एबीएन न्यूज नेटवर्क, देवघर/ रांची। 22 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावणी मेला को लेकर तैयारी जोर-शोर से की जा रही है। बाबा के भक्तों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसको लेकर प्रशासनिक स्तर पर कई बार बैठकें हो चुकी है। इस बैठक में श्रद्धालुओं को किसी भी चीज में अधिक पैसे न लगे इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है।
जरमुंडी एसडीओ कौशल कुमार ने जरमुंडी में धर्मशाला के साथ खाने-पीने की वस्तुओं के रेट तय कर दिये। यदि कोई भी अधिक पैसे लेता है तो कार्रवाई की जायेगी। अधिकारियों की बैठक में सभी चीजों के दामों को तय किया गया है। नाश्ता चार पुड़ी, कचौड़ी, दो जलेबी व सब्जी 50 रुपये प्रति प्लेट, चाय स्पेशल 10 रुपये प्रति कुल्हड़, समोसा बड़ा 10 तथा छोटा 5, जलेबी 120 रुपये प्रति किलो, मसाला डोसा 60 रुपये प्रति पीस, चाउमीन 40 रुपये प्रति प्लेट, स्पेशल आलू परवल गोभी की सब्जी 60 रुपये प्रति प्लेट, मारवाड़ी बासा थाली (भरपेट भोजन) 120 रुपये, उसना चावल, रोटी, भुजिया, दाल, रसदार सब्जी, पापड़ अचार के साथ 60 रुपये प्रति प्लेट, अरवा चावल, रोटी, भुजिया, दाल, सब्जी, अचार, पापड़ 60 प्रति प्लेट निर्धारित किये गये हैं। वहीं प्रसाद सामग्री पेड़ा (800 ग्राम खोआ, 200 ग्राम चीनी) 370 रुपये प्रति किलो, पेड़ा (700 ग्राम खोआ, 300 ग्राम चीनी) 300 रुपये प्रति किलो, इलायची दाना 80 रुपये प्रति किलो, चूड़ा (वर्धमान) 60 रुपये प्रति किलो, चूड़ा (स्थानीय) 50 रुपये प्रति किलो, चूड़ा (रायपुर) 60 रुपये प्रति किलो, चूड़ा (मध्य प्रदेश) 60 प्रति किलो के हिसाब से रेट तय किये गये हैं।
एसडीओ ने धर्मशाला संचालकों को सख्त निर्देश देते हुए धर्मशाला में रेट चार्ट को प्रदर्शित करने, यात्रियों के लिए बिजली, पानी, शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। होटल व्यवसायियों को कमर्शियल गैस सिलेंडर का ही प्रयोग करने को कहा गया है। घरेलू 14 किलोग्राम गैस सिलेंडर प्रयोग करते पकड़े जाने पर कानूनी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं।
उन्होंने कहा कि मेला में समय-समय पर धर्मशाला की सुपरवाइजिंग की जायेगी। निर्देश को न मानने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे। एसडीआरएफ की टीम मौजूद रहेगी। वहीं अतिरिक्त बलों को भी लगाया जायेगा, ताकि किसी प्रकार की कोई परेशानी श्रद्धालुओं को नहीं हो। सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी की जाएगी। हेल्प डेस्क भी बनाये जायेेंगे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। 7 करोड़ EPFO खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने एक बड़ा ऐलान किया है। मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि डिपॉजिट के लिए ब्याज बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है।
इस साल फरवरी में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए ब्याज दर को 8.25 प्रतिशत करने का ऐलान किया था, जिसे अब वित्त मंत्रालय की तरफ से मंजूरी मिल गयी है। EPFO ने पिछले साल की 8.15 फीसदी ब्याज दर से बढ़ाकर 2023-24 के लिए नई ब्याज दर 8.25 फीसदी कर दी है।
EPFO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए EPF सदस्य 8.25 फीसदी की ब्याज का लाभ उठाएंगे। नई दरें मई 2024 में अधिसूचित कर दी गई थी। अब कर्मचारियों को सिर्फ अपने पीएफ खाते में ब्याज क्रेडिट होने का इंतजार है। ईपीएफओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि ईपीएफ सदस्यों के लिए ब्याज दर तिमाही घोषित नहीं की जाती है।
सामान्य तौर पर, वार्षिक ब्याज दर वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद आगामी वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में घोषित की जाती है। इसलिए ईपीएफ सदस्यों के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 8.25% की ब्याज दर पहले ही भारत सरकार द्वारा अनुमोदित की जा चुकी है जो ईपीएफओ द्वारा 31-05 2024 को अधिसूचित की गयी है। इन संशोधित दरों पर ब्याज पहले से ही निवर्तमान सदस्यों को उनके अंतिम पीएफ निपटान में दिया जा रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने गेहूं की महंगाई कम करने के लिए ओपन मार्केट सेल स्कीम की घोषणा की है, जिसके तहत गेहूं का आरक्षित मूल्य 2,300 रुपए प्रति क्विंटल और चावल का 2,800 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। इस बार, सरकार ने कहा है कि ट्रांसपोर्ट लागत को आरक्षित मूल्य में जोड़ा जायेगा, जबकि पिछले साल पूरे देश में एक ही दर थी।
यह भी तय किया गया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून, कल्याणकारी योजनाओं और बफर मानदंडों के लिए जरूरी गेंहू के बाद जो अतिरिक्त मात्रा बचेगी उसी को ही इस योजना के तहत जारी किया जायेगा। ओएमएसएस नीति 31 मार्च, 2025 तक वैध रहेगी। चावल नीति 1 जुलाई से और गेहूं की नीति 1 अगस्त से शुरू हो सकती है।
खाद्य मंत्रालय ने कहा है कि स्टॉक की मात्रा और ई-नीलामी का समय स्टॉक को ध्यान में रखते हुए मंत्रालय की सलाह से भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) तय कर सकता है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य योजनाओं के तहत गेहूं की वार्षिक आवश्यकता लगभग 184 लाख टन है, जबकि 1 अप्रैल को बफर मानदंड 74.6 लाख टन है। 1 जुलाई, 2024 को एफसीआई के पास केंद्रीय पूल स्टॉक में 282.6 लाख टन गेहूं और 485 लाख टन चावल था।
रोलर फ्लोर मिलर्स लगातार इस योजना के लिए सरकार पर दबाव बना रहे थे और वो इसमें कामयाब हुए हैं। उनकी यह मांग भी सरकार ने मान ली है कि गेहूं के रिजर्व प्राइस में माल ढुलाई को भी जोड़ा जाये। इससे उनके लिए गेहूं और सस्ता पड़ेगा।
हालांकि, आईग्रेन इंडिया के राहुल चौहान ने कहा कि देश भर में एक समान दर के कारण, 2023-24 के दौरान ओएमएसएस के तहत 100 लाख टन गेहूं की रिकॉर्ड बिक्री हुई। चौहान ने कहा कि नयी नीति व्यापारियों को पहले की तरह स्वतंत्र रूप से काम करने की अनुमति देगी और उम्मीद है कि बाजार में अधिक मात्रा में गेहूं आयेगा, जिससे एफसीआई पर बोझ कम होगा।
हालांकि, कुछ विशेषज्ञ सरकार के इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं, क्योंकि पहले इसे वन नेशन वन रेट नारे के तहत उपलब्धि के रूप में दावा किया गया था और अब इसे हटाने का कोई औचित्य नहीं दिख रहा है। यह नीति एफसीआई से केंद्रीय सहकारी संगठनों जैसे कि नेफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार को 2,300 रुपये प्रति क्विंटल पर गेहूं की बिक्री की भी अनुमति देगी। केंद्र इन एजेंसियों को 275 रुपए प्रति 10 किलोग्राम बैग पर आटा बेचने के लिए मूल्य स्थिरीकरण कोष से लगभग 10 रुपये की सब्सिडी भी देता है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया, रांची में निमार्णाधीन कांटाटोली फ्लाईओवर तथा सिरमटोली से मेकॉन चौक तक बनने वाले फ्लाईओवर निर्माण कार्य के अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा की।
नियुक्ति प्रक्रियाओं में तेजी लाने का निर्देश
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वैसी सभी नियुक्तियां जो प्रक्रियाधीन हैं, उन नियुक्ति प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में मानव संसाधन का अभाव होने से विभागीय कार्यक्षमता के साथ-साथ सरकार द्वारा जनहित में संचालित योजनाओं-परियोजनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है अतएव सभी नियुक्तियां निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत पूरी कर ली जाये।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सितम्बर माह 2024 के अंत तक राज्य सरकार के विभिन्न सरकारी विभागों में लगभग 30 हजार रिक्त पदों पर नियुक्ति किए जाने का लक्ष्य है, इन नियुक्तियों को हर हाल में पूरा करने की दिशा में हमारी सरकार प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बैठक में 5 हजार पुलिस तथा 583 उत्पाद सिपाही नियुक्ति प्रक्रियाओं में भी तेजी लाने का निर्देश दिया है। बैठक में मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि 583 उत्पाद सिपाही की दौड़ प्रक्रिया जुलाई माह 2024 के अंत तक तथा 5 हजार पुलिस बहाली की दौड़ प्रक्रिया 15 अगस्त 2024 तक पूरी कर ली जायेगी।
बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सिरमटोली से मेकॉन चौक तक बनाए जा रहे निर्माणाधीन फ्लाईओवर निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करें। निर्माण कार्य में अगर कोई बाधा पहुंच रही है तो उसका जल्द समाधान निकालकर कार्य प्रगति में तेजी लायें। मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि कांटाटोली फ्लाईओवर निर्माण कार्य भी जल्द पूरा करें, अनावश्यक रूप से किसी भी प्रकार से निर्माण कार्य में विलंब न हो यह सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट सिटी रांची में ताज होटल तथा अपोलो अस्पताल का निर्माण किया जाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। स्मार्ट सिटी में ताज होटल निर्माण हेतु नगर विकास विभाग के अधिकारी ताज होटल प्रबंधन से समन्वय स्थापित कर शीघ्र कार्य योजना तैयार करें तथा अपोलो अस्पताल स्थापित किए जाने निमित्त सभी जरूरी प्रक्रिया जल्द पूरा करें।
बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने पुलिस अधिकारियों को रांची, जमशेदपुर तथा धनबाद शहर में पुलिसिंग व्यवस्थाओं में सुधार लाने तथा आधुनिक उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित किये जाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि फील्ड लेवल पुलिस पदाधिकारी अपने क्षेत्र में जनता दरबार का आयोजन अवश्य करें। पुलिस अधिकारी जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याओं को सुने तथा समस्याओं का निदान भी करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्बन तथा रूरल क्षेत्रों में पुलिस अपनी सक्रियता बढ़ायें, जिससे अपराधियों के मन में भय उत्पन्न हो।
बैठक में राज्य के मुख्य सचिव एल खियांग्ते, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव गृह विभाग वंदना दादेल, डीजीपी श्री अजय कुमार सिंह, प्रधान सचिव पथ निर्माण विभाग सुनील कुमार, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के अध्यक्ष प्रशांत कुमार, नगर विकास सचिव अरवा राजकमल, एडीजी हेडक्वार्टर आरके मल्लिक, एडीजी आॅपरेशन संजय आनंद लाटकर, आईजी रांची अखिलेश झा, वरीय पुलिस अधीक्षक रांची चंदन सिन्हा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सामाजिक सुरक्षा स्कीम अटल पेंशन योजना के तहत मिलने वाली राशि में दोगुना इजाफा हो सकता है। सरकार अटल पेंशन योजना के तहत कम से कम मिलने वाली गारंटी राशि को दोगुना कर 10 हजार कर सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार 23 जुलाई 2024 को संसद में पेश किए जाने वाले बजट में इस योजना के तहत मिलने वाली राशि को डबल करने का ऐलान कर सकती है। एक टीम इस योजना का सरकारी खजाने पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन कर रही है और बजट से पहले इस पर निर्णय लिया जा सकता है।
बता दें कि अटल पेंशन योजना को पीएम मोदी ने 9 मई 2015 को शुरू किया था। यह एक एक सामाजिक सुरक्षा योजना है और इसका मकसद नागरिकों को 60 वर्ष की आयु के बाद एक गारंटी आय उपलब्ध कराना है। राशि कितने मिलेगी यह उनके योगदान पर निर्भर करता हैं। अटल पेंशन योजना के तहत ग्राहकों के पास हर महीने 1000, 2000, 3000, 4000 और 5000 रुपये की निश्चित मासिक पेंशन राशि प्राप्त करने का विकल्प है।
यह योजना घरों में साफ-सफाई का काम करने वाले सहायकों, माली और ड्राइवरों जैसे लोगों को 60 साल यानी रिटायरमेंट की आयु के बाद सक्रिय रूप से अपना खर्च चलाने में मदद करती है। योजना के तहत अभी अधिकतम 5 हजार रुपये मिलते हैं। अटल पेंशन योजना के तहत बुजुर्गों को अभी हर महीने अधिकतम 5 हजार रुपए मिलते है और सरकार इस राशि को डबल कर 10 हजार रुपये करने की योजना बना रही है।
हर महीने मिलने वाली राशि योगदानकर्ता पर निर्भर करती है कि उसने कितना योगदान किया है। फिलहाल इस योजना के तहत हर महीने ज्यादा से ज्यादा 5 हजार रुपये ही मिल सकते है। अगर सरकार संशोधन करती है तो यह राशि डबल होकर 10 हजार रुपये हो जायेगी। वित्त मंत्रालय के अनुसार, अटल पेंशन योजना के तहत 20 जून तक कुल 66.2 करोड़ सदस्य थे और 2023-24 में 1.22 करोड़ नये रजस्ट्रिेशन हुए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल की शुरूआत में बताया था कि इस योजना ने शुरू होने के बाद से 9.1 प्रतिशत का रिटर्न दिया है और यह अन्य बचत योजनाओं की तुलना में काफी प्रतिस्पर्धी है।
टीम एबीएन, रांची। हेमंत सोरेन सरकार ने विश्वासमत हासिल कर लिया है। विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान हेमंत सोरेन ने सदन में विश्वास प्रस्ताव रखा। जिस पर चर्चा हुई। चर्चा के बाद वोटिंग में हेमंत सोरेन सरकार ने आसानी से जीत हासिल कर ली। प्रस्ताव के पक्ष में कुल 45 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में एक भी वोट नहीं पड़ा।
सदन में विश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के बाद वोटिंग हुई। वोटिंग के दौरान भी लगातार हंगामा होता रहा। हंगामे के बीच ही वोटों की गिनती की गयी। इसी दौरान एनडीए के विधायकों ने सदन से वाक आउट किया। एनडीए के विधायक वोटिंग में शामिल नहीं हुए। इस वजह से प्रस्ताव के विरोध में एक भी मत नहीं पड़ा। जबकि निर्दलीय विधायक सरयू राय न्यूट्रल रहे। वोटिंग के बाद सभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी।
पंचम विधानसभा में इंडिया गठबंधन की सरकार के तरफ से चौथी बार विश्वास प्रस्ताव रखा गया। तीसरी बार हेमंत सोरेन ने राज्य के मुख्यमंत्री का पद संभाला है। तीसरी बार उन्होंने 4 जुलाई को सीएम पद की शपथ ली। सोमवार को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर सदन में विश्वास प्रस्ताव रखा गया। क्योंकि हेमंत सोरेन ने अकेले सीएम पद की शपथ ली थी, इसलिए उन्होंने खुद सदन में विश्वास प्रस्ताव रखा। जिस पर काफी गर्मा-गर्म चर्चा हुई।
सदन में विश्वास प्रस्ताव के दौरान नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने सरकार पर जमकर निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने सीएम हेमंत सोरेन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन अगर मंत्रिमंडल के साथ बैठते तो बेहतर होता। अमर बाउरी ने कहा कि यह धोखे से बनी सरकार है। सरकार सिर्फ ठग रही है। चार महीने से बुजुर्गों को पेंशन नहीं मिला है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा सत्र के दौरान सभी अधिकारियों को उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है। सरकार की प्रधान सचिव वंदना दादेल के कार्यालय से इस संबंध में शनिवार (6 जुलाई) को एक आदेश जारी किया गया है।
सभी अपर मुख्य सचिव, झारखंड सरकार के सभी प्रधान सचिव, सरकार के सभी सचिव, पुलिस महानिदेशक, सभी विभागों के प्रमुख, रांची के उपायुक्त और रांची के एसएसपी को संबोधित पत्र में कहा गया है कि 8 जुलाई 2024 को 11 बजे से पांचवें झारखंड विधानसभा का 16वां सत्र शुरू हो रहा है। इस सत्र के दौरान सभी पदाधिकारियों का उपस्थित रहना अनिवार्य है।
सरकार के इस आदेश में कहा गया है कि झारखंड विधानसभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन के नियम 139 के तहत मुख्यमंत्री की ओर से मंत्रिपरिषद में विश्वास का प्रस्ताव रखा जाना है। इसके बाद वाद-विवाद एवं मतदान होना है। इसलिए 8 जुलाई को सुबह 11 बजे से विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने तक सभी पदाधिकारी विधानसभा के पदाधिकारी दीर्घा में मौजूद रहेंगे।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची में भगवान जगन्नाथ के रथ यात्रा को लेकर तैयारियां जोरों पर है। एक तरफ जहां जगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट की तरफ से रथ यात्रा को लेकर समूचे बंदोबस्त किये जा रहे हैं।
दूसरी तरफ रांची पुलिस के द्वारा रथ यात्रा और रथ यात्रा के दौरान लगने वाले मेले के लिए चार लेयर की सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गयी है। राजधानी रांची में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा सात जुलाई को निकाली जायेगी। रथ यात्रा को लेकर रांची पुलिस की ओर से सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किये गके हैं।
जगन्नाथ मंदिर से लेकर पूरे मेला परिसर में ढाई सौ से ज्यादा जवानों की तैनाती की जा रही है। मेले के चारों तरफ बाइक सवार पुलिस दस्ते की तैनाती की गयी है ताकि वे चारों तरफ घूम-घूमकर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता कर सके।
रांची के सीनियर एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि रथ यात्रा को लेकर चार लेयर की सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गयी है। पहले लेयर में मंदिर क्षेत्र को रखा गया है।
मंदिर क्षेत्र में रथ यात्रा के दिन पूजा करने के लिए काफी भीड़ इकट्ठा होती है। इसे देखते हुए महिला और पुलिस लाठी बल दोनों को ही तैनात किया गया है। दूसरे लेयर की सुरक्षा मेला क्षेत्र के लिए किया गया है।
मेला क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। वहीं तीसरे लेयर में मेला और मंदिर परिसर के चारों तरफ बाइक सवार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गयी है जो लगातार चारों तरफ गस्त करेंगे।
चौथे लेयर की सुरक्षा के लिए पूरे मेला परिसर में 8 से अधिक वॉच टावर बनाये गये हैं। जिस पर बैठकर पुलिसकर्मी पूरे मेला परिसर की निगरानी करेंगे। इसके अलावा कई मजिस्ट्रेट, इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर स्तर के अफसरों की तैनाती भी मेला परिसर में की गयी है।
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