एबीएन न्यूज नेटवर्क, सरायकेला- खरसावां। महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से आगामी 18 जुलाई, 2023 को सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त अरवा राजकमल को नयी दिल्ली के विज्ञान भवन में सम्मानित किया जायेगा। इसके लिए उपायुक्त को आमंत्रित किया गया है।
यह सम्मान भू-अभिलेखों का बेहतर ढंग से डिजटलाइजेशन और मॉडर्नाइजेशन करने पर दिया जा रहा है। महामहिम द्वारा यह सम्मान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, स्वामित्व योजना, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री भू-अधिकार आवासीय योजना के बेहतर प्रदर्शन के लिए दिया जायेगा।
मालूम हो कि भू-अभिलेखों का बेहतर ढंग से डिजटलाइजेशन और मॉडर्नाइजेशन करने पर झारखंड के नौ जिलों के उपायुक्त को सम्मानित किया जाना है, जिसमें सरायकेला-खरसावां जिला भी शामिल है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और उनकी पत्नी जिल बाइडन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए व्हाइट हाउस में राजकीय डिनर का आयोजन किया था। जो बाइडन और उनकी पत्नी जिल ने खुद पीएम मोदी का स्वागत किया।
मोदी को दिये गये राजकीय डिनर में उद्योगपति मुकेश अंबानी, आनंद महिंद्रा और भारतीय मूल के सीईओ सुंदर पिचाई भी व्हाइट हाउस में शामिल हुए। इस दौरान जो बाइडेन ने कहा कि हमें भारत के साथ रिश्ते को और आगे ले जाना है। पीएम के साथ शानदार समय बिताया है। दोनों देशों के लोग साझेदारी को नयी ताकत देते हैं।
पीएम मोदी ने भी स्टेट डिनर के लिए जो बाइडन को धन्यवाद दिय। पीएम मोदी ने कहा- आपने अपने घर के दरवाजे मेरे लिए खोले, स्पेशल गेस्ट के लिए, मैंने देखा है कि मेहमाननवाजी से प्रभावित होकर कई बार लोग गाना भी गाने लगते हैं, काश! मुझमें भी गाने की कला होती तो मैं भी गाना सुनाता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए व्हाइट हाउस में रखे गये स्टेट डिनर में राष्ट्रपति जो बाइडन, मुकेश अंबानी, नीता अंबानी, अरिंदम बागची, आनंद महिंद्रा, डॉ दीपक मित्तल, सत्या नडेला, अनु नडेला, इंद्रा नूयी, राज नूई, आनंद महिंद्रा के नाम शामिल हैं।
स्टेट डिनर के मेन्यू में मैरिनेटेड मिलेट, ग्रिल्ड कोर्न कर्नेल सैलेड, कॉम्प्रेस्ड वॉटरमेलन और टैंगी एवेकैडो सॉस शामिल हैं, जबकि मेन कोर्स में स्टफ्ड पोर्टोबेलो मशरूम, क्रीमी सैफरन इन्फ्यूज रिसोटो को शामिल किया गया है, इसके अलावा सुमैक रोस्टेड सी-बास, लेमन योगर्ट सॉस, क्रिस्प्ड मिलेट केक और समर स्क्वैश को शामिल किया गया।
टीम एबीएन, रांची। रांची में कांटा टोली में फ्लाईओवर निर्माण को लेकर लेकर शुक्रवार से कांटा टोली चौक से लेकर बहु बाजार तक शुक्रवार से सभी प्रकार के वाहनों के परिचालन पर रोक लगा दी गयी है। रात दस बजे से अगले दिन सुबह छह बजे तक बस, ट्रक समेत अन्य प्रकार के वाहन इस मार्ग में नहीं चलेंगी। यह व्यवस्था दिसंबर तक रहने की उम्मीद है। इस संबंध में ट्रैफिक एसपी हारिश बिन जमा ने आदेश जारी किया है।
ट्रैफिक एसपी हारिश बिन जमा की ओर से जारी आदेश के अनुसार कांटा टोली फ्लाईओवर के लिए खड़े किये गये पीलर में लांचिग ग्रीडर का कार्य कोकर शांति नगर से शुक्रवार रात से शुरू किया जायेगा। बताया जा रहा है कि लॉन्चिंग ग्रीडर का कार्य कांटा टोली चौक तक दो से तीन महीने में पूरा कर लिया जायेगा। इसके बाद कांटा टोली चौक से बहु बाजार मार्ग में यह काम चलेगा।
संभावना व्यक्त की जा रही है ठेका लेने वाली कंपनी दिसंबर तक यह काम पूरा लेगी। इसके बाद यातायात व्यवस्था सामान्य कर दिया जायेगा। बता दें कि इस संबंध में जुडको ने डीसी, नगर आयुक्त, एसएसपी और ट्रैफिक एसपी को पत्र लिखकर यातायात व्यवस्था में कांटाटोली में बंद करने का अनुरोध किया गया था।
ऐसी होगी रांची की ट्रैफिक व्यवस्था
खेलगांव से कांटा टोली होकर आवागनम करने वाले सभी वाहन खेलगांव, टाटीसिलवे, दुर्गा सोरेन चौक, नामकुम होते हुए गंतव्य तक जायेंगे। दुर्गा सोरेन चौक से कांटा टोली होकर जाने वाले सभी वाहन टाटीसिलवे, खेलगांव होकर अपने गंतव्य तक जायेंगे। दुर्गा सोरेन चौक से खादगढ़ा बस स्टैंड तक आने-जाने बसों को सिर्फ खादगढ़ा बस स्टैंड के निकास द्वार से प्रवेश करने की छूट रहेगी।
टीम एबीएन, नयी दिल्ली। पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा कई मायनों में निर्णायक साबित हुई है। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक डील हुई है। इन दो देशों के बीच जीइ-एफ 14 इंजन को लेकर ऐतिहासिक समझौता हुआ है और इसे मील का पत्थर माना जा रहा है। इस डील के बाद भारतीय वायुसेना की ताकत कई गुना बढ़ जायेगी।
भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के इंजन का उत्पादन अब भारत में ही होगा। इसके लिए अमेरिकी कंपनी जीइ एरोस्पेस ने हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ समझौता किया है। मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार भारत में लड़ाकू विमानों के इंजन के संयुक्त उत्पादन के लिए गुरुवार को जीइ एरोस्पेस ने हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किये।
रूस, ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस ये दुनिया के वो देश हैं जिनके पास लड़ाकू विमानों में खास तरह के इंजन को बनाने की महारत हासिल है। अमेरिका और भारत के बीच एक ऐसी डील हुई है जिसके बाद भारत के पास खास भी ऐसे घातक जेट इंजन होंगे। इस डील के बाद भारतीय वायु सेना की ताकत आने वाले वक्त में कई गुना बढ़ जाएगी।
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार भारत में लड़ाकू विमानों के इंजन के संयुक्त उत्पादन के लिए गुरुवार को जीइ एरोस्पेस ने हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किये। अब दोनों मिल कर भारतीय वायु सेना के हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए)-एमके-2 तेजस के जेट इंजन के संयुक्त उत्पादन के लिए समझौता किया।
इस डील के बाद भारतीय वायु सेना की ताकत आने वाले वक्त में कई गुना बढ़ जायेगा। यह डील भारत के लिए कितनी फायदेमंद है और इस डील के बाद चीन और पाकिस्तान टेंशन में हैं। भारत और एचएएल के साथ गठजोड़ के कारण यह संभव हुआ है। यह समझौता महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि भारत अभी तक रूस और यूरोपीय गठजोड़ से सैन्य जेट प्राप्त करता रहा है।
क्या है इसकी खासियत
जीइ-एफ 14 मिलिट्री एयरक्राफ्ट इंजन का हिस्सा है। अमेरिका में इसका 30 सालों से इस्तेमाल हो रहा है। जनरल इलेक्ट्रिक एयरोस्पेस की ओर से दी गयी जानकारी के मुताबिक कंपनी अब तक 1600 से अधिक इंजन को डिलीवर कर चुकी है। इसमें फुल अथाॉरिटी डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल सिस्टम लगा हुआ है। साथ ही लेटेस्ट एयरक्राफ्ट इग्नीशन सिस्टम भी लगा है।
यह इंजन को काफी पावरफुल बनाता है। दूसरे इंजन के मुकाबले अधिक चलता है। भारत ने क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन बनाने में आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है लेकिन इस तरह की टेक्नोलॉजी नहीं है। जिन देशों के पास इसे बनाने की तकनीक है वह इसे दूसरे देशों के साथ शेयर नहीं करते। ऐसे में यह भारत और अमेरिका के बीच यह डील काफी महत्वपूर्ण है।
इस डील के बाद भारतीय वायु सेना के पास अधिक समय तक चलने वाले जेट इंजन होंगे। भारत अभी तक रूस से जो जेट इंजन लेता है उसमें जल्द ओवरहाल की जरूरत होती है। वहीं जेट इंजन को कई हजार घंटो के बाद ओवरहाल की जरूरत पड़ेगी। डिफेंस एक्सपर्ट का कहना है कि जीई इंजन हल्के और अधिक शक्तिशाली हैं।
एमओयू के बारे में घोषणा गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय वार्ता से पहले हुई। जीई के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी और जीई एयरोस्पेस के सीईओ एच लॉरेंस कल्प जूनियर ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक समझौता है जो भारत और एचएएल के साथ हमारी दीर्घकालिक साझेदारी से संभव हुआ है।
उन्होंने कहा कि हमें राष्ट्रपति बिडेन और प्रधान मंत्री मोदी के दोनों देशों के बीच घनिष्ठ समन्वय के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाने पर गर्व है।
मोदी ने वाइडेन को झारखंड का हाथ से बना तसर कपड़ा उपहार दिया
पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे के दूसरे दिन उन्होंने राष्ट्रपति वाइडेन और फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन के साथ एक कार्यक्रम में शिरकत की। इसके बाद मोदी व्हाइट हाउस पहुंचे, जहां राष्ट्रपति जो बाइडेन ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने राष्ट्रपति जो बाइडेन को भारत की कुछ खास चीजें भेंट की हैं। इसमें पीएम मोदी ने झारखंड से प्राप्त हाथ से बुना हुआ बनावट वाला तसर रेशम का कपड़ा उपहार स्वरूप सौंपा।
साथ ही जो बाइडेन ने भी पीएम मोदी को कुछ उपहार दिये। मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति झारखंड के तसर के अलावा पंजाब का घी, राजस्थान का हाथ से बनाया हुआ 24 कैरेट हॉलमार्क वाला सोने का सिक्का, उत्तराखंड का चावल, गुजरात का नमक, महाराष्ट्र का गुड़, तमिलनाडु का तिल, कर्नाटक के मैसूर का चंदन का टुकड़ा, पश्चिम बंगाल के कुशल कारीगरों द्वारा हस्तनिर्मित चांदी का नारियल और भगवान गणेश की मूर्ति के साथ दीपक गिफ्ट किया है।
पीएम मोदी ने फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन को 7.5 कैरेट का हरा हीरा गिफ्ट किया है। उन्होंने ट्वीट कर बताया कि कौशल विकास से जुड़े एक कार्यक्रम में फर्स्ट लेडी के साथ शामिल होना सम्मान की बात है। हमारे लिए कौशल विकास शीर्ष प्राथमिकता है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि नयी पीढ़ी को रोजगार देना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। अब तक हजारों युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया जा चुका है। नियुक्तियों का जो सिलसिला शुरू हुआ है, वह लगातार जारी रहेगा।
सीएम श्री सोरेन ने गुरुवार को मोरहाबादी मैदान में आयोजित नियुक्ति वितरण समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने 2550 पंचायत सचिवों को मिला नियुक्ति पत्र सौंपा। नियक्ति पत्र पा कर अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे। समारोह में श्री सोरेन ने घोषणा की कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त करने के लिए हर साल मॉडल पंचायत बनाने वाले 5 पंचायत सचिवों को परिवार के साथ विदेश भ्रमण सरकार अपने खर्च पर करायेगी।
सीएम ने केंद्र को कोसा
सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार की निजीकरण नीति की वजह से जो रोग लगा है, वह भयावह है। केंद्र की नीति के कारण महंगाई लगातार बढ़ रही है। आम लोग इसमें पिस रहे हैं। गलत नीतियों के कारण नौकरी देनेवाली केंद्रीय संस्थाएं सिकुड़ती जा रही हैं। ऐसी स्थिति में हमने सरकारी नौकरी देने का काम किया है, जिसमें ओल्ड पेंशन स्कीम के तहत पेंशन भी मिलेगा।
विरोधियों पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि जब कभी भी नियुक्ति शुरू की जाती है तो जानबूझकर अड़ंगा लगाया जाता है। अभी तो शुरूआत है आगे कई बहाली जेपीएससी, जेएसएससी के माध्यम से आने वाला समय में होगी।
आप ऐसा काम करें, देश में आपके पंचायत का नाम हो
नियुक्ति पत्र पानेवालों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा, सरकार के अंग के रूप में आपके जुड़ने से व्यवस्था मजबूत होगी। आप पंचायत के सिर्फ सचिव ही नहीं बल्कि उसके बीडीओ, सीओ, डीसी-एसपी सब हैं। विकास योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और सरकारी कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता तथा प्रभावशीलता बढ़ेगी।
आप ऐसा कार्य करें कि आपकी पंचायत पूरे राज्य और देश के लिए मिसाल बन सके। पंचायती राज विभाग में 1633 पंचायत सचिव, राजस्व निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग में 707, वित्त विभाग में 166 एवं खाद्य आपूर्ति विभाग में 44 निम्नवर्गीय लिपिक योगदान करेंगें।
आपकी मदद से ही सरकार भी सफल होगी
सीएम ने कहा कि आपकी नियुक्ति सरकार को ऊर्जा देती है। ऐसे में सरकार जिस मकसद के साथ कार्य करना चाहती है, उसमें आपका सहयोग बेहद जरूरी है। आपको जो जिम्मेदारी दी जा रही है, उसे पूरी ईमानदारी के साथ निभायें। राज्य को गरीबी, अशिक्षा और पिछड़ेपन के कुचक्र से बाहर निकालने का काम करें।
उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात और अनेकों चुनौतियों के बाद भी नयी पीढ़ी को रोजगार देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी कड़ी में बड़े पैमाने पर सरकारी विभागों में नियुक्तियां हो रही हैं, तो निजी क्षेत्र में भी हजारों युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के माध्यम से व्यवसाय करने के इच्छुक युवाओं को सरकार के द्वारा अनुदान आधारित ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।
नियुक्तियो का सिलसिला जारी रहेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। नियुक्तियों का जो सिलसिला शुरू हुआ है, वह लगातार जारी रहेगा। आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर शिक्षक, पुलिस और सरकारी विभागों में खाली पड़े अन्य पदों पर नियुक्तियां होंगी। अब तक हजारों युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया जा चुका है। इनमें इंजीनियर, डॉक्टर, पशु चिकित्सक, आयुष चिकित्सक, कृषि पदाधिकारी, खेल पदाधिकारी, शिक्षक, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और नर्सेज समेत कई पदों पर बड़े पैमाने पर नियुक्तियां शामिल है।
उन्होंने कहा कि सबसे खास बात है कि आज किसान, मजदूर और गरीब तबके के युवाओं का अधिकारी बनने का सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड देश का एक ऐसा राज्य है, जो हर व्यक्ति को सामाजिक सुरक्षा देने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ना सिर्फ सरकारी कर्मियों की पुरानी पेंशन योजना को लागू करने जा सरकार ने ऐतिहासिक काम किया है।
समारोह के दौरान वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री आलमगीर आलम, श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक राजेश कच्छप, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, विभागीय सचिव अमिताभ कौशल भी मौजूद रहे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। दुनिया में चार देश हैं जहां पर फाइटर जेट्स के इंजन बनते हैं। इन देशों में- अमेरिका, रूस, इंग्लैंड और फ्रांस हैं। यानि दुनिया के जितने भी देशों में फाइटर जेट उड़ रहे हैं, उनमें इन्हीं देशों में बने इंजन लगे हैं। जेट का इंजन बनाने की सुविधा भारत में भी हो सकती है।
अगर अमेरिकी कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे के बीच अपना प्लांट भारत में लगाने का डील कर लेती है। जीई कंपनी अपना प्लांट या इंजन बनाने का काम हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को लाइसेंस के तहत दे सकता है। टेक्नोलॉजी और डिजाइन शेयर कर सकता है, तकनीक सिखा सकता है, ताकि भारत में आसानी से इंजन का निर्माण हो सके।
अमेरिकी नौसेना अपने फाइटर जेट्स में इस इंजन का इस्तेमाल 30 सालों से कर रही है। जीई एयरोस्पेस की वेबसाइट के अनुसार अब तक 1600 से ज्यादा एफ414 इंजन डिलीवर हो चुके हैं। ये इंजन जिन विमानों में लगे हैं, उन्होंने 50 लाख से ज्यादा घंटों की उड़ान कर रखी है। नयी तकनीकों वाले कूलिंग सिस्टम से इंजन की क्षमता और उम्र भी बढ़ जाती है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान शीर्ष अधिकारी रहीं लिसा कर्टिस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका की आधिकारिक राजकीय यात्रा भारत-अमेरिका साझेदारी की मजबूती और लचीलेपन को दर्शाती है।
सेंटर फॉर ए न्यू अमेरिकन सिक्योरिटी (सीएनएएस) थिंक टैंक में हिंद-प्रशांत सुरक्षा कार्यक्रम की सीनियर फेलो और निदेशक कर्टिस ने कहा कि यह यात्रा इस बात को भी रेखांकित करती है कि बाइडन प्रशासन क्षेत्र में चीन के उदय को चुनौती देने में नई दिल्ली की भूमिका को कितना महत्व देता है।
कर्टिस ने 2017 से 2020 तक दक्षिण एशिया के लिए ट्रंप प्रशासन के प्रमुख रणनीतिकार के रूप में कार्य किया। प्रधानमंत्री मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम महिला जिल बाइडन के निमंत्रण पर 21 से 24 जून तक अमेरिका की यात्रा पर हैं। कर्टिस ने कहा कि रक्षा मोर्चे पर वाशिंगटन, भारत के साथ जेट इंजनों के सह-उत्पादन के लिए एक सौदे की संभवत: घोषणा करेगा जो कि एक महत्वपूर्ण पहल है।
यह सुरक्षा साझेदारी में विश्वास का निर्माण करेगी और भारत की रक्षा उत्पादन क्षमताओं में बदलाव का प्रतीक होगी। उन्होंने कहा कि भारत आखिरकार अमेरिकी निर्माता जनरल एटॉमिक्स से उन्नत एमक्यू-9बी सशस्त्र ड्रोन खरीदने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर कर सकता है।
कर्टिस ने कहा कि एमक्यू-9बी चीन के खिलाफ भारत की रक्षा प्रणाली को मजबूती प्रदान करेगा और उसे अपनी विवादित सीमा पर चीनी सैनिकों की गतिविधियों की निगरानी करने तथा हिंद महासागर में चीनी समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अपनी नौसैनिक निगरानी क्षमताओं में सुधार करने में मदद करेगा।
टीम एबीएन, रांची। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (समन्वय) ने सूचित किया है कि मंत्रिपरिषद् की बैठक रांची में सोमवार दिनांक 26 जून, 2023 को अपराह्न 4 बजे से झारखंड मंत्रालय (प्रोजेक्ट भवन) स्थित मंत्रिपरिषद् कक्ष में होगी।
टीम एबीएन, रांची। मोरहाबादी मैदान, रांची में आयोजित 2550 पद हेतु नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में पंचायत सचिव और राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग, वित्त विभाग तथा खाद्य आपूर्ति विभाग में विभिन्न पदों के लिए चयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने नियुक्ति पत्र प्रदान किया।
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