टीम एबीएन, रांची। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने सोमवार को डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर मेदिनीनगर रेलवे स्टेशन किये जाने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है। अब इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा जायेगा। सीएम की सहमति मिलने से पलामू के लोगों में खुशी की लहर है।
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने सोमवार को डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर मेदिनीनगर रेलवे स्टेशन किये जाने के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है। अब इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा जायेगा। सीएम की सहमति मिलने से पलामू के लोगों में खुशी की लहर है।
सीएम हेमंत के इस निर्णय के बाद अब इसे आगे की कार्रवाई के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री की सहमति मिलने से पलामू जिले के लोगों में खुशी की लहर है। उन्हें उम्मीद है कि इससे उनके क्षेत्र के विकास में मदद मिलेगी।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की शुरुआत पर एक्स हैंडल पर पोस्ट कर झारखंड की बहनों को बहुत-बहुत बधाई दी है। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ लेने में बहनों को आ रही शुरुआती परेशानी के बारे में उन्हें जानकारी मिली है। योजना को लेकर आ रही तकनीकी समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए उन्होंने निर्देश दिया है तथा इस मामले को लेकर वरीय पदाधिकारियों की भी बैठक हुई है। योजना को लेकर दिख रहे उत्साह को लेकर उन्होंने पूरे राज्य में प्रज्ञा केंद्रों की संख्या बढ़ाने का भी निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा है कि सभी बहनों को यह बताना चाहता हूं कि यह हमेशा चलने वाली योजना है। योजना का लाभ लेने हेतु कोई समय सीमा नहीं है। विशेष कैम्प के आयोजन के बाद भी जरूरतमंद बहनें कभी भी अपने नजदीकी प्रज्ञा केंद्र में जाकर इस योजना का लाभ ले सकेंगी। योजना से लोगों को आसानी से लाभ मिले, इसलिए 10 अगस्त तक विशेष कैम्प का आयोजन किया जा रहा है, जिसे और 5 दिन बढ़ाने का निर्देश दिया है। विशेष कैम्प के आयोजन के बाद भी आप जब भी चाहें, अपनी सुविधानुसार योजना का लाभ ले सकती हैं।
उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी जानकारी मिली है कि योजना में बहनों को मिल रहे लाभ को देखते हुए कहीं-कहीं कुछ बिचौलिए भी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वह सभी को बताना चाहते हैं कि इस योजना की पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क है, इसलिए बिचौलियों से सावधान रहें।
सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि कहीं भी बिचौलियों की सूचना मिले, तो उनपर कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि यह बहनों की योजना है। राज्य की लाखों बहनों को हर साल 12 हजार रुपए मिलेगा। यही झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का लक्ष्य है, यही उनका भी लक्ष्य है।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची में जाम की समस्या को देखते हुए दक्षिणी छोटानागपुर प्रादेशिक परिवहन प्राधिकार ने पूरे शहर को चार जोन में बांटा है। इन चार जोन में 17 रूट चिह्नित किये गये हैं। शहर के रजिस्टर्ड ऑटो को चिह्नित 17 रूट में से किसी एक रूट पर ही चलना होगा।
इस संबंध में प्राधिकार की ओर से आम सूचना जारी की गयी है। इसमें सभी ऑटो चालकों से कहा गया है कि वे 19 अगस्त तक क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार में आवेदन देकर अपने रूट का चयन कर लें। चिह्नित रूट को छोड़ कर अगर कोई ऑटो चालक दूसरे रूट में वाहन चलता है, तो ऐसे ऑटो चालक पर 10 हजार जुर्माना लगाया जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में आटो और ई रिक्शा चालकों के लिए ड्रेस निर्धारित कर दिया गया है। झारखंड में अब हर परमिटधारी आटो और ई रिक्शा चालकों को वर्दी में ही रहना होगा। आटो रिक्शा चालकों के लिए खाकी वर्दी और ई रिक्शा चालकों के लिए नीले रंग की ड्रेस निर्धारित की गई है। इस संबंध में सरकार की तरफ से अधिसूचना भी जारी कर दी गयी है।
झारखंड में परिवहन सेवाओं को उत्कृष्ट बनाने के लिए राज्य में संचालित हो रहे आटो रिक्शा और ई रिक्शा चालकों के लिए ड्रेस कोड निर्धारित कर दिया गया है। मोटरयान अधिनियम के द्वारा सरकार को मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य में परिचालित आटो रिक्शा चालकों के लिए खाकी रंग और ई रिक्शा चालकों के लिए नीले रंग का ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है। इसकी अधिसूचना सरकार की ओर से जारी कर दी गयी है।
गौरतलब हो कि इस संबंध में उप परिवहन आयुक्त रांची की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था। समिति की ओर से आटो चालकों जिनमें डीजल, सीएनजी और पेट्रोल आटो शामिल हैं। उनके चालकों लिए खाकी रंग और ई रिक्शा चालकों के लिए नीले रंग की ड्रेस निर्धारित करने की अनुशंसा की गयी थी।
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के एक अधिकारी तत्कालीन अंचल अधिकारी कांके अनिल कुमार पर कार्रवाई की है। वहीं तत्कालीन अंचल अधिकारी रोसड़ा प्रभाकर कुमार सिंह को आरोप मुक्त किया है।
अनिल कुमार, झाप्रसे (चतुर्थ बैच, गृह जिला-गढ़वा), तत्कालीन अंचल अधिकारी, कांके, रांची द्वारा समर्पित अपील अभ्यावेदन को अस्वीकार किया जाता है।
प्रभाकर कुमार सिंह, झाप्रसे (कोटि क्रमांक-721/03), तत्कालीन अंचल अधिकारी, रोसड़ा, समस्तीपुर, बिहार के विरूद्ध गठित आरोप-पत्र में प्रतिवेदित आरोपों से मुक्त किया जाता है। इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग में संकल्प जारी किया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र का आज दूसरा दिन है। यह गठबंधन सरकार का विधानसभा में अंतिम सत्र होने वाला है। वहीं झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में अनुपूरक बजट पेश कर दिया गया है।
सदन में 4 हजार 8 सौ 33 करोड़ 39 लाख का अनुपूरक बजट पेश किया गया है। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गयी है। अब मंगलवार को बजट पर चर्चा होगी।
बता दें कि सदन की कार्यवाही शुरू होते ही पाकुड़ की घटना को लेकर बीजेपी विधायकों का हंगामा शुरू हो गया। स्पीकर के आग्रह के बावजूद भाजपा विधायकों का हंगामा वेल में जारी रहा। इस दौरान भाजपा विधायकों ने आदिवासी मूलवासी की घटती जनसंख्या, बांग्लादेशी घुसपैठियों की बढ़ती आबादी को लेकर भाजपा के विधायकों ने बेल में आकर प्रदर्शन किया है।
इतना ही नहीं, विपक्षी सदस्यों ने बांग्लादेशी घुसपैठी को संरक्षण देना बंद करो के नारे लगाये। बता दें कि इस बार का मानसून सत्र 2 अगस्त तक चलेगा। विभिन्न मुद्दों को लेकर पक्ष और विपक्ष आपस में भिड़ सकते हैं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, समेत नौ राज्यों में नये राज्यपालों की नियक्ति की गयी है। इससे संबंधित अधिसूचना राष्ट्रपति भवन से जारी कर दी गयी है। जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, बरेली के पूर्व सांसद सह पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष कुमार गंगवार को झारखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
वहीं झारखंड के राज्यपाल रहे सीपी राधाकृष्णन को रमेश बैस की जगह पर महाराष्ट्र का गवर्नर नियुक्त किया गया है। वहीं पूर्व आईएएस अधिकारी के कैलाशनाथन को पुडुचेरी का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंपई सोरेन ने बीते शुक्रवार को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित झारखंड में उच्च शिक्षा के लिए डिजिटल पहल विषय पर कार्यशाला को संबोधित किया। इस दौरान चंपई ने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से हम विद्यार्थियों को भविष्य में आने वाली वैश्विक स्तर की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार कर पायेंगे।
चंपई ने कहा कि डिजिटल इनिशिएटिव द्वारा शैक्षणिक संस्थानों को सीएससी से जोड़ कर, हम विभिन्न प्रक्रियाओं को तेज एवं पारदर्शी बना पायेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, मानकी मुंडा छात्रवृत्ति समेत कई योजनाएं शुरू की गयी हैं। इन योजनाओं का मूल उद्देश्य खनिज-संपदा के मामले में अमीर इस राज्य के गरीब आदिवासियों, मूलवासियों एवं आम लोगों को शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे शिक्षित होकर, अपने परिवार, समाज एवं राज्य की बेहतरी हेतु काम कर सकें।
चंपई ने कहा कि प्रदेश में रिसर्च को बढ़ावा देने को हमारी सरकार मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना लेकर आई है, जिसके तहत पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों को हर माह 25,000 तक प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। इसके साथ ही, विभाग द्वारा रांची में पूर्वी भारत का पहला दिव्यांग विश्वविद्यालय खोलने की पहल की जा रही है। अपने सामाजिक दायित्व के निर्वहन हेतु, राज्य के दिव्यांग एवं अनाथ छात्रों की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च वहन करने हेतु हम लोग नवोत्थान छात्रवृति योजना लेकर आ रहे हैं।
इस कार्यक्रम में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल कुमार पुरवार, सीएससी-एसपीवी के एमडी संजय कुमार राकेश और विभाग के निदेशक रामनिवास यादव सहित राज्य में संचालित सरकारी एवं निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव, कॉलेजों के प्राचार्य, इंजीनियरिंग कॉलेजों के निदेशक, पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्राचार्य और अधिकारी उपस्थित थे।
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