एबीएन सेंट्रल डेस्क। कैबिनेट मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मंगलवार को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का कार्यभार संभाला। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि सेवा यात्रा का एक निर्णायक मोड़, एक नयी शुरुआत। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री के रूप में कार्यभार संभालते हुए उत्साह व गौरव की अनुभूति कर रही हूं।
उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को पूरा करने की दिशा में काम करेंगी। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा है कि पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने महिला सशक्तीकरण और बचपन के संरक्षण-संवर्द्धन के स्मरणीय दौर का साक्षात्कार किया है।
उनका प्रयास होगा कि प्रधानमंत्री की आकांक्षा के अनुरूप देश महिला विकास के स्थान पर वीमेन लेड डेवलेपमेंट की उपलब्धि प्राप्त करें। आइये मिलकर नारी की नेतृत्वकारी भूमिका के स्वर्णिम सफर की शुरुआत करें।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी गिरेंद्र टूटी को निलंबित किया है। राज्य सरकार ने गिरेन्द्र टूटी, झा0प्र0से0, तत्कालीन अंचल अधिकारी, गम्हरिया, सरायकेला-खरसावां, सम्प्रति-अंचल अधिकारी, कोडरमा को निलंबित किया है। इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने संकल्प जारी किया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल का आगाज हो चुका है। रविवार 9 जून को मोदी सरकार 3.0 ने शपथ ली। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कुल 72 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। राजनाथ सिंह, अमित शाह, गडकरी और शिवराज सिंह चौहान समेत कुल 30 कैबिनेट मंत्रियों ने शपथ ली।
इसके अलावा पांच राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 36 राज्य मंत्रियों को भी शपथ दिलायी गयी। शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने पदभार ग्रहण कर लिया है। जल्द ही मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी हो सकता है। आइये जानते हैं कि आखिर केंद्रीय मंत्रियों को सुविधाएं क्या मिलती हैं? इन्हें वेतन भत्ते क्या मिलते हैं?
दरअसल, संविधान के अनुच्छेद 74 और 75 में केंद्रीय मंत्रिपरिषद का प्रावधान किया गया है। अनुच्छेद 74(1) कहता है कि राष्ट्रपति की सहायता और सलाह के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिपरिषद होगा, जो अपने कार्यों के निष्पादन में राष्ट्रपति की सलाह के अनुसार कार्य करेगा। प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सलाह पर की जाती है।
मंत्रिपरिषद संसद के दोनों सदनों से ली जाती है। आमतौर पर मंत्री बनने के लिए किसी व्यक्ति को संसद के किसी सदन का सदस्य होना चाहिए। हालांकि, संविधान में संसद के बाहर से किसी व्यक्ति को मंत्री नियुक्त करने पर कोई रोक नहीं है। लेकिन ऐसा व्यक्ति छह महीने से अधिक समय तक मंत्री नहीं रह सकता, जब तक कि वह संसद के किसी सदन का सदस्य न बन जाये।
केंद्रीय मंत्रिपरिषद के वेतन एवं भत्ते मंत्री वेतन एवं भत्ते अधिनियम, 1952 द्वारा निर्धारित होते हैं। मंत्रिपरिषद के वेतन और भत्ते समय-समय पर संसद द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। एक मंत्री को वही वेतन और भत्ते मिलते हैं जो एक संसद सदस्य को मिलते हैं। इसके अलावा, मंत्री को सत्कार भत्ता (उनके पद के अनुसार), नि:शुल्क आवास, यात्रा भत्ता, चिकित्सा सुविधाएं आदि भी मिलती हैं।
हर मंत्री को उनके पूरे कार्यकाल के दौरान मासिक वेतन और रोजाना के लिए भत्ता मिलता है। हर मंत्री को संसद सदस्यों के रूप में निर्वाचन क्षेत्र भत्ता दिया जाता है। नियम के अनुसार, केंद्रीय मंत्रियों को मुफ्त रिहायाशी निवास भी मुहैया कराया जाता है। हालांकि, कार्यकाल खत्म होने के एक महीने बाद तक भी इस आवास का उपयोग का अधिकार होता है।
ऐसे आवास के रखरखाव की जिम्मेदारी मंत्री की नहीं होती है। मंत्रिपरिषद में शामिल सभी मंत्रियों को अलग-अलग दरों पर हर महीने व्यय भत्ता दिया जाता है। प्रधानमंत्री को तीन हजार रुपये, प्रत्येक अन्य मंत्री को दो हजार रुपये, राज्य मंत्री को एक हजार रुपये और उप मंत्री को छह सौ रुपये हर महीने व्यय भत्ता मिलता है।
केंद्रीय सरकार द्वारा बनाये गये नियम के तहत हर मंत्री को यात्रा और दैनिक भत्ता मिलता है। नियम के अनुसार, मंत्री और उनके परिवार के सदस्यों के लिए यात्रा भत्ता तथा मंत्री और उनके परिवार के सामान के लाने-ले जाने के लिए भी भत्ता दिया जाता है।
जब मंत्री पदभार ग्रहण करने के लिए दिल्ली से बाहर अपने निवास स्थान से दिल्ली की यात्रा करते हैं तब भी उन्हें भत्ता मिलता है। इसके अलावा, मंत्रियों के आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन में उनके द्वारा किये गये दौरों के लिए यात्रा और दैनिक भत्ता दिया जाता है। मंत्री अपनी सुविधानुसार समुद्र, भूमि या वायु मार्ग से यात्रा कर सकते हैं।
मंत्री को हर साल भारत में अकेले या पति/पत्नी या बच्चों या साथियों या रिश्तेदारों के साथ यात्रा के लिए किराया मिलता है। नियम के मुताबिक, मंत्री को जो यात्रा भत्ता मिलेगा वह प्रति वर्ष अधिकतम 48 किराये के बराबर ही होगा। कोई भी यात्रा भत्ता नकद या उसके बदले में उपलब्ध कराये गये नि:शुल्क सरकारी परिवहन में दिया जा सकता है।
मंत्री को चिकित्सा उपचार का खर्च भी मुहैया कराया जाता है। मंत्री और उनके परिवार के लोग सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में नि:शुल्क चिकित्सा उपचार करा सकते हैं। इन अस्पतालों में ठहरने की व्यवस्था भी निशुल्क होती है। मोटर कार खरीदने के लिए मंत्रियों को अग्रिम राशि भी मिलती है। ऐसा इसलिए कि मंत्री अपने कार्यालय के कर्तव्यों का सुविधाजनक और कुशलतापूर्वक निर्वहन कर सकें।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी लगातार तीसरी बार सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके साथ ही हर्ष मल्होत्रा और अजय टम्टा को सड़क परिवहन राज्यमंत्री बनाया गया है। इसके अलावा राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है। अमित शाह दूसरी बार लगातार गृह मंत्रालय का जिम्मा संभालेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मैं नरेंद्र दामोदर दास मोदी... नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार लगातार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास रच दिया है। इसके साथ उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नरेंद्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलायी।
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, सेशेल्स के उपराष्ट्रपति अहमद अफीफ, मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड और भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने समारोह का निमंत्रण स्वीकार कर लिया।
भाजपा नेता अनुराग ठाकुर ने मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने के बाद अपनी भूमिका पर कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी और उनके पूरे मंत्रिमंडल को बधाई देता हूं। ये सभी लोग... कोई नमो ऐप से जुड़ा है, कोई विकसित भारत अभियान से, किसी का प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात में जिक्र हुआ। ये सभी लोग शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने आए हैं। मंत्रिमंडल से बाहर किए जाने के बाद अपनी भूमिका पर उन्होंने कहा कि मैं पहले भी सांसद था और आज भी सांसद हूं। मैं पहले भी पार्टी का कार्यकर्ता था और पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर ही काम करता रहूंगा।
टीम एबीएन, रांची। नयी समय सारणी के अनुसार 18637 हटिया-बेंगलुरु साप्ताहिक एक्सप्रेस का प्रस्थान हटिया से 18:05 बजे होगा। 18638 बेंगलुरु-हटिया साप्ताहिक एक्सप्रेस का हटिया आगमन 11:45 बजे होगा।
22837 हटिया-एर्नाकुलम एक्सप्रेस का हटिया प्रस्थान 18:05 बजे होगा। 18616 हटिया-हावड़ा क्रिया योगा एक्सप्रेस का हटिया प्रस्थान 21:30 बजे होगा। 12874 आनंद विहार टर्मिनस-हटिया झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस का हटिया आगमन 20:00 बजे होगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लातेहार। झारखंड विधिक सेवा प्रधिकार के आदेशानुसार एवं जिला के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह के मार्गदर्शन में व्यावहार न्यायालय लातेहार में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा वाद से संबंधित वादों का निपटारा किया गया।
कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि वादों के निपटारा के लिए सबसे सुगम मार्ग है लोक अदालत है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत आपसी सुलह या बातचीत की एक प्रणाली है। यह एक ऐसा मंच है जहां अदालत में लंबित मामलों, विवादों या जो मुकदमेबाजी से पहले के चरण में हैं, उन 2 पक्षों में समझौता किया जाता है या सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटाया जाता है।
उन्होंने बताया कि लोक आदालत में कोई न्यायालय शुल्क नहीं लगता है और यदि न्यायालय शुल्क का भुगतान पहले ही कर दिया गया है, तो लोक अदालत में विवाद का निपटारा होने पर राशि वापस कर दी जाती है। उन्होंने लोक आदालत के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा वादों का निपटारा करने की अपील की।
इस विशेष लोक अदालत में न्यायाधीश संजय कुमार दूबे एवं अधिवक्ता पंकज कुमार की बेंच ने मोटर दुर्घटना से संबंधित वादों में कुल 25 लाख पच्चास हजार रुपए का सेटलमेंट किया।
मौके पर जिला विधिक सेवा प्रधिकार के सचिव शिवम चैरसिया, एसडीजेएक प्रणव कुमार, अधिवक्ता बिरसा मुंडा सहित बार एसोसिएशन लातेहार के सदस्य, व्यवहार न्यायालय के कर्मचारीगण, एलएडीसी सहायक दीपक कुमार मिश्रा, राहुल कुमार एवं पीएलवी के सदस्य मौजूद थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने युवाओं से सोशल मीडिया की शक्ति का प्रयोग करने का आह्वान करते हुये शुक्रवार को कहा कि पिछले छह दशकों में पहली बार किसी प्रधानमंत्री को तीसरा कार्यकाल मिलना ऐतिहासिक है।
श्री धनखड़ ने उप राष्ट्रपति के आवास पर राज्यसभा इंटर्नशिप कार्यक्रम के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुये कहा कि युवाओं को सोशल मीडिया की शक्ति का प्रयोग करना चाहिये और लोकतंत्र में हानिकारक प्रवृत्तियों के प्रति सतर्क रहना चाहिये। सकारात्मक विकास के लिये संसद में रचनात्मक बहस, संवाद और चर्चा की भूमिका पर जोर देते हुये श्री धनखड़ ने कहा कि यदि इन सिद्धांतों से कोई विचलन देखते हैं, तो जनमत को संगठित किया जाना चाहिये।
इस अवसर पर उप राष्ट्रपति की पत्नी डॉ सुदेश धनखड़, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश और राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी उपस्थित थे। उप राष्ट्रपति ने मौजूदा सरकार के तीसरे कार्यकाल के ऐतिहासिक महत्व को स्वीकार किया और कहा कि यह पिछले छह दशकों में अभूतपूर्व है। ऐसी उपलब्धि की दुर्लभता पर जोर देते हुये उन्होंने कहा कि 1962 के बाद यह पहली बार है कि किसी प्रधानमंत्री को तीसरा कार्यकाल मिला है।
इससे पहले देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु को लगातार तीसरा कार्यकाल मिला था। उन्होंने कहा कि भारत कोई सोया हुआ देश नहीं है, बल्कि एक गतिशील देश है, जो हर दिन और हर पल बढ़ रहा है।
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