हैं।
श्री गडकरी ने कहा कि देहरादून से हरिद्वार के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-7 तक तीन अंडरपास बनाये गये हैं। यह इस वन्य क्षेत्र में वन्य जीव संरक्षण के मद्देनजर जंगली जानवरों के स्वच्छंद आवासों को खासकर हाथियों की आवाजाही के लिए सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराने के वास्ते तीन अंडरपास विकसित किये गये हैं।
उन्होंने कहा कि वन्य क्षेत्र में इंसानों की आवाजाही में वन्य जानवरों की जीवनचर्या प्रभावित नहीं हो इसको ध्यान में रखते हुए इन अंडरपासों का निर्माण किया गया है। इसका उद्देश्य वन्यजीवों की मुक्त आवाजाही को बढ़ावा देना और उनको सुरक्षा उपलब्ध करना है। यह पहला वन्य जीव क्षेत्र है जिस पर मानव विकास के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने और जैव विविधता के संरक्षण को प्रोत्साहित करने के विशेष उपाय किये गये हैं।
गौरतलब है कि इस एक्सप्रेस-वे पर एशिया का सबसे लंबा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर बन रहा है। इस कॉरिडोर के बनने से जंगली जानवरों और इंसानों का आमना-सामना नहीं होगा क्योंकि कॉरिडोर के ऊपर से वाहन दौड़ेंगे नीचे से हाथी तथा अन्य जंगली जानवर आसानी से आवाजाही कर सकेंगे। इस एक्सप्रेस-वे पर कुल छह अंडरपास बनाये जायेंगे।
टीम एबीएन, रांची। स्वास्थ्य विभाग की ओर से हमें भोजन चाहिए तंबाकू नहीं, थीम पर राज्यभर में तंबाकू निषेध कार्यक्रम चल रहा है। यह विशेष अभियान 31 मई तक चलेगा। इस संदर्भ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक डॉ भुवनेश प्रताप सिंह ने सभी उपायुक्त एवं सिविल सर्जन को पत्र भेजा है।
इसमें कहा गया है कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस 31 मई के पहले तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, कोटपा एक्ट 2003, ई-सिगरेट एक्ट 2019 के प्रभावकारी अनुपालन एवं वैकल्पिक रोजगार के बारे में लोगों को जानकारी दी जाये।
इस कार्यक्रम के पहले चरण में सात मई तक राज्य के सभी स्कूल-कॉलेजों में तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान निर्देशिका का कड़ाई से अनुपालन, दीवार लेखन, थीम आधारित गोष्ठी, क्विज, पोस्टर मेकिंग, निबंध, शपथ आदि कार्यक्रम किये जायें। कार्ययोजना के दूसरे चरण में आठ से 15 मई तक झारखंड के सभी सार्वजनिक स्थानों, कार्यालय, संस्थान, परिसर को तंबाकू मुक्त को लेकर दिये गये आदेश का अनुपालन कराया जाये।
टीम एबीएन, रांची। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार द्वारा संचालित राज्य स्तरीय आकांक्षा कार्यक्रम में कुल नामांकित 126 मेधावी छात्र छात्राओं को उनके इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारियों में आवश्यक तकनीकी सहयोग हेतु आज दिनांक 5/5/2023 को विभाग द्वारा नि:शुल्क मोबाइल टैब का वितरण किया गया।
मुख्य अतिथि निदेशक, माध्यमिक शिक्षा झारखंड श्री सुनील कुमार के करकमलों से सभी को टैब दिये गये एवं उन्होंने सभी छात्र छात्राओं को पूरे लगन के साथ अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये अभिप्रेरित किया तथा आश्वासन दिया कि तैयारी के निमित्त उनकी हर जरूरत को सरकार ससमय पूरा करेगी।
इस अवसर पर आकांक्षा समन्वयक श्री वी के सिंह एवं अन्य फैकल्टी उपस्थित रहे। आकांक्षा नोडल पदाधिकारी सह जिला शिक्षा पदाधिकारी रांची श्री आकाश कुमार ने सभी छात्र छात्राओं को उनके बेहतर भविष्य की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
टीम एबीएन, रांची। नगर निगम 150 लोगों के खिलाफ सर्टिफिकेट केस करेगा। निगम की ओर डिफाल्टरों की सूची जारी की गयी है। जानकारी के अनुसार 2015 से 2020 तक कुछ लाभुकों की ओर से प्रथम, द्वितीय और तृतीय किस्त की राशि मिलने के बाद भी उसके अनुरूप काम नहीं किया है।
निगम ने कहा है कि जिन लाभुकों ने मिली राशि के अनुरूप काम नहीं किया है, वे जल्द से जल्द काम करवा कर निगम को लिखित जानकारी दें। नहीं तो नगर निगम उन पर सर्टिफिकेट केस करेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र ने बृहस्पतिवार को खाद्य तेल कंपनियों से कीमतें घटाने को कहा। उसने कहा कि वैश्विक कीमतों में आई गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराने के लिए खाद्य तेल की कीमतें कम की जानी चाहिए।
खाद्य तेलों के एक प्रमुख आयातक देश, भारत ने विपणन वर्ष 2021-22 (नवंबर-अक्टूबर) के दौरान 1.57 लाख करोड़ रुपये के खाद्यतेलों का आयात किया। यह मलेशिया और इंडोनेशिया से पामतेल खरीदता है जबकि सोयाबीन तेल का आयात अर्जेंटीना और ब्राजील से किया जा रहा है।
खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने यहां प्रमुख उद्योग प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक के दौरान कहा कि खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द दिया जाना चाहिए।
एक सरकारी बयान में कहा गया है कि सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन एसोसिएशन आफ इंडिया (एसईए) और इंडियन वेजिटेबल आयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईवीपीए) के प्रतिनिधि वैश्विक कीमतों में गिरावट के बीच खाद्यतेल की खुदरा कीमतों में और कमी पर चर्चा करने के लिए बैठक में मौजूद थे।
इस बीच, धारा ब्रांड के तहत खाद्य तेल बेचने वाली मदर डेयरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने अधिकतम खुदरा कीमतों में 15-20 रुपये प्रति लीटर की कमी की है और नया स्टॉक अगले सप्ताह बाजार में आ जाएगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बृहस्पतिवार को डिब्बाबंद मूंगफली तेल का खुदरा मूल्य 189.13 रुपये प्रति किलोग्राम, सरसों का तेल 150.84 रुपये प्रति किलोग्राम, वनस्पति तेल 132.62 रुपये प्रति किलोग्राम, सोयाबीन तेल 138.2 रुपये प्रति किलोग्राम, सूरजमुखी तेल 145.18 रुपये प्रति किलोग्राम और पाम तेल 110.05 रुपये प्रति किलो है।
खाद्य मंत्रालय ने कहा कि आयातित खाद्य तेलों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट का रुख है जो भारत में खाद्य तेल क्षेत्र के लिए सकारात्मक परिदृश्य उपलब्ध कराता है।
बयान में कहा गया है, उद्योग ने सूचित किया है कि पिछले दो महीनों में विभिन्न खाद्य तेलों की वैश्विक कीमतों में 200-250 डॉलर प्रति टन की गिरावट आयी है, लेकिन खुदरा बाजारों में इसका असर दिखने में समय लगेगा और खुदरा कीमतों में जल्द ही कमी आने की उम्मीद है।
खाद्य तेल संघों को सलाह दी गयी है कि वे इस मुद्दे को अपने सदस्यों के समक्ष तुरंत उठाएं और यह सुनिश्चित करें कि तत्काल प्रभाव से खाद्य तेलों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट के अनुरूप प्रत्येक तेल का एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) कम किया जाए।
इसके अलावा, खाद्य मंत्रालय ने उस कीमत को कम करने के लिए कहा है जिस पर कारोबारियों द्वारा वितरकों को खाद्य तेलों की आपूर्ति की जाती है। ब्यान में कहा गया है कि जब भी तेल कारोबारियों द्वारा वितरकों को कीमत में कमी की जाती है, तो उद्योग को उपभोक्ताओं को लाभ दिया जाना चाहिए।
इसमें कहा गया है कि कुछ कंपनियों, जिन्होंने अपनी कीमतें कम नहीं की हैं और उनकी एमआरपी अन्य ब्रांडों की तुलना में अधिक है, को भी अपनी कीमतें कम करने की सलाह दी गई है। बैठक के दौरान मूल्य आंकड़ा संग्रह और खाद्य तेलों की पैकेजिंग जैसे अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गयी।
भारत अपनी कुल खाद्य तेल जरूरतों के 50 प्रतिशत आयात करता है। नवंबर 2022 से मार्च 2023 तक खाद्य तेलों का आयात पिछले तेल विपणन वर्ष की इसी अवधि के 56,42,918 टन से बढ़कर 69,80,365 टन हो गया।
विपणन वर्ष 2021-22 में भारत का खाद्य तेल आयात खर्च 34 प्रतिशत बढ़कर 1.57 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि मात्रा के लिहाज से यह 6.85 प्रतिशत बढ़कर 140.3 लाख टन रहा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में नव उद्घाटित प्रदेश के 80 उत्कृष्ट विद्यालयों में छात्रों के नामांकन की प्रक्रिया प्रारंभ हो गयी है। यह जानकारी विभाग के ही एक अधिकारी ने दी है।
झारखंड सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दो मई को जिन 80 उत्कृष्ट विद्यालयों का शुभारंभ किया था, उन विद्यालयों में छात्रों के नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गयी है। उन्होंने बताया कि इन विद्यालयों में बच्चे पहली, छठी और नौवीं कक्षा में नामांकन ले सकेंगे।
उन्होंने बताया कि इसके लिए आवेदन जमा करने की तिथि दो से 15 मई निर्धारित है। साथ ही कहा कि नामांकन के लिए परीक्षण की तिथि 19 मई है। पहली मेधा सूची का प्रकाशन 22 मई को होगा। मेधा सूची में शामिल बच्चों के नामांकन लेने की तिथि 23 मई से आठ जून तक की निर्धारित की गयी है।
टीम एबीएन, गिरिडीह। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन गिरिडीह दौरे पर हैं। यहां पर राज्यपाल मधुबन स्थित तमिलनाडु भवन में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम लघु पंचकल्याणक तथा पांचवा वार्षिकोत्सव में शामिल होंगे। शुक्रवार को उनके आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गयी है। इसके अलावा मधुबन के लोगों में इसके लेकर काफी उत्साह है। मधुबन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल शामिल होंगे।
यहां पर लगभग 2 घंटा 10 मिनट तक रहेंगे। इसके बाद राज्यपाल मधुबन पंचायत के सिंहपुर स्थित झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी द्वारा संचालित बांस कला ट्रेनिंग सेंटर का अवलोकन करेंगे। यहां पर स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र का अवलोकन करने के बाद महिला समूह के सदस्यों संग संवाद भी करेंगे।
इस कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन मधुबन मोड़ स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण करते हुए बच्चों संग संवाद करेंगे। राज्यपाल के दौरे को लेकर सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यह कार्यक्रम नक्सलियों के प्रभाव वाले इलाके में हैं। ऐसे में सुरक्षा में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जा रही है।
गिरिडीह शहर से लेकर डुमरी मोड़ तक सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। सभी इलाके पर नजर रखा जा रहा है। मधुबन के चारों तरफ सुरक्षा का खासा इंतजाम है। गिरिडीह में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के दौरे को लेकर डीसी नमन प्रियेश लकड़ा और जिला एसपी अमित रेणू के नेतृत्व में अधिकारी एक्टिव हैं।
दूसरी तरफ तमिलनाडु भवन के द्वारा भी अलग से इंतजाम किए गए हैं। वहीं राज्यपाल के आगमन को लेकर मधुबन के लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कस्तूरबा स्कूल की बच्चियों, सिंहपुर के बच्चों के अलावा बांस कला से जुड़ी महिलाएं राज्यपाल के आने से काफी उत्साहित हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) की ईपीएस-95 पेंशन योजना में शामिल कर्मचारियों को उच्च वेतन पर पेंशन देने के संबंध में अधिसूचनाएं जारी कर दी है।
मंत्रालय ने बुधवार देर रात यहां जारी दो अधिसूचनाओं में बताया कि ये अधिसूचनाएं उच्चतम न्यायालय के चार नवंबर 2022 के निर्णय के अनुरूप जारी की गयी हैं। एक अधिसूचना में कहा गया है कि उच्च वेतन पर पेंशन का आवेदन करने की अंतिम तिथि 26 जून 2023 होगी। इससे कर्मचारियों और नियोक्ताओं को उच्च वेतन पर पेंशन का आवेदन करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। इससे पहले यह तिथि 03 मई 2023 घोषित की गयी थी।
एक अन्य अधिसूचना में कहा गया है कि ईपीएफ और एमपी अधिनियम और सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 को ध्यान में रखते हुए भविष्य निधि में नियोक्ताओं के योगदान के कुल 12 प्रतिशत में से ही 1.16 प्रतिशत अतिरिक्त योगदान लेने का निर्णय लिया गया है। यह प्रावधान उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरुप है।
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