एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत जी-20 समिट के अध्यक्ष के रूप में पूरी दुनिया से विश्वास की कमी को एक-दूसरे पर भरोसे में तब्दील करने की अपील करता है। शनिवार को पीएम मोदी के स्वागत भाषण के साथ जी-20 शिखर सम्मेलन की शुरुआत हुई।
पीएम मोदी ने कहा कि मैं आप सभी के समर्थन से अफ्रीकी संघ को जी-20 में शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूं। पीएम मोदी ने जी-20 शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए देश का नाम लेते समय भारत शब्द का इस्तेमाल किया।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत जी-20 के अध्यक्ष के रूप में पूरी दुनिया से विश्वास की कमी को एक-दूसरे पर भरोसे में तब्दील करने की अपील करता है, हम ऐसे दौर में जी रहे हैं, जब सदियों पुरानी समस्याएं जवाब मांग रही हैं, हमें मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास की अवधारणा दुनिया का मार्गदर्शन कर सकती है, अब समय आ गया है कि वैश्विक भलाई के लिए हम सब साथ मिलकर चलें।
कोरोना महामारी के बाद दुनिया विश्वास की कमी से जूझ रही है तथा युद्ध ने इसे और गहरा कर दिया है। अगर हम कोविड-19 को हरा सकते हैं, तो हम युद्ध के कारण पैदा हुई विश्वास की कमी को भी दूर कर सकते हैं। यह भारत में लोगों का जी-20 बन गया है, 60 से अधिक शहरों में 200 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किये गये।
भारत की जी-20 अध्यक्षता देश के अंदर और बाहर, दोनों जगह समावेश का प्रतीक बन गयी है। अफ्रीकी देश में आये भीषण भूकंप का जिक्र करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरी दुनिया मोरक्को के साथ है, हम हर संभव मदद करने को तैयार हैं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल हो, उत्तर दक्षिण का विभाजन को, पूर्व एवं पश्चिम की दूरी हो, खाद्दा, ईंधन एवं उर्वरक का प्रबंधन हो, आतंकवाद एवं साइबर सुरक्षा हो, स्वास्थ्य, उर्जा एवं जल सुरक्षा को! वर्तमान के साथ ही, आने वाली पीढ़ियों के लिए, हमें इन चुनौतियों के ठोस समाधान की तरफ बढ़ना ही होगा।
इस समय जिस स्थान पर हम एकत्रित हैं, यहां से कुछ ही किलोमीटर के फासले पर लगभग ढाई हजार साल पुराना एक स्तंभ लगा हुआ है। है। इस स्तंभ पर प्राकृत भाषा में लिखा है- हेवम लोकसा हितमुखे ति, अथ इयम नातिसु हेवम अर्थात, मानवता का कल्याण और सुख सदैव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ढाई हजार साल पहले, भारत की भूमि ने, यह संदेश पूरे विश्व को दिया था। आइये, इस संदेश को याद कर, इस जी-20 शिखर सम्मेलन का हम आरंभ करें।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोविड-19 के बाद विश्व में एक बहुत बड़ा संकट विश्वास के आभाव का आया है। युद्ध ने इसको और गहरा किया है।
जब हम कोविड को हरा सकते हैं तो हम आपसी विश्वास में आये इस संकट पर भी विजय प्राप्त कर सकते हैं। यह हम सबका साथ चलने का समय है इसलिए सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का मंत्र हम सबके लिए पथ प्रदर्शक बन सकता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल हो, उत्तर और दक्षिण में डिवाइड हो, पूर्व और पश्चिम की दूरी हो, भोजन, ईंधन और उर्वरक का प्रबंधन हो, आतंकवाद साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा या जल सुरक्षा, हमें भावी पीढ़ियों के लिए इसका ठोस समाधान ढूंढना होगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को जी-20 शिखर सम्मेलन 2023 का आयोजन होने जा रहा है। यह भारत के लिए बहुत बड़ा मौका है। जी-20 समूह में शामिल देशों के राष्ट्राध्यक्ष, यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि और नौ मेहमान देशों के प्रतिनिधि सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचने लगे हैं।
दिल्ली एनसीआर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। एयरपोर्ट से लेकर होटल और कार्यक्रम स्थल भारत मंडपम तक हर रास्ते, चौराहों को जी-20 की थीम में रंग दिया गया है। इस बीच सवाल ये है कि जी-20 की तैयारियों के लिए कितना खर्च किया गया है? इस खर्चे का वहन किसने किया है? आखिर इतना खर्चा करने के पीछे उद्देश्य क्या होता है? आइये जानते हैं…
भारत में इस आयोजन की क्या तैयारी हुई है?
यह पहली बार है जब भारत विश्व नेताओं के इतने शक्तिशाली समूह की मेजबानी कर रहा है। भारतीय अध्यक्षता के तहत इसकी थीम वसुधैव कुटुंबकम रखी गयी है, जिसका अर्थ है विश्व एक परिवार है। आयोजन के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को दुल्हन की तरह सजाया गया है।
दिल्ली की तमाम सड़कों और चौराहों को फूलों और फव्वारों से सजाया गया है, जबकि सरकारी भवनों और फुटपाथों को नये सिरे से पेंट किया गया है। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किये गये हैं। एंटी-ड्रोन सिस्टम और 1,30,000 पुलिस और अर्ध-सैन्य कर्मियों को शहर को अचूक सुरक्षा प्रदान करने के लिए तैनात किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए राजधानी को सजाने में 4254.75 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं। खर्चों को मोटे तौर पर लगभग 12 श्रेणियों में बांटा गया था। जी-20 की तैयारियों के सबसे अहम घटकों में से सुरक्षा थी। इसके अलावा सड़कों, फुटपाथों, स्ट्रीट साइनेज और लाइटिंग व्यवस्था के रखरखाव में भी किये गये खर्च भी शामिल हैं।
बागवानी सुधार से लेकर जी-20 ब्रांडिंग तक के काम पर लगभग 75 लाख रुपये से 3,500 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च किया गया है। ये खर्चे रक्षा मंत्रालय के तहत विभागों से लेकर एनडीएमसी और एमसीडी जैसी नौ सरकारी एजेंसियों द्वारा किये गये हैं। दुनिया के 19 प्रमुख देशों और यूरोपीय संघ के प्रभावशाली समूह जी-20 की दो दिवसीय बैठक शनिवार से शुरू हो रही है।
जी-20 देशों का 18वां शिखर सम्मेलन राजधानी दिल्ली में आयोजित होना है। इसमें 19 देशों के राष्ट्र अध्यक्ष और सरकार के प्रमुख भाग लेंगे। इसके अलावा यूरोपीय संघ भी इस सम्मेलन में शिरकत करेगा। जी-20 के सदस्य देशों के अलावा नौ देशों के प्रमुख, बतौर अतिथि देश बैठक में हिस्सा लेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत की अध्यक्षता में हो रहे जी-20 का 9-10 सितंबर को शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इसके लिए वैश्विक नेताओं का भारत पहुंचना शुरू हो गया है। ऐसी चर्चाएं हैं कि अफ्रीकन यूनियन को भी जी-20 समूह में शामिल किया जा सकता है।
जब इसे लेकर यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष चार्ल्स माइकल से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह जी-20 दो दिन में ही दुनिया की सारी समस्याओं को सुलझा लेगा... लेकिन मुझे लगता है कि इस दिशा में कदम उठाये जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन दिल्ली के 7, लोक कल्याण मार्ग पर बातचीत कर रहे हैं। उनकी चर्चाओं में कई तरह के मुद्दे शामिल हैं और इससे भारत और अमेरिका के बीच संबंध और गहरे होंगे। पीएमओ ने इसकी जानकारी दी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट एक्स पर अपनी डिस्प्ले पिक्चर (डीपी) बदलकर जी-20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल भारत मंडपम् की तस्वीर लगा दी।
तस्वीर में एक चमकदार रोशनी वाला भरत मंडपम दिखायी दे रहा है, जिसमें नटराज की मूर्ति स्थापित है। मोदी ने अपनी प्रोफाइल पिक्चर भी बदली है और तिरंगे की जगह नमस्ते करते हुए अपनी तस्वीर लगाई है।
जी-20 शिखर सम्मेलन नौ और 10 सितंबर को दिल्ली में होना है। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक समेत विकासशील और विकसित देशों के अन्य नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।
टीम एबीएन, रांची। दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन को लेकर भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित डिनर में शामिल होने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कल दिल्ली जायेंगे।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने 18 आईपीएस का तबादला किया है। इसके तहत 2011 बैच के आईपीएस चंदन सिन्हा को रांची का नया एसएसपी बनाया गया है। वहीं, रांची एसएसपी कौशल किशोर को जमशेदपुर का एसएसपी बनाया गया है। इससे संबंधितअधिसूचना शुक्रवार की देर शाम जारी कर दी गयी है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, चाकुलिया। कोरोना काल से बंद हावड़ा-रांची हटिया क्रियायोगा एक्सप्रेस का ठहराव चाकुलिया में सात सितंबर से शुरू हो जायेगा। सूचना मिलने पर सांसद विद्युत वरण महतो बुधवार को चाकुलिया पहुंचे। लोग के बीच मिठाई बांटी।
मौके पर पूर्व जिला अध्यक्ष सरोज महापात्र, जिप सदस्य धारित्री महतो, रायदे हांसदा, पूर्व जिप सदस्य जगन्नाथ महतो, सुनाराम हांसदा, शतदल महतो, मोहन सोरेन, संजय दास, महेंद्र शर्मा, विनीत रुंगटा आदि उपस्थित थे।
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